Author: bharati

  • भारत की बड़ी रणनीतिक पहल: अमेरिका के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका में शामिल होने के संकेत, सप्लाई चेन को मिलेगी वैश्विक मजबूती

    भारत की बड़ी रणनीतिक पहल: अमेरिका के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका में शामिल होने के संकेत, सप्लाई चेन को मिलेगी वैश्विक मजबूती


    नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत एक अहम रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी में नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत अमेरिका के नेतृत्व वाली पहल पैक्स सिलिका में शामिल हो सकता है। यह फैसला ऐसे समय पर सामने आ रहा है जब चीन और पश्चिमी देशों के बीच सेमीकंडक्टर और हाई-टेक सप्लाई चेन को लेकर खींचतान लगातार बढ़ रही है।पैक्स सिलिका में भारत की संभावित भागीदारी से देश को विकसित देशों के साथ तकनीकी साझेदारी आगे बढ़ाने बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हालांकि भारत इस प्रक्रिया में यह स्पष्ट करना चाहता है कि उसकी रणनीतिक स्वायत्तता पर कोई असर न पड़े और वह अपनी स्वतंत्र नीतिगत निर्णय क्षमता बनाए रखे।

    क्या है पैक्स सिलिका और इसका उद्देश्य
    पैक्स सिलिका उन देशों का समूह है जो सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी की आपूर्ति श्रृंखलाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। इस समूह में सिंगापुर इजराइल जापान दक्षिण कोरिया ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स ऑटोमोबाइल और अत्याधुनिक एआई सिस्टम जैसी तकनीकों की रीढ़ मानी जाने वाली अत्यधिक केंद्रीकृत सप्लाई चेन की कमजोरियों को दूर करना है।बीते वर्षों में वैश्विक चिप संकट ने यह दिखा दिया है कि कुछ सीमित क्षेत्रों पर निर्भरता पूरी दुनिया के उद्योगों को प्रभावित कर सकती है। पैक्स सिलिका इसी निर्भरता को कम कर भरोसेमंद और विविध आपूर्ति नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

    भारत के लिए क्यों अहम है यह कदम

    भारत जैसे विकासशील बाजार के लिए यह पहल कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नई दिल्ली सब्सिडी खरीद व्यवस्था में प्राथमिकता और संतुलित आयात नियमों के लिए नीतिगत गुंजाइश तलाश सकती है। हालांकि यह रुख कुछ पैक्स सिलिका सदस्य देशों के दृष्टिकोण से पूरी तरह मेल न भी खा सकता है।इसके बावजूद भारत पहले से ही जापान और सिंगापुर जैसे देशों के साथ लचीली सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने पर काम कर रहा है। यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में अपनी भूमिका को लेकर गंभीर और दीर्घकालिक सोच रखता है।

    अमेरिका का स्पष्ट संकेत

    नई दिल्ली में अपने पहले दिन भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने उन्नत प्रौद्योगिकी में अमेरिकी नेतृत्व वाली आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी का जिक्र करते हुए पैक्स सिलिका में भारत को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल करने की घोषणा की थी। इसे भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से एक अहम संकेत माना जा रहा है।

    भारत का सेमीकंडक्टर विजन

    इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा था कि भारत संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र-डिजाइन विनिर्माण ऑपरेटिंग सिस्टम एप्लिकेशन सामग्री और उपकरण-में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में चार सेमीकंडक्टर प्लांट इस वर्ष वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेंगे।कुल मिलाकर पैक्स सिलिका में भारत की संभावित भागीदारी न सिर्फ आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगी बल्कि भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर मैप पर एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद कर सकती है।

  • मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक जारी

    मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक जारी


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में नियमित आमदनी और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को मजबूत बनाना है।
    सरकार ने कहा है कि योजना का प्रचार-प्रसार, विकास और जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता जारी रहेगी। इसका मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा गरीब और कम आय वाले लोग इस योजना से जुड़ सकें।

    यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
    इससे असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों को बुढ़ापे में स्थायी आमदनी मिलेगी।

    यह कदम विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा।
    सरकार जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण, और वित्तीय सहायता जारी रखेगी।
    यदि किसी बैंक/संस्था को योजना चलाने में आर्थिक कमी होती है, तो गैप फंडिंग के जरिए उसे पूरा किया जाएगा, ताकि योजना टिकाऊ बनी रहे।

    अटल पेंशन योजना कब शुरू हुई?
    9 मई 2015 को अटल पेंशन योजना की शुरुआत हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था असंगठित क्षेत्र के लोगों को 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन का लाभ देना, ताकि वे अपने बुढ़ापे में किसी पर निर्भर न रहें।

    पेंशन कितनी मिलती है?

    योजना के अनुसार 60 साल की उम्र के बाद लाभार्थी को ₹1,000 से ₹5,000 तक मासिक पेंशन मिल सकती है।

    पेंशन राशि इस पर निर्भर करती है:
    आपकी उम्र
    आपने कितनी पेंशन चुनी
    आपकी कुल जमा राशि

    अब तक कितने लोग जुड़े?
    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जनवरी 2026 तक 8.66 करोड़ से ज्यादा लोग इस योजना से जुड़े हुए हैं। यह आंकड़ा योजना की विश्वसनीयता और लोकप्रियता को दर्शाता है।

    अटल पेंशन योजना की पात्रता (Eligibility)
    भारतीय नागरिक होना चाहिए
    उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए
    आपके पास बैंक/पोस्ट ऑफिस में सेविंग्स अकाउंट होना चाहिए
    1 अक्टूबर 2022 से यदि आप इनकम टैक्सपेयर हैं या रहे हैं, तो आप शामिल नहीं हो सकते
    जो व्यक्ति NPS या अन्य पेंशन स्कीम में नहीं है, वह जुड़ सकता है

    कितना निवेश करना पड़ता है?
    आप अपनी पेंशन राशि चुन सकते हैं:
    ₹1,000 / ₹2,000 / ₹3,000 / ₹4,000 / ₹5,000
    मासिक योगदान आपकी उम्र और चुनी गई पेंशन पर निर्भर करता है।
    जितनी कम उम्र में शुरू करेंगे, उतना कम मासिक योगदान देना पड़ेगा।

    उम्र के अनुसार मासिक योगदान
    एंट्री की उम्र ₹1,000 ₹2,000 ₹3,000 ₹4,000 ₹5,000
    18 ₹42 ₹84 ₹126 ₹168 ₹210
    20 ₹50 ₹100 ₹150 ₹198 ₹248
    25 ₹76 ₹151 ₹226 ₹301 ₹376
    30 ₹126 (approx) ₹252 ₹378 ₹504 ₹630 (approx)
    35 ₹231 (approx) ₹462 ₹693 ₹924 ₹1,154
    40 ₹471 (approx) ₹942 ₹1,413 ₹1,884 ₹2,354
    नोट: यह राशि इंडिकेटिव है।

    सटीक राशि के लिए बैंक या आधिकारिक APY कैलकुलेटर (npstrust.org.in या PFRDA वेबसाइट) देखें।

    अटल पेंशन योजना में निवेश कैसे करें?
    नजदीकी बैंक/पोस्ट ऑफिस जाएं
    APY आवेदन फॉर्म भरें
    आधार, मोबाइल नंबर, नामिनेशन, बैंक डिटेल्स भरें
    पेंशन राशि चुनें
    बैंक ऑटो-डेबिट सेट करेगा और PRAN जारी करेगा
    कुछ बैंक ऐप्स/पोर्टल से भी आवेदन हो सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में बैंक शाखा से ही शुरू होता है।

    अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी राहत है। यह कदम उन्हें बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देगा और देश में वित्तीय समावेशन को और मजबूत करेगा।

  • Ayurvedic Bathing Tips: सफाई के साथ स्वास्थ्य और ताजगी के लिए ये तीन स्टेप्स अपनाएं

    Ayurvedic Bathing Tips: सफाई के साथ स्वास्थ्य और ताजगी के लिए ये तीन स्टेप्स अपनाएं

    नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग हर काम तेजी से करते हैं, लेकिन खुद के लिए समय निकालना मुश्किल हो गया है। ऐसे में रोज़मर्रा की जरूरतों के बीच स्नान का महत्व अक्सर अनदेखा हो जाता है। आम धारणा यह है कि नहाना केवल शरीर की बाहरी सफाई के लिए होता है, लेकिन आयुर्वेद में इसे ‘संस्कार’ और ‘चिकित्सा’ माना गया है, जो तन के साथ-साथ मन को भी शुद्ध करता है।

    स्नान से शारीरिक और मानसिक लाभ

    स्नान केवल शरीर की गंदगी हटाने तक सीमित नहीं है। इसके नियमित अभ्यास से:

    पाचन शक्ति मजबूत होती है और मेटाबॉलिज्म में सुधार आता है।

    सुस्ती और थकान कम होती है, जिससे दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।

    रक्त संचार बेहतर होता है, और शरीर की अग्नि संतुलित रहती है।

    तनाव और कोर्टिसोल का स्तर कम होता है, जबकि एंडोर्फिन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे मन प्रसन्न रहता है।

    अच्छी नींद आती है, क्योंकि स्नान से नर्वस सिस्टम शांत होता है।

    यदि रोज़ाना पूरा स्नान संभव न हो, तो कम से कम गुनगुने पानी में पैरों को डुबोकर रखना भी लाभकारी माना गया है।

    आयुर्वेदिक तरीके से स्नान करने के तीन नियम

    आयुर्वेद में स्नान को स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा के लिए तीन मुख्य क्रियाओं में बांटा गया है:

    अभ्यंग (तेल मालिश)
    नहाने से लगभग 15 मिनट पहले पूरे शरीर की तेल से मालिश करें। नवजात शिशु की तरह हल्के हाथों से अभ्यंग करने से रक्त संचार बढ़ता है, शरीर पोषित होता है और त्वचा की नमी बरकरार रहती है।

    उबटन का प्रयोग
    अभ्यंग के बाद उबटन लगाना त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। यह मृत त्वचा की कोशिकाओं को हटाकर नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। प्राकृतिक उबटन रसायनों से मुक्त होते हैं और त्वचा को मुलायम, चमकदार और स्वस्थ बनाते हैं।

    मंत्रोच्चार
    स्नान के समय सकारात्मक मंत्रोच्चार करना मन और मस्तिष्क दोनों के लिए लाभकारी है। यह मानसिक तनाव कम करता है और शरीर और मन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है।

    स्नान के नियमित अभ्यास से जीवनशैली में सुधार

    नियमित स्नान सिर्फ स्वच्छता का साधन नहीं, बल्कि तन, मन और आत्मा की ताजगी का माध्यम है। आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर पर पानी पड़ता है, तो:

    पूरे शरीर में रक्त का संचार तेज़ होता है।

    पाचन अग्नि सक्रिय रहती है।

    थकान दूर होती है और मन प्रसन्न रहता है।

    स्नान के दौरान तेल, उबटन और मंत्रोच्चार का संयोजन शरीर और मन दोनों के लिए सशक्त ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे जीवनशैली में सुधार आता है।

    स्नान को केवल नित्यकर्म मानना बड़ी भूल है। यह तन, मन और मस्तिष्क की शुद्धि का आयुर्वेदिक तरीका है। सही विधि से स्नान करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। इसलिए, भागदौड़ भरी जिंदगी में भी स्नान को सिर्फ स्वच्छता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संस्कार समझकर अपनाना चाहिए।

  • India & PAX SILICA: अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रोजेक्ट में शामिल होने से आपूर्ति नेटवर्क मजबूत होगा

    India & PAX SILICA: अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रोजेक्ट में शामिल होने से आपूर्ति नेटवर्क मजबूत होगा

    नई दिल्ली: चीन और पश्चिमी देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं पर बढ़ते तनाव के बीच भारत अमेरिका के नेतृत्व वाली पहल पैक्स सिलिका में शामिल होने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कदम भारत को विकसित देशों के साथ साझेदारी बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने में मदद करेगा। हालांकि, नई दिल्ली यह सुनिश्चित करेगी कि इस प्रक्रिया में उसकी रणनीतिक स्वायत्तता प्रभावित न हो।

    पैक्स सिलिका क्या है?

    पैक्स सिलिका एक अंतरराष्ट्रीय समूह है, जिसमें सिंगापुर, इजराइल, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश शामिल हैं। यह समूह सेमीकंडक्टर निर्माण और एडवांस टेक्नोलॉजी आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग के लिए काम करता है। इसका उद्देश्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और अत्याधुनिक एआई सिस्टम जैसे क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाओं की कमजोरियों को दूर करना है।

    भारत जैसे विकासशील देश के लिए, पैक्स सिलिका में शामिल होने से सब्सिडी, खरीद प्राथमिकता और संतुलित आयात नियमों जैसी नीतिगत गुंजाइश बनाए रखना संभव होगा, जो कुछ अन्य सदस्यों के साथ हमेशा मेल न खा सके।

    भारत की तैयारी और रणनीति

    भारत जापान और सिंगापुर जैसे देशों के साथ मिलकर लचीली सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने पर काम कर रहा है। इससे न केवल आपूर्ति में स्थिरता आएगी, बल्कि उच्च तकनीक निवेश और स्थानीय विनिर्माण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

    नई दिल्ली में अपने पहले दिन, अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने घोषणा की कि भारत को पैक्स सिलिका में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

    भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का विकास

    इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महीने कहा कि भारत संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र—डिज़ाइन, विनिर्माण, ऑपरेटिंग सिस्टम, अनुप्रयोग, सामग्री और उपकरण—में एक प्रमुख खिलाड़ी बनेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चार नए सेमीकंडक्टर प्लांट वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेंगे, जिससे भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी और बढ़ेगी।

    भारत के लिए महत्व

    पैक्स सिलिका में शामिल होने से भारत को:

    अमेरिका और अन्य विकसित देशों के साथ साझेदारी मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    विदेशी निवेश आकर्षित करने और उन्नत तकनीक लाने का अवसर मिलेगा।

    आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती और संकट प्रबंधन क्षमता बढ़ेगी।

    साथ ही, भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और नीतिगत स्वतंत्रता को बनाए रख सकता है, ताकि देश के विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लक्ष्य पर कोई असर न पड़े।

    इस पहल से भारत वैश्विक तकनीकी और आर्थिक परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर सकता है, जबकि उसकी संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षमता भी मजबूत होगी।

  • डब्ल्यूपीएल अपडेट: लिजेली ली को मिली पेनल्टी, दिल्ली कैपिटल्स की स्टार बल्लेबाज प्रभावित

    डब्ल्यूपीएल अपडेट: लिजेली ली को मिली पेनल्टी, दिल्ली कैपिटल्स की स्टार बल्लेबाज प्रभावित

    नई दिल्ली: दिल्ली कैपिटल्स ने मंगलवार को मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हराकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन टीम को इस जीत के बाद सलामी बल्लेबाज लिजेली ली (Lizelle Lee) से बड़ा झटका लगा। डीसी की इस दक्षिण अफ्रीकी स्टार ने 46 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन मैच के दौरान कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करने के कारण उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और उनके खाते में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जुड़ गया।

    कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन का मामला

    डब्ल्यूपीएल की प्रेस रिलीज के अनुसार, ली ने कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 के तहत लेवल 1 का अपराध स्वीकार किया। इस स्तर के उल्लंघन के लिए मैच रेफरी का फैसला अंतिम और बाध्यकारी होता है। ली ने अपने लेवल 1 अपराध और जुर्माने को स्वीकार कर लिया है।

    मामला इस प्रकार हुआ: ली अपनी पारी के दौरान 28 गेंदों में 46 रन बनाकर अर्धशतक से सिर्फ 4 रन दूर थीं, जब तीसरे अंपायर द्वारा रिव्यू के बाद उन्हें स्टंप आउट करार दिया गया। रिप्ले में दिखा कि विकेटकीपर राहिरा फिरदौस ने बेल्स गिराते समय ली का बल्ला क्रीज से ऊपर उठ गया था।

    इस फैसले के बाद ली ऑन-फील्ड अंपायर वृंदा राठी के साथ बहस करने लगीं, जिसके कारण कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन माना गया।

    मैच का संक्षिप्त विवरण

    मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट खोकर 154 रन बनाए। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने 19 ओवर में लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की। इस जीत में लिजेली ली का योगदान अहम था, बावजूद इसके उनके खिलाफ जुर्माना लगाया गया।

    लिजेली ली का प्रदर्शन

    डब्ल्यूपीएल 2026 में ली इस समय डीसी की प्रमुख बल्लेबाजों में से एक हैं। उन्होंने 5 मुकाबलों में 42.60 की औसत से 213 रन बनाए हैं, जिसमें उनके बल्ले से 7 छक्के और 30 चौके निकले। इस सीजन ली सर्वाधिक रन बनाने वालों में तीसरे स्थान पर हैं।

    ली को इस सीजन WPL नीलामी में उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपये में खरीदा गया था। उन्होंने डीसी के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    दिल्ली कैपिटल्स की इस जीत में ली की बल्लेबाजी ने टीम को मजबूती दी, लेकिन उनकी ऑन-फील्ड बहस के कारण जुर्माना और डिमेरिट प्वाइंट का झटका टीम के लिए एक चेतावनी भी साबित हुआ। यह घटना खिलाड़ियों को खेल भावना और अनुशासन बनाए रखने की अहमियत याद दिलाती है।

    ली अब इस सीजन के अपने प्रदर्शन और अनुशासन के संतुलन को बनाए रखने पर ध्यान देंगी, ताकि आगे के मैचों में टीम के लिए योगदान के साथ-साथ खुद को भी सुरक्षित रख सकें।

  • डेरिल मिचेल ने तोड़ा कोहली का कब्जा, ICC ODI रैंकिंग में बना नया नंबर वन

    डेरिल मिचेल ने तोड़ा कोहली का कब्जा, ICC ODI रैंकिंग में बना नया नंबर वन


    नई दिल्ली।  न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज डेरिल मिचेल ने ICC की नई वनडे रैंकिंग में टॉप की कुर्सी पर कब्जा कर लिया है, जबकि भारत के महान बल्लेबाज विराट कोहली को नंबर वन से उतरकर दूसरे स्थान पर जाना पड़ा है। यह बदलाव भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज के बाद हुआ है, जिसमें मिचेल ने बेहतरीन प्रदर्शन कर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग हासिल की।

    मिचेल की नई रेटिंग 845 हो गई है, जो उनके लिए सबसे ऊंची रेटिंग है।

    पिछले सप्ताह वे कोहली से सिर्फ एक रेटिंग अंक पीछे थे, लेकिन अब उन्होंने न सिर्फ कोहली को पीछे छोड़ा, बल्कि काफी बड़ा अंतर भी बना लिया है, जिससे उनके लिए नंबर वन बनाए रखना आसान दिख रहा है।

    वहीं विराट कोहली का भी प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन यह उनके लिए पर्याप्त नहीं रहा। कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के अंतिम मैच में शतक जड़ा, लेकिन टीम की हार के कारण उनका नंबर वन पर कब्जा टिक नहीं सका और वह दूसरे स्थान पर आ गए।

    https://twitter.com/ICC/status/2013885094831005914

    कोहली की नई रेटिंग 795 है, जो पिछले सप्ताह 784 थी।

    इसके अलावा रोहित शर्मा की रैंकिंग में भी गिरावट आई है। वे अब चौथे स्थान पर हैं और उनकी रेटिंग 757 रह गई है। रोहित ने पूरी सीरीज में केवल 61 रन बनाए और उनका बल्ला एक भी अर्धशतक तक नहीं पहुंचा, जिसके कारण उन्हें यह नुकसान उठाना पड़ा।

    तीसरे नंबर पर इब्राहिम जादरान हैं, जिनकी रेटिंग 764 है।

    वहीं शुभमन गिल पांचवें स्थान पर बने हुए हैं, उनकी रेटिंग 723 है।

    ICC ODI टॉप 5 बल्लेबाज (नई रैंकिंग)
    डेरिल मिचेल – 845

    विराट कोहली – 795

    इब्राहिम जादरान – 764

    रोहित शर्मा – 757

    शुभमन गिल – 723

    इस बदलाव से साफ हो गया है कि न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों का दबदबा बढ़ रहा है और अब कोहली के लिए नंबर वन पर वापसी आसान नहीं रहने वाली। वहीं भारतीय टीम के लिए यह चेतावनी है कि अगर उनके स्टार बल्लेबाज लगातार बड़े स्कोर नहीं बनाएंगे, तो रैंकिंग में और गिरावट आ सकती है।

  • Zomato अपडेट: दीपिंदर गोयल की विदाई, कंपनी की कमान अब इस शख्स के हाथों में

    Zomato अपडेट: दीपिंदर गोयल की विदाई, कंपनी की कमान अब इस शख्स के हाथों में

    नई दिल्ली।  Zomato के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने कंपनी में ग्रुप CEO का पद छोड़ने का फैसला किया है। इस बदलाव की घोषणा Eternal ने बड़ी लीडरशिप स्ट्रक्चर में बदलाव के तहत की। शेयरहोल्डर की मंज़ूरी मिलने के बाद गोयल ने पद छोड़ दिया और अब तुरंत प्रभाव से अलबिंदर ढींडसा को नया ग्रुप CEO नियुक्त किया गया है।

    क्यों छोड़ा दीपिंदर ने पद?

    दीपिंदर गोयल का कहना है कि वे अब नई चीज़ों को आज़माना चाहते हैं, जिसमें अधिक रिस्क लेना शामिल है। उनका मानना है कि Eternal जैसी पब्लिक कंपनी में स्ट्रक्चर के बाहर ही ऐसे कदम बेहतर तरीके से लिए जा सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि कंपनी को ऐसी लीडरशिप की ज़रूरत है जो मुख्य बिज़नेस पर फोकस करे और अनुशासित ढंग से कंपनी को आगे बढ़ाए।

    अलबिंदर ढींडसा: नए CEO की प्रोफ़ाइल

    दीपिंदर गोयल की जगह अब अलबिंदर ढींडसा यानी अल्बी कंपनी के ग्रुप CEO के तौर पर जिम्मेदार होंगे। ढींडसा कंपनी की ऑपरेटिंग प्राथमिकताओं और बिज़नेस से जुड़े सभी अहम फैसलों को संभालेंगे। उनकी लीडरशिप में ब्लिंकिट को ब्रेक-ईवन तक लाने और इसे टॉप प्रायोरिटी बनाए रखने के अनुभव को देखा गया है।

    अलबिंदर की नई भूमिका और जिम्मेदारियां

    अलबिंदर ढींडसा के नेतृत्व में Zomato की रणनीति और बिज़नेस फैसलों की दिशा स्पष्ट होगी। वे ऑपरेटिंग टीम के साथ मिलकर कंपनी के मुख्य लक्ष्यों पर फोकस करेंगे और नई योजनाओं को कार्यान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दीपिंदर गोयल का यह कदम कंपनी में नए नेतृत्व के लिए मार्ग प्रशस्त करता है, जबकि वे खुद नई रिस्क और प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

  • मांस नहीं, पौधों से बनेगी ताकत: जानिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के फायदे और इसे डाइट में शामिल करने के आसान तरीके

    मांस नहीं, पौधों से बनेगी ताकत: जानिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के फायदे और इसे डाइट में शामिल करने के आसान तरीके

    नई दिल्ली। शरीर को सुचारू रूप से चलाने मांसपेशियों को मजबूत रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व है। खासतौर पर जिम में कसरत करने वाले लोगों के लिए प्रोटीन मसल रिकवरी और ग्रोथ का आधार माना जाता है। आम धारणा यह है कि पर्याप्त प्रोटीन सिर्फ अंडा चिकन या मांसाहारी भोजन से ही मिल सकता है लेकिन यह सोच पूरी तरह सही नहीं है।आज के समय में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन न सिर्फ शाकाहारी लोगों के लिए बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वालों की पहली पसंद बनता जा रहा है। भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में लोग मांसाहारी प्रोटीन छोड़कर पौधों से मिलने वाले प्रोटीन की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।

    क्यों बेहतर है प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
    पौधों से मिलने वाला प्रोटीन शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित और पचने में आसान माना जाता है। जहां मांसाहारी प्रोटीन के साथ कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है वहीं प्लांट-बेस्ड प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता। यही वजह है कि यह दिल की सेहत के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से जहां कैल्शियम मिलता है वहीं बहुत से लोगों को लैक्टोज इन्टॉलरेंस की समस्या भी होती है जिससे गैस पेट दर्द और अपच जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके विपरीत बादाम तिल और हरी सब्जियां कैल्शियम के बेहतरीन प्लांट-बेस्ड स्रोत हैं।

    फाइबर और एनर्जी का डबल फायदा
    प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके साथ शरीर को भरपूर फाइबर भी मिलता है। फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। यही कारण है कि ऐसे लोग जो पौधों से प्रोटीन लेते हैं उनमें मोटापा और हृदय रोग का खतरा कम देखा जाता है।

    किन चीजों से लें प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
    आप अपनी रोज़मर्रा की डाइट में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं-

    दालें मूंग मसूर अरहर
    सोया टोफू और सोया चंक्स

    राजमा चना और लोबिया

    सूखे मेवे और सीड्स बादाम कद्दू के बीज सूरजमुखी के बीज

    अंकुरित अनाज और साबुत अनाज

    हरी पत्तेदार सब्जियां

    कितना प्रोटीन है जरूरी?
    आम तौर पर शरीर के वजन के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत तय की जाती है। यदि आपका वजन 50 किलोग्राम है तो रोजाना लगभग 50 ग्राम प्रोटीन लेना पर्याप्त माना जाता है। यह मात्रा आसानी से प्लांट-बेस्ड डाइट से पूरी की जा सकती है।

    डाइट में शामिल करने के आसान तरीके
    आप मूंग दाल को अंकुरित कर सलाद बना सकते हैं मूंग दाल या बेसन का चीला खा सकते हैं सब्जियों के साथ टोफू मिलाकर स्वादिष्ट भोजन बना सकते हैं या राजमा-बीन्स की टिक्की और कबाब ट्राय कर सकते हैं।कुल मिलाकर अगर आप बिना मांसाहार के भी मजबूत फिट और एनर्जेटिक रहना चाहते हैं तो प्लांट-बेस्ड प्रोटीन एक स्मार्ट और हेल्दी विकल्प है।

  • बीजापुर: नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की बेरहमी से हत्या; इलाके में फैला खौफ, पुलिस ने शुरू की सर्चिंग

    बीजापुर: नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की बेरहमी से हत्या; इलाके में फैला खौफ, पुलिस ने शुरू की सर्चिंग


    बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर शाम नक्सलियों ने गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव के पूर्व सरपंच भीमा मडकम की धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। नक्सलियों ने इस वारदात को तब अंजाम दिया जब पूर्व सरपंच अपने घर पर थे।

    वारदात के पीछे मुखबिरी का शक

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नक्सलियों का एक छोटा दल गांव पहुँचा और भीमा मडकम को घर से उठाकर कुछ दूर ले गया। वहां नक्सलियों ने उन पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाते हुए बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद नक्सलियों ने घटनास्थल के पास पर्चे भी फेंके हैं, जिनमें ग्रामीणों को चेतावनी दी गई है।

    दहशत में ग्रामीण

    इस हत्याकांड के बाद पूरे गांव और आसपास के अंचल में दहशत का माहौल है। नक्सलियों की धमक के कारण ग्रामीण कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लिया।

    आज होगा अंतिम संस्कार

    भीमा मडकम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा जिसके बाद गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

    वारदात के मुख्य बिंदु:

    मृतक भीमा मडकम पूर्व सरपंच ।, समय: मंगलवार देर शाम। स्थान बीजापुर जिला गंगालूर क्षेत्र। वजह नक्सलियों द्वारा मुखबिरी का शक। वर्तमान स्थिति इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती और सर्चिंग जारी।

  • इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका की 17 सदस्यीय टीम घोषित, असलांका को सौंपी गई कप्तानी

    इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका की 17 सदस्यीय टीम घोषित, असलांका को सौंपी गई कप्तानी


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने 17 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। इस सीरीज के साथ श्रीलंका ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह टी20 विश्व कप 2026 से पहले वनडे फॉर्मेट में स्थिरता और संतुलन पर खास ध्यान देना चाहता है। टीम की सबसे बड़ी खबर यह है कि चरिथ असलांका को वनडे टीम का कप्तान बनाया गया है। हाल ही में उन्हें टी20 फॉर्मेट की कप्तानी से हटाया गया थालेकिन वनडे में बोर्ड ने उन पर भरोसा कायम रखा है।

    अनुभव और युवाओं का संतुलन
    श्रीलंका की इस टीम में अनुभव और युवा जोश का अच्छा मिश्रण देखने को मिला है। लंबे समय से वनडे टीम से बाहर चल रहे धनंजय डी सिल्वा और तेज गेंदबाज दुष्मंथा चमीरा की वापसी हुई हैजिससे टीम की गहराई और अनुभव दोनों बढ़े हैं। पाकिस्तान के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज का हिस्सा रहे 14 खिलाड़ियों ने अपनी जगह बरकरार रखी हैजो चयनकर्ताओं की निरंतरता की नीति को दर्शाता है।

    मजबूत बल्लेबाजी क्रम

    बल्लेबाजी विभाग की बात करें तो श्रीलंका ने शीर्ष और मध्यक्रम दोनों को मजबूती देने की कोशिश की है। पथुम निसांका और कामिल मिशारा से पारी की ठोस शुरुआत की उम्मीद होगी। विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस और सदीरा समरविक्रमा मध्यक्रम में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा कामिंडू मेंडिस और जेनिथ लियानागे टीम को स्थिरता देने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर तेज रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऑलराउंडर धनंजय डी सिल्वा बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अहम साबित हो सकते हैं।

    गेंदबाजी में स्पिन का दबदबा
    श्रीलंका की टीम में गेंदबाजी विभाग को खास तवज्जो दी गई हैखासकर स्पिन आक्रमण को। वानिंदू हसरंगामहेश थीक्षानाजेफरी वेंडरसे और डुनिथ वेल्लालेज जैसे स्पिनर घरेलू परिस्थितियों में इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी असिथा फर्नांडोप्रमोद मदुशन और युवा ईशान मलिंगा के कंधों पर होगी।

    मैच शेड्यूल और वेन्यू

    तीन मैचों की यह वनडे सीरीज 2224 और 27 जनवरी को खेली जाएगी। सभी मुकाबले कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होंगे। वनडे सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जाएगीजिसके मुकाबले 30 जनवरी1 फरवरी और 3 फरवरी को पल्लेकेले इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित होंगे।

    हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
    श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच अब तक कुल 79 वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें इंग्लैंड ने 38 और श्रीलंका ने 37 मैचों में जीत दर्ज की है। तीन मुकाबले बेनतीजा रहे हैंजबकि एक मैच टाई रहा है। आंकड़े बताते हैं कि दोनों टीमों के बीच मुकाबला हमेशा कांटे का रहा है। हालिया फॉर्म भले ही श्रीलंका के पक्ष में न होलेकिन घरेलू परिस्थितियों में उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।कुल मिलाकरयह सीरीज न सिर्फ दोनों टीमों के लिए अहम होगीबल्कि क्रिकेट फैंस के लिए भी एक रोमांचक मुकाबला साबित हो सकती है।

    इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका की टीम:
    चरिथ असलांका (कप्तान)पथुम निसांकाकामिल मिशाराकुसल मेंडिससदीरा समरविक्रमापवन रथनायकेधनंजय डी सिल्वाजेनिथ लियानागेकामिंडू मेंडिसडुनिथ वेल्लालेजवानिंदू हसरंगाजेफरी वेंडरसेमहेश थीक्षानामिलन रथनायकेअसिथा फर्नांडोप्रमोद मदुशनईशान मलिंगा।