Author: bharati

  • इमैनुएल बोले, अमेरिका ने कोई ऐसा कदम उठाया तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे

    इमैनुएल बोले, अमेरिका ने कोई ऐसा कदम उठाया तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे


    वॉशिगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी देकर उस यूरोप को अपने खिलाफ एकजुट कर लिया है, जिसे अमेरिका का सहयोगी माना जाता है। यूरोपीय देशों के नेताओं ने खुलकर डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करना शुरू कर दिया है। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त इंपोर्ट टैक्स लगाने की धमकी दी है तो वहीं फ्रांस ने भी जवाबी ऐक्शन की धमकी दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि यदि अमेरिका ने ऐसा कोई कदम उठाया तो फिर हम भी ऐसी ही जवाबी कार्रवाई देंगे। इसके अलावा ट्रंप की आलोचना यूरोपीय नेता यह कहते हुए भी कर रहे हैं कि उन्होंने इंटरनेशनल कानूनों को प्रभावित किया है।
    इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि आज दुनिया में दबंग राजनीति की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज ऐसी स्थिति हो गई है कि विवाद सामान्य हो चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘आज वैश्विक नीति इस स्थिति में चली गई है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों को पैरों तले रौंदा जा रहा है। ऐसा लगता है कि उसी की चल रही है, जो सबसे मजबूत है। बिना सामूहिक सहयोग के ऐसी स्थिति हो जाएगी, जिसमें अप्रत्याशित प्रतिस्पार्धा होगी।’ उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि यूरोप को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि अंतहीन टैरिफ लादे जा रहे हैं, जिन्हें किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
    मैक्रों ने ट्रंप से लेकर व्लादिमीर पुतिन तक की लगाई क्लास

    यही नहीं मैक्रों ने ट्रंप के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह भी साम्राज्यवादी विस्तार चाहते हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि 2024 में ही लगभग 60 जंग दुनिया भर में हुईं। इनमें से कुछ ही जंगें खत्म हो सकी हैं।

    उन्होंने कहा कि यूरोप किसी के आगे झुकेगा नहीं। यदि कोई हमारे खिलाफ टैरिफ लगाता है तो फिर हम भी जवाबी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि खेल के नियमों का पालन दूसरी तरफ से नहीं हो रहा है तो फिर हम ही ऐसा क्यों करें। हम भी सख्त कदम उठाने से हिचकेंगे नहीं।
    ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए ट्रंप ने क्या दी है दलील

    डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क के अर्धस्वायत्त इलाके ग्रीनलैंड को अमेरिकी कब्जे में लेने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि अमेरिका इस इलाके पर कंट्रोल नहीं करता है तो फिर रूस और चीन ऐसा कर सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। ग्रीनलैंड के पीएम जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने इसका जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल कानून कोई खेल नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप जैसा कर रहे हैं, वह दुनिया के सारे नियमों को तोड़ने वाला है। यदि ऐसा ही जारी रहा तो दुनिया में अलायंस टूट जाएंगे और यह बेहद खराब स्थिति होगी।

  • सोशल मीडिया पर लिया वजन घटाने का उपाय, खाते ही तड़प-तड़प कर हो गई छात्रा की मौत

    सोशल मीडिया पर लिया वजन घटाने का उपाय, खाते ही तड़प-तड़प कर हो गई छात्रा की मौत


    मदुरै । लोग इंटरनेट या सोशल मीडिया पर अक्सर वजन घटाने के लिए उपायों की तलाश करते रहते हैं। हाल ही में यह एक छात्रा की दर्दनाक मौत का कारण बन गया। जानकारी के मुताबिक वजन घटाने के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो में बताए गए तरीके के अनुसार ‘वेंकारम’ यानी बोरेक्स का सेवन करने के बाद स्नातक की प्रथम वर्ष की एक कॉलेज छात्रा की मौत हो गई है।

    पुलिस ने मंगलवार बताया कि 19 वर्षीय कलैयारसी दिहाड़ी मजदूर वेल मुरुगन (51) और विजयलक्ष्मी की पुत्री थी और नरिमेडु स्थित एक निजी महिला कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। वह सेलूर के मीनाम्बलपुरम इलाके की कामराज क्रॉस स्ट्रीट में रहती थी।

    पुलिस ने बताया कि वजन कुछ ज्यादा होने के कारण कलैयारसी अक्सर वजन घटाने से जुड़े उपाय तलाशती रहती थी।

    पिछले सप्ताह उसने ‘वजन घटाने और छरहरी काया के लिए वेंकारम’ शीर्षक वाला एक यूट्यूब वीडियो देखा था और 16 जनवरी को कीझामासी स्ट्रीट के थर्मुट्टी इलाके के पास स्थित दवा की एक दुकान से यह पदार्थ खरीदा।

    पुलिस ने बताया कि कलैयारसी ने 17 जनवरी को वीडियो में बताए गए तरीके से इसका सेवन किया, जिसके बाद उसे उल्टी और दस्त होने लगे। उसकी मां उसे मुनिसलाई स्थित एक निजी अस्पताल ले गई, जहां उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। हालांकि उसी शाम लक्षण दोबारा उभरे और पास के एक अन्य अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटने पर उसने तेज पेट दर्द और मल में खून आने की शिकायत की।

    पुलिस के अनुसार रात करीब 11 बजे उल्टी और दस्त की स्थिति गंभीर हो गई जिसके बाद पड़ोसियों की मदद से उसे सरकारी राजाजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। सेलूर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

  • Gold & Silver Update: सोने-चांदी की कीमतों में मंदी, 22 जनवरी को सोने का रेट हुआ कम

    Gold & Silver Update: सोने-चांदी की कीमतों में मंदी, 22 जनवरी को सोने का रेट हुआ कम

    नई दिल्ली। Gold Price Today: घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने की कीमतों में गुरुवार, 22 जनवरी को जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 फरवरी, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा गुरुवार को 1,51,557 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,52,862 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.

    22 जनवरी की सुबह 10:00 बजे, एमसीएक्स पर 5 फरवरी का एक्सपायरी वाला गोल्ड 1,50,170 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 2700 रुपये की गिरावट दिखाता है. एमसीएक्स गोल्ड शुरुआती कारोबार में 1,53,784 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था.
    एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 3,05,753 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 12800 रुपये की कमी दिखाता है. एमसीएक्स सिल्वर शुरुआती कारोबार में 3,25,602 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं कि आज आपके शहर में सोने और चांदी का ताजा भाव…..

    आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

    दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,460 रुपए
    22 कैरेट – 1,41,600 रुपए
    18 कैरेट – 1,15,880 रुपए

    मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,310 रुपए
    22 कैरेट – 1,41,450 रुपए
    18 कैरेट – 1,15,730 रुपए

    चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,910 रुपए
    22 कैरेट – 1,42,000 रुपए
    18 कैरेट – 1,18,500 रुपए

    कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,310 रुपए
    22 कैरेट – 1,41,450 रुपए
    18 कैरेट – 1,15,730 रुपए

    अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,360 रुपए
    22 कैरेट – 1,41,500 रुपए
    18 कैरेट – 1,15,780 रुपए

  • अमेरिकी नीति में बदलाव: ट्रंप ने ग्रीनलैंड टैरिफ रोका, बातचीत से हल निकालने के संकेत

    अमेरिकी नीति में बदलाव: ट्रंप ने ग्रीनलैंड टैरिफ रोका, बातचीत से हल निकालने के संकेत

    नई दिल्ली। ट्रंप ने ग्रीनलैंड टैरिफ टाला, ताकत की बजाय बातचीत का रास्ता अपनाया
    दावोस। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को यूरोपीय सहयोगी देशों पर लगाए जाने वाले प्रस्तावित टैरिफ को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की। ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड और व्यापक आर्कटिक क्षेत्र से जुड़े नाटो समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमति बन गई है, जिससे 1 फरवरी से लागू होने वाले शुल्क अब लागू नहीं होंगे।

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि नाटो महासचिव मार्क रुट्टे के साथ उनकी बैठक बेहद सकारात्मक रही और इसमें ग्रीनलैंड से जुड़े भविष्य के समझौते का आधार तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि यह समाधान अगर अंतिम रूप लेता है, तो अमेरिका और सभी नाटो देशों के लिए लाभकारी होगा।

    राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ इस बातचीत का नेतृत्व करेंगे और सीधे उन्हें रिपोर्ट करेंगे। हालांकि, ग्रीनलैंड से संबंधित फ्रेमवर्क के मुख्य बिंदुओं को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

    इससे पहले ट्रंप ने डावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पहली बार यह स्पष्ट किया कि वे ग्रीनलैंड पर सैन्य ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे और समाधान के लिए डेनमार्क से बातचीत को प्राथमिकता देंगे। ट्रंप ने कहा, “अगर मैं अत्यधिक शक्ति का इस्तेमाल करूं तो कोई रोक नहीं सकता, लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा।”

    बीते दिनों ट्रंप ने उन यूरोपीय देशों को टैरिफ की चेतावनी दी थी, जो ग्रीनलैंड को लेकर उनके रुख का विरोध कर रहे थे। अब इन देशों के खिलाफ प्रस्तावित शुल्क फिलहाल हटाए जा चुके हैं। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की यह नई रणनीति और नाटो में बनती सहमति आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बनी रहेगी।

  • The Raja Saab Collection: प्रभास की फिल्म नहीं चला जादू, जानें अब तक का बॉक्स ऑफिस आंकड़ा

    The Raja Saab Collection: प्रभास की फिल्म नहीं चला जादू, जानें अब तक का बॉक्स ऑफिस आंकड़ा

    नई दिल्ली। प्रभास की फिल्म द राजा साब ने शुरू के कुछ दिन जिस कदर कमाई की, सबको लगा कि मूवी अपने नाम कई रिकॉर्ड बनाएगी, लेकिन अब फिल्म की कमाई में तेजी से गिरावट आ रही है। बुधवार की कमाई में मंगलवार से तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन फिर भी मूवी ने 1 करोड़ भी नहीं कमाए पूरे।
    बुधवार को द राजा साब ने सिर्फ 0.58 करोड़ कमाए हैं। फिल्म ने अब तक टोटल 142.08 करोड़ की कमाई कर ली है।

    द राजा साब कलेक्शन

    पहला हफ्ता 130.25 करोड़
    दूसरा शुक्रवार 3.5 करोड़
    दूसरा शनिवार 3 करोड़
    दूसरा रविवार 2.6 करोड़
    दूसरा सोमवार 1.35 करोड़
    दूसरा मंगलवार 0.8 करोड़
    दूसरा बुधवार 0.58 करोड़
    टोटल कलेक्शन 142.08 करोड़
    बता दें कि द राजा साब ने पहले दिन जहां 9.15 करोड़ की कमाई की थी। वहीं दूसरे दिन 53.75 करोड़ कमाए थे, जिसके बाद सबको लगा मूवी नए रिकॉर्ड्स अपने नाम बनाएगी, लेकिन मूवी की कमाई में फिर गिरावट ही आती रही।
    फिल्म की स्टोरी
    फिल्म की स्टोरी की बात करें तो द राजा साब एक हॉरर, सस्पेंस से भरी मूवी है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक दिन प्रभास का किरदार अपने दादा को खोजने निकलता है और तब उसके उसके परिवार के डार्क सीक्रेट्स के बारे में पता चलता है।

    बाकी की स्टार कास्ट
    फिल्म में प्रभास के अलावा संजय दत्त, निधि अग्रवाल, मालविका मोहनन, रिद्धि कुमार, जरीना वाहब भी हैं।

    फिल्म का बजट और प्रभास की फीस
    द राजा साब के बजट की बात करें तो प्रबास की इस फिल्म का रिपोर्ट्स के मुताबिक 400 करोड़ बजट है। वहीं प्रभास ने मूवी के लिए 100 करोड़ लिए हैं। द राजा साब के लिए प्रभास ने अपनी फीस कम की थी। इससे पहले तक वह एक फिल्म के 150 करोड़ रुपये लेते थे।

    अपकमिंग मूवी स्पिरिट
    प्रभास की अपकमिंग फिल्म की बात करें तो वह अब संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म स्पिरिट में नजर आने वाले हैं। फिल्म में प्रभास के साथ तृप्ति डिमरी लीड रोल में हैं। पहले प्रभास के साथ दीपिका पादुकोण थीं, लेकिन शिफ्ट टाइमिंग और फीस की डिमांड के चलते, वह फिल्म से बाहर हो गईं।

    स्पिरिट का पोस्टर कुछ दिनों पहले रिलीज हुआ है जिसमें प्रभास के लुक को देखकर फैंस काफी इम्प्रेस हुए हैं।

  • New Sixer King of India: अभिषेक शर्मा ने तोड़ा रोहित शर्मा का रिकॉर्ड, जानें टॉप बल्लेबाजों की लिस्ट

    New Sixer King of India: अभिषेक शर्मा ने तोड़ा रोहित शर्मा का रिकॉर्ड, जानें टॉप बल्लेबाजों की लिस्ट


    नई दिल्ली।
    छोटे शर्मा यानी अभिषेक शर्मा ने बड़े शर्मा यानी रोहित शर्मा का एक छक्कों वाला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अभिषेक शर्मा भारत के अब नए सिक्सर किंग इस मामले में बन गए हैं कि उन्होंने सबसे ज्यादा मैचों में 8 या इससे ज्यादा छक्के जड़े हैं।
    बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभानल्लाह…ये कहावत रोहित शर्मा और अभिषेक शर्मा पर पूरी तरह फिट बैठती है। बड़े शर्मा यानी रोहित शर्मा को हम तूफानी बल्लेबाज के रूप में जानते हैं, लेकिन छोटे शर्मा यानी अभिषेक शर्मा उनसे भी ज्यादा तबाही बल्लेबाज हैं। यही कारण है कि उन्होंने छोटे से करियर में रोहित शर्मा का बड़ा रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है और वह भारत के नए सिक्सर किंग बन गए हैं।
    अभिषेक शर्मा ने बुधवार 21 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में 35 गेंदों में 84 रन बनाए, जिसमें चौकों से ज्यादा छक्के शामिल थे। 5 चौके और 8 छक्के उनकी पारी में देखने को मिले। स्ट्राइक रेट अभिषेक शर्मा का 240 का था। अभिषेक शर्मा ने पहली या दूसरी बार नहीं, बल्कि चौथी बार एक पारी में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 8 या इससे ज्यादा छक्के जड़े और यह रिकॉर्ड बन गया है।

    भारत के लिए अभिषेक शर्मा के अलावा किसी भी बल्लेबाज ने 4 या इससे ज्यादा बार एक टी20 इंटरनेशनल मैच में 8 या इससे ज्यादा छक्के नहीं जड़े। अभी तक ये रिकॉर्ड हिटमैन रोहित शर्मा के नाम था, जिस पर संयुक्त रूप से अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन का कब्जा था, लेकिन बाएं हाथ का ये तूफानी ओपनर सबसे आगे निकल गया है। लिस्ट में चौथे नंबर पर सूर्यकुमार यादव और पांचवें नंबर पर केएल राहुल का नाम शामिल है।

    तेज गति से रन बनाने के लिहाज से देखा जाए तो हिटमैन से भी आगे अभिषेक शर्मा हैं, क्योंकि वे अक्सर अपनी पारी की शुरुआत चौके या छक्के से करते हैं। उनको अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में आए 2 साल भी नहीं हुए हैं, लेकिन तमाम रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा ने धराशायी कर दिए हैं। संजू सैमसन के साथ उनकी जोड़ी बहुत खतरनाक नजर आती है। दोनों अब साथ में टी20 विश्व कप भी खेलने वाले हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली के रिटायरमेंट के बाद से ही उनकी जोड़ी तूफान मचाए हुए है।

    T20I में भारत के लिए सबसे ज्यादा पारियों में 8 या इससे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी
    4 – अभिषेक शर्मा*

    3 – रोहित शर्मा
    3 – संजू सैमसन

    2 – सूर्यकुमार यादव

    1 – केएल राहुल

  • Sunny Deol की ‘Border 2’ का जलवा: एडवांस बुकिंग के पहले दिन ₹10 करोड़ पार करने की मजबूत उम्मीद

    Sunny Deol की ‘Border 2’ का जलवा: एडवांस बुकिंग के पहले दिन ₹10 करोड़ पार करने की मजबूत उम्मीद

    नई दिल्ली। सनी देओल स्टारर बहुप्रतीक्षित देशभक्ति फिल्म ‘Border 2’ ने रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर हलचल मचा दी है। 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही यह फिल्म रिपब्लिक डे वीकेंड पर लंबी रेस का घोड़ा साबित होती दिख रही है। जे.पी. दत्ता की 1997 की सुपरहिट फिल्म Border की इस सीक्वल को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है, जिसका सीधा असर एडवांस बुकिंग पर साफ नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म पहले ही दिन ₹10 करोड़ क्लब में एंट्री के बेहद करीब पहुंच चुकी है।

    एडवांस बुकिंग रिपोर्ट: ₹5.65 करोड़ पहले ही कमा चुकी है फिल्म सैकनिलक की शुरुआती बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बॉर्डर 2’ अब तक करीब ₹5.65 करोड़ की प्रमोशन कर ली है। यह कमाई सिर्फ 2डी शो से हुई है। फिल्म को जल्द ही डॉल्बी और 4डीएक्स एडवेंचर्स में भी रिलीज किया जाएगा, जो कि प्राइमरी और स्ट्रेक्चुअल में होने की उम्मीद है। अब तक फिल्म के करीब 1.75 लाख टिकटें बिक चुकी हैं और कुल 13,585 शोज के डॉक रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं। रियल ट्रेंड को देखते हुए अनुमान लगाया गया है कि रिलीज से पहले ही एडवांस प्रॉफिट ₹10 करोड़ के आंकड़े पार कर सकता है। रिपब्लिक डे पर रिकॉर्ड बनाने की तैयारी रिपब्लिक डे रिलीज फिल्मों के इतिहास में ‘बॉर्डर 2’ का मुकाबला बड़ी फिल्मों से होगा।

    अब तक का सबसे बड़ा रिपब्लिक डे सीरीज़ का रिकॉर्ड शाहरुख खान की ‘पठान’ (₹58 करोड़) के नाम है। इसके बाद ‘फाइटर’ (41.20 करोड़), दीपिका की ‘पद्मावत’ (32 करोड़), ‘रईस’ (26.30 करोड़) और ‘जय हो’ (26.25 करोड़) का नंबर आता है। ‘बॉर्डर 2’ वैसे ही इन आंकड़ों में अमेरिका तक है, लेकिन 2026 के सबसे बड़े रिपब्लिक डे में प्रवेश की पूरी संभावना है। पहले ही बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच चुके हैं। 2023 में आई उनकी फिल्म ‘गदर 2’ ने पहले दिन ₹40.1 करोड़ का रिकॉर्ड बनाया, मजबूत कमाई की थी और उससे आगे यह फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनी। अब ‘बॉर्डर 2’ के साथ सनी देवता एक बार फिर हाईएस्ट फर्स्ट-डे अवास्तविक की लिस्ट में अपनी जगह मजबूत करने की तैयारी में हैं।
    देसी थीम, दमदार एक्शन और रिपब्लिक डे वीकेंड का फ़ायदा फ़िल्म को लंबी कमाई दिला सकती है। डिस्कलेमर: इस खबर में दिए गए बॉक्स ऑफिस दस्तावेज़ विभिन्न व्यापारिक वस्तुओं और सार्वजनिक स्टॉक पर आधारित हैं। इन आंकड़ों में आधिकारिक तौर पर बदलाव संभव हैं।
  • लगातार खांसी बनी जान की दुश्मन? इन आयुर्वेदिक नुस्खों से मिलेगी राहत

    लगातार खांसी बनी जान की दुश्मन? इन आयुर्वेदिक नुस्खों से मिलेगी राहत


    नई दिल्ली। ठंड और सर्द हवाओं के मौसम में खांसी की समस्या सामान्य हो जाती है। हल्की खांसी को अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैंलेकिन जब यह लगातार बनी रहती है और छाती में बेचैनीगले में जलन या बलगम का निर्माण होने लगता हैतो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसारसमय रहते इन संकेतों को पहचानकर आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय अपनाने से खांसी को नियंत्रित किया जा सकता है और सांस की सेहत मजबूत बनी रहती है।

    खांसी के प्रकार
    भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसारखांसी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है – सूखी खांसी और बलगम वाली खांसी। सूखी खांसी में गले में खुजलीजलन और लगातार खांसी होती है। वहींबलगम वाली खांसी में छाती भारी महसूस होती हैबलगम निकलता है और सीने में दबाव या तकलीफ होती है। दोनों ही प्रकार की खांसी में गले में जलन और सीने की बेचैनी आम संकेत हैं। यदि खांसी कई दिनों तक कम न हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।

    आयुर्वेदिक नुस्खे और घरेलू उपाय
    आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि सूखी खांसी में मुलेठी या लौंग का एक छोटा टुकड़ा चूसने से गले को तुरंत आराम मिलता है। इसके अलावावासा के पत्तों का काढ़ा पीना या इसका पाउडर लेना कफ को कम करने में मदद करता है। सोने से पहले हल्दी मिलाकर गर्म दूध पीना गले की जलन और खांसी में राहत देता है।बलगम वाली खांसी या सामान्य खांसी के लिए गुनगुने अदरक का काढ़ाअदरक-तुलसी का काढ़ा शहद के साथ लेने से कफ पतला होकर बाहर निकलता है। इसके अलावागर्म पानी में नमक डालकर गरारा करना और भाप लेना भी गले और छाती की जलन को कम करता है। लौंगअदरक और इलायची को मिलाकर पाउडर या काढ़ा के रूप में इस्तेमाल करना भी खांसी में आराम देता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ये आयुर्वेदिक नुस्खे प्राकृतिक और सुरक्षित हैं। इन उपायों को संतुलित आहारपर्याप्त पानी और पर्याप्त आराम के साथ अपनाने से खांसी में तेजी से सुधार होता है। नियमित रूप से इन नुस्खों का पालन करने से न केवल खांसी नियंत्रित रहती हैबल्कि सांस की सेहत भी मजबूत बनती है।हालांकियदि खांसी के साथ सांस फूलनाबुखारलगातार कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देंतो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। शुरुआती चरण में अपनाए गए आयुर्वेदिक नुस्खे समय पर राहत देने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

  • रोज़ाना करें पूर्ण भुजंगासन, मजबूत होगी रीढ़ और बदन दर्द से मिलेगी स्थायी राहत

    रोज़ाना करें पूर्ण भुजंगासन, मजबूत होगी रीढ़ और बदन दर्द से मिलेगी स्थायी राहत

    नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी आज बदन दर्द और रीढ़ से जुड़ी समस्याओं का बड़ा कारण बन चुकी है। ऐसे समय में योग न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रखने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। योग विशेषज्ञ रोज़ाना कुछ खास आसनों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं जिनमें पूर्ण भुजंगासन का विशेष स्थान है।मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार पूर्ण भुजंगासन भुजंगासन का उन्नत और गहन रूप है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूती और लचीलापन देने के साथ-साथ पीठ कंधों और गर्दन की जकड़न को दूर करने में सहायक होता है। इसके नियमित अभ्यास से छाती खुलती है जिससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और सांस लेने में आसानी होती है।

    पूर्ण भुजंगासन कैसे करें
    योग विशेषज्ञों के अनुसार इस आसन का अभ्यास बेहद सावधानी और सही तकनीक के साथ करना चाहिए। इसे करने के लिए सबसे पहले पेट के बल ज़मीन पर लेट जाएं। दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें और पैर सीधे रखें। अब गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे छाती गर्दन और सिर को ऊपर उठाएं। कोहनियों को थोड़ा मोड़ें और कंधों को पीछे की ओर खींचें। इसके बाद घुटनों को मोड़ते हुए पैरों के पंजे ऊपर उठाएं और सिर-गर्दन को पीछे की ओर तानें। कोशिश करें कि पैरों के पंजे सिर को छू सकें।इस मुद्रा में बिना किसी दबाव के जितनी देर आराम से रह सकें उतनी देर रुकें। फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस नीचे आएं और शवासन की स्थिति में लेटकर शरीर को पूरी तरह शिथिल करें। गहरी सांस लें और हृदय गति को सामान्य होने दें।

    पूर्ण भुजंगासन के प्रमुख फायदे

    नियमित रूप से पूर्ण भुजंगासन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत और लचीली बनती है। यह आसन पाचन तंत्र को बेहतर करता है और थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करने में मदद करता है। इसके अलावा यह तनाव और चिंता को कम करने में सहायक माना जाता है। खासतौर पर जो लोग लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं या जिन्हें कमर और पीठ दर्द की शिकायत रहती है उनके लिए यह आसन बेहद लाभकारी हो सकता है।

    कब न करें यह आसन

    हालांकि पूर्ण भुजंगासन बेहद लाभकारी है लेकिन कुछ स्थितियों में इससे बचना चाहिए। गर्भवती महिलाएं गंभीर पीठ दर्द से पीड़ित लोग उच्च रक्तचाप हर्निया या हाल ही में सर्जरी कराने वाले व्यक्तियों को यह आसन नहीं करना चाहिए।

    शुरुआत में रखें ये सावधानियां

    शुरुआती दिनों में इस आसन को धीरे-धीरे सीखना चाहिए और किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास करना सबसे बेहतर रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि योग में धैर्य और नियमितता सबसे अहम होती है। पूर्ण भुजंगासन जैसे उन्नत आसन शरीर की क्षमता बढ़ाते हैं लेकिन गलत तरीके से करने पर चोट का खतरा भी हो सकता है।नियमित अभ्यास सही तकनीक और सावधानी के साथ किया गया पूर्ण भुजंगासन न सिर्फ रीढ़ को मजबूत बनाता है बल्कि बदन दर्द से राहत दिलाकर जीवन को अधिक सक्रिय और ऊर्जावान बना सकता है।

  • Basant Panchami 2026: वसंत पंचमी पर क्यों पहनते हैं पीले कपड़े? जानिए इस रंग से जुड़े धार्मिक और प्राकृतिक रहस्य

    Basant Panchami 2026: वसंत पंचमी पर क्यों पहनते हैं पीले कपड़े? जानिए इस रंग से जुड़े धार्मिक और प्राकृतिक रहस्य


    नई दिल्ली । भारत में ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की आराधना का पावन पर्व वसंत पंचमी वर्ष 2026 में 23 जनवरी को मनाया जाएगा। यह दिन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से विशेष होता है, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और रंगों से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। वसंत पंचमी आते ही चारों ओर एक ही रंग की छटा दिखाई देती है—पीला। मंदिरों से लेकर घरों तक, वस्त्रों से लेकर भोग तक, हर जगह पीले रंग का विशेष महत्व नजर आता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर वसंत पंचमी के दिन पीले रंग को ही इतना खास क्यों माना जाता है? इसके पीछे कई धार्मिक, प्राकृतिक और वैज्ञानिक कारण छिपे हुए हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीला रंग मां सरस्वती को अत्यंत प्रिय है। मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, विवेक और सृजनात्मकता की देवी माना जाता है। हिंदू धर्म में पीला रंग सात्विकता, पवित्रता और ज्ञान का प्रतीक है। यही कारण है कि वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती को पीले वस्त्र अर्पित किए जाते हैं, पीले फूलों से पूजा की जाती है और केसरिया भात, बूंदी या पीली मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन पीले वस्त्र धारण कर पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

    वसंत पंचमी का संबंध केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि प्रकृति के बदलाव से भी है। यह पर्व शीत ऋतु के अंत और वसंत ऋतु के आगमन का संकेत देता है। कड़ाके की ठंड के बाद जब सूर्य की किरणें तेज और सुनहरी होने लगती हैं, तब धरती पर नई ऊर्जा का संचार होता है। इसी समय खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगती है और चारों ओर पीले फूलों की बहार दिखाई देती है। प्रकृति स्वयं पीले रंग की चादर ओढ़ लेती है, जो समृद्धि, उर्वरता और नई शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है।

    पीला रंग मनोवैज्ञानिक रूप से भी बेहद सकारात्मक माना जाता है। यह रंग मन में प्रसन्नता, आशा और उत्साह का संचार करता है। वसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनने से मानसिक ऊर्जा बढ़ती है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि इस दिन बच्चों की शिक्षा की शुरुआत, विद्यारंभ संस्कार और कला-संगीत से जुड़े कार्यों को शुभ माना जाता है।

    इसके अलावा, ज्योतिष शास्त्र में पीले रंग का संबंध बृहस्पति ग्रह से भी माना गया है, जो ज्ञान, धर्म और शुभ फल प्रदान करने वाला ग्रह है। वसंत पंचमी पर पीला रंग धारण करना बृहस्पति की कृपा पाने का भी एक माध्यम माना जाता है। इस तरह वसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व केवल परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धर्म, प्रकृति, मनोविज्ञान और ज्योतिष चारों का सुंदर संगम है। यही कारण है कि इस दिन पीले रंग में रंगकर लोग ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मकता का स्वागत करते हैं।