Author: bharati

  • CJP की तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके का दावा, कहा- पुलिस हिरासत में ले सकती है

    CJP की तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके का दावा, कहा- पुलिस हिरासत में ले सकती है


    नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि कुछ बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी उनके घर की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली पुलिस गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह उन्हें हिरासत में ले सकती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि पार्टी के सदस्य शुक्रवार को शांतिपूर्वक तिरंगा लहराने जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए जेल जाना पड़े, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा लहराने के मामले में CJP के सहयोगियों सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया था।

    सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च निकालने की तैयारी

    CJP ने अपने समर्थकों और आम लोगों से शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में जुटने की अपील की है। पार्टी यहां तिरंगा लहराकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताना चाहती है। यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर है।

    दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी शांतिपूर्वक तिरंगा लहराएगी। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध माना जाता है, तो वे जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि तिरंगा लहराने के लिए किसी को अपराधी मानना गलत है।

    16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा सेंट्रल पार्क

    तिरंगा मार्च की घोषणा के बीच नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने गुरुवार को बताया कि कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। इसी स्थान पर CJP ने अपना कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी।

    पार्क बंद रखने के फैसले पर दिपके ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी 100 अलग-अलग जगहों पर तिरंगा लहराने का ऐलान कर दे, तो क्या प्रशासन सभी 100 स्थानों को बंद कर देगा? उन्होंने यह भी पूछा कि यदि किसी राजनीतिक रैली में लोग तिरंगा लेकर पहुंचें, तो क्या उस रैली को भी रद्द कर दिया जाएगा?

    ‘पुलिस कार्रवाई से डरने वाले नहीं’

    अभिजीत दिपके ने दावा किया कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि IB के कर्मचारी उनके घर के बाहर तैनात चौकीदार से उनके बारे में जानकारी जुटा रहे थे। दिपके ने आशंका जताई कि पुलिस उन्हें गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह हिरासत में ले सकती है। उन्होंने कहा कि वे ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार बदलने की मांग नहीं कर रही है। CJP की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और उनकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति की नियुक्ति स्वतंत्र एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत की जाए।

    मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर सवाल

    दिपके ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अन्य चुनाव आयुक्तों की बात भी नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग करना क्या अपराध है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिपके ने देश में आपातकाल जैसे हालात होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपातकाल घोषित नहीं कर रहे, क्योंकि इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

    CJP के तिरंगा मार्च, सेंट्रल पार्क को बंद रखने के फैसले और पुलिस हिरासत की आशंका को लेकर दिपके के बयान ऐसे समय आए हैं, जब पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। हालांकि, उनके पीछा किए जाने और निगरानी संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

  • 16 अक्टूबर का राशिफल, मेष से मीन तक जानें किसे मिलेगा धन लाभ और किसे रहना होगा सावधान

    16 अक्टूबर का राशिफल, मेष से मीन तक जानें किसे मिलेगा धन लाभ और किसे रहना होगा सावधान


    नई दिल्ली।
    16 अक्टूबर 2026 शुक्रवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए नए अवसर और कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की आराधना और सुख समृद्धि से जुड़ा माना जाता है। इस दिन कुछ लोगों को नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। वहीं कुछ राशि के जातकों को धन खर्च और पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए शुक्रवार का दिन कैसा रहने की संभावना है।


    मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए कामकाज के लिहाज से दिन सकारात्मक रह सकता है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने और पुराने कार्यों को गति देने का अवसर मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। मां लक्ष्मी को लाल पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है।


    वृषभ राशि: वृषभ राशि वालों को कार्यक्षेत्र में धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ना चाहिए। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखने से काम आसानी से पूरे हो सकते हैं। निवेश करने से पहले सभी पहलुओं की जांच करें। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता बनी रह सकती है। गले और खानपान से जुड़ी परेशानियों को नजरअंदाज न करें। छोटी कन्याओं को फल दान करना शुभ रहेगा।


    मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के लिए नई योजनाओं पर काम करने का अच्छा अवसर मिल सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में अपनी बात सोच समझकर रखें और भावनाओं में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। परिवार का माहौल अच्छा रह सकता है। स्वास्थ्य के लिए दिनचर्या व्यवस्थित रखें। भगवान शिव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है।


    कर्क राशि: कर्क राशि वालों को काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत होगी। कार्यस्थल की परेशानियों को घर तक न लाएं। धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचें और बिना जानकारी के निवेश न करें। परिवार के किसी सदस्य से महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें। जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना अच्छा रहेगा।


    सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना होगा। वरिष्ठ अधिकारियों की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है। कारोबार में नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। जीवनसाथी के साथ समय बिताने से रिश्तों में मजबूती आएगी। खानपान संतुलित रखें। मां दुर्गा की आराधना करना शुभ माना जाता है।


    कन्या राशि: कन्या राशि वालों के लिए कामकाज में उत्पादकता बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। नए विचारों से भविष्य की योजनाओं को दिशा मिलेगी। आर्थिक मामलों में कोई उपयोगी अवसर सामने आ सकता है। हालांकि तनाव से बचने के लिए आराम और काम के बीच संतुलन रखें। परिवार के साथ बातचीत करने से मन हल्का होगा। जरूरतमंद को भोजन कराना अच्छा रहेगा।


    तुला राशि: तुला राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। वरिष्ठ लोगों के साथ मिलकर काम करने से लाभ हो सकता है। आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें। रिश्तों में संवाद बनाए रखना जरूरी होगा। काम की व्यस्तता के बीच अपनी सेहत का ध्यान रखें। मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।


    वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वालों को कामकाज के दबाव के बीच धैर्य बनाए रखना चाहिए। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। कारोबार में नए प्रयोग करने से पहले जोखिम का आकलन करें। प्रेम संबंधों में अपनी भावनाएं स्पष्ट रूप से व्यक्त करें। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिल सकता है। नियमित दिनचर्या अपनाना फायदेमंद रहेगा।


    धनु राशि: धनु राशि के जातकों के लिए दिन उत्साह और नई संभावनाओं से जुड़ा रह सकता है। नौकरी और कारोबार में नए संपर्क उपयोगी साबित हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में बचत पर ध्यान देना जरूरी होगा। परिवार में किसी अच्छी खबर से खुशी मिल सकती है। काम के दौरान छोटे ब्रेक लेते रहें। मां लक्ष्मी की पूजा कर जरूरतमंदों की मदद करना शुभ माना जाता है।


    मकर राशि: मकर राशि वालों को कार्यक्षेत्र में धैर्य और अनुशासन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जरूरी दस्तावेजों और लेनदेन में सावधानी बरतें। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार के पुराने मतभेद सुलझाने का अवसर मिल सकता है। मानसिक थकान से बचने के लिए पर्याप्त आराम करें। विवादों से दूर रहना बेहतर होगा।


    कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों को नए काम में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। टीम के साथ मिलकर काम करने से अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। जीवनसाथी या करीबी व्यक्ति से अपनी भावनाएं साझा करना लाभदायक रहेगा। योग और ध्यान से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है।


    मीन राशि: मीन राशि वालों के लिए करियर में नई जिम्मेदारियां सामने आ सकती हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह भविष्य की योजना बनाने में मदद कर सकती है। आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए खर्चों का हिसाब रखें और परिवार के साथ विचार विमर्श करें। शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना आपके लिए उपयोगी रहेगा।


  • MP में अगले 4 दिन बदलेगा मौसम, ग्वालियर-चंबल समेत 5 संभागों में बारिश के आसार

    MP में अगले 4 दिन बदलेगा मौसम, ग्वालियर-चंबल समेत 5 संभागों में बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अक्टूबर के दौरान मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। दिन में धूप निकल रही है, रात में ठंडक बढ़ रही है और कुछ इलाकों में बारिश भी हो रही है। प्रदेश के उत्तरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, मध्य प्रदेश से एक ट्रफ गुजर रही है। इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिन ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 17 अक्टूबर को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में 18 और 19 अक्टूबर को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है।

    इससे पहले गुरुवार को नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी में बादल छाए रहे। कई स्थानों पर हल्की बारिश और आंधी जैसी स्थिति भी बनी।

    अमरकंटक में 15.8 डिग्री पर पहुंचा पारा

    बारिश के बीच प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर और बढ़ सकता है।

    अनूपपुर जिले का अमरकंटक प्रदेश के ठंडे इलाकों में सबसे आगे रहा। यहां बीती रात न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 17.4 डिग्री, भोपाल में 17.6 डिग्री और इंदौर तथा बालाघाट जिले के मलाजखंड में 17.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। रायसेन और छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।

    3 अक्टूबर को लौट चुका मानसून, फिर भी हो रही बारिश

    मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है। इसके बावजूद मौसमी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। हालांकि, रविवार और सोमवार को कहीं आंधी-बारिश दर्ज नहीं की गई थी।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की परिस्थितियां देखने को मिली हैं। इस साल भी मौसम का यही रुख बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ धूप निकली, जबकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई जिलों में बारिश भी होती रही। इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

    सामान्य से 1.5 इंच कम बारिश

    जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच से 41.1 मिलीमीटर या करीब 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

    हालांकि, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के आंकड़ों में अंतर रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।

    पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रहा। इसके बावजूद बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य के मुकाबले 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसूनी बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    दूसरी ओर, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    फिलहाल प्रदेश में बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने का अनुमान है। अगले चार दिन उत्तरी और मध्य हिस्सों के कई जिलों में बारिश हो सकती है, जबकि महीने के तीसरे सप्ताह के बाद रात की ठंड बढ़ने के आसार हैं।

  • भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.21 प्रतिशत बढ़कर 13.38 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, कॉरपोरेट और व्यक्तिगत करों से राजस्व में वृद्धि

    भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.21 प्रतिशत बढ़कर 13.38 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, कॉरपोरेट और व्यक्तिगत करों से राजस्व में वृद्धि

    नई दिल्ली ।भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 14 अक्टूबर तक पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 13.21 प्रतिशत बढ़कर 13.38 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इस दौरान कॉरपोरेट टैक्स, गैर-कॉरपोरेट टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से होने वाली प्राप्तियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जारी आंकड़ों के अनुसार, कर रिफंड को घटाने के बाद प्राप्त शुद्ध राजस्व में यह वृद्धि सामने आई है।

    रिफंड से पहले सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में भी बढ़ोतरी हुई। चालू वित्त वर्ष में 14 अक्टूबर तक यह 14.89 प्रतिशत बढ़कर 16.03 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.95 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस तरह सकल संग्रह में सालाना आधार पर उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।

    इस अवधि में करदाताओं को जारी किए गए रिफंड की राशि भी बढ़ी। पिछले वर्ष की समान अवधि में 2.13 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए थे, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह रकम बढ़कर 2.65 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसमें सालाना आधार पर 24.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिफंड को समायोजित करने के बाद ही शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह का आंकड़ा निकाला जाता है।

    कॉरपोरेट टैक्स के शुद्ध संग्रह में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। चालू वित्त वर्ष में 14 अक्टूबर तक यह राशि बढ़कर 5.99 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 4.97 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह हुआ था। इस आंकड़े से दोनों अवधियों के बीच कॉरपोरेट कर राजस्व में वृद्धि का संकेत मिलता है।

    गैर-कॉरपोरेट करों के शुद्ध संग्रह में भी इजाफा हुआ। इस श्रेणी में व्यक्तियों और अन्य गैर-कॉरपोरेट इकाइयों की ओर से चुकाए गए कर शामिल हैं। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संग्रह 6.54 लाख करोड़ रुपये था, जो चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 6.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

    सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स से प्राप्त शुद्ध राजस्व में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि दर्ज की गई। एसटीटी का शुद्ध संग्रह पिछले वर्ष के 30,901.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 46,840.43 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, अन्य करों की श्रेणी में शुद्ध संग्रह नकारात्मक रहा। यह एक वर्ष पहले के 282.39 करोड़ रुपये से घटकर माइनस 1.64 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

    सकल संग्रह के आंकड़ों पर नजर डालें तो कॉरपोरेट कर प्राप्तियां पिछले वर्ष की समान अवधि के 6.44 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.53 लाख करोड़ रुपये हो गईं। इसी तरह सकल गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह 7.20 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8.03 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। सकल एसटीटी संग्रह भी 30,901.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 46,840.43 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, अन्य करों का सकल संग्रह 301.22 करोड़ रुपये से घटकर 18.87 करोड़ रुपये रह गया।

    प्रत्यक्ष कर संग्रह में कंपनियों के अलावा व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ), फर्मों, एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (एओपी), बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (बीओआई), स्थानीय निकायों और कृत्रिम न्यायिक व्यक्तियों द्वारा चुकाए गए कर भी शामिल हैं। चालू वित्त वर्ष के आंकड़े 14 अक्टूबर तक की अवधि के हैं और इनकी तुलना पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि से की गई है।
  • इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, बॉम्बे हाई कोर्ट जाएंगे अभिनेता

    इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, बॉम्बे हाई कोर्ट जाएंगे अभिनेता


    मुंबई। अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस की ओर से 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के खिलाफ अभिनेता के वकील ने बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की बात कही है। उनका तर्क है कि ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारकों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

    ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में हुए थे शामिल

    जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी पासपोर्ट रखने वाले इमरान खान पिछले सप्ताह मुंबई के क्रांति मैदान में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। इस दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में लिया था।

    रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता के खिलाफ आव्रजन अधिनियम की धारा 29 और 7 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोप है कि भारतीय नागरिक नहीं होने के बावजूद उन्होंने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। हालांकि, इस मामले में अभिनेता के पक्ष की ओर से कानूनी चुनौती देने की तैयारी की जा रही है।

    हिरासत के बाद सोशल मीडिया पर साझा की थी तस्वीर

    हिरासत में लिए जाने के बाद इमरान खान ने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा की थी। इसके साथ उन्होंने लिखा था कि वह ड्राइव पर जा रहे हैं। मीडिया से बातचीत में अभिनेता ने कहा था कि वह मुंबई के निवासी के तौर पर प्रदर्शन में शामिल हुए थे और उनकी कोई विशेष मांग नहीं थी।

    इमरान ने कहा था कि वह यह समझने के लिए वहां पहुंचे थे कि लोगों की आवाज और उनकी स्वतंत्र आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है। उन्होंने खुद को शहर में रहने वाले एक नागरिक के रूप में पेश करते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह बताई थी।

    अभिजीत दिपके ने भी उठाए सवाल

    इमरान खान को नोटिस दिए जाने पर सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी नागरिक मैरी मिलबन का उदाहरण दिया और सवाल उठाया कि जब वह भाजपा के समर्थन में अपनी बात रख सकती हैं, तो ओसीआई कार्डधारक इमरान खान को भाजपा के खिलाफ बोलने से क्यों रोका जा रहा है।

    लेखा वाशिंगटन और परिवार के सदस्य भी हिरासत में लिए गए

    प्रदर्शन के दौरान इमरान खान के साथ उनकी गर्लफ्रेंड लेखा वाशिंगटन, उनकी मां नुसरत और भतीजी जैन (मैरी) भी मौजूद थीं। खबर के मुताबिक, इन सभी को करीब 400 अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया गया था।

    इसी बीच जैन ने एक वीडियो जारी कर पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने हिरासत के दौरान लगी चोटों के निशान भी दिखाए थे। ये आरोप जैन की ओर से लगाए गए थे।

    फिल्मों से लंबे समय से दूर हैं इमरान

    इमरान खान की फिल्मी पारी की बात करें तो वह वर्ष 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ में नजर आए थे। इसके बाद वर्ष 2026 में रिलीज हुई फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ में उन्होंने विशेष भूमिका निभाई।

  • पीयूष गोयल का दावा, भारत अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा

    पीयूष गोयल का दावा, भारत अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा


    नई दिल्ली ।केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दशकों में वैश्विक आर्थिक विकास और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति को गति देने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उनके मुताबिक, देश की युवा आबादी, विशाल उपभोक्ता बाजार और उद्यमशीलता की क्षमता भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं को मजबूती देती है।

    राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एसआरसीसी शताब्दी सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि दुनिया के कई देश भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ओर बढ़ती दिलचस्पी का प्रमुख कारण यहां की युवा और महत्वाकांक्षी आबादी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय भारत की क्षमता को पहचान रहा है और आने वाले समय में देश अंतरराष्ट्रीय विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

    केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आकांक्षाओं से भरा युवा भारत वैश्विक विकास का नेतृत्व करने की स्थिति में है। उन्होंने प्रौद्योगिकी और वैश्विक व्यापार में देश की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, भारत आने वाले वर्षों में इन दोनों क्षेत्रों में प्रगति को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हो सकता है। उन्होंने देश की विकास क्षमता को भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़कर प्रस्तुत किया।

    भारत की लंबी अवधि की आर्थिक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए गोयल ने जनसांख्यिकीय क्षमता, युवा आबादी और बड़े उपभोक्ता बाजार को देश की प्रमुख ताकत बताया। उन्होंने कहा कि इन विशेषताओं के साथ उद्यमशील ऊर्जा भी भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में योगदान देगी। उनके अनुसार, इन क्षमताओं के कारण भारत आने वाले दो से ढाई दशकों तक तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति बनाए रख सकता है।

    गोयल ने कहा कि भारत की आबादी और बाजार का आकार देश को भविष्य के वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर देता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश की आर्थिक प्रगति केवल वर्तमान उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले दशकों में भी इसके व्यापक प्रभाव की संभावना है। हालांकि, उनके संबोधन में इस अनुमान के समर्थन में कोई विशिष्ट आर्थिक आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया गया।

    केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के नागरिकों को सामूहिक रूप से योगदान देना होगा। उनके मुताबिक, राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी स्वीकार करना आवश्यक है और लोगों को चुनौतियों से बचने की मानसिकता छोड़कर अपने दायित्वों को निभाने पर ध्यान देना चाहिए।

    गोयल ने कहा कि समाज के एक बड़े वर्ग में समस्याओं से बचने की प्रवृत्ति दिखाई देती है और लोग कई बार यह स्वीकार नहीं करते कि भविष्य को दिशा देने की जिम्मेदारी उनके अपने हाथों में है। उन्होंने इस सोच में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य सभी के प्रयासों से ही पूरा हो सकता है।

    अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय मंत्री ने बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की महत्वाकांक्षा को आधुनिक भारत की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि यही महत्वाकांक्षा देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के पीछे प्रमुख कारणों में से एक है। उनके वक्तव्य का मुख्य संदेश यह रहा कि भारत की युवा शक्ति, आर्थिक क्षमता और सामूहिक जिम्मेदारी आने वाले दशकों में देश की विकास यात्रा को दिशा देने में अहम होंगी।

  • भारत में यात्री वाहनों की थोक बिक्री सितंबर में 21.8 प्रतिशत बढ़ी, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में भी दर्ज हुई वृद्धि

    भारत में यात्री वाहनों की थोक बिक्री सितंबर में 21.8 प्रतिशत बढ़ी, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में भी दर्ज हुई वृद्धि

    नई दिल्ली ।भारत में यात्री वाहनों की थोक बिक्री में सितंबर के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। सालाना आधार पर बिक्री 21.8 प्रतिशत बढ़कर 4,54,574 यूनिट्स पर पहुंच गई, जबकि पिछले साल सितंबर में यह आंकड़ा 3,73,347 यूनिट्स था। वाहन उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में यात्री वाहनों के साथ दोपहिया और तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री में भी वृद्धि दर्ज की गई।

    सितंबर में दोपहिया वाहनों की कुल थोक बिक्री सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत बढ़कर 24.63 लाख यूनिट्स हो गई। पिछले साल इसी महीने में दोपहिया वाहनों की बिक्री 21.70 लाख यूनिट्स रही थी। इस तरह एक साल के अंतराल में इस श्रेणी में भी बिक्री का आंकड़ा बढ़ा है। यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों के आंकड़े घरेलू बाजार में वाहन निर्माताओं की ओर से डीलरों को भेजे गए वाहनों की संख्या को दर्शाते हैं।

    तिपहिया वाहनों की थोक बिक्री में भी सितंबर के दौरान बढ़ोतरी देखने को मिली। इस महीने डीलरों को कुल 98,162 तिपहिया वाहन भेजे गए, जो पिछले साल की समान अवधि के 84,635 यूनिट्स से 16 प्रतिशत अधिक हैं। इस तरह यात्री, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री के आंकड़ों में सालाना वृद्धि दर्ज की गई।

    थोक बिक्री के अलावा, सितंबर में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की खुदरा बिक्री ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, देश में सभी श्रेणियों को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल खुदरा बिक्री 3,33,634 यूनिट्स तक पहुंच गई। यह पिछले साल सितंबर की तुलना में 74 प्रतिशत अधिक रही। यह आंकड़ा उपभोक्ताओं को वाहनों की बिक्री से संबंधित है, इसलिए इसकी तुलना निर्माताओं से डीलरों को भेजे गए वाहनों की थोक बिक्री से अलग आधार पर की जाती है।

    इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री सितंबर में बढ़कर 2,07,314 यूनिट्स के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 88.67 प्रतिशत अधिक रही। अगस्त के मुकाबले भी इसमें 13.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बाजार में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 11.6 प्रतिशत हो गई, जबकि एक साल पहले सितंबर में यह 8.2 प्रतिशत थी।

    इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर में इस श्रेणी की बिक्री 36,108 यूनिट्स के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इसमें 94.56 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि अगस्त की तुलना में बिक्री 17.63 प्रतिशत अधिक रही। इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़ी। पिछले साल सितंबर में यह 5.7 प्रतिशत थी, जो इस साल बढ़कर 8.5 प्रतिशत हो गई।

    सितंबर के आंकड़े पारंपरिक वाहनों की थोक बिक्री और इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री में वृद्धि को दर्शाते हैं। यात्री वाहनों की थोक बिक्री में 21.8 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी के साथ दोपहिया और तिपहिया श्रेणियों में भी विस्तार दर्ज किया गया। वहीं, इलेक्ट्रिक दोपहिया और यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री ने अपने-अपने उच्चतम मासिक स्तर हासिल किए। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में दर्ज वृद्धि के साथ बाजार में उनकी हिस्सेदारी भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ी है।

  • सोने और चांदी की कीमतों में लौटी तेजी, 24 कैरेट गोल्ड 1.47 लाख रुपये के पार, जानिए दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव

    सोने और चांदी की कीमतों में लौटी तेजी, 24 कैरेट गोल्ड 1.47 लाख रुपये के पार, जानिए दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव

    नई दिल्ली ।भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। एक दिन पहले दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन गुरुवार को बाजार में फिर बढ़त लौट आई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत में करीब 1,420 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का इजाफा हुआ। वहीं, चांदी का भाव भी लगभग 1,120 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गया।

    ताजा दरों के मुताबिक, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,35,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर पहुंच गई। वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक दर्ज किया गया। कीमतों में इस बढ़ोतरी के बाद सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अलग-अलग शहरों के भाव जानना महत्वपूर्ण हो गया है।

    राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,510 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। यहां 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,218 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। जयपुर और लखनऊ में भी दोनों श्रेणियों के सोने की कीमतें दिल्ली के समान रहीं। इन शहरों में 24 कैरेट गोल्ड 1,47,510 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,218 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।

    मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,360 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,068 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। कोलकाता और बेंगलुरु में भी सोने की कीमतें मुंबई के समान रहीं। इन दोनों शहरों में 24 कैरेट सोना 1,47,360 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,068 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।

    अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,410 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। यहां 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1,35,118 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी सोने की कीमतें अहमदाबाद के समान रहीं। भोपाल में 24 कैरेट सोना 1,47,410 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,35,118 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया।

    सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले दिन की तुलना में चांदी करीब 1,120 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हुई। इसके बाद अधिकांश शहरों में चांदी का भाव बढ़कर 2,09,460 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया।

    गुरुवार को दर्ज हुए भाव में दिल्ली और जयपुर में सोने की कीमत सबसे अधिक रही, जबकि मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में भाव अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया। अहमदाबाद और भोपाल में सोने की दरें इन दोनों समूहों के बीच रहीं। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव के कारण खरीदारी से पहले संबंधित शहर का ताजा भाव जानना जरूरी है। यहां दिए गए आंकड़े 15 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध दरों पर आधारित हैं।

  • विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर भोपाल में जागरूकता अभियान, आरएनटीयू के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से समझाए एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल के खतरे

    विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर भोपाल में जागरूकता अभियान, आरएनटीयू के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से समझाए एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल के खतरे

    मध्य प्रदेश। की राजधानी भोपाल के चिकलोद गांव में एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक इस्तेमाल और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 और राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को दवाओं के जिम्मेदार उपयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान स्टेशनरी सामग्री का वितरण भी किया गया।

    कार्यक्रम का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की प्राचार्य डॉ. दुर्गा पांडेय के मार्गदर्शन में हुआ। इसका समन्वय राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गब्बर सिंह और डॉ. रेखा गुप्ता ने किया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को एंटीबायोटिक दवाओं के सही इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना और संक्रमणों के उपचार में सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी देना था।

    विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना’ रखी गई है। इसी उद्देश्य के अनुरूप कार्यक्रम में दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को समझाया कि दवाओं का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार करना जरूरी है और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना नुकसानदायक हो सकता है।

    नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस यानी रोगाणुरोधी प्रतिरोध के कारणों और संभावित दुष्परिणामों को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक इस्तेमाल, बिना चिकित्सकीय परामर्श के इनका सेवन और उपचार संबंधी निर्देशों की अनदेखी इस समस्या को बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में संक्रमणों का उपचार अधिक कठिन हो सकता है। कार्यक्रम में लोगों को इस चुनौती से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई।

    विद्यार्थियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी मर्जी से एंटीबायोटिक दवाएं न लें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही उनका उपयोग करें। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। दवाओं के इस्तेमाल में सावधानी बरतकर इस समस्या को नियंत्रित करने के प्रयासों में सहयोग किया जा सकता है।

    स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के साथ कार्यक्रम में सामाजिक उत्तरदायित्व को भी महत्व दिया गया। विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को स्टेशनरी सामग्री वितरित की। इस गतिविधि के माध्यम से सामुदायिक सहयोग, सामाजिक संवेदनशीलता और जनसेवा के महत्व को सामने रखा गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी का उद्देश्य उन्हें सामाजिक जरूरतों से जोड़ना और जनहित से जुड़े कार्यों के प्रति प्रोत्साहित करना भी था।

    विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.पी. दुबे ने कहा कि जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी शिक्षा के महत्वपूर्ण अंग हैं। उनके अनुसार, इस तरह की पहल विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ती है और सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करती है।

    विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने भी दवाओं के उचित उपयोग और एंटीबायोटिक के प्रति जागरूकता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं और उन्हें जनहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।

    यह कार्यक्रम फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया और मध्य प्रदेश राज्य फार्मेसी परिषद के जनस्वास्थ्य जागरूकता तथा फार्मासिस्टों की सामाजिक भूमिका से जुड़े उद्देश्यों के अनुरूप आयोजित किया गया। इसके माध्यम से जिम्मेदार दवा उपयोग, संक्रमणों की रोकथाम और समुदाय की सहभागिता का संदेश दिया गया।

  • चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को राहत, सुप्रीम कोर्ट में दो करोड़ रुपये जमा, पासपोर्ट जारी करने और मध्यस्थता के आदेश

    चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को राहत, सुप्रीम कोर्ट में दो करोड़ रुपये जमा, पासपोर्ट जारी करने और मध्यस्थता के आदेश


    नई दिल्ली ।
    चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। अभिनेता के वकील ने अदालत को बताया कि उन्होंने पिछले आदेश का पालन करते हुए दो करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। यह राशि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा की गई है। भुगतान की जानकारी मिलने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता के जरिए विवाद का समाधान निकालने का निर्देश दिया। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट में जमा राजपाल यादव का पासपोर्ट उचित शर्तों के साथ जारी करने को कहा गया है।

    राजपाल यादव की ओर से जमा कराई गई दो करोड़ रुपये की राशि में 1.15 करोड़ रुपये डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से और 85 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए जमा किए गए हैं। अभिनेता के वकील ने सुनवाई के दौरान अदालत को भुगतान का विवरण दिया। राशि जमा होने की जानकारी पर सुप्रीम कोर्ट ने संतोष जताया और मामले को आपसी समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

    अदालत ने कहा कि विवाद के निपटारे के लिए एक मध्यस्थ नियुक्त किया जाएगा। दोनों पक्षों को निर्धारित तारीख पर मध्यस्थ के सामने उपस्थित होकर समाधान की संभावना पर विचार करना होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाना है। मामले में शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स की ओर से पेश वकील ने भी मध्यस्थता के प्रस्ताव पर सहमति जताई।

    सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने उनके पासपोर्ट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अदालत को बताया कि अभिनेता को अपने पेशेवर कामों के सिलसिले में विदेश जाना है, लेकिन उनका पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट के पास जमा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह उचित शर्तें तय करके राजपाल यादव का पासपोर्ट जारी करे। इससे अभिनेता को पेशेवर कार्यों के लिए विदेश यात्रा करने के संबंध में राहत मिली है, हालांकि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित शर्तों के अधीन रहेगी।

    यह मामला वर्ष 2010 में बनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। फिल्म बनाने के लिए राजपाल यादव ने पांच करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि, अभिनेता का कहना था कि यह राशि कर्ज नहीं, बल्कि निवेश थी। बाद में रकम का भुगतान नहीं हो पाने के कारण विवाद बढ़ गया और बकाया राशि बढ़कर नौ करोड़ रुपये होने की बात सामने आई।

    इसी मामले में राजपाल यादव ने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद फिल्म जगत की कई हस्तियों ने उनकी मदद के लिए आगे आने की बात सामने आई थी। मामले में राहत पाने के लिए अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और अदालत के समक्ष दो करोड़ रुपये जमा कराए।

    अब अदालत ने भुगतान के बाद विवाद को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का रास्ता अपनाया है। दोनों पक्षों को मध्यस्थ के सामने उपस्थित होकर समाधान की संभावनाओं पर विचार करना होगा। वहीं, पासपोर्ट जारी करने के संबंध में ट्रायल कोर्ट को उचित शर्तें निर्धारित करने के लिए कहा गया है। इस तरह मामले में आगे की प्रक्रिया आपसी समझौते और अदालत के निर्देशों के अनुसार चलेगी।