पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर के खरड़ इलाके में लगातार हो रही बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय किसानों ने बताया कि उनके खेतों में जलभराव की वजह से 10 से 12 एकड़ फसल प्रभावित हो चुकी है और यदि बारिश अगले कुछ दिनों तक जारी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है। संगरूर के किसानों का कहना है कि तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण करीब 70 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। जमीन लीज पर लेने वाले किसानों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि फसल बर्बाद होने के बावजूद उन्हें जमीन का किराया देना पड़ रहा है।
बरनाला में भी ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान हरदीप सिंह ने बताया कि बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, वहीं लखबीर सिंह ने कहा कि फसलें पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं और स्थिति बेहद चिंताजनक है। किसानों का कहना है कि बिना किसी मदद के वे इस नुकसान की भरपाई नहीं कर पाएंगे और सरकार से त्वरित मुआवजे की आवश्यकता है।
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भी बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचा दी है। यहां खड़ी फसलें गिर गई हैं और कट चुकी फसल भी पानी में भीगकर खराब हो गई है। एक किसान ने बताया कि उसकी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, साथ ही सरसों की फसल भी नष्ट हो गई है। अन्य किसानों ने कहा कि सारी फसलें पानी में गिरकर खराब हो गई हैं और यदि सरकार से कोई सहायता मिलती है तो उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रही है। किसान आर्थिक दबाव में हैं और कई परिवार कर्ज में डूबने की स्थिति में हैं। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकारों से किसानों को त्वरित मुआवजा देने और राहत कार्यों को शीघ्र प्रभावी बनाने की अपील की जा रही है।
