न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम का पहला विकेट 22 रन के स्कोर पर गिरा जब विल यंग 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर कीवी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। न्यूजीलैंड की पारी में कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन और लेंथ के सामने मेजबान टीम के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए।
न्यूजीलैंड की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज टिम सिफर्ट ने सबसे ज्यादा 38 रन बनाए। डेवॉन कोनवे की जगह टीम में शामिल किए गए सिफर्ट ने 43 गेंदों की पारी में 3 चौके और 2 छक्के लगाए। उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन दूसरे छोर से उन्हें लगातार सहयोग नहीं मिल सका। डेरिल मिचेल ने 41 गेंदों पर 28 रन बनाए जबकि ग्लेन फिलिप्स 51 गेंदों में 30 रन ही बना सके। मिचेल को रोहित शर्मा ने शानदार फील्डिंग करते हुए रन आउट किया। इसके बाद न्यूजीलैंड की पारी और दबाव में आ गई।
एक समय न्यूजीलैंड का स्कोर 146 रन पर 9 विकेट था और ऐसा लग रहा था कि टीम जल्द ही सिमट जाएगी। लेकिन आखिरी क्रम में बल्लेबाजी करने आए ब्लेयर टिकनर ने आक्रामक अंदाज दिखाते हुए भारतीय गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। टिकनर ने केवल 23 गेंदों पर 34 रन की तेज पारी खेली। उनकी इस पारी में कई उपयोगी रन शामिल रहे। उन्हें जैक डफी का अच्छा साथ मिला जिन्होंने 15 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों के बीच आखिरी विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी की बदौलत न्यूजीलैंड 150 रन के आसपास सिमटने के बजाय 185 रन तक पहुंचने में सफल रहा। पूरी टीम 40.2 ओवर में ऑलआउट हो गई।
भारत की ओर से अर्शदीप सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 10 ओवर में 70 रन देकर 4 विकेट झटके। हालांकि वह कुछ महंगे साबित हुए लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकालकर उन्होंने न्यूजीलैंड की पारी को लगातार झटके दिए। गुरनूर बरार ने 9.2 ओवर में 44 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। वहीं अंशुल कंबोज ने बेहद किफायती गेंदबाजी की। उन्होंने अपने 10 ओवर में 2 मेडन डालते हुए केवल 22 रन दिए और 2 बल्लेबाजों को आउट किया।
अब भारतीय टीम के सामने 186 रन का लक्ष्य है। ईडन पार्क की परिस्थितियों में यह लक्ष्य हासिल करना भारतीय बल्लेबाजों के लिए अहम चुनौती होगी। गेंदबाजों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है और अब निगाहें शुभमन गिल की अगुवाई वाली बल्लेबाजी पर रहेंगी। भारतीय टीम की कोशिश होगी कि अच्छी शुरुआत के साथ लक्ष्य हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई जाए।
