चक्रवात मुरासु ने आंध्रप्रदेश में मचाई तबाई…. कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट


नई दिल्ली।
बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) से उठा भीषण चक्रवात ‘मुरासु’ (Cyclone ‘Murasu’) मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तट से टकराया और तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। इस दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलीं। राज्य में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में 2 लोगों की जान चली गई। फिलहाल मुरासु कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन खतरा अब भी बरकरार है। कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इससे पहले आंध्र में मुरासु का कहर देखने को मिला। तेज हवाओं और बारिश से हजारों पेड़ उखड़ गए, बिजली के सैकड़ों खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और कई इलाकों में जलभराव हो गया। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन फंसने से यातायात भी प्रभावित हुआ। राज्य के 15 जिलों के 132 मंडलों में चक्रवात का असर पड़ा है और 30,661 हेक्टेयर में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। 312 घर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।


मुरासु कमजोर पड़ा

मुरासु मंगलवार तड़के आंध्र तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है। इसे चक्रवात की उच्च श्रेणी से हटा कर मध्यम स्तर वाले गहरे दबाव के क्षेत्र की श्रेणी में कर दिया गया है और इसके बुधवार को केवल एक कम दबाव वाले और हल्की मौसम प्रणाली में तब्दील होने का अनुमान है।

मौसम विभाग के मुताबिक दोपहर बाद चक्रवात का केंद्र आंध्र प्रदेश के बापटला से लगभग 40 किमी पश्चिम-उत्तर पश्चिम, और विजयवाड़ा से 80 किमी दक्षिण-पश्चिम पर था। केंद्र के आसपास हवा की अधिकतम निरंतर गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। इससे पहले तक इसकी गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। मौसम विज्ञानियों ने अनुमान जताया है कि गहरे दबाव के चरण में हवा की गति घटकर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएगी, जो झोंकों के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।


मंगलवार को हुआ था लैंडफॉल

इससे पहले दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश पर बना गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे से शाम साढे़ पांच बजे के बीच 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और 120 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं के साथ ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुरम के बीच तट को पार कर गया। मौसम विज्ञान विभाग और आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, तट पार करने के बाद यह उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया।


अब कैसी है स्थिति?

फिलहाल तट पार करने के बावजूद बारिश और तेज हवाओं का असर बना हुआ है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने बताया कि चक्रवात के प्रभाव से एनटीआर, पोलावरम, कृष्णा, बापटला, काकीनाडा और पलनाडु जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि नांदयाल, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी और एलुरु जिलों में मध्यम बारिश जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव कार्यों के लिए 24 टीमें तैनात की गई हैं और वर्तमान में 10,805 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।


यहां भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात के उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने के कारण मौसम विभाग ने तेलंगाना के तीन जिलों भद्राद्रि कोठागुडेम, खम्मम और सूर्यपेट के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां अगले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। महबूबाबाद जिले में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, अगले 48 घंटों के दौरान तेलंगाना के कई इलाकों में गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की चेतावनी दी गई है। राज्य में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं तीन और चार नवंबर को बस्तर के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और बस्तर सहित आसपास के जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश की भी आशंका जताई गई है।