Author: bharati

  • सस्ते कार लोन की दौड़: सरकारी बैंक दे रहे 7.50% से भी कम दर पर ऑफर!

    सस्ते कार लोन की दौड़: सरकारी बैंक दे रहे 7.50% से भी कम दर पर ऑफर!


    नई दिल्ली। अगर आप नई कार खरीदने के लिए ₹12 लाख का लोन लेने की सोच रहे हैं और सबसे कम ब्याज दर पर EMI चाहते हैं, तो कुछ सरकारी बैंक (Public Sector Banks) अभी भी सबसे बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं। जनवरी 2026 में कई प्रमुख सरकारी बैंकों ने कार लोन की ब्याज दरें 7.40% से शुरू रखी हैं, खासकर अच्छे CIBIL स्कोर वाले ग्राहकों के लिए। हालांकि वास्तविक ब्याज दर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल, CIBIL स्कोर और बैंक संबंध पर निर्भर करेगी। सबसे सस्ती दर आम तौर पर उन्हीं ग्राहकों को मिलती है जिनका सिबिल स्कोर शानदार होता है।

    इन बैंकों की खास बात यह है कि वे प्री-पेमेंट पेनल्टी भी नहीं वसूल रहे हैं, यानी आप चाहें तो पहले भी लोन चुका सकते हैं बिना अतिरिक्त शुल्क के। कम ब्याज दर का फायदा यह होता है कि न सिर्फ मासिक EMI कम होगी, बल्कि कुल ब्याज भुगतान भी काफी बच जाएगा।

    सबसे पहले इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) का नाम आता है, जो नई कार के लिए 7.60% सालाना ब्याज दर पर लोन दे रहा है। बैंक की सुविधा के अनुसार यह लोन 84 महीने (7 साल) में चुकाया जा सकता है।

    इस लोन में पति/पत्नी, बेटा, बेटी, पिता, माता आदि की इनकम जोड़कर लोन की पात्रता बढ़ाई जा सकती है।

    दूसरा बैंक है केनरा बैंक, जो कार या व्हीकल लोन पर 7.95% सालाना दर पर लोन दे रहा है। यहां लोन की कोई ऊपरी सीमा नहीं है और नई गाड़ी के लिए 90% तक फाइनेंसिंग उपलब्ध है। इसके साथ ही, केनरा बैंक भी प्री-पेमेंट पेनल्टी नहीं वसूलता। इसके अलावा, इस बैंक से आप दूसरी और की गाड़ियों के लिए भी फाइनेंसिंग ले सकते हैं।

    तीसरा विकल्प है यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, जहां कार लोन की शुरुआती दर 7.50% है। यदि आपका सिबिल स्कोर अच्छा है और बाकी पात्रता पूरी होती है, तो आपको इतनी सस्ती दर पर लोन मिल सकता है।

    नई चार पहिया गाड़ी खरीदने पर इस बैंक में ₹1000 + GST प्रोसेसिंग फीस देनी होती है।

    चौथा बैंक है बैंक ऑफ इंडिया (BOI), जो 7.60% की शुरुआती ब्याज दर पर नई कार लोन दे रहा है। इस बैंक में ब्याज Daily Reducing Balance के आधार पर लिया जाता है, यानी हर घटते बैलेंस पर ब्याज कम होता जाता है। प्रोसेसिंग चार्ज लोन अमाउंट का 0.25% तक हो सकता है, जो ₹2,500 से ₹10,000 के बीच तय होता है। अगर आप इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीद रहे हैं, तो प्रोसेसिंग फीस में 50% की छूट भी मिलती है।

    अब अगर आप यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से ₹12 लाख का कार लोन 4 साल (48 महीने) के लिए लेते हैं, तो 7.50% की शुरुआती दर पर EMI की गणना के अनुसार आपकी मंथली EMI ₹29,014.68 बनेगी। इस लोन पर कुल ₹1,92,704.75 ब्याज देना होगा और आप बैंक को कुल ₹13,92,704.75 चुकाएंगे।

    इन सरकारी बैंकों के ऑफर खासकर उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद हैं जिनका CIBIL स्कोर अच्छा है और वे कम ब्याज दर पर EMI लेकर कार खरीदना चाहते हैं।

  • हाई बीपी का नया विलेन: ऑकलैंड यूनिवर्सिटी की रिसर्च में खुलासा, नमक ही नहीं दिमाग के खास सिग्नल भी हैं जिम्मेदार

    हाई बीपी का नया विलेन: ऑकलैंड यूनिवर्सिटी की रिसर्च में खुलासा, नमक ही नहीं दिमाग के खास सिग्नल भी हैं जिम्मेदार


    नई दिल्ली । हाई ब्लड प्रेशर को अब तक हम केवल ज्यादा नमक खाने, तला-भुना भोजन मोटापा और मानसिक तनाव के साथ जोड़कर देखते आए हैं। लेकिन ऑकलैंड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक ताज़ा स्टडी ने चिकित्सा जगत में खलबली मचा दी है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि हाई बीपी के पीछे केवल हमारा खानपान ही नहीं, बल्कि हमारे दिमाग की वायरिंग और उससे निकलने वाले सिग्नल भी एक बड़ी भूमिका निभाते हैं।

    क्या है दिमाग का वह हिस्सा जो बढ़ाता है बीपी

    वैज्ञानिकों के अनुसार दिमाग के निचले हिस्से में एक विशेष क्षेत्र होता है जिसे लैटरल पैराफेशियल रीजन कहा जाता है। आमतौर पर यह हिस्सा शरीर की उन प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है जो अपने आप होती हैं, जैसे सांस लेना, दिल का धड़कना और पाचन क्रिया। स्टडी में खुलासा हुआ है कि इसी क्षेत्र में मौजूद कुछ विशेष नसें ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार होती हैं। जब ये नसें जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, तो वे रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ने के संकेत भेजती हैं। वाहिकाओं के सिकुड़ने से रक्त का प्रवाह बाधित होता है और दबाव बढ़ जाता है, जिसे हम मेडिकल भाषा में हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं।

    अब तक की थ्योरी से कैसे अलग है यह रिसर्च

    अब तक डॉक्टरों का मानना था कि बीपी बढ़ने का मुख्य कारण किडनी की कार्यक्षमता में कमी या आर्टरीज में फैट का जमना है। लेकिन यह नई रिसर्च बताती है कि दिमागी नियंत्रण यदि दिमाग का लैटरल पैराफेशियल रीजन गलत सिग्नल भेज रहा है, तो स्वस्थ खानपान के बावजूद व्यक्ति का बीपी बढ़ सकता है। ऑटोमैटिक रिस्पॉन्स: कई बार शरीर बिना किसी बाहरी कारण जैसे नमक या गुस्सा के भी आंतरिक दिमागी संकेतों की वजह से हाइपरटेंशन का शिकार हो जाता है।

    एक्सपर्ट की सलाह: खुद को कैसे रखें सुरक्षित

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस नई रिसर्च के बाद अब बीपी के इलाज के तरीकों में बदलाव आ सकता है। केवल दवाएं ही नहीं बल्कि ‘न्यूरोलॉजिकल कंट्रोल पर भी ध्यान देना होगा। वर्तमान में खुद को सुरक्षित रखने के लिए आप ये कदम उठा सकते हैं ब्रीदिंग एक्सरसाइज: चूंकि यह हिस्सा सांस लेने को भी नियंत्रित करता है, इसलिए गहरी सांस लेने वाले व्यायाम दिमाग को शांत कर बीपी कम करने में मदद कर सकते हैं। माइंडफुलनेस योग और ध्यान के जरिए दिमाग के निचले हिस्से को रिलैक्स रखा जा सकता है। नियमित चेकअप: यदि खानपान सही होने के बाद भी बीपी बढ़ा हुआ है, तो डॉक्टर से न्यूरोलॉजिकल कारणों पर चर्चा करें।

  • WPL 2026 पॉइंट्स टेबल अपडेट: जीत का चौका लगाकर RCB प्लेऑफ के करीब, दिल्ली संकट में

    WPL 2026 पॉइंट्स टेबल अपडेट: जीत का चौका लगाकर RCB प्लेऑफ के करीब, दिल्ली संकट में

    नई दिल्ली।WPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का दबदबा लगातार बना हुआ है। स्मृति मंधाना की अगुवाई वाली RCB ने टूर्नामेंट के 11वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त देकर जीत का चौका लगाया। यह RCB की इस सीजन की लगातार चौथी जीत है और इसी के साथ टीम ने प्लेऑफ की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ा लिया है। खास बात यह है कि RCB टूर्नामेंट की शुरुआत से ही पॉइंट्स टेबल में पहले पायदान पर काबिज है।

    इस जीत के बाद RCB के खाते में 8 अंक हो गए हैं और टीम के ग्रुप स्टेज में अभी चार मुकाबले बाकी हैं। अगर RCB इनमें से सिर्फ एक मैच भी जीत लेती है, तो उसका प्लेऑफ टिकट लगभग पक्का हो जाएगा। इतना ही नहीं, स्मृति मंधाना की टीम की नजर सिर्फ क्वालिफिकेशन पर नहीं बल्कि टेबल टॉपर रहते हुए सीधे फाइनल में जगह बनाने पर भी टिकी हुई है।

    दिल्ली कैपिटल्स की बढ़ीं मुश्किलें
    वहीं जेमिमा रोड्रिग्स की कप्तानी वाली दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार बेहद भारी साबित हुई है। चार मैचों में यह उनकी तीसरी हार है, जिसके चलते टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच गई है। अब दिल्ली के खाते में सिर्फ 2 अंक हैं और नेट रन रेट भी माइनस में चला गया है। ऐसे में आगे एक भी हार दिल्ली को टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंचा सकती है। अब हर मुकाबला दिल्ली के लिए करो या मरो जैसा हो गया है।

    मुंबई इंडियंस भी दबाव में
    हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस को भी यूपी वॉरियर्स के खिलाफ लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। पांच मैचों में यह MI की तीसरी हार है। हालांकि इसके बावजूद टीम 4 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर बनी हुई है, लेकिन उसकी स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं कही जा सकती। आने वाले मुकाबलों में मुंबई को भी हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

    WPL 2026 पॉइंट्स टेबल अब तक
    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु – 4 मैच, 4 जीत, 8 अंक
    मुंबई इंडियंस – 5 मैच, 2 जीत, 4 अंक
    गुजरात जायंट्स – 4 मैच, 2 जीत, 4 अंक
    यूपी वॉरियर्स – 5 मैच, 2 जीत, 4 अंक
    दिल्ली कैपिटल्स – 4 मैच, 1 जीत, 2 अंक

    कैसा रहा RCB बनाम DC मुकाबला?
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले में ही टीम ने अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। हालांकि शैफाली वर्मा ने एक छोर संभालते हुए 62 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को संभाला। अंत में लूसी हैमिल्टन ने 19 गेंदों पर 36 रन बनाकर दिल्ली को 20 ओवर में 166 रन तक पहुंचाया।

    167 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB के लिए कप्तान स्मृति मंधाना ने कप्तानी पारी खेली। उन्होंने 96 रनों की शानदार इनिंग खेली और अपने पहले WPL शतक से सिर्फ 4 रन दूर रह गईं। उनके साथ जॉर्जिया वोल ने 54 रनों की बेहतरीन पारी खेली। दोनों के बीच शतकीय साझेदारी हुई जिससे RCB ने 10 गेंद शेष रहते ही मैच अपने नाम कर लिया।RCB का यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि टीम इस सीजन खिताब की सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभर रही है।

  • धर्मेंद्र के निधन के बाद जुहू वाला बंगला होगा और बड़ा, देओल परिवार के लिए जोड़ा जा रहा है नया फ्लोर

    धर्मेंद्र के निधन के बाद जुहू वाला बंगला होगा और बड़ा, देओल परिवार के लिए जोड़ा जा रहा है नया फ्लोर


    नई दिल्ली।बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। 24 नवंबर को उन्होंने अपने मुंबई स्थित जुहू वाले घर में अंतिम सांस ली। यह वही घर है जहां उन्होंने अपने परिवार के साथ जिंदगी के कई यादगार पल बिताए। धर्मेंद्र के जाने के बाद अब इसी घर को और    बड़ा  करने का फैसला लिया गया है। जानकारी के मुताबिक उनके जुहू स्थित बंगले में एक नया फ्लोर जोड़ा जा रहा है जिसके लिए पिछले कुछ समय से रेनोवेशन का काम जारी है।धर्मेंद्र का यह बंगला हमेशा से देओल परिवार का केंद्र रहा है। इसी घर में उनके बेटे सनी देओल और बॉबी देओल अपने-अपने परिवारों के साथ रहते हैं। अब परिवार के बढ़ते आकार और जरूरतों को देखते हुए घर को और विस्तार देने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला धर्मेंद्र के निधन के बाद लिया गया ताकि पूरा परिवार एक साथ आराम से रह सके।

    घर में जोड़ा जा रहा है नया फ्लोर
    सेलेब्रिटी जर्नलिस्ट विक्की लालवानी की रिपोर्ट के अनुसार धर्मेंद्र के जुहू वाले बंगले में एक अतिरिक्त फ्लोर जोड़ा जा रहा है। हाल ही में घर के बाहर क्रेन देखी गई जिससे साफ हो गया कि निर्माण कार्य जोरों पर है। बंगले के कंपाउंड एरिया में भी लगातार काम होता नजर आ रहा है।   ईटाइम्स ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि परिवार के बच्चे अब बड़े हो रहे हैं और उन्हें ज्यादा स्पेस की जरूरत है। इसी वजह से घर के विस्तार का फैसला लिया गया है।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यहरेनोवेशन और कंस्ट्रक्शन का काम अगले चार से पांच महीनों तक चल सकता है। इस दौरान परिवार घर में रहते हुए ही काम पूरा कराएगा।

    मॉडर्न डिजाइन वाला देओल परिवार का आशियाना
    धर्मेंद्र का जुहू वाला बंगला मॉडर्न डिजाइन और सादगी का खूबसूरत मेल है। इस घर में सनी देओल अपनी पत्नी पूजा देओल दोनों बेटे और बहू के साथ रहते हैं। वहीं बॉबी देओल की पत्नी तान्या देओल और उनके दोनों बेटे भी इसी बंगले में रहते हैं। इसके अलावा धर्मेंद्र की पत्नी प्रकाश कौर उनकी बहन और बहन के बच्चे भी इसी घर का हिस्सा हैं।इतने बड़े परिवार के लिए अब यह बंगला छोटा पड़ने लगा था। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक और फ्लोर जोड़ने का फैसला लिया गया। खास बात यह है कि इस घर के इंटीरियर को डिजाइन करने की जिम्मेदारी बॉबी देओल की पत्नी तान्या देओल ने निभाई है जिन्होंने इसे एक मॉडर्न लेकिन फैमिली-फ्रेंडली लुक दिया है।

    धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म और आगे का सफर

    गौरतलब है कि धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को हुआ था। उनके जाने के बाद उन्हें आखिरी बार फिल्म इक्कीस में देखा गया जो बॉक्स ऑफिस पर भले ही खास कमाल न दिखा पाई लेकिन उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों और समीक्षकों से खूब सराहना मिली। वहीं अब उनके बेटे सनी देओल जल्द ही अपनी अपकमिंग फिल्म बॉर्डर 2 के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं।धर्मेंद्र भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनका जुहू वाला यह बंगला आज भी देओल परिवार की यादों और विरासत का सबसे बड़ा प्रतीक बना हुआ है।

  • कोहरे की चादर में दिल्ली: विजिबिलिटी हुई 'शून्य', प्रदूषण ने फिर डराया, राजधानी में GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू+

    कोहरे की चादर में दिल्ली: विजिबिलिटी हुई 'शून्य', प्रदूषण ने फिर डराया, राजधानी में GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू+


    नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली इस समय दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ जहां रविवार सुबह दिल्ली भीषण कोहरे की सफेद चादर में लिपटी नजर आई, वहीं दूसरी तरफ जानलेवा प्रदूषण के चलते प्रशासन को एक बार फिर सबसे सख्त पाबंदियां यानी GRAP-4 लागू करना पड़ा है। मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक के गंभीर श्रेणी में पहुँचने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कोहरे का कहर सफदरजंग में दृश्यता जीरो रविवार की सुबह दिल्ली के लिए बेहद धुंधली रही। शनिवार रात से शुरू हुआ कोहरा सुबह होते-होते इतना घना हो गया कि सफदरजंग जैसे इलाकों में विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई। पालम में दृश्यता 350 मीटर रही, जबकि अक्षरधाम, डीएनडी और बारापुला जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की दिशा बदलने और नमी के उच्च स्तर 100% के कारण यह स्थिति बनी है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने और केवल बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

    तापमान का खेल: धूप की गर्मी और सुबह की ठिठुरन दिल्ली के मौसम में अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। शनिवार को दिनभर खिली तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक यानी 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, रात और सुबह की गलन बरकरार है, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 17 से 20 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में थोड़ी वृद्धि होगी और हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन 23 से 26 जनवरी के बीच एक और शीतलहर दस्तक दे सकती है। प्रदूषण का ‘इमरजेंसी’ लेवल: फिर लागू हुआ GRAP-4 हवा की धीमी गति और पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली की आबोहवा फिर से जहरीली हो गई है। शनिवार रात दिल्ली का औसत AQI 428 तक पहुँच गया। स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग CAQM ने 24 दिन बाद फिर से GRAP-4 लागू करने का निर्णय लिया है।

    GRAP-4 के तहत क्या हैं नई पाबंदियां

    ट्रकों पर बैन: आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी भारी वाहनों और ट्रकों के दिल्ली प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। निर्माण कार्य ठप: दिल्ली-एनसीआर में सभी तरह के निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। स्कूलों के लिए निर्देश: कक्षा 6वीं, 7वीं, 8वीं और 11वीं के लिए हाइब्रिड मोड ऑनलाइन ऑफलाइन में पढ़ाई के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक कोहरे और प्रदूषण का यह गठजोड़ दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ाए रखेगा। अधिकारियों ने बुजुर्गों और सांस के मरीजों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।

  • Republic Day of india: 26 जनवरी को देखना चाहते हैं परेड तो इन बातों का रखें खास खयाल

    Republic Day of india: 26 जनवरी को देखना चाहते हैं परेड तो इन बातों का रखें खास खयाल

    नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के लिए दिल्ली में चाक चौबंद सुरक्षा तैयारियों को फाइनल टच दिया जा रहा है। लगातार मिल रहे खुफिया अलर्ट से दिल्ली पुलिस सतर्क है। 26 जनवरी और बीटिंग रिट्रीट के दौरान दिल्ली से जुड़े सभी राज्यों के बॉर्डर पर पैनी नजर रहेगी। सूत्रों से पता चला कि आईबी ने लाल किला पर हुए फिदायीन अटैक जैसे खतरे को लेकर आगाह किया है। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सुरक्षा एजेंसियों की जूते और जैकेट पर पैनी नजर रहेगी। सुरक्षा तैयारियों की इस कड़ी में 26 और 29 जनवरी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई क्षेत्र में अस्थायी प्रतिबंध लागू रहेंगे।
    पहचान पत्र साथ रखना जरूरी
    इन प्रतिबंधों के बीच 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाले परेड में सुरक्षा जांच को आसान बनाने के लिए कोशिश की जा रही है कि लोग कम सामान लेकर जाएं। आप अपने बैग में सिर्फ आईडी कार्ड, मोबाइल फोन, जरूरी डॉक्यूमेंट और पानी की छोटी बोतल जैसी जरूरी चीजें ही रखें। पुलिस का कहना है कि परेड देखने आने वालों को पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है। गणतंत्र दिवस परेड 2026 की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम’ रखी गई है।
    भूलकर भी साथ न ले जाएं ये चीजें
    सुरक्षा कारणों से कई चीजों पर पूरी तरह रोक रहेगी। अगर आप इनमें से कोई भी सामान साथ ले जाते हैं, तो पुलिस रोक सकती है। ऐसे में हथियार, चाकू, ब्लेड, कैंची या कोई भी तेजधार वाली चीज, भारी बैग या बड़ा बैकपैक, नेल, कटर, शराब, सिगरेट या किसी भी तरह का नशीला पदार्थ, ज्वलनशील सामान जैसे माचिस, लाइटर, इसके अलावा बिना परमिशन के पावर बैंक, सेल्फी स्टिक और लेजर लाइट, ड्रोन या कोई प्रोफेशनल कैमरा इन चीजों को भूलकर भी साथ न ले जाएं।
  • 16 साल की उम्र में सलमान को काम देने का दावा? हिमेश रेशमिया ने खुद बताई पूरी सच्चाई

    16 साल की उम्र में सलमान को काम देने का दावा? हिमेश रेशमिया ने खुद बताई पूरी सच्चाई


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो वक्त के साथ किंवदंती बन जाते हैं और सलमान खान और हिमेश रेशमिया का रिश्ता भी उन्हीं में से एक है। लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि सलमान खान ने ही हिमेश रेशमिया को फिल्म इंडस्ट्री में ब्रेक दिया था। खुद हिमेश भी कई बार इस बात को स्वीकार कर चुके हैं। लेकिन इसके साथ-साथ एक दिलचस्प अफवाह यह भी उड़ती रही कि हिमेश रेशमिया ने महज 16 साल की उम्र में सलमान खान को अपनी एक फिल्म में बतौर लीड एक्टर साइन कर लिया था। आखिर इस दावे में कितनी सच्चाई हैइसका जवाब खुद हिमेश ने एक लोकप्रिय चैट शो में दिया।

    कॉमेडी किंग कपिल शर्मा के शो पर जब हिमेश रेशमिया से यह सीधा सवाल किया गया कि क्या उन्होंने 16 साल की उम्र में सलमान खान को अपनी फिल्म में साइन किया थातो हिमेश ने मुस्कुराते हुए उस दौर की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि तकनीकी रूप से साइनिंग उनके पिता ने की थी। हिमेश ने कहा कि उस फिल्म का नाम युवा थाजो कभी बन नहीं पाई। उस वक्त वह बेहद कम उम्र के थेलेकिन म्यूजिक के लिए उनका जुनून साफ नजर आता था। उन्होंने बताया कि उस समय तक वह 200-300 गाने कंपोज कर चुके थे।

    हिमेश के मुताबिकसलमान खान ने वे गाने सुने थे और उन्हें पसंद भी किया था। हालांकि फिल्म आगे नहीं बढ़ पाईलेकिन सलमान के मन में हिमेश की मेहनत और टैलेंट की छाप रह गई। इसके बाद हिमेश टीवी इंडस्ट्री में चले गए और सीरियल प्रोडक्शन से जुड़ गए। म्यूजिक उनका पैशन थालेकिन उन्होंने तय किया था कि वह तभी फिल्मों में म्यूजिक देंगे जब उनका गाना किसी फिल्म का हिस्सा बनेगा।यहीं से कहानी एक अहम मोड़ लेती है। हिमेश ने बताया कि सलमान खान को वह शुरुआती मुलाकातें और गाने आज भी याद थे। इसी भरोसे के चलते सलमान ने उन्हें फिल्म प्यार किया तो डरना क्या का टाइटल सॉन्ग ऑफर किया। यह जिम्मेदारी आसान नहीं थीक्योंकि इसी नाम से मुगल-ए-आजम का ऐतिहासिक हिट गाना पहले से मौजूद था। हिमेश के लिए यह करियर का पहला बड़ा मौका था और असफलता का मतलब सब कुछ खत्म हो सकता था।

    लेकिन किस्मत और मेहनत दोनों ने साथ दिया। जब यह गाना सलमान खान और सलीम खान को सुनाया गयातो सलीम साहब ने खड़े होकर तालियां बजाईं। यही पल हिमेश रेशमिया के करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया। पहला गाना सुपरहिट हुआ और इसके बाद हिमेश ने एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर गाने दिए। एक समय ऐसा भी आया जब बॉलीवुड में शायद ही कोई फिल्म होती थी जिसमें हिमेश का म्यूजिक न हो।

    हालांकियह चमक ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। जब हिमेश ने यह शर्त रखी कि वह सिर्फ उन्हीं फिल्मों में गाने गाएंगे जिनमें वह खुद अभिनय करेंगेतब उनके करियर का ग्राफ नीचे आने लगा। मेकर्स ने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू कर दिए और धीरे-धीरे उनके गाने कम होते चले गए।इसके बावजूदयह कहना गलत नहीं होगा कि सलमान खान और हिमेश रेशमिया की यह कहानी बॉलीवुड में संघर्षमौके और कृतज्ञता की एक मिसाल बन चुकी है।

  • दिल्ली में राशन कार्ड पर बड़ी कार्रवाई: 8 लाख कार्ड रद्द, आय सीमा बढ़कर हुई 1.20 लाख; अब नए पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ

    दिल्ली में राशन कार्ड पर बड़ी कार्रवाई: 8 लाख कार्ड रद्द, आय सीमा बढ़कर हुई 1.20 लाख; अब नए पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ


    नई दिल्ली । दिल्ली की सियासत और जनहित से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। सरकार ने एक तरफ जहाँ राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय की सीमा बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर अपात्र लोगों पर गाज गिराते हुए 8 लाख से अधिक कार्ड रद्द कर दिए हैं। इस कदम से वर्षों से राशन के इंतजार में बैठे लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण जगी है।

    आय सीमा में बढ़ोतरी, अब 1.20 लाख वाले भी पात्र मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली में राशन कार्ड के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के दायरे को बढ़ाना है ताकि बढ़ती महंगाई के बीच मध्यम-निम्न आय वर्ग के अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त या सस्ता अनाज मिल सके। सत्यापन में खुली पोल: 8.27 लाख लाभार्थी सूची से बाहर सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा डेटा की गहन जांच और फिजिकल वेरिफिकेशन कराया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच के बाद कुल 8,27,756 स्थान रिक्त हुए हैं।

    6.46 लाख लोगों की आय मानकों से अधिक पाई गई।

    23,394 लाभार्थियों के नाम दोहराव में दर्ज थे। 6,185 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाया जा रहा था। 95,682 लोग लंबे समय से राशन नहीं ले रहे थे, जिनमें से 56 हजार से अधिक ने खुद को सिस्टम से बाहर करने का अनुरोध किया। पहले आओ-पहले पाओ सिस्टम खत्म, अब DM करेंगे फैसला सरकार ने राशन कार्ड जारी करने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। अब प्राथमिकता जिला स्तर पर गठित कमेटियों द्वारा तय की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट या अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली यह समिति स्थानीय विधायकों और अधिकारियों के साथ मिलकर आवेदनों की जांच करेगी। साथ ही, भविष्य की रिक्तियों को भरने के लिए 20 प्रतिशत की एक वेटिंग लिस्ट भी तैयार रखी जाएगी।

    कौन होगा अपात्र? कड़े किए गए नियम मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब राशन कार्ड बनवाने के लिए राजस्व विभाग का आय प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। निम्नलिखित श्रेणियों को अपात्र माना जाएगा दिल्ली की ए से ई श्रेणी की पॉश कॉलोनियों में संपत्ति रखने वाले। आयकर दाता । चारपहिया वाहन मालिक व्यावसायिक वाहन को छोड़कर । सरकारी कर्मचारी के परिवार। किलोवाट से अधिक बिजली कनेक्शन वाले घर। विपक्ष का हमला: कांग्रेस ने बताया जटिल प्रक्रिया सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को जानबूझकर जटिल बना रही है। उन्होंने मांग की कि यह सुविधा हर विधानसभा क्षेत्र में सुलभ होनी चाहिए ताकि गरीबों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। वर्तमान में दिल्ली में करीब 11.65 लाख लोग राशन कार्ड मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिनके लिए रिक्त हुए ये 8 लाख स्थान बड़ी राहत साबित हो सकते हैं।

  • धर्म प्रचार छोड़ने पर साध्वी हर्षा पर हमला, संत समाज से बहिष्कार, सोशल मीडिया पर गालियां और धमकियां!

    धर्म प्रचार छोड़ने पर साध्वी हर्षा पर हमला, संत समाज से बहिष्कार, सोशल मीडिया पर गालियां और धमकियां!



    नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में साध्वी हर्षा रिछारिया ने भारी मन से घोषणा की कि वह धर्म प्रचार का काम छोड़कर वापस अपने पुराने पेशे एंकरिंग में लौट रही हैं। हर्षा का कहना है कि धर्म प्रचार के दौरान उन्हें संत समाज से न सिर्फ स्वीकृति नहीं मिली, बल्कि धमकियां, गंदी-गंदी बातें और धर्म परिवर्तन के ऑफर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें “धर्म छोड़कर लौट रही” मानकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और दूसरे धर्म के लोगों को भी उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है।
    हर्षा ने स्पष्ट किया कि वह सनातनी हैं और हमेशा रहेंगी, लेकिन इस मानसिक उत्पीड़न को वह और बर्दाश्त नहीं कर सकतीं।

    हर्षा रिछारिया का नाम देशभर में तब चर्चा में आया जब 4 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में वह निरंजनी अखाड़े की भव्य पेशवाई में संतों के साथ रथ पर सवार दिखाई दीं। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और लोग उन्हें ‘महाकुंभ की सबसे सुंदर साध्वी’ कहने लगे। लेकिन इसी प्रसिद्धि के साथ विवाद भी जुड़ गया। कुछ धार्मिक गुरुओं ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि यह “धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना” है और इससे समाज में गलत संदेश फैलता है।

    हर्षा ने बताया कि इस लोकप्रियता के बाद उन्हें संत समाज में स्वीकृति नहीं मिली। जब भी वह किसी संत से मिलने जातीं, तो उन्हें घंटों इंतजार कराया जाता। उनके पुराने एंकरिंग पेशे को लेकर उन्हें ‘पाप’ का भाव दिया जाता और उनसे सफाई मांगी जाती।

    हर्षा ने कहा कि उन्हें अपने पुराने पेशे पर गर्व है और वही पेशा उन्हें पहचान देता था, लेकिन धर्म के रास्ते पर आने के बाद उन्हें संदेह, तिरस्कार और भेदभाव का सामना करना पड़ा।

    हर्षा का आरोप है कि कुछ धार्मिक ठेकेदार और संत उनके खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। दिसंबर 2025 में माघ मेले में शिविर लगाने के लिए जमीन न मिलने की घटना उन्हें सबसे ज्यादा आहत कर गई। उन्होंने बताया कि शुरुआत में अधिकारियों ने उन्हें जमीन देने का आश्वासन दिया, लेकिन जैसे ही कुछ प्रभावशाली संतों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने अधिकारियों पर दबाव बनाया और जमीन आवंटन की प्रक्रिया रोक दी गई। हर्षा ने कहा कि उन्होंने कभी श्रद्धालुओं से एक पैसा नहीं लिया और सारी व्यवस्था अपने खर्च पर चलाती थीं।

    हर्षा का मानना है कि जब कोई लड़की धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ती है, तो कुछ लोग उसे नीचे गिराने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ उत्पीड़न इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्हें “धर्म प्रचार छोड़ने” की बात कहते हुए लोगों को बहस का मौका मिल गया। हर्षा ने यह भी कहा कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा धर्म परिवर्तन के ऑफर दिए जा रहे हैं और धमकी भरे संदेश भी मिल रहे हैं।

    अंत में हर्षा ने युवाओं और महिलाओं को सलाह दी कि धर्म से जुड़ने के लिए अपने परिवार और घर के मंदिर तक ही सीमित रहें और किसी के पीछे अंधे होकर न चलें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिर्फ धर्म का प्रचार छोड़ा है, सनातन धर्म नहीं। साथ ही कहा कि अगर भविष्य में परिस्थितियां बदलती हैं, तो वह फिर से इस मार्ग पर लौट सकती हैं।

  • धार पुलिस का अलर्ट मोड: बसंत पंचमी और जुमा के बीच शांति बनाए रखने के लिए भारी बल

    धार पुलिस का अलर्ट मोड: बसंत पंचमी और जुमा के बीच शांति बनाए रखने के लिए भारी बल


    नई दिल्ली।  धार जिले में 23 जनवरी, शुक्रवार को बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक ही दिन होने जा रही है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना इस बार प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    भोज उत्सव समिति ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड हवन-पूजन का आयोजन किया जाएगा। समिति ने स्पष्ट किया है कि यह पूजा बिना किसी रुकावट के संपन्न कराई जाएगी। वहीं, शुक्रवार होने के कारण दोपहर 1 बजे से भोजशाला परिसर में मुस्लिम समुदाय द्वारा जुमे की नमाज अदा की जाएगी। दोनों धर्मों के कार्यक्रमों का एक ही दिन होना प्रशासन के लिए अतिरिक्त सतर्कता का कारण है।

    8 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

    स्थिति को देखते हुए भोजशाला क्षेत्र, शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे जिले में लगभग 8 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिसमें जिला पुलिस के साथ-साथ रिजर्व और रिप्लेसमेंट फोर्स भी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजन शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न हों।

    फ्लैग मार्च से बढ़ाई सतर्कता

    बसंत पंचमी के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने रविवार को फ्लैग मार्च भी निकाला। यह मार्च किला ग्राउंड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। मार्च में स्थानीय पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), वज्र वाहन और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस ने आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिया और असामाजिक तत्वों को साफ संदेश दिया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    शांति बनाए रखना चुनौती

    भोजशाला में होने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन की नजर हर जगह रहेगी। पुलिस ने बताया कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त फोर्स भी तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, शहर के प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस लगातार गश्त करेगी, ताकि दोनों समुदाय अपने कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से अदा कर सकें।

    आम नागरिकों के लिए संदेश

    पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सहयोग करें और किसी भी असामाजिक गतिविधि या अफवाह को फैलाने से बचें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को तुरंत रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया जाएगा। प्रशासन ने यह भी कहा कि बसंत पंचमी और जुमा की नमाज के दौरान पूरे जिले में सख्त निगरानी रहेगी, ताकि हर धार्मिक आयोजन सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

    प्रशासन का मुख्य संदेश

    इस बार प्रशासन का मुख्य संदेश है कि धार जिले में किसी भी तरह की धार्मिक तनाव या अव्यवस्था नहीं बर्दाश्त की जाएगी। बसंत पंचमी और जुमा दोनों ही कार्यक्रमों में आम नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता होगी। साथ ही, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संवेदनशील स्थानों पर तैनाती बढ़ाई गई है, और किसी भी असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

    धार जिले में 23 जनवरी को होने वाले इन दोनों कार्यक्रमों पर प्रशासन की यह तैयारी सुरक्षा और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी को दर्शाती है। जिले में कुल मिलाकर 8 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और रिजर्व फोर्स के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे, ताकि हर धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।