सस्ते ऋण की आवश्यकता
सरकारी पहलों का महत्व


मंगलवार को कलेक्टर बालागुरु के. ने कृषि विभाग के अधिकारियों को राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप कृषि रथों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।
कृषि रथ बताएगा खेती के नए रास्ते
कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, उन्नत बीजों का चयन, कीट एवं रोग प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इसके साथ ही फसल विविधीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता, ई-तकनीक से जुड़ी योजनाएं और पराली प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर भी मार्गदर्शन किया जाएगा।
अभियान की शुरुआत जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर की जाएगी, जिससे गांव-गांव तक इसका प्रभावी संदेश पहुंचे।
तकनीकी विशेषज्ञ देंगे मौके पर समाधान
प्रत्येक कृषि रथ के साथ एक तकनीकी दल रहेगा, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे।
कृषि रथ अभियान की दैनिक प्रगति की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और जिले में नवाचार आधारित खेती को नई दिशा मिलेगी।
कृषि वर्ष 2026 सीहोर के किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और समृद्धि का नया अध्याय साबित होने की उम्मीद है।

‘आरोप झूठे, सच्चाई कुछ और’
आईएएनएस को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ओनलर कोम ने कहा कि मैरी कॉम द्वारा लगाए गए आरोप सच्चाई से कोसों दूर हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी में तनाव कोई नई बात नहीं थी, बल्कि यह समस्या एक दशक से भी अधिक समय पुरानी है। ओनलर के अनुसार, मैरी कॉम 2013 से ही अलग-अलग रिश्तों में थीं और 2017 से मैरी कॉम बॉक्सिंग एकेडमी से जुड़े एक व्यक्ति के साथ उनका रिश्ता रहा है।
‘मेरे पास सबूत हैं, लेकिन चुप रहा’
ओनलर कोम ने कहा कि उनके पास इन दावों से जुड़े व्हाट्सएप मैसेज और अन्य सबूत मौजूद हैं, लेकिन उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से बात नहीं की। उनका कहना है कि उन्हें मैरी कॉम के आगे बढ़ने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर उन्हें दोषी ठहराया जाना स्वीकार्य नहीं है।
पैसों के आरोपों पर जवाब
मैरी कॉम द्वारा लगाए गए पैसों की हेराफेरी के आरोपों पर ओनलर ने कहा कि अगर उन्होंने करोड़ों रुपये चुराए होते, तो आज उनकी जिंदगी की हालत कुछ और होती। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में किराए के मकान में रह रहे हैं और उनके पास कोई बड़ी संपत्ति नहीं है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर प्रॉपर्टी या पैसे उनके नाम पर हैं, तो मैरी कॉम सबूत पेश करें।
बच्चों को लेकर भावुक बयान
ओनलर कोम ने अपने बच्चों को लेकर भावुक होते हुए कहा कि वे अपने बेटों से मिलना चाहते हैं, जो फिलहाल बोर्डिंग स्कूल में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश में उन्होंने हमेशा भूमिका निभाई है और उन्हें सिर्फ “इस्तेमाल करके छोड़ दिया गया” महसूस होता है।
तलाक के बाद भी विवाद जारी
ओनलर और मैरी कॉम की शादी 2005 में हुई थी और उनके चार बच्चे हैं। दोनों का 2023 में तलाक हो चुका है, लेकिन कानूनी और भावनात्मक विवाद अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा। ओनलर ने साफ कहा कि वह कोर्ट में लंबी लड़ाई नहीं चाहते, लेकिन अपने ऊपर लगे आरोपों को यूं ही स्वीकार भी नहीं करेंगे।
निजी विवाद, सार्वजनिक बहस
यह मामला अब एक निजी रिश्ते से निकलकर सार्वजनिक बहस का रूप ले चुका है। जहां एक ओर मैरी कॉम की लोकप्रियता और उपलब्धियां हैं, वहीं दूसरी ओर ओनलर कोम का कहना है कि सच को जाने बिना एकतरफा राय बनाई जा रही है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस विवाद में कानूनी तौर पर क्या सच सामने आता है।

पीला रंग सूर्य देव का प्रिय रंग
मकर संक्रांति के दिन पीला रंग पहनने की परंपरा है। पीला रंग सूर्य देव का प्रिय रंग माना जाता है और यह ज्ञान समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन पीला रंग पहनने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। पीला रंग ऊर्जा और उत्साह को बढ़ावा देता है और इसे शुभ और सौभाग्यवर्धक माना जाता है। इसलिए मकर संक्रांति के दिन पीला रंग पहनकर हम सूर्य देव को सम्मान देते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।
नारंगी केसरिया रंग ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक
नारंगी रंग जिसे केसरिया रंग भी कहा जाता है इस दिन एक और शुभ रंग है। नारंगी रंग ऊर्जा उत्साह और आध्यात्मिक शक्ति का संकेत देता है। यह रंग हमें जीवन में नयापन शक्ति और आत्मविश्वास का अहसास कराता है। मकर संक्रांति के दिन नारंगी रंग पहनने से न केवल हमारे भीतर ऊर्जा का संचार होता है बल्कि यह हमें मानसिक शांति और स्थिरता भी प्रदान करता है। इसके अलावा नारंगी रंग सूर्य के ऊर्जा से जुड़ा होता है और यही कारण है कि यह इस दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
लाल रंग शक्ति और साहस का प्रतीक
लाल रंग जो शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है मकर संक्रांति पर पहनने के लिए एक और शुभ रंग है। यह रंग जीवन में उत्साह और नकारात्मकता से लड़ने की शक्ति को बढ़ाता है। लाल रंग पहनने से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और यह उसे किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए मानसिक और शारीरिक ताकत देता है। मकर संक्रांति के दिन लाल रंग पहनकर हम अपनी आंतरिक शक्ति को जागृत कर सकते हैं और जीवन में सफलता की ओर बढ़ सकते हैं।
सुनहरा रंग वैभव और सफलता का प्रतीक
सुनहरा रंग जो सूर्य देव के साथ जुड़ा हुआ है वैभव सफलता और तेज का प्रतीक है। मकर संक्रांति के दिन सुनहरा रंग पहनना शुभ माना जाता है क्योंकि यह न केवल सूर्य के उज्ज्वल प्रकाश से जुड़ा है बल्कि यह व्यक्ति को समृद्धि और सफलता की दिशा में प्रेरित करता है। सुनहरा रंग पहनने से व्यक्ति के जीवन में खुशहाली और सफलता आती है। इसके अलावा यह रंग किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए आदर्श माना जाता है।
किन रंगों से बचें
जहां मकर संक्रांति पर कुछ रंगों को पहनना शुभ माना जाता है वहीं कुछ रंगों से बचने की भी सलाह दी जाती है। काला और गहरा नीला रंग इस दिन पहनने से परहेज किया जाता है क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। इन रंगों का पहनना व्यक्ति की ऊर्जा को कमजोर कर सकता है और यह शुभता में कमी ला सकता है। इसलिए इस दिन काले और गहरे नीले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
मकर संक्रांति के दिन की अन्य परंपराएं
मकर संक्रांति का त्योहार सिर्फ रंगों से जुड़ा नहीं है बल्कि इस दिन के साथ कई धार्मिक और सामाजिक परंपराएं जुड़ी हुई हैं। इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य देकर दान-पुण्य और स्नान करने से सुख-समृद्धि स्वास्थ्य और सफलता की प्राप्ति होती है। मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ के लड्डू भी बांटे जाते हैं जो एकता और मित्रता का प्रतीक होते हैं।मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है जो सूर्य देव के प्रति आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन विशेष रंगों के कपड़े पहनकर हम अपनी जीवन शक्ति को सकारात्मक दिशा में मोड़ सकते हैं और सूर्य देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। पीला नारंगी लाल और सुनहरा रंग पहनने से न केवल शुभता और समृद्धि मिलती है बल्कि यह ऊर्जा और उत्साह से भी भर देता है। तो इस मकर संक्रांति इन रंगों के कपड़े पहनें और सूर्य देव से शुभ आशीर्वाद प्राप्त करें!

शिवसेना के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक अभिषेक वर्मा ने कहा कि पार्टी अब यूपी में मजबूत स्थिति में है और इसे और बेहतर किया जाएगा। वर्मा ने स्पष्ट किया कि शिवसेना केवल विधानसभा चुनाव में ही नहीं, बल्कि जिला पंचायत, नगर पंचायत और निकाय चुनावों में भी सक्रिय होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवसेना की एंट्री यूपी के राजनीतिक परिदृश्य में नई हलचल पैदा करेगी। सुभासपा, निषाद पार्टी और अपना दल पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वे पंचायत चुनाव अकेले लड़ेंगे और विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि किस दल की रणनीति प्रभावित होती है और किस सीट पर खेल बदल सकता है।
उत्तर भारतीयों के साथ महाराष्ट्र में कथित भेदभाव और मारपीट के सवाल पर वर्मा ने स्पष्ट किया कि शिवसेना गुंडागर्दी नहीं करती।
शिवसेना की सक्रियता से उत्तर प्रदेश में हिंदू वोट बैंक में हलचल और एनडीए के गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर नई रणनीति बन सकती है। बीजेपी के लिए यह चुनौती और अवसर दोनों है, क्योंकि गठबंधन में सीटों का बंटवारा और उम्मीदवार चयन अब और अधिक संवेदनशील मुद्दा बन गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 2027 विधानसभा चुनाव में शिवसेना की भागीदारी राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल सकती है। अब यह देखना रोचक होगा कि कौन सा दल इस नए मोड़ का फायदा उठाता है और किसकी रणनीति प्रभावित होती है। राजनीतिक हलचल और गठबंधन की राजनीति यूपी के मतदाताओं के लिए भी बेहद दिलचस्प और निर्णायक साबित हो सकती है।

मीठी चीजों जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड से दांतों पर असर
डेंटिस्ट डॉ. लीना गुलानी का कहना है कि अगर आप लगातार मीठे खाद्य पदार्थों जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं तो यह दांतों की सड़न और अन्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। ऐसे खाद्य पदार्थों में शुगर अस्वास्थ्यकर फैट्स और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं जो दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचाते हैं। शुगर के साथ बैक्टीरिया दांतों में जमा हो जाते हैं जिससे सड़न और कैविटी का खतरा बढ़ जाता है। यदि लंबे समय तक ऐसा खानपान जारी रखा जाए तो यह मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं को भी जन्म दे सकता है। शुगर के अत्यधिक सेवन से दांतों में प्लाक और टार्टर का निर्माण होता है जिससे सड़न की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा जंक फूड जो अक्सर तला हुआ और नमकीन होता है दांतों में फंसा रह जाता है और इसे समय पर साफ न करने पर यह दांतों में सड़न पैदा कर सकता है।
तंबाकू का सेवन दांतों के लिए गंभीर खतरा
तंबाकू का सेवन न केवल शरीर के लिए हानिकारक है बल्कि यह दांतों और मसूड़ों के लिए भी बेहद खतरनाक है। डॉ. लीना गुलानी के अनुसार तंबाकू से दांतों में सड़न मसूड़ों से खून आना मुंह में बदबू और गम रोग जैसे गंभीर स्वास्थ्य मुद्दे हो सकते हैं। तंबाकू से दांतों में पीला रंग और काले दाग पड़ सकते हैं। यह मसूड़ों की सूजन और मसूड़ों की बीमारी का कारण भी बनता है। इसके अलावा तंबाकू के सेवन से मुंह के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
दांतों की समस्याओं के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
यदि आपको दांतों में दर्द मसूड़ों में सूजन खून आना या मुंह से बदबू जैसी समस्याएं महसूस हों तो इसे हल्के में लेना बिल्कुल भी उचित नहीं है। डॉ. गुलानी का कहना है कि इन लक्षणों की अनदेखी करना दांतों की बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है जो बाद में गंभीर समस्याएं बन सकती हैं। समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श और इलाज लेने से बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सकता है।
सही टूथब्रश और डाइट का महत्व
दांतों की सेहत को बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी चीज है सही टूथब्रश का चयन और उसे नियमित रूप से इस्तेमाल करना। डॉ. गुलानी के अनुसार दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना दांतों की सफाई और सड़न से बचाव में मदद करता है। इसके साथ ही बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट का पालन करना भी बहुत महत्वपूर्ण है। भोजन में शुगर की मात्रा कम करने से न केवल दांतों की सड़न से बचा जा सकता है बल्कि यह आपके पूरे शरीर के लिए भी फायदेमंद होता है।इसके अलावा ज्यादा मीठी चीजों और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से बचें क्योंकि ये शरीर के लिए न केवल दांतों की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि आपके समग्र स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2025 का खिताब जीता था. उस ऐतिहासिक जीत के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में विजेता टीम RCB के लिए जीत की परेड होने वाली थी. इसी दौरान स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी, जिसके कारण 11 लोगों की मौत हो गई थी. उस दुखद घटना के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में कोई उच्च स्तरीय क्रिकेट मैच नहीं खेला गया है.
RCB को मिलेंगे 2 नए होमग्राउंड!
खबर है कि RCB अगले सीजन यानी IPL 2026 में पांच मैच नवी मुंबई में खेल सकती है, जबकि 2 मुकाबले रायपुर में करवाए जा सकते हैं. आरसीबी मैनेजमेंट ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके इस नतीजे पर पहुंचा है. पिछले साल चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ के बाद लगातार मैदान को लेकर सुरक्षा चिंताएं चर्चा का केंद्र बनी रही हैं. अभी तक चिन्नास्वामी स्टेडियम को किसी बड़े लेवल का मैच आयोजित करने की अनुमति नहीं मिल पाई है.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पिछले सीजन बेहतरीन प्रदर्शन किया था. पॉइंट्स टेबल में RCB की टीम दूसरे स्थान पर रही थी. वहीं फाइनल में बेंगलुरु की टीम ने पंजाब किंग्स को 6 रनों से हराकर जीत दर्ज की थी. ये 18 साल में पहला मौका रहा जब RCB ने इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब जीता.
राजस्थान रॉयल्स का भी बदलेगा होमग्राउंड
पिछले वर्ष राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव नहीं करवा पाई थी. उसके बाद आईपीएल चेयरमैन अरुण सिंह धूमल ने RCA से कहा था कि वह चुनाव नहीं करवा पाता है तो राजस्थान रॉयल्स की टीम अपने घरेलू मैच जयपुर में आयोजित नहीं करवा पाएगी.

मूंगफली की एलर्जी दुनिया भर में सबसे आम और खतरनाक एलर्जी मानी जाती है। यह एलर्जी गंभीर परिणाम दे सकती है। यदि किसी व्यक्ति को मूंगफली से एलर्जी है तो उसे इससे बने उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। एलर्जी की प्रतिक्रियाएं त्वचा पर चकत्ते खुजली दस्त और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षणों के रूप में सामने आ सकती हैं। गंभीर मामलों में एनाफिलेक्सिस एक प्रकार की जानलेवा एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है जो तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है। इस कारण से मूंगफली या उससे बने उत्पादों से पूरी तरह से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
सामान्य मूंगफली में सोडियम की मात्रा बहुत कम होती है लेकिन बाजार में मिलने वाली अधिकतर मूंगफली ‘रोस्टेड और साल्टेड’ नमकीन होती हैं जिनमें अतिरिक्त नमक होता है। नमक का अत्यधिक सेवन उच्च रक्तचाप हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों के लिए खतरनाक हो सकता है। यह रक्तचाप को अचानक बढ़ा सकता है जो हृदय रोगियों के लिए गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो नमकीन मूंगफली से बचें और केवल बिना नमक वाली मूंगफली का सेवन करें।
शरीर में सूजन ,सूजन और जलन की समस्या
मूंगफली में ओमेगा-6 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है जबकि ओमेगा-3 की कमी होती है। शरीर में इन फैटी एसिड्स का असंतुलन सूजन और जलन की समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है। जो लोग पहले से ही जोड़ों के दर्द आर्थराइटिस या शरीर में सूजन से पीड़ित हैं उन्हें मूंगफली का सेवन बहुत सोच-समझ कर करना चाहिए। ओमेगा-6 का अत्यधिक सेवन सूजन बढ़ा सकता है जिससे इन समस्याओं में वृद्धि हो सकती है। इसीलिए ऐसे लोग मूंगफली के सेवन में सावधानी बरतें और डॉक्टर से परामर्श लें।
मूंगफली में फाइटिक एसिड पाया जाता है जो शरीर में आवश्यक मिनरल्स जिंक आयरन कैल्शियम मैग्नीशियम के अवशोषण में बाधा डालता है। यदि आप इन मिनरल्स की कमी से जूझ रहे हैं तो मूंगफली का अत्यधिक सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यह फाइटिक एसिड शरीर में इन महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी को बढ़ा सकता है जिससे अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे लोगों को मूंगफली के सेवन में संयम बरतना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
मूंगफली का सेवन सेहत के लिए कई लाभकारी हो सकता है लेकिन यह हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। खासकर जिन लोगों को एलर्जी हाई ब्लड प्रेशर सूजन की समस्या या मिनरल्स की कमी है उन्हें मूंगफली से बचना चाहिए। किसी भी चीज की अति हानिकारक हो सकती है और यदि आप उपरोक्त में से किसी भी श्रेणी में आते हैं तो मूंगफली को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। इसके अलावा अगर आप सर्दियों में मूंगफली का आनंद लेना चाहते हैं तो सीमित मात्रा में और बिना नमक वाली मूंगफली का सेवन करना सबसे बेहतर रहेगा

HT सिटी से बात करने वाले एक सूत्र के अनुसार: “हिंदू फेरे की सेरेमनी एक शानदार बारात के साथ शुरू हुई, जिसमें लगभग सौ लोग पारंपरिक छतरियां लिए हुए थे। स्टेबिन, अपने दोस्तों के साथ, नाचते हुए वेन्यू तक पहुंचे, जिससे जुलूस एक हाई-एनर्जी सेलिब्रेशन में बदल गया।”