Author: bharati

  • सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन से रेलवे सतर्क, 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने वाली कई ट्रेनें रद्द, यात्रियों की यात्रा पर असर

    सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन से रेलवे सतर्क, 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने वाली कई ट्रेनें रद्द, यात्रियों की यात्रा पर असर

    नई दिल्ली । राजधानी में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। स्टेशनों के आसपास संभावित भारी यातायात जाम की आशंका के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। इस बदलाव का असर बिहार, मुंबई, हावड़ा और सियालदह से दिल्ली आने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है।

    रेलवे प्रशासन के अनुसार, 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होने वाली ऐसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें, जिन्हें 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचना था, उन्हें शुरुआती स्टेशन से ही रद्द करने का फैसला लिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि कर लें। ट्रेनों के संचालन, रद्द होने और समय में बदलाव से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए रेलवन ऐप और एनटीईएस ऐप देखने को कहा गया है।

    दानापुर मंडल से संबंधित चार ट्रेनों को रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें गाड़ी संख्या 20801 मगध एक्सप्रेस शामिल है। यह ट्रेन 9 अक्टूबर को इस्लामपुर से दोपहर 3:30 बजे रवाना होने वाली थी और अगले दिन दोपहर 12 बजे नई दिल्ली पहुंचने का निर्धारित समय था। प्रदर्शन के मद्देनजर इस ट्रेन का परिचालन रद्द कर दिया गया है।

    गाड़ी संख्या 12309 राजेंद्र नगर-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस भी रद्द कर दी गई है। यह ट्रेन 9 अक्टूबर को राजेंद्र नगर से शाम 7:10 बजे चलने वाली थी और 10 अक्टूबर को सुबह 7:40 बजे नई दिल्ली पहुंचती। इसके अलावा गाड़ी संख्या 12393 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का संचालन भी नहीं होगा। यह ट्रेन राजेंद्र नगर से 9 अक्टूबर को शाम 7:20 बजे रवाना होकर 10 अक्टूबर को सुबह 7:55 बजे नई दिल्ली पहुंचने वाली थी।

    रद्द की गई चौथी ट्रेन गाड़ी संख्या 22361 राजेंद्र नगर-नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस है। इसका निर्धारित प्रस्थान समय 9 अक्टूबर को शाम 7:50 बजे था, जबकि नई दिल्ली पहुंचने का समय 10 अक्टूबर को दोपहर 1:10 बजे तय था। इन चारों ट्रेनों के रद्द होने से इनके निर्धारित समय पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।

    इस बीच, भोपाल होकर चलने वाली मुंबई-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस भी रद्द कर दी गई है। गाड़ी संख्या 22221 को परिचालन संबंधी कारणों से 9 अक्टूबर को उसके शुरुआती स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से ही रद्द किया गया है। भोपाल स्टेशन से इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को यात्रा की योजना दोबारा बनाने और रेलवे की सूचना एवं पूछताछ सेवाओं से अपडेट जानकारी लेने की सलाह दी गई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है।

    पूर्वी रेलवे ने भी शुक्रवार के लिए हावड़ा और सियालदह से दिल्ली आने वाली दो राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने की जानकारी दी है। इनमें गाड़ी संख्या 12301 हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और गाड़ी संख्या 12313 सियालदह-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस शामिल हैं। इस तरह दिल्ली आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को प्रस्थान से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांचना जरूरी है। जिन यात्रियों ने इन ट्रेनों में टिकट बुक कराए हैं, उन्हें यात्रा से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करके ही स्टेशन के लिए निकलना चाहिए।

  • एलन मस्क ने मुकेश अंबानी को लेकर उठाया सवाल, भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं मिलने पर राहुल गांधी ने दिया जवाब

    एलन मस्क ने मुकेश अंबानी को लेकर उठाया सवाल, भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं मिलने पर राहुल गांधी ने दिया जवाब

    नई दिल्ली ।भारत में एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं मिलने का मामला चर्चा में है। इस मुद्दे पर मस्क ने सवाल उठाते हुए भारत के बड़े कारोबारियों की भूमिका पर टिप्पणी की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पूछा कि क्या मुकेश अंबानी भारत के असली बॉस हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और मस्क से कहा कि भारत में दूसरे व्यक्ति से मिलने तक इंतजार करें।

    एलन मस्क का आरोप है कि भारत के कुछ बड़े कारोबारी नहीं चाहते कि स्टारलिंक की सेवा देश में शुरू हो। उनके मुताबिक, ऐसा इसलिए हो सकता है ताकि बाजार में उनका दबदबा बना रहे। मस्क ने इस स्थिति को भारतीय लोगों के खिलाफ अपराध बताते हुए सवाल किया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करने के बावजूद उनकी कंपनी को अब तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला है।

    मस्क ने अपनी टिप्पणी में कहा कि स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है। उन्होंने दावा किया कि कंपनी ने भारत सरकार के सभी कानूनों और आवश्यकताओं का पालन करते हुए पांच साल बिताए हैं। इसके बावजूद भारत में सेवा शुरू करने के लिए लाइसेंस नहीं मिलने पर उन्होंने सवाल खड़े किए। इसी संदर्भ में उन्होंने मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए पूछा कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं।

    इस टिप्पणी के बाद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मस्क का भारत में स्वागत करते हुए कहा कि दूसरे व्यक्ति से मिलने तक इंतजार करें। राहुल गांधी की इस टिप्पणी को मस्क के सवाल के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। मस्क ने राहुल गांधी के संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए उनका धन्यवाद किया और कहा कि यह स्थिति वास्तव में परेशान करने वाली है।

    स्टारलिंक को भारत में अनुमति मिलने का मुद्दा इससे पहले भी चर्चा में रहा है। मस्क पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि देश के कुछ बड़े कारोबारी उनकी कंपनी की एंट्री में बाधा डालना चाहते हैं, ताकि मौजूदा बाजार में अपना प्रभाव बनाए रख सकें। हालांकि, केंद्र सरकार इन आरोपों को खारिज कर चुकी है। इस तरह लाइसेंस से जुड़ा विवाद केवल सेवा शुरू करने की अनुमति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार में प्रतिस्पर्धा और बड़े कारोबारी समूहों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं।

    स्टारलिंक की ओर से भारत में सेवा शुरू करने की तैयारी के तहत देशभर में 20 गेटवे साइट्स बनाई गई हैं। ये जमीन पर स्थापित स्टेशन हैं, जो अंतरिक्ष में मौजूद स्टारलिंक के सैटेलाइट को धरती के मुख्य इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ने का काम करते हैं। इन साइट्स पर सैकड़ों एंटीना लगाए गए हैं, ताकि सैटेलाइट से मिलने वाले इंटरनेट सिग्नल को नेटवर्क तक पहुंचाया जा सके और डेटा का आदान-प्रदान हो सके।

    गेटवे साइट्स और एंटीना की तैनाती के बावजूद लाइसेंस नहीं मिलने का सवाल बना हुआ है। मस्क ने इसी स्थिति को लेकर भारत में नियामकीय प्रक्रिया और बाजार की प्रतिस्पर्धा पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार उनके कारोबारी हितों को प्रभावित करने के आरोपों को खारिज कर चुकी है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विवाद का मुख्य मुद्दा स्टारलिंक को भारत में सेवा शुरू करने के लिए लाइसेंस नहीं मिलना और इस मामले पर मस्क तथा राहुल गांधी के बीच हुई सार्वजनिक प्रतिक्रिया है।

  • पश्चिम बंगाल उपचुनाव में भाजपा की मजबूत बढ़त, नंदीग्राम में हंसी रानी रथ 50 हजार और रेजीनगर में शंकरावह सरकार 23 हजार वोटों से आगे

    पश्चिम बंगाल उपचुनाव में भाजपा की मजबूत बढ़त, नंदीग्राम में हंसी रानी रथ 50 हजार और रेजीनगर में शंकरावह सरकार 23 हजार वोटों से आगे

    नई दिल्ली ।पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की मतगणना के दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं। 9 अक्टूबर 2026 को दोपहर तक सामने आए रुझानों के मुताबिक, नंदीग्राम में भाजपा प्रत्याशी हंसी रानी रथ 50 हजार से अधिक वोटों से आगे चल रही हैं। वहीं, रेजीनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार शंकरावह सरकार ने करीब 23 हजार वोटों की बढ़त बना रखी है। इन दोनों सीटों पर मुकाबले के दौरान कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार पीछे चल रहे हैं। मतगणना जारी रहने के कारण अंतिम परिणाम की स्थिति आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

    नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भाजपा की हंसी रानी रथ को अब तक 50 हजार से अधिक वोटों की बढ़त मिली है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान दूसरे स्थान पर हैं, जिन्हें करीब 13 हजार वोट मिले हैं। यह सीट शुभेंदु अधिकारी के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। भाजपा ने यहां से हंसी रानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। शुरुआती मतगणना में भाजपा प्रत्याशी की बढ़त काफी बड़ी दिखाई दे रही है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार उनसे पीछे हैं।

    नंदीग्राम सीट पर चुनावी मुकाबला उस समय चर्चा में आया, जब तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया था। कांग्रेस उम्मीदवार को एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए उन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच केंद्रित हो गया। मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी की बढ़त ने इस मुकाबले को महत्वपूर्ण बना दिया है।

    रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी भाजपा उम्मीदवार शंकरावह सरकार आगे चल रहे हैं। इस सीट पर उन्होंने करीब 23 हजार वोटों की बढ़त बनाई है। दूसरे स्थान पर आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद हैं, जिन्हें अब तक करीब 12 हजार वोट मिले हैं। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल्लाहिल काफी तीसरे स्थान पर चल रहे हैं। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के विधायक पद छोड़ने के बाद खाली हुई थी। वह मुर्शिदाबाद जिले की नवादा विधानसभा सीट से विधायक हैं। इस सीट के परिणाम पर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

    नंदीग्राम और रेजीनगर, दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतगणना के दौरान सामने आए रुझानों में भाजपा उम्मीदवारों की बढ़त दर्ज की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रेजीनगर में पांच दौर की गिनती पूरी हुई थी और दस दौर की गिनती बाकी थी। ऐसे में मतगणना पूरी होने से पहले बढ़त के आंकड़ों में बदलाव की संभावना बनी हुई थी। इसलिए इन रुझानों को अंतिम चुनाव परिणाम नहीं माना जा सकता।

    पश्चिम बंगाल की इन दोनों सीटों के अलावा पुडुचेरी और असम के चुनाव परिणाम भी चर्चा में रहे। पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर एनडीए समर्थित ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के उम्मीदवार अशोक आनंद ने 13,358 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। कांग्रेस उम्मीदवार ई. विनायगम को 4,876 वोट मिले और वह दूसरे स्थान पर रहे। यह सीट मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। रंगासामी 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में थट्टनचावडी और मंगलम, दोनों सीटों से जीते थे। बाद में उन्होंने थट्टनचावडी सीट छोड़ दी थी, जिसके बाद पार्टी ने अशोक आनंद को उम्मीदवार बनाया।

    असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना में भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा 77 हजार से अधिक वोटों से आगे चल रहे थे। उन्हें दो लाख 26 हजार से अधिक वोट मिले थे। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल करीब 1.49 लाख वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार शिवमणि बोरा को लगभग 38 हजार वोट मिले थे। इन आंकड़ों के आधार पर नगांव में भी भाजपा की बढ़त दिखाई दे रही थी। हालांकि, उपलब्ध रुझानों के आधार पर ही स्थिति का आकलन किया जा सकता है और अंतिम नतीजों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद होगी।

  • जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस की मंजूरी नहीं, धारा 163 लागू कर सुरक्षा व्यवस्था सख्त

    जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस की मंजूरी नहीं, धारा 163 लागू कर सुरक्षा व्यवस्था सख्त

    नई दिल्ली ।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन नहीं दिए जाने और संगठन के पिछले प्रदर्शन के रिकॉर्ड को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। साथ ही, नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने की जानकारी दी गई है।

    दिल्ली पुलिस की संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि CJP की ओर से सौरव दास ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के संबंध में आवेदन दिया था। प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करने की मांग उठाना था। पुलिस ने आवेदन पर विचार करने के बाद पाया कि प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी। निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से कम से कम 10 दिन पहले सूचना मिलनी चाहिए। इस प्रक्रिया का पालन नहीं होने के कारण प्रदर्शन को मंजूरी नहीं दी गई।

    नूपुर प्रसाद ने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू है। इसके तहत सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए निवारक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने CJP और उसके समर्थकों को चेतावनी दी है कि बिना अनुमति प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने से बचें। अधिकारियों ने कहा कि प्रतिबंधों का पालन करना जरूरी है और नियम तोड़ने की स्थिति में कार्रवाई हो सकती है।

    पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के पीछे CJP के पिछले रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार, पहले संगठन को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान कानूनी निर्देशों और दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए इस बार प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने को लेकर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर 10 अक्टूबर के कार्यक्रम को मंजूरी नहीं देने का फैसला किया गया है।

    दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ने घोषणा की है कि 10 अक्टूबर को प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों पर जवाबदेही देनी चाहिए। अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि पुलिस या सुरक्षाकर्मी प्रदर्शनकारियों को रोकेंगे, तो वे जिस स्थान पर रोके जाएंगे, वहीं विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता भले ही सरकार के पास हो, लेकिन सड़कें देश की जनता की हैं और नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से नहीं रोका जाना चाहिए।

    प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े कई एहतियाती कदमों की जानकारी भी दी गई है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने को कहा गया है। यह प्रतिबंध 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से लागू होने हैं और शनिवार को स्थिति सामान्य होने तक जारी रह सकते हैं। संबंधित स्टेशनों पर मेट्रो ट्रेनों की आवृत्ति भी घटाई जा सकती है।

    रेलवे के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। प्रदर्शन के कारण सड़कों पर भारी जाम लगने की आशंका के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के एहतियाती उपाय के तौर पर दिल्ली में खुदरा शराब की दुकानों को 9 और 10 अक्टूबर को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

  • दिल्ली में CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर विवाद, मौलाना ने लाउडस्पीकर से मुस्लिम समुदाय से शामिल नहीं होने की अपील की

    दिल्ली में CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर विवाद, मौलाना ने लाउडस्पीकर से मुस्लिम समुदाय से शामिल नहीं होने की अपील की


    नई दिल्ली ।दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर विवाद सामने आया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को रद्द करने की मांग को लेकर पार्टी ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस की ओर से प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसी बीच दिल्ली के हर्ष विहार स्थित एक मस्जिद से मौलाना ने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की है।

    मौलाना ने अपने ऐलान में कहा कि जंतर-मंतर पर होने वाला CJP का प्रदर्शन अवैध है और मुस्लिम समुदाय के लोगों को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। मौलाना ने कहा कि सरकार ने जंतर-मंतर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की है। ऐसे में लोगों को वहां जाने से बचना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रदर्शन में शामिल होने जाता है और उसके साथ कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की नहीं होगी। उन्होंने लोगों से इस चेतावनी को गंभीरता से लेने और प्रस्तावित कार्यक्रम से दूर रहने की अपील दोहराई।

    दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के पीछे निर्धारित प्रक्रिया और सूचना देने से जुड़े नियमों का हवाला दिया है। दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि CJP की ओर से सौरव दास के नाम से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने के संबंध में आवेदन प्राप्त हुआ था। इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही की मांग करना बताया गया था। पुलिस ने आवेदन पर विचार करने के बाद पाया कि कार्यक्रम की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी। निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से कम से कम 10 दिन पहले सूचना प्राप्त होनी चाहिए थी। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई।

    पुलिस ने पार्टी और प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे लोगों को चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है कि पुलिस ने इसे आयोजित करने की मंजूरी नहीं दी है। वहीं, मौलाना की अपील भी इसी घटनाक्रम के बीच सामने आई है, जिसमें उन्होंने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह की परेशानी से बचने को कहा है।

    दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ने प्रदर्शन करने के अपने फैसले पर कायम रहने की बात कही है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि 10 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और उन्हें अपने ऊपर लगाए गए गंभीर आरोपों पर जवाबदेही देनी होगी। अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि पुलिस या सुरक्षाकर्मी प्रदर्शनकारियों को रोकेंगे, तो वे जिस स्थान पर रोके जाएंगे, वहीं जंतर-मंतर जैसा प्रदर्शन स्थल बना देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता सरकार के पास हो सकती है, लेकिन सड़कें देश की जनता की हैं। उनके अनुसार, नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से नहीं रोका जाना चाहिए। इस तरह, एक ओर पुलिस ने अनुमति नहीं दी है और कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि दूसरी ओर CJP ने प्रदर्शन करने का ऐलान दोहराया है।

  • अमेज़न सेल में सेनहाइज़र के प्रीमियम ऑडियो प्रोडक्ट्स पर 60 प्रतिशत तक छूट

    अमेज़न सेल में सेनहाइज़र के प्रीमियम ऑडियो प्रोडक्ट्स पर 60 प्रतिशत तक छूट

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    सटीकता के साथ काम करने वाले क्रिएटर्स के लिए तैयार किया गया सेनहाइज़र एचडी 490 प्रो ओपन-बैक डिजाइन और अल्ट्रा-वाइड साउंडस्टेज के साथ अनकलर्ड फ्रीक्वेंसी रिस्पॉन्स प्रदान करता है, जिससे साउंड को सटीक और बारीकी के साथ रीप्रोड्यूस किया जा सकता है। इसका लो-फ्रीक्वेंसी सिलेंडर सिस्टम स्पष्ट और बेहतर लो-एंड साउंड देता है, जबकि दो इंटरचेंजेबल ईयर-पैड सेट प्रोड्यूसिंग और मिक्सिंग, दोनों के लिए उपयुक्त हैं। इसका हल्का और बिना दबाव वाला एर्गोनोमिक डिजाइन लंबे समय तक स्टूडियो सेशंस के दौरान आरामदायक अनुभव देता है, जबकि इसका ओपन-फ्रेम आर्किटेक्चर रेजोनेंस और डिस्टॉर्शन को कम करने में मदद करता है। एचडी 490 प्रो रुपये 40,000 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 24,490 (जीएसटी सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है, यानी 39% की छूट। यह एचडी 490 प्रो प्लस वेरिएंट में भी उपलब्ध है, जो अतिरिक्त एक्सेसरीज के साथ समान प्रोफेशनल-ग्रेड ऑडियो परफॉर्मेंस प्रदान करता है और स्टूडियो सेटअप को और बेहतर बनाता है। एचडी 490 प्रो प्लस रुपये 45,000 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 27,990 (जीएसटी सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है, यानी 38% की छूट।
    एचबीडी 630
    पारखी ऑडियोफाइल्स के लिए तैयार किया गया सेनहाइज़र एचडीबी 630 क्लोज्ड-बैक डिजाइन और 42 मिमी ऑडियोफाइल-ट्यून किए गए ट्रांसड्यूसर को एक साथ लाता है, जो नेचुरल और विस्तृत साउंड के साथ जीवंत मिड्स और वाइड साउंडस्टेज प्रदान करता है। एपीटीएक्स एचडी और एपीटीएक्स अडैप्टिव के सपोर्ट के साथ-साथ यूएसबी-सी और एनालॉग कनेक्टिविटी की सुविधा इसे 24-बिट/96 किलोहर्ट्ज़ तक हाई-रिज़ॉल्यूशन ऑडियो सुनने में सक्षम बनाती है। इसके साथ दिया गया बीटीडी 700 ब्लूटूथ यूएसबी-सी डोंगल हाई-रिज़ॉल्यूशन वायरलेस ऑडियो की सुविधा देता है। वहीं, एडवांस्ड पैरामेट्रिक इक्वलाइज़र और क्रॉसफीड फीचर यूजर्स को अपने सुनने के अनुभव को अपनी पसंद के अनुसार सटीक रूप से तैयार करने की सुविधा देते हैं। एडैप्टिव नॉइज़ कैंसलेशन बिना साउंड की स्पष्टता से समझौता किए आसपास के व्यवधानों को कम करने में मदद करता है, जबकि 60 घंटे तक की बैटरी लाइफ लंबे समय तक सुनने के लिए पर्याप्त सुविधा प्रदान करती है। अमेज़न ग्रेट इंडियन फेस्टिवल के दौरान एचडीबी 630 रुपये 36,490 (बैंक डिस्काउंट सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है।
    एमकेई 600
    सेनहाइज़र एमकेई 600 के साथ अपने वीडियो शूट्स में फोकस्ड और प्रोफेशनल-ग्रेड ऑडियो शामिल करें। यह एक हाईली डायरेक्शनल शॉटगन माइक्रोफोन है, जिसे चुनौतीपूर्ण फिल्ममेकिंग परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है। इसका सुपर कार्डियोइड/लोबार पिकअप पैटर्न कैमरे की दिशा से आने वाली आवाज़ को कैप्चर करता है और साइड्स व पीछे से आने वाले नॉइज़ को प्रभावी रूप से कम करता है। इसका स्विचेबल लो-कट फिल्टर हवा से होने वाले नॉइज़ को कम करने में मदद करता है, जबकि फैंटम या बैटरी पावरिंग कैमरों और कैमकॉर्डर्स के साथ उपयोग में अतिरिक्त सुविधा और लचीलापन प्रदान करती है। मजबूत ऑल-मेटल हाउसिंग के साथ तैयार किया गया एमकेई 600 फोम विंडशील्ड, शॉक माउंट और कैमरा अडैप्टर केबल के साथ आता है, जिससे यह अलग-अलग लोकेशन पर रिकॉर्डिंग के लिए पूरी तरह तैयार रहता है। एमकेई600 रुपये 31,900 के एमआरपी के मुकाबले रुपये 21,990 (जीएसटी सहित) की ऑफर कीमत पर उपलब्ध है, यानी 31% की छूट।

  • अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर सियासी घमासान, रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर संतों और भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल

    अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर सियासी घमासान, रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर संतों और भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर भाजपा नेताओं और संतों ने सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव बीते दिन पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होने अयोध्या पहुंचे थे। हालांकि, उनके राम मंदिर में रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर समेत भाजपा नेताओं ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

    उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरह की राजनीति की जा रही है, उससे खुद अखिलेश यादव के सशंकित होने का संकेत मिलता है। राजभर ने कहा कि यदि अखिलेश यादव अयोध्या गए थे, तो उन्हें हनुमानगढ़ी और भगवान राम के दर्शन भी कर लेने चाहिए थे। उनके मुताबिक, ऐसा करने से इस तरह के सवाल खड़े नहीं होते। राजभर ने श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन स्थल पर नारेबाजी को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जहां भागवत कथा हो रही है, वहां अखिलेश यादव के लोग नारेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि भागवत कथा के स्थान को राजनीतिक मंच बनाना अखिलेश यादव को ही शोभा देता है।

    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस मामले में समाजवादी पार्टी को आत्मावलोकन करने की सलाह दी। भाजपा नेता ने सपा पर मुस्लिम तुष्टिकरण और जाति के नाम पर वोट मांगने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति करने वाले लोग उत्तर प्रदेश में सफल नहीं होंगे। पाठक ने अयोध्या में प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल करने का दावा भी किया। उनके बयान से स्पष्ट है कि भाजपा नेता अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को आगामी चुनावों के राजनीतिक संदर्भ में देख रहे हैं।

    भाजपा नेता राकेश त्रिपाठी ने भी अखिलेश यादव के दौरे को लेकर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने सत्ता में रहते हुए अयोध्या को भुला दिया था। त्रिपाठी ने कहा कि योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद अयोध्या में 50 हजार से अधिक की परियोजनाएं आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर भाजपा का मंदिर नहीं है, लेकिन अयोध्या पहुंचने के बावजूद अखिलेश यादव रामलला के दर्शन करने नहीं गए। उनके बयान में अयोध्या के विकास और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों को लेकर सपा की भूमिका पर सवाल उठाए गए।

    अखिलेश यादव के राम मंदिर में दर्शन नहीं करने को लेकर संतों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। अयोध्या दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के मंच से भगवान कृष्ण और न्याय की बात की, लेकिन राम के बारे में कुछ नहीं कहा। यह बात संतों को खटकी और उनके दौरे को लेकर सवाल उठने लगे। इस तरह धार्मिक आयोजन में उनकी मौजूदगी और रामलला के दर्शन नहीं करने का मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

    उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नेताओं के दौरे और बयानों को चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर उठे सवालों के बीच भाजपा नेताओं ने सपा की राजनीतिक रणनीति और धार्मिक मुद्दों पर उसके रुख को निशाने पर लिया है। वहीं, इस पूरे विवाद का केंद्र अखिलेश यादव का भागवत कथा में शामिल होना और रामलला के दर्शन नहीं करना बना हुआ है।

  • दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

    दोस्त को आखिरी ऑडियो भेजकर फंदे पर झूला नेपाल का युवक, भोपाल में नाबालिग गर्लफ्रेंड के साथ मिला शव, जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक युवक और नाबालिग लड़की की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में फंदे पर लटके मिले। मृतक युवक की उम्र 22 वर्ष बताई गई है और वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। वहीं उसके साथ मृत मिली लड़की 16 वर्ष की थी और हबीबगंज क्षेत्र की निवासी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    पुलिस के मुताबिक युवक की पहचान अमन सारूमगर के रूप में हुई है। वह अरेरा कॉलोनी के ई-7 क्षेत्र में एक बंगले के सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। उसकी मां उसी बंगले में खाना बनाने का काम करती थीं। अमन अपने पिता के साथ भोपाल में 11 नंबर क्षेत्र स्थित गणेश मंदिर के पास फास्ट फूड का ठेला भी लगाता था। परिवार में उसका एक बड़ा भाई और छोटी बहन हैं। बताया गया है कि करीब एक सप्ताह पहले उसका परिवार नेपाल गया था। परिवार के बाहर होने के कारण अमन घर में अकेला रह रहा था।

    घटना से पहले गुरुवार शाम अमन ने अपने दोस्त आर्यन से शराब लाने के लिए कहा था। दोस्त शराब पहुंचाने के बाद अपने कमरे पर लौट गया। रात करीब आठ बजे अमन ने उसे मोबाइल पर एक ऑडियो संदेश भेजा। इस संदेश में उसने दोस्त के प्रति आभार जताया और अलविदा कहा। संदेश सुनकर आर्यन को किसी अनहोनी की आशंका हुई और वह तुरंत अमन के कमरे पर पहुंचा। हालांकि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो अमन और लड़की फंदे पर लटके मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।


    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अमन और लड़की की पहचान करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वे एक-दूसरे के करीब आ गए। लड़की दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। वह अपने परिवार की इकलौती बेटी बताई गई है। उसके पिता कपड़े की दुकान पर सेल्समैन का काम करते हैं और परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। दोनों की मौत की खबर मिलने के बाद परिवारों में शोक का माहौल है।

    पुलिस जांच के दौरान अमन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट की तस्वीर पोस्ट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इस तस्वीर का घटना से क्या संबंध है यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने फिलहाल इसे मौत की वजह घोषित नहीं किया है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    जांच अधिकारी सी अजय दुबे के मुताबिक दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ऑडियो संदेश सहित घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किन परिस्थितियों में दोनों की मौत हुई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • यूपी सरकार ने 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर बनाया राजस्व निरीक्षक, ऑनलाइन डीपीसी से पूरी हुई चयन वर्ष 2025-26 की प्रक्रिया

    यूपी सरकार ने 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर बनाया राजस्व निरीक्षक, ऑनलाइन डीपीसी से पूरी हुई चयन वर्ष 2025-26 की प्रक्रिया

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश के 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर राजस्व निरीक्षक यानी कानूनगो बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड ने चयन वर्ष 2025-26 के तहत ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी की। पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। इस निर्णय से राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड के चेयरमैन बीएल मीणा के अनुसार, पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई गई। इसके तहत निर्धारित पात्रता मानकों और कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों के आधार पर उनकी पात्रता का परीक्षण किया गया। जांच के बाद कुल 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया। ऑनलाइन डीपीसी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी किए जाने से विभागीय पदोन्नति में पारदर्शिता और समयबद्धता को बढ़ावा मिला है। चयन प्रक्रिया में पात्रता और सेवा अभिलेखों को आधार बनाया गया।

    पदोन्नति के बाद राजस्व निरीक्षक संवर्ग में खाली पदों को भरने में सहायता मिलेगी। इससे तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व से जुड़े कार्यों की निगरानी और पर्यवेक्षण को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है। राजस्व निरीक्षक प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनकी जिम्मेदारियों में राजस्व कार्यों की निगरानी, अभिलेखों के रखरखाव और भूमि से संबंधित मामलों में विभागीय प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भूमिका निभाना शामिल है। ऐसे में पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती से क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली को गति मिल सकती है।

    भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण, जमीन की पैमाइश और राजस्व अभिलेखों से जुड़े कामों में भी इस पदोन्नति से तेजी आने की उम्मीद जताई गई है। तहसील स्तर पर राजस्व निरीक्षकों की भूमिका विभिन्न राजस्व कार्यों के पर्यवेक्षण और विभागीय प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होती है। पदोन्नति के बाद रिक्त पदों पर नियुक्ति होने से संबंधित कामकाज के संचालन में मदद मिल सकती है। हालांकि, पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के आदेश अभी जारी होने बाकी हैं। आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों की नियुक्ति से संबंधित जानकारी स्पष्ट होगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्व मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर देते रहे हैं। इसी दिशा में ऑनलाइन डीपीसी को कार्मिक प्रबंधन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीक के प्रभावी उपयोग की पहल के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से पूरा करने का उद्देश्य निर्धारित मानकों के अनुसार कर्मचारियों की पात्रता का परीक्षण करना और प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराना है।

    राज्य सरकार राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए विभागीय प्रक्रियाओं को तकनीक से जोड़ने पर जोर दे रही है। 455 लेखपालों की पदोन्नति इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने के साथ तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक निगरानी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अब पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के आदेश जारी होने का इंतजार है, जिसके बाद वे अपने नए पद के अनुसार जिम्मेदारियां संभालेंगे।

  • पार्थिव पटेल के साथ खेलकर शुरू हुआ सफर, न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले जीत रावल ने लिया संन्यास

    पार्थिव पटेल के साथ खेलकर शुरू हुआ सफर, न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले जीत रावल ने लिया संन्यास


    नई दिल्ली। भारतीय मूल के न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज जीत रावल ने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। 38 वर्षीय रावल का क्रिकेट सफर कई मायनों में खास रहा। गुजरात के अहमदाबाद में जन्मे रावल ने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए न्यूजीलैंड का रुख किया और वहां अपनी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। क्रिकेट से विदाई के बाद अब वह चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपना काम जारी रखेंगे।

    जीत रावल का जन्म 22 सितंबर 1988 को अहमदाबाद में हुआ था। उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा एक दिन न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए खेले। इस सपने को साकार करने के लिए परिवार ने बड़ा फैसला लिया और न्यूजीलैंड में बस गया। रावल ने वहां क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाई और न्यूजीलैंड की अंडर-19 टीम तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में ऑकलैंड और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की ओर से खेलते हुए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उनके लिए न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं थी बल्कि उनके पिता के वर्षों पुराने सपने का पूरा होना भी था।

    नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स क्रिकेट एसोसिएशन को दिए गए इंटरव्यू में रावल ने अपने संन्यास के फैसले पर संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के लिए खेलना उनका और उनके पिता का बचपन का सपना था। इस सपने को पूरा करने के लिए उनके पिता ने पूरे परिवार को न्यूजीलैंड ले जाने जैसा बड़ा कदम उठाया था। राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात रही। अब पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कहते हुए वह अपने करियर के इस अध्याय को संतोष के साथ समाप्त करना चाहते हैं।

    रावल की कहानी का एक दिलचस्प पहलू भारत में बिताए उनके स्कूल के दिन भी हैं। न्यूजीलैंड जाने से पहले वह विद्यानगर स्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल से हुई थी। दोनों स्कूल क्रिकेट में साथ खेलते थे और पारी की शुरुआत करते थे। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि दोनों खिलाड़ी आगे चलकर अलग-अलग क्रिकेट सफर तय करेंगे। पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम में अपनी पहचान बनाई जबकि रावल ने न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम का प्रतिनिधित्व किया।

    रावल ने नवंबर 2016 में 28 वर्ष की उम्र में न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने देश के लिए 24 टेस्ट मैच खेले। टेस्ट की 39 पारियों में उनके बल्ले से एक शतक और सात अर्धशतकों की मदद से 1143 रन निकले। उन्हें न्यूजीलैंड की ओर से वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।

    प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रावल ने 164 मैचों में 24 शतक और 50 अर्धशतक लगाते हुए 10432 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर 256 रन रहा। लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने 96 मैचों में 2714 रन बनाए जिसमें चार शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं 76 टी20 मुकाबलों में उन्होंने आठ अर्धशतकों के साथ 1484 रन बनाए। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के क्रिकेट जनरल मैनेजर इयान सैंडब्रुक ने भी उन्हें अनुभवी खिलाड़ी और शानदार नेतृत्वकर्ता बताते हुए उनकी तारीफ की। उनके मुताबिक टीम को रावल के अनुभव और शांत नेतृत्व की कमी खलेगी। क्रिकेट से संन्यास के बाद रावल अब चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपना पेशेवर सफर आगे बढ़ाएंगे।