Author: bharati

  • Beauty Tips: पार्लर जाना छोड़ देंगे जब किचन में रखी इन चीजों से मिलेगा खूबसूरत और निखरा हुआ चेहरा, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

    Beauty Tips: पार्लर जाना छोड़ देंगे जब किचन में रखी इन चीजों से मिलेगा खूबसूरत और निखरा हुआ चेहरा, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

    Beauty Tips: खूबसूरत दिखना हर किसी की चाहत होती है और यह ख्वाइश पूरी हो इसके लिए हम हर तरह के प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का सहारा लेना शुरू कर देते हैं. खूबसूरत दिखना जरूरी है लेकिन हमारे लिए बार-बार पार्लर जाना और तरह-तरह के प्रोडक्ट्स पर बार-बार पैसे खर्च कर पाना भी हमारे लिए संभव नहीं है. कई बार तो ऐसा भी होता है कि पार्लर में जिन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है वे हमारी स्किन को फायदा तो नहीं बल्कि उल्टा नुकसान ही पंहुचा देते हैं. ऐसे में आज की यह आर्टिकल उन सभी के लिए है जो बिना ज्यादा पैसे खर्च किये और केमिकल लोडेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किये अपने चेहरे को नेचुरल तरीके से ग्लोइंग और निखरा हुआ बनाना चाहते हैं. आज हम आपको किचन में मौजूद कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने वाले हैं जिनके रेगुलर इस्तेमाल से आपको घर पर ही पार्लर जैसी नेचुरल ग्लो आसानी से मिल सकती है. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से.

    चेहरे पर नेचुरल ग्लो के लिए हल्दी
    अगर आप अपनी स्किन को घर पर ही ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हल्दी का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए. हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जो पिंपल्स को कम करने में और स्किन को अंदर से साफ रखने में काफी मदद करते हैं. इसके लिए आपको एक चुटकी हल्दी में थोड़ा सा बेसन और दूध मिलाकर एक फेस पैक तैयार कर लेना होगा. इस फेस पैक को अपने चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर साधारण पानी से ही धो लें. जब आप चेहरे को धोते हैं तो आपके चेहरे पर इंस्टैंटली एक निखार देखने को मिलता है जिसे आप खुद भी महसूस कर पाएंगे.

    स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने के लिए शहद
    एक्सपर्ट्स की अगर मानें तो शहद हमारी स्किन के लिए किसी मॉइस्चराइजर से कम नहीं है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन में मॉइस्चर बरकरार रहती है और साथ ही वह सॉफ्ट भी बनी रहती है. इसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा आसान है. इसके लिए आपको रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर शहद की पतली सी लेयर लगा लेनी है और करीबन 15 मिनट बाद अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लेना है. कुछ ही दिन इसके इस्तेमाल से आपको फर्क दिखने लगेगा.

    टैन और डलनेस हटाने के लिए दही
    अगर आपका चेहरा टैन हो गया है या फिर आपकी स्किन डल लगने लगी है तो आपको आज से ही दही का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करना शुरू कर देना चाहिए. दही में भरपूर मात्रा में लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो आपकी स्किन को अंदर से साफ करने में मदद करता है और टैनिंग को भी कम करता है. इसके लिए आपको एक चम्मच दही में थोड़ा सा शहद मिलाकर इसे अपने चेहरे पर लगा लेना है. इसे करीबन 20 मिनट अपने चेहरे पर लगा हुआ रहने दें और बाद में पानी से धो लें. यह छोटा सा नुस्खा आपके चेहरे को फ्रेश और ब्राइट बनता है.

    रिंकल्स और दाग-धब्बे कम करने के लिए एलोवेरा
    आपकी स्किन के लिए एलोवेरा जेल किसी चमत्कार से कम नहीं है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन को ठंडक मिलती है और साथ ही उसे रिपेयर होना का मौका भी मिलता है. आपको हर रात अपने चेहरे पर थोड़ा सा एलोवेरा जेल लगा लेना है और हल्के हाथों से मसाज करना है. जब आप रेगुलर बेसिस पर इस उपाय को करते हैं तो आपके चेहरे पर मौजूद फाइन लाइन्स ,रिंकल्स और दाग-धब्बे कम होने लग जाते हैं.

    इंस्टेंट फ्रेशनेस के लिए गुलाब जल
    गुलाब जल का इस्तेमाल लंबे समय से चेहरे को खूबसूरत बनाने के लिए किया जाता रहा है. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन टोन बेहतर होती है और वह फ्रेश भी लगने लगता है. इसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा आसान है, आपको सिर्फ एक कॉटन बॉल की मदद से इसे अपने चेहरे पर अच्छे से लगा लेना है. जब आप इसका रेगुलर इस्तेमाल करते हैं तो आपकी स्किन टाइट होती है और साथ ही चेहरे पर एक नेचुरल ग्लो भी आता है.

  • सीएम रेखा गुप्ता ने देर रात पीतमपुरा अटल कैंटीन का लिया जायजा, ₹5 में सम्मानजनक भोजन का अनुभव किया

    सीएम रेखा गुप्ता ने देर रात पीतमपुरा अटल कैंटीन का लिया जायजा, ₹5 में सम्मानजनक भोजन का अनुभव किया


    नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के 100वें जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली में अटल कैंटीन की शुरुआत की गई है। इस कैंटीन में लोगों को मात्र ₹5 में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दिल्ली सरकार की यह पहल सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान और स्वाभिमान के साथ भोजन देने का संदेश भी देती है।

    बीती रात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पीतमपुरा स्थित अटल कैंटीन पहुंचीं। उन्होंने वहां काम कर रहे कर्मचारियों से हाल-चाल पूछा और सुनिश्चित किया कि व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। सीएम ने उपस्थित लोगों से पूछा आपको कोई दिक्कत तो नहीं है? सब ठीक है न?। इसके साथ ही उन्होंने कैंटीन में मौजूद बच्चों से भी बातचीत की जिन्होंने बताया कि उन्हें यहां अच्छा और पौष्टिक खाना मिलता है।इस दौरान कैंटीन में खड़े लोगों ने मुख्यमंत्री को देखकर रेखा गुप्ता जिंदाबाद के नारे लगाए जिससे माहौल और उत्साहपूर्ण बन गया। सीएम ने वहां भोजन कर रहे लोगों से उनके अनुभव साझा किए और यह सुनिश्चित किया कि सभी सुविधाएं सही ढंग से उपलब्ध हों।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दौरे का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। वीडियो में वह लोगों से संवाद करती बच्चों के साथ समय बिताती और उनके अनुभव जानती नजर आ रही हैं। उन्होंने लिखा कि अटल कैंटीन में केवल भोजन ही नहीं मिलता बल्कि लोगों को सुकून सम्मान और स्वाभिमान का भी भरोसा मिलता है।पीतमपुरा अटल कैंटीन का निरीक्षण करते हुए सीएम ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और वहां आए लोगों से उनके अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह योजना मेहनतकश और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रभावी और भरोसेमंद सहारा बन रही है। दिन और रात दोनों समय भोजन उपलब्ध कराने से किसी भी व्यक्ति को खाली पेट नहीं रहना पड़ता।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केवल ₹5 में सम्मान के साथ भोजन मिलने से यह सुनिश्चित होता है कि सहायता केवल सुविधा तक सीमित न रहे बल्कि गरिमा के साथ मिले। लोगों की संतुष्टि और विश्वास देखकर यह स्पष्ट हो गया है कि अटल कैंटीन योजना जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है।अटल कैंटीन की यह पहल गरीब और जरूरतमंदों के लिए भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है। यह योजना न केवल पेट भरने की सुविधा देती है बल्कि सम्मान और स्वाभिमान के साथ भोजन उपलब्ध कराने में भी सक्षम है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह दौरा योजना की प्रभावशीलता और जनता में विश्वास को और मजबूत करता है।

  • गोवा जैसा मजा, पर खर्च आधा! टापू पर टेंट सिटी में बिताएं सुकून भरी छुट्टियां; रुकने से लेकर, खाने तक… जानें ट्रिप का पूरा बजट

    गोवा जैसा मजा, पर खर्च आधा! टापू पर टेंट सिटी में बिताएं सुकून भरी छुट्टियां; रुकने से लेकर, खाने तक… जानें ट्रिप का पूरा बजट

    नई दिल्ली। गोवा या मालदीव जाने का सपना तो है, लेकिन बजट या वक्त आड़े आ रहा है? अगर आप भी ऐसी स्थिति में हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है. मध्यप्रदेश का यह खुबसूरत टापू उन लोगों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है, जो कम खर्च में समुद्र जैसा नजारा और गोवा स्टाइल में एडवेंचर एक्टिविटीज का मजा लेना चाहते हैं. ठंड के मौसम में पानी के बीच बसा यह पर्यटन स्थल रोमांच, सुकून और मस्ती का ऐसा अनुभव देता है, जो पर्यटकों को बिना समुद्र देखे भी बीच वेकेशन का एहसास कराता है.
    मध्य प्रदेश का ‘मिनी गोवा’
    मध्यप्रदेश का ‘स्विट्जरलैंड’ या ‘मिनी गोवा’ के नाम से मशहूर हनुवंतिया टापू प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित है. यह इंदिरा सागर बांध के विशाल जलाशय (Back water) पर बना एक अद्भुत पर्यटन स्थल है, जो पर्यटको को रोमांच, सुकून और मस्ती का अनोखा अनुभव देता है. फिलहाल यहां जल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो मार्च 2026 तक चलेगा. जल महोत्सव के दौरान यहां झील के किनारे भव्य टेंट सिटी बसाई जाती है, जो पूरे आयोजन में चार चांद लगा देती है.
    हनुवंतिया में क्या-क्या कर सकते हैं
    हनुवंतिया एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. यहां पर्यटकों को पानी, हवा और जमीन तीनों तरह के रोमांच का अनुभव एक ही जगह मिलता है. हनुवंतिया को वॉटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया गया है. यहां क्रुज राइड, स्पीड बोट, जेट स्की, बनाना राइड और वॉटर सर्फिग जैसी रोमांचक गतिविधियां उपलब्ध हैं. वहीं शांति पसंद करने वालों के लिए विशाल झील में बोटिंग किसी जादुई अनुभव से कम नहीं है.
    लैंड एक्टिविटीज
    एडवेंचर को नई ऊंचाई देने के लिए यहां पैरामोटरिंग और पैरासेलिंग की सुविधा भी मिलेगी. आसमान से टापू और आसपास फैले जलाशय का नजारा पर्यटर कों को खासा रोमांचित करता है. जो पर्यटक पानी से दूरी बनाना चाहते हैं, उनके लिए भी यहां भरपूर मनोरंजन है. ATV राइड यानी क्वाड बाइकिंग और क्लब हाउस में मौजूद विभिन्न गेम्स पर्यटकों को खूब लुभाते हैं.
    बोरियानल टापू की सैर
    बोट के जरिए पर्यटक पास स्थित बोरियानल टापू भी जा सकते हैं. यहां जंगल ट्रेकिंग के साथ-साथ वाइल्ड लाइफ देखने का मौका मिलता है, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण है.
    हनुवंतिया कैसे पहुंचे
    हनुवंतिया पहुंचना पर्यटकों के लिए बेहद आसान है. अपनी सुविधा और बजट के अनुसार आप हवाई, रेल या सड़क मार्ग का विकल्प चुन सकते हैं. हनुवंतिया के जाने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर है. एयरपोर्ट से हनुवंतिया की दूरी लगभग 150 किलोमीटर है, यहां टैक्सी या बस के जरिए आसानी से पहुंंच सकते हैं. वहीं ट्रेन से जाने के लिए आपक खंडवा रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा, यहां से हनुवंतिया करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. स्टेशन से टैक्सी और बस की सुविधा आसानी से मिल जाती है. सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों के लिए इंदौर से हनुवंतिया का सफर बेहद सुहावना है. खंडवा या मुंदी होते हुए जाने वाला रास्ता प्राकृतिक द्दश्यों से भरपूर है, जो यात्रा को यादगार बना देता है.
    अनुमानित बजट
    हनुवंतिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हर तरह के पर्यटकों के बजट में फिट बैठता है. यहां कम खर्च में भी शानदार ट्रैवल एक्सपीरियंस लिया जा सकता है. अगर आप अकेले यात्रा कर रहे हैं और बेसिट स्टे का विकल्प चुनते हैं, तो दो दिनों की ट्रिप लगभग 3000 से 5000 रुपए में आसानी से पूरी हो सकती है. कपल्स या परिवार के साथ यात्रा करने पर स्टे और एडवेचर एक्टिविटीज सहित खर्च करीब 8000 से 12000 रुपए तक आ सकता है. हनुवंतिया में वॉटर स्पोर्ट्स की शुरुआत लगभग 300 रुपए से होती है, जबकि पैरासेलिंग और पैरामोटरिंग जैसी एडवेचर एक्टिविटीज के लिए शुल्क 2000 या उससे ज्यादा लिया जाता है.
    कहां रुकें ?
    मध्यप्रदेश पर्यटन द्वारा संचालित MPT हनुवंतिया रिजॉर्ट यहां रुकने का सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है. यहां से झील का सीधा और बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है, जो ठहरने के अनुभव को और खास बना देता है. अगर आप सर्दियों के मौसम में आयोजित होने वाले जल महोत्सव के दौरान हनुवंतिया पहुंचते हैं, तो यहां की आलीशान टेंट सिटी में ठहरना एक यादगार अनुभव हो सकता है. यह टेंट सिटी पर्टटकों को लग्जरी कैंपिंग का अनोखा एहसास कराती है. कम बजट में यात्रा करने वालों के लिए हनुवंतिया के आसपास मुंदी और खंडवा में कई सस्ते गेस्ट हाउस और बजट होटल्स भी उपलब्ध हैं.

  • वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से बाहर, आयुष बदोनी पहली बार टीम इंडिया में शामिल; BCCI ने किया एलान

    वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से बाहर, आयुष बदोनी पहली बार टीम इंडिया में शामिल; BCCI ने किया एलान

    नई दिल्ली। स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं. वह वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में बॉलिंग करते समय चोटिल हुए थे. बीसीसीआ ने सुंदर के रिप्लेसमेंट का एलान कर दिया है. उनकी जगह दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले आय़ुष बदोनी को टीम में शामिल किया गया है. बदोनी पहली बार राष्ट्रीय टीम में चुने गए हैं.

    स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच के दौरान गेंदबाजी करते समय अपनी बाईं पसली के निचले हिस्से में तेज दर्द की शिकायत की थी. अब उनका स्कैन किया जाएगा. इसके बाद बीसीसीआई की मेडिकल टीम विशेषज्ञ की राय लेगी.

    बीसीसीआई ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि वाशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के शेष दो मैचों से बाहर हो गए हैं. पुरुष चयन समिति ने उनकी जगह आयुष बदोनी को टीम में शामिल किया है. बदोनी दूसरे वनडे के वेन्यू यानी राजकोट में टीम से जुड़ेंगे.

    26 साल के आयुष बदोनी ने अब तक 27 लिस्ट ए मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतकों के साथ 36.47 की औसत से 693 रन बनाए हैं. वह मिडिल ऑर्डर में विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ-साथ स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं. लिस्ट में उनके नाम 18 विकेट हैं. बदोनी आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हैं. आईपीएल में बदोनी ने अब तक 56 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 963 रन बनाए हैं और 4 विकेट झटके हैं. आईपीएल में उन्हें सिर्फ सात पारियों में ही गेंदबाजी करने का मौका मिला है.

    दूसरे और तीसरे वनडे के लिए भारत की टीम- शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर) और आयुष बदोनी

  • गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    गौरव गोगोई का हिमंता बिस्वा सरमा पर हमला: भ्रष्टाचार और मतदान अधिकारों

    नई दिल्ली| गौरव गोगोई का आरोपअसम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके शासन में भ्रष्टाचार और कुशासन की बातें की हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदान अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
    पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोगोई ने कहा कि भाजपा के खिलाफ वोट देने वाले लोगों को दोबारा मतदान करने से रोका जा रहा है, जो उनकी डर का संकेत है।

    जुबीन गर्ग हत्याकांड पर सवाल

    गोगोई ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सरमा जुबीन गर्ग हत्या मामले में न्याय दिलाने में असफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा अक्सर झूठे और भ्रामक बयान देते हैं, और उनके शब्दों में कोई विश्वसनीयता नहीं है। गोगोई ने कहा कि जुबीन गर्ग मामले में कमजोर चार्जशीट पेश की गई है, और इसमें शामिल लोगों के नाम इसलिए नहीं हैं क्योंकि वे मुख्यमंत्री के करीबी हैं।

    जाति बचाओ, मति बचाओ अभियान

    गौरव गोगोई ने ‘जाति बचाओ, मति बचाओ’ अभियान के तहत गुवाहाटी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कई सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की। शामिल होने वालों में प्रमुख आदिवासी नेता रुकमा कुमार मेडोक और पूर्व अल्पसंख्यक छात्र संघ के अध्यक्ष रेजाउल करीम सरकार शामिल थे।

    तरुण गोगोई की याद

    गोगोई ने अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार असम के राजनीतिक माहौल को बदल दिया था। उन्होंने कहा कि आज असम के लोग फिर से सत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। गोगोई ने चेतावनी दी कि वर्तमान सरकार ने भय का माहौल बनाया है और इसे समाप्त करना आवश्यक है।

  • न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर हुए वॉशिंगटन सुंदर, पसली की चोट बनी बाधा…

    न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर हुए वॉशिंगटन सुंदर, पसली की चोट बनी बाधा…


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज में बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर पसली की चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह चोट उन्हें वडोदरा में खेले गए पहले वनडे मुकाबले के दौरान लगी थी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि सुंदर को बाईं ओर निचली पसली में खिंचाव महसूस हुआ और मेडिकल टीम ने उन्हें आगे के मैचों से आराम देने का फैसला किया।

    मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी संकेत दिए थे कि सुंदर पूरी तरह फिट नहीं थे। गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वॉशिंगटन ने दर्द के बावजूद 5 ओवर गेंदबाजी की लेकिन इसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। 26 वर्षीय सुंदर ने न्यूजीलैंड की पारी के दौरान 5 ओवर में 27 रन दिए और गेंदबाजी करते समय पसलियों में खिंचाव महसूस होने के कारण दोबारा फील्डिंग के लिए मैदान पर नहीं लौट सके।इसके बावजूद सुंदर ने भारतीय टीम की रन चेज में बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उन्होंने नंबर-8 पर केएल राहुल के साथ मिलकर अहम साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 16 गेंदों में 27 रन जोड़े जिससे टीम की जीत आसान हुई। सुंदर ने नाबाद 7 रन बनाए जबकि राहुल 29 रन पर नाबाद लौटे। भारत ने 49 ओवर में 6 विकेट खोकर 306 रन बनाते हुए मुकाबला चार विकेट से अपने नाम किया।

    केएल राहुल ने मैच के बाद बताया कि उन्हें सुंदर की चोट की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। राहुल के अनुसार मुझे बस इतना पता था कि पहली पारी में उन्हें थोड़ी परेशानी हुई थी। बल्लेबाजी के दौरान वह गेंद को अच्छे से टाइम कर रहे थे इसलिए चोट इतनी गंभीर नहीं लगी। रन रेट पहले से अच्छा था जिससे सुंदर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा।वॉशिंगटन सुंदर इस सीरीज में चोटिल होने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। इससे पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत प्रैक्टिस सत्र के दौरान पसली में चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह ध्रुव जुरेल को टीम में शामिल किया गया था। वहीं सीरीज शुरू होने से पहले ही तिलक वर्मा भी चोट के चलते बाहर हो गए थे।

    लगातार चोटों के चलते टीम इंडिया के संयोजन पर असर पड़ सकता है। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने अब यह चुनौती है कि वे आगे के मैचों के लिए सही विकल्प चुनें और टीम की बैलेंसिंग को बनाए रखें।वॉशिंगटन सुंदर के बाहर होने से टीम की गेंदबाजी और मध्यक्रम में विकल्प सीमित हो जाएंगे। इससे भारतीय टीम को अगले मैचों में रणनीति और प्लेइंग इलेवन तय करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी।

  • तैयार रखें निवेश की रकम! अगले हफ्ते IPO मार्केट में आएगा तूफान, खुलेंगे 6 नए कमाई के मौके

    तैयार रखें निवेश की रकम! अगले हफ्ते IPO मार्केट में आएगा तूफान, खुलेंगे 6 नए कमाई के मौके


    नई दिल्ली। अगले हफ्ते शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद खास रहने वाला है। 12 जनवरी से 16 जनवरी के बीच प्राइमरी मार्केट में जोरदार हलचल देखने को मिलेगी। इस दौरान कुल 6 कंपनियां अपने IPO लॉन्च कर रही हैं, जिसमें एक बड़ा मेनबोर्ड IPO और पांच SME सेगमेंट के इश्यू शामिल हैं। टेक्नोलॉजी, एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों की कंपनियां निवेशकों के लिए नए अवसर लेकर आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह सप्ताह उन निवेशकों के लिए अहम है जो शुरुआत से किसी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी में शामिल होना चाहते हैं। अलग-अलग सेक्टरों के IPO आने से निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को विविधता देने का भी मौका मिलेगा। अधिकांश इश्यू 12 और 13 जनवरी से बोली प्रक्रिया शुरू करेंगे और अलग-अलग तारीखों पर बंद होंगे।

    मेनबोर्ड सेगमेंट में इस हफ्ते सबसे अधिक ध्यान Amagi Media Labs पर रहेगा। यह क्लाउड-बेस्ड SaaS कंपनी 13 जनवरी से निवेश के लिए खुलेगी और 16 जनवरी तक उपलब्ध रहेगी। इसका प्राइस बैंड ₹343 -₹361 प्रति शेयर और इश्यू साइज लगभग ₹1,788 करोड़ है। इसमें फ्रेश इश्यू के साथ OFS भी शामिल है, जिसके तहत पुराने निवेशक आंशिक हिस्सेदारी बेचेंगे। साइज और सेक्टर दोनों ही दृष्टि से यह सप्ताह का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।SME प्लेटफॉर्म पर भी जोरदार हलचल देखने को मिलेगी। पांच कंपनियों के इश्यू निवेशकों के लिए नए अवसर प्रदान करेंगे। इनमें शामिल हैं:

    अवाना इलेक्ट्रोसिस्टम्स: 12–14 जनवरी, प्राइस ₹56–₹59, NSE SME, लॉट साइज 4,000 शेयर।

    नर्मदेश ब्रास इंडस्ट्रीज: 12–15 जनवरी, प्राइस ₹515, इश्यू साइज ₹44.87 करोड़, लॉट 480 शेयर।

    इंडो एसएमसी: 13–15 जनवरी, प्राइस ₹141–₹149, BSE SME, न्यूनतम निवेश 2,000 शेयर।

    GRE रिन्यू एनरटेक: 13–16 जनवरी, प्राइस ₹100–₹105, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉट साइज 2,400 शेयर।

    आर्मर सिक्योरिटी इंडिया: 14–19 जनवरी, प्राइस ₹55–₹57, लॉट साइज 4,000 शेयर।

    इसके अलावा, हाल ही में आए कुछ IPO अब लिस्टिंग के लिए तैयार हैं। इनमें भारत कोकिंग कोल, गैबियन टेक्नोलॉजीज, यजुर फाइबर्स, विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और डिफ्रेल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। लिस्टिंग के दिन इन शेयरों की चाल यह तय करेगी कि निवेशकों को तुरंत लिस्टिंग गेन मिलेगा या लॉन्ग टर्म निवेश करना पड़ेगा।विशेषज्ञों का कहना है कि IPO में निवेश आकर्षक होता है, लेकिन इसमें जोखिम भी जुड़ा रहता है। इसलिए निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट, बिजनेस मॉडल और अपने निवेश लक्ष्य को समझना जरूरी है।अगला सप्ताह निवेशकों के लिए नए अवसर और संभावित लाभ के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

  • स्पेन से पोलैंड तक बढ़ी भारत की आर्थिक पकड़: यूरोप में तेजी से उछला भारतीय निर्यात

    स्पेन से पोलैंड तक बढ़ी भारत की आर्थिक पकड़: यूरोप में तेजी से उछला भारतीय निर्यात


    नई दिल्ली। अमेरिकी बाजार में टैरिफ और प्रतिबंधों की चर्चा के बीच भारत यूरोपीय देशों में अपने व्यापारिक कदम मजबूती से बढ़ा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़े बताते हैं कि स्पेन जर्मनी बेल्जियम और पोलैंड जैसे देशों में भारतीय निर्यात में तेज़ी आई है जिससे यूरोप में भारत की आर्थिक पकड़ मजबूत हो रही है।स्पेन में सबसे तेज़ उछाल देखने को मिला। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से नवंबर के बीच भारत से स्पेन को किया गया निर्यात 56 प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 4.7 अरब डॉलर हो गया जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह मात्र 3 अरब डॉलर था। इस बढ़ोतरी के साथ भारत के कुल निर्यात में स्पेन की हिस्सेदारी 2.4 प्रतिशत तक पहुंच गई जो यूरोपीय देशों में सबसे बड़ी छलांग मानी जा रही है।

    जर्मनी में भी भारतीय उत्पादों की मांग स्थिर और मजबूत बनी हुई है। इसी अवधि में जर्मनी को निर्यात 9.3 प्रतिशत बढ़कर 7.5 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। भारत के कुल निर्यात में जर्मनी की हिस्सेदारी अब करीब 2.6 प्रतिशत हो चुकी है। वहीं बेल्जियम में निर्यात 4.4 अरब डॉलर के पार हो गया है और पोलैंड में भी 7.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि भारत सिर्फ परंपरागत यूरोपीय बाजारों तक सीमित नहीं रहा बल्कि नए देशों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार स्पेन में तेज़ बढ़ोतरी जर्मनी में स्थिर मांग और बेल्जियम-पोलैंड में निरंतर विस्तार यह दर्शाता है कि भारत की यूरोप रणनीति संतुलित और विविध हो रही है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते FTA से आने वाले समय में व्यापार को और रफ्तार मिलने की संभावना है।

    वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 136 अरब डॉलर तक पहुंच गया जिसमें भारत का निर्यात लगभग 76 अरब डॉलर रहा। यूरोपीय संघ अब भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत-EU FTA लागू होता है तो कपड़ा दवाइयां स्टील पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रिकल उपकरण जैसे भारतीय उत्पाद यूरोपीय बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।इस तरह यूरोप में भारतीय निर्यात की लगातार बढ़ती पकड़ न केवल भारत की आर्थिक वृद्धि को बल दे रही है बल्कि वैश्विक व्यापार में उसकी रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत कर रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में यूरोपीय बाजार भारत के लिए अमेरिकी बाजार के मुकाबले अधिक स्थिर और भरोसेमंद बन सकता है।

  • बाथरूम में आईना लगाते समय करें ये 5 वास्तु नियमों का पालन, वरना हो सकता है नुकसान

    बाथरूम में आईना लगाते समय करें ये 5 वास्तु नियमों का पालन, वरना हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली । आजकल के आधुनिक घरों में बाथरूम में शीशा लगाना आम बात है। लोग इसे इंटीरियर और सजावट के लिए लगवाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का सही रूप और दिशा जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। बाथरूम को अक्सर नकारात्मक ऊर्जा का स्थान माना जाता है यहाँ लगे शीशे की दिशा और स्थिति का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि बाथरूम में आईना गलत दिशा में लगा हो, तो यह घर की शांति, सेहत और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकता है। तो आइए जानते हैं, बाथरूम में शीशा लगाने के सही वास्तु नियम।

    सही दिशा का रखें ध्यान

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम में आईना पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा में लगा आईना धन और समृद्धि के लिए शुभ होता है। पूर्व दिशा में लगा आईना स्वास्थ्य और प्रतिष्ठा में सुधार लाता है वहीं दक्षिण या पश्चिम दिशा में आईना लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है।

    आईने का आकार भी है जरूरी

    आईने का आकार भी वास्तु के नियमों का पालन करता है। चौकोर या आयताकार आईना लगाना सबसे अच्छा होता है क्योंकि ये स्थिरता और संतुलन का प्रतीक माने जाते हैं। गोल या अंडाकार आईना ऊर्जा के प्रवाह को असंतुलित कर सकता है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए इन आकारों से बचना चाहिए।

    सही ऊंचाई पर लगाएं आईना

    आईना इस तरह लगाया जाना चाहिए कि उसमें चेहरा पूरा और स्पष्ट दिखाई दे। बहुत ऊँचा या बहुत नीचा शीशा अशुभ माना जाता है। अगर आईने में आधा चेहरा या टूटे हुए प्रतिबिंब नजर आते हैं, तो यह आत्मविश्वास को कमजोर कर सकता है।

    दरवाजे के सामने न हो शीशा

    बाथरूम के दरवाजे के सामने शीशा लगाना नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है।जब दरवाजा खुलता है तो वह ऊर्जा बाहर निकलती है और शीशा उसे वापस अंदर ले आता है जो वास्तु के अनुसार शुभ नहीं माना जाता। इसलिए कोशिश करें कि आईना दरवाजे के सामने न लगे।

    साफ और सही स्थिति में हो आईना

    आईने का साफ और सही स्थिति में होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आईने पर पानी के दाग, धुंध या गंदगी नहीं होनी चाहिए। टूटे या चटके हुए आईने से नकारात्मकता और आर्थिक परेशानियाँ बढ़ सकती हैं, इसलिए अगर आईना खराब हो जाए तो उसे तुरंत बदल दें बाथरूम में शीशा लगाते समय इन वास्तु नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। सही दिशा, आकार, ऊंचाई और स्थिति में आईना लगाकर आप न केवल घर को सुंदर बना सकते हैं, बल्कि अपने जीवन को भी बेहतर बना सकते हैं।

  • वंदे भारत स्लीपर में बड़ा बदलाव: अब सिर्फ कन्फर्म बर्थ पर होगी यात्रा, RAC और वेटिंग टिकट बंद

    वंदे भारत स्लीपर में बड़ा बदलाव: अब सिर्फ कन्फर्म बर्थ पर होगी यात्रा, RAC और वेटिंग टिकट बंद


    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की रात की यात्रा को पूरी तरह नया रूप देने की तैयारी कर ली है। अगले सप्ताह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस पटरी पर उतरने वाली है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इस ट्रेन में केवल कन्फर्म टिकट पर ही सफर की अनुमति होगी। यानी RAC की सुविधा खत्म हो जाएगी और वेटिंग लिस्ट पर कोई टिकट जारी नहीं किया जाएगा।रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था के तहत जितनी बर्थ सिस्टम में उपलब्ध होंगी उतने ही टिकट बिकेंगे। इसका मतलब है कि अगर बर्थ नहीं मिली तो टिकट बुक ही नहीं होगा। इससे यात्रियों को आधी सीट साझा बर्थ और अनिश्चित यात्रा जैसी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिलेगी। अब तक लंबी दूरी की ट्रेनों में RAC का मतलब था कि एक बर्थ पर दो यात्री सफर करें। लेकिन वंदे भारत स्लीपर को प्रीमियम कैटेगरी में रखा गया है जहां रेलवे ने साफ कर दिया है-नो बर्थ नो टिकट।

    किराये की बात करें तो यह ट्रेन सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में थोड़ी महंगी है। रेलवे ने न्यूनतम 400 किलोमीटर की दूरी के लिए बेस चार्ज तय किया है। 3AC की दर लगभग ₹2.40 प्रति किलोमीटर 2AC ₹3.10 प्रति किलोमीटर और 1AC ₹3.80 प्रति किलोमीटर होगी। एसी श्रेणियों में GST अलग से लागू होगा।वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत हावड़ा–गुवाहाटी रूट से होगी। रेलवे का दावा है कि यह ट्रेन मौजूदा ट्रेनों की तुलना में लगभग तीन घंटे कम समय में सफर पूरा करेगी। यह पूरी तरह ओवरनाइट ट्रेन होगी रात में रवाना होकर सुबह यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाएगी।

    आराम और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। ट्रेन में आधुनिक गद्देदार बर्थ कम शोर वाला सस्पेंशन सिस्टम ऑटोमैटिक दरवाजे और एयरोडायनामिक कोच होंगे। सुरक्षा के लिहाज से इसमें कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम इमरजेंसी कम्यूनिकेशन सुविधा और उन्नत सैनिटेशन तकनीक दी गई है। रेलवे का कहना है कि यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए आदर्श विकल्प है जो रात की यात्रा में प्राइवेसी आराम और समय की बचत चाहते हैं।रेलवे अधिकारियों का मानना है कि वंदे भारत स्लीपर से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा का नया अनुभव मिलेगा। समय की बचत के साथ-साथ पूरी बर्थ की सुविधा और प्रीमियम सुरक्षा इसे विशेष बनाती है। इसके अलावा यह ट्रेन लंबी दूरी की रात की यात्रा में यात्रियों की सुविधा और संतोष का नया मानक स्थापित करेगी।