Author: bharati

  • केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तीन दिवसीय दौरे पर जबलपुर सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में रहेंगे व्यस्त

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तीन दिवसीय दौरे पर जबलपुर सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में रहेंगे व्यस्त


    जबलपुर से खबर है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज गुरुवार शाम से तीन दिवसीय दौरे पर जबलपुर में हैं। उनका यह दौरा राजनीतिक सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा है। शाम करीब 5 बजे नड्डा विशेष विमान से डुमना एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे।

    हवाई अड्डे से केंद्रीय मंत्री सीधे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के सिविल लाइन स्थित निवास पहुंचेंगे। इसके बाद वे सांसद आशीष दुबे के राइट टाउन स्थित कार्यालय में मुलाकात और चर्चा के लिए जाएंगे। रात्रि में उनका शहर के वरिष्ठ भाजपा नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों से संवाद प्रस्तावित है। इस दौरान स्थानीय मुद्दों संगठनात्मक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर अनौपचारिक चर्चा होने की संभावना है।

    शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नड्डा सुबह शहर के करमचंद चौक स्थित सिटी बंगाली क्लब पहुंचेंगे। यहां वे सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस आयोजन में साहित्य, शिक्षा और सामाजिक योगदान से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिक, शिक्षाविद और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।दोपहर में नड्डा जबलपुर से कटनी के लिए रवाना होंगे। कटनी में वे पार्टी और प्रशासन से जुड़े कुछ स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बताया गया है कि वहां संगठनात्मक बैठक और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद का एजेंडा है। शाम तक वे पुनः जबलपुर लौटेंगे।

    शुक्रवार शाम नड्डा ग्वारीघाट में मां नर्मदा की महाआरती में शामिल होंगे। यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संत समाज की मौजूदगी में होने वाली इस आरती में वे प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर इस कार्यक्रम की तैयारियां पहले से पूरी की जा रही हैं।तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन शनिवार को केंद्रीय मंत्री का जबलपुर में सीमित कार्यक्रम रहेगा। दोपहर लगभग 1 बजे वे डुमना एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दौरे को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए भाजपा संगठन और जिला प्रशासन ने समन्वय स्थापित किया है।

    राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से यह दौरा अहम माना जा रहा है। नड्डा का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य और केंद्र स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हैं। स्थानीय नेतृत्व के साथ बैठकें और सामाजिक आयोजनों में सहभागिता भाजपा की जनसंपर्क रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। इस दौरे से संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को बल मिलने की उम्मीद है।

  • बलात्कार पीड़िता को हाईकोर्ट से बड़ी राहत ग्वालियर खंडपीठ ने IG को दिए सुरक्षा निर्देश

    बलात्कार पीड़िता को हाईकोर्ट से बड़ी राहत ग्वालियर खंडपीठ ने IG को दिए सुरक्षा निर्देश


    ग्वालियर हाईकोर्ट खंडपीठ ने एक बलात्कार पीड़िता को राहत देते हुए उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने ग्वालियर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को आदेश दिया है कि ट्रायल समाप्त होने तक पीड़िता सहित सभी गवाहों को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराई जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है।

    यह आदेश न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फडके ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं और पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरती। पीड़िता ने हाईकोर्ट का रुख कर सुरक्षा की मांग की थी ताकि वह बिना भय के न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सके।याचिकाकर्ता के अनुसार वह एक गंभीर आपराधिक मामले में पीड़िता है और आरोपी पक्ष की ओर से लगातार दबाव और धमकियां मिल रही हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी हालात नहीं बदले और पीड़िता व उसके परिवार में भय का माहौल बना रहा। ऐसे में हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त आदेश दिए कि गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित होना न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिए अनिवार्य है।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर गवाह सुरक्षित नहीं होंगे तो ट्रायल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। किसी भी आपराधिक मुकदमे में निष्पक्ष सुनवाई तभी संभव है जब पीड़ित और गवाह बिना भय दबाव या प्रलोभन के बयान दे सकें। हाईकोर्ट ने IG को निर्देश दिए कि वे स्वयं या किसी सक्षम वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें।

    हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में पीड़िता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सुरक्षा में कोई चूक हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। आवश्यक होने पर अतिरिक्त सुरक्षात्मक कदम उठाने का भी आदेश दिया गया है।इसके पहले भी हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए थे लेकिन याचिकाकर्ता ने बताया कि जमीनी स्तर पर उन आदेशों का प्रभावी पालन नहीं हुआ था। लगातार मिल रही धमकियों के कारण पीड़िता और उसके परिवार में डर का माहौल बना हुआ था जिससे ट्रायल प्रभावित होने का खतरा था।

    अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन पर यह जिम्मेदारी है कि पीड़िता, उसके परिवार और सभी गवाहों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। ट्रायल सत्र न्यायालय में जारी है और हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन की रिपोर्ट नियमित रूप से दी जाएगी।यह फैसला न केवल पीड़िता के लिए राहत लेकर आया है बल्कि यह संदेश भी देता है कि न्याय प्रक्रिया में किसी भी स्थिति में डर और दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का कर्तव्य है।

  • हिंदुत्व मामले पर कांग्रेस का उपवास पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बीजेपी पर हमला रोशनपुरा में शंकराचार्य की पूजा करेंगे

    हिंदुत्व मामले पर कांग्रेस का उपवास पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का बीजेपी पर हमला रोशनपुरा में शंकराचार्य की पूजा करेंगे

    भोपाल से शिखिल ब्यौहार की रिपोर्ट मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के रोशनपुरा उपवास और शंकराचार्य पूजा कार्यक्रम का ऐलान किया उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को कांग्रेस एक दिन उपवास रखेगी और शंकराचार्य की पूजा करेगी इस अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता साधु संत सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी मौजूद रहेंगे पीसी शर्मा ने कहा कि अंग्रेजों ने कभी यह नहीं पूछा कि शंकराचार्य कौन हैं लेकिन बीजेपी की सरकार ने ऐसा अपमान किया शिष्यों के साथ मारपीट की गई और हिंदुओं की भावनाओं का ठेस पहुंचाई गई उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट को भी तहस नहस किया गया और मोक्ष की जगह को भी उजाड़ दिया गया उन्होंने कहा कि भोपाल में गौ माता का अपमान हुआ और गौमाता काटी जा रही है

    पूर्व मंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार रावणी तत्वों की तरह कार्य कर रही है और यह लोग कभी राम के पदचिन्हों पर नहीं चल सकते उन्होंने अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होने पर कहा कि मुझे वहां जाना पड़ा और सरकार को सद्बुद्धि की जरूरत है उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार व्याप्त है सड़क धसने के मामलों में ठेकेदारों पर कार्रवाई होती है लेकिन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और सीएम हेल्पलाइन भी पूरी तरह असहाय हो गई है उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में हर जगह भ्रष्टाचार और मनमानी फैली हुई है

    पीसी शर्मा ने SIR में कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल की कार्रवाई का जिक्र किया उन्होंने कहा कि 7 नंबर फॉर्म हटा रहे हैं और बीजेपी कार्यालय से फर्म के जरिए अल्पसंख्यकों को जबरन फॉर्म दिए जा रहे हैं आदिवासी के नाम काटे जा रहे हैं उन्होंने आरोप लगाया कि पहले फर्जीवाड़े से चुनाव जीते गए अब नाम जबरन काटने का काम किया जा रहा है कांग्रेस इस मामले में कड़ा एक्शन लेगीइसके अलावा उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ जारी जमानती वारंट का भी जिक्र किया और कहा कि पुलिस को उनका पता नहीं मिल रहा है उन्होंने यह संकेत दिया कि बीजेपी की सरकार राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए सभी तरह के हथकंडे अपना रही है पीसी शर्मा ने कहा कि हार जीत राजनीति में होती है लेकिन हिंदुओं की भावनाओं का अपमान किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है

    पूर्व मंत्री ने प्रेस वार्ता में प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही की ओर भी ध्यान आकर्षित किया उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढांचा और कानून व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है और आम जनता को सरकारी मदद नहीं मिल रहीकांग्रेस के उपवास और शंकराचार्य पूजा कार्यक्रम को लेकर शहर भर में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है और नेताओं और साधु संतों के शामिल होने से इसे और अधिक जोर मिलने की संभावना है

  • डेटिंग की खबरों के बाद, युजवेंद्र चहल और RJ महवश ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया, इंटरनेट पर लोग सोच रहे हैं कि क्या हुआ

    डेटिंग की खबरों के बाद, युजवेंद्र चहल और RJ महवश ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किया, इंटरनेट पर लोग सोच रहे हैं कि क्या हुआ

    नई दिल्ली। क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और RJ महवश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। बुधवार को देखा गया कि दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है। इस कदम के बाद उनके रिश्ते की स्थिति को लेकर नई अटकलें तेज हो गई हैं।

    इंस्टाग्राम पर अनफॉलो ने बढ़ाई चर्चा

    सोशल मीडिया यूजर्स और फैन पेजेस ने तुरंत इस बदलाव को नोट किया। कई स्क्रीनशॉट्स में दिखा कि दोनों अब एक-दूसरे की फॉलोइंग लिस्ट में नहीं हैं। Reddit और इंस्टाग्राम पर लोग सवाल उठा रहे हैं, “क्या यह सिर्फ दोस्ती थी या अब रिश्ते में कुछ बदलाव आया है?” कुछ लोगों ने इसे “इंस्टाग्राम ड्रामा” करार दिया और लिखा कि दोस्ती अब खत्म हो गई लगती है।

    डेटिंग और अफवाहों का इतिहास

    चहल और महवश महीनों से डेटिंग अफवाहों के केंद्र में रहे हैं। चहल के धनश्री वर्मा से ब्रेकअप के बाद से ही उनके और महवश के बीच संबंधों को लेकर चर्चा रही। महवश को IPL मैचों में चहल का चीयर करते और उनके साथ बाहर घूमते देखा गया। हालांकि, दोनों ने बार-बार स्पष्ट किया कि वे रोमांटिक रिलेशनशिप में नहीं हैं।

    चहल का बयान

    पिछले साल राज शमानी के पॉडकास्ट में चहल ने इन अफवाहों पर बात करते हुए कहा था कि महवश या किसी और के साथ उनका कोई रोमांटिक संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “पहली बार जब मुझे किसी के साथ देखा गया, लोगों ने तुरंत हमें जोड़ना शुरू कर दिया। हालांकि उसने यह साफ कर दिया था, लेकिन उसके लिए यह बहुत मुश्किल था। लोगों ने बहुत बुरी बातें कही, हमें साथ में बाहर जाना भी मुश्किल हो गया।”

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ

    फैंस और नेटिज़न्स इस कदम पर अपनी राय दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “क्या वे सिर्फ दोस्त थे… या यह रिश्ता सच में खत्म हो गया है?” जबकि दूसरे ने चहल की चंचल प्रकृति और पिछले रिलेशनशिप के अनुभव को देखते हुए इसे सहज रूप में लिया।

    युजवेंद्र चहल और RJ महवश ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया, जिससे डेटिंग और दोस्ती को लेकर सोशल मीडिया में अटकलें तेज हो गई हैं

  • ग्वालियर में हैवानियत: छात्रा को सरेराह डंडे से मारकर किया बेहोश, फिर कमरे में ले जाकर किया दुष्कर्म

    ग्वालियर में हैवानियत: छात्रा को सरेराह डंडे से मारकर किया बेहोश, फिर कमरे में ले जाकर किया दुष्कर्म

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जिसने शहर की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके के पास एक 20 वर्षीय छात्रा के साथ न केवल दिनदहाड़े मारपीट की गई बल्कि उसे बेहोश कर एक मकान में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की गई। यह पूरी घटना उस समय हुई जब छात्रा अपनी स्टेनोग्राफी की कोचिंग खत्म कर स्कूटी से घर लौट रही थी।

    पीड़िता के अनुसार जब वह विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी दतिया निवासी हर्ष ठाकुर ने अपने एक साथी के साथ मिलकर उसकी स्कूटी में जानबूझकर जोरदार टक्कर मार दी। जब छात्रा ने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी हर्ष ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसके सिर पर डंडे से हमला कर दिया। हमले की वजह से छात्रा मौके पर ही अचेत हो गई। इसके बाद आरोपी उसे उठाकर पास ही के एक सुनसान मकान में ले गए जहाँ हर्ष ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब छात्रा को होश आया और उसने विरोध करने की कोशिश की तो आरोपियों ने दोबारा उसके साथ मारपीट की और उसके सिर पर कांच की बोतल दे मारी जिससे वह फिर से लहूलुहान होकर बेहोश हो गई।

    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्रा को वापस उसकी स्कूटी के पास अधमरी हालत में छोड़कर फरार हो गए। कुछ समय बाद जब छात्रा को होश आया तो वह किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। बदहवास हालत में परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे जहाँ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया।

    इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि आरोपी हर्ष और पीड़िता पहले से परिचित थे। एडिशनल एसपी विदिता डागर ने बताया कि साल 2023 में भी छात्रा ने हर्ष के खिलाफ छेड़छाड़ और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था जिसका मुकदमा फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। संभवतः इसी पुरानी रंजिश और कोर्ट केस का बदला लेने के लिए आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हर्ष ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसके साथी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने ग्वालियर में सनसनी फैला दी है और लोग दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

  • स्वस्थ भोजन और फिर भी मोटापा: इन आदतों को बदलकर रखें फिट और तंदुरुस्त

    स्वस्थ भोजन और फिर भी मोटापा: इन आदतों को बदलकर रखें फिट और तंदुरुस्त

    नई दिल्ली। आज के दौर में युवाएं फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल की तरफ तेजी से बढ़ रही हैं। सोशल मीडिया से लेकर घरों की रसोई तक, हर जगह हेल्दी खाने और व्यायाम की चर्चा होने लगी है। लेकिन इसके बावजूद कई महिलाएं हेल्दी डायट लेने के बावजूद वजन घटने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ता देख रही हैं।

    मेटाबॉलिज्म और पाचन शक्ति का महत्व

    आयुर्वेद के अनुसार शरीर केवल भोजन से नहीं बल्कि ‘अग्नि’ यानी पाचन शक्ति से चलता है। विज्ञान इसे मेटाबॉलिज्म कहता है। अगर यह सिस्टम धीमा या गड़बड़ हो जाए, तो सबसे पौष्टिक खाना भी शरीर में जाकर फैट का रूप ले सकता है। यही कारण है कि हेल्दी खाना और वजन घटाना हमेशा साथ नहीं चलते।

    हेल्दी फूड्स की मात्रा का असर

    एक आम गलतफहमी यह है कि हेल्दी चीजें जितनी चाहें उतनी खाई जा सकती हैं। ड्राई फ्रूट्स, घी, शहद, मूंगफली का मक्खन या एवोकाडो जैसी चीजें पौष्टिक होते हुए भी भारी होती हैं और शरीर को इन्हें पचाने में ज्यादा समय लगता है। कैलोरी की अधिकता होने पर शरीर अतिरिक्त ऊर्जा फैट के रूप में जमा कर देता है।

    छिपी चीनी और प्रोसेस्ड हेल्दी फूड

    आज बाजार में मिलने वाले कई ‘हेल्दी’ प्रोडक्ट भी वजन बढ़ाने में योगदान करते हैं। लो-फैट दही, मल्टीग्रेन बिस्कुट और एनर्जी बार में छिपी शुगर इंसुलिन बढ़ाती है, जिससे शरीर फैट स्टोर करने लगता है। आयुर्वेद में अत्यधिक मीठा कफ दोष बढ़ाने वाला माना गया है।

    हार्मोन और शारीरिक असंतुलन

    कई बार वजन बढ़ने की वजह खाना नहीं बल्कि हार्मोन असंतुलन होता है। थायरॉइड, पीसीओएस या लंबे समय तक तनाव में रहने से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है। आयुर्वेद में इसे दोषों का असंतुलन कहा गया है, खासकर कफ दोष का बढ़ना। ऐसे में शरीर ऊर्जा जलाने के बजाय जमा करने लगता है।

    नींद, मानसिक स्थिति और मांसपेशियों का योगदान

    अधूरी नींद पाचन शक्ति को कमजोर करती है। विज्ञान के अनुसार, कम सोने से भूख बढ़ाने वाला हार्मोन ‘घ्रेलिन’ बढ़ता और पेट भरने वाला हार्मोन ‘लेप्टिन’ घट जाता है। साथ ही उम्र बढ़ने या शारीरिक गतिविधि कम होने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है क्योंकि मांसपेशियों की कमी से कैलोरी बर्न कम होती है।

    हेल्दी खाने के बावजूद वजन बढ़ना मेटाबॉलिज्म, हार्मोन असंतुलन, नींद और शारीरिक सक्रियता पर निर्भर करता है, इसलिए सिर्फ डायट से परिणाम नहीं मिलते।

  • कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल ने बिना स्पीच पढ़े किया बहिर्गमन, सरकार-राज्यपाल के बीच टकराव तेज

    कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल ने बिना स्पीच पढ़े किया बहिर्गमन, सरकार-राज्यपाल के बीच टकराव तेज



    नई दिल्ली। 22 जनवरी 2026 कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने स्पीच पढ़ना शुरू किया, लेकिन 2-4 लाइन के बाद कागज रख दिया और सदन से बाहर निकल गए। इस घटना से राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच अनबन का विवाद कर्नाटक तक पहुंच गया है।

    संसद में स्पीकर यूटी खादर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, मंत्री एचके पाटिल, प्रियांक खरगे, सलीम अहमद और बसवराज होरट्टी सहित कई नेता राज्यपाल का इंतजार कर रहे थे।

    लेकिन गहलोत ने भाषण पूरा नहीं पढ़ा और सदन छोड़ दिया। बीके हरिप्रसाद ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे वापस नहीं आए।

    क्या है वजह?
    राज्यपाल और सरकार के बीच संवैधानिक परंपरा और भाषण के कंटेंट को लेकर विवाद चल रहा है। गहलोत का कहना है कि सरकार के तैयार किए गए भाषण के 11 पैराग्राफ में बदलाव जरूरी हैं। इनमें केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना वाले हिस्से शामिल हैं। गहलोत ने इन हिस्सों को पूरी तरह हटाने की मांग की, जबकि सरकार केवल भाषा में सीमित बदलाव करने को तैयार थी।

    सरकार ने भी की थी कोशिश
    कर्नाटक के लॉ और संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने राज्यपाल से मुलाकात की और कहा कि संविधान के अनुच्छेद 176(1) के तहत राज्यपाल का संयुक्त सत्र को संबोधित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अगर भाषण में आपत्तिजनक भाषा है तो सरकार संशोधन कर सकती है, लेकिन पूरा पैराग्राफ हटाना स्वीकार्य नहीं।

    ये मामला और बड़ा हो सकता है
    कर्नाटक की घटना के पहले तमिलनाडु में भी 20 जनवरी को राज्यपाल आरएन रवि विधानसभा सत्र बीच में छोड़कर बाहर चले गए थे। दोनों राज्यों में राज्यपाल-सरकार की टकराहट राजनीतिक और संवैधानिक बहस को तेज कर रही है।

  • धार्मिक बदलाव: गायत्री परिवार ने महिलाओं को दिया मंत्र का अधिकार, अमित शाह ने सराहा

    धार्मिक बदलाव: गायत्री परिवार ने महिलाओं को दिया मंत्र का अधिकार, अमित शाह ने सराहा

    नई दिल्ली। उत्तराखंड के हरिद्वार में गुरुवार को ‘अखिल विश्व गायत्री परिवार’ द्वारा माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी और अखंड दीप शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘शताब्दी वर्ष समारोह 2026’ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और उपस्थित जनों को दिव्य ऊर्जा का अनुभव कराया।

    अमित शाह ने दी आध्यात्मिक संदेश

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पंडित श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी ने अपने जीवनकाल में कई युगों का काम किया। उनके आंदोलन के तहत 15 करोड़ से अधिक अनुयायी आध्यात्मिकता के मार्ग पर चल रहे हैं। आज अखंड ज्योति की शताब्दी मनाई जा रही है, और इन लाखों लोगों की जिम्मेदारी है कि वे नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अगले सौ सालों तक इसे आगे बढ़ाएं।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और इतिहास को जानते हैं, वे विश्वास करते हैं कि विश्व की समस्याओं का समाधान भारतीय परंपरा में ही निहित है।

    हरिद्वार: आस्था और संस्कृति का संगम

    अमित शाह ने हरिद्वार को आध्यात्म और संस्कृति का संगम बताते हुए कहा कि यह भूमि हजारों वर्षों से तपस्या, साधना और कुंभ की महिमा से ओत-प्रोत है। उन्होंने पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा गायत्री ऊर्जा को जागृत करने के कार्य को सराहा और कहा कि इसने व्यक्ति-निर्माण के मार्ग को नया जीवन दिया।

    गायत्री मंत्र और सामाजिक बदलाव

    गृह मंत्री ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा ने कठोर परंपराओं को तोड़ते हुए महिलाओं और समाज के हर वर्ग को गायत्री मंत्र के माध्यम से आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर किया। उन्होंने बताया कि इससे जाति, समुदाय या लिंग की परवाह किए बिना हर व्यक्ति के लिए आध्यात्मिक लाभ संभव हुआ।

    पतंजलि योगपीठ अस्पताल का उद्घाटन

    कार्यक्रम के दौरान अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग गुरु रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी आचार्य बालकृष्ण की उपस्थिति में महर्षि दयानंद ग्राम, हरिद्वार में पतंजलि आपातकालीन और क्रिटिकल केयर अस्पताल का उद्घाटन भी किया गया।

    हरिद्वार में शताब्दी वर्ष समारोह में अमित शाह ने अखंड ज्योति और गायत्री मंत्र के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश देते हुए महिलाओं और समाज के लिए नए आध्यात्मिक मार्ग की अहमियत बताई।

  • Stock Market Update: बाजार शानदार लिवल पर खुला, सेंसेक्स में रिकॉर्ड 500 से अधिक अंकों की बढ़त

    Stock Market Update: बाजार शानदार लिवल पर खुला, सेंसेक्स में रिकॉर्ड 500 से अधिक अंकों की बढ़त


    नई दिल्ली। ग्रीनलैंड से जुड़े ट्रेड वॉर की चिंताओं में कमी आने के साथ भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए शानदार वापसी की। बीएसई सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 82,459.66 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 25,344.15 पर ट्रेडिंग शुरू हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 523 अंक ऊपर 82,432.69 पर और निफ्टी 152.55 अंक बढ़कर 25,310.05 पर था।

    व्यापक बाजार में तेजी, मिड और स्मॉलकैप भी हरे निशान में

    व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में रहे, जिसमें निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो और बैंक इंडेक्स 1 प्रतिशत और निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.9 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।

    कौन से शेयर चमके?

    सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 में बढ़त रही। टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, बीईएल, एसबीआई, कोटक बैंक, सन फार्मा, ट्रेंट, एम एंड एम, बजाज फिनसर्व, इंडिगो और आईटीसी सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल थे। केवल आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में गिरावट दर्ज हुई।

    अमेरिका-यूरोप तनाव में कमी, ट्रेड वॉर का खतरा टला

    जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर बलपूर्वक कब्जे की धमकी से पीछे हटते हुए समझौते का फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसके साथ ही अमेरिका ने यूरोप पर टैरिफ लगाने से फिलहाल परहेज किया, जिससे अमेरिकी-यूरोपीय ट्रेड वॉर का खतरा टल गया। इन सकारात्मक संकेतों ने बाजार में रिलीफ रैली को जन्म दिया।

    शॉर्ट-कवरिंग और अगले दौर की तेजी की संभावना

    डॉ. विजयकुमार ने बताया कि बाजार में करीब 2 लाख शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स बने हुए हैं, जो शॉर्ट-कवरिंग के लिए अनुकूल स्थिति बनाते हैं। इसका मतलब है कि बाजार में आगे और तेजी की संभावना है। हालांकि, कंपनियों की तीसरी तिमाही के मुनाफे पर नए लेबर कोड से जुड़ी अतिरिक्त प्रावधानों का असर देखा गया है, लेकिन इसे बाजार एक बार के खर्च के रूप में ही देख रहा है।

    ट्रेड वॉर की चिंताओं में कमी और शॉर्ट-कवरिंग के चलते गुरुवार को सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला, व्यापक बाजार और प्रमुख सेक्टरों में भी तेजी दर्ज की गई।

  • मत्स्य पालन में भारत की बड़ी छलांग: जलीय कृषि क्षेत्र में वैश्विक पहचान, केंद्रीय मंत्री का दावा

    मत्स्य पालन में भारत की बड़ी छलांग: जलीय कृषि क्षेत्र में वैश्विक पहचान, केंद्रीय मंत्री का दावा

    नई दिल्ली। भारत ने मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र में बड़ी वैश्विक पहचान बना ली है। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी एवं पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा है कि मजबूत सरकारी नीतियों, आधुनिक प्रोसेसिंग क्षमता और बेहतर लॉजिस्टिक व्यवस्था के चलते भारत अब दुनिया के प्रमुख मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर देशों में शामिल हो चुका है। बीते 10 वर्षों में भारत के सीफूड निर्यात का मूल्य दोगुना हो गया है, जो इस क्षेत्र में देश की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

    नई नीतियों से पारदर्शिता और टिकाऊ विकास पर जोर

    मंत्री ललन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय ट्रेसबिलिटी फ्रेमवर्क-2025, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) नियम-2025 और अपडेटेड हाई सी फिशिंग गाइडलाइंस-2025 के जरिए नियमों के अनुपालन और पारदर्शिता को और मजबूत किया जा रहा है। इन नीतियों का मकसद टिकाऊ, जिम्मेदार और निर्यात आधारित विकास को बढ़ावा देना है। खासतौर पर अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे द्वीप क्षेत्रों में मत्स्य संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    आधुनिक तकनीक और निजी भागीदारी के बड़े अवसर

    ललन सिंह ने कहा कि भारत में आधुनिक एक्वाकल्चर और मैरीकल्चर तकनीक, प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, मछली पकड़ने वाले जहाजों की आधुनिक डिजाइन, डिजिटल निगरानी प्रणाली और संयुक्त अनुसंधान के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता विकसित करने, टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन और तकनीक हस्तांतरण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बड़ी भूमिका हो सकती है। निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी सरकार लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

    40 देशों के राजनयिकों की मौजूदगी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा

    मंत्री यह बातें एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कह रहे थे, जिसमें 40 देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस सम्मेलन में भारत और अन्य देशों के बीच मत्स्य पालन और सीफूड सेक्टर में बढ़ती साझेदारी को रेखांकित किया गया।
    सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन और महासागरों का स्वास्थ्य, टिकाऊ विकास, जिम्मेदार मत्स्य पालन, हरित नवाचार, क्षमता निर्माण और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने जैसे मुद्दों को सहयोग के प्रमुख स्तंभ बताया गया। इसके साथ ही सजावटी मछली पालन और समुद्री शैवाल की खेती जैसे नए क्षेत्रों में भी साझेदारी की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

    सीफूड से पोषण, रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती

    केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि सीफूड पोषण का अहम स्रोत है और वैश्विक खाद्य सुरक्षा में इसकी बड़ी भूमिका है। यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करता है और देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन विभाग उत्पादन से लेकर निर्यात तक पूरी वैल्यू-चेन आधारित रणनीति पर काम कर रहा है।

    निर्यात को 1 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य

    केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि भारत में एक्वाकल्चर का तेजी से विस्तार हो रहा है और उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। विभाग का लक्ष्य सीफूड निर्यात को 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का है। उन्होंने बताया कि पिछले सात महीनों में निर्यात मूल्य में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र की मजबूत प्रगति का संकेत है।

    मजबूत नीतियों और आधुनिक तकनीक के सहारे भारत वैश्विक सीफूड हब बनता जा रहा है, जहां पिछले 10 वर्षों में निर्यात दोगुना हुआ और सरकार का लक्ष्य इसे 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का है।