Author: bharati

  • MP: बच्चे चीनी मांझे से पतंग उड़ाते पकड़े गए तो माता-पिता होंगे जिम्मेदार, HC के सख्त निर्देश

    MP: बच्चे चीनी मांझे से पतंग उड़ाते पकड़े गए तो माता-पिता होंगे जिम्मेदार, HC के सख्त निर्देश

    भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने चीनी मांझे (Chinese kite string) पर लगे प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ किया है कि यदि कोई बच्चा इस घातक डोर से पतंग उड़ाते पकड़ा गया तो उसके माता-पिता (Parents) को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। साथ ही चीनी मांझे की बिक्री या उपयोग करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) (लापरवाहीपूर्ण कृत्य के कारण होने वाली मृत्यु) के तहत कार्रवाई होगी।


    बेचने वालों पर भी चलेगा लापरवाही से मौत का केस

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने आदेश दिया है कि लोगों को जागरूक किया जाए कि चीनी मांझे को बेचने या इस्तेमाल करने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) के तहत मामला दर्ज हो सकता है। यह धारा लापरवाही के कारण होने वाली मृत्यु से संबंधित है। अदालत ने पिछले साल 11 दिसंबर को चीनी मांझे से होने वाली मौतों और हादसों पर चिंता जताते हुए खुद जनहित याचिका के तौर पर संज्ञान लिया।


    सरकार ने कहा- चलाएंगे अभियान

    मध्य प्रदेश सरकार ने न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की अदालत को बताया कि चीनी मांझे की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। चीनी मांझे से होने वाले हादसों को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। चीनी मांझे के इस्तेमाल और बिक्री को हतोत्साहित करने के लिए अखबारों और टीवी चैनलों के माध्यम से एक बड़ा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।


    अभिभावक को भी ठहराया जा सकता है जिम्मेदार

    अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि जागरूकता अभियान में यह साफ बताया जाए कि चीनी मांझे की बिक्री या इस्तेमाल करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) के तहत केस चलेगा। यदि कोई नाबालिग बच्चा इस खतरनाक मांझे से पतंग उड़ाता पाया गया तो इसके लिए उसके माता-पिता या अभिभावक को भी कानूनन जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।


    आसपास के जिलों में भी किया जाएगा लागू

    इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि प्रशासन जल्द निर्देशों का पालन करते हुए जरूरी आदेश जारी करेगा। अदालत को यह भी भरोसा दिया गया कि निर्देशों को इंदौर आसपास के जिलों में भी लागू किया जाएगा। बता दें कि पिछले डेढ़ महीने में इंदौर में चीनी मांझे से गला कटने के कारण दो लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन ने चीनी मांझे पर पूरी तरह रोक लगा रखी है फिर भी कई लोग चोरी से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • MP: सौगातें लेकर आएगा कृषक कल्याण वर्ष…. हर किसान के पास होगा सोलर पंप

    MP: सौगातें लेकर आएगा कृषक कल्याण वर्ष…. हर किसान के पास होगा सोलर पंप


    भोपाल।
    कृषक कल्याण वर्ष (Farmers’ Welfare Year) किसानों के लिए कई सौगातें लेकर आएगा. सौर ऊर्जा (Solar energy) से संचालित सिंचाई पंपों से न केवल किसान दिन में ही खेतों में सिंचाई कर पाएंगे अपितु इससे बचने वाली बिजली से प्रदेश ऊर्जा में सरप्लस हो जाएगा. हर किसान के पास सोलर पंप होगा.किसान सौर ऊर्जा से खेती करेंगे।

    प्रदेश में 52 हजार किसानों के खेत में सोलर पंप स्थापित करने की योजना प्रारंभ की गई है। सोलर पंप स्थापित हो जाने से अब प्रदेश का किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बनेगा। अब प्रदेश के किसान सूरज से खेती करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) की इस अभिनव पहल के तहत 34 हजार 600 इकाइयों को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर 33 हजार कार्यदेश जारी किए जा चुके हैं। किसान के खेत में सोलर पम्प स्थापित होने से अब उन्हें विद्युत प्रदाय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। सोलर पम्प से उत्पादित अतिरिक्त ऊर्जा को किसान सरकार को बेच कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा लगातार किसानों को सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए विभिन्न योजनाओं में लाभ प्रदान कर सक्षम बनाया जा रहा है।


    प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे

    किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा. विभिन्न सिंचाई परियोजना और सिंचाई की आधुनिकतम तकनीकी के प्रयोग से सिंचाई का रकबा अधिक से अधिक बढ़ाने का प्रयास रहेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है प्रदेश में सिंचाई क्षमता को आगामी वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना.

    प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी। प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी। पार्वती-काली-सिंध और चम्बल अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि है. महाराष्ट्र राज्य के साथ क्रियान्वित होने वाली मेगा तापी भूजल भरण परियोजना विश्व की अनूठी परियोजना है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।

    राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया है। इस सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी। सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे। राज्य की नदियों में बाढ़, जल प्रबंधन, जल के समुचित उपयोग नदी कछारों में पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन भी गया।

    भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर भी कार्य किया जा रहा है. राज्य में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

    सिंहस्थ- 2028 में दुनिया भर से उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं को शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान कराने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं. सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन निर्माणाधीन है, जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसी तरह कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य भी किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है।

  • ट्रेन लेट होने पर टिकट कैंसिल करने से न करें गलती, मुआवजे का दावा हो सकता है खारिज

    ट्रेन लेट होने पर टिकट कैंसिल करने से न करें गलती, मुआवजे का दावा हो सकता है खारिज


    भोपाल । भोपाल ट्रेन देरी से चलने पर यात्री जल्दबाजी में टिकट कैंसिल करने की गलती न करें क्योंकि ऐसा करने से उन्हें न तो पूरा रिफंड मिलेगा और न ही मानसिक क्षतिपूर्ति का दावा स्वीकार होगा। भोपाल के एक मामले में उपभोक्ता आयोग ने यह स्पष्ट किया कि यदि यात्री ट्रेन के लेट होने के कारण बिना रेलवे की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए टिकट कैंसिल कर देते हैं तो वे मुआवजे से हाथ धो सकते हैं। यह फैसला उन लाखों यात्रियों के लिए एक अहम संदेश है जो ट्रेन के समय से लेट होने पर बिना सही प्रक्रिया का पालन किए जल्दबाजी में टिकट कैंसिल कर देते हैं।

    क्या है पूरा मामला

    भोपाल के एक निवासी ने सितंबर 2023 में भोपाल से नई दिल्ली जाने के लिए आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस में AC-2 श्रेणी का टिकट बुक किया था। ट्रेन निर्धारित समय से करीब तीन घंटे की देरी से नई दिल्ली पहुंची। इस देरी के कारण यात्री की आगे की यात्रा भी प्रभावित हुई, क्योंकि उसे नई दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस का कनेक्शन छूट गया। इस स्थिति में यात्री ने दोनों यात्रा टिकट कैंसिल करवा दिए। लेकिन, जब उसे पूरा रिफंड नहीं मिला तो उसने रेलवे पर सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट किया कि सिर्फ ट्रेन की देरी के आधार पर टिकट कैंसिल करना और रिफंड की मांग करना सही नहीं है। यदि यात्री ने रेलवे द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया है, तो उसे पूरा रिफंड और मानसिक क्षतिपूर्ति का दावा नहीं मिल सकता।

    उपभोक्ता आयोग का फैसला

    उपभोक्ता आयोग ने यह कहा कि जब भी ट्रेन की देरी हो, तो यात्री को पहले रेलवे द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधाओं और विकल्पों का लाभ उठाना चाहिए, जैसे कि मुआवजे के लिए आवेदन करना या ट्रेनों का अन्य विकल्प तलाशना। सिर्फ टिकट कैंसिल करके और बिना प्रक्रिया का पालन किए मुआवजे का दावा करना गलत है और यह न केवल यात्रियों के लिए बल्कि रेलवे के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है। यह फैसला यात्रियों को यह सिखाता है कि ट्रेन लेट होने पर घबराहट में कोई जल्दबाजी का कदम न उठाएं और सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का नुकसान न हो।

  • पदोन्नति नियम 2025 के दो प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने की मांग, हाई कोर्ट में याचिका दायर

    पदोन्नति नियम 2025 के दो प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने की मांग, हाई कोर्ट में याचिका दायर


    जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन के पदोन्नति नियम 2025 के तहत कुछ प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में यह दावा किया गया है कि इन नियमों का पालन सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है। यह मामला अब हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए रखा गया है और कोर्ट ने 13 जनवरी को मामले की सुनवाई निर्धारित की है।

    याचिकाकर्ता सिवनी निवासी ज्वाइंट डायरेक्टर सुरेश कुमरे हैं, जो मध्य प्रदेश शासन के पदोन्नति नियम 2025 के दो महत्वपूर्ण प्रावधानों को चुनौती दे रहे हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार इन नियमों में उल्लेखित कुछ बातें आरक्षित वर्ग और अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों के लिए भेदभावपूर्ण हैं और इससे संविधान की मूल भावना का उल्लंघन हो रहा है। विशेष रूप से पदोन्नति के संबंध में नियम 11 में कहा गया है कि पहले आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों की सूची बनाई जाएगी, उसके बाद अनारक्षित वर्ग की सूची बनेगी। इसके कारण, अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी यदि मेरिट में बेहतर हैं, तो भी वे आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों से पीछे रह सकते हैं और उन्हें पदोन्नति का मौका नहीं मिल सकता।

    इस नियम को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ बताया गया है, जिनमें यह साफ किया गया था कि पदोन्नति के लिए आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को प्राथमिकता देना एक सीमा तक ही उचित है, और यदि अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी मेरिट में बेहतर हैं तो उन्हें पदोन्नति का अवसर दिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह नियम अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण भेदभाव करता है और इसे संविधान के अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार के तहत असंवैधानिक करार दिया जाना चाहिए।
    इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करेंगे।

    हाई कोर्ट ने इस मामले को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ संलग्न कर दिया है जिससे यह मामला एक व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाएगा।सुरेश कुमरे ने कहा कि यदि यह नियम लागू होता है तो यह न केवल उन कर्मचारियों के लिए अन्यायपूर्ण होगा बल्कि यह सरकारी प्रशासन में भी असंतुलन पैदा कर सकता है। इसलिए वे इस नियम को चुनौती देने के लिए कोर्ट पहुंचे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिले और कोई भी वर्ग अपने मेरिट के आधार पर पदोन्नति से वंचित न रहे। हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 13 जनवरी को तय की गई है और अब सबकी निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हैं।

  • बॉक्स ऑफिस दिन 4: गिरावट के बावजूद ‘द राजा साब’ का ‘धुरंधर’ पर भारी पड़ना

    बॉक्स ऑफिस दिन 4: गिरावट के बावजूद ‘द राजा साब’ का ‘धुरंधर’ पर भारी पड़ना

    नई दिल्ली। प्रभास स्टारर फिल्म ‘द राजा साब’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिलीज के साथ ही जबरदस्त शुरुआत की थी। पहले दिन 53.75 करोड़ रुपये की कमाई ने साफ संकेत दे दिए थे कि यह फिल्म बड़े रिकॉर्ड बना सकती है। प्रभास की फैन फॉलोइंग और फिल्म का हॉरर-कॉमेडी जॉनर दर्शकों को आकर्षित करता दिखा। हालांकि, शुरुआती जोश ज्यादा दिनों तक बरकरार नहीं रह सका। दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिलने के बाद दूसरे दिन से ही कमाई में गिरावट शुरू हो गई।
    पहले सोमवार को आई भारी गिरावट
    फिल्म का चौथा दिन यानी पहला सोमवार ‘द राजा साब’ के लिए सबसे कमजोर साबित हुआ। सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने सोमवार को महज 5.4 करोड़ रुपये की कमाई की। यह गिरावट साफ तौर पर दर्शाती है कि वीकेंड के बाद फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही। इसके साथ ही भारत में फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 113.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
    दिन-वार कलेक्शन पर एक नजर
    फिल्म की कमाई के आंकड़े इसके उतार-चढ़ाव की कहानी खुद बयां करते हैं।

    दिन 0 (गुरुवार): 9.15 करोड़ रुपये

    दिन 1 (शुक्रवार): 53.75 करोड़ रुपये

    दिन 2 (शनिवार): 26 करोड़ रुपये

    दिन 3 (रविवार): 19.1 करोड़ रुपये

    दिन 4 (सोमवार): 5.4 करोड़ रुपये

    इन आंकड़ों से साफ है कि ओपनिंग वीकेंड के बाद फिल्म की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है।

    ऑक्यूपेंसी भी रही औसत
    मारुति के निर्देशन में बनी इस हॉरर-कॉमेडी को सोमवार, 12 जनवरी 2026 को तेलुगु भाषी क्षेत्रों में कुल 24.64 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी मिली। यह आंकड़ा किसी बड़े स्टार वाली फिल्म के लिहाज से औसत माना जा रहा है। कम ऑक्यूपेंसी भी फिल्म की कमजोर पकड़ की ओर इशारा करती है।
    ‘धुरंधर’ से फिर भी बेहतर
    हालांकि ‘द राजा साब’ की कमाई में गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म ने आदित्य धर की ‘धुरंधर’ को पीछे छोड़ दिया है। रिलीज के 39वें दिन ‘धुरंधर’ ने जहां 2.25 करोड़ रुपये कमाए, वहीं ‘द राजा साब’ ने अपने चौथे दिन इससे दोगुनी से ज्यादा कमाई कर ली। यह तुलना बताती है कि गिरावट के बावजूद फिल्म पूरी तरह रेस से बाहर नहीं हुई है।
    फिल्म और सीक्वल की तैयारी
    ‘द राजा साब’ एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें प्रभास के साथ मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल और रिद्धि कुमार अहम भूमिकाओं में नजर आ रही हैं। संजय दत्त, बोमन ईरानी, जरीना वहाब, योगी बाबू और ब्रह्मानंदम जैसे कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म 9 जनवरी 2026 को रिलीज हुई थी। मेकर्स ने इसके सीक्वल ‘द राजा साब 2: सर्कस 1935’ का एलान भी कर दिया है, हालांकि इसकी रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है।
  • ऑस्ट्रेलिया को करारा झटका: एलिसा हीली ने T20 वर्ल्ड कप से पहले लिया संन्यास

    ऑस्ट्रेलिया को करारा झटका: एलिसा हीली ने T20 वर्ल्ड कप से पहले लिया संन्यास

    नई दिल्ली। वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज और कप्तान एलिसा हीली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उनके इस फैसले से न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की टीम की रणनीतियों पर असर पड़ेगा, बल्कि महिला क्रिकेट जगत में भी एक सुनहरे अध्याय का अंत हो जाएगा।

    भारत के खिलाफ आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला

    35 वर्षीय एलिसा हीली ने साफ किया है कि भारत के खिलाफ होने वाली आगामी सीरीज उनके करियर की आखिरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज होगी। उन्होंने यह खुलासा 12 जनवरी को ‘विलो टॉक’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान किया। हीली ने कहा कि उन्होंने मार्च 2026 के बाद क्रिकेट से दूर जाने का मन बना लिया है। उनका मानना है कि अब वह शुरुआती जैसी प्रतिस्पर्धी ऊर्जा महसूस नहीं कर पा रही हैं, जिसने कभी उन्हें इस खेल से जोड़े रखा।

    2023 में संभाली थी कप्तानी

    एलिसा हीली को साल 2023 में मेग लैनिंग के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलिया की फुल-टाइम कप्तान बनाया गया था। हालांकि भारत के खिलाफ होने वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में वह हिस्सा नहीं लेंगी। चयनकर्ताओं का मानना है कि इससे टीम को टी20 वर्ल्ड कप से पहले नए संयोजन और भविष्य के कप्तान को परखने का मौका मिलेगा। हीली वनडे सीरीज खेलेंगी और इसके बाद पर्थ में 6 से 9 मार्च के बीच खेले जाने वाले डे-नाइट टेस्ट मैच के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहेंगी। यह उनके करियर का 11वां टेस्ट मैच होगा।

    शानदार रहा एलिसा हीली का करियर

    एलिसा हीली ने फरवरी 2010 में महज 19 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। अपने 16 साल से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने महिला क्रिकेट में कई कीर्तिमान स्थापित किए।
    हीली ने 123 वनडे मैचों में 3,563 से अधिक रन बनाए, जबकि 162 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 3,054 रन उनके नाम दर्ज हैं। टी20 क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 148 रन रहा, जो किसी भी फुल मेंबर टीम की महिला खिलाड़ी द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

    खिताबों से भरा रहा सफर

    एलिसा हीली ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार रही हैं। वह 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में महिला टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं। वहीं वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने 2013 और 2022 में खिताब अपने नाम किया। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर हीली को 2018 और 2019 में आईसीसी टी20आई क्रिकेटर ऑफ द ईयर का सम्मान भी मिला।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए नई चुनौती

    एलिसा हीली के संन्यास के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम एक नए दौर में प्रवेश करेगी। टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम को नया कप्तान और नया संतुलन तलाशना होगा। क्रिकेट फैंस के लिए यह पल भावुक है, क्योंकि एलिसा हीली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट की पहचान बन चुकी थीं।

  • भगवान श्रीकृष्ण का 16,108 रानियों से विवाह: नारी अस्मिता और समाज के लिए एक अद्भुत लीला

    भगवान श्रीकृष्ण का 16,108 रानियों से विवाह: नारी अस्मिता और समाज के लिए एक अद्भुत लीला


    नई दिल्ली । भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अनेक रहस्यों और शिक्षाओं से भरा हुआ है। उनकी प्रत्येक घटना गहरे आध्यात्मिक और नैतिक संदेश देती है। इनमें से एक प्रमुख घटना उनके द्वारा 16,108 रानियों से विवाह करने की है, जिसे अक्सर लोग एक सामान्य विवाह कथा मान लेते हैं, लेकिन इसका वास्तविक अर्थ और उद्देश्य कहीं अधिक गहरा है। श्रीकृष्ण ने जिन 16,108 रानियों से विवाह किया, वह केवल एक व्यक्तिगत या भौतिक लीलाओं का हिस्सा नहीं था। इसके पीछे एक गहरा संदेश है, जो नारी अस्मिता, समाज में समानता, और न्याय की रक्षा से जुड़ा है। इस घटना का प्रमुख उद्देश्य इन 16,100 कन्याओं को नरकासुर के बंदीगृह से मुक्त कराना था, जिनकी मुक्ति के लिए श्रीकृष्ण ने युद्ध किया और उन्हें सम्मान प्रदान किया।

    8 प्रमुख रानियाँ और उनके प्रतीक

    श्रीकृष्ण की 8 प्रमुख रानियों को ‘अष्टभार्या’ कहा जाता है। ये रानियाँ विभिन्न गुणों और शक्तियों का प्रतिनिधित्व करती थीं रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी देवी का स्वरूप जो समृद्धि और वैभव की प्रतीक थीं। सत्यभामा एक महान योद्धा और पराक्रमी जिनका जन्म सत्राजित के घर हुआ था। जाम्बवती जाम्बवंत की पुत्री, जो बल और साहस का प्रतीक थीं। कालिंदी सूर्यपुत्री, यमुना की देवी, जो जल तत्व और जीवन के प्रवाह का प्रतीक थीं। मित्रबिन्दा जो मित्रता और सौहार्द की प्रतीक थीं। सत्या सत्य और धर्म की आस्था रखने वाली। भद्रा जो शांति और संतुलन की प्रतीक थीं। लक्ष्मणा जो विवेक और आदर्श का पालन करने वाली थीं।

    16,100 रानियों का उद्धार

    इसके अलावा, श्रीकृष्ण ने 16,100 कन्याओं से विवाह किया जिनका अपहरण असुर राजा नरकासुर ने किया था। नरकासुर एक अत्याचारी और दुराचारी राजा था, जिसने इन कन्याओं को बंदी बना लिया था और उन्हें अपमानित किया था। श्रीकृष्ण ने इस असुर का वध किया और इन कन्याओं को नरकासुर के बंदीगृह से मुक्त कराकर उनका सम्मान बढ़ाया। जब इन कन्याओं ने श्रीकृष्ण से आशीर्वाद मांगा, तो उन्होंने उन्हें अपनी पतिव्रता रानियों की तरह सम्मान दिया। इस प्रकार श्रीकृष्ण ने न केवल इन कन्याओं को सामाजिक सम्मान प्रदान किया बल्कि यह भी प्रमाणित किया कि एक सशक्त और स्वतंत्र नारी को सम्मान मिलना चाहिए और उसकी अस्मिता का हनन किसी भी परिस्थिति में नहीं होना चाहिए।

    आध्यात्मिक संदेश

    श्रीकृष्ण की यह लीला सामाजिक न्याय और समानता का प्रतीक मानी जाती है। उनका विवाह इन 16,100 रानियों से यह दिखाता है कि वह हर एक व्यक्ति की अस्मिता और सम्मान की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध थे। यह संदेश हमें बताता है कि समाज में सभी व्यक्तियों को बराबरी का दर्जा और सम्मान मिलना चाहिए चाहे वह पुरुष हो या महिला। श्रीकृष्ण का जीवन हमें यह भी सिखाता है कि सच्चे प्रेम और त्याग की कोई सीमा नहीं होती। उनका यह विवाह केवल एक पौराणिक घटना नहीं बल्कि एक गहरी सामाजिक और आध्यात्मिक शिक्षा का प्रतीक है।

  • कैसा रहेगा आज मंगलवार का राशिफल, जानिए

    कैसा रहेगा आज मंगलवार का राशिफल, जानिए

    मेष राशि :- कर्ज तथा रोगों से मुक्ति भी संभव है। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। जमीन जायदाद का लाभ भी हो सकता है। आवास, मकान तथा वाहन की सुविधाएं मिलेंगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। रुपये पैसों की सुविधा मिल जाएगी। दैनिक सुख-सुविधा में वृद्धि व खर्चा बढ़ेगा। शुभांक-2-4-6

    वृष राशि :- बनते हुए कार्यों में बाधा आएगी। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। कुछ आर्थिक चिंताएं भी कम होगी। नियोजित धन से लाभ होने लगेगा। घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। शुभांक-3-4-5

    मिथुन राशि :- बढ़ते घाटे से कुछ राहत मिलने लगेगी। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। ज्ञानार्जन का वातावरण बनेगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-2-4-5

    कर्क राशि :- खान-पान में सावधानी रखें। शत्रुभय, चिंता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। शैक्षणिक क्षेत्र में उदासीनता रहेगी। मित्रों की उपेक्षा करना ठीक नहीं रहेगा। कार्यक्षेत्र में तनाव पैदा होगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-4-6-7

    सिंह राशि :- महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8

    कन्या राशि :- शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानी पूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई धार्मिक यात्रा करेगें। शुभांक-2-5-7

    तुला राशि :- सुबह-सुबह की महत्वपूर्ण सिद्धि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां आज पैदा होगी। प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। सभा-सोसायटी में सम्मान मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। शुभांक-3-5-7

    वृश्चिक राशि :- कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच आमोद-प्रमोद का दिन होगा। व्यावसायिक प्रगति भी होगी। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। कुछ कार्य भी सिद्ध होंगे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। ज्ञान-विज्ञान की वृद्धि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। शुभांक-2-4-6

    धनु राशि :- स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्ध कार्य संपन्न हो जाएंगे। मनोरथ सिद्धि का योग है। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढ़ने के अवसर लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं। शुभांक-4-6-8

    मकर राशि :- सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। शुभांक-6-7-9

    कुंभ राशि :- दिन-भर का माहौल आडंबरपूर्ण और व्ययकारी होगा। वरिष्ठ लोगों से कहासुनी वातावरण में तनाव पैदा करेंगे। संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। कुछ कार्यक्रम बदलने होंगे। आवेग में आकर किये गए कार्यों का म्लान, अवसाद रहेगा। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। आध्यात्मिक रुचि बनेगी। शुभांक-3-5-7

    मीन राशि :- अधिकारी वर्ग से आपकी निकटता बढ़ेगी। व्यावसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। शुभांक-2-4-6
  • मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 भोपाल में 15 जनवरी को

    मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 भोपाल में 15 जनवरी को


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जनवरी को भोपाल स्थित ताज लेकफ्रंट होटल में आयोजित ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026′ में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए राज्य के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। कांफ्रेंस “AI-enabled Governance for an eMPowered Bharat” की थीम पर आयोजित होगी। मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इस कॉन्फ्रेंस में आईआईटी इंदौर नॉलेज पार्टनर, आईआईटीआई-दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन प्रदर्शनी भागीदार के रूप में सहयोग करेंगे। इससे एआई आधारित शासन और प्रौद्योगिकी के लिए अकादमिक और उद्योग समन्वय सशक्त होगा।

    कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश इनोवेशन एक्सपो का उद्घाटन किया जाएगा। इस एक्सपो में इंडियाएआई पवेलियन, मध्यप्रदेश पवेलियन, स्टार्टअप शोकेस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्टअप प्रतियोगिता शामिल होंगे। कांफ्रेंस के शुरूआती सत्र में अपर सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह, निदेशक आईआईटी इंदौर श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे।

    अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा “एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इम्पेक्ट” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। सत्र का समापन पोर्टल्स के शुभारंभ, समझौता ज्ञापनों, नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाओं के साथ होगा।

    कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिनमें Technology led governance for all, AI for economic growth and social good, Resilience, innovation and digital infrastructure शामिल हैं। इन सत्रों में Digital India-BHASHINi, UIDAI, NeGD, विभिन्न राज्य सरकारों और Google, Microsoft ,Deloitte, EY सहित अग्रणी तकनीकी और उद्योग संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इस अवसर पर MP Innotech Startup Pitch contest और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी,जो जमीनी स्तर पर एआई नवाचार को प्रोत्साहन देगी।

    कांफ्रेंस इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस एआई एक्शन समिट में की थी। यह सम्मेलन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक सम्मेलन वैश्विक दक्षिण में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें विश्व के नेता, नीति निर्माता, उद्योग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रदूत एकत्र होकर जिम्मेदार, समावेशी और प्रभाव-संचालित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को आकार देंगे। इसका आयोजन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडियाएआई मिशन द्वारा मध्यप्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस- 2026 के माध्यम से राज्य और राष्ट्र में एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने, एआई-संचालित आर्थिक विकास को दिशा देने और जिम्मेदार एआई के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।

  • अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज के विजेताओं का मुख्यमंत्री आज करेंगे सम्मान

    अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज के विजेताओं का मुख्यमंत्री आज करेंगे सम्मान

    भोपाल। भय नहीं, भ्रम नहीं, पूरा विश्वास, विरासत के साथ विकास के मूलमंत्र पर आयोजित डॉ. मोहन यादव का अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज के 24 विजेताओं का सम्मान मंगलवार, 13 जनवरी, सायं 4 बजे मुख्यमंत्री के निवास पर आयोजित सम्मान समारोह में किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं विजेता अभ्यर्थियों को सम्मानित करेंगे एवं सभी विजेताओं के साथ चाय पर चर्चा करेंगे।


    वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह गौरव का झण है जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य विरासत को संरक्षित करते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। सेवा भाव, सुशासन और दायित्वबोध के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने विकास के दो सफल वर्ष पूर्ण किए हैं। परंपरा, धार्मिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के सम्मान के साथ संस्कृति को केंद्र में रखकर प्रदेश निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।


    अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज़ इसी दृष्टि का सशक्त माध्यम बना, जो युवाओं को हमारी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और विकास यात्रा से जोड़ता है। इस आयोजन ने ज्ञान, उत्तरदायित्व और सहभागिता को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि प्रदेश के विभिन्न आयुवर्ग, हर समुदाय, दूरस्थ अंचलों से अभ्युदय मध्यप्रदेश क्विज में लाखों लोगों ने भागीदारी की। इसी कड़ी में 13 जनवरी को मुख्यमंत्री के निवास स्थित समत्व भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री भव्य पुरस्कारों – लैपटॉप, ई-बाइक, ई-स्कूटी, 24 विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को पुरस्कार स्वरूप विजेताओं को प्रदान करेंगे।