फिलहाल रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हमलावरों ने उन्हें किस कारण निशाना बनाया। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में शामिल लोग कौन थे और उन्होंने हत्या की योजना कैसे बनाई। आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के संबंध में जांच जारी है।
Author: bharati
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बिहार के भोजपुर में सुबह-सुबह सनसनीखेज वारदात, टहलने निकले 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट की गोली मारकर हत्या, नकाबपोश हमलावर फरार
नई दिल्ली । बिहार के भोजपुर जिले के आरा में गुरुवार सुबह गोलीबारी की घटना से सनसनी फैल गई। जैन कॉलेज के पास कनकपुरी मोहल्ले में बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।मृतक रामकुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव के निवासी थे। वह लंबे समय से आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में मकान बनाकर रह रहे थे। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे। उनकी हत्या की खबर सामने आने के बाद इलाके में घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।जानकारी के अनुसार, रामकुमार सिंह गुरुवार सुबह रोजाना की तरह टहलने के लिए अपने घर से निकले थे। वह घर से लगभग डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर पहुंचे ही थे कि पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्हें करीब आठ गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए। सुबह के समय गोलीबारी होने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों के बीच हलचल बढ़ गई। इसके बाद नवादा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए हत्या से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फिलहाल रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हमलावरों ने उन्हें किस कारण निशाना बनाया। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में शामिल लोग कौन थे और उन्होंने हत्या की योजना कैसे बनाई। आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के संबंध में जांच जारी है।इस घटना में सबसे अहम सवाल हत्या की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर है। रामकुमार सिंह सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय थे। ऐसे में पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के कारण को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।सुबह टहलने के दौरान हुई इस वारदात ने आरा के कनकपुरी मोहल्ले में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों द्वारा दिन की शुरुआत में ही गोलीबारी कर फरार हो जाना घटना की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश थी या कोई अन्य कारण। जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान होने के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा। -

सिंगरौली में मासूम के साथ कथित अत्याचार का मामला, बिगड़ी बच्ची की तबीयत, अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी
सिंगरौली । सिंगरौली में 8 साल की मासूम से कथित प्रताड़ना का मामला, गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज जारी
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय बालिका के साथ कथित दुष्कर्म और शारीरिक प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत में बालिका के पिता पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है जबकि उसकी सौतेली मां पर मारपीट करने और गर्म चिमटे से प्रताड़ित करने के आरोप हैं। बालिका की तबीयत लगातार बिगड़ने के बाद उसे जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उसे गंभीर संक्रमण और दोनों किडनियों में पथरी की समस्या है। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। मामले में बालिका की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर बाल कल्याण समिति तथा संबंधित अधिकारी भी निगरानी कर रहे हैं।
शिकायत के मुताबिक ग्राम गुलहरिया निवासी प्रेम सिंह गोड़ ने अपनी आठ वर्षीय भतीजी के लापता होने के बाद उसकी तलाश शुरू की थी। 22 अगस्त 2026 को उन्हें सूचना मिली कि बालिका झगरौहा स्कूल के पास मौजूद है। वहां पहुंचने के बाद बालिका ने घर से चले आने की वजह बताते हुए कथित प्रताड़ना की जानकारी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि करीब दो महीने पहले उसकी सौतेली मां ने रात के समय गर्म चिमटे से उसे दागा था। इसके अलावा मारपीट करने पर्याप्त भोजन नहीं देने और घर से निकालने जैसे आरोप भी लगाए गए। बालिका के पिता पर भी गंभीर आरोप दर्ज कराए गए। इन आरोपों के संबंध में पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति महत्वपूर्ण है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद बालिका को संरक्षण देने के लिए प्रशासन ने कदम उठाए। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशन में उसे बाल कल्याण समिति सिंगरौली की देखरेख में जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। बाद में देखभाल और सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर में व्यवस्था की गई। अधिकारियों के मुताबिक बालिका को भोजन चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए। उसकी पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से उसे डे केयर ओएसएच से भी जोड़ा गया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राम दयाल पाण्डेय और अन्य सदस्यों सहित बाल संरक्षण से जुड़े कर्मियों ने उसकी देखरेख में सहयोग किया।
बालिका के स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने पर 10 सितंबर 2026 को उसे वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या आश्रयशाला बंजारी में दाखिल कराया गया था। हालांकि कुछ समय बाद तेज पेट दर्द की शिकायत के चलते उसे फिर अस्पताल लाना पड़ा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जांच में पित्ताशय में बड़ी पथरी होने का पता चला। जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. बालेन्दु शाह ने ऑपरेशन कर पथरी निकाली। इसके बाद हालत में कुछ सुधार होने पर बालिका को दोबारा आश्रयशाला भेजा गया।
लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। उसे यूरिन संक्रमण की शिकायत हुई और पेशाब में खून आने की जानकारी सामने आई। आगे की जांच में दोनों किडनियों में पथरी और निजी अंगों में गंभीर संक्रमण की बात बताई गई। इन स्वास्थ्य समस्याओं के चलते बालिका को दोबारा जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसका उपचार जारी है और स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।
शिकायत के बाद पुलिस ने बालिका के पिता हीरा सिंह गोड़ और सौतेली मां सविता सिंह गोड़ की तलाश शुरू की थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पिता की आत्महत्या से मौत हो गई जबकि सौतेली मां के फरार होने की बात सामने आई है। उनकी वर्तमान स्थिति और मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल प्राथमिकता बालिका को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिक्षा सहित दीर्घकालीन पुनर्वास की व्यवस्था बनाए रखने की है। बालिका की पहचान गोपनीय रखना भी आवश्यक है। -

मैहर में देवी भक्ति का अनूठा नजारा, नृत्य-नाटिका और देवी गीतों ने मोहा मन, SP के भजन पर गूंजे जयकारे
मैहर । मध्यप्रदेश के मैहर में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां शारदा देवी मंदिर परिसर में शक्तिपर्व का आयोजन किया गया। बुधवार शाम मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में भक्ति संगीत और देवी आराधना का अनूठा संगम देखने को मिला। देर रात तक चले कार्यक्रम में कलाकारों ने देवी गीतों और नृत्य-नाटिका के माध्यम से मां आदिशक्ति की महिमा का गुणगान किया। भजनों की मधुर धुनों और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहा जिस पर मौजूद दर्शक उत्साह से झूम उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने मां शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मंच पर देवी आराधना से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों ने भाग लिया तथा भक्ति संगीत का आनंद लिया। नवरात्रि के दौरान आयोजित इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और कला को भी मंच प्रदान किया।
शक्तिपर्व में लोक भक्ति गायन की प्रस्तुति देने के लिए रीवा से रीता तिवारी अपने साथियों के साथ पहुंचीं। उन्होंने देवी गीतों के जरिए मां शक्ति की आराधना की। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को भक्ति के रंग में रंग दिया। वहीं मुंबई से आए अरविंद कुमार पटेल और उनके साथियों ने मां आदिशक्ति पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन किया। कलाकारों ने नृत्य और अभिनय के माध्यम से देवी शक्ति की महिमा को मंच पर प्रस्तुत किया। इसके अलावा रवि त्रिपाठी और उनके साथियों ने भी भक्ति गायन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में प्रस्तुत ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ गीत को दर्शकों ने खास तौर पर पसंद किया और उत्साह के साथ कलाकारों का स्वागत किया।
इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण मैहर के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह का भजन गायन रहा। उन्होंने ‘अंगना पधारो महारानी मोरी शारदा भवानी’ भजन प्रस्तुत किया। मां शारदा की स्तुति में गाए गए इस भजन ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पुलिस अधीक्षक की इस प्रस्तुति से आयोजन का माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया। धार्मिक गीतों और संगीत के बीच उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम के यादगार पलों में शामिल रही।
शक्तिपर्व में पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के साथ अपर कलेक्टर रोशन राय और नायब तहसीलदार शिवभूषण सिंह सहित अन्य अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। नवरात्रि के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति गायन और नृत्य-नाटिका के जरिए मां शारदा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। मैहर में हुए इस आयोजन ने धार्मिक उत्सव को सांस्कृतिक रंगों से सजाया और दर्शकों को संगीत तथा देवी आराधना से जुड़ने का अवसर दिया। -

अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रचा छक्कों का नया इतिहास, एक कैलेंडर वर्ष में सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा
नई दिल्ली । भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान सबसे ज्यादा छक्के लगाने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए पांच मैचों की टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में अभिषेक ने 29 रन की पारी खेली।भले ही वह इस मैच में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे, लेकिन अपनी छोटी पारी के दौरान उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। अभिषेक अब साल 2026 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 69 छक्के लगा चुके हैं। उन्होंने इस मामले में सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने वर्ष 2022 में 68 छक्के लगाए थे।14 अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन बनाए और भारत के सामने 248 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय टीम निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और उसकी पारी 223 रन पर समाप्त हो गई। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली।
अभिषेक शर्मा ने अपनी 29 रन की पारी के दौरान 24 गेंदों का सामना किया और तीन चौके तथा एक छक्का लगाया। शुरुआती ओवरों में उन्हें तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। संजू सैमसन ने शुरुआती चरण में अधिक स्ट्राइक अपने पास रखी, जबकि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने अभिषेक को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पावरप्ले के बाद उनका स्ट्राइक रेट भी 100 से नीचे था।
पारी के नौवें ओवर में शमर स्प्रिंगर की गेंद पर अभिषेक ने आगे बढ़कर जोरदार छक्का लगाया। इसी छक्के के साथ उन्होंने सूर्यकुमार यादव के एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक छक्के लगाने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस तरह अभिषेक ने उस समय नया मुकाम हासिल किया, जब उनका व्यक्तिगत स्कोर बड़ा नहीं था।
अभिषेक ने वर्ष 2026 की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर में उन्होंने 35 गेंदों पर 84 रन बनाए थे। इस पारी में उनके बल्ले से आठ छक्के निकले थे। इसके बाद गुवाहाटी में उन्होंने 20 गेंदों पर नाबाद 68 रन की पारी खेली और पांच छक्के लगाए।
हालांकि, इन शानदार पारियों के बाद उनका बल्ला कुछ समय तक खामोश रहा। कई मुकाबलों में वह खाता खोलने में भी नाकाम रहे। इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए छक्कों के मामले में नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया।
चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी का नेतृत्व शाई होप ने किया। उन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाए। पारी की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर उन्होंने अपना शतक पूरा किया।
यह मौजूदा दौरे पर उनका चौथा और टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का तीसरा शतक था। शेरफेन रदरफोर्ड ने भी 26 गेंदों पर नाबाद 49 रन की तेज पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए केवल 43 गेंदों में 91 रन की साझेदारी की, जिससे वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।
भारतीय गेंदबाजों के लिए यह मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहा। मयंक यादव और अर्शदीप सिंह ने अपने-अपने चार ओवरों में 52-52 रन दिए। भारतीय टीम ने क्षेत्ररक्षण के दौरान भी कुछ मौके गंवाए। इसके अलावा टीम ने 18 अतिरिक्त रन दिए, जिसका वेस्टइंडीज को फायदा मिला। मेहमान टीम ने अपनी पारी में कुल 16 छक्के लगाए और बड़े स्कोर के दम पर मुकाबला जीत लिया। इस परिणाम से सीरीज फिर बराबरी पर आ गई, जबकि अभिषेक शर्मा ने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के जरिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया रिकॉर्ड कायम किया।
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आंगनवाड़ी केंद्रों में लापरवाही पर गिरी गाज, पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्त, औचक निरीक्षण में सामने आईं खामियां
मऊगंज । मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन में कथित अनियमितताओं को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नईगढ़ी परियोजना क्षेत्र में तीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और दो सहायिकाओं सहित कुल पांच कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन कर्मचारियों के खिलाफ लंबे समय से अनधिकृत अनुपस्थिति और केंद्रों का नियमित संचालन नहीं करने जैसी शिकायतें मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने औचक निरीक्षण कराया और संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा। अधिकारियों का कहना है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने और कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं होने के बाद नियमानुसार सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार आंगनवाड़ी केंद्रों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति और निर्धारित समय पर केंद्र नहीं खुलने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों के मुख्यालय पर निवास नहीं करने और अपने पद से जुड़े दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं करने के आरोप भी थे। इन शिकायतों को लेकर जनहित में मुद्दा उठाए जाने के बाद प्रशासन ने निगरानी और निरीक्षण की प्रक्रिया तेज की। कलेक्टर के निर्देश और जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में नईगढ़ी परियोजना के अधिकारियों ने मैदानी स्तर पर केंद्रों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुछ केंद्रों के निर्धारित समय पर नहीं खुलने की बात सामने आई। इससे बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
नईगढ़ी परियोजना अधिकारी रविशंकर पांडेय ने विभागीय कार्रवाई के तहत पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए। इनमें जुड़मनिया रघुनाथ केंद्र की कार्यकर्ता भारती पटेल और सुअरहा केंद्र की कार्यकर्ता सुशीला उपाध्याय शामिल हैं। इसके अलावा मैर मुहल्ला भटिगवां केंद्र की कार्यकर्ता आरती कारपेंटर की सेवा समाप्त की गई है। छुहिया केंद्र की सहायिका आशा मिश्रा और पहरखा-2 केंद्र की सहायिका गीता मिश्रा शुक्ला पर भी कार्रवाई की गई है। विभाग की ओर से यह कदम संबंधित शिकायतों और कार्रवाई की प्रक्रिया के बाद उठाया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष द्विवेदी ने बताया कि इन कर्मचारियों के विरुद्ध बिना विधिवत सूचना के अनुपस्थित रहने और आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन नहीं करने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। उनके मुताबिक परियोजना कार्यालय की ओर से समय-समय पर मौखिक और लिखित निर्देश दिए गए थे। पर्यवेक्षकों ने आकस्मिक निरीक्षण भी किए और नियमों के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा गया था। विभाग के अनुसार प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए और कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार भी नहीं हुआ। इसके बाद नियुक्ति आदेश की शर्तों और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार सेवा समाप्ति का निर्णय लिया गया।
आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों को पूरक पोषण और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ गर्भवती तथा धात्री महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में केंद्रों का समय पर खुलना और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति जरूरी है। कर्मचारियों की अनुपस्थिति या केंद्रों के बंद रहने से उन परिवारों को परेशानी हो सकती है जो इन सेवाओं पर निर्भर हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने मऊगंज तथा हनुमना परियोजना क्षेत्रों में भी इसी तरह जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केंद्रों के संचालन और पोषण आहार वितरण से जुड़ी शिकायतों की भी नियमित जांच होनी चाहिए। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब अन्य केंद्रों की निगरानी और व्यवस्था में सुधार पर भी नजर रहेगी। -

जल संकट के बीच इंदौर में लाखों लीटर पानी सड़क पर बहा, ट्रक की टक्कर से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, टैंकरों से हो रही सप्लाई
इंदौर । इंदौर में नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने से बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होने का मामला सामने आया है। शहर में जहां एक ओर जल संकट और पानी की जरूरत को लेकर चिंता बनी हुई है वहीं दूसरी ओर बायपास स्थित भंडारी रिसोर्ट के पास पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी सड़क पर बहने लगा। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक ट्रक के वॉल से टकराने के कारण पाइपलाइन में लीकेज हुआ। पानी का दबाव इतना अधिक था कि तेज धार सड़क से ऊपर उठकर पास के ब्रिज तक पहुंच गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और नगर निगम की टीम को मरम्मत के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा।
नगर निगम के एमआईसी सदस्य के मुताबिक पाइपलाइन में लीकेज के कारण करीब तीन से चार एमएलडी पानी बर्बाद होने का अनुमान है। एमएलडी यानी मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी की मात्रा मापने की इकाई है। इस अनुमान के अनुसार नुकसान काफी बड़ा हो सकता है। हालांकि पानी की वास्तविक बर्बादी का आकलन संबंधित अधिकारियों की जांच और मरम्मत की स्थिति के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और सुधार कार्य शुरू कर दिया गया। टीम का प्रयास है कि लीकेज को जल्द से जल्द बंद कर जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य किया जा सके।
इस घटना का असर शहर के करीब आठ क्षेत्रों की जलापूर्ति पर पड़ा है। पाइपलाइन में खराबी के चलते प्रभावित इलाकों में पानी कम दबाव और कम मात्रा में पहुंच रहा है। इससे स्थानीय लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं ताकि लोगों को पीने और अन्य जरूरी कामों के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद जलापूर्ति को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल लोगों को नियमित आपूर्ति बहाल होने तक वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान ट्रक के वॉल से टकराने को पाइपलाइन में लीकेज की वजह बताया जा रहा है। इस घटना ने निर्माण कार्यों के दौरान भूमिगत और मुख्य जल पाइपलाइनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में विकास कार्यों के साथ जरूरी सेवाओं से जुड़ी पाइपलाइनों की स्थिति और उनकी सुरक्षा पर ध्यान देना भी अहम है। यदि निर्माण स्थल पर पाइपलाइन की सही पहचान और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों तो इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि इस मामले में जिम्मेदारी और घटना की परिस्थितियों से जुड़ी पूरी जानकारी संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
जल संकट के बीच पानी की इतनी बड़ी मात्रा के बर्बाद होने की आशंका ने जल संरक्षण की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। नर्मदा का पानी इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मुख्य पाइपलाइन में खराबी का असर कई इलाकों तक पहुंच सकता है। ऐसे में मरम्मत कार्य को समय पर पूरा करना और प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक जलापूर्ति बनाए रखना नगर निगम के लिए अहम है। फिलहाल निगम की टीम लीकेज सुधारने में जुटी है और टैंकरों के माध्यम से लोगों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पाइपलाइन की मरम्मत कब तक पूरी होती है और आठ प्रभावित क्षेत्रों में पानी की नियमित आपूर्ति कब बहाल हो पाती है। -

1. भारतीय कुश्ती को विश्व मंच पर बड़ी कामयाबी, विश्वजीत मोरे ने जीता ऐतिहासिक रजत पदक, फाइनल में कांटे की टक्कर
नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती के लिए अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप से बड़ी उपलब्धि सामने आई है। भारतीय पहलवान विश्वजीत रामचंद्र मोरे ने पुरुषों की 55 किलोग्राम ग्रीको-रोमन स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। लास वेगास में आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल में विश्वजीत को जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में 12-13 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि वह गोल्ड मेडल जीतने से चूक गए लेकिन उनका रजत पदक भारतीय कुश्ती के लिए खास उपलब्धि बन गया। वह अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप की ग्रीको-रोमन स्पर्धा में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले पहलवान बने। इससे पहले वह इस स्तर पर दो बार ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुके हैं।
विश्वजीत मोरे ने टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत दमदार अंदाज में की। पहले मुकाबले में उन्होंने मेक्सिको के इसाक मारिन माटा को 10-8 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उनका सामना ईरान के अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन आर्मिन शमसीपौर से हुआ। इस मुकाबले में ईरानी पहलवान के कंधे में चोट लग गई। विश्वजीत ने मौके का फायदा उठाते हुए चार अंक दिलाने वाला शानदार थ्रो लगाया और 8-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने सेमीफाइनल में प्रवेश किया और पदक की उम्मीदों को मजबूत कर दिया।
सेमीफाइनल में विश्वजीत के सामने रूस के मलिक गिगिएव की चुनौती थी। दोनों पहलवानों के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा। मुकाबले के दौरान दोनों पक्षों ने रेफरी के फैसलों को चुनौती देने का विकल्प भी इस्तेमाल किया। कड़े संघर्ष के बाद विश्वजीत ने 6-4 से जीत दर्ज की और फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। वह अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप के ग्रीको-रोमन वर्ग में फाइनल तक पहुंचने वाले भारत के पहले पहलवान बने। फाइनल में पहुंचने के बाद उनकी नजरें गोल्ड मेडल पर थीं। यदि वह खिताबी मुकाबला जीत जाते तो इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय पहलवान बन सकते थे।
फाइनल में विश्वजीत और जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे के बीच आखिरी समय तक कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों पहलवानों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया लेकिन अंत में कारुमिद्जे ने 13-12 से मुकाबला जीत लिया। इस तरह विश्वजीत का गोल्ड मेडल जीतने का सपना पूरा नहीं हो सका। जॉर्जियाई पहलवान ने भी फाइनल तक पहुंचने के लिए कठिन मुकाबले खेले थे। उन्होंने सेमीफाइनल में किर्गिस्तान के बार्सबेक असनकोझोएव को हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। करीबी हार के बावजूद विश्वजीत का प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए बड़ी उपलब्धि रहा।
इस चैंपियनशिप में भारत के अभियान को वीजा संबंधी परेशानी का भी सामना करना पड़ा। भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख संजय सिंह के अनुसार ग्रीको-रोमन और महिला कुश्ती वर्ग के नौ भारतीय पहलवानों को अमेरिकी वीजा नहीं मिल सका। उन्होंने दावा किया कि इन पहलवानों की उम्र 20 वर्ष से कम थी और उनके पास पूर्णकालिक नौकरी नहीं थी। संजय सिंह ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कुछ पहलवान पदक जीतने के मजबूत दावेदार थे। उन्होंने यह भी कहा कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के अध्यक्ष ने इस मामले में अमेरिकी दूतावास को पत्र लिखा था। वीजा विवाद के कारण भारतीय टीम की पदक संभावनाओं पर असर पड़ने का दावा किया गया है। हालांकि विश्वजीत मोरे ने अपने प्रदर्शन से देश को ऐतिहासिक रजत पदक दिलाया और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में भारत की उपलब्धियों में एक नया अध्याय जोड़ दिया। -

बेंगलुरु मैच से पहले पुजारा ने टीम इंडिया को चेताया, गेंदबाजी में सुधार की सलाह, वेस्टइंडीज के तीन बल्लेबाजों की तारीफ
नई दिल्ली। भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए शाई होप की बल्लेबाजी और कीमो पॉल की गेंदबाजी की जमकर तारीफ की है। पुजारा के मुताबिक शाई होप ने जिस संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी की उसने भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। वहीं कीमो पॉल का निर्णायक गेंदबाजी स्पेल मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। पुजारा ने भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियों की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि बेंगलुरु में होने वाले अगले मुकाबले में टीम इंडिया को अपनी रणनीति में सुधार करना होगा। गेंदबाजों को सही लेंथ के साथ अधिक विविधता दिखानी होगी ताकि विपक्षी बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का मौका न मिले।
पुजारा ने शाई होप की बल्लेबाजी को वेस्टइंडीज की सफलता का प्रमुख आधार बताया। उनका कहना है कि होप बिना सोचे-समझे आक्रामक शॉट खेलने के बजाय अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा करते हैं। वह गेंद की दिशा और गति को समझकर सही गैप में शॉट लगाते हैं। इसी वजह से वह कम जोखिम लेते हुए भी तेजी से रन बनाने में सफल रहते हैं। पुजारा के अनुसार होप की टाइमिंग और अपनी पसंदीदा जगहों पर शॉट खेलने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। ऐसी पिच पर जहां बल्लेबाजों के लिए स्पिनरों पर हावी होना आसान नहीं था वहां होप ने अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और गेंदबाजों को दबाव बनाने का ज्यादा मौका नहीं दिया।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने होप के निरंतर प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कोई बल्लेबाज अपनी तकनीक और रणनीति को लेकर स्पष्ट होता है तो उसे रोकना गेंदबाजों के लिए मुश्किल हो जाता है। होप ने पूरी सीरीज में प्रभावशाली बल्लेबाजी की है और उनके आंकड़े भी उनकी निरंतरता को दर्शाते हैं। पुजारा ने शिमरोन हेटमायर और शेरफेन रदरफोर्ड की भी तारीफ की। उनके मुताबिक इन बल्लेबाजों ने भी भारतीय गेंदबाजी योजनाओं की कमजोरियों को पहचाना और जरूरत के मुताबिक आक्रामक रुख अपनाया। इन खिलाड़ियों के सामूहिक योगदान ने वेस्टइंडीज को मुकाबले में मजबूत स्थिति दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
पुजारा ने कीमो पॉल की गेंदबाजी को जीत का निर्णायक मोड़ बताया। पॉल ने अपनी पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को आउट कर भारतीय टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद उसी ओवर में ईशान किशन का विकेट लेकर उन्होंने दबाव और बढ़ा दिया। फिर 19वें ओवर में तीन विकेट लेकर मुकाबले का रुख बदल दिया। पुजारा के मुताबिक मुश्किल परिस्थिति में इस तरह का प्रदर्शन टीम के आत्मविश्वास को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज ने दबाव के बावजूद शानदार वापसी की और अपने प्रदर्शन से यह संदेश दिया कि टीम मुकाबले में जीत हासिल करने के इरादे से उतरी थी।
भारतीय गेंदबाजी पर बात करते हुए पुजारा ने कहा कि पावरप्ले के दौरान और उसके बाद गेंदबाज सही लेंथ बनाए रखने में नाकाम रहे। साथ ही गेंदबाजी में पर्याप्त विविधता भी नजर नहीं आई। उन्होंने नमन धीर की गेंदबाजी का उल्लेख करते हुए कहा कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने उनकी लेंथ को जल्दी समझ लिया और खराब गेंदों का फायदा उठाया। ऐसे बल्लेबाजों के सामने छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। पुजारा ने सलाह दी कि बेंगलुरु में भारतीय गेंदबाजों को बेहतर लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी होगी और अपनी रणनीति में बदलाव करते रहना होगा। अगले मुकाबले में टीम इंडिया के सामने चुनौती होगी कि वह वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाजों पर लगाम लगाए और पिछली गलतियों से सबक लेकर बेहतर प्रदर्शन करे। -

दूसरे टेस्ट में पलटवार की तैयारी में साउथ अफ्रीका, स्टब्स की जगह ब्रीट्जके को चुना, रबाडा की वापसी पर नजरें
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मुकाबले से पहले साउथ अफ्रीका ने अपनी 17 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। टीम में पहले टेस्ट के मुकाबले केवल एक बदलाव किया गया है। खराब प्रदर्शन के बाद ट्रिस्टन स्टब्स को टीम से बाहर कर दिया गया है जबकि उनकी जगह मैथ्यू ब्रीट्जके को शामिल किया गया है। इसके साथ ही विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी रयान रिकेलटन संभालेंगे। पहले टेस्ट में हार का सामना करने वाली साउथ अफ्रीकी टीम दूसरे मुकाबले में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। चयनकर्ताओं ने टीम के बाकी खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखा है और तेज गेंदबाजी के विकल्पों में भी बदलाव नहीं किया है।
पहले टेस्ट में ट्रिस्टन स्टब्स का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। वह पहली पारी में 32 रन बना सके जबकि दूसरी पारी में उनके बल्ले से केवल एक रन निकला। इसके बाद टीम प्रबंधन ने दूसरे टेस्ट के लिए उनकी जगह मैथ्यू ब्रीट्जके को मौका देने का फैसला किया। ब्रीट्जके ने अब तक साउथ अफ्रीका के लिए केवल दो टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने अक्टूबर 2024 में बांग्लादेश और जुलाई 2025 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मुकाबलों में हिस्सा लिया था। इन दोनों मैचों में वह कुल 14 रन ही बना सके थे। हालांकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका हालिया प्रदर्शन बेहतर रहा है और इसी फॉर्म ने टीम में उनकी वापसी का रास्ता बनाया है।
ब्रीट्जके ने हाल ही में डरबन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में शानदार शतक लगाया था। उनके इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन का ध्यान खींचा। साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच शुकरी कॉनराड ने भी उनकी हालिया फॉर्म और व्यक्तित्व को चयन का अहम आधार बताया। क्रिकेट साउथ अफ्रीका की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में कॉनराड ने कहा कि ब्रीट्जके पहले भी टीम का हिस्सा रह चुके हैं और उनकी बेहतरीन वनडे फॉर्म ने उन्हें दूसरे खिलाड़ियों के मुकाबले बढ़त दिलाई। कोच के मुताबिक खिलाड़ी का रवैया और चरित्र भी टीम के लिए महत्वपूर्ण है।
दूसरे टेस्ट में बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी टीम प्रबंधन को फैसला करना होगा। रयान रिकेलटन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे में यह तय किया जाना है कि वह बल्लेबाजी क्रम में नीचे उतरेंगे या पहले की तरह पारी की शुरुआत करते रहेंगे। बल्लेबाजी क्रम में होने वाला यह बदलाव टीम की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। साउथ अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने बेहतर प्रदर्शन करना होगा ताकि वह सीरीज में वापसी की उम्मीद कायम रख सके।
टीम में टोनी डी जोर्जी को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वह बाईं हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे हैं। वहीं तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की प्लेइंग इलेवन में वापसी की उम्मीद जताई जा रही है। हैमस्ट्रिंग में हल्की चोट के कारण वह डरबन में खेले गए पहले टेस्ट से बाहर रहे थे। तेज गेंदबाजी विभाग में एनरिक नॉर्टजे और मार्को जानसन के साथ वियान मुल्डर गेराल्ड कोएत्जी डेन पैटरसन और कॉर्बिन बॉश जैसे विकल्प मौजूद हैं।
दूसरे टेस्ट के लिए घोषित टीम में कप्तान टेम्बा बावुमा के अलावा मार्केस एकरमैन डेविड बेडिंगहैम मैथ्यू ब्रीट्जके कॉर्बिन बॉश गेराल्ड कोएत्जी साइमन हार्मर मार्को जानसन केशव महाराज एडेन मार्कराम वियान मुल्डर सेनुरन मुथुसामी एनरिक नॉर्टजे डेन पैटरसन कगिसो रबाडा रयान रिकेलटन और काइल वेरिन को जगह दी गई है। दूसरा टेस्ट रविवार से शुरू होगा। पहले मैच में हार के बाद साउथ अफ्रीका के सामने अब प्रदर्शन सुधारने और मजबूत वापसी करने की चुनौती होगी।
