Author: bharati

  • मांस नहीं, पौधों से बनेगी ताकत: जानिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के फायदे और इसे डाइट में शामिल करने के आसान तरीके

    मांस नहीं, पौधों से बनेगी ताकत: जानिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के फायदे और इसे डाइट में शामिल करने के आसान तरीके

    नई दिल्ली। शरीर को सुचारू रूप से चलाने मांसपेशियों को मजबूत रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व है। खासतौर पर जिम में कसरत करने वाले लोगों के लिए प्रोटीन मसल रिकवरी और ग्रोथ का आधार माना जाता है। आम धारणा यह है कि पर्याप्त प्रोटीन सिर्फ अंडा चिकन या मांसाहारी भोजन से ही मिल सकता है लेकिन यह सोच पूरी तरह सही नहीं है।आज के समय में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन न सिर्फ शाकाहारी लोगों के लिए बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वालों की पहली पसंद बनता जा रहा है। भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में लोग मांसाहारी प्रोटीन छोड़कर पौधों से मिलने वाले प्रोटीन की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।

    क्यों बेहतर है प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
    पौधों से मिलने वाला प्रोटीन शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित और पचने में आसान माना जाता है। जहां मांसाहारी प्रोटीन के साथ कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है वहीं प्लांट-बेस्ड प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता। यही वजह है कि यह दिल की सेहत के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से जहां कैल्शियम मिलता है वहीं बहुत से लोगों को लैक्टोज इन्टॉलरेंस की समस्या भी होती है जिससे गैस पेट दर्द और अपच जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके विपरीत बादाम तिल और हरी सब्जियां कैल्शियम के बेहतरीन प्लांट-बेस्ड स्रोत हैं।

    फाइबर और एनर्जी का डबल फायदा
    प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके साथ शरीर को भरपूर फाइबर भी मिलता है। फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। यही कारण है कि ऐसे लोग जो पौधों से प्रोटीन लेते हैं उनमें मोटापा और हृदय रोग का खतरा कम देखा जाता है।

    किन चीजों से लें प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
    आप अपनी रोज़मर्रा की डाइट में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं-

    दालें मूंग मसूर अरहर
    सोया टोफू और सोया चंक्स

    राजमा चना और लोबिया

    सूखे मेवे और सीड्स बादाम कद्दू के बीज सूरजमुखी के बीज

    अंकुरित अनाज और साबुत अनाज

    हरी पत्तेदार सब्जियां

    कितना प्रोटीन है जरूरी?
    आम तौर पर शरीर के वजन के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत तय की जाती है। यदि आपका वजन 50 किलोग्राम है तो रोजाना लगभग 50 ग्राम प्रोटीन लेना पर्याप्त माना जाता है। यह मात्रा आसानी से प्लांट-बेस्ड डाइट से पूरी की जा सकती है।

    डाइट में शामिल करने के आसान तरीके
    आप मूंग दाल को अंकुरित कर सलाद बना सकते हैं मूंग दाल या बेसन का चीला खा सकते हैं सब्जियों के साथ टोफू मिलाकर स्वादिष्ट भोजन बना सकते हैं या राजमा-बीन्स की टिक्की और कबाब ट्राय कर सकते हैं।कुल मिलाकर अगर आप बिना मांसाहार के भी मजबूत फिट और एनर्जेटिक रहना चाहते हैं तो प्लांट-बेस्ड प्रोटीन एक स्मार्ट और हेल्दी विकल्प है।

  • बीजापुर: नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की बेरहमी से हत्या; इलाके में फैला खौफ, पुलिस ने शुरू की सर्चिंग

    बीजापुर: नक्सलियों ने की पूर्व सरपंच की बेरहमी से हत्या; इलाके में फैला खौफ, पुलिस ने शुरू की सर्चिंग


    बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार देर शाम नक्सलियों ने गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव के पूर्व सरपंच भीमा मडकम की धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। नक्सलियों ने इस वारदात को तब अंजाम दिया जब पूर्व सरपंच अपने घर पर थे।

    वारदात के पीछे मुखबिरी का शक

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नक्सलियों का एक छोटा दल गांव पहुँचा और भीमा मडकम को घर से उठाकर कुछ दूर ले गया। वहां नक्सलियों ने उन पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाते हुए बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद नक्सलियों ने घटनास्थल के पास पर्चे भी फेंके हैं, जिनमें ग्रामीणों को चेतावनी दी गई है।

    दहशत में ग्रामीण

    इस हत्याकांड के बाद पूरे गांव और आसपास के अंचल में दहशत का माहौल है। नक्सलियों की धमक के कारण ग्रामीण कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लिया।

    आज होगा अंतिम संस्कार

    भीमा मडकम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा जिसके बाद गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

    वारदात के मुख्य बिंदु:

    मृतक भीमा मडकम पूर्व सरपंच ।, समय: मंगलवार देर शाम। स्थान बीजापुर जिला गंगालूर क्षेत्र। वजह नक्सलियों द्वारा मुखबिरी का शक। वर्तमान स्थिति इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती और सर्चिंग जारी।

  • इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका की 17 सदस्यीय टीम घोषित, असलांका को सौंपी गई कप्तानी

    इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका की 17 सदस्यीय टीम घोषित, असलांका को सौंपी गई कप्तानी


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने 17 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। इस सीरीज के साथ श्रीलंका ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह टी20 विश्व कप 2026 से पहले वनडे फॉर्मेट में स्थिरता और संतुलन पर खास ध्यान देना चाहता है। टीम की सबसे बड़ी खबर यह है कि चरिथ असलांका को वनडे टीम का कप्तान बनाया गया है। हाल ही में उन्हें टी20 फॉर्मेट की कप्तानी से हटाया गया थालेकिन वनडे में बोर्ड ने उन पर भरोसा कायम रखा है।

    अनुभव और युवाओं का संतुलन
    श्रीलंका की इस टीम में अनुभव और युवा जोश का अच्छा मिश्रण देखने को मिला है। लंबे समय से वनडे टीम से बाहर चल रहे धनंजय डी सिल्वा और तेज गेंदबाज दुष्मंथा चमीरा की वापसी हुई हैजिससे टीम की गहराई और अनुभव दोनों बढ़े हैं। पाकिस्तान के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज का हिस्सा रहे 14 खिलाड़ियों ने अपनी जगह बरकरार रखी हैजो चयनकर्ताओं की निरंतरता की नीति को दर्शाता है।

    मजबूत बल्लेबाजी क्रम

    बल्लेबाजी विभाग की बात करें तो श्रीलंका ने शीर्ष और मध्यक्रम दोनों को मजबूती देने की कोशिश की है। पथुम निसांका और कामिल मिशारा से पारी की ठोस शुरुआत की उम्मीद होगी। विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस और सदीरा समरविक्रमा मध्यक्रम में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा कामिंडू मेंडिस और जेनिथ लियानागे टीम को स्थिरता देने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर तेज रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऑलराउंडर धनंजय डी सिल्वा बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अहम साबित हो सकते हैं।

    गेंदबाजी में स्पिन का दबदबा
    श्रीलंका की टीम में गेंदबाजी विभाग को खास तवज्जो दी गई हैखासकर स्पिन आक्रमण को। वानिंदू हसरंगामहेश थीक्षानाजेफरी वेंडरसे और डुनिथ वेल्लालेज जैसे स्पिनर घरेलू परिस्थितियों में इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी असिथा फर्नांडोप्रमोद मदुशन और युवा ईशान मलिंगा के कंधों पर होगी।

    मैच शेड्यूल और वेन्यू

    तीन मैचों की यह वनडे सीरीज 2224 और 27 जनवरी को खेली जाएगी। सभी मुकाबले कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होंगे। वनडे सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जाएगीजिसके मुकाबले 30 जनवरी1 फरवरी और 3 फरवरी को पल्लेकेले इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित होंगे।

    हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
    श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच अब तक कुल 79 वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें इंग्लैंड ने 38 और श्रीलंका ने 37 मैचों में जीत दर्ज की है। तीन मुकाबले बेनतीजा रहे हैंजबकि एक मैच टाई रहा है। आंकड़े बताते हैं कि दोनों टीमों के बीच मुकाबला हमेशा कांटे का रहा है। हालिया फॉर्म भले ही श्रीलंका के पक्ष में न होलेकिन घरेलू परिस्थितियों में उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।कुल मिलाकरयह सीरीज न सिर्फ दोनों टीमों के लिए अहम होगीबल्कि क्रिकेट फैंस के लिए भी एक रोमांचक मुकाबला साबित हो सकती है।

    इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका की टीम:
    चरिथ असलांका (कप्तान)पथुम निसांकाकामिल मिशाराकुसल मेंडिससदीरा समरविक्रमापवन रथनायकेधनंजय डी सिल्वाजेनिथ लियानागेकामिंडू मेंडिसडुनिथ वेल्लालेजवानिंदू हसरंगाजेफरी वेंडरसेमहेश थीक्षानामिलन रथनायकेअसिथा फर्नांडोप्रमोद मदुशनईशान मलिंगा।

  • ‘द 50’ से खुद को चुनौती देने उतरीं रिद्धि डोगरा, बोलीं– कंफर्ट जोन से बाहर निकलना मेरे लिए जरूरी

    ‘द 50’ से खुद को चुनौती देने उतरीं रिद्धि डोगरा, बोलीं– कंफर्ट जोन से बाहर निकलना मेरे लिए जरूरी


    नई दिल्ली। एंटरटेनमेंट की दुनिया में एक और बड़ा रियलिटी शो दर्शकों का ध्यान खींचने को तैयार है। मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर फराह खान के नए रियलिटी शो द 50 का प्रीमियर 1 फरवरी से जियो हॉटस्टार और कलर्स टीवी पर होने जा रहा है। शो को लेकर पहले से ही जबरदस्त चर्चा है और अब इसमें शामिल हो रहीं अभिनेत्री रिद्धि डोगरा के बयान ने उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    रिद्धि डोगरा ने इस शो को अपने करियर का एक अहम पड़ाव बताया है। उनका कहना है कि एक कलाकार के तौर पर खुद को बार-बार चुनौती देना बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह कभी भी अपने कंफर्ट जोन में फंसी रहना नहीं चाहतीं। रिद्धि के मुताबिक एक्टर के लिए सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती और हर नया अनुभव उसे बेहतर इंसान और कलाकार बनाता है।

    कंफर्ट जोन से बाहर निकलने का मौका
    रिद्धि डोगरा मानती हैं कि द 50 उन्हें खुद को एक नए नजरिए से देखने का अवसर देगा। उन्होंने कहाएक एक्टर के तौर पर मैं हमेशा सीखने और खुद को उस दायरे से बाहर निकालने के नए तरीके ढूंढती हूं जिसमें एक्टर्स अक्सर फंस जाते हैं।उनके अनुसार यह शो सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि आत्म-खोज का एक सफर है।

    किरदार नहीं असली रिद्धि आएंगी सामने
    द 50 की सबसे खास बात यह है कि इसमें रिद्धि किसी काल्पनिक किरदार में नहीं बल्कि अपने असल व्यक्तित्व के साथ नजर आएंगी। इस अनुभव को लेकर वह कहती हैं कि यह उनके लिए बिल्कुल नई दुनिया में कदम रखने जैसा है।रिद्धि के शब्दों में यह शो मुझे एक ऐसी जगह ले जाता है जहां कोई किरदार नहीं है। मैं जैसी हूं वैसी ही दर्शकों के सामने रहूंगी। यह मेरे लिए खुद को बेहतर तरीके से समझने और पेश करने का मौका है।

    फैंस का साथ ही सबसे बड़ी ताकत
    रिद्धि डोगरा अपने प्रशंसकों के प्यार और समर्थन को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानती हैं। उनका कहना है कि फैंस और शुभचिंतक ही उनके पंख हैं जो उन्हें हर बार नई उड़ान भरने की हिम्मत देते हैं। वह इस शो के जरिए अपने सफर के हर उतार-चढ़ाव को दर्शकों के साथ साझा करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।

    क्या है द 50 का खास कॉन्सेप्ट?
    फराह खान द्वारा होस्ट किया जाने वाला द 50 एक अनोखे कॉन्सेप्ट पर आधारित रियलिटी शो है जिसमें 50 मशहूर हस्तियां हिस्सा लेंगी। शो में कंटेस्टेंट्स को अलग-अलग शारीरिक मानसिक और रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना होगा। करीब 50 एपिसोड के बाद शो को एक विजेता मिलेगा।

    दर्शकों को भी मिलेगा इनाम जीतने का मौका
    इस शो की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें सिर्फ कंटेस्टेंट्स ही नहीं बल्कि दर्शक भी जीत सकते हैं। फैंस अपने पसंदीदा प्रतियोगी को चुनकर उस पर दांव लगा सकेंगे। अगर उनका चुना हुआ कंटेस्टेंट शो जीतता है तो दर्शकों को भी प्राइज मनी का हिस्सा मिलेगा।कुल मिलाकर द 50 न सिर्फ कंटेस्टेंट्स बल्कि दर्शकों के लिए भी रोमांच रणनीति और भावनाओं से भरा एक नया अनुभव लेकर आ रहा है। रिद्धि डोगरा इस शो में एक मजबूत और गंभीर दावेदार के रूप में उभरती नजर आ रही हैं जिनसे उनके फैंस को काफी उम्मीदें हैं।

  • परवीन बाबी: बॉलीवुड की चमकती हसीना, अकेलेपन और बीमारी के बीच डूब गई जिंदगी

    परवीन बाबी: बॉलीवुड की चमकती हसीना, अकेलेपन और बीमारी के बीच डूब गई जिंदगी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में शोहरत जितनी तेजी से मिलती है उतनी ही बेरहमी से छिन भी जाती है। इस बात का सबसे दर्दनाक उदाहरण हैं 70 और 80 के दशक की ग्लैमरस और बोल्ड अभिनेत्री परवीन बाबी। पर्दे पर आत्मविश्वास और ग्लैमर की नई परिभाषा गढ़ने वाली परवीन असल जिंदगी में अकेलेपन मानसिक बीमारी और गुमनामी से जूझती रहीं।

    परवीन बाबी का जन्म 4 अप्रैल 1954 को गुजरात के जूनागढ़ में हुआ। एक नवाबी परिवार में जन्मी परवीन ने कम उम्र में ही पिता का साथ खो दिया लेकिन उनका पालन-पोषण अच्छे माहौल में हुआ। 18 साल की उम्र में उन्होंने मॉडलिंग शुरू की। अहमदाबाद में एक शूटिंग के दौरान फिल्ममेकर बी.आर. इशारा की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने परवीन को फिल्मों में कदम रखने का मौका दिया।

    साल 1974 में परवीन नेमजबूर फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा और अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जोड़ी बेहद सफल रही। इसके बाद उन्होंनेदीवारअमर अकबर एंथनीनमक हलाल जैसी सुपरहिट और कल्ट फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई।परवीन की निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही। उनका नाम अभिनेता डैनी डेन्जोंगपा कबीर बेदी और फिल्ममेकर महेश भट्ट से जुड़ा। महेश भट्ट के साथ उनका रिश्ता सबसे चर्चित रहा लेकिन समय के साथ यह रिश्ता टूट गया और परवीन की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी।

    परवीन पैरानॉइड सिज़ोफ्रेनिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं। इस बीमारी में व्यक्ति को भ्रम होने लगता है कि उसके आसपास के लोग उसे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कई बार अपने करीबियों और फिल्मी हस्तियों पर गंभीर आरोप लगाए और धीरे-धीरे उन्होंने खुद को दुनिया से अलग कर लिया।22 जनवरी 2005 को परवीन बाबी की मौत हुई। उनके फ्लैट में 2-3 दिन तक दूध और अखबार पड़े रहने के कारण पड़ोसियों को शक हुआ। पुलिस ने जब दरवाजा खोला तो उनका शव बिस्तर पर पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत मल्टीपल ऑर्गन फेलियर से हुई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि उनके पेट में खाने का एक निवाला तक नहीं था यानी वह भूख से भी जूझ रही थीं।

    उनका अंतिम संस्कार मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ क्योंकि उस समय उन्हें पहचानने वाला कोई नहीं था।परवीन बाबी की कहानी केवल एक अभिनेत्री की नहीं है बल्कि यह ग्लैमर और शोहरत के पीछे छिपे अकेलेपन और मानसिक संघर्ष की कड़वी सच्चाई की याद दिलाती है। चमकते सितारे की यह जिंदगी अंत में गुमनामी बीमारी और तन्हाई में समाप्त हुई।

  • Hair Care Tips: सर्दियों में ड्राई और बेजान बाल नहीं होंगे परेशानी, अपनाएं ये 6 असरदार उपाय

    Hair Care Tips: सर्दियों में ड्राई और बेजान बाल नहीं होंगे परेशानी, अपनाएं ये 6 असरदार उपाय

    नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में स्किन के साथ-साथ बाल भी रूखे और बेजान होने लगते हैं। ऐसे में बालों को ज्यादा देखभाल की जरुरत होती है। दरअसल, सर्दियों के समय हवा में नमी नहीं होती है, जिससे बालों में ड्राईनेस जल्दी हो जाती है। ऐसे में सही हेयर केयर न करने पर लोगों को डैंड्रफ, हेयर फॉल और ड्राई स्कैल्प जैसी समस्याएं हो जाती हैं।
    बालों को सॉफ्ट, स्मूद और हेल्दी बनाए रखने के लिए आपको रेगुलर हेयर केयर रूटीन को फॉलो करना जरुरी होता है। तो चलिए जानते हैं कि सर्दियों में अपने स्कैल्प और बालों को कैसे हेल्दी रख सकते हैं। इस लेख में बताए गए Hair Care Tips से आप बिना सैलून गए, अपने बालों को सॉफ्ट और शाइनी बना सकती हैं।
    सर्दियों में ऐसे करें हेयर केयर
    1. हेयर ऑयलिंग करें
    सर्दियों के मौसम में बालों को धोने से 2 घंटे पहले तेल से अच्छी तरह से मालिश जरुर करें। इससे स्कैल्प और और बाल, दोनों को पोषण मिलता है, साथ ही इससे बालों की जड़े भी मजबूत बनती हैं और डैंड्रफ और हेयर फॉल जैसी समस्याओं से निजात मिलता है।
    2. शैंपू करने का सही तरीका
    कई लोग बाल धोते समय शैंपू को डायरेक्टली अपने स्कैल्प पर अप्लाई करते हैं, लेकिन यह बिल्कुल गलत है। शैंपू में मौजूद हानिकारक केमिकल्स हेयर हेल्थ को खराब कर बालों को डैमेज कर सकते हैं। ऐसे में शैंपू और पानी को बराबर की मात्रा में लेकर उन्हें मिलाएं और फिर हाथों से लेकर सिर पर लगाएं। कोशिश करें कि जो शैंपू आप इस्तेमाल कर रहे हैं वो माइल्ड हो, इससे बाल ज्यादा डैमेज नहीं होते हैं।
    3. डीप कंडीशनिंग है जरुरी
    सर्दियों के मौसम में बालों के लिए डीप कंडीशनिंग बेहद जरुरी होती है। इसके लिए सबसे पहले शैंपू से हेयर वॉश करें, फिर माइल्ड कंडीशनर या हेयर मास्क अप्लाई करें। इसके लिए आप होममेड हेयर मास्क भी तैयार कर सकते हैं, जैसे अंडा, केला या शहद आदि। इससे बाल सॉफ्ट और चमकदार बनते हैं।
    4. गर्म पानी से न धोएं बाल
    ठंड के मौसम में कई लोग बाल धोने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं। गर्म पानी से स्कैल्प और बालों की नमी छिन जाती है और बाल रूखे हो जाते हैं। ड्राईनेस के कारण बालों में डैंडरफ की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में नहाते समय हल्के गुनगुने पानी या फिर नॉर्मल पानी का इस्तेमाल करें। इससे बाल स्वस्थ्य बने रहते हैं।
    5. हीट स्टाइलिंग से बचें
    कुछ लोग गीले बालों को सूखाने के लिए हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, ड्रायर बालों की नमी सोख लेता है, जिससे बाल रूखे और बेजान से हो जाते हैं। साथ ही, ज्यादा हीट स्ट्रेटनिंग करने से भी बचना चाहिए, इससे भी बाल डैमेज होने का खतरा रहता है।
    6. अंडे और दही का हेयर मास्क
    रूखे स्कैल्प से राहत पाने के लिए दही और अंडे का हेयर मास्क आज़माएं। यह बालों को सॉफ्ट करने के साथ-साथ स्कैल्प को पोषण भी देता है। अंडे में मौजूद प्रोटीन और फैट्स स्कैल्प को गहराई से पोषण देकर रूखेपन को दूर करते हैं, जबकि दही बालों को सॉफ्ट और स्कैल्प को एक्सफोलिएट करने में मदद करती है। आधा कप दही में एक अंडा मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे बाल धोने से 10 मिनट पहले स्कैल्प पर लगाएं और सूखने के बाद धो लें।
  • एआर रहमान के बयान पर सियासी बवाल: अर्जुन सिंह की टिप्पणी से भड़की बहस, अनूप जलोटा की प्रतिक्रियाओं ने बढ़ाई तीखी चर्चा

    एआर रहमान के बयान पर सियासी बवाल: अर्जुन सिंह की टिप्पणी से भड़की बहस, अनूप जलोटा की प्रतिक्रियाओं ने बढ़ाई तीखी चर्चा


    नई दिल्ली। संगीतकार एआर रहमान के हालिया बयान ने एक बार फिर सुर्खियों में उन्हें ला दिया है। रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें अब पहले की तरह काम नहीं मिल रहा है और वह अपने करियर के वर्तमान दौर को लेकर असमंजस में हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में विवाद शुरू हो गया और पश्चिम बंगाल के BJP के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया दी, जिससे मामला और बिगड़ गया।

    अर्जुन सिंह ने पहले रहमान की प्रतिभा की तारीफ की और कहा कि वह उनके संगीत का सम्मान करते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने एक विवादित दावा भी किया।

    उन्होंने कहा कि एआर रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया था और अब उन्हें “सनातन धर्म में वापस लौटना चाहिए।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं और कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक टिप्पणी करार दिया।

    अर्जुन सिंह ने अपने बयान में बॉलीवुड की मौजूदा स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का प्रभाव घट रहा है, जबकि साउथ सिनेमा तेजी से बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, साउथ फिल्मों की कहानी, प्रस्तुति और तकनीक बेहतर है, इसलिए लोग डब की गई साउथ फिल्मों को भी बड़ी संख्या में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बॉलीवुड ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूरी बना ली है, जिसका असर अब इंडस्ट्री की दशा पर दिख रहा है।

    इस विवाद में अनूप जलोटा का नाम भी जुड़ गया। पहले उन्होंने एआर रहमान के बयान को “खतरनाक” बताया था और कहा था कि वह 50 साल से बॉलीवुड में हैं और वहां सांप्रदायिकता की जगह नहीं होनी चाहिए। लेकिन बाद में उन्होंने एक और बयान देकर चर्चा बढ़ा दी, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि अगर रहमान “हिंदू बनकर देखें” तो उन्हें फिर से काम मिलने लगेगा। जलोटा ने कहा, “उन्हें यह मानना चाहिए कि हिंदू बनने से उन्हें दोबारा फिल्में मिलने लगेंगी। यही बात रहमान कहना चाहते हैं। इसलिए मेरा सुझाव है कि वे हिंदू बनकर देखें और जांचें कि क्या उन्हें फिर से फिल्में मिलती हैं या नहीं।”

    अनूप जलोटा की इस टिप्पणी को भी कई लोगों ने आलोचना की, क्योंकि यह धर्म को करियर से जोड़ने वाला बयान माना गया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि कलाकारों के काम और पहचान को धर्म से जोड़कर देखा जाना गलत है,

    जबकि कुछ लोग इसे उनकी निजी राय मानकर ठीक भी बता रहे हैं।

    वहीं, इस पूरे विवाद के बीच एआर रहमान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वह अपने संगीत और फिल्मों के लिए जाने जाते हैं और कई बार उन्होंने अपने काम को ही अपनी पहचान बताया है। इस विवाद ने फिर एक बार यह सवाल उठाया है कि क्या कला और कलाकारों को धर्म और राजनीति से जोड़ा जाना चाहिए या नहीं।

    फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है, और लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। कलाकारों के काम को लेकर बहस जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी की धार्मिक पहचान को उनकी सफलता या असफलता से जोड़ा जा सकता है।

  • धुरंधर 2 में विक्की कौशल की सरप्राइज एंट्री? ‘उरी’ के मेजर विहान शेरगिल बनकर एक्सटेंडेड कैमियो की चर्चा तेज

    धुरंधर 2 में विक्की कौशल की सरप्राइज एंट्री? ‘उरी’ के मेजर विहान शेरगिल बनकर एक्सटेंडेड कैमियो की चर्चा तेज



    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल के फैंस के लिए एक बड़ी और रोमांचक खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विक्की सुपरहिट फिल्म धुरंधर के सीक्वल धुरंधर 2: द रिवेंज का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि इस बार वह मुख्य भूमिका में नहीं बल्कि एक अहम एक्सटेंडेड कैमियो में नजर आने वाले हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में विक्की अपने बेहद लोकप्रिय और करियर-टर्निंग किरदार मेजर विहान शेरगिल के रूप में वापसी कर सकते हैं, जिसे उन्होंने उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक में निभाया था।

    मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के निर्देशक आदित्य धर इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी गोपनीयता बरत रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि आदित्य धर एक बड़े सिनेमैटिक फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं, जिसे धुरंधर यूनिवर्स के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत अलग-अलग फिल्मों और टाइमलाइन के किरदारों को आपस में जोड़ा जा रहा है, ताकि भविष्य में स्पिन-ऑफ्स और नई कहानियों की मजबूत नींव रखी जा सके। विक्की कौशल का यह कैमियो इसी यूनिवर्स बिल्डिंग का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

    फिलहाल यह साफ नहीं है कि विक्की कौशल का किरदार फिल्म के लीड एक्टर रणवीर सिंह के साथ किसी सीन में नजर आएगा या नहीं। हालांकि रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि विक्की के कैमियो में कुछ दमदार और प्रभावशाली एक्शन सीक्वेंस शामिल होंगे, जो कहानी को एक निर्णायक मोड़ दे सकते हैं। माना जा रहा है कि उनकी एंट्री को फिल्म में पूरी तरह सरप्राइज एलिमेंट के तौर पर रखा गया है।

    सूत्रों के अनुसार, विक्की कौशल ने अपने हिस्से की शूटिंग पिछले साल ही पूरी कर ली थी। आदित्य धर और विक्की की जोड़ी इससे पहले ‘उरी’ में शानदार काम कर चुकी है और दोनों के बीच मजबूत क्रिएटिव बॉन्डिंग मानी जाती है। यही वजह है कि भविष्य में ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज़ी के अन्य प्रोजेक्ट्स में भी विक्की की मौजूदगी की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

    गौरतलब है कि मेजर विहान शेरगिल का किरदार विक्की कौशल के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था। इसी भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था। ऐसे में ‘धुरंधर 2’ में इस किरदार की संभावित वापसी दर्शकों के लिए नॉस्टैल्जिया के साथ-साथ जबरदस्त एक्साइटमेंट लेकर आ सकती है, खासकर उन फैंस के लिए जो विक्की को एक बार फिर देशभक्ति और एक्शन अवतार में देखना चाहते हैं।

    ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ सुपरहिट फिल्म ‘धुरंधर’ का सीक्वल है और इसे 2026 की सबसे बड़ी एक्शन फिल्मों में शामिल माना जा रहा है। फिल्म 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हाल ही में इसके टीजर को अत्यधिक हिंसा के कारण ‘A’ सर्टिफिकेट दिया गया है। रिलीज के दिन फिल्म का सीधा मुकाबला सुपरस्टार यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ से होगा, जिसे 2026 के सबसे बड़े बॉक्स ऑफिस क्लैश में से एक माना जा रहा है। वहीं फिल्म का टीजर 23 जनवरी को रिलीज होने वाली ‘बॉर्डर 2’ के साथ सिनेमाघरों में दिखाया जाएगा।

  • शाहरुख खान के वीडियो पर मचा बवाल: जॉय अवॉर्ड्स 2026 की वायरल क्लिप में हांडे एर्सेल की कथित सफाई से बढ़ा भ्रम

    शाहरुख खान के वीडियो पर मचा बवाल: जॉय अवॉर्ड्स 2026 की वायरल क्लिप में हांडे एर्सेल की कथित सफाई से बढ़ा भ्रम


    नई दिल्ली । सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित जॉय अवॉर्ड्स 2026 के दौरान बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की मौजूदगी एक बार फिर सुर्खियों में है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय इवेंट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तुर्की की मशहूर एक्ट्रेस और मॉडल हांडे एर्सेल दर्शक दीर्घा में बैठकर अपने मोबाइल फोन से मंच का वीडियो रिकॉर्ड करती नजर आती हैं। मंच पर उस समय शाहरुख खान मिस्र की चर्चित एक्ट्रेस अमीना खलील के साथ मौजूद थे।

    वीडियो सामने आते ही शाहरुख खान से जुड़े कई फैन पेजों ने इसे शेयर करना शुरू कर दिया। इन पोस्ट्स के साथ यह दावा किया गया कि हांडे एर्सेल शाहरुख खान को रिकॉर्ड कर रही थीं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने यहां तक कहना शुरू कर दिया कि हांडे शाहरुख की फैन हैं और उन्हें देखने के लिए उत्साहित नजर आ रही हैं। देखते ही देखते यह क्लिप सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी और दोनों सितारों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया।

    इसी बीच विवाद ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब सोशल मीडिया पर हांडे एर्सेल के नाम से एक कथित इंस्टाग्राम स्टोरी वायरल होने लगी। इस स्टोरी में लिखा गया था ये अंकल कौन हैं? मैं सिर्फ अपनी दोस्त अमीना खलील को रिकॉर्ड कर रही थी। मैं उनकी फैन नहीं हूं। कृपया गलत जानकारी न फैलाएं। इस बयान के स्क्रीनशॉट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और मामला तेजी से फैल गया।

    हालांकि इस कथित स्टोरी को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पोस्ट फिलहाल हांडे एर्सेल के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मौजूद नहीं है और न ही एक्ट्रेस ने सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि की है। कई सोशल मीडिया यूजर्स और फैन अकाउंट्स का दावा है कि यह स्टोरी पूरी तरह फर्जी है और जानबूझकर वायरल की जा रही है। कुछ लोगों का आरोप है कि इस तरह की पोस्ट्स शाहरुख खान की छवि को नुकसान पहुंचाने या अनावश्यक विवाद खड़ा करने के इरादे से फैलाई गई हैं।

    अब तक हांडे एर्सेल या उनकी टीम की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है जिससे भ्रम की स्थिति और गहरी हो गई है। वहीं शाहरुख खान की ओर से भी इस वायरल वीडियो या कथित स्टोरी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।गौरतलब है कि शाहरुख खान जॉय अवॉर्ड्स 2026 में बतौर विशेष अतिथि शामिल हुए थे और उन्होंने मंच से अवॉर्ड भी प्रस्तुत किया। उनकी मौजूदगी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर पहले से ही खासा उत्साह देखने को मिला था।

    हांडे एर्सेल तुर्की की सबसे लोकप्रिय एक्ट्रेस और मॉडल्स में शुमार हैं। 24 नवंबर 1993 को तुर्की के बांदिरमा शहर में जन्मी हांडे ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और 2012 में मिस तुर्की का खिताब जीता। अस्क लाफ्तान अनलमाज सेन चाल कपीमी और बंबास्का बिरी जैसे हिट शोज़ से उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। वर्ष 2026 में उन्हें ELLE स्टाइल अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। हांडे कई बार भारतीय सिनेमा की तारीफ कर चुकी हैं और बॉलीवुड में काम करने की इच्छा भी जता चुकी हैं। फिलहाल जॉय अवॉर्ड्स 2026 से जुड़ा यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आधिकारिक पुष्टि के अभाव में अटकलें जारी हैं।

  • द स्पिरिट हंटर्स: मन, ऊर्जा और चेतना को जोड़कर हीलिंग की एक नई समग्र पहल

    द स्पिरिट हंटर्स: मन, ऊर्जा और चेतना को जोड़कर हीलिंग की एक नई समग्र पहल


    नई दिल्ली । उपचार की प्रक्रिया हमेशा केवल दवाओं, मशीनों या तय तकनीकों तक सीमित नहीं रही है। समय के साथ यह समझ गहरी होती गई है कि कई मानसिक और भावनात्मक समस्याओं की जड़ व्यक्ति के मन, भावनाओं और ऊर्जा के स्तर पर छिपी होती है। इसी सोच से जन्मी है द स्पिरिट हंटर्स नामक पहल, जो उपचार को एक समग्र और संवेदनशील दृष्टिकोण से देखने का प्रयास करती है।द स्पिरिट हंटर्स उन लोगों के लिए एक सुरक्षित और सहज स्पेस उपलब्ध कराता है, जो मानसिक तनाव, भावनात्मक उलझन, भीतर के भय या ऐसे अनुभवों से गुजर रहे होते हैं, जिन्हें वे स्वयं भी स्पष्ट शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाते। यहाँ उद्देश्य किसी निष्कर्ष पर तुरंत पहुँचना नहीं, बल्कि व्यक्ति की स्थिति को गहराई, धैर्य और समझ के साथ सुनना और समझना है। यह मंच जजमेंट-फ्री माहौल में व्यक्ति को खुलकर अपनी बात रखने का अवसर देता है।

    इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता उपचार को देखने का उसका अलग नजरिया है। द स्पिरिट हंटर्स का मानना है कि हर व्यक्ति की समस्या अलग होती है इसलिए उसका समाधान भी एक जैसा नहीं हो सकता। यहाँ किसी तय ढाँचे या फॉर्मूले के बजाय व्यक्ति के अनुभव, मानसिक स्थिति और ऊर्जा संतुलन को ध्यान में रखकर मार्गदर्शन दिया जाता है। उपचार प्रक्रिया में मानसिक और भावनात्मक बातचीत ऊर्जा संतुलन से जुड़े सेशन्स, अवचेतन मन को समझने की तकनीकें और असहज या नकारात्मक प्रभावों की पहचान जैसे पहलू शामिल होते हैं। यह तरीका व्यक्ति को केवल तात्कालिक राहत नहीं देता, बल्कि आत्म-समझ और आंतरिक स्पष्टता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है।

    द स्पिरिट हंटर्स में ऊर्जा और आध्यात्मिक संवेदनशीलता से जुड़ा मार्गदर्शन अंकिता के. द्वारा संभाला जाता है। उनका फोकस लोगों को उनकी आंतरिक ऊर्जा से दोबारा जोड़ने पर रहता है, ताकि वे अपने भीतर चल रहे असंतुलन को पहचान सकें। उनका दृष्टिकोण डर अंधविश्वास या रहस्य पर आधारित नहीं, बल्कि शांति संतुलन और आत्मिक स्थिरता पर केंद्रित है। कई मामलों में यह मार्गदर्शन व्यक्ति को भावनात्मक रूप से हल्का महसूस कराने और उलझे हुए विचारों को स्पष्ट करने में सहायक साबित होता है।वहीं मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक पक्ष को संतुलित करने का कार्य डॉ. अक्षय के. वी. करते हैं। मनोविज्ञान और काउंसलिंग की पृष्ठभूमि के साथ उनका दृष्टिकोण व्यक्ति के मन में चल रही प्रक्रियाओं को समझने और उन्हें व्यावहारिक तरीके से सुलझाने पर केंद्रित रहता है। इससे उपचार की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित स्थिर और ज़मीनी बनती है।

    द स्पिरिट हंटर्स की खास बात यह है कि यहाँ विज्ञान और अध्यात्म को एक-दूसरे से अलग नहीं बल्कि पूरक के रूप में देखा जाता है। मानसिक समझ ऊर्जा और चेतना की संवेदनशीलता, व्यवहारिक मार्गदर्शन और गहराई से सुनने की प्रक्रिया ये सभी पहलू मिलकर व्यक्ति को संतुलित सहयोग प्रदान करते हैं। आज के तेज़ और दबाव भरे जीवन में जहाँ लोग अपनी समस्याओं को समझने और व्यक्त करने में भी कठिनाई महसूस करते हैं द स्पिरिट हंटर्स एक ऐसे हीलिंग स्पेस के रूप में उभरता है जहाँ बिना जल्दबाज़ी के सुना जाए और बिना जजमेंट के समझा जाए। यह पहल इस विचार को आगे बढ़ाती है कि उपचार केवल समस्या को ठीक करना नहीं बल्कि व्यक्ति को अपने भीतर संतुलन स्पष्टता और शांति की ओर ले जाना है।