Author: bharati

  • दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से रेल यातायात प्रभावित, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई ट्रेनें रद्द

    दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से रेल यातायात प्रभावित, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई ट्रेनें रद्द

    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन का असर रेल यात्रियों की आवाजाही पर पड़ने की संभावना है। प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन आने वाली कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। इससे शनिवार को दिल्ली पहुंचने की योजना बना रहे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। जिन लोगों ने 10 अक्टूबर के लिए ट्रेन का टिकट बुक कराया है, उन्हें घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

    रेलवे के मुताबिक, 10 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होने वाली कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी। इस फैसले के दायरे में ऐसी ट्रेनें भी शामिल हैं, जिन्हें शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचना था। ऐसे में दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए अपनी ट्रेन से संबंधित जानकारी पहले से प्राप्त करना जरूरी है। इससे उन्हें स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन रद्द होने या यात्रा कार्यक्रम में बदलाव के कारण होने वाली असुविधा से बचने में मदद मिल सकती है।

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है। प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास भीड़ बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को संभावित परेशानियों से बचाने में मदद करना है। प्रदर्शन के दौरान संबंधित इलाकों में आवाजाही बढ़ने की आशंका के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।

    यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया जा रहा है। इसके चलते दिल्ली में रेल यात्रियों की आवाजाही पर भी असर पड़ने की संभावना बताई गई है। खासकर उन यात्रियों को अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए, जिन्हें शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचना है। ट्रेन रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को अपने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। इसलिए स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले ट्रेन की निर्धारित स्थिति की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।

    यात्री अपनी ट्रेन के संचालन और रद्द होने से संबंधित जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। इन माध्यमों से यह पता लगाया जा सकता है कि संबंधित ट्रेन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है या उसे रद्द किया गया है। यात्रियों को केवल पुराने टिकट या पहले से तय समय पर निर्भर रहने के बजाय यात्रा से पहले उपलब्ध ताजा जानकारी जांचनी चाहिए। खासकर नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली ट्रेनों से सफर करने वाले लोगों को यह जांच कर लेनी चाहिए कि उनकी ट्रेन पर रद्दीकरण का असर पड़ा है या नहीं।

  • टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में

    टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के पास रांची में इतिहास रचने का शानदार मौका है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में खेला जाएगा। इस मैच में अभिषेक की नजर अपने बल्ले से बड़ा कमाल करने पर होगी। वह पूर्व भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का ऐसा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं जो टी20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है। अगर अभिषेक रांची में अपने अंदाज में बल्लेबाजी करने में सफल रहे तो उनके नाम एक खास उपलब्धि दर्ज हो सकती है।

    सूर्यकुमार यादव के नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदों का सामना करने के लिहाज से सबसे तेज दो हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने केवल 1164 गेंदों पर यह मुकाम हासिल किया था। अब अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड को चुनौती देने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। वह 63 मैचों की 62 पारियों में 997 गेंदों का सामना करते हुए 1947 रन बना चुके हैं। यानी दो हजार रन पूरे करने के लिए उन्हें केवल 53 रन और बनाने हैं। गेंदों के हिसाब से भी वह सूर्यकुमार से आगे निकलने की मजबूत स्थिति में हैं। यदि वह अगले कुछ ही गेंदों में जरूरी रन बना लेते हैं तो नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं।

    अभिषेक की बल्लेबाजी शैली को देखते हुए इस उपलब्धि की संभावना पर खास नजर रहेगी। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने और बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी विरोधी टीम की रणनीति को शुरुआती ओवरों में ही बिगाड़ सकती है। हालांकि टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने के लिए रन बनाने के साथ विकेट पर टिके रहना भी जरूरी होता है। ऐसे में रांची में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए भी काफी अहम रहेगा।

    लखनऊ में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक शर्मा अच्छी लय में नजर आए थे। उन्होंने केवल 10 गेंदों पर 21 रन बनाए लेकिन अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। अब रांची में उनके पास पिछली पारी से आगे बढ़ने और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने का अवसर होगा। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को मुश्किल में डालेंगे और रिकॉर्ड के करीब पहुंचने के बजाय उसे अपने नाम कर लेंगे।

    इस रिकॉर्ड की दौड़ में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान भी शामिल हैं। बाबर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो हजार रन पूरे करने के लिए 1289 गेंदों का सामना किया था। वहीं रिजवान ने यह उपलब्धि 1326 गेंदों में हासिल की थी। फिलहाल सूर्यकुमार यादव इस सूची में सबसे आगे हैं। यदि अभिषेक उनसे कम गेंदों में दो हजार रन पूरे कर लेते हैं तो वह इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर लेंगे और बाबर तथा रिजवान की स्थिति भी नीचे खिसक जाएगी।

    अभिषेक शर्मा इस समय आईसीसी टी20 रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें दुनिया के प्रमुख टी20 सलामी बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। रांची का मुकाबला उनके लिए केवल सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका नहीं बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का भी बड़ा अवसर है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अभिषेक अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी से सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़कर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ पाते हैं।

  • कुलदीप यादव के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका, T20 में 100 विकेट से बस 3 शिकार दूर, अर्शदीप-बुमराह जैसे दिग्गजों की सूची में मिलेगी जगह

    कुलदीप यादव के पास बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका, T20 में 100 विकेट से बस 3 शिकार दूर, अर्शदीप-बुमराह जैसे दिग्गजों की सूची में मिलेगी जगह


    नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शुक्रवार को रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में खेला जाना है। इस मुकाबले में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव के पास अपने अंतरराष्ट्रीय T20 करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है। कुलदीप अब तक 97 विकेट ले चुके हैं और विकेटों का शतक पूरा करने के लिए उन्हें सिर्फ तीन विकेट की जरूरत है। अगर वह दूसरे T20 में यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करने वाले भारत के पांचवें गेंदबाज बन जाएंगे। ऐसे में रांची मुकाबले के दौरान उनकी गेंदबाजी पर खास नजर रहने वाली है।

    कुलदीप यादव ने लखनऊ में खेले गए पहले T20 मुकाबले में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। उन्होंने चार ओवर में 33 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। इस प्रदर्शन के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय T20 विकेटों की संख्या 97 पहुंच गई। आंकड़ों के मुताबिक कुलदीप ने 55 मैचों की 53 पारियों में ये विकेट लिए हैं। वह अब तक दो बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी कर चुके हैं। अपनी विविधतापूर्ण स्पिन गेंदबाजी और बल्लेबाजों को चकमा देने की क्षमता के कारण कुलदीप भारतीय टीम के अहम गेंदबाजों में गिने जाते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे मुकाबले में तीन विकेट लेकर वह अपने करियर में नया मील का पत्थर हासिल कर सकते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट में भारत की ओर से 100 या उससे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अर्शदीप सिंह जसप्रीत बुमराह हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल शामिल हैं। इस सूची में अर्शदीप सिंह सबसे आगे हैं। उन्होंने 95 मैचों की 92 पारियों में 141 विकेट हासिल किए हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप ने अपनी स्विंग और डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी से टीम इंडिया के लिए लगातार अहम भूमिका निभाई है।

    इस सूची में दूसरे स्थान पर जसप्रीत बुमराह हैं जिन्होंने 100 मैचों में 126 विकेट लिए हैं। बुमराह की यॉर्कर और अलग-अलग गति से गेंदबाजी करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। तीसरे स्थान पर हार्दिक पांड्या हैं। उन्होंने 138 मैचों में 114 विकेट हासिल किए हैं। हार्दिक अपनी तेज गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान देते हैं और टीम के लिए उपयोगी ऑलराउंडर हैं। चौथे स्थान पर अक्षर पटेल हैं जिन्होंने 108 मैचों में 111 विकेट लिए हैं। अक्षर की किफायती गेंदबाजी और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रही है।

    कुलदीप यादव इस सूची में फिलहाल पांचवें स्थान पर बताए गए हैं। उनके बाद युजवेंद्र चहल का नाम आता है जिन्होंने 80 मैचों में 96 विकेट लिए हैं। वहीं भुवनेश्वर कुमार 87 मैचों में 90 विकेट लेकर भारत के सफल T20 गेंदबाजों में शामिल हैं। भुवनेश्वर की चार साल बाद न्यूजीलैंड सीरीज के लिए भारतीय टीम में वापसी भी चर्चा का विषय रही है। उनके पास भी भविष्य में विकेटों का शतक पूरा करने का अवसर हो सकता है।

    रांची में होने वाला दूसरा T20 कुलदीप यादव के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने के साथ भारतीय टीम की सीरीज में स्थिति मजबूत करने का भी मौका है। हालांकि रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए उन्हें मैदान पर तीन विकेट लेने होंगे। अब देखना होगा कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के खिलाफ कुलदीप अपनी स्पिन का कितना असर दिखा पाते हैं और क्या वह इस मुकाबले में विकेटों का शतक पूरा कर इतिहास रचते हैं।

  • फोनपे और डीपीसीजीसी की साझेदारी से ओटीटी मंचों पर नियामकीय नियमों के पालन और शिकायत निवारण को मिलेगा बढ़ावा

    फोनपे और डीपीसीजीसी की साझेदारी से ओटीटी मंचों पर नियामकीय नियमों के पालन और शिकायत निवारण को मिलेगा बढ़ावा

    नई दिल्ली । डिजिटल भुगतान कंपनी फोनपे और डिजिटल पब्लिशर कंटेंट ग्रीवेंस काउंसिल (डीपीसीजीसी) ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य फोनपे के भुगतान गेटवे से जुड़ने वाले व्यापारियों के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) का प्रमाणन आसान बनाना, नियामकीय नियमों के पालन को प्रोत्साहित करना और इस संबंध में जागरूकता बढ़ाना है। इस पहल के माध्यम से ओवर-द-टॉप (ओटीटी) मंचों और ऑनलाइन कंटेंट के प्रकाशकों को लागू नियमों तथा शिकायत निवारण से संबंधित आवश्यकताओं की जानकारी देने पर जोर दिया जाएगा।

    भारत में लागू नियमों के अनुसार, ओटीटी मंचों और ऑनलाइन चुने गए कंटेंट के प्रकाशकों (ओसीसीपी) के लिए शिकायतों के निवारण के उद्देश्य से किसी मान्यता प्राप्त स्व-नियामक संगठन का सदस्य होना अनिवार्य है। फोनपे अपने व्यापारी पंजीकरण की प्रक्रिया में इस आवश्यकता को जरूरी शर्त के रूप में लागू करता है। ऐसे में एसआरओ की सदस्यता और प्रमाणन से जुड़ी जानकारी व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है। दोनों संस्थाओं के बीच हुए समझौते का उद्देश्य इस प्रक्रिया को समझने और पूरा करने में व्यापारियों की मदद करना है।

    डीपीसीजीसी सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत गठित दूसरे स्तर की स्व-नियामक संस्था है। यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ पंजीकृत है। समझौते के जरिए फोनपे और डीपीसीजीसी ओटीटी मंचों तथा ऑनलाइन कंटेंट के प्रकाशकों के बीच नियामकीय नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से काम करेंगे। दोनों संस्थाओं ने माना है कि इस क्षेत्र में काम करने वाले कई व्यापारियों को एसआरओ की सदस्यता और उससे संबंधित प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए मौजूदा और नए व्यापारियों तक नियमों से जुड़ी जानकारी पहुंचाने की योजना है।

    इस संयुक्त पहल के तहत व्यापारियों को लागू नियामकीय आवश्यकताओं को समझने में सहायता मिलेगी। साथ ही, डीपीसीजीसी के माध्यम से उनके एसआरओ प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे व्यापारियों को पंजीकरण के दौरान जरूरी शर्तों की जानकारी प्राप्त करने और उनका पालन करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य तेजी से विस्तार कर रहे ओटीटी क्षेत्र में शिकायत निवारण व्यवस्था और स्व-नियमन से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में समझ बढ़ाना भी है। इस सहयोग से फोनपे की ऐसे भुगतान भागीदार के रूप में स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जताई गई है, जो नियामकीय नियमों के पालन पर ध्यान देता है।

    इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. सुभो रे ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत स्थापित डीपीसीजीसी स्व-नियमन के माध्यम से ओटीटी मंचों से संबंधित शिकायतों और समस्याओं का प्रभावी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, डीपीसीजीसी और फोनपे के बीच सहयोग से आचार संहिता के बेहतर अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्व-नियमन का दायरा बढ़ाने और इसके लाभ उद्योग के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है।

    फोनपे के पेमेंट हेड दीप अग्रवाल ने कहा कि कंपनी की सभी सेवाओं में नियमों का पालन और ग्राहकों का भरोसा महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ओटीटी क्षेत्र का विस्तार हुआ है और इसकी पहुंच तेजी से बढ़ी है। डीपीसीजीसी के साथ समझौते से ओटीटी मंचों के बीच जागरूकता बढ़ाने और ग्राहकों की शिकायतों के निवारण से संबंधित नियमों की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते ओटीटी क्षेत्र में नियामकीय अनुपालन, जागरूकता और भरोसे को मजबूत करने में योगदान देना है।

  • शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद आईपीओ से रिकॉर्ड फंड जुटाव, भारतीय कंपनियों ने जनवरी-सितंबर में 12.5 अरब डॉलर जुटाए

    शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद आईपीओ से रिकॉर्ड फंड जुटाव, भारतीय कंपनियों ने जनवरी-सितंबर में 12.5 अरब डॉलर जुटाए

    नई दिल्ली ।भारतीय कंपनियों ने वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के माध्यम से रिकॉर्ड 12.5 अरब डॉलर जुटाए हैं। जनवरी से सितंबर तक जुटाई गई यह राशि 1980 से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि का अब तक का सबसे बड़ा फंड जुटाव है। खास बात यह है कि आईपीओ बाजार में यह मजबूती ऐसे समय देखने को मिली, जब व्यापक शेयर बाजार दबाव में रहा और निफ्टी में करीब 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि शेयर बाजार की कमजोरी के बावजूद कंपनियों के सार्वजनिक निर्गम के जरिए पूंजी जुटाने की गतिविधियां मजबूत बनी रहीं।

    जनवरी-सितंबर 2026 के दौरान कुल 220 आईपीओ बाजार में आए। पिछले वर्ष की समान अवधि में 268 आईपीओ जारी किए गए थे। इस तरह निर्गमों की संख्या में लगभग 17.9 प्रतिशत की कमी आई। इसके बावजूद कंपनियों ने कुल मिलाकर पिछले वर्ष की तुलना में 11.3 प्रतिशत अधिक राशि जुटाई। इसका प्रमुख कारण बड़े आकार के आईपीओ का बाजार में आना रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, औसत आईपीओ का आकार बढ़कर लगभग 5.7 करोड़ डॉलर हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यह करीब 4.2 करोड़ डॉलर था। कुल जुटाई गई राशि का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा कुछ चुनिंदा बड़े निर्गमों से आया।

    सितंबर का महीना आईपीओ बाजार के लिए विशेष रूप से मजबूत रहा। इस महीने 34 मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए लगभग 39,380 करोड़ रुपये जुटाए गए। यह 2026 में किसी एक महीने के दौरान जुटाई गई सबसे बड़ी राशि रही। हालांकि, इस रकम का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के माध्यम से आया। ओएफएस में मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं, इसलिए इससे प्राप्त धन का बड़ा हिस्सा सीधे कंपनियों के खाते में जाने के बजाय शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलता है। इस वजह से कुल आईपीओ राशि और कंपनियों को वास्तव में मिलने वाली नई पूंजी के बीच अंतर बना रहा।

    आईपीओ बाजार की मजबूती के विपरीत, व्यापक इक्विटी पूंजी बाजार में कुल फंड जुटाव कमजोर हुआ। फॉलो-ऑन ऑफरिंग्स और ब्लॉक डील्स सहित कुल इक्विटी कैपिटल मार्केट फंड जुटाव 1.7 प्रतिशत घटकर 40.8 अरब डॉलर रह गया। यह पिछले तीन वर्षों का सबसे निचला स्तर बताया गया है। इस दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई ने जनवरी से सितंबर के बीच भारतीय शेयर बाजार से अनुमानित 2.7 लाख करोड़ से 3 लाख करोड़ रुपये की निकासी की। इसके बावजूद घरेलू बाजार में उपलब्ध तरलता ने आईपीओ गतिविधियों को समर्थन दिया।

    लिस्टिंग के बाद निवेशकों को मिलने वाले लाभ में हालांकि कमी के संकेत सामने आए। सितंबर में आईपीओ का औसत लिस्टिंग प्रीमियम 15.1 प्रतिशत रहा, जबकि अगस्त में यह 24.4 प्रतिशत था। इसी तरह मीडियन लिस्टिंग लाभ अगस्त के 21.3 प्रतिशत से घटकर सितंबर में 5.9 प्रतिशत रह गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आईपीओ से पूंजी जुटाने की गतिविधि मजबूत रहने के बावजूद शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद मिलने वाला शुरुआती लाभ कम हुआ है। इससे नए निर्गमों में निवेश करने वाले लोगों के लिए लिस्टिंग प्रदर्शन पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो गया है।

    निवेश बैंकिंग उद्योग के आंकड़ों में भी मिली-जुली तस्वीर सामने आई। इक्विटी अंडरराइटिंग से मिलने वाली फीस नौ प्रतिशत घटकर 415.6 मिलियन डॉलर रह गई। इसके विपरीत, विलय और अधिग्रहण यानी एमएंडए से जुड़ी मजबूत गतिविधियों के कारण कुल निवेश बैंकिंग फीस दो प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 1.1 अरब डॉलर तक पहुंच गई। आगे आईपीओ बाजार की दिशा इस बात पर भी निर्भर करेगी कि निवेशकों की भागीदारी और लिस्टिंग से मिलने वाला लाभ किस स्तर पर बना रहता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 130 से अधिक कंपनियों के पास भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी से आईपीओ लाने की मंजूरी है। ऐसे में आने वाले महीनों में नए निर्गमों की गतिविधियों पर बाजार की नजर रहेगी।

  • शिवपुरी में कारों पर हुड़दंग का वीडियो वायरल, थाने के सामने से भी निकलीं गाड़ियां, 6 वाहन मालिकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा

    शिवपुरी में कारों पर हुड़दंग का वीडियो वायरल, थाने के सामने से भी निकलीं गाड़ियां, 6 वाहन मालिकों पर पुलिस ने कसा शिकंजा


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में गरबा कार्यक्रम के प्रचार के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने का मामला सामने आया है। यहां कारों की छत पर बैठकर प्रचार करती युवतियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यातायात पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने छह कारों के मालिकों पर पांच-पांच हजार रुपये के हिसाब से कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों की पहचान की गई और उनके नंबर ट्रेस कर वाहन मालिकों को यातायात थाने बुलाया गया। पुलिस ने सभी को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी है।

    जानकारी के मुताबिक मामला गुरुवार शाम का है जब शहर में आयोजित होने वाले एक गरबा कार्यक्रम के प्रचार के लिए करीब 20 कारों का काफिला निकाला गया था। बताया गया है कि एक होटल में होने वाले कार्यक्रम के प्रचार के लिए बालिकाओं और युवतियों को कारों में बैठाकर कस्टम गेट से शहर के प्रमुख मार्गों तक घुमाया गया। इस दौरान कुछ युवतियां कारों की छत पर बैठी दिखाई दीं। काफिला शहर के व्यस्त रास्तों से गुजरा और कोतवाली थाने के सामने से भी निकला। इस तरह सड़क पर चलती कारों की छत पर बैठकर प्रचार करने का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया और बाद में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।

    वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए अभियान चलाए जाने के बावजूद इस तरह की लापरवाही सामने आने पर पुलिस ने संबंधित वाहनों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे वाहनों के नंबरों के आधार पर उनके मालिकों तक पहुंच बनाई। इसके बाद छह वाहन मालिकों को यातायात थाने बुलाकर कार्रवाई की गई। पुलिस ने प्रत्येक वाहन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जिससे कुल चालान राशि 30 हजार रुपये हो गई।

    कार्रवाई के दौरान संबंधित वाहन मालिकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। उन्होंने भविष्य में इस तरह की गलती नहीं दोहराने की बात भी कही। यातायात पुलिस ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कार्यक्रम के प्रचार या उत्सव के दौरान सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।

    चलती कार की छत पर बैठना दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकता है। अचानक ब्रेक लगने या वाहन के मोड़ लेने पर व्यक्ति का संतुलन बिगड़ सकता है और गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों के प्रचार के दौरान भी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। शिवपुरी में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने संकेत दिया है कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाले यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। लोगों से अपील है कि उत्सव का माहौल बनाए रखते हुए अपनी और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

  • एलन मस्क की संपत्ति 36.4 अरब डॉलर घटी, स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में गिरावट से फिर एक ट्रिलियन डॉलर से नीचे पहुंचे

    एलन मस्क की संपत्ति 36.4 अरब डॉलर घटी, स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में गिरावट से फिर एक ट्रिलियन डॉलर से नीचे पहुंचे

    नई दिल्ली ।दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क की कुल संपत्ति एक बार फिर एक ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों में गिरावट के कारण उनकी संपत्ति में एक ही कारोबारी सत्र के दौरान 36.4 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई। 8 अक्टूबर 2026 को उनकी अनुमानित कुल संपत्ति घटकर 991.6 अरब डॉलर रह गई। इससे केवल तीन दिन पहले ही मस्क ने दोबारा एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का आंकड़ा पार किया था। शेयर बाजार में आई कमजोरी ने उनकी संपत्ति पर सीधा असर डाला।

    स्पेसएक्स के शेयरों में लगभग 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ने की एक वजह चिप निर्माता एनवीडिया से चिप खरीदने के लिए 40 अरब डॉलर जुटाने की संभावित योजना बताई गई। इस योजना को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच कंपनी के शेयर कमजोर हुए। वहीं, टेस्ला के शेयरों में भी दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। दोनों कंपनियों के शेयरों में कमजोरी का असर मस्क की कुल संपत्ति पर पड़ा और वह फिर ट्रिलियन डॉलर के स्तर से नीचे आ गए।

    मस्क ने पहली बार जून में एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का आंकड़ा पार किया था। उस समय स्पेसएक्स के सार्वजनिक बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद उनकी अनुमानित संपत्ति लगभग 1.45 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी। इसके बाद उनकी संपत्ति में उतार-चढ़ाव जारी रहा। ताजा गिरावट के साथ उनकी कुल संपत्ति 991.6 अरब डॉलर रह गई, जिससे वह एक बार फिर इस स्तर से नीचे आ गए। उनकी संपत्ति में बदलाव का प्रमुख कारण स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों के मूल्य में आई कमी रही।

    टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट का असर दूसरे प्रमुख अरबपतियों पर भी पड़ा। एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सन हुआंग की अनुमानित संपत्ति एक दिन में 6.1 अरब डॉलर घटकर 199.3 अरब डॉलर रह गई। इस गिरावट के बाद उनकी संपत्ति 200 अरब डॉलर के स्तर से नीचे आ गई। इसी तरह, ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन की संपत्ति में 8.9 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह घटकर 176.8 अरब डॉलर रह गई। दोनों कारोबारियों की संपत्ति में आई गिरावट ने टेक क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी के व्यापक असर को दिखाया।

    अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट के बावजूद जेन्सन हुआंग और लैरी एलिसन की सूची में स्थिति में बदलाव नहीं हुआ। वास्तविक समय में अरबपतियों की संपत्ति का आकलन करने वाली सूची में हुआंग सातवें और एलिसन आठवें स्थान पर बने रहे। हालांकि, गुरुवार के कारोबारी सत्र में दोनों की संपत्ति में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। शेयरों के बाजार मूल्य में होने वाले बदलाव के साथ इन कारोबारियों की अनुमानित संपत्ति भी घटती-बढ़ती रहती है।

    अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी टेक शेयरों में बिकवाली का असर दिखाई दिया। नैस्डैक-100 सूचकांक 1.4 प्रतिशत गिर गया। यह पिछले सात सप्ताह में उसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट रही। वहीं, एसएंडपी 500 सूचकांक में 0.5 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित शेयरों में बढ़ती बिकवाली को प्रमुख कारण बताया गया। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और प्रमुख अमेरिकी सूचकांक दबाव में रहे।

    इसके विपरीत, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी आईटी सूचकांक तीन प्रतिशत से अधिक चढ़ गया और 28,600 के स्तर को पार कर गया। इस तरह अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की कमजोरी के बीच भारतीय आईटी सूचकांक में तेजी दर्ज की गई।

  • भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के लिए इंदौर तैयार, 160 कैमरों से होगी निगरानी, 27,500 दर्शकों के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ओस पर रहेगी नजर

    भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले के लिए इंदौर तैयार, 160 कैमरों से होगी निगरानी, 27,500 दर्शकों के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ओस पर रहेगी नजर


    इंदौर । इंदौर में भारत और वेस्टइंडीज के बीच 11 अक्टूबर को होने वाले T20 इंटरनेशनल मुकाबले के लिए होलकर स्टेडियम में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मैच रात 7 बजे शुरू होगा और करीब 27 हजार 500 दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। मैदान से लेकर दर्शक दीर्घा और प्रवेश द्वारों तक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। दर्शकों की आवाजाही आसान बनाने के लिए स्टेडियम के बाहर रेलिंग लगाई जा रही हैं जबकि अंदर कुर्सियों की सफाई और धुलाई का काम जारी है। आयोजकों का कहना है कि मुकाबले से पहले लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मैच से पहले क्रिकेट प्रेमियों के लिए मौसम की खबर भी राहत देने वाली है। मौसम वैज्ञानिक आनंद हर्षाना के मुताबिक 8 से 12 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना नहीं है। मानसून का दौर समाप्त होने के बाद मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में फिलहाल बारिश के कारण मैच बाधित होने की आशंका कम है। हालांकि रात में होने वाले मुकाबले के दौरान ओस की स्थिति अहम रह सकती है। तापमान हवा और नमी का असर गेंदबाजों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। टॉस के समय कप्तानों को इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर रणनीति बनानी होगी। अचानक बारिश की स्थिति से निपटने के लिए भी आयोजकों ने बैकअप व्यवस्था तैयार रखी है।

    करीब 27 हजार 500 दर्शकों की संभावित मौजूदगी के कारण स्टेडियम के बाहर और भीतर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इस बार निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। स्टेडियम में लगभग 160 CCTV कैमरे लगाए गए हैं जिनकी मदद से अलग-अलग हिस्सों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। पुलिस और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। प्रवेश द्वारों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलिंग लगाई जा रही हैं ताकि दर्शक व्यवस्थित कतारों में स्टेडियम के भीतर पहुंच सकें। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे टिकट पर दर्ज प्रवेश द्वार की जानकारी पहले से देख लें और सुरक्षा जांच के लिए पर्याप्त समय लेकर पहुंचें।

    होलकर स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत इसकी छोटी बाउंड्री मानी जाती है। यहां चौकोर बाउंड्री करीब 56 मीटर और सीधी बाउंड्री लगभग 68 मीटर बताई जाती है। T20 जैसे छोटे प्रारूप में इसका महत्व और बढ़ जाता है क्योंकि सही टाइमिंग से लगाए गए शॉट आसानी से बाउंड्री तक पहुंच सकते हैं। इसी वजह से दर्शकों को बड़े शॉट और तेजी से बनते स्कोर की उम्मीद रहेगी। हालांकि छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों के लिए जितनी फायदेमंद होती है उतनी ही गेंदबाजों के लिए चुनौती भी बन सकती है। पावरप्ले के शुरुआती छह ओवर में दोनों टीमों की रणनीति मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    होलकर स्टेडियम का इतिहास भी कई यादगार क्रिकेट उपलब्धियों से जुड़ा है। 8 दिसंबर 2011 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में वीरेंद्र सहवाग ने 149 गेंदों पर 219 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। उनकी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 418 रन बनाए और वेस्टइंडीज को बड़े अंतर से हराया। इस मैदान पर भारत ने लंबे समय तक वनडे मुकाबलों में लगातार जीत का सिलसिला बनाए रखा था। हालांकि जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर यह सिलसिला तोड़ दिया। अब 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज की टीमें इसी मैदान पर T20 प्रारूप में आमने-सामने होंगी।

    मैच को लेकर इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है। एक ओर मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात देखने की उम्मीद है तो दूसरी ओर आयोजकों के सामने हजारों दर्शकों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से प्रवेश दिलाने की चुनौती रहेगी। मौसम फिलहाल अनुकूल रहने का अनुमान है और तैयारियां अंतिम दौर में हैं। अब सबकी नजरें मुकाबले पर टिकी हैं जहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिच की परिस्थितियां और रात में पड़ने वाली ओस मैच का रोमांच बढ़ा सकती हैं।

  • इंदौर में गैरेज संचालक पर 2 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप, बॉडी बिल्डिंग और AC के नाम पर ली रकम, काम अधूरा छोड़कर भागा

    इंदौर में गैरेज संचालक पर 2 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप, बॉडी बिल्डिंग और AC के नाम पर ली रकम, काम अधूरा छोड़कर भागा


    इंदौर । इंदौर में बसों की बॉडी बिल्डिंग और इंटीरियर तैयार करने के नाम पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक गैरेज संचालक ने 18 से ज्यादा बस मालिकों से बॉडी बनाने सीट कवर लगाने एसी फिट करने और इंटीरियर कस्टमाइजेशन के लिए एडवांस रकम ली लेकिन काम पूरा किए बिना फरार हो गया। लंबे समय तक आरोपी से संपर्क नहीं होने और गैरेज व अन्य ठिकानों पर तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चलने पर पीड़ित बस संचालकों ने पुलिस से शिकायत की। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ताओं में राजा दिव्यांशु बर्मन प्रथम गुप्ता सूरज भारद्वाज शमशेर सिंह सहित अन्य बस मालिक शामिल हैं। इन लोगों ने जनसुनवाई के दौरान डीसीपी को लिखित शिकायत देकर अपनी परेशानी बताई थी। शिकायत में मोहित उर्फ मन्नू पुत्र सत्यनारायण दीक्षित पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि आरोपी एमबी बस के नाम से बसों की बॉडी बनाने और उन्हें जरूरत के मुताबिक तैयार करने का काम करता था। इसी कारोबार के सिलसिले में बस संचालकों ने उसे अलग-अलग कामों के लिए बड़ी रकम एडवांस में दी थी।

    पीड़ितों का कहना है कि आरोपी के साथ उनका लंबे समय से व्यावसायिक लेनदेन चल रहा था। इसी वजह से उन्हें उस पर भरोसा था और उन्होंने बिना किसी आशंका के बसों के काम के लिए रकम सौंप दी। बसों की बॉडी बिल्डिंग से लेकर सीट कवर एसी और इंटीरियर तैयार कराने तक के काम के लिए भुगतान किया गया था। आरोप है कि रकम मिलने के बाद आरोपी ने कुछ काम अधूरे छोड़ दिए और कई मामलों में काम आगे नहीं बढ़ाया। इसके बाद वह कथित तौर पर अपने ठिकानों से गायब हो गया। पीड़ितों के मुताबिक इस पूरे मामले में कुल दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम फंसी हुई है।

    शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बसों पर काम कराने के बावजूद सप्लायरों और कारीगरों को भुगतान नहीं किया गया। इससे बस मालिकों की परेशानी और बढ़ गई। बसों का काम अधूरा रहने और भुगतान से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका है। जब आरोपी से संपर्क करने की कोशिशें सफल नहीं हुईं तो बस मालिक कई दिनों तक उसके गैरेज और विजय नगर स्थित ठिकानों पर पहुंचते रहे। लेकिन वहां भी उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी मोहित उर्फ मन्नू के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों भुगतान के रिकॉर्ड और शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। फिलहाल आरोपों की विस्तृत जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले ने व्यावसायिक लेनदेन में भरोसे के आधार पर बड़ी रकम एडवांस देने और भुगतान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

  • 172 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार को इजरायल का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान, अमेरिका भी करेगा सम्मानित

    172 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार को इजरायल का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान, अमेरिका भी करेगा सम्मानित

    नई दिल्ली ।फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर संकट के दौरान 172 यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए साहस दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने उन्हें ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ देने की घोषणा की है। इसके अलावा, अमेरिका में भी कैप्टन मच्छार के साहस को सम्मान दिया जाएगा। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति उनके योगदान की सराहना करते हुए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में बयान दर्ज कराएंगे।

    इजरायल के राष्ट्रपति की ओर से सम्मान देने की घोषणा कैप्टन मच्छार के स्वस्थ होने के बाद की जाएगी। भारत में इजरायली दूतावास ने इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कैप्टन की बहादुरी और साहस ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। उनके पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करते हुए इजरायल ने उनके योगदान के लिए आभार जताया है। यह सम्मान विमान में पैदा हुए गंभीर संकट के दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के मद्देनजर दिया जा रहा है।

    यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड 1073 में हुई थी। आरोप है कि उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। इस दौरान विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। राजा कृष्णमूर्ति के बयान के मुताबिक, विमान महज 30 सेकंड में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया था। ऐसे हालात में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान और उसमें सवार लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयास करते रहे।

    गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार किसी तरह कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचे और उसे खोलने में सफल रहे। इससे विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को कॉकपिट के भीतर पहुंचने तथा कथित हमलावर को काबू करने का अवसर मिला। इस कार्रवाई ने संकट के दौरान स्थिति संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कैप्टन की कोशिशों के बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के दो रिजर्व पायलटों ने नियंत्रण संभाला और उड़ान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक में उतारा।

    विमान में कुल 172 यात्री सवार थे। इनमें चार अमेरिकी नागरिक और 27 बच्चे भी शामिल थे। घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया था। इसके बावजूद विमान को सुरक्षित उतारने में सफलता मिली। कैप्टन मच्छार के साहस और संकट के समय लिए गए फैसलों को इसी वजह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटना में उनकी भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।

    भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार के पास विमान संचालन का 17 वर्षों का अनुभव है। इसमें 11 वर्ष कप्तान के रूप में काम करने का अनुभव शामिल है। राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि जानलेवा हमले का सामना करने के बावजूद कैप्टन ने विमान में सवार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में भी कैप्टन को यह अहसास था कि विमान में मौजूद लोगों की जिंदगी उनके अगले कदम पर निर्भर हो सकती है। अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने खतरे को समझा और कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने का साहसिक फैसला किया।

    कृष्णमूर्ति ने अमेरिकी कांग्रेस के आधिकारिक रिकॉर्ड में कैप्टन मच्छार के साहस की सराहना दर्ज कराने की घोषणा की है। उन्होंने अन्य सांसदों से भी इस बहादुरी को सम्मानित करने की अपील की। उनका कहना है कि कैप्टन की सूझबूझ, दृढ़ निश्चय और साहस ने यात्रियों तथा चालक दल को हमले को रोकने और संभावित बड़े हादसे से बचने का अवसर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि विमान में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के पीछे एक परिवार है और कैप्टन के प्रयासों से अनेक परिवारों को अपूरणीय दुख से बचने का अवसर मिला।