Author: bharati

  • ओटीटी पर अनिल कपूर की एंट्री, 'फेमिली बिजनेस' का टीजर रिलीज

    ओटीटी पर अनिल कपूर की एंट्री, 'फेमिली बिजनेस' का टीजर रिलीज

    बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर एक बार फिर दर्शकों को नए और अलग अंदाज में नजर आने वाले हैं। उनकी आगामी वेब सीरीज ‘फेमिली बिजनेस’ का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है और नेटफ्लिक्स पर इसका टीजर भी जारी हो चुका है। इस सीरीज का निर्माण विक्रम मल्होत्रा, हंसल मेहता और निरेन भट्ट ने मिलकर किया है। टीजर में अनिल कपूर के साथ विजय वर्मा मुख्य भूमिका में दिखाई दे रहे हैं।

    ‘फेमिली बिजनेस’ की कहानी बाप-बेटे के रिश्ते और उनके बीच चलने वाली तकरार पर आधारित है। अनिल कपूर इसमें जेह डावर का किरदार निभा रहे हैं, जबकि विजय वर्मा उनके बेटे सिड मल्होत्रा की भूमिका में नजर आएंगे। कहानी एक अमीर घराने के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां पैसों और सत्ता की लड़ाई में रिश्तों की अहमियत कम हो जाती है और बाप-बेटे भी एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हो जाते हैं।

    इस सीरीज के जरिए रिया चक्रवर्ती लंबे समय बाद अभिनय की दुनिया में वापसी कर रही हैं। उनके अलावा नेहा धूपिया, राइमा सेन और नंदिश संधू जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। दमदार स्टारकास्ट और अलग विषयवस्तु के चलते ‘फैमिली बिजनेस’ को लेकर दर्शकों में पहले से ही खासा उत्साह देखा जा रहा है।

  • हरिद्वार में डॉ. मोहन यादव का 'शीर्षासन' अवतार: बाबा रामदेव के साथ किया कठिन योगाभ्यास; मुख्यमंत्री की सादगी और फिटनेस देख दंग रह गए लोग

    हरिद्वार में डॉ. मोहन यादव का 'शीर्षासन' अवतार: बाबा रामदेव के साथ किया कठिन योगाभ्यास; मुख्यमंत्री की सादगी और फिटनेस देख दंग रह गए लोग


    हरिद्वार/भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने हरिद्वार प्रवास के दौरान एक बिल्कुल नए और ऊर्जावान रूप में नजर आए। पतंजलि योगपीठ पहुँचकर मुख्यमंत्री ने न केवल बाबा रामदेव से भेंट की, बल्कि उनके साथ योग के कठिन आसनों का अभ्यास भी किया। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री और बाबा रामदेव की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दोनों एक साथ ‘शीर्षासन’ करते दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री को इस कठिन मुद्रा में देखकर हर कोई हैरान है, क्योंकि शीर्षासन में महारत हासिल करना बिना नियमित अभ्यास के संभव नहीं है।

    योग के प्रति समर्पण और फिटनेस का संदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा रामदेव के साथ योगपीठ में विभिन्न प्राणायाम और आसनों का अभ्यास किया। डॉ. मोहन यादव का यह रूप संदेश देता है कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद नियमित रूप से योग को समय देते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भारतीय योग संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने के लिए ‘आधुनिक युग का भागीरथ’ करार दिया।

    संस्कार और सरलता: जब खुद के आसन पर बाबा को बिठाया

    योग अभ्यास के अलावा, मुख्यमंत्री ने अपनी सरलता और सनातन संस्कारों से भी वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। कन्या गुरुकुल में आयोजित हवन कार्यक्रम के दौरान एक प्रेरक वाकया सामने आया। जब मुख्यमंत्री यज्ञ वेदी के समीप पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि उनके लिए एक विशेष आसन बिछाया गया है। मुख्यमंत्री ने तुरंत वह आसन सम्मानपूर्वक बाबा रामदेव को दे दिया और स्वयं बिना किसी आसन के जमीन पर बैठ गए। डॉ. मोहन यादव का यह व्यवहार उनके सहज व्यक्तित्व और संतों के प्रति उनके गहरे सम्मान को प्रदर्शित करता है।

    कन्या गुरुकुल में हवन और सनातन का सम्मान
    मुख्यमंत्री ने हरिद्वार दौरे के दौरान कन्या गुरुकुल का भ्रमण किया और वहां हो रहे हवन-पूजन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का मिलन ही भारत को विश्व गुरु बनाएगा। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने न केवल मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती दी है, बल्कि युवाओं को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा भी दी है।

  • रेत खनन पर NGT का बड़ा प्रहार: 9 मंजूरियां अवैध घोषित; कहा बिना सिया के मूल्यांकन के खनन हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई

    रेत खनन पर NGT का बड़ा प्रहार: 9 मंजूरियां अवैध घोषित; कहा बिना सिया के मूल्यांकन के खनन हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई


    भोपाल। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण NGT की सेंट्रल जोन बेंच ने मध्य प्रदेश में रेत खनन को लेकर चल रही मनमानी पर कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने सीधे तौर पर रेत खनन से जुड़ी 9 मंजूरियों को अवैध करार देते हुए उन्हें शून्य घोषित कर दिया है। न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि ये मंजूरियां स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी के अनिवार्य मूल्यांकन के बिना ही सीधे प्रमुख सचिव के अनुमोदन से जारी कर दी गई थीं, जो पर्यावरण नियमों का खुला उल्लंघन है।

    क्या था पूरा विवाद?

    मामले की जड़ साल 2025 के उस घटनाक्रम में है जब मार्च से मई के बीच सिया की कोई बैठक आयोजित नहीं हो सकी थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तत्कालीन अध्यक्ष एस.एन.एस. चौहान लगातार बैठक बुलाने के लिए मेंबर सेक्रेटरी को पत्र लिखते रहे, लेकिन प्रशासनिक खींचतान और अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण प्रक्रिया ठप रही। इसी दौरान, पर्यावरण विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव के अनुमोदन पर प्रभारी मेंबर सेक्रेटरी ने 23 मई को 237 डीम्ड मंजूरियां आनन-फानन में जारी कर दीं। यह मामला पहले सुप्रीम कोर्ट पहुँचा और अब एनजीटी ने प्रक्रियागत खामियों को देखते हुए इन मंजूरियों को रद्द कर दिया है।

    NGT की सख्त टिप्पणी: सिया की स्वीकृति अनिवार्य
    एनजीटी ने अपने आदेश में साफ कहा है कि किसी भी खदान में खनन कार्य शुरू करने से पहले सिया की तकनीकी और पर्यावरणीय स्वीकृति अनिवार्य है। बिना सूक्ष्म परीक्षण और जांच के किसी भी परियोजना को अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायाधिकरण ने इन सभी विवादित मामलों को दोबारा विचार करने के लिए सिया के पास वापस भेज दिया है। जब तक सिया इन पर नए सिरे से मूल्यांकन कर मंजूरी नहीं देती, तब तक इन खदानों में किसी भी प्रकार का खनन कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

    समझें क्या है सिया और इसकी भूमिका?
    सिया यानी स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी एक ऐसी संवैधानिक संस्था है जो प्रदेश स्तर पर विकास परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करती है। भारत सरकार के नियमों के मुताबिक, बड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्रीय स्तर पर मंजूरी ली जाती है, जबकि राज्य स्तरीय परियोजनाओं जैसे रेत खनन के लिए सिया को शक्तियां दी गई हैं। इसकी प्रक्रिया में विशेषज्ञों द्वारा स्थल निरीक्षण और डेटा का परीक्षण शामिल होता है, जिसे बाईपास करना कानूनन अपराध है।एनजीटी के इस फैसले से मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अब उन सभी ठेकेदारों को अपनी खदानें बंद करनी होंगी जिनकी मंजूरियां इस विवादित प्रक्रिया के तहत जारी हुई थीं।

  • दो दीवाने सहर में' का ट्रेलर रिलीज, 20 फरवरी को सिनेमाघरों में देगी दस्तक

    दो दीवाने सहर में' का ट्रेलर रिलीज, 20 फरवरी को सिनेमाघरों में देगी दस्तक

    ज़ी स्टूडियोज और भंसाली प्रोडक्शंस की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है। टीजर ने जहां भावनात्मक माहौल बनाया था, वहीं ट्रेलर इस कहानी की दुनिया को और गहराई से दिखाता है। सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर स्टारर यह फिल्म रोमांस को किसी सपनीली परीकथा की तरह नहीं, बल्कि असल जिंदगी के अनुभव की तरह पेश करती नजर आ रही है। यह फिल्म 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

    फिल्म की कहानी शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच पनपते एक रिश्ते पर आधारित है। ट्रेलर में दो ऐसे किरदारों की मुलाकात दिखाई गई है, जो एक-दूसरे को बदलने नहीं, बल्कि समझने की कोशिश करते हैं। उनकी नज़दीकियां शोर-शराबे से नहीं, बल्कि खामोश पलों, अधूरी बातों और छोटी-छोटी भावनात्मक झलकियों से बनती हैं। यह रिश्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ता है और हर मोड़ पर अपने साथ एक नया एहसास छोड़ जाता है।

    सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है। दोनों ऐसे किरदार निभा रहे हैं जो खुद को समझने की प्रक्रिया में हैं, और इसी सफर में एक-दूसरे से जुड़ते हैं। फिल्म का निर्देशन रवि उद्यावर ने किया है, जबकि संजय लीला भंसाली, प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भारत कुमार रंगा इसके निर्माता हैं।

  • ग्रीस में कोस्ट गार्ड के जहाज की प्रवासी नाव से टक्कर में 15 लोगों की मौत

    ग्रीस में कोस्ट गार्ड के जहाज की प्रवासी नाव से टक्कर में 15 लोगों की मौत

    एथेंस । ग्रीस और तुर्किये के मध्य स्थित एजियन सागर में चियोस द्वीप के तट पर ग्रीक कोस्ट गार्ड के एक गश्ती जहाज एवं प्रवासियों और शरणार्थियों को ले जा रही एक नाव के बीच टक्कर में 15 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 14 के शव समुद्र से बरामद किए गए।

    ग्रीक नेशनल ब्रॉडकास्टर ईआरटी की रिपोर्ट के अनुसार, बचाए गए 24 प्रवासियों में से एक की पास के अस्पताल में चोटों के कारण मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में 11 पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं।

    यह दुर्घटना स्थानीय समय के अनुसार रात लगभग 9:00 बजे हुई। घायलों में कई बच्चे और दो गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। दोनों महिलाएं चोट सह नहीं पाईं और कथित तौर पर गर्भपात हो गया। नेशनल इमरजेंसी एड सेंटर के अनुसार, बचाए गए ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें आईं। कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। खोज और बचाव अभियान जारी है। इस अभियान में चार कोस्ट गार्ड जहाज, स्वयंसेवी गोताखोरों को ले जा रही एक निजी नाव और एक हेलेनिक वायु सेना का हेलीकॉप्टर शामिल हैं।

    ग्रीक के सरकारी रेडियो ईपीटी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, घायलों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। रात लगभग 12 बजे घायलों में से एक महिला को चियोस अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में दस बच्चे हैं। इसी बीच, दो कोस्ट गार्ड अधिकारी भी घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। ओइनौसेस के मेयर जियोर्गोस डैनियल ने कहा कि गश्ती जहाज ओइनौसेस में था। उसी ने प्रवासी नाव को देखा।

    ग्रीक के समाचार आउटलेट प्रोटोथेमा की रिपोर्ट के अनुसार, चियोस का यह वाकया कोस्ट गार्ड और प्रवासी तस्करों के बीच हुई टक्कर का नतीजा है। कोस्ट गार्ड के गश्ती जहाज पर छोटी नाव पर सवार तस्करों ने ही पैंतरेबाजी करते हुए टक्कर मारी। इससे अफरातफरी मच गई। कोस्ट गार्ड की कार्रवाई में कई प्रवासी मारे गए। कई घायल हो गए। यह लोग मर्सिनिडी इलाके के बताए गए हैं। इस दौरान गोलीबारी की भी खबरें हैं। मगर इनकी पुष्टि नहीं हो सकी है। कहा जा रहा है कि नाव में लगभग 35 लोग सवार थे।

  • एमपी कैडर के IFS अधिकारी विपिन पटेल का अचानक इस्तीफा: निजी कारणों का दिया हवाला; जबलपुर में पदस्थापना के दौरान छोड़ी सेवा

    एमपी कैडर के IFS अधिकारी विपिन पटेल का अचानक इस्तीफा: निजी कारणों का दिया हवाला; जबलपुर में पदस्थापना के दौरान छोड़ी सेवा


    भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश प्रशासन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी विपिन पटेल ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। साल 2013 बैच के अधिकारी विपिन पटेल ने अचानक सेवा छोड़ने का निर्णय लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उन्होंने अपना आधिकारिक त्यागपत्र PCCF प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स को भेज दिया है।

    निजी कारणों से लिया फैसला

    विपिन पटेल ने अपने इस्तीफे के पीछे पूरी तरह से ‘निजी कारणों’ का हवाला दिया है। उन्होंने विभाग को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट किया कि वे 4 फरवरी 2026 से अपनी सेवाओं को पूर्ण विराम देना चाहते हैं और इसी तारीख से सेवा से मुक्त होने की इच्छा जताई है। हालांकि, इतने वरिष्ठ स्तर के अधिकारी का अचानक इस्तीफा देना कई सवाल भी खड़े कर रहा है, लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

    जबलपुर में थे पदस्थ, कई जिलों में रहा लंबा अनुभव

    इस्तीफा देने के समय विपिन पटेल जबलपुर प्लानिंग में डीएफओ के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका प्रशासनिक करियर काफी सक्रिय रहा है। इससे पहले वे रीवा, दमोह, सतना और अनूपपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में विभिन्न पदों पर कार्यरत रह चुके हैं। क्षेत्र में उनकी पहचान एक कार्यकुशल और सुलझे हुए अधिकारी के रूप में रही है।

    प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार

    एक अनुभवी आईएफएस अधिकारी का सेवाकाल के बीच में ही इस्तीफा देना वन विभाग के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। अब सबकी नजरें सरकार और विभाग के आला अधिकारियों पर टिकी हैं कि क्या उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार किया जाता है या फिर उन्हें फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाया जाएगा।

  • प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णत: आत्म निर्भर : ऊर्जा मंत्री तोमर

    प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णत: आत्म निर्भर : ऊर्जा मंत्री तोमर


    भोपाल। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किये जा रहे कार्यों से प्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णतः आत्म निर्भर हो गया है। प्रदेश भविष्य में भी विद्युत के क्षेत्र में आत्म निर्भर बना रहे इसके लिये विद्युत उपलब्ध क्षमता में 1806 मेगावाट की वृद्धि का कार्यक्रम है। इसमें से 851 मेगावाट क्षमता वृद्धि हासिल की जा चुकी है। प्रदेश में गैर कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय की जा रही है।

    रबी मौसम में मकर संक्रांति पर्व पर 19895 मेगावाट की अधिकतम विद्युत मांग की सफलतापूर्वक पूर्ति की गई, जो प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक है। प्रदेश में पारेषण हानियां अब मात्र 2.60 प्रतिशत रह गई हैं, जो पूरे देश में न्यूनतम हानियों में से एक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-2030 तक की अवधि में प्रदेश की पारेषण प्रणाली के सुदृढीकरण के लिये म.प्र. पॉवर ट्राँसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 5163 करोड़ रुपये के पूंजीगत कार्यों का अनुमोदन प्रदान किया गया है। अटल गृह ज्योति योजना में जिनकी मासिक खपत 150 यूनिट तक है एवं पात्र उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट की खपत के लिए अधिकतम 100 रुपये का बिल दिया जा रहा है एवं अंतर की राशि राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में वितरण कंपनियों को दी जा रही है। इस योजना में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के लिये वर्ष 2024-25 में सब्सिडी की मद में 6495.27 करोड़ रूपये जारी किए गए थे। अटल कृषि ज्योति योजना के अंतर्गत 10 हॉर्सपॉवर तक के अनमीटर्ड स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 750 रुपये प्रति हॉर्सपॉवर प्रतिवर्ष एवं 10 हार्स पॉवर से अधिक के अनमीटर्ड स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 1500 रूपये प्रति हॉर्स पॉवर प्रतिवर्ष की फ्लेट दर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। शासन द्वारा 1 हैक्टेयर तक भूमि एवं 5 हार्स पॉवर तक के कृषि पंप वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को निःशुल्क विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। योजना लगभग 9.3 लाख कृषि उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं।

    समाधान योजना 2025-26″ में अद्यतन लगभग 17 लाख 15 हजार रूपये उपभोक्ताओं का 350 करोड़ 67 लाख रूपये सरचार्ज माफ हुआ हैं तथा 852 करोड़ 76 लाख रूपये के बिल जमा हुए हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा-अभियान (पीएम-जनमन) में प्रदेश में लगभग 28 हजार घरों के विद्युतीकरण की कार्य योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। वितरण कंपनियों द्वारा नवम्बर 2025 तक लगभग 26,000 घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। शासन द्वारा अति उच्चदाब ट्राँसमिशन लाईनों के निर्माण से टॉवर लगने वाले और ट्राँसमिशन लाईन के प्रभावित किसानों को पहले की कलेक्टर गाईडलाईन से दोगुना मुआवजा एकमुश्त एवं डिजिटल माध्यम से दिया जाएगा।

  • ब्रेकअप के बाद शमिता शेट्टी को हुआ प्यार? बिजनेसमैन संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- सिंगल

    ब्रेकअप के बाद शमिता शेट्टी को हुआ प्यार? बिजनेसमैन संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- सिंगल


    नई दिल्ली । 2 फरवरी को शमिता शेट्टी ने धूमधाम से अपना 47वां बर्थडे सेलिब्रेट किया. शमिता ने बर्थडे का जश्न बहन शिल्पा शेट्टी और जीजू राज कुंद्रा के साथ मनाया. खास मौके पर उनके साथ टेक्नो आर्टिस्ट दीपेश शर्मा भी नजर आए. दीपेश और शमिता को साथ देखकर इनकी डेटिंग की अफवाहें शुरू हो गईं. लेकिन क्या सच में शमिता और दीपेश रिश्ते में हैं? एक्ट्रेस ने खुद इंस्टाग्राम पोस्ट में डेटिंग रूमर्स का सच बताया है.

    रिलेशनशिप में शमिता?

    बॉलीवुड डीवा शमिता शेट्टी अपनी पर्सनल और लव लाइफ को लेकर हमेशा से ही चर्चा में आ जाती हैं. बर्थडे के बाद से उनका नाम दीपेश शर्मा के साथ जोड़ा जा रहा है. इससे पहले बात बहुत आगे बढ़ती एक्ट्रेस ने खुद ही सारी चीजें क्लियर कर दीं हैं. डेटिंग रूमर्स का सच बताते हुए उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- सिंगल और शांत. सच्ची दोस्ती को गलत तरीके से समझने वाले रूढ़िवादी बनना बंद करो. ये सब सच में बकवास है.

    कैसे शुरू हुई डेटिंग रूमर्स?

    दीपेश ने इंस्टाग्राम पर शमिता के जन्मदिन की कुछ फोटोज शेयर की थींजिसमें वो एक्ट्रेस के बेहद करीब नजर आए. उन्होंने कैप्शन में लिखा कि हैप्पी बर्थडे मेरी हमेशा की हंसी का राजजिसे मेरी सारी कहानियां पता हैं और फिर भी साथ है. लव यूमाई शम्स्टर. बस इसके बाद से ही उनका नाम शमिता के साथ जोड़ा जाने लगा.

    दीपेश शर्मा की बात करेंतो वो मुंबई बेस्ड टेक्नो आर्टिस्ट/डीजे हैं. वो टुमॉरोलैंड जैसे बड़े फेस्टिवल्स में परफॉर्म करते हैं. दीपेश का गोवा के क्रॉनिकल बीच पर एक क्लब भी है. वो सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं और इंस्टाग्राम पर उनके करीब 192K फॉलोअर्स हैं. दीपेश कई बॉलीवुड सेलेब्स संग अच्छा रिश्ता शेयर करते हैं.

    शमिता शेट्टी वो एक्ट्रेस हैं जिन्होंने कभी छिपकर किसी से प्यार नहीं किया. बिग बॉस ओटीटी में उनका रिश्ता राकेश बापट संग बना थालेकिन शो खत्म होने के बाद दोनों का ब्रेकअप हो गया. शमिता और राकेश भले ही साथ नहीं हैंलेकिन उनके बीच आज भी अच्छा बॉन्ड है.

  • मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव जैन

    मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव जैन


    भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में मंत्रालय में बुधवार को राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव श्री जैन ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं डिजिटल पहलों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं।

    अनमोल 2.0 से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी से एमएमआर और आईएमआर में हुआ है सुधार

    मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण के समन्वित प्रयास करें। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बताया गया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य के 51 जिलों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए 228 बर्थ वेटिंग रूम क्रियाशील हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं की शंकाओं के समाधान हेतु सुमन सखी चैटबॉट को गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया गया है। गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी अनमोल 2.0 के माध्यम से की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एवं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में कमी दर्ज की गई है। बैठक में मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना ने लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों और वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

    आरबीएसके के अंतर्गत 33 हज़ार से अधिक निःशुल्क सर्जरी

    ई-शिशु मॉडल के अंतर्गत एमजीएम इंदौर में वन-हब एवं 16 स्पोक्स के माध्यम से अब तक 947 नवजात शिशुओं को टेली-कंसल्टेशन सेवाएँ प्रदान की गई हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 33,075 नि:शुल्क शल्य क्रियाएँ की गईं, साथ ही 1,026 नि:शुल्क जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) सर्जरी भी की गई हैं।

    वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतें हुई टीबी-मुक्त

    टीबी (क्षय रोग) के नोटिफिकेशन एवं उपचार सफलता दर में सुधार के परिणामस्वरूप डीआर-टीबी मृत्यु दर 3.9 से घटकर 3.0 हुई है। वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतों को टीबी-मुक्त पंचायत घोषित किया गया। सिकल सेल प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 28,541 मरीजों को नि:शुल्क उपचार प्रदान किया गया और एक करोड़ 13 लाख 59 हजार 76 नागरिकों को सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं।

    स्वस्थ यकृत मिशन में 1 करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग

    ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ (एनएएफएलडी स्क्रीनिंग अभियान) के अंतर्गत एक करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग की गई हैं। फाइब्रोस्कैन सेवाएँ 13 जिलों में प्रारंभ की गई हैं, जिनमें अब तक 2,032 स्कैन पूर्ण किए जा चुके हैं। उच्च रक्तचाप के उपचार हेतु 1.77 करोड़ नागरिक की स्क्रीनिंग एवं 10.40 लाख नागरिक उपचाराधीन, इसी प्रकार मधुमेह के लिए 1.80 करोड़ स्क्रीनिंग एवं 7.21 लाख उपचाराधीन रोगी हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ‘मिशन मधुमेह’ के अंतर्गत 537 टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे उपचाराधीन हैं।

    ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच करने के निर्देश

    राज्य में 4,03,401 मोतियाबिंद शल्य क्रियाएँ की गईं। इसमें 48,816 स्कूली बच्चों एवं 1,03,944 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 2,235 कॉर्निया नेत्रदान के माध्यम से एकत्र किए गए। होप (होम बेस्ड केयर प्रोग्राम फॉर एल्डर्ली) योजना के अंतर्गत 6 शहरी क्षेत्रों में 1,214 अशक्त वृद्धजनों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई हैं। मुख्य सचिव श्री जैन ने ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच कराने के निर्देश दिए।

    मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी करें

    मुख्य सचिव श्री जैन ने उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी किए जाने के निर्देश दिए। बताया गया कि राज्य में 3,756 शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू-मुक्त प्रमाणित किया गया है। टेली-मानस सेवा (टोल-फ्री नंबर 14416 / 1800-891-4416) के माध्यम से 55,711 उपयोगकर्ताओं को नि:शुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया। आत्महत्या रोकथाम के लिये गेट-कीपर कार्यक्रम के अंतर्गत 2,385 आत्म-हानि एवं 1,593 आत्मघाती विचारों से संबंधित मामलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) के माध्यम से परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना निर्माण प्रक्रिया में बॉटम-अप दृष्टिकोण अपनाया गया है और शून्य-आधारित बजटिंग सिद्धांतों पर संसाधन आवंटन किया गया है, जिससे वर्तमान स्वास्थ्य आवश्यकताओं एवं जिला-स्तरीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएँ तैयार की जा सकें। परिणाम-आधारित योजना एवं बजटिंग के अंतर्गत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, टीकाकरण कवरेज में सुधार और संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों के नियंत्रण जैसे मापनीय स्वास्थ्य लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एसएनए-स्पर्श के माध्यम से निगरानी की जाएगी। जिला स्वास्थ्य कार्ययोजना की तैयारी, राज्य स्तरीय समीक्षा, कार्यकारी समिति की बैठक एवं राज्य स्वास्थ्य समिति की स्वीकृति की सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई गई है, जो विकेंद्रीकरण, अभिसरण, लक्ष्य निर्धारण एवं प्राथमिकता निर्धारण के सिद्धांतों पर आधारित है। यह दृष्टिकोण “विकसित मध्यप्रदेश@2047” एवं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है। बैठक में लगभग 5 हज़ार करोड़ रुपए की वार्षिक कार्य योजना भारत सरकार को प्रेषित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आयुक्त, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय, आयुष, स्कूल शिक्षा, वित्त विभाग, आयुक्त महिला बाल विकास, मनरेगा विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मंत्रालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी शर्मा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित

    मंत्रालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी शर्मा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित


    भोपाल। मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में पदस्थ मुख्य सुरक्षा अधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) श्री अविनाश शर्मा को वर्ष 
    2025 के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्‍मानित किया गया है। श्री शर्मा को उनकी दीर्घकालीन, निष्ठावान एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यह पदक दिया गया है।

    उल्‍लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी सराहनीय, अनुकरणीय एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।

    श्री अविनाश शर्मा ने मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, महत्वपूर्ण शासकीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनका यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस एवं मंत्रालय सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गौरव का विषय है।