महाराष्ट्र निकाय चुनाव में 4 बच्चों की मां का आवेदन स्वीकार, नियमों पर उठे सवाल, अब शरद पवार की पार्टी का क्या होगा?


महाराष्ट्र । महाराष्ट्र के नागपुर नगर निगम चुनाव में एक महिला उम्मीदवार का आवेदन स्वीकार कर लिया गया है जो चार बच्चों की मां हैं। यह मामला इसलिए विवादित हो गया है क्योंकि राज्य के नियमों के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार नगर निगम चुनाव में नहीं भाग ले सकते। इस बार दक्षिण-पश्चिम नागपुर के वार्ड 36 से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार पुष्पा मुकेश वाघमारे का नामांकन स्वीकार कर लिया गया, जबकि उनके चार बच्चे हैं।

नियमों की अनदेखी या प्रशासन की गलती

महाराष्ट्र में एक कानून के तहत 1995 में लागू किए गए महाराष्ट्र नगर निगम और नगर परिषद नगर पंचायत और औद्योगिक टाउनशिप द्वितीय संशोधन अधिनियम के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार नगर निगम चुनावों में भाग नहीं ले सकते। बावजूद इसके पुष्पा वाघमारे का नामांकन स्वीकार किया गया। महिला उम्मीदवार ने खुद अपने एफिडेविट में अपने चार बच्चों का विवरण दिया था और यह जानकारी स्पष्ट रूप से चुनाव अधिकारियों के पास थी, फिर भी उनका आवेदन मंजूर कर लिया गया।पुष्पा वाघमारे ने इस विवाद पर कहा मुझे नियमों के बारे में जानकारी नहीं थी क्योंकि मैं पहली बार चुनाव लड़ रही हूं। मेरा नामांकन स्वीकार कर लिया गया है और मैं अपनी जिम्मेदारी नहीं उठाऊंगी अगर इसमें कोई गलती हुई है। मैं चुनाव में बनी रहूंगी और मुझे बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

क्या शरद पवार के लिए यह परेशानी का कारण बनेगा

यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह विवाद NCP के लिए राजनीतिक परेशानी का कारण बनेगा। शरद पवार की पार्टी के तहत इस तरह के नियमों की अनदेखी ने विरोधियों को मौक़ा दिया है। वैसे भी महाराष्ट्र में भाजपा ने 2017 तक लगातार तीन कार्यकालों तक नागपुर नगर निगम पर अपना नियंत्रण बनाए रखा था और अब देखना यह है कि शरद पवार के नेतृत्व में NCP इस विवाद को कैसे संभालती है।

पुष्पा वाघमारे का समाज में अच्छा प्रभाव

पुष्पा वाघमारे को उनके क्षेत्र में एक छोटे से कैटरिंग व्यवसायी के रूप में जाना जाता है और वे एक समाजसेवी भी हैं। स्थानीय महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता है, और उनका दावा है कि उनके क्षेत्र में जल निकासी की समस्या है, जो भारी बारिश के दौरान बाढ़ का कारण बनती है। वे इन समस्याओं को हल करने के लिए चुनाव में उतर रही हैं।

नागपुर की चुनावी स्थिति और विवाद

नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। 2017 में हुए नगर निगम चुनाव तक भाजपा ने इस नगर निगम पर लगातार तीन कार्यकालों तक अपना नियंत्रण बनाए रखा था। अब जब NCP ने इस सीट पर अपनी उम्मीदवार उतारी है तो यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। हालांकि यह साफ नहीं है कि प्रशासन की लापरवाही से पुष्पा का नामांकन स्वीकार किया गया या इसे जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया गया लेकिन इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा दिए हैं। राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या NCP इस विवाद से बचने के लिए जल्दी से कदम उठाएगी या पार्टी इसे अपने चुनावी अभियान का हिस्सा बनाएगी।