Author: bharati

  • ऑयल मार्केट में हलचल: कीमतों में जोरदार उछाल, साल के उच्चतम स्तर के पास

    ऑयल मार्केट में हलचल: कीमतों में जोरदार उछाल, साल के उच्चतम स्तर के पास


    नई दिल्ली पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ नजर आने लगा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की 3 प्रतिशत से अधिक की तेज बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 3.66 प्रतिशत पैमाना 116.70 डॉलर प्रति पाउंड इंट्रा-डे हाई रीच तक पहुंच गया, जो 52 सामान्य के करीब है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 प्रतिशत से अधिक उछालकर 103 डॉलर प्रति शेयर के पार पहुंच गया।

    पश्चिम एशिया तनाव बना सबसे बड़ा कारण

    तेल की इस तेजी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। विशेष रूप से यमन के होती विद्रोहियों के इस संघर्ष में शामिल हैं और इजराइल पर हमले के बाद हमले और हमले हुए हैं। हूती ग्रुप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जब तक उनके सहयोगी आतंकवादी हमले जारी रखेंगे, तब तक वे भी कार्रवाई करेंगे। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    अक्रियाशील होने का खतरा

    विशेषज्ञ का मानना ​​है कि अगर यह तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो कच्चे तेल की विषाक्तता प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में अहम समुद्री मील का पत्थर पर प्रभाव का खतरा है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति होती है।
    मार्च महीने में ही ब्रेंट क्रूड के बाजार में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जो संकेत देता है कि अनिश्चितता और जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं।

    200 डॉलर तक पहुंच संभव है

    कुछ वैश्विक अनुमानों के अनुसार, यदि दरें और विशेषताएं हैं तो कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति शेयर तक पहुंच सकती है। यह स्थिति ग्लोबल इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।

    भारत पर उत्खनन दबाव

    भारत जैसे राष्ट्र के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि देश में 85 से 90 प्रतिशत तेल कोटा के लिए मान्यता पर प्रतिबंध है। सरकारी कच्चे तेल से शेयरों में बढ़ोतरी हो सकती है, कंपनी के शेयरों पर असर पड़ सकता है और चालू खाते में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

    वैश्विक शेयर प्रभावकारी

    तेल के स्टॉक में तेजी का असर वैश्विक शेयर पर भी देखने को मिला। अमेरिकी उद्यमों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं एशियाई बाजारों में भी गिरावट जारी है। इसका असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ा है, जहां बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ही शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ खुले हैं।

  • पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा कदम: न्यू मैंगलोर में बर्थ का होगा आधुनिकीकरण

    पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा कदम: न्यू मैंगलोर में बर्थ का होगा आधुनिकीकरण


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए न्यू मैंगलोर पोर्ट मालिक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत न्यू मैंगलोर पोर्ट पर बर्थ नंबर 9 का पुनर्विकास किया जाएगा। यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत डीबीएफओटी आधार पर लागू होगी, जिससे निजी और सरकारी साझेदारी के जरिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    438 करोड़ की परियोजना, 2 साल में पूरा होगा निर्माण

    करीब 438.29 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 25 मार्च 2026 को मंजूरी दी गई है। इसे ओपन टेंडर प्रक्रिया के जरिए चुनी गई निजी कंपनी द्वारा विकसित किया जाएगा। निर्माण कार्य को पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा, जबकि इस परियोजना की कुल अवधि 30 साल तय की गई है।

    जहां पोर्ट की क्षमता और दक्षता

    इस पुनर्विकास के बाद बर्थ नंबर 9 की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 10.90 मिलियन टन प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी। साथ ही, ऑपरेटर कंपनी को पांचवें साल तक कम से कम 7.63 एमटीपीए कार्गो हैंडल करने की सप्लाई देनी होगी।

    यहां कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और एलपीजी जैसे जैविक बल्क कार्गो को संभालेगा, जिससे देश की ऊर्जा पैदावार को पूरा करने में मदद मिलेगी।

    बड़े जहाजों के लिए बनेगी नई सुविधा

    इस प्रोजेक्ट के तहत बर्थ की गहराई को 10.5 मीटर से बढ़ाकर 14 मीटर किया जाएगा और भविष्य में इसे 19.8 मीटर तक बढ़ाने की योजना भी रखी गई है। इससे 2 लाख डेडवेट टन तक के बड़े जहाज आसानी से यहां आ-जा सवार, जिनमें बहुत बड़े गैस कैरियर भी शामिल हैं।

    50 साल पुराने आइडिया की जगह आधुनिक स्ट्रक्चर

    करीब 50 साल पुराने आइडिया को यहां आधुनिक और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिसकी उम्र भी लगभग 50 साल तक होगी। इससे पोर्ट का ऑपरेशन लंबे समय तक स्थिर और प्रभावी बना रहेगा।

    वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति मजबूत होगी

    केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनवाल ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के समुद्री क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, पोर्ट की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी और भारत वैश्विक समुद्री व्यापार में अपनी मजबूत स्थिति बना सकेगी।

  • शेयर बाजार में मची हड़कंप: सेंसेक्स 1,200 अंक टूटा, जानिए गिरावट के बड़े कारण

    शेयर बाजार में मची हड़कंप: सेंसेक्स 1,200 अंक टूटा, जानिए गिरावट के बड़े कारण


    नई दिल्ली सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स करीब 1200 अंक टूटकर 72,326 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 350 अंक के करीब 22,453 के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट का असर सिर्फ बड़े स्टॉक तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक में भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।

    कुछ ही घंटों में 6 लाख करोड़ का नुकसान

    इस भारी गिरावट के साथ उद्यम की संपत्ति में बड़ी गिरावट आई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण कुछ ही घंटों में 422 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 416 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी उद्यम को लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे बाजार में अशांति का माहौल बन गया।

    अमेरिका-ईरान तनाव बना सबसे बड़ा कारण

    इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के समुद्र तटों पर भारी तनाव है। यह भू-राजनीतिक संकट अब कई ऐतिहासिक से जारी है और इसके समाप्त होने को लेकर अस्तित्व में है। इस तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में भी दबाव देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।

    कच्चे तेल की उथल-पुथल

    दूसरा बड़ा कारण कच्चे तेल की जिले में तेजी। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति शेयर के पार पहुंच गया है, जिससे भारत जैसे बड़े प्रतिष्ठित देश की चिंता बढ़ गई है। महंगे तेल देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव है और इससे बाजार की धारणा खराब होती है।

    हल्दी उद्योग से व्यापारी डरे

    बाजार में डर और असमानता का मॉडल इंडिया VIX लगाया जा सकता है, जो 5 फीसदी से ज्यादा उछाल 28 के पार पहुंच गया। आम तौर पर 12-15 का स्तर सामान्य माना जाता है, लेकिन इससे ऊपर जाने का मतलब यह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ गया है और निवेशक आकर्षित हो गए हैं।

    विदेशी व्यापारियों की लगातार बिक्री

    विदेशी व्यापारियों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ रही है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च में बड़ी पूंजी बाजार में धूम मचा दी, जिससे बाजार में अस्थिरता कम हो गई और दबाव बढ़ गया।

    एफ एंड ओ एक्सपायरी से बढ़िया हलचल

    इसके अलावा फ्यूचर्स और ऑप्शंस क्लैन्सल की एक्सपायरी भी बाजार में उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण बनी। एक्सपायरी के समय व्यापारी अपने पोर्टफोलियो को एडजस्ट करते हैं, जिससे बाजार में तेज गति से देखने को मिलता है।

  • जलवायु परिवर्तन से मुकाबला: लद्दाख में समग्र और साइंटिफिक मॉडल लागू

    जलवायु परिवर्तन से मुकाबला: लद्दाख में समग्र और साइंटिफिक मॉडल लागू


    नई दिल्ली। देश में बढ़ते जलवायु संकट के बीच लद्दाख ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। यहां पारंपरिक उपायों से आगे बढ़ते हुए एक समग्र और वैज्ञानिक मॉडल लागू किया गया है, जिसमें भूजल नियंत्रण, ग्लेशियर निगरानी, जल संरक्षण, टिकाऊ पर्यटन और जैविक खेती को एक साथ जोड़ा गया है। यह पहल केवल पर्यावरण बचाने तक सीमित नहीं, बल्कि जल, जमीन और आजीविका के बीच संतुलन बनाने की दीर्घकालिक योजना भी है।

    भूजल दोहन पर सख्ती, संकटग्रस्त क्षेत्रों में रोक

    लद्दाख प्रशासन ने जल संकट की जड़ पर प्रहार करते हुए लेह जिले के अर्ध-संकटग्रस्त क्षेत्रों में भूजल दोहन पर कड़ा नियंत्रण लागू किया है। 23 दिसंबर 2024 के आदेश के तहत इन इलाकों में नए बोरवेल खोदने पर प्रभावी रोक लगा दी गई है। यह कदम भूजल स्तर को गिरने से बचाने और जल संसाधनों के संरक्षण के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
    लद्दाख प्रशासन ने जल संकट की जड़ पर प्रहार करते हुए लेह जिले के अर्ध-संकटग्रस्त क्षेत्रों में भूजल दोहन पर कड़ा नियंत्रण लागू किया है। 23 दिसंबर 2024 के आदेश के तहत इन इलाकों में नए बोरवेल खोदने पर प्रभावी रोक लगा दी गई है। यह कदम भूजल स्तर को गिरने से बचाने और जल संसाधनों के संरक्षण के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

    ग्लेशियरों की सैटेलाइट निगरानी से बढ़ी सुरक्षा

    जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा असर हिमालयी ग्लेशियरों पर पड़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए इसरो की मदद से ‘जियो-स्पेशियल लद्दाख’ परियोजना शुरू की गई है। इस परियोजना के तहत रिमोट सेंसिंग तकनीक से ग्लेशियरों और ग्लेशियल झीलों की निगरानी की जा रही है। इससे ग्लेशियरों के पिघलने, झीलों के फैलाव और संभावित खतरों का समय रहते आकलन किया जा सकता है।

    ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी झील फटने के खतरे को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों को इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर, लेह से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इस प्रस्ताव को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा गया है, ताकि समय रहते चेतावनी जारी की जा सके।

    जल संरक्षण ढांचे का बड़े स्तर पर विस्तार

    जल संरक्षण के लिए लद्दाख में व्यापक स्तर पर संरचनाएं विकसित की गई हैं। मनरेगा और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत 800 से अधिक जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं। इसके अलावा वाटरशेड मैनेजमेंट कार्यक्रम के तहत जल टैंक, तालाब, नहरें और चेक डैम तैयार किए गए हैं।

    लेह शहर में ‘टी-ट्रेंच’ परियोजना को फिर से शुरू किया गया है, जिससे भूजल रिचार्ज बढ़ाने और प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। इन प्रयासों का मकसद वर्षा जल को संचित करना और सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटना है।

    टिकाऊ पर्यटन की दिशा में नई पहल

    पर्यटन से बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लद्दाख प्रशासन ने नई नीतियां लागू की हैं। 2024 की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नीति के तहत होटल और गेस्ट हाउस में विकेंद्रीकृत एसटीपी लगाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही 2025 के लिए नई प्रोत्साहन योजना भी तैयार की जा रही है, जिससे पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

  • ‘जिंदा भंडारा’: जीते-जी कर दी अपनी तेरहवीं, 1900 लोगों को दिया भोज-वजह भावुक कर देगी

    ‘जिंदा भंडारा’: जीते-जी कर दी अपनी तेरहवीं, 1900 लोगों को दिया भोज-वजह भावुक कर देगी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक बेहद भावुक और सोचने पर मजबूर कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां लक्ष्मणपुर गांव के 65 वर्षीय राकेश यादव ने जीते-जी अपनी ही तेरहवीं करने का फैसला लिया है। उन्होंने सोमवार को 1900 लोगों के लिए भंडारे का आयोजन किया है और गांव-गांव जाकर लोगों को न्योता भी दिया है। इस अनोखे फैसले के पीछे छिपी वजह किसी का भी दिल पिघला सकती है।

    अकेलेपन ने लिया बड़ा फैसला

    राकेश यादव तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं, लेकिन आज उनके साथ कोई नहीं है। उनके एक भाई चंद्रपाल यादव की बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे भाई नरेश यादव की हत्या कर दी गई थी। तीनों भाइयों की शादी नहीं हुई थी। परिवार में लगातार हुए इन दुखद घटनाओं ने राकेश को पूरी तरह अकेला कर दिया।

    उनकी एक बहन है, लेकिन वह अपने परिवार में व्यस्त हैं। ऐसे में राकेश को यह डर सताने लगा कि उनके निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार या तेरहवीं करने वाला कोई नहीं होगा। यही चिंता उनके इस फैसले की सबसे बड़ी वजह बनी।

    ‘मरने के बाद कौन करेगा संस्कार?’

    राकेश यादव का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है। रिश्तेदार हैं, लेकिन उन्हें यकीन नहीं कि वे उनके जाने के बाद उनकी तेरहवीं या अंतिम संस्कार करेंगे। यही सोचकर उन्होंने जीते-जी यह आयोजन करने का निर्णय लिया, ताकि उनके जीवन में एक बार उनके नाम का भोज हो और गांव के लोग उसमें शामिल हों।

    1900 लोगों को न्योता, खुद के लिए आखिरी भोज

    राकेश ने करीब 1900 लोगों को इस भंडारे में आमंत्रित किया है। खास बात यह है कि यह आयोजन सिर्फ भोज तक सीमित रहेगा, इसमें पिंडदान जैसे धार्मिक कर्मकांड नहीं किए जाएंगे। गांव में इस खबर के बाद चर्चा का माहौल है। कोई इसे उनकी मजबूरी बता रहा है तो कोई इसे उनके गहरे अकेलेपन का दर्द।

    मेहनत की कमाई से कर रहे आयोजन

    राकेश यादव फिलहाल एक साधारण मड़ैया में रहते हैं और उन्हें वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। उन्होंने सालों की मेहनत-मजदूरी से जो पैसा जोड़ा, उसी से इस भंडारे का आयोजन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपना पैतृक घर भी एक रिश्तेदार को दान कर दिया है।

    समाज के लिए एक सवाल

    यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि आखिर क्यों एक इंसान को अपने जीते-जी अपनी तेरहवीं करनी पड़ रही है। यह कहानी अकेलेपन, असुरक्षा और रिश्तों में घटते भरोसे की सच्चाई को उजागर करती है।

  • PSL 2026 में बॉल टैंपरिंग का आरोप: फखर जमां की हरकत कैमरे में कैद, शाहीन पर भी सवाल

    PSL 2026 में बॉल टैंपरिंग का आरोप: फखर जमां की हरकत कैमरे में कैद, शाहीन पर भी सवाल


    नई दिल्ली।पाकिस्तान सुपर लीग 2026 की शुरुआत के साथ ही एक बड़ा विवाद सामने आ गया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। फखर जमां, शाहीन शाह अफरीदी और हारिस राउफ से जुड़ा यह मामला कथित ‘बॉल टैंपरिंग’ का है, जिसकी तस्वीरें कैमरे में कैद होने का दावा किया जा रहा है।

    लाहौर बनाम कराची मैच में हुआ विवाद

    यह घटना लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान सामने आई। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए इस लो-स्कोरिंग मैच के आखिरी ओवर में अचानक ऐसा कुछ हुआ, जिसने मैच का रुख ही बदल दिया और खेल की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए।

    आखिरी ओवर में बना ‘प्लान’, बढ़ा शक

    लाहौर कलंदर्स को आखिरी ओवर में 13 रन बचाने थे। इसी दौरान कप्तान शाहीन शाह अफरीदी, गेंदबाज हारिस राउफ और फखर जमां आपस में रणनीति बनाते नजर आए। इसी बीच एक खिलाड़ी मैदान पर पानी लेकर आया। कैमरे में कैद हुई गतिविधियों के आधार पर आरोप लगा कि गेंद के साथ छेड़छाड़ की गई।

    अंपायरों ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया और लाहौर टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगा दी। यह फैसला मैच के दौरान ही लिया गया, जिससे विवाद और गहरा गया।

    फखर जमां पर सीधे आरोप

    वीडियो फुटेज में फखर जमां को गेंद के साथ संदिग्ध गतिविधि करते हुए देखा गया, जिससे उन पर सीधे तौर पर बॉल टैंपरिंग का आरोप लगा। इस घटना ने न केवल टीम की छवि पर असर डाला, बल्कि कप्तान और अन्य खिलाड़ियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए।

    शाहीन अफरीदी का बयान

    मैच के बाद जब कप्तान शाहीन शाह अफरीदी से इस विवाद पर सवाल किया गया, तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है और वीडियो देखकर ही स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में क्या हुआ। उन्होंने यह भी माना कि पेनल्टी के रूप में 5 रन दिए जा चुके हैं और अब उस पर कुछ नहीं किया जा सकता।

    आगे हो सकती है सख्त कार्रवाई

    इस घटना के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि लीग प्रबंधन और मैच रेफरी इस मामले की गहराई से जांच कर सकते हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो खिलाड़ियों पर जुर्माना या प्रतिबंध जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।

  • पाकिस्तान की फिर उड़ी खिल्ली… युद्ध पर चर्चा के लिए जुटे नेताओं के सामने औंधे मुंह गिरे विदेश मंत्री डार

    पाकिस्तान की फिर उड़ी खिल्ली… युद्ध पर चर्चा के लिए जुटे नेताओं के सामने औंधे मुंह गिरे विदेश मंत्री डार


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) कुछ बड़ा करने की कोशिश करे, और पूरी दुनिया के सामने उसकी खिल्ली ना उड़े, ऐसा शायद संभव नहीं। अब बीते कुछ दिनों से ईरान (Iran) पाकिस्तान को चौधरी बनने की पड़ी है और वह पश्चिम एशिया (West Asia) में ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच जारी युद्ध में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है। इसे लेकर रविवार को इस्लामाबाद में बड़े-बड़े नेता भी जुटे थे। हालांकि इस बीच पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का बैलेंस बिगड़ गया और सबके सामने बुरी तरह गिर पड़े।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना विदेश मंत्रालय के दफ्तर में हुई। इशाक डार तब इस्लामाबाद में मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलअती से मिल रहे थे। चलते-चलते अचानक वह लड़खड़ा गए। हालांकि वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें सहारा दिया और उठाने की कोशिश की।


    सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक

    अधिकारियों ने बाद में बताया कि डार को कोई चोट नहीं आई है और बैठक बिना किसी रुकावट के तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रही। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहा है और लोग इस वीडियो को लेकर मजेदार रिएक्शन दे रहे हैं।


    बैठक में क्या हुई चर्चा?

    इससे पहले पाकिस्तान में रविवार को एक अहम चार-पक्षीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा हुई है ताकि तनाव कम करने का रास्ता खोजा जा सके। एक अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की और सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हुए क्षेत्र में व्यापक शांति के विकल्पों पर मंथन किया। यह शिखर सम्मेलन अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता में देरी के बीच हुई है। हालांकि बैठक के बाद कोई बयान जारी नहीं किया गया।

    पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के अनुसार, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्री शनिवार को इस्लामाबाद पहुंच चुके थे, जबकि सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद रविवार को पहुंचे। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि दौरे पर आए विदेश मंत्री ‘क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों सहित कई मुद्दों पर गहन चर्चा’ करेंगे।

  • MI vs KKR: रोहित-रिकेल्टन की धुआंधार बल्लेबाजी, बुमराह-शार्दुल का कमाल-मुंबई की जीत के 5 कारण

    MI vs KKR: रोहित-रिकेल्टन की धुआंधार बल्लेबाजी, बुमराह-शार्दुल का कमाल-मुंबई की जीत के 5 कारण


    नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रविवार को खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। 221 रन जैसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई ने बेहतरीन बल्लेबाजी और सूझबूझ भरे प्रदर्शन के दम पर मैच अपने नाम किया। खास बात यह रही कि 2012 के बाद यह पहला मौका है जब मुंबई ने अपने सीजन के पहले मैच में जीत हासिल की है।

    रोहित शर्मा की तूफानी पारी बनी जीत की नींव

    मुंबई की इस जीत के सबसे बड़े हीरो रोहित शर्मा रहे। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और केकेआर के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित ने महज 23 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और 38 गेंदों पर 78 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 6 चौके और 6 छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दी और लक्ष्य को आसान बना दिया।

    रिकेल्टन ने निभाया बेहतरीन साथ

    रोहित के साथ ओपनिंग करने उतरे रयान रिकेल्टन ने भी शानदार बल्लेबाजी की। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 148 रनों की बड़ी साझेदारी हुई। रोहित के आउट होने के बाद भी रिकेल्टन ने पारी को संभाले रखा और 43 गेंदों में 81 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। उनकी पारी में 8 छक्के शामिल रहे।

    बुमराह की कसी हुई गेंदबाजी

    केकेआर की पारी के दौरान एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 250 के पार पहुंच जाएगी, लेकिन जसप्रीत बुमराह ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए रन गति पर लगाम लगाई। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 35 रन खर्च किए और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    शार्दुल ठाकुर का ‘गोल्डन आर्म’ कमाल

    मुंबई के लिए शार्दुल ठाकुर ने अहम मौकों पर विकेट लेकर मैच का रुख पलट दिया। जब केकेआर के बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे, तब शार्दुल ने साझेदारी तोड़ी और 3 विकेट लेकर टीम को बड़ी बढ़त दिलाई। उन्होंने अपने स्पेल में 39 रन देकर केकेआर की कमर तोड़ दी।

    सही रणनीति और पॉजिटिव इंटेंट

    मुंबई इंडियंस के खिलाड़ियों ने पिच को बेहतर तरीके से समझा और शुरुआत से ही पॉजिटिव इंटेंट दिखाया। टीम को यह भरोसा था कि 221 रन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यही आत्मविश्वास मैदान पर भी नजर आया और हर बल्लेबाज ने जिम्मेदारी के साथ शॉट्स खेले।

  • ईरान के मिसाइल हमले से इजरायल के केमिकल प्लांट में लगी भीषण… जहरीली गैस के रिसाव का खतरा

    ईरान के मिसाइल हमले से इजरायल के केमिकल प्लांट में लगी भीषण… जहरीली गैस के रिसाव का खतरा


    येरुशलम।
    युद्ध को बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिशों के बीच ईरान और इजरायल (Iran and Israel War) ने एक दूसरे पर भीषण हमले जारी रखे हैं। ईरान ने दक्षिणी इजरायल (Southern Israel.) में रविवार को एक केमिकल प्लांट पर मिसाइल से हमला (Missile attack Chemical plant) किया। इस हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई है। इससे इलाके में जहरीले रिसाव का खतरा पैदा हो गया है। वहीं, इजरायल ने रविवार तड़के तेहरान पर बमबारी की।


    चीनी कंपनी का हिस्सा है प्लांट

    चीनी स्वामित्व वाले सिनजेंटा ग्रुप का हिस्सा एडीएएमए ने कहा कि संयंत्र को हुए नुकसान की सीमा का अभी पता नहीं चल पाया है। कृषि रसायनों और फसल सुरक्षा सामग्री बनाने वाली कंपनी एडीएएमए ने कहा कि उसके ‘मख्तेशिम प्लांट’ पर हमला किया गया है। फिलहाल जांच कर रहे हैं कि सीधे मिसाइल गिरी है या इंटरसेप्ट की गई मिसाइल का मलबा गिरा है। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    इजरायल की ‘अग्नि शमन एवं बचाव सेवा’ ने बताया कि ईरानी मिसाइल हमले के बाद दक्षिणी इजरायल के एक औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई, जहां कई रासायनिक और औद्योगिक संयंत्र स्थित हैं। संभावना जताई जा रही है कि यह आग हवा में मार गिराई गई मिसाइल के मलबे से लगी है।

    लोगों से दूर रहने का आग्रह
    विभाग ने जनता से नियोत होवाव औद्योगिक क्षेत्र से दूर रहने का आग्रह किया है क्योंकि वहां जहरीले रसायन मौजूद हैं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 34 टीमें काम कर रही हैं। विभाग ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र से 800 मीटर की दूरी के बाहर जनता के लिए कोई खतरा नहीं है। बयान में कहा गया, आस-पास के निवासियों को घरों के अंदर रहने, खिड़कियां और वेंटिलेशन बंद रखने और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है, जब तक कि घटना पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पा लिया जाता।


    हमले के बाद दिखा आग और काला धुआं

    दमकल सेवा द्वारा जारी वीडियो और तस्वीरों में आग का बड़ा गोला और भारी काला धुआं दिखाई दे रहा है, जबकि अग्निशमन कर्मी आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले, इजरायली सेना ने कहा था कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों का पता लगाया है। नियोत होवाव क्षेत्र दक्षिणी इजरायल के सबसे बड़े शहर बीयर शेवा से लगभग 13 किमी दूर स्थित है। इस क्षेत्र में कई इजरायली सैन्य ठिकाने भी मौजूद हैं। पिछले सप्ताहांत, ईरानी मिसाइलों ने अराद और डिमोना के दक्षिणी शहरों पर हमला किया था, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए थे। यह अब तक इजरायली धरती पर अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के सबसे भीषण हमलों में से एक था।


    कुवैत में सैन्य शिविर पर हमला, 10 सैनिक घायल

    उधर ईरान ने कुवैत में भी सैन्य शिविर पर हमला किया है। जिसमें 10 सैनिक घायल हुए हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कुवैत के हवाई क्षेत्र में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन दागे गए हैं। हमले में शिविर में काफी नुकसान हुआ है।


    ईरान के इस्फहान के विश्वविद्यालय पर हमला

    इजरायल ने ईरान के बीच शहर इस्फहान में स्थित इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर रविवार को हवाई हमले किए। यह दूसरी बार है जब इस विश्वविद्यालय पर हमला हुआ। यूनिवर्सिटी ने फार्स न्यूज एजेंसी को दिए बयान में कहा कि दोपहर करीब 2 बजे(स्थानीय समय) विश्वविद्यालय को दूसरी बार निशाना बनाया गया। यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च इंस्टीट्यूट पर हुए इस हमले से कई दूसरी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा और यूनिवर्सिटी के चार कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं।


    ईरान जवाबी हमले की धमकी दी

    ईरान ने विश्वविद्यालय पर हमले के जवाब में इजरायल और अमेरिका की यूनिवर्सिटी पर हमले की धमकी दी है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के विश्वविद्यालय की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई, तो ईरान इस इलाके में मौजूद इजरायली और अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाएगा। अमेरिका के कई कॉलेजों, जिनमें जॉर्जटाउन, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और नॉर्थवेस्टर्न के कैंपस कतर और संयुक्त अरब अमीरात में हैं।

    गार्ड ने कहा, अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि इस इलाके में मौजूद उसकी यूनिवर्सिटीज सुरक्षित रहें, तो उसे सोमवार(30 मार्च) को दोपहर 12 बजे तक ईरानी यूनिवर्सिटीज पर हुई बमबारी की निंदा करनी चाहिए। उसने यह भी मांग की कि अमेरिका, इजरायल को ईरानी यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स पर हमला करने से रोके। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने शनिवार को बताया था कि दर्जनों यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स पर हमले हुए हैं।


    यूएई पर दागी गई 16 बैलिस्टिक मिसाइलें

    संयुक्त अरब अमीरात पर रविवार को ईरान ने 16 बैलिस्टिक मिसाइलें दांगी, जबकि 42 ड्रोन ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।हालांकि इन सभी एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।


    बंदर ए खमीर बंदरगाह पर हमला, पांच मारे गए

    ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर-ए-खमीर पर हुए हमले में पांच लोग मारे गए और दो पोत भी नष्ट हो गए। इजरायल ने ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने अभियान के तहत लेबनान में भी ठिकानों पर हमला किया। रविवार की सुबह सेना ने बताया कि लेबनान में लड़ाई के दौरान उसका एक सैनिक मारा गया।


    ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के एल्युमीनियम संयंत्र पर हमले किए, आठ घायल

    ईरानी सेना ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में दुनिया के दो सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादकों के संयंत्रों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। ईरान ने इन उद्योगों को अमेरिकी सेना से जुड़ा हुआ बताया। एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमीनियम (ईजीए) ने कहा कि ईरान के हमले में छह लोग घायल हो गए और उसके संयंत्र को काफी नुकसान पहुंचा, जबकि बहरीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि दूसरे हमले में एल्युमीनियम बहरीन के दो कर्मचारी घायल हो गए।

  • स्कूलों, HC, सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार… 1100 ईमेल भेजे, फैलाई दशहत

    स्कूलों, HC, सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार… 1100 ईमेल भेजे, फैलाई दशहत


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) समेत देश के कई राज्यों में स्कूलों (Schools), हाईकोर्ट (High Court) और सरकारी दफ्तरों (Government offices.) में बम की धमकी (Bomb threat) देकर दहशत फैलाने वाला शातिर श्रीनिवास लुईस (47) मैसूर से पकड़ा गया। आरोपी ने धमकी के 1,100 से ज्यादा ई-मेल किए थे। दिल्ली पुलिस ने उसे कर्नाटक पुलिस के सहयोग से दबोचा। ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे दिल्ली लेकर आ रही है। उसके पास से एक लैपटॉप और कई सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, श्रीनिवास को बृहस्पतिवार को मैसूर के वृंदावन लेआउट में मकान से दबोचा गया। वह पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग जगहों से धमकी भरे ईमेल और मैसेज भेजता था। दिल्ली हाईकोर्ट के जज को भी धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था। उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने बताया, कई हफ्तों तक चली तकनीकी पड़ताल के बाद संदिग्ध की पहचान हो पाई। आरोपी ने धमकी भरे मैसेज भेजने की बात कबूली है।


    पोस्टग्रेजुएट, लेकिन बेरोजगार है आरोपी

    बंगलूरू का रहने वाला श्रीनिवास पोस्टग्रेजुएट है। फिलहाल बेरोजगार है और अपनी मां के साथ रहता है। उसकी मां रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं।
    शुरुआती जांच से लगता है कि वह शायद मानसिक तनाव से जूझ रहा था। अधिकारियों ने कहा कि उसने जान-बूझकर अदालतों और स्कूलों, कॉलेजों को निशाना बनाया, ताकि ज्यादा दहशत फैलाई जा सके।
    श्रीनिवास की इन झूठी धमकियों की वजह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े, कई जगहों से लोगों को बाहर निकालना पड़ा और कई संस्थानों का कामकाज भी ठप हो गया।