राजधानी भोपाल में राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने संविधान के मूल्यों, एकता और अखंडता को बनाए रखने का आह्वान किया। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसके आदर्शों पर चलकर ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
सागर जिले में उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने पीटीसी ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। झंडा वंदन के पश्चात उन्होंने परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित भगवानदास रैकवार का सम्मान कर जिले को गौरवान्वित किया गया। समारोह में विभिन्न स्कूलों और शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिनमें सामाजिक जागरूकता, विकास योजनाओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रही।
इंदौर में नेहरू स्टेडियम में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने झंडा वंदन किया। उन्होंने परेड की सलामी लेते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समर्पित और ईमानदार अधिकारी-कर्मचारी ही प्रदेश और देश की प्रगति की मजबूत नींव होते हैं। समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया और विद्यार्थियों तथा नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी मंत्री, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्धारित स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। हर जगह देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संविधान के प्रति निष्ठा के संकल्प के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। कुल मिलाकर गणतंत्र दिवस 2026 ने मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास के संकल्प को और मजबूत किया।
