Author: bharati

  • सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों की फिटनेस और ट्रेनिंग पर उठाए सवाल, हैमस्ट्रिंग की चोटों पर जताई चिंता

    सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों की फिटनेस और ट्रेनिंग पर उठाए सवाल, हैमस्ट्रिंग की चोटों पर जताई चिंता

    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की लगातार चोटों ने फिटनेस और प्रशिक्षण के मौजूदा तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, साई सुदर्शन, नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे कई प्रमुख खिलाड़ी अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। इस बीच पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का बचाव करते हुए खिलाड़ियों की मूल ट्रेनिंग प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

    सुनील गावस्कर का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों में बार-बार सामने आ रही हैमस्ट्रिंग की समस्या को सामान्य मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके पीछे के मूल कारणों को समझने के लिए खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और वर्कलोड मैनेजमेंट की गहराई से समीक्षा की जानी बेहद जरूरी है। अधिकतर खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते समय चोटिल होते हैं, लेकिन बाद में दोष बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो और मेडिकल स्टाफ पर मढ़ दिया जाता है।

    आधुनिक क्रिकेट में अपनाए जा रहे वर्कलोड मैनेजमेंट पर टिप्पणी करते हुए पूर्व कप्तान ने कहा कि अभ्यास सत्र के दौरान गेंदबाजों पर लगाई जाने वाली गेंदें फेंकने की सीमा हमेशा लाभदायक नहीं होती। उन्होंने उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि जब एक टी20 मुकाबले में गेंदबाज को कम से कम चार ओवर यानी 24 गेंदें फेंकनी होती हैं, तो अभ्यास में उसे 20 से कम गेंदें फेंकने तक सीमित रखना व्यावहारिक नहीं है। इससे खिलाड़ी मैदान की वास्तविक परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो पाते।

    फिटनेस के तय पैमानों पर बात करते हुए गावस्कर ने स्पष्ट किया कि केवल जिम में पसीना बहाकर हासिल की गई शारीरिक क्षमता पर्याप्त नहीं है। मैदान की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप शरीर को ढालना और मैच फिट होना अधिक आवश्यक है। बार-बार लगने वाली चोटों से टीम का संतुलन भी प्रभावित होता है, जिस पर कप्तान शुभमन गिल भी पूर्व में चिंता जाहिर कर चुके हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच अब इस विषय पर गंभीर बहस छिड़ गई है।

    आगामी बड़े टूर्नामेंटों और विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों का लगातार स्वस्थ और उपलब्ध रहना बेहद आवश्यक माना जा रहा है। यदि वर्कलोड और ट्रेनिंग के तरीकों में समय रहते सुधार नहीं किया गया तो इसका असर टीम के समग्र प्रदर्शन पर पड़ सकता है। फिलहाल बीसीसीआई और प्रबंधन द्वारा इस दिशा में उठाए जाने वाले आगामी कदमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • अभिनेता सनी देओल ने गदर 3 के संभावित विचार पर दी प्रतिक्रिया, पोते की बीवी लाने के सुझाव को बताया दिलचस्प

    अभिनेता सनी देओल ने गदर 3 के संभावित विचार पर दी प्रतिक्रिया, पोते की बीवी लाने के सुझाव को बताया दिलचस्प


    नई दिल्ली । 
    बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता सनी देओल ने अपनी प्रसिद्ध फिल्म फ्रेंचाइजी के अगले भाग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक दिलचस्प प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में अपनी नई फिल्म की रिलीज के बाद आयोजित एक विशेष बातचीत के दौरान जब उनसे गदर 3 के संभावित कथानक को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे हास्यप्रद और विचारणीय बताया। अभिनेता ने संकेत दिया कि फिल्म निर्माण के इस विचार को निर्देशक के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।

    बातचीत के दौरान एक प्रशंसक की टिप्पणी का हवाला दिया गया, जिसमें पहली और दूसरी फिल्म के घटनाक्रमों की तुलना करते हुए तीसरी किश्त की संभावित कहानी पर चुटकी ली गई थी। इस टिप्पणी में कहा गया था कि पहली फिल्म में मुख्य पात्र अपनी पत्नी को वापस लाने सीमा पार गया था, जबकि दूसरी फिल्म में पुत्र और उसकी पत्नी का संदर्भ था। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रशंसक ने पूछा कि क्या तीसरे भाग में पोते और उसकी पत्नी की कहानी देखने को मिलेगी। इस पर अभिनेता ने सहजता से हंसते हुए प्रतिक्रिया दी कि यह विचार बुरा नहीं है और वे इस बारे में निर्देशक अनिल शर्मा से बात करेंगे।

    गदर फ्रेंचाइजी भारतीय सिनेमा के इतिहास में व्यावसायिक दृष्टिकोण से अत्यंत सफल रही है। वर्ष 2001 में प्रदर्शित हुई इसकी पहली किश्त ने बॉक्स ऑफिस पर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की थी। इसके दो दशक से अधिक समय बाद वर्ष 2023 में इसका दूसरा भाग दर्शकों के सामने आया, जिसने कमाई के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए। दोनों ही फिल्मों का निर्देशन अनिल शर्मा द्वारा किया गया था और दोनों में ही मुख्य पात्र तारा सिंह की भूमिका को दर्शकों का भरपूर स्नेह मिला।

    फिल्म के मुख्य चरित्र तारा सिंह पर चर्चा करते हुए अभिनेता ने कहा कि यह किरदार लोगों के दिलों के बेहद करीब रहा है। यह एक सकारात्मक और भावनात्मक जुड़ाव महसूस कराने वाली फिल्म श्रृंखला रही है, जिसे हर वर्ग के दर्शकों ने सराहा है। यही कारण है कि इस फ्रेंचाइजी के हर नए विचार को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी रहती है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फ्रेंचाइजी का विशेष आकर्षण हमेशा से रहा है।

    हालांकि, फिल्म के तीसरे भाग की आधिकारिक पुष्टि को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। पूर्व में दिए गए बयानों में निर्देशक अनिल शर्मा ने स्पष्ट किया था कि वे गदर 3 का निर्माण तभी करेंगे जब उनके पास एक अत्यंत प्रभावशाली और मजबूत पटकथा होगी। उन्होंने कहा था कि कहानी का स्तर पहली और दूसरी फिल्म से भी अधिक दमदार होना अनिवार्य है, तभी इसके निर्माण का औचित्य साबित होगा।

    वर्तमान में अभिनेता की नई फिल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है, जिसे दर्शकों की ओर से प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इसके साथ ही गदर 3 को लेकर सामने आए इस बयान ने एक बार फिर से सिनेमाई गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह प्रशंसक का विचार वाकई किसी आधिकारिक पटकथा का रूप ले पाता है या नहीं।

  • सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को अलमारी में मिले नोटों से भरे 4 बैग, 3 करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद

    सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को अलमारी में मिले नोटों से भरे 4 बैग, 3 करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद

    सागर। सागर शहर के तिली क्षेत्र में रविवार को हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस उस समय हैरान रह गई, जब तलाशी के दौरान एक अलमारी से नकदी से भरे चार बैग बरामद हुए। बैगों में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी थीं। पुलिस के अनुसार, बरामद नकदी की रकम 3 करोड़ रुपये से अधिक है। देर रात तक इलेक्ट्रॉनिक मशीन से नोटों की गिनती की जाती रही।

    मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि स्थानीय निवासी सौरभ अहिरवार ने सोशल मीडिया पर पिस्टल के साथ तस्वीर पोस्ट की है। इसके बाद घर में अवैध हथियार होने की आशंका पर पुलिस की विशेष टीम ने तिली स्थित उसके मकान पर तलाशी की।

    बंद अलमारी खोलते ही मिले नकदी से भरे बैग

    पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान कमरे में रखी एक बंद अलमारी को पंचनामा तैयार कर खुलवाया गया। अलमारी के भीतर चार भारी बैग रखे मिले। जब बैग खोले गए तो उनमें 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां देखकर पुलिस अधिकारी भी चौंक गए।

    मामले की सूचना मिलते ही एसपी अनुराग सुजानिया और एएसपी नरेंद्र सोलंकी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बरामद रकम इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए इलेक्ट्रॉनिक करेंसी काउंटर मशीन मंगानी पड़ी।


    देर रात तक होती रही नोटों की गिनती

    पुलिस के अनुसार, नोटों की गिनती दोपहर बाद शुरू हुई और रात करीब 12 बजे तक चलती रही। शुरुआती गिनती में अकेले एक बैग से करीब 1.33 करोड़ रुपये मिलने की बात सामने आई है। चारों बैगों की कुल रकम 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

    पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुलिस ने नोटों की बरामदगी और गिनती की वीडियोग्राफी भी कराई।

    रिश्तेदार के पैसे होने का दावा

    पूछताछ में परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि बरामद रकम भोपाल निवासी उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार की है। परिजनों का दावा है कि करीब आठ महीने पहले रमेश ने यह रकम अमानत के तौर पर यहां रखी थी।

    हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए दस्तावेज और रकम के स्रोत की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि मामले में हवाला कारोबार या बेनामी और अघोषित संपत्ति का कोण भी हो सकता है।

    40 लाख के प्लॉट की भी जानकारी जुटा रही पुलिस

    स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि परिवार के रहन-सहन में हाल के दिनों में अचानक बदलाव आया था। पुलिस को सौरभ द्वारा हाल में करीब 40 लाख रुपये का प्लॉट खरीदे जाने की जानकारी भी मिली है। अब पुलिस इस संपत्ति की खरीद और बरामद नकदी के बीच किसी संबंध की भी जांच कर रही है।

    मामले की सूचना आयकर और राजस्व विभाग को दे दी गई है। पुलिस और संबंधित विभाग अब बरामद रकम के वैध स्रोत, उसके मालिकाना हक और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। हथियार की तलाश में शुरू हुई कार्रवाई अब करोड़ों रुपये की नकदी के स्रोत की जांच तक पहुंच गई है।

  • भोपाल में सजेगा अनुभव और हुनर का मंच, MCU के अभ्युदय 2026 में पीयूष मिश्रा समेत 50 पूर्व छात्र करेंगे संवाद

    भोपाल में सजेगा अनुभव और हुनर का मंच, MCU के अभ्युदय 2026 में पीयूष मिश्रा समेत 50 पूर्व छात्र करेंगे संवाद


    भोपाल । भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सोमवार से तीन दिवसीय सत्रारंभ कार्यक्रम अभ्युदय 2026 का आगाज होने जा रहा है। इस बार आयोजन को मैं और मेरा विश्वविद्यालय थीम के साथ खास रूप दिया गया है। कार्यक्रम के पहले दिन 18 अगस्त को बॉलीवुड और रंगमंच के चर्चित अभिनेता लेखक गीतकार और गायक पीयूष मिश्रा विद्यार्थियों से रूबरू होंगे। वह सुबह 10:30 बजे विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।

    अभ्युदय 2026 को इस बार केवल नए सत्र के स्वागत कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है बल्कि इसे विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के बीच संवाद का बड़ा मंच बनाया गया है। विश्वविद्यालय के मीडिया हेड डॉ. पवित्र श्रीवास्तव के अनुसार आयोजन की सबसे खास बात यह रहेगी कि एमसीयू के करीब 35 वर्षों के इतिहास में पढ़कर निकले लगभग 50 पूर्व विद्यार्थी पहली बार एक साथ सत्रारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। अलग अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके ये पूर्व छात्र नए विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें पढ़ाई के साथ करियर की दिशा समझने में मदद करेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान पूर्व विद्यार्थियों के लिए दस अलग अलग संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में पूर्व छात्र अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा करेंगे। साथ ही मीडिया और संचार के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच रोजगार और करियर की नई संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इससे नए विद्यार्थियों को यह समझने का मौका मिलेगा कि विश्वविद्यालय में हासिल की गई शिक्षा को व्यावहारिक दुनिया में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

    अभ्युदय 2026 की एक और खासियत इसका अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव है। इस बार एमसीयू के पूर्व विद्यार्थी अमेरिका ब्रिटेन कनाडा ऑस्ट्रेलिया दुबई सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका सहित सात देशों से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। विदेशों में अपनी पेशेवर पहचान बनाने वाले ये पूर्व छात्र भी नए विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें प्रिंट मीडिया टेलीविजन डिजिटल मीडिया मीडिया मैनेजमेंट विज्ञापन जनसंपर्क प्रशासन और राजनीति जैसे अलग अलग क्षेत्रों में काम कर रहे पूर्व विद्यार्थी शामिल हैं।

    पहले दिन पीयूष मिश्रा की मौजूदगी भी विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण रहेगी। अभिनेता के साथ साथ लेखक गीतकार और गायक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पीयूष मिश्रा युवाओं के बीच अपने अनुभव साझा करेंगे। उनका रचनात्मक सफर और रंगमंच से लेकर सिनेमा तक का अनुभव विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक हो सकता है। उनके संवाद के जरिए विद्यार्थियों को रचनात्मक क्षेत्रों में करियर की चुनौतियों और संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

    तीन दिनों तक चलने वाले अभ्युदय 2026 का समापन 20 अगस्त को होगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रजनीश होंगे। खास बात यह है कि वह भी एमसीयू के पूर्व विद्यार्थी रहे हैं। ऐसे में आयोजन का समापन भी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों के बीच जुड़ाव की भावना को मजबूत करने वाला होगा।

    कुल मिलाकर अभ्युदय 2026 नए विद्यार्थियों के लिए केवल सत्रारंभ कार्यक्रम नहीं बल्कि अनुभवों से सीखने और करियर की नई दिशाओं को समझने का अवसर बनने जा रहा है। वरिष्ठ कलाकारों से संवाद और देश विदेश में सक्रिय पूर्व छात्रों की मौजूदगी के जरिए विश्वविद्यालय इस आयोजन को अपने 35 वर्षों के सफर और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।

  • ब्यूटी रूटीन में शामिल करें चावल का आटा, त्वचा की देखभाल में कैसे करें इस्तेमाल और किन गलतियों से बचें

    ब्यूटी रूटीन में शामिल करें चावल का आटा, त्वचा की देखभाल में कैसे करें इस्तेमाल और किन गलतियों से बचें


    नई दिल्ली ।आजकल स्किन केयर के लिए लोग महंगे प्रोडक्ट्स के साथ घरेलू नुस्खों की तरफ भी तेजी से रुख कर रहे हैं। इन्हीं घरेलू उपायों में चावल का आटा यानी Rice Flour भी काफी लोकप्रिय है। इसे कई लोग चेहरे पर फेस पैक या हल्के क्लेंजर की तरह इस्तेमाल करते हैं। चावल का आटा त्वचा को मुलायम महसूस कराने और चेहरे से अतिरिक्त गंदगी हटाने में मदद कर सकता है। हालांकि इसे किसी चमत्कारी उपचार की तरह नहीं देखना चाहिए। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी घरेलू फेस मास्क का इस्तेमाल व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। गलत तरीके से या बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने पर जलन और रूखापन भी हो सकता है।

    चावल के आटे से फेस पैक बनाने का तरीका बेहद आसान है। इसके लिए एक से दो चम्मच बारीक चावल का आटा लें और इसमें जरूरत के अनुसार सादा पानी या एलोवेरा जेल मिलाकर हल्का पेस्ट तैयार कर सकते हैं। अगर त्वचा रूखी है तो इसमें एक साधारण मॉइस्चराइजिंग बेस मिलाने का विकल्प रखा जा सकता है। पेस्ट को चेहरे पर बहुत हल्के हाथों से लगाएं और आंखों तथा होंठों के आसपास के हिस्से से बचाएं। इसे कुछ मिनट तक लगा रहने दें और फिर सामान्य पानी से धीरे से धो लें। चेहरे को साफ करने के बाद त्वचा पर उपयुक्त मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है।

    चावल के आटे का इस्तेमाल करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे चेहरे पर जोर से रगड़ना नहीं चाहिए। कई लोग इसे स्क्रब की तरह इस्तेमाल करते हुए त्वचा को तेजी से घिसते हैं लेकिन इससे त्वचा की ऊपरी परत में जलन हो सकती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी चेहरे पर इस्तेमाल होने वाले मास्क और एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट्स को बहुत ज्यादा या बार बार इस्तेमाल करने से सावधान करती है क्योंकि इससे त्वचा में रूखापन और जलन बढ़ सकती है।

    अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है या पहले से लालिमा खुजली जलन या किसी तरह की एलर्जी की समस्या रहती है तो घरेलू फेस पैक को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर है। किसी नए स्किन केयर प्रोडक्ट या मास्क को पहले छोटे क्षेत्र पर टेस्ट करने की सलाह त्वचा विशेषज्ञ भी देते हैं। अगर लगाने के बाद खुजली जलन या चुभन महसूस हो तो इसे तुरंत धो देना चाहिए।

    मुंहासे वाली त्वचा पर भी चावल के आटे को इलाज समझकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। फेस मास्क सामान्य स्किन केयर रूटीन का हिस्सा हो सकता है लेकिन यह मुंहासे एक्जिमा या दूसरी त्वचा संबंधी बीमारी का उपचार नहीं है। ऐसी समस्या लगातार बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। सही स्किन केयर में चेहरे की नियमित सफाई मॉइस्चराइजिंग और धूप से बचाव भी महत्वपूर्ण है।

    चावल के आटे से बने फेस पैक का इस्तेमाल करते समय खुशबू वाले या ऐसे अतिरिक्त पदार्थ मिलाने से बचना चाहिए जो आपकी त्वचा को पहले से परेशान करते हों। खासकर संवेदनशील त्वचा में कम सामग्री वाला सरल फेस पैक बेहतर विकल्प हो सकता है। किसी भी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल रोजाना करने की जरूरत नहीं है। त्वचा की प्रतिक्रिया देखकर सीमित इस्तेमाल करना अधिक समझदारी है।

    इस तरह Rice Flour Skin Care को एक आसान घरेलू विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है लेकिन इससे तुरंत गोरी या बेदाग त्वचा मिलने का दावा सही नहीं माना जाना चाहिए। चेहरे की अच्छी सेहत के लिए नियमित देखभाल संतुलित दिनचर्या पर्याप्त नींद पानी और रोजाना सन प्रोटेक्शन ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। अगर चावल के आटे का फेस पैक आपकी त्वचा को सूट करता है तो इसे अपनी सामान्य स्किन केयर रूटीन के साथ सीमित रूप में शामिल किया जा सकता है।

  • बार-बार थकान बाल झड़ना और घाव देर से भरना नहीं है सामान्य, शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी का हो सकता है संकेत

    बार-बार थकान बाल झड़ना और घाव देर से भरना नहीं है सामान्य, शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी का हो सकता है संकेत

    नई दिल्ली । शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। इन पोषक तत्वों की मात्रा भले ही कम चाहिए होती है लेकिन शरीर के कई जरूरी काम इन्हीं पर निर्भर करते हैं। खून बनाने से लेकर नसों की कार्यप्रणाली प्रतिरोधक क्षमता त्वचा बालों और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में इनका महत्वपूर्ण योगदान होता है। यही वजह है कि जब शरीर में आयरन जिंक या विटामिन B12 जैसे पोषक तत्वों की कमी होने लगती है तो कुछ बदलाव दिखाई दे सकते हैं। कई बार लोग इन संकेतों को सामान्य कमजोरी तनाव या नींद की कमी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

    लगातार थकान और कमजोरी पोषण की कमी से जुड़ा एक आम संकेत हो सकता है। अगर पर्याप्त नींद लेने और सामान्य दिनचर्या के बावजूद शरीर में हर समय ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है तो इसकी वजह जानना जरूरी है। आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है जिसमें थकान कमजोरी और एकाग्रता में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन B12 की कमी में भी कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। हालांकि केवल थकान के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि शरीर में किस पोषक तत्व की कमी है क्योंकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

    आयरन की कमी बढ़ने पर कुछ लोगों में त्वचा का रंग सामान्य से फीका दिखाई दे सकता है। चक्कर आना या थोड़ा काम करने पर सांस फूलना भी एनीमिया से जुड़ा हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना सलाह के आयरन की दवा शुरू करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर होता है। जरूरत पड़ने पर रक्त जांच के माध्यम से हीमोग्लोबिन और आयरन की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

    बालों का लगातार झड़ना भी कई कारणों से हो सकता है। तनाव हार्मोन में बदलाव भोजन की कमी और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं बालों के झड़ने की वजह बन सकती हैं। आयरन की कमी या एनीमिया भी कुछ मामलों में बालों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। इसलिए केवल बाल झड़ने को देखकर किसी एक विटामिन या मिनरल की कमी मान लेना सही नहीं है।

    जिंक शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स में शामिल है। यह प्रतिरोधक क्षमता और घाव भरने जैसी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। जिंक की कमी होने पर घाव सामान्य से देर से भरने की समस्या दिखाई दे सकती है। बार बार संक्रमण होना या बालों से जुड़ी परेशानियां भी कुछ मामलों में जिंक की कमी से संबंधित हो सकती हैं। हालांकि इन लक्षणों के पीछे अन्य स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं।

    विटामिन B12 शरीर की नसों और लाल रक्त कोशिकाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी लंबे समय तक रहने पर कमजोरी के साथ हाथ पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कुछ लोगों में एकाग्रता और याददाश्त से जुड़ी परेशानियां भी देखी जा सकती हैं। इसलिए ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

    पोषक तत्वों की कमी से बचने के लिए संतुलित और विविध आहार लेना महत्वपूर्ण है। भोजन में दालें हरी सब्जियां साबुत अनाज दूध और उससे बने खाद्य पदार्थ अंडे मांस या अन्य उपलब्ध पोषक स्रोतों को शामिल किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से कमजोरी बाल झड़ने घाव देर से भरने चक्कर या हाथ पैरों में झनझनाहट जैसी समस्या हो रही है तो खुद से सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर है। सही कारण की पहचान के बाद ही उचित उपचार और पोषण की योजना बनाई जानी चाहिए।

  • बार-बार थकान बाल झड़ना और घाव देर से भरना नहीं है सामान्य, शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी का हो सकता है संकेत

    बार-बार थकान बाल झड़ना और घाव देर से भरना नहीं है सामान्य, शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी का हो सकता है संकेत

    नई दिल्ली । शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। इन पोषक तत्वों की मात्रा भले ही कम चाहिए होती है लेकिन शरीर के कई जरूरी काम इन्हीं पर निर्भर करते हैं। खून बनाने से लेकर नसों की कार्यप्रणाली प्रतिरोधक क्षमता त्वचा बालों और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में इनका महत्वपूर्ण योगदान होता है। यही वजह है कि जब शरीर में आयरन जिंक या विटामिन B12 जैसे पोषक तत्वों की कमी होने लगती है तो कुछ बदलाव दिखाई दे सकते हैं। कई बार लोग इन संकेतों को सामान्य कमजोरी तनाव या नींद की कमी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

    लगातार थकान और कमजोरी पोषण की कमी से जुड़ा एक आम संकेत हो सकता है। अगर पर्याप्त नींद लेने और सामान्य दिनचर्या के बावजूद शरीर में हर समय ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है तो इसकी वजह जानना जरूरी है। आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है जिसमें थकान कमजोरी और एकाग्रता में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन B12 की कमी में भी कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। हालांकि केवल थकान के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि शरीर में किस पोषक तत्व की कमी है क्योंकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

    आयरन की कमी बढ़ने पर कुछ लोगों में त्वचा का रंग सामान्य से फीका दिखाई दे सकता है। चक्कर आना या थोड़ा काम करने पर सांस फूलना भी एनीमिया से जुड़ा हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना सलाह के आयरन की दवा शुरू करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर होता है। जरूरत पड़ने पर रक्त जांच के माध्यम से हीमोग्लोबिन और आयरन की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

    बालों का लगातार झड़ना भी कई कारणों से हो सकता है। तनाव हार्मोन में बदलाव भोजन की कमी और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं बालों के झड़ने की वजह बन सकती हैं। आयरन की कमी या एनीमिया भी कुछ मामलों में बालों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। इसलिए केवल बाल झड़ने को देखकर किसी एक विटामिन या मिनरल की कमी मान लेना सही नहीं है।

    जिंक शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स में शामिल है। यह प्रतिरोधक क्षमता और घाव भरने जैसी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। जिंक की कमी होने पर घाव सामान्य से देर से भरने की समस्या दिखाई दे सकती है। बार बार संक्रमण होना या बालों से जुड़ी परेशानियां भी कुछ मामलों में जिंक की कमी से संबंधित हो सकती हैं। हालांकि इन लक्षणों के पीछे अन्य स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं।

    विटामिन B12 शरीर की नसों और लाल रक्त कोशिकाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी लंबे समय तक रहने पर कमजोरी के साथ हाथ पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कुछ लोगों में एकाग्रता और याददाश्त से जुड़ी परेशानियां भी देखी जा सकती हैं। इसलिए ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

    पोषक तत्वों की कमी से बचने के लिए संतुलित और विविध आहार लेना महत्वपूर्ण है। भोजन में दालें हरी सब्जियां साबुत अनाज दूध और उससे बने खाद्य पदार्थ अंडे मांस या अन्य उपलब्ध पोषक स्रोतों को शामिल किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से कमजोरी बाल झड़ने घाव देर से भरने चक्कर या हाथ पैरों में झनझनाहट जैसी समस्या हो रही है तो खुद से सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर है। सही कारण की पहचान के बाद ही उचित उपचार और पोषण की योजना बनाई जानी चाहिए।

  • OTT Release This Week: 17 से 23 अगस्त तक ओटीटी पर लगेगा मनोरंजन का तड़का, 8 फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

    OTT Release This Week: 17 से 23 अगस्त तक ओटीटी पर लगेगा मनोरंजन का तड़का, 8 फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज


    नई दिल्ली । अगस्त का तीसरा हफ्ता ओटीटी दर्शकों के लिए काफी खास रहने वाला है। 17 से 23 अगस्त के बीच नेटफ्लिक्स और जियो हॉटस्टार समेत कई बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्में और सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। इस हफ्ते रोमांटिक कॉमेडी से लेकर क्राइम थ्रिलर सुपरहीरो ड्रामा डॉक्यूमेंट्री और रियलिटी शो तक देखने को मिलेगा। अगर आप सिनेमाघर जाने के बजाय घर बैठे नई फिल्म या सीरीज देखने का इंतजार कर रहे हैं तो इस हफ्ते आपके पास कई विकल्प मौजूद रहेंगे।

    इस हफ्ते की शुरुआत जियो हॉटस्टार की सुपरहीरो सीरीज लैंटर्न्स से होगी। यह सीरीज 17 अगस्त को रिलीज होगी। इसकी कहानी नए रिक्रूट जॉन स्टीवर्ट और लैंटर्न लेजेंड हैल जॉर्डन के इर्द गिर्द घूमती है। दोनों एक हत्या की जांच के दौरान धरती से जुड़े कई गहरे रहस्यों का सामना करते हैं। सुपरहीरो और मिस्ट्री पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह सीरीज खास हो सकती है।

    18 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर सील टीम रिलीज होगी। यह अमेरिकी सस्पेंस सीरीज एक नेवी टीम की कहानी पर आधारित है। टीम के सदस्य खतरनाक मिशन को अंजाम देने के साथ अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों से भी जूझते नजर आएंगे। इसी दिन जियो हॉटस्टार पर लोकप्रिय डार्क सिटकॉम इट्स ऑलवेज सनी इन फिलाडेल्फिया का 18वां सीजन भी स्ट्रीम होगा। इस सीरीज की IMDb रेटिंग 8.8 बताई गई है।

    19 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर फ्रीफॉल: ए रेकनिंग फॉर बोइंग नाम की डॉक्यूमेंट्री रिलीज होगी। रॉरी कैनेडी के निर्देशन में बनी यह डॉक्यूमेंट्री बोइंग व्हिसलब्लोअर जॉन बार्नेट की मौत के बाद सामने आए घटनाक्रम पर केंद्रित है। वास्तविक घटनाओं और कॉरपोरेट विवादों में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण रिलीज हो सकती है।

    20 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर स्वीडिश क्राइम थ्रिलर सीरीज ब्लड सैक्रिफाइस दस्तक देगी। कहानी दो पुलिस अधिकारियों की हत्या के बाद शुरू होती है। मामले की जांच कर रहा एक डिटेक्टिव हत्यारे तक पहुंचने के लिए अपने पिता के साथ वर्षों बाद फिर से जुड़ता है। अपराध और रहस्य से भरपूर यह सीरीज दर्शकों को अंत तक बांधे रखने की कोशिश करेगी।

    21 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रोमांटिक कॉमेडी फिल्म प्यार प्रेमा कल्याणम रिलीज होगी। फिल्म की कहानी पावी नाम की इंफ्लुएंसर के इर्द गिर्द है जो शादी के बाद अपना घर छोड़कर जाने से इनकार कर देती है। इसके बाद उसका पति उसी के घर में रहने का फैसला करता है। अब दोनों एक साथ कैसे एडजस्ट करते हैं यही फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाता है।

    इसी दिन जियो हॉटस्टार पर ठुकरा के मेरा प्यार सीजन 2 भी रिलीज होगा। यह रिवेंज पॉलिटिकल रोमांटिक थ्रिलर सीरीज है और इसके नए एपिसोड हर शुक्रवार स्ट्रीम होंगे। सीरीज को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    22 और 23 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर हसल रियलिटी शो के नए एपिसोड देखने को मिलेंगे। इसमें कंटेस्टेंट्स अपने रैप और म्यूजिक टैलेंट का प्रदर्शन करते हैं। शो को रैपर बादशाह जज कर रहे हैं और हर शनिवार तथा रविवार इसके नए एपिसोड स्ट्रीम किए जाते हैं।

    इस तरह 17 से 23 अगस्त के बीच ओटीटी पर अलग-अलग जॉनर की आठ फिल्में और सीरीज दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। अगर आपको रोमांस पसंद है तो प्यार प्रेमा कल्याणम अच्छा विकल्प हो सकता है वहीं क्राइम थ्रिलर के शौकीन ब्लड सैक्रिफाइस देख सकते हैं। सुपरहीरो फैंस के लिए लैंटर्न्स और रियलिटी शो पसंद करने वालों के लिए हसल इस हफ्ते खास आकर्षण रहने वाला है।

  • सैफ-सोहा और सबा की धार्मिक परवरिश पर खुलासा, शर्मिला टैगोर ने सिखाया इस्लाम; बोलीं- अल्लाह का नाम लूंगी

    सैफ-सोहा और सबा की धार्मिक परवरिश पर खुलासा, शर्मिला टैगोर ने सिखाया इस्लाम; बोलीं- अल्लाह का नाम लूंगी


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी की शादी हमेशा से ही लोगों के बीच चर्चा का विषय रही है। दोनों ने साल 1969 में शादी की थी। शर्मिला टैगोर हिंदू परिवार से आती थीं जबकि मंसूर अली खान पटौदी मुस्लिम परिवार से थे। शादी के बाद शर्मिला ने इस्लाम अपनाया और अपने तीनों बच्चों सैफ अली खान सोहा अली खान और सबा अली खान को भी इस्लाम की शिक्षा दी। अब उनकी बेटी सबा अली खान ने अपने परिवार की धार्मिक परवरिश को लेकर खुलकर बात की है।

    बिग बॉलीवुड बफ के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान सबा अली खान ने बताया कि उनके बचपन में घर का माहौल इस्लामिक परंपराओं से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी मां शर्मिला टैगोर ने उन्हें और उनके भाई-बहनों को इस्लाम के बारे में समझाया और रमजान समेत धार्मिक परंपराओं की जानकारी दी। सबा के मुताबिक उनके घर में हिंदू धर्म की पूजा के लिए कोई मंदिर नहीं था और बचपन में उन्होंने घर पर हिंदू धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं किया।

    सबा ने अपनी आस्था के बारे में बताते हुए कहा कि जब वह भगवान के बारे में सोचती हैं तो उनके मन में अल्लाह का नाम आता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपनी आस्था को लेकर उनका नजरिया दूसरे धर्मों के प्रति सम्मान से अलग नहीं है। उनका कहना था कि किसी एक धर्म को मानने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति दूसरे धर्मों का सम्मान करना छोड़ दे।

    सबा ने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें किसी धार्मिक पहचान को जबरन अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया था। उनके अनुसार शर्मिला टैगोर ने बच्चों को इस्लाम से परिचित कराया ताकि उनकी धार्मिक समझ और बुनियाद स्पष्ट रहे। इसके साथ ही बच्चों को अपनी आस्था को समझने और अपने तरीके से आगे बढ़ने की आजादी भी मिली।

    दिलचस्प बात यह है कि भले ही उनके घर में इस्लामिक परंपराओं का पालन होता था लेकिन परिवार में दूसरे धर्मों के त्योहारों को भी मनाया जाता था। सबा ने बताया कि वह होली दिवाली और क्रिसमस जैसे त्योहार मनाते हुए बड़ी हुई हैं। उनके मुताबिक उनके भाई और बहन ने अलग-अलग धर्मों में शादी की और परिवार में अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं के लिए जगह रही। यही वजह है कि उनके परिवार में धार्मिक विविधता हमेशा दिखाई देती रही है।

    सबा के बयान से यह भी साफ होता है कि उनके परिवार में धर्म को लेकर व्यक्तिगत आस्था को महत्व दिया गया। उन्होंने कहा कि आस्था बेहद निजी विषय है और इसे किसी व्यक्ति पर थोपा नहीं जाना चाहिए। उनके मुताबिक उनकी मां ने उन्हें इस्लाम के बारे में बताया लेकिन आगे चलकर अपनी आस्था को लेकर चुनाव करने की स्वतंत्रता भी दी।

    शर्मिला टैगोर ने अपने फिल्मी करियर के दौरान हिंदी सिनेमा में खास पहचान बनाई थी। 1960 और 1970 के दशक में उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात तत्कालीन भारतीय क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी से हुई। दोनों ने 1969 में शादी की। इस शादी के बाद शर्मिला टैगोर ने इस्लाम अपनाया और उनके परिवार की धार्मिक परवरिश भी उसी पृष्ठभूमि में हुई।

    आज सैफ अली खान और सोहा अली खान फिल्म इंडस्ट्री के जाने-पहचाने नाम हैं जबकि सबा अली खान अपने परिवार और उससे जुड़ी यादों को सोशल मीडिया पर साझा करती रहती हैं। सबा का ताजा बयान एक बार फिर बताता है कि पटौदी परिवार में अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का किस तरह मेल रहा है।

  • 'मेरा रेवेन्यू मत रोकिए…' जब शाहरुख खान ने विवादित विज्ञापनों पर दिया था बेबाक जवाब

    'मेरा रेवेन्यू मत रोकिए…' जब शाहरुख खान ने विवादित विज्ञापनों पर दिया था बेबाक जवाब


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA की ओर से विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद एक पुराना बयान फिर चर्चा में आ गया है। FDA ने इन तीनों कलाकारों से विज्ञापन को लेकर जवाब मांगा है। विभाग का मानना है कि विमल इलायची का विज्ञापन राज्य में प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का सरोगेट विज्ञापन हो सकता है। तीनों कलाकारों को नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।

    इस पूरे विवाद के बीच शाहरुख खान का कई साल पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में फिर चर्चा का विषय बन गया है। उस इंटरव्यू में पत्रकार करण थापर ने शाहरुख से सेलिब्रिटीज के उन प्रोडक्ट्स के विज्ञापन करने पर सवाल किया था जिनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही जाती है। सवाल के दौरान सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापनों का भी जिक्र हुआ था और कहा गया था कि बच्चों पर बड़े सितारों के विज्ञापन का प्रभाव पड़ता है।

    इस पर शाहरुख खान ने उस समय तर्क दिया था कि अगर सरकार को किसी प्रोडक्ट से इतनी आपत्ति है और वह उसे समाज के लिए नुकसानदायक मानती है तो उसे देश में बनाने और बेचने की अनुमति ही नहीं दी जानी चाहिए। शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट खराब है तो सरकार उसके निर्माण पर रोक लगाए और अगर सॉफ्ट ड्रिंक को नुकसानदायक माना जाता है तो उसके उत्पादन को बंद किया जाना चाहिए। उनका सवाल था कि जब सरकार ऐसे उत्पादों से मिलने वाले राजस्व को रोक नहीं रही है तो कलाकारों की कमाई को लेकर सवाल क्यों उठाए जाते हैं।

    शाहरुख ने खुद को एक अभिनेता बताते हुए कहा था कि उनका काम अभिनय करना और उससे कमाई करना है। उनके मुताबिक यदि कोई उत्पाद गलत है तो उसके उत्पादन को ही बंद किया जाना चाहिए। इसी पुराने बयान के कारण मौजूदा विवाद के बीच शाहरुख का पक्ष एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि वर्तमान FDA नोटिस को लेकर शाहरुख खान या अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    FDA के नोटिस के मुताबिक तीनों कलाकारों को यह स्पष्ट करना होगा कि विमल इलायची वास्तव में एक अलग उत्पाद है या फिर इसके जरिए प्रतिबंधित विमल पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किया जा रहा है। विभाग ने विज्ञापन से जुड़े कई दस्तावेज और जानकारियां भी मांगी हैं।

    नोटिस में कलाकारों से उन टीवी चैनलों डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया माध्यमों की जानकारी मांगी गई है जहां यह विज्ञापन प्रसारित या प्रकाशित हुआ। इसके साथ ही विज्ञापन की अवधि और उसे प्रसारित किए जाने से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। FDA ने कलाकारों और ब्रांड के मालिक के बीच हुए कमर्शियल या कानूनी समझौते से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं।

    अब तीनों सितारों को निर्धारित 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब और जरूरी दस्तावेज FDA के सामने पेश करने होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक जवाब नहीं देने या संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में आगे कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल मामले में कलाकारों के जवाब का इंतजार है। वहीं शाहरुख खान का पुराना बयान इस विवाद के बीच एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि प्रतिबंधित या विवादित उत्पादों के प्रचार की जिम्मेदारी सिर्फ विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटीज की है या फिर ऐसे उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर भी समान रूप से सवाल उठना चाहिए।