चोट का झटका: इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज एटकिंसन सिडनी में नहीं खेलेंगे


नई दिल्ली। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन चोट के कारण एशेज 2025 की निर्णायक कड़ीसिडनी टेस्टसे बाहर हो गए हैं। बाएं जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के चलते एटकिंसन 4 जनवरी से सिडनी में होने वाले मुकाबले में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। यह जानकारी इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने मेडिकल जांच के बाद साझा की।

एटकिंसन को यह चोट मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट के दौरान लगी थी। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में अपने पांचवें ओवर की अंतिम गेंद डालते समय उन्होंने असहजता महसूस की और तुरंत मैदान छोड़ दिया। अगले दिन कराए गए स्कैन में मांसपेशियों में खिंचाव की पुष्टि हुई। टीम मैनेजमेंट ने सुरक्षित विकल्प के तौर पर उन्हें सिडनी टेस्ट से बाहर रखने का फैसला किया।इस सीरीज में एटकिंसन चोटों के कारण बाहर होने वाले इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज हैं। इससे पहले मार्क वुड घुटने की समस्या और जोफ्रा आर्चर साइड स्ट्रेन के कारण स्वदेश लौट चुके हैं। लगातार चोटों ने इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर किया है। हालांकि टीम प्रबंधन का कहना है कि मौजूदा स्क्वॉड में पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

दिलचस्प बात यह है कि एटकिंसन की गैरमौजूदगी के बावजूद इंग्लैंड ने मेलबर्न टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। टीम ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में केवल 132 रन पर समेटा और 175 रनों का लक्ष्य चार विकेट शेष रहते हासिल किया। यह जनवरी 2011 के बाद विदेशी धरती पर इंग्लैंड की पहली एशेज टेस्ट जीत थीजिसने टीम का मनोबल काफी बढ़ाया।सिडनी टेस्ट के लिए टीम ने किसी नए खिलाड़ी को शामिल नहीं करने का निर्णय लिया है। टीम प्रबंधन के अनुसारमैथ्यू पॉट्स अब तक इस सीरीज में नहीं खेले हैं और तेज गेंदबाजी के विकल्प के तौर पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा मार्क वुड के बाहर होने के बाद मैथ्यू फिशर को पहले ही सीनियर स्क्वॉड में जोड़ा जा चुका है।

स्पिन विभाग में भी रणनीतिक विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यदि इंग्लैंड अतिरिक्त स्पिनर के साथ उतरने का फैसला करता हैतो शोएब बशीर को मौका मिल सकता है। हालांकि सिडनी की पिच को देखते हुए तेज गेंदबाजों पर निर्भरता बनाए रखने की संभावना अधिक मानी जा रही है।एटकिंसन के लिए चोटें नया विषय नहीं हैं। इससे पहले भी वह हैमस्ट्रिंग समस्या के कारण भारत के खिलाफ शुरुआती टेस्ट नहीं खेल पाए थे। हालांकि वापसी पर उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका प्रदर्शन औसत रहा और तीन टेस्ट में कुल छह विकेट लिए।अब निगाहें सिडनी टेस्ट पर हैंजहां इंग्लैंड चोटों के बावजूद सीरीज का समापन मजबूती से करने की कोशिश करेगा। यह मुकाबला न केवल सीरीज के नतीजे के लिएबल्कि इंग्लैंड के भविष्य के तेज गेंदबाजी संयोजन के लिए भी अहम माना जा रहा है।