महाजंग के अंत की उम्मीद: 100% तैयार हुआ अमेरिकी सुरक्षा गारंटी दस्तावेज, जेलेंस्की बोले- अब बस हस्ताक्षर का इंतजार


नई दिल्ली । चार साल से जारी भीषण रक्तपात के बीच रूस और यूक्रेन के बीच समझौते की सुगबुगाहट तेज हो गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में दो दिनों तक चली सघन त्रिपक्षीय वार्ता के बाद अमेरिकी सुरक्षा गारंटी से जुड़ा ऐतिहासिक दस्तावेज अब 100 प्रतिशत तैयार’ है।

जेलेंस्की ने इस वार्ता को ऐतिहासिक बताया क्योंकि इसमें पहली बार यूक्रेन, रूस और अमेरिका के न केवल राजनयिक, बल्कि सैन्य अधिकारी भी आमने-सामने बैठे थे। उन्होंने कहा यह दस्तावेज हमारे देश के सुरक्षित भविष्य की नींव है। अब हमें बस अपने साझेदारों अमेरिका द्वारा हस्ताक्षर की तारीख और स्थान तय किए जाने का इंतजार है। हस्ताक्षर के बाद इस प्रस्ताव को कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस और यूक्रेनी संसद वेरखोव्ना राडा की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

20-सूत्रीय शांति योजना और चुनौतियां रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने इस शांति प्रक्रिया के लिए 20-सूत्रीय एक विस्तृत योजना पेश की है। जेलेंस्की ने माना कि पहले कई विवादित मुद्दे थे, लेकिन हालिया बातचीत के बाद उनकी संख्या कम हुई है। हालांकि, सबसे बड़ा पेंच अब भी क्षेत्रीय अखंडता को लेकर फंसा हुआ है। जहाँ रूस पूर्वी डोनबास क्षेत्र से यूक्रेनी सेना की पूरी वापसी की मांग कर रहा है, वहीं जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं करेगा।

आर्थिक सुरक्षा और भविष्य का विजन सुरक्षा गारंटी के साथ-साथ जेलेंस्की ने यूक्रेन की आर्थिक स्थिरता पर भी जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि उनका लक्ष्य 2027 तक यूरोपीय संघ की पूर्ण सदस्यता हासिल करना है। उन्होंने इसे ‘आर्थिक सुरक्षा की गारंटी’ करार दिया। अबू धाबी में अगली दौर की बातचीत आगामी रविवार 1 फरवरी को होने की संभावना है, जिसमें अमेरिकी मध्यस्थ और दोनों देशों के सैन्य प्रतिनिधि शेष तकनीकी और राजनीतिक मतभेदों को सुलझाने का प्रयास करेंगे।