Author: bharati

  • Ratha Saptami 2026: 25 जनवरी को मनाई जाएगी रथ सप्तमी, सूर्य पूजा और स्नान का विशेष महत्व

    Ratha Saptami 2026: 25 जनवरी को मनाई जाएगी रथ सप्तमी, सूर्य पूजा और स्नान का विशेष महत्व


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सूर्य देव को जीवनऊर्जा और आरोग्य का आधार माना गया है और इन्हीं सूर्य नारायण को समर्पित प्रमुख पर्वों में रथ सप्तमी का विशेष स्थान है। हिंदू पंचांग के अनुसार रथ सप्तमी 2026 इस वर्ष 25 जनवरीरविवार को मनाई जाएगी। यह पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को आता है और इसे सूर्य देव के अवतरण दिवस के रूप में जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन सूर्य की पहली किरण पृथ्वी पर पड़ी थीइसलिए इसे सूर्य जयंती भी कहा जाता है।

    पंचांग के अनुसार सप्तमी तिथि की शुरुआत 24 जनवरी 2026 को रात 12 बजकर 40 मिनट से होगी और इसका समापन 25 जनवरी को रात 11 बजकर 11 मिनट पर होगा। उदया तिथि को मान्यता दिए जाने के कारण रथ सप्तमी का व्रतस्नान और पूजा 25 जनवरी को ही की जाएगी। इस वर्ष यह पर्व रविवार को पड़ रहा हैजो स्वयं सूर्य देव को समर्पित दिन माना जाता है। इसी वजह से इस बार रथ सप्तमी का महत्व और भी बढ़ गया है।

    धार्मिक ग्रंथोंमत्स्य पुराणपद्म पुराण और भविष्य पुराणमें रथ सप्तमी के पुण्य फल का विस्तार से उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक स्नानदान और सूर्य देव की आराधना करने से सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही व्यक्ति को आरोग्यदीर्घायुतेज और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। कई स्थानों पर इस दिन को आरोग्य सप्तमी के रूप में भी मनाया जाता है।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार रथ सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस वर्ष स्नान का श्रेष्ठ समय सुबह 5 बजकर 32 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। वहीं सूर्य देव को अर्घ्य देनेपूजा और दान के लिए सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक का समय विशेष फलदायी बताया गया है।

    परंपरा के अनुसार श्रद्धालु सूर्योदय के बाद पवित्र जल से स्नान कर तांबे के लोटे में जललाल फूल और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। कई क्षेत्रों में आक और बेर के पत्तों को सिर पर रखकर स्नान करने की परंपरा हैजिसे रोग नाशक माना जाता है। इसके बाद सूर्य मंत्रों का जापव्रत का संकल्प और दान किया जाता है। मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर विशेष सूर्य पूजाहवन और सामूहिक अर्घ्यदान के आयोजन होते हैं।धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्य उपासना केवल आध्यात्मिक नहीं बल्कि स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई है। रथ सप्तमी पर सूर्य पूजा को मानसिक शुद्धिआत्मबल और सकारात्मक दृष्टिकोण से जोड़ा जाता है। यही कारण है कि आज भी यह पर्व श्रद्धाआस्था और वैज्ञानिक सोच का सुंदर संगम माना जाता है।

  • मंगलवार की हनुमान पूजा का विशेष महत्व: आसान उपायों से प्रसन्न होते हैं बजरंगबली

    मंगलवार की हनुमान पूजा का विशेष महत्व: आसान उपायों से प्रसन्न होते हैं बजरंगबली


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है लेकिन मंगलवार का दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान की आराधना के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान और श्रद्धा के साथ की गई पूजा से जीवन की अनेक परेशानियों से राहत मिलती है। यही कारण है कि देशभर में लाखों श्रद्धालु मंगलवार को बजरंगबली की विशेष पूजा करते हैं और इसे संकटों से मुक्ति का मार्ग मानते हैं।

    धार्मिक विद्वानों के अनुसार भगवान हनुमान शक्ति साहस निष्ठा और अटूट भक्ति के प्रतीक हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति मंगलवार के दिन श्रीराम नाम का स्मरण करता है और हनुमान जी की सच्चे मन से आराधना करता है उसकी रक्षा स्वयं पवनपुत्र करते हैं। ऐसी आस्था है कि इससे भय शत्रु बाधा और मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।मंगलवार को हनुमान जी को नारंगी या लाल रंग का सिंदूर अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। कई श्रद्धालु चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को चढ़ाते हैं और दीपक जलाते हैं। इसके साथ ही चमेली के फूल अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन उपायों से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और वातावरण शांत रहता है।

    कुछ क्षेत्रों में मंगलवार को हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करने की भी परंपरा है। इसमें चूना या तंबाकू नहीं डाला जाता। मान्यता है कि ऐसा करने से भय नकारात्मक विचार और शत्रु दोष कम होते हैं। इसके अलावा मंगलवार को लाल रंग की वस्तुओं का दान-जैसे लाल कपड़ा लाल फूल तांबे के बर्तन या बादाम-को मंगल ग्रह की शांति और मजबूती से जोड़ा जाता है।धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त हैं। इसलिए मंगलवार को राम नाम का जप हनुमान चालीसा का पाठ और मंदिर जाकर दर्शन-परिक्रमा करने का विशेष महत्व बताया गया है। कई श्रद्धालु इस दिन मंदिर परिसर में बंदरों को फल या चना खिलाते हैं जिसे सेवा और करुणा का प्रतीक माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को कुछ बातों से परहेज भी जरूरी माना गया है। इस दिन मांस-मदिरा का सेवन न करने क्रोध से बचने असत्य बोलने और किसी का अपमान न करने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि संयमित आचरण से पूजा का प्रभाव और फल दोनों बढ़ जाते हैं।
    हालांकि धर्म और ज्योतिष विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि ये सभी उपाय आस्था और परंपरा पर आधारित हैं। इन्हें जीवन की समस्याओं का एकमात्र समाधान नहीं माना जाना चाहिए। इसके बावजूद मंगलवार की हनुमान पूजा को लोग मानसिक शांति आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से जोड़कर देखते हैं जो आज के तनावपूर्ण जीवन में एक बड़ा सहारा बनती है।

  • इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि

    इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय समिति गठि


    इंदौर। इंदौर नगर में हाल ही में सामने आए प्रदूषित जल आपूर्ति के गंभीर घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की विस्तृत समीक्षा निष्कर्ष और भविष्य के लिए ठोस अनुशंसाएं तैयार करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने एक उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।

    राज्य स्तरीय समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल करेंगे। समिति में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि तथा आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोडवे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। वहीं आयुक्त इंदौर संभाग श्री सुदाम खाड़े को समिति का सदस्य-सचिव नामित किया गया है।समिति का मुख्य कार्य इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित प्रदूषित जल आपूर्ति की घटना के वास्तविक कारणों का गहन परीक्षण करना होगा। इसके अंतर्गत घटना से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों की जांच की जाएगी साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रशासनिक तकनीकी अथवा प्रबंधन स्तर पर कहां और किस प्रकार की चूक हुई।

    समिति को यह अधिकार दिया गया है कि वह घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर सके। इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव और अनुशंसाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। जांच के दौरान समिति ऐसे अन्य विषयों को भी शामिल कर सकेगी जो जांचाधीन मामलों में आवश्यक या अनुषांगिक माने जाएं।जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए समिति को संबंधित विभागों से आवश्यक अभिलेख प्रतिवेदन और जानकारी प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर समिति द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जा सकेगा ताकि जमीनी हकीकत का प्रत्यक्ष आकलन किया जा सके।

    राज्य सरकार ने समिति को यह निर्देश दिए हैं कि वह अपनी जांच यथाशीघ्र पूरी करे और अधिकतम एक माह की अवधि के भीतर अपना विस्तृत प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करे। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई जिम्मेदारी तय करने और सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।गौरतलब है कि इंदौर जैसे बड़े नगर में जल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन पर असर डालती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा गठित यह समिति न केवल इस घटना की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी बल्कि भविष्य में सुरक्षित और स्वच्छ जल आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

  • भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी

    भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रहने के ठिकाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
    शादी के 14 महीने और मौत का मंजर मृतक महिला और आरोपी पति हेमराज जो पेशे से सब्जी का ठेला लगाता है दोनों की यह दूसरी शादी थी। महज 14 महीने पहले ही दोनों एक-दूसरे के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच रहने की जगह को लेकर अनबन चल रही थी। हेमराज चाहता था कि वे अपने पैतृक गांव में जाकर रहें जबकि पत्नी भोपाल शहर को छोड़कर गांव जाने के लिए तैयार नहीं थी।विवाद ने लिया हिंसा का रूप घटना वाले दिन इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
    विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर हेमराज ने अपनी पत्नी का गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबराया नहीं बल्कि उसने खुद ही पत्नी के मायके वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही छोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति को पकड़ लिया गया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद हत्या की धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • पर्यावरण संरक्षण और समाजिक जिम्मेदारी पर बल, उद्योग और शासन के बीच सहयोग का उदाहरण बना अभियान

    पर्यावरण संरक्षण और समाजिक जिम्मेदारी पर बल, उद्योग और शासन के बीच सहयोग का उदाहरण बना अभियान


    नई दिल्ली। भोपाल। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास पर हाल ही में आयोजित विशेष वृक्षारोपण अभियान में विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड VTDS के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक साहिल लुथरा आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में श्री चौहान की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक हैजिन्होंने वर्षों से व्यक्तिगत स्तर पर भी वृक्षारोपण को एक सतत आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया है।

    शिवराज सिंह चौहान देशभर में हरित आवरण बढ़ानेजलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाने और नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने के लिए जाने जाते हैं। उनके एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण केवल नीतियों तक सीमित नहींबल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।इस अवसर पर साहिल लुथरा ने कहायह मेरे लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है कि मैं ऐसे वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बनाजो न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है बल्कि समाज में सामूहिक जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है। ऐसे प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

    साहिल लुथरा ने VTDS में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता पर भी प्रकाश डाला और बताया कि यह केवल विचार नहींबल्कि कंपनी की संरचित नीतियों और कार्यप्रणालियों का हिस्सा है। उन्होंने कहाराष्ट्र-निर्माण केवल रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने तक सीमित नहीं हैबल्कि प्रकृति और संसाधनों के संरक्षण के साथ संतुलित विकास सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।

    VTDS ने साहिल लुथरा के नेतृत्व में भारत में स्वदेशी लघु हथियारों और गोला-बारूद के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली हैजिनमें लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में यंग लीडरविज़नरी इन डिफेन्स लीडरशिप 2025और ईटी एज 40 अंडर 40 जैसे सम्मान शामिल हैं।यह वृक्षारोपण अभियान उद्योगशासन और पर्यावरण संरक्षण के बीच सहयोग का एक सशक्त उदाहरण है। यह दिखाता है कि राष्ट्र की सुरक्षाआर्थिक प्रगति और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एक साझा दृष्टि के अंतर्गत एक साथ आगे बढ़ सकता है।

  • सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा पाएं, अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे

    सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा पाएं, अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे



    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही त्वचा के लिए चुनौतीपूर्ण भी। ठंडी हवाएं, कम नमी और धूप की कमी त्वचा की प्राकृतिक नमी को छीन लेती हैं, जिससे स्किन रूखी, खिंची हुई और बेजान नजर आने लगती है। कई लोगों को इस दौरान खुजली, फटना और जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, थोड़ी सी समझदारी और सही घरेलू देखभाल से सर्दियों में भी त्वचा को मुलायम, स्वस्थ और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

    मॉइस्चराइजिंग है सबसे जरूरी कदम
    सर्दियों में त्वचा को अतिरिक्त नमी की जरूरत होती है।

    नहाने के तुरंत बाद शरीर और चेहरे पर नारियल तेल या बादाम तेल लगाने से स्किन लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहती है। ये तेल त्वचा को पोषण देने के साथ-साथ ड्राइनेस को भी दूर करते हैं। अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है, तो रात में सोने से पहले हल्की मालिश करना बेहद फायदेमंद साबित होता है।

    शहद और दूध से पाएं नेचुरल ग्लो
    शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है, जो त्वचा की नमी को लॉक करता है और उसे सॉफ्ट बनाता है। हफ्ते में दो से तीन बार चेहरे पर शुद्ध शहद लगाकर 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धोने से स्किन में निखार आता है।

    शहद में थोड़ी मात्रा में कच्चा दूध मिलाकर लगाने से त्वचा की रंगत और भी बेहतर होती है।

    दूध और मलाई से हटाएं डेड स्किन
    कच्चे दूध में रुई भिगोकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाने से त्वचा साफ और कोमल होती है। वहीं, मलाई में नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर लगाने से डेड स्किन हटती है और स्किन की नमी बरकरार रहती है। यह उपाय खासतौर पर बहुत रूखी त्वचा वालों के लिए कारगर है।

    एलोवेरा जेल देगा ठंडक और नमी
    एलोवेरा जेल सर्दियों में त्वचा के लिए रामबाण माना जाता है। यह स्किन को ठंडक देता है और ड्राइनेस को कम करता है। रात में सोने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाकर छोड़ दें और सुबह हल्के पानी से धो लें, इससे त्वचा तरोताजा महसूस होती है।

    खानपान और पानी भी है जरूरी
    सर्दियों में लोग अक्सर कम पानी पीते हैं, जिससे त्वचा और ज्यादा रूखी हो जाती है। दिन में कम से कम 7–8 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके साथ ही हरी सब्जियां, मौसमी फल, ड्राई फ्रूट्स और विटामिन E से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं।

    इन गलतियों से रहें दूर
    सर्दियों में बहुत गर्म पानी से नहाने और हार्श साबुन के इस्तेमाल से बचें, क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। हल्के फेसवॉश और नियमित घरेलू देखभाल अपनाकर आप सर्दियों में भी अपनी त्वचा को स्वस्थ, मुलायम और दमकता बनाए रख सकते हैं।

  • भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू

    भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने केंद्रीय जेल में पदस्थ एक महिला प्रहरी कमला शर्मा पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात इतनी बर्बर थी कि हमले के बाद लहूलुहान हालत में महिला को बीच सड़क पर फेंक दिया गया। इस हमले में कमला शर्मा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    हमले की वजह 4 लाख की ठगी और पुरानी रंजिश पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले का मुख्य आरोपी अमन खान है जो पीड़िता की साथी जेल प्रहरी का बेटा ही है। बताया जा रहा है कि घायल कमला शर्मा का पोता और आरोपी अमन खान आपस में दोस्त थे। अमन खान ने कमला शर्मा के पोते को बहला-फुसलाकर उससे 4 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी। इस मामले में कमला शर्मा ने कुछ दिन पहले ही अमन के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उन पर यह जानलेवा हमला किया। वारदात के बाद से आरोपी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

    आज की अन्य बड़ी खबरें

    जबलपुर में स्टेट GST का छापा: 1.11 करोड़ की वसूली जबलपुर में लोहा और सीमेंट व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया जब स्टेट जीएसटी की टीम ने 3 फर्मों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान कर चोरी पकड़े जाने पर विभाग ने मौके पर ही 1 करोड़ 11 लाख रुपये की वसूली की है।

    विधायक पर पत्थर से हमला 3 के खिलाफ मामला दर्ज प्रदेश में कानून व्यवस्था का हाल यह है कि अब जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। एक ताजा मामले में बदमाशों ने एक विधायक के वाहन पर पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 3 नामजद बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

    नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ अपनों का ही मोर्चा सत्ता के गलियारों में भी खींचतान जारी है। एक नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ उनकी ही पार्टी कांग्रेस के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए भ्रष्टाचार और तानाशाही के आरोप लगाए हैं।
  • फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली

    फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के बाद एयरलाइन पर सवाल, DGCA की कार्रवाई पर यात्रियों की राय मिली-जुली


    नई दिल्ली। दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लेटलतीफी ने देशभर के हवाई यात्रियों को भारी असुविधा में डाल दिया। 3 से 5 दिसंबर के बीच नए संचालन नियमों के कारण इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं। इन घटनाओं से करीब 3 लाख से अधिक  यात्री प्रभावित हुए।
    DGCA ने एयरलाइन पर कुल ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया। इसमें मूल जुर्माना ₹1.80 करोड़ और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन FDTLनियमों का 68 दिनों तक पालन न करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख के हिसाब से अतिरिक्त ₹20.40 करोड़ की पेनाल्टी शामिल थी।

    हालांकि लोकलसर्कल्स के ताजा सर्वे में यह सामने आया है कि देश के 292 जिलों से 31,000 से अधिक हवाई यात्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें 61% यात्रियों का मानना था कि यह जुर्माना भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और एयरलाइन की जवाबदेही तय नहीं करता। वहीं 21% यात्रियों ने DGCA की कार्रवाई को सही ठहराया, जबकि 18% ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

    सर्वे में यात्रियों ने केवल फ्लाइट रद्द होने तक की परेशानी ही नहीं बताई, बल्कि एयरलाइन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। कई यात्रियों का आरोप था कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें नियमों के तहत मिलने वाला कैश रिफंड नहीं दिया गया, बल्कि ट्रैवल वाउचर थमाए गए। यात्रियों का कहना है कि वाउचर उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा नहीं करते और सभी के लिए उपयोगी नहीं हैं।इंडिगो एयरलाइंस ने कहा कि वह DGCA के सभी निर्देशों का पालन करेगी और हालिया घटनाओं के बाद आंतरिक स्तर पर संचालन, सिस्टम और प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

    एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल आर्थिक जुर्माने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जब तक यात्रियों के अधिकारों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता और नियामक निगरानी मजबूत नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।यह मामला एयरलाइन संचालन और नियामक जवाबदेही के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करता है, साथ ही हवाई यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में सुधार की मांग को भी उजागर करता है।

  • MP में तकनीकी क्रांति: अब रोबोट और 'अमृत रेखा' ऐप रोकेंगे पानी का प्रदूषण; इंदौर की त्रासदी

    MP में तकनीकी क्रांति: अब रोबोट और 'अमृत रेखा' ऐप रोकेंगे पानी का प्रदूषण; इंदौर की त्रासदी


    भोपाल । मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में अब पानी की शुद्धता और पाइपलाइन की सेहत की निगरानी इंसान नहीं बल्कि रोबोट करेंगे। इंदौर में दूषित पानी से हुई जनहानि के बाद सबक लेते हुए नगरीय प्रशासन विभाग ने जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है। सरकार ने अमृत रेखा पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है जिसके माध्यम से राज्य की जल आपूर्ति प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाया जा रहा है। अमृत रेखा ऐप: पाइपलाइन का ‘डिजिटल एक्स-रे’ अमृत रेखा पोर्टल पर प्रदेश के सभी 413 नगरीय निकायों के वाटर सप्लाई और सीवेज नेटवर्क की मैपिंग अपलोड की जाएगी।
    इस ऐप के जरिए अधिकारी रियल-टाइम में यह देख पाएंगे कि पाइपलाइन कहाँ से गुजर रही है और कहाँ सीवर लाइन के साथ क्रॉसिंग पॉइंट है। इससे उन संभावित क्षेत्रों का पहले से पता चल जाएगा जहाँ लीकेज की वजह से पानी दूषित होने का खतरा सबसे ज्यादा है। रोबोटिक डिटेक्शन: लीकेज का सटीक समाधान नई व्यवस्था के तहत जमीन के अंदर बिछी पुरानी और जटिल पाइपलाइनों के अंदर छोटे रोबोट भेजे जाएंगे। ये रोबोट सेंसर और कैमरों की मदद से उन बारीक दरारों और लीकेज का भी पता लगा लेंगे जो मानवीय आंखों से देखना संभव नहीं होता। यह तकनीक न केवल पानी की बर्बादी रोकेगी बल्कि सीवेज के गंदे पानी को पीने के पानी में मिलने से भी रोकेगी।

    आंकड़ों में सुधार की स्थिति नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा चलाए गए अभियान के तहत प्रदेश भर में पाइपलाइनों की गहन जांच की गई:चिह्नित लीकेज: राज्य भर में कुल 5,219 रिसाव के मामले सामने आए।तुरंत कार्रवाई: इनमें से 4,893 लीकेज को तत्काल प्रभाव से ठीक कर दिया गया है।सील्ड ट्यूबवेल भूजल स्रोतों की जांच के दौरान 58 ट्यूबवेल का पानी दूषित पाया गया जिन्हें प्रशासन ने तुरंत सील कर दिया ताकि लोग बीमार न पड़ें। इंदौर की घटना से लिया सबक हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी। इस त्रासदी ने जल वितरण प्रणाली की खामियों को उजागर किया था। ‘अमृत रेखा’ और रोबोटिक तकनीक के आने से अब पुरानी पाइपलाइनों के टूटने या उनमें सीवेज मिलने की स्थिति में सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा जिससे समय रहते समाधान किया जा सकेगा।

  • शंकराचार्य के अपमान पर जबलपुर में बवाल: कांग्रेस ने फूँका सीएम योगी का पुतला; मौनी अमावस्या स्नान विवाद

    शंकराचार्य के अपमान पर जबलपुर में बवाल: कांग्रेस ने फूँका सीएम योगी का पुतला; मौनी अमावस्या स्नान विवाद


    जबलपुर । प्रयागराज में मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को रोके जाने और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। इस घटना के विरोध में आज जबलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। क्या है पूरा विवाद? बीते 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने परंपरागत राजसी स्नान शाही स्नान के लिए रथ पर सवार होकर संगम तट की ओर जा रहे थे।
    इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उनके रथ को रोक दिया। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इस अपमान से आहत होकर शंकराचार्य ने संगम स्नान करने से इनकार कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। कांग्रेस का हमला: हिंदू आस्था और सनातन परंपरा पर प्रहार जबलपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को साधु-संतों का घोर अपमान बताया। कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक अयोध्या तिवारी ने कहा “एक तरफ भाजपा खुद को सनातन की रक्षक बताती है वहीं दूसरी तरफ देश के सर्वोच्च धर्मगुरुओं में से एक शंकराचार्य जी को उनके संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। योगी सरकार का यह व्यवहार अक्षम्य है।

    कांग्रेस पार्षद संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या जैसे पवित्र दिन पर संतों को रोकना और उनके शिष्यों के साथ बदसलूकी करना हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में माफी नहीं मांगी गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे। जबलपुर की सड़कों पर आज भारी गहमागहमी देखी गई और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।