Author: bharati

  • महाकाल की नगरी में योग का महाकुंभ, उज्जैन ने दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश

    महाकाल की नगरी में योग का महाकुंभ, उज्जैन ने दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश


    मध्यप्रदेश । उज्जैन में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजाभाऊ महाकाल स्टेडियम (दशहरा मैदान) में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के संबोधन के सीधा प्रसारण से हुई। इसके बाद योगाचार्यों के मार्गदर्शन में सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन और प्राणायाम कराए गए। प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    बारिश के बावजूद नहीं टूटा उत्साह
    योग दिवस से एक दिन पहले हुई बारिश के कारण दशहरा मैदान के कई हिस्सों में कीचड़ हो गया था। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए मैदान में पत्थर की चूरी डलवाई और बड़े कपड़े व मैट बिछाकर प्रतिभागियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। मौसम की चुनौती के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।

    महाकाल की नगरी में योग और अध्यात्म का संगम
    उज्जैन स्थित प्रसिद्ध Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple परिसर में भी योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाभ्यास के माध्यम से लोगों ने स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में योग का यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

    भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में 1000 बंदियों ने किया योग
    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में भी विशेष योग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक कृष्णा गुरुजी के मार्गदर्शन में लगभग 1000 पुरुष और महिला बंदियों ने योगाभ्यास किया। इस दौरान ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम जैसे योग अभ्यास कराए गए। इसके बाद ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों ने एकाग्रचित्त होकर भाग लिया।

    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा गया दावा
    जेल प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण Guinness World Records तथा International Yoga Book of Records को भेजे गए हैं। दावा किया गया है कि यह “Largest Yoga Session of Prisoners” श्रेणी में रिकॉर्ड बन सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित संस्थाओं द्वारा जांच के बाद लिया जाएगा।

    योग गुरु कृष्णा गुरुजी ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर जीवन को नई दिशा देता है।

  • अक्षय कुमार के प्यार में ट्विंकल खन्ना का खुलासा आमिर खान का रिएक्शन चर्चा में

    अक्षय कुमार के प्यार में ट्विंकल खन्ना का खुलासा आमिर खान का रिएक्शन चर्चा में


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की पुरानी शूटिंग कहानियां एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। इस बार चर्चा का केंद्र बनी हैं ट्विंकल खन्ना औरआमिर खान की फिल्म मेला से जुड़ी एक मजेदार घटना। यह किस्सा उस समय का है जब दोनों कलाकार एक साथ फिल्म मेला की शूटिंग कर रहे थे और सेट पर माहौल हल्का फुल्का और हंसी मजाक से भरा रहता था।

    बताया जाता है कि एक इंटरव्यू और लॉन्च इवेंट के दौरान ट्विंकल खन्ना ने खुद इस पुराने अनुभव का जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान एक सीन के बीच जब आमिर खान ने उनसे काम को लेकर सवाल किया तो ट्विंकल ने मजाक में कह दिया कि वह उस समय अपने निजी जीवन के बारे में सोच रही थीं और उनका ध्यान काम पर नहीं था। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह उस समय अक्षय कुमार के बारे में सोच रही थीं।

    ट्विंकल की इस बात पर सेट का माहौल थोड़ा बदल गया और आमिर खान का रिएक्शन भी चर्चा का विषय बन गया। ट्विंकल ने हंसते हुए बताया था कि आमिर इतने रिएक्टिव हो गए थे कि वह मजाक में उन्हें थप्पड़ मारने तक की बात पर पहुंच गए थे। हालांकि यह सब पूरी तरह मजाकिया अंदाज में कहा गया था और शूटिंग सेट के हल्के माहौल को दिखाता है।

    इसी बातचीत में आमिर खान ने भी ट्विंकल के साथ काम करने के अनुभव को साझा किया था। उन्होंने कहा था कि ट्विंकल का सेंस ऑफ ह्यूमर काफी अलग और तेज है और वह अक्सर सेट पर लोगों को अपनी बातों से हंसा देती हैं। आमिर ने यह भी मजाक में कहा था कि ट्विंकल कई बार ऐसी बातें कर देती हैं जो सीधे दिल पर लगती हैं लेकिन उनका अंदाज मनोरंजक होता है।

    ट्विंकल खन्ना ने एक और दिलचस्प किस्सा साझा किया था जिसमें उन्होंने बताया कि आमिर खान अपने काम को लेकर कितने गंभीर हैं। उन्होंने बताया कि एक बार एक सीन को लेकर आमिर डायरेक्टर से बात करने गए थे लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह थोड़े भावुक हो गए और अकेले जाकर सेट पर एक कोने में खड़े हो गए थे। ट्विंकल के अनुसार यह पल उनके लिए थोड़ा हैरान करने वाला था क्योंकि आमिर हमेशा अपने काम को लेकर बहुत डेडिकेटेड रहते हैं।

    वहीं करण जौहर की मौजूदगी में भी यह पूरा किस्सा और रोचक हो गया था क्योंकि बातचीत के दौरान हंसी मजाक का माहौल बना रहा और सभी ने इस घटना को एक हल्के फुल्के अंदाज में लिया।

    ट्विंकल खन्ना ने साल 2001 में फिल्मी करियर को अलविदा कह दिया था। कई फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने एक्टिंग छोड़कर राइटिंग की दुनिया में कदम रखा। आज वह एक सफल लेखिका के रूप में जानी जाती हैं और उनकी कई किताबें पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय रही हैं।

    यह पूरा किस्सा आज भी फैंस के बीच इसलिए चर्चा में रहता है क्योंकि इसमें बॉलीवुड के बड़े सितारों का एक अनोखा और मजेदार अंदाज देखने को मिलता है जहां प्रोफेशनल सेट पर भी हल्के फुल्के पल यादगार बन जाते हैं।

  • आज साल का सबसे लंबा दिन, 13 घंटे 50 मिनट तक चमका सूरज; भिंड में सबसे ज्यादा दिन का उजाला

    आज साल का सबसे लंबा दिन, 13 घंटे 50 मिनट तक चमका सूरज; भिंड में सबसे ज्यादा दिन का उजाला



    मध्यप्रदेश । 21 जून खगोल विज्ञान और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) कहा जाता है। इस अवसर पर नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने लोगों को इस खगोलीय घटना की वैज्ञानिक जानकारी दी और इससे जुड़े भ्रमों को दूर किया।

    उन्होंने बताया कि ग्रीष्म संक्रांति के दिन पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर लगभग 23.5 डिग्री झुका रहता है। इसी कारण सूर्य की सीधी किरणें कर्क रेखा पर पड़ती हैं और दिन की अवधि वर्ष में सबसे अधिक हो जाती है। यही वजह है कि 21 जून को सूरज सबसे अधिक समय तक आकाश में दिखाई देता है और रात सबसे छोटी होती है।

    अब शुरू होगा दक्षिणायन
    विशेषज्ञों के अनुसार 21 जून के बाद सूर्य की स्थिति धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसकने लगती है, जिसे दक्षिणायन कहा जाता है। इसके साथ ही दिन छोटे और रातें लंबी होने लगती हैं। यह प्रक्रिया आगामी छह महीनों तक जारी रहती है और मौसम में भी धीरे-धीरे बदलाव दिखाई देने लगता है।

    जीरो शैडो डे को लेकर भ्रम
    कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि “जीरो शैडो डे” केवल उन क्षेत्रों में संभव होता है जो कर्क रेखा या उसके आसपास स्थित हैं। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में यह घटना अप्रैल और मई के दौरान देखी जा चुकी है। वहीं दिल्ली और जम्मू जैसे कर्क रेखा के उत्तर में स्थित शहरों में जीरो शैडो डे की घटना नहीं होती।

    मध्य प्रदेश में कहां रहा सबसे लंबा दिन?
    मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में भौगोलिक स्थिति के कारण अंतर देखने को मिला। प्रदेश में सबसे पहले सूर्योदय सिंगरौली में सुबह 5:12 बजे हुआ, जबकि सबसे देर से सूर्यास्त नीमच में शाम 7:22 बजे दर्ज किया गया।

    सबसे लंबे दिन का रिकॉर्ड भिंड के नाम रहा, जहां दिन की अवधि 13 घंटे 50 मिनट रही। वहीं भोपाल में 13 घंटे 34 मिनट, ग्वालियर में 13 घंटे 47 मिनट और मुरैना में 13 घंटे 48 मिनट का दिन दर्ज किया गया।

    प्रमुख शहरों में दिन की अवधि
    भोपाल – 13 घंटे 34 मिनट
    इंदौर – 13 घंटे 32 मिनट
    जबलपुर – 13 घंटे 33 मिनट
    ग्वालियर – 13 घंटे 47 मिनट
    मुरैना – 13 घंटे 48 मिनट
    भिंड – 13 घंटे 50 मिनट (सबसे लंबा दिन)
    रीवा – 13 घंटे 40 मिनट
    सिंगरौली – 13 घंटे 38 मिनट
    नीमच – 13 घंटे 38 मिनट (सबसे देर से सूर्यास्त)
    प्रकृति और विज्ञान का अद्भुत संगम

    ग्रीष्म संक्रांति केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि पृथ्वी और सूर्य के बीच संतुलन का अद्भुत उदाहरण भी है। यह दिन हमें ब्रह्मांड की जटिल लेकिन आकर्षक व्यवस्थाओं को समझने का अवसर देता है। 21 जून के बाद दिन धीरे-धीरे छोटे होने लगेंगे और दिसंबर में वर्ष की सबसे लंबी रात का दौर आएगा।

  • इंटिमेट सीन पर बड़ा दावा सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन को लेकर वायरल किस्सा

    इंटिमेट सीन पर बड़ा दावा सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन को लेकर वायरल किस्सा

    नई दिल्ली । हाल ही में एंटरटेनमेंट जगत से जुड़ा एक पुराना किस्सा फिर से चर्चा में आ गया है। यह मामला एक पॉडकास्ट बातचीत से सामने आया है जिसमें फेमस एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट सिमी चंदोक ने फिल्म शूटिंग के दौरान इंटिमेट सीन को लेकर कुछ कथित घटनाओं का जिक्र किया है। इन दावों के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और लोग इस पूरे मामले को लेकर अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    सिमी चंदोक ने बातचीत के दौरान कहा कि फिल्म सेट पर कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं जब इंटिमेट सीन की शूटिंग के दौरान अभिनेता और अभिनेत्री अपने किरदार में इतने ज्यादा डूब जाते हैं कि कट बोलने के बाद भी कुछ पल तक उसी भाव में बने रह जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक फिल्म के शूटिंग सेट पर सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन फर्नांडिस के बीच एक किसिंग सीन के दौरान ऐसा ही कुछ हुआ था। उनके अनुसार सीन खत्म होने के बाद और टेक बंद होने के बावजूद दोनों कलाकार कुछ देर तक उसी स्थिति में रहे।

    इस बातचीत में आगे सिमी ने एक और फिल्म का जिक्र किया और बताया कि एक एक्शन कॉमेडी फिल्म की शूटिंग के दौरान टाइगर श्रॉफ और जैकलीन फर्नांडिस के बीच भी एक इंटिमेट सीन फिल्माया गया था। उनके अनुसार उस समय भी सीन खत्म होने के बाद तुरंत अलग होने की स्थिति नहीं बनी और कुछ सेकंड तक दोनों कलाकार उसी इमोशनल फ्लो में रहे।

    हालांकि यह पूरा बयान एक जर्नलिस्ट के पॉडकास्ट इंटरव्यू पर आधारित है और इसमें किसी भी कलाकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे सीन शूट करना सामान्य माना जाता है लेकिन प्रोफेशनल सेट पर हर चीज स्क्रिप्ट और डायरेक्शन के अनुसार होती है और टेक खत्म होने के बाद सभी कलाकार अपने कैरेक्टर से बाहर आ जाते हैं।

    सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन फर्नांडिस की फिल्म एक जेंटलमैन साल दो हजार सत्रह में रिलीज हुई थी। यह एक एक्शन कॉमेडी फिल्म थी जिसे राज एंड डीके ने डायरेक्ट किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर सकी थी और फ्लॉप रही थी। इसी तरह टाइगर श्रॉफ और जैकलीन फर्नांडिस की फिल्म ए फ्लाइंग जट्ट साल दो हजार सोलह में रिलीज हुई थी जिसे रेमो डिसूजा ने डायरेक्ट किया था। यह फिल्म भी दर्शकों के बीच ज्यादा सफल नहीं हो पाई थी।

    इन पुराने बयानों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे सिर्फ शूटिंग का प्रोफेशनल हिस्सा बता रहे हैं जबकि कुछ इसे बेवजह बढ़ाया गया मुद्दा मान रहे हैं। फिलहाल यह मामला केवल दावों और चर्चाओं तक ही सीमित है और किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि मौजूद नहीं है।

  • आवासीय भवनों में चल रहे कारोबार पर सख्ती: भोपाल में निगम का अभियान शुरू, अरेरा कॉलोनी-रोहित नगर से कार्रवाई

    आवासीय भवनों में चल रहे कारोबार पर सख्ती: भोपाल में निगम का अभियान शुरू, अरेरा कॉलोनी-रोहित नगर से कार्रवाई


    मध्यप्रदेश । भोपाल में अब आवासीय भवनों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के प्रमुख पॉश इलाकों अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर से इस अभियान की शुरुआत की गई है, जहां निगम के सर्वे दलों ने ऐसे भवनों की पहचान कर कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में कोलार, बावड़िया कला, शाहपुरा, गुलमोहर और अन्य इलाकों में भी इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा।

    नगर निगम की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में 4 अगस्त को प्रस्तावित सुनवाई से पहले शुरू की गई है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने अनधिकृत निर्माण, भूमि उपयोग परिवर्तन और स्वीकृत उपयोग के विपरीत भवनों के इस्तेमाल पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्यों से विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। इसी के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने स्थानीय निकायों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    भोपाल नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा ने सभी जोनों में विशेष सर्वे टीमों का गठन किया है। ये टीमें मौके पर जाकर यह जांच कर रही हैं कि जिन भवनों को आवासीय उपयोग के लिए अनुमति दी गई थी, उनमें कहीं अस्पताल, बैंक, होटल, शोरूम, दुकान, कार्यालय या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां तो संचालित नहीं हो रहीं। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है।

    नोटिस में मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 का उल्लेख करते हुए भवन स्वामी से संबंधित दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो निगम एकपक्षीय कार्रवाई कर सकता है। इसमें जुर्माना, उपयोग परिवर्तन शुल्क या अन्य कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।

    नगर निगम के रिकॉर्ड बताते हैं कि चार वर्ष पहले किए गए सर्वे में केवल अरेरा कॉलोनी में 83 और रोहित नगर में 67 मामलों सहित 150 से अधिक ऐसे भवन चिन्हित हुए थे, जहां आवासीय अनुमति के बावजूद व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। अधिकारियों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ी है। इसलिए इस बार केवल पुराने रिकॉर्ड पर निर्भर रहने के बजाय नए सिरे से भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार भोपाल में करीब 25 हजार संपत्तियां ऐसी हैं जो रिकॉर्ड में अब भी आवासीय श्रेणी में दर्ज हैं, लेकिन उनसे व्यावसायिक दर पर संपत्ति कर वसूला जा रहा है। ऐसे मामलों में भूमि उपयोग और भवन अनुमति की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।

    नगर निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शहर में नियोजित विकास सुनिश्चित करना, यातायात और पार्किंग संबंधी समस्याओं को नियंत्रित करना तथा भवन उपयोग से जुड़े नियमों का पालन कराना है। आने वाले दिनों में यह कार्रवाई पूरे शहर में व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकती है।

  • NEET-UG 2026: भोपाल में ट्रैफिक एडवायजरी जारी, परीक्षार्थियों को समय से निकलने की सलाह

    NEET-UG 2026: भोपाल में ट्रैफिक एडवायजरी जारी, परीक्षार्थियों को समय से निकलने की सलाह


    मध्यप्रदेश । भोपाल में रविवार को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर नगरीय यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक एडवायजरी जारी की है। शहर के 32 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मेट्रो निर्माण कार्य के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है, इसलिए परीक्षार्थियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    यातायात पुलिस के अनुसार आनंद नगर स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तक पहुंचने वाले मार्ग प्रभात चौराहा से पिपलानी क्षेत्र के बीच मेट्रो निर्माण के कारण संकरे हो गए हैं। ऐसे में टीटी नगर, एमपी नगर, कोलार रोड और पुराने शहर से आने वाले विद्यार्थियों को चेतक ब्रिज, गोविंदपुरा, भेल, महात्मा गांधी चौराहा और पिपलानी पेट्रोल पंप होते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।

    इसी प्रकार गौतम नगर स्थित शासकीय गीतांजलि कन्या पीजी कॉलेज के आसपास भी मेट्रो निर्माण कार्य जारी है। डीआईजी बंगला चौराहा से सिंधी कॉलोनी और काजी कैंप तक का मार्ग प्रभावित है। इस केंद्र पर जाने वाले अभ्यर्थियों को नादरा बस स्टैंड, अग्रवाल धर्मशाला, छोला गणेश मंदिर, जेपी ब्रिज तिराहा और डीआईजी बंगला चौराहा मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    पुलिस प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा ताकि विद्यार्थियों को शांत वातावरण मिल सके। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास वाहन पार्किंग की अनुमति भी नहीं होगी। यातायात पुलिस ने अभिभावकों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे अनावश्यक रूप से परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ न लगाएं।

    अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के दिन किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए अपने केंद्र का पहले से निरीक्षण कर लें और निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले घर से निकलें। इससे ट्रैफिक जाम या मार्ग परिवर्तन की स्थिति में भी वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकेंगे।

    यातायात पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या मार्ग संबंधी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 7049104825, 7049104640 तथा व्हाट्सएप नंबर 7587602055 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से नियमों का पालन कर परीक्षा व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।

  • 23 से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी संकट: एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ हड़ताल पर ड्राइवर, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

    23 से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी संकट: एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ हड़ताल पर ड्राइवर, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल


    मध्यप्रदेश । भोपाल से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अगले सप्ताह मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 23 जून से 25 जून तक भोपाल एयरपोर्ट पर टैक्सी सेवाएं प्रभावित रहेंगी, क्योंकि टैक्सी चालकों ने एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान चालक ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग एप्स के जरिए आने वाली राइड्स स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

    भोपाल टैक्सी चालक संघ का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले के अनुसार, इससे पहले 7 फरवरी और 12 जून को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण संगठन ने आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है।

    संघ का आरोप है कि ऐप आधारित टैक्सी कंपनियां राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किराया दरों का पालन नहीं कर रही हैं। ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें तय मानकों से कम भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनकी आय लगातार प्रभावित हो रही है। संगठन का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों में ड्राइवरों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल होता जा रहा है।

    हड़ताल के चलते सबसे अधिक प्रभाव भोपाल एयरपोर्ट पर देखने को मिल सकता है। रोजाना सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट तक पहुंचने और वहां से शहर के विभिन्न हिस्सों में जाने के लिए टैक्सी सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यात्रियों को निजी वाहन, ऑटो रिक्शा, पारिवारिक सहायता या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। संघ ने आम लोगों से भी अपील की है कि आंदोलन के समर्थन में इन तीन दिनों के दौरान एग्रीगेटर कंपनियों के मोबाइल एप का उपयोग न करें।

    टैक्सी चालक संघ ने अपनी मांगों में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किराए को लागू करने, बेस फेयर 40 रुपये और प्रति किलोमीटर 20 से 25 रुपये किराया तय करने, राइड टाइम का अलग भुगतान, गूगल मैप के आधार पर दूरी की सटीक गणना, ड्राइवरों का बीमा, रात के समय अतिरिक्त शुल्क और भोपाल में कंपनियों के स्थानीय कार्यालय स्थापित करने जैसी मांगें शामिल की हैं। इसके अलावा ड्राइवरों ने बंद की गई आईडी को दोबारा सक्रिय करने और वन-वे बुकिंग व्यवस्था समाप्त कर दोनों तरफ का किराया देने की भी मांग की है।

    गौरतलब है कि हाल ही में राजधानी भोपाल में टैक्सी चालकों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन भी किया था। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बड़ी संख्या में चालक फटे कपड़े पहनकर और हाथों में कटोरा लेकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगते नजर आए थे। इस प्रदर्शन का उद्देश्य यह बताना था कि मौजूदा व्यवस्था में उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

    अब सभी की निगाहें प्रशासन और एग्रीगेटर कंपनियों पर टिकी हैं। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो टैक्सी चालक संघ ने आंदोलन को और तेज करने तथा शहर में टैक्सी और ऑटो सेवाओं को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे 23 से 25 जून के बीच अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर रखें और वैकल्पिक परिवहन साधनों की व्यवस्था कर लें।

  • ई-अटेंडेंस विवाद के बीच महिला शिक्षकों को राहत: संतान पालन अवकाश को माना जाएगा उपस्थिति

    ई-अटेंडेंस विवाद के बीच महिला शिक्षकों को राहत: संतान पालन अवकाश को माना जाएगा उपस्थिति


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों को लेकर चल रहे विवाद के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन महिला शिक्षकों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) स्वीकृत किया गया है, उनकी अवकाश अवधि को ई-अटेंडेंस प्रणाली में उपस्थिति के रूप में मान्यता दी जाएगी। इस निर्णय से उन महिला शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता के कारण स्वैच्छिक तबादलों के लिए आवेदन करने में कठिनाइयों का सामना कर रही थीं।

    प्रदेश में स्वैच्छिक तबादलों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस को अनिवार्य शर्त बनाया है। इस फैसले का प्रदेश के करीब सवा चार लाख शिक्षकों द्वारा विरोध किया जा रहा था। विशेष रूप से महिला शिक्षकों का कहना था कि संतान पालन अवकाश के दौरान उनकी अनुपस्थिति को ई-अटेंडेंस में गैरहाजिरी माना जा रहा है, जिससे वे तबादला प्रक्रिया में पात्रता खो सकती हैं।

    इसी स्थिति को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि स्वीकृत संतान पालन अवकाश की अवधि को कार्य दिवसों में उपस्थिति के रूप में जोड़ा जाएगा। इससे महिला शिक्षकों की ई-अटेंडेंस प्रतिशतता प्रभावित नहीं होगी और वे तबादले के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा कर सकेंगी।

    लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन महिला शिक्षकों को संतान पालन अवकाश स्वीकृत है, वे अपने प्रकरण से संबंधित आवेदन राज्य स्तरीय अभ्यावेदन निराकरण समिति को भेज सकती हैं। विभाग ने इसके लिए विशेष ई-मेल व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। समिति प्रत्येक मामले की जांच करेगी और पात्र पाए जाने पर अवकाश अवधि को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति के रूप में दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

    स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में ऐसे सभी मामलों का संकलन कर उन्हें शीघ्र राज्य स्तरीय समिति को भेजें। इस आदेश की प्रतियां मंत्रालय, कलेक्टरों, संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को भी भेज दी गई हैं, ताकि निर्णय का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

    शिक्षा विभाग का यह कदम ऐसे समय आया है जब ई-अटेंडेंस की शर्त को लेकर शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा था। कई शिक्षक संगठनों ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए सरकार से नियमों में संशोधन की मांग की थी। महिला शिक्षकों को मिली यह राहत विभाग की ओर से संतुलित समाधान की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल महिला शिक्षकों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि तबादला प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और न्यायसंगत बनाने में भी मदद मिलेगी। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि राज्य स्तरीय समिति इन मामलों का निराकरण कितनी तेजी से करती है और अन्य वर्गों के शिक्षकों की मांगों पर विभाग क्या रुख अपनाता है।

  • 3000 रुपये की कमाई से बिग बॉस स्टार तक, अर्चना गौतम की प्रेरणादायक संघर्ष कहानी

    3000 रुपये की कमाई से बिग बॉस स्टार तक, अर्चना गौतम की प्रेरणादायक संघर्ष कहानी


    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत की चमक-दमक के पीछे संघर्ष, मेहनत और धैर्य की लंबी कहानी छिपी होती है। इसका ताजा उदाहरण अभिनेत्री अर्चना गौतम हैं, जिन्होंने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दिनों के कुछ ऐसे अनुभव साझा किए, जिन्हें सुनकर हर कोई हैरान रह गया। आज भले ही अर्चना गौतम टीवी और सोशल मीडिया की चर्चित हस्ती हों, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कई छोटे-बड़े संघर्षों का सामना किया है।

    ‘बिग बॉस 16’ से घर-घर में पहचान बनाने वाली अर्चना गौतम हाल ही में एक रियलिटी शो में पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर की चुनौतियों पर खुलकर बात की। अर्चना ने बताया कि इंडस्ट्री में पहचान बनाने से पहले उन्होंने कई छोटे किरदार निभाए। यहां तक कि लोकप्रिय क्राइम शो ‘CID’ में उन्होंने एक मृत शरीर यानी लाश का रोल भी किया था।

    अर्चना के अनुसार, उस समय उन्हें प्रतिदिन 3000 रुपये का भुगतान किया जाता था। हालांकि यह रकम आज भले ही छोटी लगे, लेकिन उस दौर में उनके लिए यह काम और कमाई दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण थे। उन्होंने बताया कि यह उनके करियर का तीसरा टेलीविजन शो था और उस भूमिका ने उन्हें अभिनय की दुनिया को करीब से समझने का मौका दिया।

    अर्चना ने सेट से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने हंसते हुए बताया कि जब वह लाश बनकर बिना हिले-डुले लेटी रहती थीं, तब शो के सीनियर कलाकार उनकी आंखें खोलकर देखते थे कि कहीं वह पलक तो नहीं झपका रहीं। क्योंकि एक मृत शरीर के किरदार में बिल्कुल स्थिर रहना जरूरी होता था। उनके लिए यह अनुभव नया और चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि लंबे समय तक बिना किसी हरकत के पड़े रहना आसान नहीं था।

    अभिनेत्री ने कहा कि लोग अक्सर ग्लैमर इंडस्ट्री को बाहर से देखकर यह मान लेते हैं कि यहां सफलता आसानी से मिल जाती है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग होती है। नए कलाकारों को छोटे-छोटे रोल, लंबे इंतजार, ऑडिशन और असफलताओं के दौर से गुजरना पड़ता है। कई बार मेहनत का परिणाम तुरंत नहीं मिलता, लेकिन लगातार प्रयास ही सफलता की राह खोलते हैं।

    अर्चना गौतम की कहानी इस बात का उदाहरण है कि कोई भी उपलब्धि रातों-रात हासिल नहीं होती। छोटे किरदारों से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें मनोरंजन जगत की चर्चित हस्तियों में शामिल कर चुका है। उनके संघर्ष की यह कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं।

    आज अर्चना गौतम जिस आत्मविश्वास और लोकप्रियता के साथ दर्शकों के बीच मौजूद हैं, उसके पीछे वर्षों की मेहनत, धैर्य और संघर्ष की लंबी यात्रा छिपी हुई है। यही वजह है कि उनकी सफलता की कहानी लाखों युवाओं को अपने सपनों के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा देती है।

  • योग दिवस पर फिटनेस का जश्न: अक्षय कुमार से शिल्पा शेट्टी तक, सितारों ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

    योग दिवस पर फिटनेस का जश्न: अक्षय कुमार से शिल्पा शेट्टी तक, सितारों ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पूरे देश में योग की धूम देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधियों और लाखों लोगों ने योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और फिटनेस का संदेश दिया। इस खास मौके पर बॉलीवुड सितारे भी पीछे नहीं रहे। अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी, सुनील शेट्टी, नील नितिन मुकेश और फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा सहित कई नामी हस्तियां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुईं और लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ अभिनेता अक्षय कुमार ने योगाभ्यास किया। अक्षय ने उपस्थित लोगों के साथ विभिन्न योगासन किए और नियमित व्यायाम तथा योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ उम्र के लिए योग’ रही, जिसका संदेश भी कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया।

    वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने योग सत्र का नेतृत्व किया। फिटनेस और योग के प्रति अपने समर्पण के लिए पहचानी जाने वाली शिल्पा ने हजारों लोगों के साथ योग किया और जीवन में अनुशासन तथा नियमितता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को अंदर से मजबूत, संतुलित और केंद्रित बनाता है। शिल्पा ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन की गतिविधि न मानें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम के दौरान उनका बेटा भी मौजूद रहा, जिसे वे योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराती नजर आईं।

    अभिनेता सुनील शेट्टी ने भी योग दिवस पर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि फिट रहने का सबसे बड़ा मंत्र नियमितता है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन थोड़ा समय भी योग को देता है तो उसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से दिखाई देते हैं। उनके अनुसार योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने की एक संपूर्ण प्रक्रिया है।

    अभिनेता नील नितिन मुकेश ने योग को मानसिक स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। योग व्यक्ति को तनाव से दूर रखता है और जीवन में संतुलन स्थापित करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि योग हमें अनुशासन और आत्मविश्वास सिखाता है, जो सफलता की राह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    इस अवसर पर वरिष्ठ अभिनेता मुकेश ऋषि ने भी योग के फायदों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों से योग और व्यायाम उनके जीवन का हिस्सा रहे हैं। वहीं फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा कि यदि लोग हर दिन योग दिवस की भावना के साथ योग करें तो वे लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान रह सकते हैं।

    योग दिवस के अवसर पर बॉलीवुड सितारों की सक्रिय भागीदारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि योग केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है।