नई दिल्ली । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के देर रात अचानक दिल्ली दौरे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार, 9 फरवरी की रात बीजेपी के शीर्ष नेताओं से बंद कमरे में मुलाकात करने के बाद फडणवीस तड़के मुंबई लौट आए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस दौरे से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP के विलय और सहयोगी दलों के साथ नई बातचीत की अटकलें तेज हो गई हैं।
सुनेत्रा पवार का भी दिल्ली दौरा
फडणवीस के बाद महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार मंगलवार, 10 फरवरी को शाम 6:45 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगी। उनके साथ NCP प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल भी मौजूद रहेंगे। वे बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगी। उनकी यह यात्रा शिष्टाचार भेंट के रूप में बताई जा रही है, लेकिन राजनीतिक संकेत भी इसे जोड़कर देखे जा रहे हैं।
जिला परिषद और पंचायत चुनावों में बीजेपी का दबदबा
जिला परिषद और पंचायत चुनावों में बीजेपी का दबदबा
महाराष्ट्र की हालिया जिला परिषद 12 और पंचायत समिति 125 चुनावों में बीजेपी ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। जिला परिषद की 731 सीटों में से बीजेपी ने 233 और पंचायत समितियों की 1462 सीटों में सबसे ज्यादा कब्जा जमाया। अजित पवार गुट की NCP को जिला परिषद में 167 और शिंदे गुट की शिवसेना को 162 सीटें मिलीं। महायुति गठबंधन ने कुल 562 सीटें जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की। दूसरी ओर, कांग्रेस 56, शरद पवार गुट 26 और उद्धव ठाकरे गुट 43 सीटें ही जीत सका। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि फडणवीस का दिल्ली दौरा और सुनेत्रा पवार की यात्रा आगामी महीनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलावों की शुरुआत हो सकती है।
