Author: bharati

  • शिप्रा की लहरों पर योग का कमाल, बारिश के बीच नन्हें तैराकों ने दिखाया अद्भुत संतुलन

    शिप्रा की लहरों पर योग का कमाल, बारिश के बीच नन्हें तैराकों ने दिखाया अद्भुत संतुलन


    मध्यप्रदेश । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन उज्जैन में एक ऐसा आयोजन देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से एक दिन पहले उज्जैन के रामघाट पर मां शिप्रा तैराक दल के नन्हें तैराकों ने शिप्रा नदी की लहरों के बीच जल योग का अद्भुत प्रदर्शन कर योग और तैराकी के अनूठे संगम को प्रस्तुत किया।

    सुबह से मौसम खराब था और रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, लेकिन इसका असर बच्चों के उत्साह पर बिल्कुल भी नहीं पड़ा। बारिश की फुहारों और शिप्रा नदी के प्रवाह के बीच बच्चों ने जिस आत्मविश्वास और संतुलन का परिचय दिया, वह देखने लायक था। नन्हें तैराकों ने पानी में योगासन करते हुए यह साबित कर दिया कि योग केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि जल में भी उतनी ही प्रभावशाली तरीके से किया जा सकता है।

    कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अनुलोम-विलोम, ब्रीदिंग एक्सरसाइज, विभिन्न योग मुद्राओं और योग पिरामिड का प्रदर्शन किया। पानी में संतुलन बनाते हुए तैयार की गई आकर्षक आकृतियां दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। नदी की लहरों पर योगाभ्यास करते बच्चों की प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को रोमांचित कर दिया और सभी ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

    मां शिप्रा तैराक दल के सचिव एवं प्रशिक्षक संतोष सोलंकी ने बताया कि उनकी संस्था पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जल योग का आयोजन करती आ रही है। हर वर्ष संस्था का प्रयास रहता है कि योग दिवस पर कुछ नया और प्रेरणादायक संदेश दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस बार बच्चों ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद जिस समर्पण और अनुशासन का प्रदर्शन किया, वह सराहनीय है।

    महिला प्रशिक्षक सपना माली के मार्गदर्शन में वैष्णवी बारोड, खुशी कहार, भारती कहार, राघव बारोड, युग बारोड, भोला कहार, याग्निक धकिते, वेदांश कोठार, अविनाश शर्मा और मुस्कान कहार सहित कई बच्चों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपने कौशल और संतुलन का शानदार प्रदर्शन कर यह संदेश दिया कि नियमित योग और तैराकी से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

    शिप्रा नदी में आयोजित यह जल योग कार्यक्रम केवल एक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन, सकारात्मक सोच और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश भी था। बारिश के बीच नन्हें बच्चों का यह उत्साह लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। कार्यक्रम ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की भावना को और अधिक मजबूत करते हुए समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगी का संदेश, योग को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगी का संदेश, योग को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग को भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया और इसे जीवन का नियमित हिस्सा बनाने पर जोर दिया। झांसी में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिन या किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवनशैली में शामिल करना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव है और योग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने बताया कि भारतीय ऋषि परंपरा ने जो पर्व और परंपराएं विकसित की हैं, उनका उद्देश्य हमेशा प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन को संतुलित रखना रहा है। योग भी इसी सोच का विस्तार है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच योग और भी अधिक आवश्यक हो गया है। नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता को भी बढ़ाता है।

    कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास में हिस्सा लिया और विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल कार्यक्रम या आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि एक स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण हो सके।

  • महिला टी20 विश्व कप में इंग्लैंड का दबदबा, 200 रन बनाने के बाद स्कॉटलैंड को किया ढेर

    महिला टी20 विश्व कप में इंग्लैंड का दबदबा, 200 रन बनाने के बाद स्कॉटलैंड को किया ढेर


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में इंग्लैंड ने अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए स्कॉटलैंड को 38 रन सेWomen’s T20 World Cup 2026, England Women, Scotland Women, Sophia Dunkley, Alice Capsey, Women’s Cricket, Cricket News हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में इंग्लिश टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। मैच की सबसे बड़ी खासियत सोफिया डंकले और एलिस कैप्सी की धमाकेदार पारियां रहीं, जिन्होंने स्कॉटलैंड के गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। एमी जोन्स बिना खाता खोले आउट हो गईं, जबकि डैन व्याट भी केवल 7 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड मुश्किल में पड़ सकती है, लेकिन सोफिया डंकले और एलिस कैप्सी ने पारी को शानदार तरीके से संभाल लिया।

    दोनों बल्लेबाजों ने स्कॉटलैंड के गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बनाते हुए तेजी से रन जुटाए। एलिस कैप्सी ने मात्र 25 गेंदों में 40 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक शॉट देखने को मिले। वहीं सोफिया डंकले ने अपनी क्लास और आक्रामकता का शानदार मिश्रण पेश करते हुए 37 गेंदों में 57 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और एक शानदार छक्का शामिल रहा।

    मध्यक्रम में कप्तान हीथर नाइट ने भी 19 गेंदों में 25 रन बनाकर उपयोगी योगदान दिया। अंतिम ओवरों में फ्रेया केम्प और डैनी गिब्सन ने स्कॉटलैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। फ्रेया केम्प ने सिर्फ 16 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे। वहीं डैनी गिब्सन ने 11 गेंदों में नाबाद 30 रन ठोककर इंग्लैंड का स्कोर 20 ओवर में 5 विकेट पर 200 रन तक पहुंचा दिया।

    201 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी स्कॉटलैंड की टीम ने सकारात्मक शुरुआत की। डार्सी कार्टर और कैथरीन फ्रेजर ने पहले विकेट के लिए 38 रन जोड़कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। कार्टर ने 29 और फ्रेजर ने 23 रन बनाए। हालांकि इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। कप्तान कैथरीन ब्राइस मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गईं, जिससे टीम दबाव में आ गई।

    सारा ब्राइस ने 34 रन और पिप्पा स्प्राउल ने 27 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन बढ़ते रनरेट के दबाव के कारण स्कॉटलैंड लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच सकी। अंततः टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 162 रन ही बना सकी और मुकाबला 38 रन से हार गई।

    इंग्लैंड की ओर से गेंदबाजी में Sophie Ecclestone सबसे सफल रहीं। उन्होंने 23 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। इसके अलावा लिन्से स्मिथ, चार्ली डीन, डैनी गिब्सन और फ्रेया केम्प ने भी एक-एक विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस जीत के साथ England Women’s Cricket Team ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

  • UP में गर्मी का कहर जारी, मानसून लेट होने से 25 जून तक राहत के आसार नहीं

    UP में गर्मी का कहर जारी, मानसून लेट होने से 25 जून तक राहत के आसार नहीं

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज फिलहाल पूरी तरह बदला हुआ है और लोगों को भीषण गर्मी व उमस का सामना करना पड़ रहा है। मानसून की एंट्री में देरी के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान लगातार परेशान कर रहा है। मौसम विभाग ने आज भी कई इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और अधिक कठिन बनी हुई है।

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम के तेवर इसी तरह बने रह सकते हैं। अनुमान है कि 24 जून तक अधिकतर जिलों में तेज गर्मी और उमस का असर जारी रहेगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना जरूर जताई गई है, लेकिन यह राहत सीमित ही रहेगी।

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 से 25 जून तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे वहां गर्मी और अधिक परेशान कर सकती है। वहीं 26 जून के आसपास कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने के संकेत हैं, लेकिन यह व्यापक राहत देने में सक्षम नहीं होगी। दूसरी ओर पूर्वी यूपी में भी 24 जून तक मौसम गर्म और उमसभरा बना रह सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष मानसून की रफ्तार सामान्य से धीमी है, जिसके कारण इसकी एंट्री एक से दो सप्ताह तक लेट हो सकती है। उत्तर पश्चिम भारत में शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जो बारिश के सिस्टम को कमजोर कर रहा है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से स्थिति में कुछ बदलाव की उम्मीद है।

    25 जून के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश के लिए अभी लगभग दो सप्ताह का और इंतजार करना पड़ सकता है। राजधानी लखनऊ समेत अन्य जिलों में भी गर्मी से राहत मिलने में समय लगने की संभावना है।

    फिलहाल लोगों को सलाह दी जा रही है कि तेज धूप और हीटवेव से बचाव के उपाय अपनाएं और पर्याप्त पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है।

  • रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक CRPF का सुरक्षा घेरा, NEET री-एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट

    रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक CRPF का सुरक्षा घेरा, NEET री-एग्जाम को लेकर प्रशासन अलर्ट


    मध्यप्रदेश । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 री-एग्जाम रविवार को उज्जैन के 8 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा हो रही इस परीक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। रेलवे स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक सीआरपीएफ और पुलिस के जवान तैनात रहेंगे, जबकि सभी केंद्रों पर द्विस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

    परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। निर्धारित समय के बाद सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए जाएंगे। प्रशासन ने परीक्षार्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी है।

    इस बार शहर में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमावि सराफा, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, उमावि महाराजवाड़ा क्रमांक-2, कालिदास कन्या कॉलेज और कन्या स्नातकोत्तर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार एक केंद्र कम रखा गया है और करीब 500 परीक्षार्थी भी कम शामिल होंगे।

    परीक्षा के सिटी कोऑर्डिनेटर मुकेश मीना के अनुसार इस बार कुल 4171 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि 3 मई को आयोजित परीक्षा में 9 केंद्रों पर 4549 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर नोडल अधिकारी और ऑब्जर्वर भी तैनात रहेंगे, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • महाकाल के दिव्य स्वरूप ने मोहा भक्तों का मन, भस्म आरती में उमड़ी आस्था

    महाकाल के दिव्य स्वरूप ने मोहा भक्तों का मन, भस्म आरती में उमड़ी आस्था


    मध्यप्रदेश । विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga में रविवार तड़के आयोजित भस्म आरती में बाबा महाकाल का दिव्य और मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। प्रातः 4 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही विधि-विधान से पूजन-अर्चन का क्रम शुरू हुआ। गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं के पूजन के बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजा संपन्न हुई।

    भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया। हरिओम का जल अर्पित कर कपूर आरती की गई। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म रमाई गई। मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, इसलिए भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

    भस्म अर्पित होने के बाद बाबा महाकाल को रजत निर्मित शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब के फूलों से सजे बाबा महाकाल का अलौकिक स्वरूप भक्तों को मंत्रमुग्ध करता रहा। इसके बाद भगवान को फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया।

    भस्म आरती में बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

  • नीट यूजी री-एग्जाम 2026 उत्तर प्रदेश में आज, पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में

    नीट यूजी री-एग्जाम 2026 उत्तर प्रदेश में आज, पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में


    नई दिल्ली । नीट यूजी री-एग्जाम 2026 को लेकर देशभर में कड़े सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में आज यह महत्वपूर्ण परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेश के 59 जनपदों में करीब 3.5 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है।

    यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक एक ही पाली में पेन और पेपर मोड में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को रोका जा सके।

    राजधानी लखनऊ में ही 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) के अनुसार प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। परीक्षा सामग्री को केंद्र तक पहुंचाने और आंसर शीट को सुरक्षित वापस लाने की जिम्मेदारी विशेष टीम को दी गई है, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के साथ स्थानीय पुलिसकर्मी शामिल हैं।

    परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए क्वेश्चन पेपर ले जाने वाली सभी गाड़ियों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है, ताकि हर गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सके। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की सख्त जांच और तलाशी की व्यवस्था भी की गई है।

    सरकार की ओर से छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में एडमिट कार्ड दिखाने पर अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत किराया छूट दी जा रही है। साथ ही दूसरे जिलों से आने वाले छात्रों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

    गौरतलब है कि इससे पहले 3 मई को NEET परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के चलते 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया था। इसी कारण अब री-एग्जाम कराया जा रहा है, जिसे लेकर छात्रों में उत्साह और प्रशासन में सतर्कता दोनों देखने को मिल रही है।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: जर्मनी की शानदार जीत, कोटे डी आइवर को 2-1 से हराकर नॉकआउट में एंट्री

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: जर्मनी की शानदार जीत, कोटे डी आइवर को 2-1 से हराकर नॉकआउट में एंट्री


    FIFA World Cup 2026FIFA World Cup 2026 के ग्रुप-ई मुकाबले में Germany ने दमदार वापसी करते हुए Côte d’Ivoire को 2-1 से शिकस्त दी। इस रोमांचक जीत के साथ जर्मनी ने राउंड ऑफ 32 (नॉकआउट चरण) में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के सबसे बड़े हीरो रहे Deniz Undav, जिन्होंने दूसरे हाफ में दो महत्वपूर्ण गोल कर टीम को जीत दिलाई।

    टोरंटो में खेले गए इस मुकाबले में जर्मनी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। शुरुआती मिनटों में Kai Havertz के पास गोल करने का शानदार अवसर था, लेकिन उनका हेडर क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया। इसके बाद Joshua Kimmich के बेहतरीन क्रॉस पर भी हैवर्ट्ज गोल नहीं कर सके क्योंकि कोटे डी आइवर के गोलकीपर Yahia Fofana ने शानदार बचाव किया।

    पहले हाफ में जर्मनी को कॉर्नर से भी सफलता मिलती दिखी, जब Aleksandar Pavlovic ने हेडर से गेंद जाल में पहुंचाई, लेकिन रेफरी ने फाउल मानते हुए गोल को अमान्य घोषित कर दिया।

    दूसरी ओर, कोटे डी आइवर ने जवाबी हमला करते हुए बढ़त हासिल कर ली। Yan Diomande के लो क्रॉस पर हुए हमले में जर्मन डिफेंस गेंद को पूरी तरह क्लियर नहीं कर सका और रिबाउंड पर केसी ने गोल करते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।

    पहले हाफ के बाद जर्मनी दबाव में था, लेकिन दूसरे हाफ में कोच Julian Nagelsmann का मास्टरस्ट्रोक काम आया। उन्होंने लगभग एक घंटे के खेल के बाद नदीम अमीरी और डेनिज उन्दाव को मैदान पर उतारा। यह बदलाव मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

    मैदान पर आने के कुछ ही मिनटों बाद उन्दाव ने शानदार गोल करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। कोटे डी आइवर के पास भी दोबारा बढ़त लेने का अवसर था, लेकिन Nicolas Pépé और Simon Adingra अंतिम क्षणों में मौका भुनाने में असफल रहे।

    जब मैच ड्रॉ की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी इंजरी टाइम में जर्मनी को निर्णायक मौका मिला। Lukas Nmecha ने शानदार पास देकर उन्दाव को गेंद थमाई। उन्दाव ने बेहतरीन नियंत्रण और फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और जर्मनी को 2-1 की यादगार जीत दिला दी।

    यह प्रदर्शन उन्दाव के लिए भी बेहद खास रहा। जर्मनी के लिए पिछले आठ मुकाबलों में यह उनका नौवां गोल है, जो उनकी शानदार फॉर्म को दर्शाता है।

  • उज्जैन से लौटते समय काल बन गया सफर, टायर ब्लास्ट के बाद हुआ भीषण सड़क हादसा

    उज्जैन से लौटते समय काल बन गया सफर, टायर ब्लास्ट के बाद हुआ भीषण सड़क हादसा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के बाद लौट रहे एक कारोबारी की सड़क हादसे में मौत हो गई। नागझिरी थाना क्षेत्र के गरुड़ बायपास ब्रिज के पास शनिवार को तेज रफ्तार कार का अगला टायर फटने से वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। हादसे में बेंगलुरु के सीड कारोबारी मणि कांत कुट्टी (35) की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद इंदौर के डीलर ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण गंभीर रूप से घायल हो गए।

    मृतक मणि कांत कुट्टी मूल रूप से Visakhapatnam के निवासी थे और Bengaluru में सीड व्यवसाय संचालित करते थे। बताया जा रहा है कि वे हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। महाकाल के प्रति उनकी गहरी आस्था थी और वे नियमित रूप से Shri Mahakaleshwar Temple में दर्शन करने आते थे।

    शनिवार दोपहर मणि कांत कुट्टी अपने सहयोगी ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद तीनों स्कोडा कार से इंदौर के लिए रवाना हुए। रास्ते में उज्जैन-देवास बायपास पर अचानक कार का अगला बायां टायर फट गया। तेज रफ्तार होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार डिवाइडर से जा टकराई।

    हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान मणि कांत कुट्टी ने दम तोड़ दिया, जबकि ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण का इलाज जारी है।

    चालक बालकृष्ण ने बताया कि टायर फटने के बाद कार पूरी तरह अनियंत्रित हो गई थी और दुर्घटना से बचने का कोई मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मणि कांत कुट्टी कई वर्षों से बाबा महाकाल के दर्शन करने आते रहे थे और उनकी धार्मिक आस्था बेहद गहरी थी।

    इस हादसे की एक खास बात यह रही कि मृतक के आईफोन में एसओएस (SOS) सुविधा सक्रिय थी। दुर्घटना होते ही उनके भाई के मोबाइल पर स्वतः आपातकालीन संदेश पहुंच गया। सूचना मिलते ही परिजन विशाखापट्टनम से उज्जैन के लिए रवाना हो गए। इसी तरह इंदौर निवासी ओम धाकड़ के परिवार को भी मोबाइल अलर्ट के माध्यम से हादसे की जानकारी मिल गई, जिसके बाद वे तत्काल अस्पताल पहुंचे।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह टायर फटना माना जा रहा है। यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन के टायर और तकनीकी स्थिति की नियमित जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

  • राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, उच्च न्यायिक आयोग की मांग से बढ़ी हलचल

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, उच्च न्यायिक आयोग की मांग से बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली । अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और दान सामग्री के कथित गबन को लेकर मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस पूरे विवाद ने अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर नया मोड़ ले लिया है, जहां जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच न्यायिक हस्तक्षेप की मांग तेज होती जा रही है।

    मामले की जांच पहले ही एसआईटी द्वारा की जा चुकी है और टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया के लिए उच्च अधिकारियों को सौंपने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि जांच टीम लखनऊ के लिए रवाना हो चुकी है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है। इसी बीच इस प्रकरण को लेकर एक नई जनहित याचिका लखनऊ स्थित उच्च न्यायालय की पीठ में दाखिल की गई है।

    अधिवक्ता मोतीलाल यादव द्वारा दाखिल इस याचिका में मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाए। याचिका में राज्य सरकार, पुलिस महानिदेशक, अयोध्या के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मंदिर ट्रस्ट के सचिव को पक्षकार बनाया गया है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह हो सकती है।

    इसी बीच आरोपों की श्रृंखला और भी गंभीर होती जा रही है। सराफा व्यापार से जुड़े एक संगठन के नॉर्थ इंडिया हेड द्वारा यह दावा किया गया है कि लगभग 60 किलो चांदी, जो देशभर के दानदाताओं द्वारा मंदिर के लिए भेजी गई थी, उसका उचित उपयोग या सार्वजनिक विवरण सामने नहीं आया है। आरोपों के अनुसार, यह चांदी गलाकर धार्मिक उपयोग के लिए ईंटों और अन्य सामग्री में बदली गई थी, लेकिन बाद में इन वस्तुओं का हिसाब स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया।

    इसके अलावा कुछ दानदाताओं का यह भी कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चांदी के दीपक, कटोरे और अन्य धार्मिक वस्तुएं मंदिर को दान की थीं, लेकिन मंदिर निर्माण के बाद वे वस्तुएं दिखाई नहीं दीं। दानदाताओं ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए दान सामग्री का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की अपील की है।

    इस विवाद के चलते मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं और श्रद्धालुओं के बीच भी असमंजस की स्थिति देखी जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि लगातार उठ रहे विवादों का असर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और दान की मात्रा पर भी पड़ा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    फिलहाल यह मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बीच आगे बढ़ रहा है। एक ओर एसआईटी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक आयोग की मांग ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।