बर्गर किंग इंडिया में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी, अजन्ता फार्मा प्रमोटर्स की कंपनी जुटाएगी 1,800 करोड़ रुपये, QSR सेक्टर में बढ़ेगी पकड़


नई दिल्ली। देश के क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में एक बड़ा कॉर्पोरेट सौदा आकार ले सकता है। अजन्ता फार्मा के प्रमोटर्स की कंपनी इंस्पिरा ग्लोबल बर्गर किंग इंडिया के कारोबार में नियंत्रणकारी हिस्सेदारी हासिल करने की तैयारी कर रही है। इस संभावित अधिग्रहण के लिए कंपनी लगभग 1,800 करोड़ रुपये की प्राइवेट क्रेडिट फंडिंग जुटा रही है। यदि यह सौदा पूरा होता है तो भारतीय फूड सर्विस उद्योग में प्रतिस्पर्धा का नया दौर देखने को मिल सकता है।

जानकारी के अनुसार, इस प्रस्तावित अधिग्रहण को इंस्पिरा ग्लोबल अपनी फूड एंड बेवरेज इकाई लेनेक्सिस फूडवर्क्स के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। लेनेक्सिस पहले से ही क्विक सर्विस रेस्टोरेंट कारोबार में सक्रिय है और कई लोकप्रिय खाद्य ब्रांडों का संचालन करती है। कंपनी का उद्देश्य इस अधिग्रहण के जरिए अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करना और संगठित फूड सर्विस बाजार में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना है।

सूत्रों के मुताबिक, अधिग्रहण के लिए आवश्यक फंडिंग का बड़ा हिस्सा नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के माध्यम से जुटाया जा रहा है। अब तक लगभग 1,050 करोड़ रुपये की राशि एकत्र की जा चुकी है, जबकि शेष लगभग 800 करोड़ रुपये भी जल्द जुटाने की तैयारी चल रही है। पूरी फंडिंग उपलब्ध होने के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

भारत में बर्गर किंग ब्रांड का संचालन रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया के माध्यम से किया जाता है। प्रस्तावित सौदे के तहत इसी कंपनी में नियंत्रणकारी हिस्सेदारी हासिल करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, इस संभावित अधिग्रहण को अंतिम रूप देने के लिए नियामकीय प्रक्रियाओं और अन्य व्यावसायिक औपचारिकताओं को पूरा किया जाना आवश्यक होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सौदा सफल रहता है तो भारतीय क्विक सर्विस रेस्टोरेंट बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में संगठित फूड चेन, ऑनलाइन फूड डिलीवरी और उपभोक्ताओं की बदलती खानपान की आदतों के कारण इस क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ा है। ऐसे माहौल में बड़े ब्रांडों में हिस्सेदारी हासिल करना कंपनियों के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश माना जा रहा है।

इंस्पिरा ग्लोबल का स्वामित्व अजन्ता फार्मा के प्रमोटर परिवार से जुड़े आयुष मधुसूदन अग्रवाल और मधुसूदन अग्रवाल के पास है। समूह पिछले कुछ वर्षों से फूड एवं बेवरेज कारोबार में विस्तार की रणनीति पर काम कर रहा है। लेनेक्सिस फूडवर्क्स के माध्यम से कंपनी पहले ही कई लोकप्रिय फूड ब्रांड संचालित कर रही है और अब वैश्विक फास्ट फूड ब्रांड के भारतीय कारोबार में हिस्सेदारी हासिल कर अपने विस्तार को नई गति देना चाहती है।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह अधिग्रहण पूरा होता है तो इससे केवल संबंधित कंपनियों की कारोबारी रणनीति ही नहीं बदलेगी, बल्कि भारतीय QSR उद्योग में निवेश, विस्तार और प्रतिस्पर्धा का नया परिदृश्य भी सामने आ सकता है। फिलहाल निवेशकों और बाजार की नजर इस संभावित सौदे की प्रगति, फंडिंग प्रक्रिया और अंतिम समझौते पर बनी हुई है।