Author: bharati

  • युद्ध का सीधा असर इंदौर के उद्योगों पर 30 फीसदी तक महंगा कच्चा माल शटडाउन की आशंका

    युद्ध का सीधा असर इंदौर के उद्योगों पर 30 फीसदी तक महंगा कच्चा माल शटडाउन की आशंका


    इंदौर । मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों पर इज़राइल ईरान संघर्ष का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है जहां कच्चे माल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और सप्लाई में बाधा ने उद्योगों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। खासतौर पर इंदौर जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में हालात तेजी से बदल रहे हैं और कई यूनिट्स अब उत्पादन घटाने या सीमित करने को मजबूर हो गई हैं।

    उद्योग जगत के मुताबिक कच्चे माल की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि लॉजिस्टिक लागत 4 से 5 गुना तक बढ़ चुकी है। इसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है जिससे तैयार उत्पाद महंगे हो रहे हैं और बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है। स्थिति यह है कि 10 से 15 प्रतिशत उद्योग अब दो शिफ्ट की बजाय केवल एक शिफ्ट में ही काम कर रहे हैं जबकि कुछ जगहों पर शटडाउन की नौबत बनती दिख रही है।

    सबसे ज्यादा असर फार्मा इंडस्ट्री पर देखा जा रहा है जहां दवाइयों के निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल के दाम तेजी से बढ़े हैं। पैरासिटामॉल जैसे सामान्य उत्पाद के कच्चे पाउडर की कीमत एक ही दिन में 290 रुपए से बढ़कर 360 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई। इसके अलावा प्लास्टिक दाना और अन्य पैकेजिंग सामग्री भी महंगी हो चुकी है जिससे उत्पादन लागत और बढ़ गई है।

    इंदौर के पीथमपुर सांवेर रोड और पालदा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित हजारों उद्योगों की लगभग 60 प्रतिशत निर्भरता मिडिल ईस्ट से आने वाले कच्चे माल पर है। बहरीन कतर और सऊदी अरब जैसे देशों से बल्क ड्रग्स और पेट्रोकेमिकल्स की सप्लाई प्रभावित होने के कारण उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय शिपिंग भी प्रभावित हुई है जिससे चीन और यूरोप से आने वाला माल भी समय पर नहीं पहुंच पा रहा।

    एक तरफ जहां कच्चे माल की कमी है वहीं दूसरी ओर उसकी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे उद्योगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। फुटवियर और प्लास्टिक उद्योगों में लागत 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है जबकि मुनाफा सीमित होने के कारण कारोबारी नुकसान की स्थिति में पहुंच रहे हैं।

    एलपीजी की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उद्योगों को अब पीएनजी पर निर्भर होना पड़ रहा है और गैस कंपनियों ने उधार की सुविधा भी बंद कर दी है जिससे तत्काल भुगतान का दबाव बढ़ गया है। इसके अलावा कंटेनर भाड़ा 5 गुना तक बढ़ने और बीमा मिलने में दिक्कतों के कारण एक्सपोर्ट भी प्रभावित हो रहा है।

    उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि हालात अगले 10 से 15 दिनों तक नहीं सुधरे तो कई फैक्ट्रियों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है। खासकर फार्मा और केमिकल सेक्टर में स्थिति ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि इनकी निर्भरता आयातित कच्चे माल पर अधिक है।

    कुल मिलाकर वैश्विक तनाव का यह असर अब स्थानीय उद्योगों तक पहुंच चुका है और यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका प्रभाव न केवल उत्पादन बल्कि रोजगार और बाजार पर भी गहराई से पड़ सकता है।

  • बॉक्स ऑफिस क्वीन्स: टॉप 10 एक्ट्रेसेस जिनकी फिल्मों ने की सबसे ज्यादा कमाई, नंबर 1 चौंकाएगी

    बॉक्स ऑफिस क्वीन्स: टॉप 10 एक्ट्रेसेस जिनकी फिल्मों ने की सबसे ज्यादा कमाई, नंबर 1 चौंकाएगी


    नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा में कई ऐसी एक्ट्रेसेस हैं, जिन्होंने अपने दम पर फिल्मों को सुपरहिट बनाया और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई की। खास बात यह है कि इन फिल्मों ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि वर्ल्डवाइड भी शानदार कलेक्शन किया। आइए जानते हैं उन टॉप 10 एक्ट्रेसेस के बारे में, जिनकी फिल्मों ने सबसे ज्यादा कमाई की है।

    1. Anushka Shetty – ‘Baahubali 2: The Conclusion’ (1788.06 करोड़)
    इस लिस्ट में पहला स्थान अनुष्का शेट्टी का है। उनकी फिल्म ‘बाहुबली 2’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक रही, जिसने दुनियाभर में रिकॉर्डतोड़ कमाई की।

    2. Rashmika Mandanna – ‘Pushpa 2: The Rule’ (1742.10 करोड़)
    रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘पुष्पा 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर तूफान ला दिया। इस फिल्म ने उन्हें पैन इंडिया स्टार बना दिया।

    3. Nayanthara – ‘Jawan’ (1160 करोड़)
    नयनतारा की पहली हिंदी फिल्म ‘जवान’ ने जबरदस्त सफलता हासिल की और उन्हें बॉलीवुड में भी मजबूत पहचान दिलाई।

    4. Deepika Padukone – ‘Pathaan’ (1055 करोड़)
    दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘पठान’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा और 1000 करोड़ क्लब में शामिल हुई।

    5. Kareena Kapoor Khan – ‘Bajrangi Bhaijaan’ (911.8 करोड़)
    करीना कपूर की ‘बजरंगी भाईजान’ आज भी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फिल्मों में शामिल है।

    6. Shraddha Kapoor – ‘Stree 2’ (857.15 करोड़)
    श्रद्धा कपूर की ‘स्त्री 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड बनाए।

    7. Anushka Sharma – ‘PK’ (792 करोड़)
    अनुष्का शर्मा की ‘पीके’ ने अपने अनोखे कॉन्सेप्ट के दम पर जबरदस्त कमाई की।

    8. Aneet Padda – ‘Saiyaara’ (570.33 करोड़)
    अनीत पड्डा की फिल्म ‘सैयारा’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और उन्हें इस लिस्ट में जगह दिलाई।

    9. Katrina Kaif – ‘Tiger Zinda Hai’ (558 करोड़)
    कटरीना कैफ की ‘टाइगर जिंदा है’ एक्शन और कमाई दोनों में सफल रही।

    10. Alia Bhatt – ‘Brahmāstra: Part One – Shiva’ (431 करोड़)
    आलिया भट्ट की ‘ब्रह्मास्त्र’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए इस लिस्ट में जगह बनाई।

    बदल रहा है सिनेमा का चेहरा
    यह लिस्ट दिखाती है कि अब सिर्फ हीरो नहीं, बल्कि एक्ट्रेसेस भी फिल्मों की सफलता में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। पैन इंडिया फिल्मों के दौर में इन अभिनेत्रियों ने अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है।

  • पानी और विकास की डबल डोज इंदौर दौरे पर सीएम मोहन यादव देंगे हजारों करोड़ की योजनाओं की सौगात

    पानी और विकास की डबल डोज इंदौर दौरे पर सीएम मोहन यादव देंगे हजारों करोड़ की योजनाओं की सौगात


    इंदौर । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम मोहन आज इंदौर दौरे पर रहेंगे जहां वे शहर को विकास की कई बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। संकल्प से समाधान अभियान के तहत दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर वे विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित करेंगे और साथ ही शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन भी करेंगे।

    इस दौरे का सबसे अहम हिस्सा नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन है जिसे शहर के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तेजी से बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए यह परियोजना इंदौर के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनेगी। वर्तमान में शहर की जलापूर्ति नर्मदा नदी पर आधारित है जहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर से पानी पंप कर शहर तक पहुंचाया जाता है।

    अब अमृत 2.0 योजना के तहत जल आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत शहर की जल क्षमता को वर्तमान स्तर से बढ़ाकर आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। अनुमान है कि 2040 तक इंदौर की आबादी करीब 58 लाख से अधिक हो जाएगी जिसके लिए 1200 एमएलडी से ज्यादा पानी की आवश्यकता होगी। ऐसे में यह परियोजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

    भूमिपूजन के तहत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य शुरू किए जाएंगे जिनमें लंबी पाइपलाइन बिछाना, आधुनिक टनल निर्माण और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्लोरिनेशन सिस्टम की स्थापना शामिल है। इसके अलावा शहर में नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे और पुराने टैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा जिससे पानी का वितरण अधिक प्रभावी और सुचारू हो सके।

    इस परियोजना के जरिए लाखों घरों तक नए जल कनेक्शन दिए जाएंगे और स्मार्ट वाटर मीटर लगाए जाएंगे जिससे 24 घंटे दबावयुक्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि शहर में शामिल नए गांवों तक भी पहली बार नियमित जलापूर्ति पहुंचाई जाएगी जिससे वहां के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री सिरपुर तालाब के संरक्षण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना का लोकार्पण भी करेंगे। इस पहल के तहत सीवेज को सीधे तालाब में जाने से रोका जाएगा और आधुनिक तकनीक से उसका शोधन किया जाएगा। इससे न सिर्फ तालाब का पानी साफ होगा बल्कि उपचारित जल का उपयोग शहर के बगीचों और अन्य कार्यों में भी किया जा सकेगा।

    संकल्प से समाधान अभियान के तहत भी इंदौर जिले में बड़ी सफलता मिली है जहां लाखों आवेदनों का निराकरण कर हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। इस अभियान के जरिए सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।

    कुल मिलाकर यह दौरा इंदौर के लिए विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है जिसमें बुनियादी सुविधाओं से लेकर जल प्रबंधन तक कई अहम क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

  • ‘मटका’ का कमाल: गर्मियों में सेहत के लिए क्यों है मिट्टी के बर्तन वरदान

    ‘मटका’ का कमाल: गर्मियों में सेहत के लिए क्यों है मिट्टी के बर्तन वरदान


    नई दिल्ली तेज गर्मी, लू और उमस के बीच ठंडा पानी हर किसी की ज़रूरत बन जाता है। ज़्यादातर लोग राहत के लिए फ्रिज का पानी पीते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि यह आदत कई बार गले और पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकती है। ऐसे में पारंपरिक तरीका यानी मिट्टी के मटके का पानी आज भी सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। न सिर्फ़ यह पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, बल्कि शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद भी साबित होता है।

    प्राकृतिक ठंडक के साथ बेहतर स्वाद
    मिट्टी के बर्तन में रखा पानी बिना किसी बिजली या केमिकल के अपने आप ठंडा हो जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह ज़रूरत से ज़्यादा ठंडा नहीं होता, जिससे गले पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। साथ ही, इसमें मिट्टी की हल्की खुशबू और स्वाद होता है, जो इसे और भी ताजगी भरा बनाता है।

    आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का समर्थन
    आयुष मंत्रालय के अनुसार पारंपरिक बर्तनों में रखा पानी शरीर के लिए ज़्यादा फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में मटके के पानी को ‘अमृत’ के समान बताया गया है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखते हुए पाचन तंत्र को संतुलित करता है। आधुनिक डॉक्टर भी मानते हैं कि यह पानी गले, पेट और आंतों के लिए सुरक्षित और लाभकारी है।

    डिटॉक्स और इम्यूनिटी में अधिकतम
    मिट्टी के घड़े की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक फिल्टरिंग क्षमता है। यह पानी की विकृतियों को सोख लेता है, जिससे शरीर में विषैले तत्वों का असर कम होता है। नियमित रूप से मटके का पानी पीने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर की बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहता है।

    पाचन और पीएच बैलेंस में सुधार
    मिट्टी में मौजूद फास्फोरस गुण (क्षारीय गुण) पानी के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इससे एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं। यही कारण है कि गर्मियों में मटके का पानी पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

    फ्रिज के पानी से क्यों बेहतर?

    फ्रिज का बहुत ठंडा पानी अचानक शरीर के तापमान को प्रभावित करता है, जिससे गले में खराश, सर्दी-जुकाम या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके उलट, मटके का पानी शरीर के अनुकूल तापमान पर होता है, जिससे यह बिना किसी साइड इफेक्ट के राहत देता है।

    सस्ता, सुरक्षित और असरदार उपाय
    महंगे कूलिंग सिस्टम और फिल्टर के मुकाबले मटका एक सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है। इसमें रखा पानी पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल मुक्त होता है। गर्मियों में हाइड्रेट रहने के लिए यह सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका माना जाता है।

  • घर से निकला फिर नहीं लौटा युवक 4 दिन बाद नदी में मिला शव डिप्रेशन एंगल की जांच

    घर से निकला फिर नहीं लौटा युवक 4 दिन बाद नदी में मिला शव डिप्रेशन एंगल की जांच


    डबरा मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के डबरा क्षेत्र से एक दुखद और रहस्यमयी मामला सामने आया है जहां चार दिन से लापता युवक का शव सिंध नदी के स्टॉप डैम के पास तैरता हुआ मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है।

    जानकारी के अनुसार आरुषि गांव निवासी 21 वर्षीय सूर्यभान रावत 23 मार्च की सुबह अचानक घर से लापता हो गया था। बताया जा रहा है कि वह अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर निकला था जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई थी। जब देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला।

    अगले दिन 24 मार्च को उसकी बाइक सिंध नदी के पुल पर खड़ी मिली जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। इस सूचना के बाद पुलिस और बचाव टीम सक्रिय हो गई और राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल की टीम ने नदी में युवक की तलाश शुरू की। बोट और अन्य संसाधनों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन शुरुआती दिनों में कोई सफलता नहीं मिली।

    इसी बीच इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई जिसमें सूर्यभान करीब चार घंटे तक इधर उधर घूमता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला जिससे परिजनों की चिंता और गहरी होती चली गई। आखिरकार चार दिन बाद युवक का शव सिंध नदी के स्टॉप डैम के पास तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक तौर पर यह मामला आत्महत्या से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

    परिजनों के अनुसार सूर्यभान लंबे समय से मानसिक तनाव में था और डिप्रेशन से जूझ रहा था। बताया गया है कि करीब छह महीने पहले भी उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी। इस बार हालांकि वह बच नहीं सका और परिवार को गहरा सदमा देकर चला गया।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मामले की हर एंगल से जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और समय पर मदद कितनी जरूरी है। एक युवा जिंदगी का इस तरह खत्म हो जाना न केवल परिवार बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।

  • बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत जोड़ी की दर्दभरी कहानी, कोर्ट रूम में बिखर गया मधुबाला का सप

    बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत जोड़ी की दर्दभरी कहानी, कोर्ट रूम में बिखर गया मधुबाला का सप


    नई दिल्ली:भारतीय सिनेमा की एक आइकॉनिक अभिनेत्री Madhubala ने अपने करियर और खूबसूरती से दर्शकों के दिलों पर राज किया। 14 फरवरी 1933 को जन्मी मधुबाला का असली नाम मुमताज जहां देहलवी था। फिल्मों में रोमांटिक किरदार निभाने वाली मधुबाला असल जिंदगी में भी प्यार की तलाश में थीं। उनके जीवन की सबसे चर्चित लव स्टोरी Dilip Kumar के साथ जुड़ी रही, लेकिन इसका अंत बेहद दुखद और अप्रत्याशित रहा।

    मधुबाला और दिलीप कुमार की कहानी 1951 में आई फिल्म ‘तराना’ के सेट से शुरू हुई। इस रोमांस की शुरुआत उन्होंने ही की। मधुबाला ने अपने पर्सनल हेयरड्रेसर के माध्यम से दिलीप कुमार के कमरे में एक उर्दू खत और गुलाब का फूल भेजा। खत में लिखा था कि अगर दिलीप के दिल में भी वही भावनाएं हैं जो उनके अंदर हैं तो यह फूल स्वीकार कर लें। दिलीप कुमार ने भी यह फूल स्वीकार किया और दोनों के बीच प्यार की शुरुआत हुई।

    इनका रिश्ता सार्वजनिक तौर पर भी कई बार देखा गया। पहली बार दोनों को हाथ पकड़कर एक प्रीमियर में एंट्री करते देखा गया। एक पत्रकार ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में लिखा कि यह दृश्य उनकी यादों से कभी धुंधला नहीं होगा। इस प्रकार उनका प्यार धीरे-धीरे सार्वजनिक भी हुआ।

    लेकिन साल 1956 में मधुबाला की जिंदगी में तूफान आया। बीआर चोपड़ा ने फिल्म ‘नया दौर’ लॉन्च की और मधुबाला को लीड रोल में लिया। दस दिन की शूटिंग के बाद आउटडोर शूट होना था, लेकिन मधुबाला के पिता ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने पैसे लौटाने से भी मना कर दिया और मामला कोर्ट तक पहुँच गया। इस विवाद में दिलीप कुमार ने मधुबाला का साथ न देकर बीआर चोपड़ा के पक्ष में गवाही दी। माना जाता है कि दिलीप कुमार और मधुबाला के पिता के बीच तालमेल बिल्कुल नहीं था।

    कोर्ट में जो हुआ उसने मधुबाला को तोड़कर रख दिया। वह अपने प्यार को न्यायिक बहस के बीच देख रही थीं। दिलीप कुमार ने कहा कि वह हमेशा मधुबाला को प्यार करते रहेंगे लेकिन पिता और केस के बीच उनका रिश्ता बिखर गया। मधुबाला ने बाद में कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि वही व्यक्ति है जिसे उन्होंने इतना प्यार किया। उनकी बहन ने बताया कि मधुबाला की मौत दो बार हुई, पहली बार कोर्ट रूम में और दूसरी बार वास्तविक जीवन में।

    मधुबाला और दिलीप कुमार की कहानी केवल बॉलीवुड की एक रोमांटिक कहानी नहीं बल्कि यह उस दौर की सामाजिक और पारिवारिक बाधाओं की झलक भी है। पिता की रोकथाम, फिल्म इंडस्ट्री के दबाव और कोर्ट ड्रामे ने उनके नौ साल के प्यार को अधूरा छोड़ दिया। आज भी मधुबाला की खूबसूरती और दिलीप कुमार संग उनका प्यार दर्शकों के दिलों में अमिट है।

    इस लव स्टोरी से यह साफ होता है कि सिनेमा की दुनिया में सिर्फ ऑन-स्क्रीन रोमांस ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी प्यार को कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मधुबाला और दिलीप कुमार की अधूरी मोहब्बत आज भी बॉलीवुड प्रेम कहानियों में सबसे दुखद और यादगार कहानी मानी जाती है।

  • IPL 2026 में रन बरसे: ईशान किशन के दम पर SRH ने खड़ा किया 202 का पहाड़

    IPL 2026 में रन बरसे: ईशान किशन के दम पर SRH ने खड़ा किया 202 का पहाड़


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सामने 202 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा कर दिया। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन कप्तान ईशान किशन की विस्फोटक पारी ने मैच का रुख ही बदल दिया।

    शुरुआत में लड़खड़ाई SRH, टॉप ऑर्डर फ्लॉप रहा
    सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 29 रन के स्कोर पर अपने तीन बड़े विकेट गंवा दिए। ट्रैविस हेड (11), अभिषेक शर्मा (7) और नीतीश कुमार रेड्डी (1) सस्ते में पवेलियन लौट गए। ऐसे में टीम दबाव में नजर आ रही थी और बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल लग रहा था।

    कप्तान किशन और क्लासन ने संभाली पारी
    मुश्किल हालात में कप्तान ईशान किशन ने मोर्चा संभाला और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला। उन्होंने हेनरिक क्लासेन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 97 विकेट की अहम साझेदारी की। क्लासन ने 22 गेंद में 31 रन बनाकर अच्छा साथ निभाया।

    38 गेंद में 80 रन, शतक से चूके लेकिन दिल जीत लिया
    किशन ने अपनी कप्तानी पारी में 38 गेंद पर 80 रन ठोके, जिसमें 8 चौके और 5 कारनामे शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा। उन्होंने गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और पारी को तेजी से आगे बढ़ाया। भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी इस विस्फोटक पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

    अनिकेत वर्मा का फिनिशिंग टच
    मिडिल ऑर्डर के बाद अंत में अनिकेत वर्मा ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 18 गेंद में 43 रन बनाकर टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। उनकी पारी में 3 चौके और 4 कारनामे शामिल रहे, जिन्होंने SRH को बड़ा स्कोर दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    RCB की ओर से डेब्यूटेंट डफी का कमाल
    आरसीबी के लिए डेब्यू कर रहे जैकब डफी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 22 रन देकर 3 विकेट झटके और सबसे सफल गेंदबाज रहे। वहीं रोमारियो शेफर्ड ने 3 विकेट तो लिए, लेकिन काफी महंगे साबित हुए और 4 ओवर में 54 रन लुटा दिए। भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह और सुयश शर्मा को 1-1 विकेट मिला।

    201/9 का स्कोर, RCB के सामने 202 रन की चुनौती
    कप्तान किशन की शानदार पारी और अनिकेत के दमदार फिनिश की बदकिस्मती सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 201 रन बनाए और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीतने के लिए 202 रन का लक्ष्य दिया।

  • IPL 2026: कप्तानी डेब्यू पर ईशान किशन का जलवा, रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन

    IPL 2026: कप्तानी डेब्यू पर ईशान किशन का जलवा, रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन

      नई दिल्ली आईपीएल 2026 के पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के नए कप्तान ईशान किशन ने अपने पहले ही मैच में तूफानी बल्लेबाजी कर इतिहास रच दिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेले गए इस मैच में किशन ने सिर्फ 38 गेंदों में 80 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और कप्तान ने डेब्यू में नया रिकॉर्ड अपने नाम किया।

      डेब्यू कप्तानी में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड
      ईशान किशन ने अपनी इस शानदार पारी के साथ मनीष पांडे और डेविड वार्नर जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। मनीष पांडे ने 2021 में 69* रन और डेविड वार्नर ने 2015 में 53 रन बनाए थे, लेकिन किशन ने 80 रन ठोककर सनराइजर्स के कप्तान के रूप में डेब्यू में सबसे बड़ी पारी खेलने का कारनामा कर दिखाया।

      लड़खड़ाती पारी को संभालें, क्लासन के साथ अहम साझेदारी
      जब टीम ने शुरुआती झटके के रूप में अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड के विकेट जल्दी गंवा दिए, तब किशन ने जिम्मेदारी संभाली। नंबर तीन पर उतरकर उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और हेनरिक क्लासेन के साथ मिलकर 97 धूप की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, जिसने टीम की पारी को स्थिरता दी।

      210 के स्ट्राइक रेट से खेली विस्फोटक पारी
      ईशान किशन ने अपनी 80 धूप की पारी में 8 चौके और 5 विकेट जड़े। उनका स्ट्राइक रेट 210 से भी ज्यादा रहा, जो बताता है कि उन्होंने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनके बल्लेबाजी के सामने आरसीबी का गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेबस नजर आया।

      आईपीएल में 3000 रन भी किए पूरे
      इस मैच में किशन ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। ​​उन्होंने आईपीएल में अपने 3000 रन भी पूरे कर लिए और गेंदबाजी के हिसाब से सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले छठे बल्लेबाज बन गए। इस दौरान उन्होंने केएल राहुल को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने यह मुकाम 2203 गेंद में हासिल किया था, जबकि किशन ने 2180 गेंद में ही यह आंकड़ा छू लिया।

      अन्य बल्लेबाज फ्लॉप रहे, अंत में अनिकेत का धमाल
      जहां एक तरफ किशन और क्लासन ने टीम को संभाला, वहीं बाकी बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। नीतीश कुमार रेड्डी सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, अंत में अनिकेत वर्मा ने 18 गेंदों में 43 रन ठोककर टीम को 200 के पार पहुंचा दिया।

      201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा
      ईशान किशन की कप्तानी पारी की बदकिस्मती सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हालांकि मुकाबले का नतीजा बाद में जो भी रहा हो, लेकिन किशन की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

  • उज्जैन के नागदा में बेखौफ चोर दोपहर में घर में घुसकर सिलेंडर ले उड़े पूरी घटना कैमरे में कैद

    उज्जैन के नागदा में बेखौफ चोर दोपहर में घर में घुसकर सिलेंडर ले उड़े पूरी घटना कैमरे में कैद

    नागदा । मध्यप्रदेश के नागदा क्षेत्र में इन दिनों गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और किल्लत के बीच अब चोरी की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं जिससे लोगों में चिंता का माहौल बन गया है। ताजा मामला उज्जैन जिले के नागदा स्थित राजीव कॉलोनी का है जहां दिनदहाड़े एक घर से गैस सिलेंडर चोरी कर लिया गया और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

    जानकारी के अनुसार घटना उस समय की है जब दोपहर में घर पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी हुई थी। सिलेंडर को कमरे में रख दिया गया था और परिवार के सदस्य उस वक्त मकान की पहली मंजिल पर मौजूद थे। इसी बीच मौके का फायदा उठाकर दो युवक घर में घुसे और बड़ी ही चालाकी से सिलेंडर उठाकर बाहर ले गए।

    सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक सिलेंडर को उठाकर बाहर लाता है जहां पहले से उसका एक साथी बाइक लेकर इंतजार कर रहा था। दोनों ने मिलकर सिलेंडर को बाइक पर रखा और कुछ ही सेकंड में वहां से फरार हो गए। यह पूरी वारदात इतनी तेजी से अंजाम दी गई कि आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी।

    करीब दो घंटे बाद जब परिवार के लोग नीचे आए तो उन्हें सिलेंडर गायब मिला। पहले तो उन्हें लगा कि शायद कहीं और रखा हो लेकिन काफी तलाश के बाद जब सिलेंडर नहीं मिला तो उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। फुटेज देखने के बाद चोरी की पूरी घटना सामने आई जिससे परिवार के लोग भी हैरान रह गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की जा रही है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और बाजार में मांग के चलते इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अपने घरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने यह साफ कर दिया है कि अब चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे किसी भी समय वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं।
    फिलहाल पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा लेकिन इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • गोल्फ की स्टार अदिति अशोक: ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन से जीता देश का दिल

    गोल्फ की स्टार अदिति अशोक: ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन से जीता देश का दिल


    नई दिल्ली भारत में जहां क्रिकेट की स्टडीज हमेशा बनी रहती हैं, वहीं गोल्फ जैसे खेलों को पहचानना आसान नहीं होता। लेकिन अदिति अशोक ने इस धारणा को बदलते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। कम उम्र में शुरू हुई उनकी यात्रा में आज भारत की सबसे सफल महिला गोल्फर शामिल हैं। खासकर टोक्यो ओलंपिक 2020 में उनका प्रदर्शन आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है.

    बचपन से ही दिखा था गोल्फ का जुनून
    29 मार्च 1998 को बेंगलुरु में जन्मे अजित अशोक ने बहुत कम उम्र में ही गोल्फ को अपना लक्ष्य बना लिया था। ऐसे खेलों को सूचीबद्ध करें, जो भारत में सबसे लोकप्रिय नहीं है, आप में बड़ा निर्णय था। लेकिन उनके माता-पिता ने उनके साथ हर कदम उठाया। 12 साल की उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और 13 साल की उम्र में पहला खिताब जीता, अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

    जूनियर से प्रोफेशनल तक का शानदार सफर
    एडिट ने 2012, 2013 और 2014 में कॉन्स्टेंटाइन थ्री बार नेशनल जूनियर चैंपियनशिप का इतिहास रचा। 2015 में लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रॉक प्ले चैंपियनशिप के बाद उन्होंने 2016 में प्रोफेशनल प्रोफेशनल्स की शुरुआत की। इसी साल उन्होंने वीमेंस इंडियन ओपन मेमोरियल लेडीज यूरोपियन टूर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद उन्होंने कतर लेडीज ओपन में भी जीत दर्ज कर अपनी पहचान और मजबूती की।

    अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लगातार डेमोक्रेटिक प्रदर्शन
    एडिथ अशोक ने लेडीज़ यूरोपियन टूर और रेस्टॉरेंट टूर में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। 2017 में उन्होंने चैलेंज वाली भारत की दूसरी खिलाड़ी बनीं और ‘रूकी ऑफ द ईयर’ रैंकिंग में भी शानदार स्थान हासिल किया। 2018 और 2019 में भी उन्होंने कई टूर्नामेंटों में लगातार कट हासिल करते हुए अपनी स्थिरता साबित की।

    टोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रचने से चूक गई, लेकिन दिल जीत गई
    टोक्यो ओलंपिक 2020 मेंआदित्य अशोक ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वह पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गया, लेकिन अंत में चौथे स्थान पर पहुंच गया। हालाँकि पदक नहीं मिला, लेकिन उनके प्रदर्शन ने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया और उन्हें नई पहचान दिलाई।

    भारत में गोल्फ को लक्जरी नई पहचान
    एडल्ट की यात्रा केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। वे भारत में गोल्फ जैसे खेल को नई पहचान देते हैं। आज कई युवा खिलाड़ी अपने आदर्श आदर्श इस खेल में रुचि पैदा करने की सोच रहे हैं। क्रिकेट के बीच गोल्फ को जगह देना उनकी सबसे बड़ी पेशकश में से एक है।

    निरंतर आगे तेज़ प्रेरणादायक कहानी
    अदिति अशोक आज भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश में हैं। उनकी यात्रा यह बताती है कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी खेल में दुनिया के मंच पर पहचान बना सकता है।