दिल्ली में आज से पुराने वाहनों की एंट्री बंद, नियम तोड़ने पर लगेगा 20 हजार रुपये तक जुर्माना…


नई दिल्ली ।
दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहनों की आवाजाही पर सख्ती बढ़ा दी गई है। 1 नवंबर 2026 से राजधानी में दूसरे राज्यों में पंजीकृत BS-6 से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है। इस फैसले का सीधा असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों पर भी पड़ेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालकों को 20 हजार रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए गौतमबुद्धनगर ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों से दिल्ली जाने से पहले अपने वाहन का उत्सर्जन मानक जांचने और लागू प्रतिबंधों की जानकारी लेने की अपील की गई है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, दूसरे राज्यों में पंजीकृत BS-6 से कम मानक वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में नोएडा और ग्रेटर नोएडा से राजधानी जाने वाले लोगों को अपनी गाड़ी के दस्तावेज और श्रेणी की जांच करना जरूरी होगा।

नए प्रतिबंधों के तहत यात्री बसों और भारी माल ढोने वाले ट्रकों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। वहीं, BS-6 मानक वाले वाहनों के साथ CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को निर्धारित शर्तों के अनुसार दिल्ली में प्रवेश की अनुमति रहेगी। इससे पहले वाहन चालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी गाड़ी संबंधित नियमों के दायरे में आती है या नहीं।

पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। जारी एडवाइजरी के मुताबिक, 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध का पालन कराया जाएगा। यह व्यवस्था ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू प्रतिबंधों से जुड़ी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त किया जा सकता है और उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल श्रेणी के ऐसे पुराने वाहन, जो दूसरे राज्यों में पंजीकृत हैं, यदि प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली की सड़कों पर चलते पाए जाते हैं तो उन पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसलिए वाहन चालकों को केवल अपनी गाड़ी की उम्र ही नहीं, बल्कि उसका BS उत्सर्जन मानक भी जांचना होगा। दोनों के आधार पर लागू नियम अलग-अलग हो सकते हैं।

दिल्ली से होकर दूसरे राज्यों की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे या यमुना एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके वाहन चालक जीरो पॉइंट, परी चौक, कस्बा कासना और सिरसा होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद वहां से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकते हैं। इस मार्ग से दिल्ली के प्रतिबंधित रास्तों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने और संभव होने पर सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की है। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव और प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है। यातायात संबंधी जानकारी या परेशानी के लिए लोग हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सऐप नंबर 7065100100 और आधिकारिक एक्स हैंडल @noidatraffic के जरिए भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

ऐसे में नोएडा और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने की योजना बना रहे लोगों के लिए जरूरी है कि वे घर से निकलने से पहले अपने वाहन का BS मानक, पंजीकरण और लागू प्रतिबंधों की जानकारी जरूर जांच लें। लापरवाही की स्थिति में जुर्माने के साथ वाहन जब्त होने की कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।