निरहुआ बोले नीतीश का राज्यसभा जाना गर्व की बात पवन सिंह और खेसारी पर भी रखी खुलकर राय

नई दिल्ली: भोजपुरी स्टार से नेता बने दिनेश लाल यादव निरहुआ ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले को पूरी तरह सही और सकारात्मक कदम बताया है निरहुआ ने कहा कि नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में बिहार को मजबूत दिशा दी है और अब वे जिस भी मंच पर रहेंगे वहां से राज्य के विकास के लिए काम करते रहेंगे

निरहुआ ने इस फैसले को बिहार के लिए गर्व की बात बताते हुए कहा कि यह राजनीतिक दृष्टि से एक संतुलित और दूरदर्शी निर्णय है उन्होंने कहा कि अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ राज्य को आगे भी मिलता रहेगा

निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाओं पर निरहुआ ने संयमित प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं और इस पर अभी अटकलें लगाना ठीक नहीं है उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन और गठबंधन के वरिष्ठ नेता मिलकर ही ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं

वहीं भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव के राजनीति को लेकर दिए गए बयान पर निरहुआ ने कड़ा रुख अपनाया उन्होंने कहा कि राजनीति ईमानदारी और जिम्मेदारी का क्षेत्र है और इसमें बेवजह आरोप लगाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है उनके इस बयान को भोजपुरी इंडस्ट्री और राजनीति के बीच चल रही बहस से जोड़कर देखा जा रहा है

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के पेट्रोल डीजल को लेकर दिए गए बयान पर भी निरहुआ ने प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान नेताओं की सोच को दर्शाते हैं और ऐसे समय में देश को एकजुट रखने की जरूरत होती है न कि भ्रम फैलाने की

भोजपुरी सिनेमा के कलाकारों के बीच विवाद को लेकर भी उन्होंने स्थिति साफ की निरहुआ ने कहा कि पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के बीच किसी तरह का कोई विवाद नहीं है सभी कलाकार एक परिवार की तरह हैं और समाज के विकास के लिए काम करते हैं

पवन सिंह को राज्यसभा न भेजे जाने के सवाल पर निरहुआ ने कहा कि भाजपा में जिम्मेदारियां समय और परिस्थिति के अनुसार दी जाती हैं उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पवन सिंह को भी बड़ी जिम्मेदारी जरूर मिलेगी

आगामी चुनावों में अपनी भूमिका को लेकर निरहुआ ने कहा कि वे एक कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए काम करते रहेंगे उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार ही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और जहां भी पार्टी को उनकी जरूरत होगी वे वहां मौजूद रहेंगे

निरहुआ ने अंत में कहा कि वे राजनीति में किसी पद या प्रतिष्ठा के लिए नहीं बल्कि विचारधारा के लिए आए हैं और एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के साथ खड़े रहेंगे उनका यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि वे पार्टी लाइन पर मजबूती से कायम हैं और नेतृत्व के फैसलों का समर्थन करते हैं