Author: bharati

  • नाग पंचमी 2026 की तारीख को लेकर दूर करें कन्फ्यूजन, 17 अगस्त को करें पूजा; जानें तिथि से लेकर जरूरी नियम तक

    नाग पंचमी 2026 की तारीख को लेकर दूर करें कन्फ्यूजन, 17 अगस्त को करें पूजा; जानें तिथि से लेकर जरूरी नियम तक


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व भगवान शिव और नाग देवता की आराधना से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। इस बार पंचमी तिथि 16 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम करीब 5 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के नियम के अनुसार नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026 सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन सावन सोमवार भी पड़ रहा है जिसके कारण भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। 17 अगस्त की तारीख की पुष्टि कई पंचांग आधारित स्रोतों ने भी की है।

    नाग पंचमी की पूजा के लिए 17 अगस्त को सुबह 5 बजकर 51 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है। यह मुहूर्त नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार है और दूसरे शहरों में सूर्योदय तथा स्थानीय पंचांग के आधार पर समय में अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी दूसरे शहर में रहते हैं तो स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय देखना बेहतर रहेगा।

    नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद भगवान शिव तथा नाग देवता का ध्यान करके पूजा का संकल्प लिया जा सकता है। इसके बाद शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें। नाग देवता की प्रतिमा पर भी जल अर्पित करके चंदन अक्षत और पुष्प चढ़ाए जा सकते हैं। इसके बाद भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें और दीपक जलाकर आरती करें। धार्मिक परंपरा के अनुसार ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव और नाग देवता से सुख शांति और परिवार की मंगलकामना की जाती है।

    कई स्थानों पर नाग पंचमी के दिन नाग देवता की प्रतिमा पर दूध अर्पित करने की परंपरा भी है। हालांकि जीवित सांपों को पकड़कर उन्हें दूध पिलाना या उनके मुंह को दूध में डुबोना उचित नहीं है। सांप सामान्य रूप से दूध पीने वाले जीव नहीं होते और जबरदस्ती दूध पिलाने से उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए नाग देवता की प्रतिमा का पूजन करना अधिक सुरक्षित और उचित तरीका है। नाग पंचमी की परंपराएं भी सांपों और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देती हैं।

    नाग पंचमी को लेकर धार्मिक मान्यताओं में कहा जाता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से भय दूर होता है और परिवार में सुख समृद्धि आती है। कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में नाग पूजा को राहु केतु और कालसर्प दोष से जुड़े उपायों के साथ भी जोड़ा जाता है। हालांकि कालसर्प दोष और उससे जुड़े उपाय ज्योतिषीय मान्यताओं का विषय हैं और इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अलग अलग ज्योतिषीय परंपराओं में इसके प्रभाव और उपायों को लेकर मतभेद भी पाए जाते हैं।

    नाग पंचमी से जुड़ी धार्मिक कथाओं में राजा जनमेजय और आस्तिक मुनि का प्रसंग भी प्रमुख माना जाता है। मान्यता है कि राजा जनमेजय ने अपने पिता परीक्षित की मृत्यु के बाद नागों के विनाश के लिए नाग यज्ञ कराया था। इसी दौरान आस्तिक मुनि ने यज्ञ को रोककर नागों की रक्षा की। इस कथा को नाग पंचमी की परंपरा से जोड़कर देखा जाता है और इसके माध्यम से जीवों के प्रति दया तथा संरक्षण का संदेश भी मिलता है।

    इस तरह 17 अगस्त को नाग पंचमी के अवसर पर भगवान शिव और नाग देवता की श्रद्धापूर्वक पूजा की जा सकती है। इस बार सावन सोमवार और नाग पंचमी का एक ही दिन पड़ना भक्तों के लिए धार्मिक दृष्टि से विशेष अवसर माना जा रहा है। पूजा में आस्था के साथ स्वच्छता और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का ध्यान रखना भी जरूरी है।

  • जिस घर में होती हैं ये 3 चीजें, वहां मां लक्ष्मी का होता है वास, चाणक्य नीति में बताया गया धन-समृद्धि का राज

    जिस घर में होती हैं ये 3 चीजें, वहां मां लक्ष्मी का होता है वास, चाणक्य नीति में बताया गया धन-समृद्धि का राज


    नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में सुख, समृद्धि और पारिवारिक जीवन को बेहतर बनाने से जुड़े कई सिद्धांत बताए हैं। चाणक्य नीति के अनुसार घर का माहौल, परिवार के संस्कार और लोगों का व्यवहार भी जीवन में सुख-समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में ज्ञान का सम्मान, अन्न की कद्र और पति-पत्नी के बीच प्रेम व सामंजस्य हो, वहां खुशहाली बनी रहती है।

    ज्ञानी लोगों का सम्मान

    चाणक्य नीति के अनुसार जिस घर में विद्वान और समझदार लोगों का सम्मान किया जाता है, वहां सकारात्मक माहौल बना रहता है। बेवजह की बहस और मूर्खतापूर्ण संगति परिवार में अशांति बढ़ा सकती है। इसके विपरीत ज्ञान और विवेक को महत्व देने वाले लोग कठिन परिस्थितियों में भी समझदारी से फैसले ले सकते हैं।

    अन्न की बर्बादी न करना

    घर में अन्न का सम्मान करना भी समृद्धि से जोड़कर देखा गया है। मान्यता है कि भोजन को कभी बर्बाद नहीं करना चाहिए। थाली में उतना ही भोजन लेना चाहिए जितना खाया जा सके। जरूरतमंद और भूखे लोगों को भोजन कराना भी पुण्यदायी माना गया है। अन्न की कद्र करने वाले घर में धन-धान्य की बरकत बनी रहने की मान्यता है।

    पति-पत्नी में प्रेम और तालमेल

    परिवार की सुख-शांति में पति-पत्नी के रिश्ते की अहम भूमिका होती है। जहां दोनों के बीच प्रेम, सम्मान और आपसी समझ होती है, वहां घर का माहौल सकारात्मक रहता है। इसके विपरीत रोजाना के झगड़े और एक-दूसरे का अपमान परिवार की शांति को प्रभावित कर सकते हैं। चाणक्य नीति की मान्यताओं में सामंजस्यपूर्ण दांपत्य जीवन को घर की खुशहाली से जोड़ा गया है।

    साफ-सफाई और सात्विक माहौल भी जरूरी

    इसके अलावा घर में साफ-सफाई रखना, मधुर वाणी बोलना और बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करना अच्छे संस्कारों का हिस्सा माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ और स्वच्छ वातावरण से घर में सकारात्मकता बनी रहती है। महिलाओं के सम्मान को भी परिवार की उन्नति से जोड़कर देखा गया है।

    आज के समय में भी प्रासंगिक हैं ये सीख

    चाणक्य की इन शिक्षाओं का मूल संदेश यही है कि सिर्फ धन कमाना ही समृद्धि नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से संभालना, रिश्तों में सम्मान बनाए रखना और परिवार में शांति कायम रखना भी जरूरी है। इन सिद्धांतों को अपनाकर व्यक्ति अपने पारिवारिक जीवन को बेहतर बना सकता है।

    नोट: इस लेख में दी गई बातें चाणक्य नीति और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें आस्था और सामान्य जीवन-नीति के संदर्भ में पढ़ें।

  • सोमवार व्रत में न करें ये गलतियां, जलाभिषेक से लेकर शिव आरती तक जानें पूरी पूजा विधि

    सोमवार व्रत में न करें ये गलतियां, जलाभिषेक से लेकर शिव आरती तक जानें पूरी पूजा विधि


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दिन रखा जाने वाला व्रत महादेव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार व्रत श्रद्धा और नियम के साथ करने से मन को शांति मिलती है और भक्त भगवान शिव की कृपा की कामना करता है। सोमवार व्रत के कई प्रकार बताए गए हैं इसलिए इसकी विधि और भोजन के नियम व्रत के प्रकार के अनुसार अलग हो सकते हैं। सामान्य सोमवार व्रत में सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनने के बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेने की परंपरा है। इसके बाद घर के पूजा स्थल या शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का पूजन किया जाता है।

    पूजा की शुरुआत शिवलिंग पर जल अर्पित करने से की जा सकती है। धार्मिक परंपरा में दूध और पंचामृत से अभिषेक करने के बाद भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा सामग्री में गंगाजल दूध दही शहद घी बेलपत्र चंदन फूल फल धूप और दीप जैसी सामग्री रखी जा सकती है। श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूजा सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। सावन सोमवार की पूजा में भी जलाभिषेक और शिव पूजन को प्रमुख माना गया है।

    अभिषेक के बाद भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करते समय श्रद्धा और एकाग्रता बनाए रखना चाहिए। इसके बाद शिव मंत्र का जाप किया जा सकता है। ॐ नमः शिवाय सबसे सरल और प्रचलित शिव मंत्रों में से एक है। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र या शिव स्तुति का पाठ भी कर सकते हैं। पूजा के दौरान माता पार्वती और नंदी का ध्यान करना भी परंपरा का हिस्सा माना जाता है। इसके बाद भगवान शिव को नैवेद्य अर्पित करके धूप और दीप से आरती की जाती है।

    सोमवार व्रत में भोजन को लेकर भी अलग-अलग परंपराएं हैं। कुछ श्रद्धालु पूरे दिन निराहार रहते हैं जबकि कई लोग फलाहार करते हैं। कुछ व्रतों में दिन में एक समय फलाहार का नियम बताया गया है जबकि सावन के कुछ सोमवार व्रतों में सूर्यास्त के बाद भोजन करने की परंपरा मिलती है। इसलिए अपनी शारीरिक क्षमता और व्रत के प्रकार के अनुसार आहार का नियम अपनाना उचित माना जाता है।

    पूजा के बाद सोमवार व्रत की कथा सुनना या पढ़ना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कथा श्रवण से व्रत की पूजा पूर्ण मानी जाती है। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती से परिवार की सुख शांति स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है। शाम के समय दोबारा भगवान शिव का स्मरण करके दीप जलाना और आरती करना भी शुभ माना जाता है।

    सोमवार व्रत रखते समय सबसे जरूरी बात श्रद्धा के साथ संयम और सकारात्मक भाव बनाए रखना है। पूजा में दिखावे से अधिक महत्व मन की शुद्धता को दिया जाता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों को कठिन या निर्जला उपवास रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। इस तरह सोमवार व्रत केवल उपवास तक सीमित नहीं है बल्कि यह भगवान शिव के प्रति आस्था ध्यान संयम और आत्मिक अनुशासन से जुड़ी धार्मिक परंपरा है।

  • 17 अगस्त को शेयर बाजार में क्या होगा? Nifty-Sensex की दिशा तय करेंगे ये बड़े ट्रिगर, निवेशकों को रहना होगा सतर्क

    17 अगस्त को शेयर बाजार में क्या होगा? Nifty-Sensex की दिशा तय करेंगे ये बड़े ट्रिगर, निवेशकों को रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली । 17 अगस्त 2026 सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत सतर्क माहौल के बीच होने की संभावना है। पिछले सप्ताह घरेलू बाजार कमजोर होकर बंद हुआ और Nifty 50 करीब 205 अंक की गिरावट के साथ 24366 के स्तर पर जबकि Sensex करीब 490 अंक टूटकर 78009.25 के स्तर पर बंद हुआ। लगातार कमजोर प्रदर्शन के बीच निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि बाजार निचले स्तरों पर खरीदारी का सहारा लेता है या बिकवाली का दबाव और बढ़ता है।
    बाजार की चाल पर इस समय सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू राजनीतिक तनाव का पड़ रहा है। Reuters के मुताबिक शुक्रवार को Brent crude करीब 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था और तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई रुपये और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है। यही वजह है कि सोमवार के कारोबार में ऊर्जा कीमतों से जुड़ी खबरें बाजार के लिए महत्वपूर्ण ट्रिगर बनी रहेंगी। 
    तकनीकी नजरिए से Nifty के लिए 24250 से 24200 का क्षेत्र अहम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर के नीचे फिसलता है तो बाजार में बिकवाली और तेज हो सकती है। वहीं ऊपर की तरफ 24500 से 24550 का क्षेत्र तत्काल चुनौती बना हुआ है। इस जोन के ऊपर मजबूती से टिकने पर बाजार में राहत की खरीदारी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा स्थिति में किसी एक दिशा में तेजी से दांव लगाने के बजाय प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखना जरूरी है। 
    Bank Nifty के लिए भी 58000 के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैंकिंग शेयरों में यदि खरीदारी लौटती है तो इंडेक्स को मजबूती मिल सकती है लेकिन कमजोर वैश्विक संकेत और बढ़ती बॉन्ड यील्ड दबाव बनाए रख सकते हैं। पिछले सप्ताह वित्तीय क्षेत्र में भी कमजोरी देखने को मिली थी। ऐसे में सोमवार को बैंकिंग और वित्तीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

    इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। पिछले सप्ताह वैश्विक जोखिमों और तेल की कीमतों के दबाव के बीच निवेशकों का रुख सावधान रहा। घरेलू स्तर पर कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर भी अलग अलग शेयरों में दिखाई दे सकता है। ऐसे में पूरे बाजार की बजाय मजबूत नतीजों और बेहतर कारोबार वाली कंपनियों पर निवेशकों का फोकस रह सकता है। 

    हालांकि बाजार में कमजोरी के बावजूद लंबी अवधि को लेकर कुछ विशेषज्ञ भारतीय शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार Carnelian Asset Management का मानना है कि कॉरपोरेट आय में सुधार और वैश्विक निवेश धारणा में बदलाव से भारतीय इक्विटी बाजार में 2027 तक रिकवरी की संभावना बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा उतार चढ़ाव को केवल तत्काल गिरावट के नजरिए से नहीं देखा जा सकता।

    कुल मिलाकर 17 अगस्त को बाजार में उतार चढ़ाव बना रह सकता है। Nifty के लिए 24200 के आसपास का सपोर्ट और 24500 से 24550 का जोन अहम रहेगा जबकि Sensex की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू खरीदारी पर निर्भर करेगी। निवेशकों को बाजार की चाल देखकर ही निर्णय लेना चाहिए और केवल एक दिन के उतार चढ़ाव के आधार पर जल्दबाजी में निवेश या बिकवाली से बचना बेहतर होगा। यह बाजार विश्लेषण सामान्य जानकारी के लिए है और निवेश की सलाह नहीं है।

  • चीन में धर्म की भी 'जासूसी'! अस्पताल से स्कूल तक आस्था पर निगरानी, मांगी जा रही जानकारी

    चीन में धर्म की भी 'जासूसी'! अस्पताल से स्कूल तक आस्था पर निगरानी, मांगी जा रही जानकारी


    नई दिल्ली। चीन में धार्मिक मान्यताओं पर सरकारी निगरानी का दायरा बढ़ने का दावा किया जा रहा है। चेंगदू के एक सरकारी अस्पताल में स्थायी कर्मचारियों के अलावा कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी कर्मचारियों से भी उनकी धार्मिक आस्था की जानकारी मांगे जाने की बात सामने आई है। कर्मचारियों से पूछा गया कि वे किसी धर्म को मानते हैं या नहीं। यहां तक कि किसी धर्म को न मानने वालों की जानकारी भी दर्ज करने की बात कही गई है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल ने इसे कर्मचारियों की धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा एक बड़ा सर्वे बताया और इसे वैचारिक, जातीय एवं धार्मिक मामलों की नियमित जांच से जोड़ा गया। इस प्रक्रिया में कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य भी शामिल बताए गए हैं। चीन में पार्टी सदस्यों के लिए धार्मिक आस्था रखने पर प्रतिबंध होने की बात कही जाती है। ऐसे में किसी कर्मचारी के खुद को धार्मिक बताने पर उसे अपनी पार्टी शाखा को इसकी जानकारी देने के लिए कहा गया।

    स्कूलों में छात्रों और परिवारों की भी जानकारी

    धार्मिक पहचान की कथित निगरानी केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं बताई जा रही। रिपोर्ट में सिचुआन के एक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कर्मचारी के हवाले से कहा गया है कि शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ-साथ उनके परिवारों की धार्मिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी जुटाई जा रही है और इसे उच्च अधिकारियों तक भेजा जाता है।

    चेंगदू शिक्षा विभाग से जुड़े एक कर्मचारी के मुताबिक, बच्चों के स्कूल में दाखिले से पहले उनके परिवारों की नियमित पृष्ठभूमि जांच होती है। इसमें परिवार की धार्मिक पहचान से जुड़ी जानकारी भी शामिल होने का दावा किया गया है। यानी कथित तौर पर निगरानी सिर्फ व्यक्ति की धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके परिवार की पृष्ठभूमि तक भी पहुंच रही है।

    ‘सिनिसाइजेशन ऑफ रिलिजन’ के तहत बढ़ा नियंत्रण

    चीन में धार्मिक गतिविधियों पर कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण पहले से ही सख्त रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में धार्मिक मामलों पर पार्टी की निगरानी और मजबूत करने पर जोर दिया गया है। चीन की ‘सिनिसाइजेशन ऑफ रिलिजन’ नीति के तहत धार्मिक संगठनों और उनकी गतिविधियों को चीनी राजनीतिक एवं सांस्कृतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालने की कोशिश की जाती है।

  • कैंसर पर जोंटी रोड्स का बड़ा संदेश, फिटनेस के साथ सही खानपान और जीवनशैली को बताया अहम

    कैंसर पर जोंटी रोड्स का बड़ा संदेश, फिटनेस के साथ सही खानपान और जीवनशैली को बताया अहम


    नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने कैंसर को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है। अपने क्रिकेट करियर में शानदार फील्डिंग के लिए दुनिया भर में पहचान बनाने वाले रोड्स ने मुंबई में आयोजित एक कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़े विकल्पों पर बात की। वह SSO Cancer Hospitals से ब्रांड एंबेसडर के तौर पर जुड़े हुए हैं और हाल ही में अस्पताल की ओर से शुरू किए गए Head and Neck Cancer Centre of Excellence के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल हुए।

    रोड्स ने कहा कि कैंसर जैसी बीमारी को केवल अचानक होने वाली समस्या के तौर पर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने अपनी बात रखते हुए आदतों तनाव और जीवनशैली से जुड़े फैसलों को स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि व्यक्ति को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे विकल्प चुनने चाहिए जो लंबे समय तक उसके स्वास्थ्य के लिए बेहतर साबित हों। हालांकि कैंसर के मामले में यह समझना भी जरूरी है कि बीमारी का कोई एक कारण नहीं होता और हर मरीज के कैंसर को उसकी जीवनशैली से जोड़ना सही नहीं है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कैंसर कई तरह की बीमारियों का समूह है और इसके पीछे आनुवंशिक कारणों के साथ पर्यावरणीय और व्यवहार से जुड़े कई कारक हो सकते हैं। तंबाकू का सेवन शराब अस्वास्थ्यकर खानपान शारीरिक निष्क्रियता अधिक वजन वायु प्रदूषण और कुछ संक्रमण कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। WHO के मुताबिक 2022 में दुनिया भर में कैंसर के नए मामलों में करीब 37 प्रतिशत मामले ऐसे कारणों से जुड़े थे जिन्हें रोकथाम की रणनीतियों के जरिए कम किया जा सकता है।

    रोड्स ने अपनी फिटनेस यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि खिलाड़ी होने के कारण व्यायाम और फिटनेस उनकी जीवनशैली का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिट व्यक्ति को कैंसर नहीं हो सकता ऐसा कहना सही नहीं होगा। उनका संदेश मुख्य रूप से लोगों को अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक करने और बेहतर विकल्प चुनने पर केंद्रित था। दरअसल कैंसर का जोखिम कम करने के लिए केवल व्यायाम ही पर्याप्त नहीं है बल्कि तंबाकू से दूरी स्वस्थ वजन संतुलित खानपान नियमित शारीरिक गतिविधि और शराब से बचाव जैसे कई कदम महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

    जोंटी रोड्स ने भारत में अपने परिवार के साथ लंबे समय तक रहने का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह भारत को केवल एक पर्यटक के रूप में नहीं देखते। उन्होंने यहां लोगों की जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को करीब से देखने की बात कही। उनका उद्देश्य अपने अनुभव के जरिए लोगों को कैंसर के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने और समय रहते जागरूक होने के लिए प्रेरित करना है।

    कैंसर को लेकर जागरूकता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू समय पर जांच और इलाज भी है। WHO के अनुसार कई तरह के कैंसर का शुरुआती चरण में पता चलने और उचित उपचार मिलने पर इलाज संभव है। यही वजह है कि शरीर में लगातार बने रहने वाले असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच और जोखिम कारकों को कम करने की कोशिश बीमारी के बोझ को घटाने में मदद कर सकती है।

    रोड्स ने कैंसर को लेकर डर के बजाय जागरूकता और सकारात्मक सोच पर जोर दिया। उनका कहना था कि भारत में कैंसर के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर और चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं और मरीजों को बीमारी का सामना हिम्मत के साथ करना चाहिए। उनका संदेश यही है कि स्वास्थ्य को लेकर छोटे लेकिन लगातार किए जाने वाले सही फैसले लंबे समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि किसी व्यक्ति को कैंसर होने या न होने का फैसला केवल उसकी जीवनशैली से नहीं किया जा सकता और किसी भी लक्षण या जोखिम की स्थिति में डॉक्टर की सलाह ही सबसे महत्वपूर्ण है।

  • MP के 11 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, सीधी-मऊगंज-डिंडौरी में अति भारी बारिश की चेतावनी

    MP के 11 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, सीधी-मऊगंज-डिंडौरी में अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम का असर अगले दो दिन प्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में रहेगा। इसके बाद सिस्टम पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग को प्रभावित करेगा।

    सोमवार को सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। वहीं सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है।

    इन जिलों में भी बारिश के आसार
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    भोपाल-ग्वालियर-चंबल में 17 से 19 अगस्त तक असर
    मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा सिस्टम का असर भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग में भी रहेगा। 17, 18 और 19 अगस्त को इन संभागों के कुछ जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि 15 से 21 अगस्त तक पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी हिस्से में 15 से 19 अगस्त तक तेज बारिश होगी, जबकि इसके बाद पश्चिमी हिस्से में सिस्टम का असर बढ़ेगा।

    प्रदेश में अब तक 21.4 इंच बारिश
    मौसम केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अब तक 544.4 मिमी यानी 21.4 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 24.4 इंच (618.8 मिमी) से करीब 3 इंच कम है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में 18% और पश्चिमी हिस्से में 6% कम बारिश दर्ज की गई है।

    43 जिलों में 2% से 54% तक कम बारिश
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में 2% से 54% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 48% तक कम बारिश हुई है।

    12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • 17 अगस्त का राशिफल: सावन सोमवार और नाग पंचमी का खास संयोग, करियर धन और रिश्तों में आएंगे बड़े बदलाव

    17 अगस्त का राशिफल: सावन सोमवार और नाग पंचमी का खास संयोग, करियर धन और रिश्तों में आएंगे बड़े बदलाव


    नई दिल्ली । 17 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। सावन सोमवार और नाग पंचमी का संयोग होने के साथ सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश की चर्चा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की यह स्थिति अलग अलग राशियों के जीवन में अलग प्रभाव डाल सकती है। कुछ जातकों को करियर और धन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं जबकि कुछ लोगों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। रिश्तों में संवाद और कार्यक्षेत्र में संयम आज सफलता की कुंजी बन सकता है।

    मेष राशि वालों के लिए दिन उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर बन सकते हैं लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है। प्रेम संबंधों में बातचीत से गलतफहमियां दूर की जा सकती हैं।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए आज मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी और व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं लेकिन किसी बड़े निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा। परिवार में सुखद माहौल बना रह सकता है। किसी पुराने परिचित से मुलाकात मन को प्रसन्न कर सकती है।

    मिथुन राशि वालों को आज कार्यक्षेत्र में अपनी बात सोच समझकर रखने की जरूरत होगी। मेहनत के बावजूद परिणाम उम्मीद के मुताबिक आने में समय लग सकता है। आर्थिक लेनदेन में सावधानी रखें। किसी को बिना जांचे परखे पैसा उधार देने से बचें। परिवार में छोटी बात को विवाद का रूप न दें।

    कर्क राशि के लिए दिन मिला जुला रह सकता है। करियर में नए अवसर दिखाई दे सकते हैं लेकिन निर्णय लेते समय भावनाओं के बजाय तथ्यों पर ध्यान देना जरूरी होगा। धन कमाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन विशेष रह सकता है क्योंकि सूर्य सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को लेकर सकारात्मक ऊर्जा महसूस हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों की नजर आपके काम पर रह सकती है। हालांकि अहंकार से बचना और सहयोगियों के साथ विनम्र व्यवहार करना जरूरी होगा।

    कन्या राशि के जातकों को आज अधूरे काम पूरे करने पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फायदा मिल सकता है लेकिन किसी निर्णय को लेकर असमंजस बना रह सकता है। आर्थिक मामलों में अनावश्यक खर्च से बचें। परिवार के किसी सदस्य के साथ जरूरी बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या बनाए रखना बेहतर रहेगा।

    तुला राशि वालों के लिए दिन करियर और रिश्तों के लिहाज से अच्छा रह सकता है। वरिष्ठों से सहयोग मिलने के संकेत हैं। किसी महत्वपूर्ण काम में आपकी भूमिका बढ़ सकती है। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। साझेदारी से जुड़े काम में लाभ हो सकता है लेकिन सभी शर्तों को ध्यान से समझना जरूरी होगा। 17 अगस्त को रिश्तों में सकारात्मक बदलाव की संभावना भी ज्योतिषीय पूर्वानुमानों में जताई गई है।

    वृश्चिक राशि वालों को आज सावधानी से कदम बढ़ाने की जरूरत है। कामकाज में अचानक जिम्मेदारी बढ़ सकती है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। यात्रा के दौरान सतर्क रहें। परिवार और मित्रों का सहयोग मुश्किल समय में राहत देगा। धार्मिक कार्यों में मन लगाने से मानसिक शांति मिल सकती है।

    धनु राशि के लिए दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। करियर में आपका प्रदर्शन प्रभाव छोड़ सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। परिवार में सामंजस्य रहेगा और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न हो सकता है। प्रेम संबंधों में भी दिन अच्छा रह सकता है।

    मकर राशि वालों के लिए आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का दिन है। नौकरी और व्यापार में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहने के संकेत हैं लेकिन जोखिम वाले निवेश से बचना उचित होगा। परिवार में किसी बुजुर्ग की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है। धार्मिक कार्यों में भाग लेने से मन को शांति मिलेगी।

    कुंभ राशि के जातकों को आज संयम से काम लेना चाहिए। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण जानकारी का पता चल सकता है जो आगे की रणनीति बदल सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। रिश्तों में बराबरी और स्पष्ट बातचीत बनाए रखें। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

    मीन राशि वालों के लिए दिन करियर और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाने वाला रहेगा। कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है हालांकि खर्चों को नियंत्रित रखना जरूरी होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी पुराने तनाव से राहत मिल सकती है।

    कुल मिलाकर 17 अगस्त का दिन धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सावन सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर भगवान शिव की पूजा और नाग देवता के प्रति श्रद्धा की परंपरा निभाई जाती है। राशिफल को सामान्य ज्योतिषीय मार्गदर्शन के रूप में लेना चाहिए। किसी भी बड़े आर्थिक करियर या व्यक्तिगत निर्णय का आधार केवल राशिफल को नहीं बनाना चाहिए।

  • UGC-NET के तीन विषयों की फिर होगी परीक्षा, NTA ने जारी किया शेड्यूल; जानें क्या रही वजह

    UGC-NET के तीन विषयों की फिर होगी परीक्षा, NTA ने जारी किया शेड्यूल; जानें क्या रही वजह


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने UGC-NET जून 2026 सत्र के अभ्यर्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। परीक्षा में प्रश्नों की पुनरावृत्ति, तथ्यात्मक एवं टाइपोग्राफिकल त्रुटियों और भाषा संबंधी गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। NTA ने री-एग्जाम की तारीखें भी घोषित कर दी हैं।

    एजेंसी का यह निर्णय विशेषज्ञ समिति की जांच के बाद आया है। समिति ने अभ्यर्थियों की ओर से उठाई गई आपत्तियों और प्रश्नपत्रों में सामने आई खामियों की समीक्षा की थी। इसके बाद परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इन तीन विषयों की परीक्षा फिर से कराने की सिफारिश की गई।

    9 और 10 सितंबर को होगी री-एग्जाम

    NTA की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा इस प्रकार होगी! 

    विषय परीक्षा की तारीख शिफ्ट समय
    इंग्लिश 9 सितंबर 2026 शिफ्ट-1 सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक
    कॉमर्स 9 सितंबर 2026 शिफ्ट-2 दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक
    सोशियोलॉजी 10 सितंबर 2026 शिफ्ट-1 सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक

    प्रश्नपत्र में मिली थीं कई तरह की गड़बड़ियां

    UGC-NET परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने इन विषयों के प्रश्नपत्रों को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं। शिकायतों में सवाल दोहराए जाने, तथ्यात्मक त्रुटियों, टाइपिंग की गलतियों और अनुवाद में विसंगतियों का मुद्दा प्रमुख था।

    विशेषज्ञ समिति ने प्रश्नपत्रों की समीक्षा के दौरान इन शिकायतों की जांच की। खास तौर पर अंग्रेजी और हिंदी भाषा में दिए गए प्रश्नों के बीच कुछ जगहों पर अंतर पाया गया, जिससे अभ्यर्थियों के सामने सही विकल्प चुनने को लेकर परेशानी की स्थिति बनी।

    समिति की रिपोर्ट और सिफारिश के आधार पर NTA ने इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है।

    री-एग्जाम के लिए नहीं देनी होगी अतिरिक्त फीस

    NTA ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। संबंधित अभ्यर्थी बिना अतिरिक्त फीस के री-एग्जाम में शामिल हो सकेंगे।

    84 अन्य विषयों के परिणाम पर असर नहीं

    एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन तीन विषयों की दोबारा परीक्षा के कारण अन्य 84 विषयों के परिणाम प्रभावित नहीं होंगे। इन विषयों के परिणाम निर्धारित प्रक्रिया और कार्यक्रम के अनुसार जारी किए जाएंगे।

    सीटों के आवंटन में नहीं होगी कटौती

    NTA के अनुसार, री-एग्जाम के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्रता तय करते समय विषयवार सीटों के आवंटन में भी कोई कटौती नहीं की जाएगी। पहले से निर्धारित सीट और कोटा व्यवस्था पूर्ववत लागू रहेगी।

    इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने प्रश्नपत्र की खामियों के कारण परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की आशंका जताई थी। अब इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के अभ्यर्थियों को निर्धारित तारीख पर दोबारा परीक्षा देनी होगी।

  • नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की सराहना की, बोले पुलिस की आधुनिकता से लोगों का भरोसा और सुरक्षा बढ़ी

    नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की सराहना की, बोले पुलिस की आधुनिकता से लोगों का भरोसा और सुरक्षा बढ़ी

    नई दिल्ली । प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था में हुए बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ा है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस के थीम गीत ‘खाकी का सितारा’ के विमोचन कार्यक्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भी प्रशंसा की और कहा कि इतने बड़े तथा विविधताओं वाले राज्य में प्रभावी कानून व्यवस्था बनाए रखना आसान काम नहीं है।

    नाना पाटेकर ने कहा कि करीब 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती। इसके लिए स्पष्ट नीति, मजबूत नेतृत्व और निर्णय लेने की दृढ़ इच्छाशक्ति भी जरूरी है। उनके मुताबिक कानून व्यवस्था को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल किए जाने के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं।

    अभिनेता ने कहा कि उन्होंने पिछले कई दशकों के दौरान उत्तर प्रदेश को बदलते हुए देखा है। उनके अनुसार प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों के विश्वास में वृद्धि हुई है। प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव दिखाई देता है और सरकार के कामकाज में निर्णय लेने की स्पष्टता नजर आती है।

    नाना पाटेकर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस को आधुनिक संसाधन और नई तकनीक उपलब्ध कराने के साथ उसके आत्मविश्वास को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक से लैस पुलिस बदलती परिस्थितियों में अपराध से निपटने में अधिक सक्षम हो सकती है।

    उन्होंने पुलिस और नागरिकों की संयुक्त भूमिका पर भी जोर दिया। नाना पाटेकर ने कहा कि पुलिस जितनी आधुनिक और सक्षम होगी, नागरिकों की सुरक्षा उतनी बेहतर होगी। वहीं जागरूक नागरिक अपराधियों के लिए चुनौतियां बढ़ा सकते हैं। उन्होंने खासतौर पर साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को गंभीर चुनौती बताया।

    अभिनेता ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसी या किसी अन्य सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करके फोन अथवा वीडियो कॉल पर डराने की कोशिश करे और पैसे की मांग करे, तो लोगों को सावधान हो जाना चाहिए।

    नाना पाटेकर ने कहा कि साइबर अपराधियों की सबसे बड़ी ताकत केवल तकनीक नहीं, बल्कि लोगों के मन में पैदा किया गया डर है। इसी डर का फायदा उठाकर ठग लोगों से उनकी मेहनत की कमाई हासिल करने का प्रयास करते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल या वीडियो बातचीत में दबाव में आकर आर्थिक लेनदेन नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए तैयार की गई फिल्म की भी सराहना की। उनका कहना था कि अगर कलाकारों की भागीदारी से किसी परिवार की जीवनभर की कमाई बचाई जा सके या किसी बुजुर्ग को साइबर ठगी का शिकार होने से रोका जा सके, तो यह समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान होगा।

    नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और जवानों की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों में तत्काल निर्णय लेना पड़ता है। उनके पास फिल्मों की तरह गलती सुधारने या दोबारा प्रयास करने का अवसर नहीं होता। कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेना उनकी बड़ी जिम्मेदारी है।

    उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश पुलिस आगे भी जनता के विश्वास को मजबूत बनाए रखेगी और प्रदेश को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। उनके बयान के दौरान कानून व्यवस्था के साथ साइबर सुरक्षा और नागरिक जागरूकता को भी प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने रखा गया।