भोपाल में पराली जलाने पर सख्ती: कलेक्टर ने बैरसिया दौरे में किसानों को दी समझाइश


भोपाल। प्रदेश में पराली जलाने वालों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ने वाली है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह संकेत शुक्रवार को बैरसिया के दौरे के दौरान दिए। उन्होंने एसडीएम आशुतोष शर्मा को निर्देश दिए कि गेहूं और चने की कटाई के बाद कृषि विभाग के साथ गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करें। किसानों को बताया जाए कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी कम होती है।

कलेक्टर ने बैरसिया तहसील कार्यालय और एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण किया और कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति पर असंतोष जताया और तहसीलदार को निर्देश दिए कि ग्रामवार कार्यक्रम बनाकर पटवारियों को सक्रिय किया जाए ताकि लक्ष्य पूरा किया जा सके।

कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के समय पर निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़े प्रकरणों का समय सीमा में शत-प्रतिशत निपटारा किया जाए और बैरसिया तहसील का प्रदर्शन राज्य औसत से कम न हो।

दौरे के दौरान कलेक्टर ने नगर पालिका बैरसिया के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। प्रभारी सीएमओ ने जानकारी दी कि नगर में अमृत 2.0 और कायाकल्प योजना के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य जारी हैं। कलेक्टर ने बसई तालाब के पास माड़ा इमली क्षेत्र और तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब की जल ग्रहण क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जाएं और जलग्रहण क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि वर्षा ऋतु में तालाब अपनी पूरी क्षमता के अनुसार जल संचय कर सके।

इस अवसर पर एसडीएम शर्मा ने अपने कार्यालय परिसर में विकसित पार्क का भी निरीक्षण कराया, जिसमें फूल, फल और छायादार पौधे लगाए गए हैं। इसे देखकर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इस तरह के पहल से स्थानीय पर्यावरण और हरियाली बढ़ेगी।

कलेक्टर का यह दौरा यह संदेश देता है कि कृषि और नगर विकास दोनों क्षेत्रों में सरकारी सक्रियता जारी रहेगी। किसानों को पर्यावरणीय दृष्टि से जागरूक करना, तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण, और स्थानीय विकास परियोजनाओं का समय पर निरीक्षण प्रशासन की प्राथमिकता बनेगा।