Author: bharati

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनी अनामिका बैगा की 'रोती' गुहार, डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनी अनामिका बैगा की 'रोती' गुहार, डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा


    भोपाल । मध्य प्रदेश के सीधी जिले की अनामिका बैगा, जो गरीब बैगा आदिवासी परिवार से आती हैं, ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपने डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने के लिए मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे NEET की तैयारी, कोचिंग और छात्रावास के लिए सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

    मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक बहादुर बेटी ने अपने सपनों को सच करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की गुहार लगाई। सीधी जिले की अनामिका बैगा, जो बैगा आदिवासी समुदाय से हैं, का सपना है कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई में रुकावट आ रही थी। वह कई बार विधायक, सांसद और कलेक्टर से मदद की उम्मीद कर चुकी थीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंत में, मुख्यमंत्री से मिली उम्मीद ने उनके जीवन को नया मोड़ दिया।

    सीधी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पर अनामिका ने अपने दिल की बात रोते हुए साझा की। उन्होंने कहा, मैं बैगा आदिवासी हूं, मुझे डॉक्टर बनना है, लेकिन मेरे पापा के पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं NEET की तैयारी और कोचिंग ले सकूं। अनामिका की यह गुहार सीधा मुख्यमंत्री तक पहुंची, और उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें अनामिका के बारे में जानकारी मिली है, और उन्होंने उसे पूरी मदद देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा अनामिका NEET की तैयारी कर रही हैं और उन्हें कोचिंग और छात्रावास की आवश्यकता है। इसके लिए उचित व्यवस्था की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने पर राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि वह एक दिन एक विख्यात चिकित्सक बनकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील कदम से न केवल अनामिका का भविष्य उज्जवल हो रहा है बल्कि यह भी संदेश जा रहा है कि मध्य प्रदेश में कोई भी सपना आर्थिक तंगी के कारण अधूरा नहीं रहेगा।

    यह पहल आदिवासी समुदाय की एक युवा लड़की के लिए उम्मीद की किरण साबित हुई है। अनामिका के लिए यह अवसर न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को बदलने वाला होगा, बल्कि यह राज्य सरकार की नीतियों का भी एक सशक्त उदाहरण है, जो निर्धनता और सामाजिक स्थिति के बावजूद किसी भी युवा को उनका सपना पूरा करने का अवसर प्रदान करती है। मुख्यमंत्री के इस कदम से यह स्पष्ट हो जाता है कि राज्य सरकार अपनी योजनाओं के तहत हर उस व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जो अपनी मेहनत और संघर्ष से कुछ बड़ा करना चाहता है।अब, अनामिका बैगा के पास डॉक्टर बनने की राह पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है, और मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदाय के लिए यह एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है।

  • शादी के बाद पहला अवतार! समान्था रूथ प्रभु ने सफेद साड़ी में लुभाया फैन्स को

    शादी के बाद पहला अवतार! समान्था रूथ प्रभु ने सफेद साड़ी में लुभाया फैन्स को

    नई दिल्ली। समान्था रूथ प्रभु और राज निडिमोरु ने शादी के बाद हैदराबाद में पहली बार सार्वजनिक रूप से एक इवेंट में भाग लिया। इस मौके पर दोनों बेहद खुश और आत्मविश्वासी नजर आए। कैमरों के सामने दोनों की मुस्कान और सहजता ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

    समान्था ने इस इवेंट में सफेद साड़ी पहनकर अपने ग्लैमर और नेचुरल ब्यूटी को बखूबी पेश किया। उनका हल्का मेकअप और हाफ-टाई बाल उनके लुक को और शानदार बना रहे थे। वहीं, राज निडिमोरु, जो “गो गोवा गोने” और “द फैमिली मैन” जैसी फिल्मों और वेब सीरीज के लिए जाने जाते हैं, ब्लैक टी-शर्ट, पैंट और ब्राउन जैकेट में सहज और स्टाइलिश दिखाई दिए। दोनों की आउटफिट को-ऑर्डिनेशन ने उन्हें एक पावर कपल का लुक दिया।

    समान्था और राज की शादी

    समान्था और राज ने 1 दिसंबर 2025 को ईशा योगा सेंटर, कोयंबटूर में प्राइवेट भूत शुद्धि विवाह समारोह में शादी की। यह शादी सिर्फ परिवार और करीबी दोस्तों के बीच संपन्न हुई। दोनों की शादी से पहले उनकी रिलेशनशिप को लेकर महीनों तक चर्चा रही, जो उनकी साझा परियोजनाओं और सार्वजनिक अपीयरेंस से और बढ़ गई थी।

    समान्था ने इंस्टाग्राम पर अपने फैंस को भी इस जर्नी के झलकियां साझा की थीं, जिससे शादी की खुशखबरी और उत्साह और बढ़ गया। आगामी प्रोजेक्ट – Maa Inti Bangaaram समान्था और राज का अगला प्रोजेक्ट “Maa Inti Bangaaram” है, जिसे बी. वी. नंदिनी रेड्डी डायरेक्ट कर रही हैं और राज निडिमोरु प्रोड्यूस कर रहे हैं। इस फिल्म का टीज़र पहले ही रिलीज़ हो चुका है, जो एक थ्रिलिंग और एक्शन-पैक्ड फैमिली एंटरटेनर का अहसास देता है।

    फिल्म में गुलशन देवैया भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। यह प्रोजेक्ट समान्था और नंदिनी रेड्डी की पिछली सफलता “ओह! बेबी” के बाद फिर से दर्शकों को एक नया सिनेमाई अनुभव देने का वादा करता है।

    समान्था और राज की पहली पब्लिक अपीयरेंस ने फैंस के बीच उत्साह और खुशी बढ़ा दी। शादी और नए प्रोजेक्ट के साथ दोनों की जिंदगी में नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है, और उनके फैंस को आने वाले समय में इनकी जोड़ी और काम देखने का बेसब्री से इंतजार है।

  • छत से धक्का देकर छात्रा की हत्या, आरोपी अस्पताल छोड़कर फरार

    छत से धक्का देकर छात्रा की हत्या, आरोपी अस्पताल छोड़कर फरार




    भोपाल।
    भोपाल के चूनाभट्टी इलाके में हुई एक दर्दनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। एक छात्रा की इमारत की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई, और पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह हादसा दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक तुषार (कपिल) ने छात्रा को विवाद के दौरान छत से धक्का देकर नीचे गिरा दिया। वारदात के बाद आरोपी ने ऐसा भ्रामक प्रयास किया कि किसी को उस पर शक न हो, और वह खुद मृतक छात्रा को अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक, घटना के दिन बीते बुधवार सुबह प्रिया कॉलेज जाने के बजाय अपने दोस्त तुषार के घर चली गई थी। तुषार चूना भट्टी इलाके की पारिका सोसाइटी में बने स्टे होम में केयर टेकर का काम करता है। दोपहर 12 बजे छात्रा की छत से गिरने की घटना हुई, और तुषार उसे अस्पताल छोड़कर भाग गया।

    परिजनों का आरोप है कि यह मामला सिर्फ विवाद तक सीमित नहीं था, बल्कि एक साल से चले आ रहे प्रेम संबंध और उत्पीड़न का परिणाम है। पहले तुषार ईश्वर नगर में रहता था और प्रिया से उसकी दोस्ती थी, लेकिन अब मामला गंभीर रूप ले चुका है। पुलिस आरोपी की तलाश में पूरी तरह सक्रिय है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

    यह मामला भोपाल में छात्रों और युवाओं के बीच सुरक्षा की संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है, और स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सक्रिय जांच के लिए प्रेरित करता है।

  • दिल्ली की भागदौड़ भूल जाइए! ये 5 पिकनिक स्पॉट्स देंगे असली सुकून, नेचर लवर्स का है स्वर्ग

    दिल्ली की भागदौड़ भूल जाइए! ये 5 पिकनिक स्पॉट्स देंगे असली सुकून, नेचर लवर्स का है स्वर्ग

    नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी और ट्रैफिक के शोर के बीच दिल्ली में रहने वालों को जब सुकून के कुछ पल चाहिए होता है, तो पिकनिक एक बेहतर विकल्प बन जाता है. सबसे अच्छी बात यह है कि दिल्ली में सिर्फ वही मशहूर जगहें ही नहीं, बल्कि कई ऐसे अलग-अलग और कम भीड़ वाले पिकनिक स्पॉट्स भी हैं. जहां परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिताया जा सकता है. अगर आप भी वीकेंड को खास बनाना चाहते हैं, तो इन जगहों पर एक दिन जरूर बिताइए. आइए जानते हैं
    दिल्ली के कुछ बेहतरीन और थोड़े अलग पिकनिक स्पॉट्स के बारे में.
    साउथ दिल्ली में स्थित संजय वन उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो शहर की भागदौड़ से दूर प्राकृतिक माहौल में समय बिताना चाहते हैं। यहां ऊंचे पेड़, कच्चे रास्ते और खुली हवा का आनंद लिया जा सकता है। सुबह-सुबह या दोपहर के समय चटाई बिछाकर हल्का-फुल्का खाना और शांति के साथ वक्त बिताना सुकून देता है। नेचर लवर्स के लिए यह जगह किसी तोहफे से कम नहीं है।

    2. सुंदर नर्सरी – साफ-सुथरे लॉन और तालाब

    हुमायूं के मकबरे के पास स्थित सुंदर नर्सरी दिल्ली के सबसे खूबसूरत पिकनिक स्पॉट्स में गिना जाता है। यहां साफ-सुथरे लॉन, छोटे-छोटे तालाब और पैदल घूमने के लिए रास्ते हैं। परिवार के साथ शांति और प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के लिए यह जगह बेहद पसंद की जाती है।

    3. तुगलकाबाद बायोडायवर्सिटी पार्क – भीड़ से दूर, नेचर के करीब

    अगर आप भीड़-भाड़ से दूर कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो तुगलकाबाद बायोडायवर्सिटी पार्क बेहतरीन विकल्प है। यहां प्राकृतिक पौधे, छोटी पहाड़ियां और खुला वातावरण मिलता है। बच्चों को प्रकृति के बारे में सिखाने और परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए यह जगह बहुत उपयुक्त है।

    4. यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क – उत्तर दिल्ली का शांत कोना

    उत्तर दिल्ली में स्थित यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क भी पिकनिक के लिए एक शांत और साफ जगह है। यमुना के आसपास की प्राकृतिक वनस्पतियां देखने को मिलती हैं और कम भीड़ होने के कारण यह पार्क सुकून पसंद लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

    5. मेजर ध्यानचंद स्टेडियम और नीला हौज पार्क – शांति और खुला माहौल

    मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के आसपास का एरिया आम पिकनिक लिस्ट में नहीं आता, लेकिन यहां शांत लॉन और खुला माहौल मिलता है। शाम के समय हल्की ठंडी हवा पिकनिक का मज़ा दोगुना कर देती है।
    इसके अलावा नीला हौज बायोडायवर्सिटी पार्क, महरौली में स्थित, भीड़-भाड़ से दूर नेचर का अनुभव कराने के लिए खास है। यह जगह अभी भी कई दिल्लीवालों के लिए अनजानी है, लेकिन पिकनिक के लिहाज से यह किसी खजाने से कम नहीं है।

    अगर आप दिल्ली की भागदौड़ और ट्रैफिक से दूर शांत और नेचर से भरपूर पिकनिक मनाना चाहते हैं, तो ये पांच जगहें आपके लिए बिल्कुल सही हैं। यहां खुला वातावरण, हरियाली और साफ-सुथरी सुविधाएं आपको सुकून और आनंद दोनों देंगी।
  • दूषित पानी मामला: अपर मुख्य सचिव ने इंदौर पहुंचकर स्थिति का लिया जायजा, सरकार की नजर जारी

    दूषित पानी मामला: अपर मुख्य सचिव ने इंदौर पहुंचकर स्थिति का लिया जायजा, सरकार की नजर जारी


    इंदौर । शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या के बाद स्थिति अब बेहतर होती जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और अनुपम राजन ने इंदौर का दौरा किया और अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, ताकि समस्या का समाधान शीघ्रता से किया जा सके।

    स्थिति में सुधार

    बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने शनिवार को इंदौर कलेक्टर और निगमायुक्त के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली और पाया कि हालात पहले की तुलना में बेहतर हो रहे हैं। उन्होंने बताया, “अब स्थिति काफी बेहतर है। नर्मदा की मुख्य जल लाइन डाली जा रही है, और जल्द ही पानी की सप्लाई कुछ इलाकों में शुरू कर दी जाएगी। जिन स्थानों पर गंदा पानी मिल रहा था, वहां सुधार किया जा चुका है।

    स्वास्थ्य स्थिति में सुधार

    अपर मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि गंदे पानी से होने वाली बीमारियों के मामले में काफी कमी आई है। अब क्लीनिकों पर पहले जैसे सामान्य मरीज ही आ रहे हैं और स्थिति पर सरकार की पूरी नजर बनी हुई है।

    बैठक में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

    भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या को लेकर एक और बैठक आयोजित की गई, जिसमें अपर मुख्य सचिव, संभाग आयुक्त, कलेक्टर, निगम कमिश्नर, केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव समेत सभी विधायक शामिल हुए। इस बैठक में आगामी सुधार योजनाओं पर चर्चा की गई और सुनिश्चित किया गया कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

  • भोपाल में कॉलेज छात्रा प्रिया की संदिग्ध मौत: शार्ट पीएम रिपोर्ट में हेमरेज और चोटों का खुलासा, प्रेम प्रसंग का एंगल!

    भोपाल में कॉलेज छात्रा प्रिया की संदिग्ध मौत: शार्ट पीएम रिपोर्ट में हेमरेज और चोटों का खुलासा, प्रेम प्रसंग का एंगल!


    भोपाल । राजधानी भोपाल में 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा प्रिया मेहरा की संदिग्ध परिस्थितियों में छत से गिरकर मौत हो गई है। यह घटना राजधानी के चूना भट्टी इलाके की पारिका सोसाइटी में बुधवार सुबह हुई, जहां प्रिया का शव पाया गया। प्रिया नूतन कॉलेज सरोजिनी नायडू गवर्नमेंट गर्ल्स पीजी कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा थीं और ईश्वर नगर, शाहपुर की निवासी थीं।

    हेमरेज और चोटों का खुलासा

    शार्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह पाया गया कि प्रिया के शरीर पर चोटों के निशान थे और हेमरेज भी हुआ था। रिपोर्ट ने इस मौत को संदेहास्पद बना दिया है, जिससे पुलिस की जांच के कई पहलू सामने आ रहे हैं। प्रिया के पिता ने दावा किया है कि उनकी बेटी का अपहरण कर हत्या की गई है। उनका आरोप है कि पुलिस ने 24 घंटे बाद भी आरोपी के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं जुटाई है।

    प्रेम प्रसंग का मामला

    जानकारी के अनुसार, बुधवार को प्रिया घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थीं, लेकिन कॉलेज जाने के बजाय वह अपने दोस्त के घर चली गईं। युवक तुषार जिसे कपिल के नाम से भी जाना जाता है ने खुद डायल 112 पर कॉल करके बताया कि प्रिया छत से गिर गई हैं। तुषार और उसके तीन अन्य दोस्त प्रिया को मोटरसाइकिल पर हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद तुषार और उसके साथी पुलिस के आने से पहले ही मौके से फरार हो गए।पुलिस जांच में प्रेम संबंधों की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि तुषार कपिल पिछले एक साल से प्रिया को परेशान कर रहा था और उसे लगातार स्टॉक कर रहा था। तुषार और प्रिया पहले ईश्वर नगर में रहते थे, और दोनों की दोस्ती हो गई थी।

    पुलिस की जांच

    एडिशनल डीसीपी मलकीत सिंह जोन-4 के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तुषार और उसके साथियों की तलाश शुरू कर दी है। एक पुलिस टीम खंडवा में भी तलाश कर रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं और अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    परिजनों का आरोप

    प्रिया के परिजनों ने यह दावा किया है कि यह घटना महज एक हादसा नहीं हो सकती, बल्कि यह एक सुनियोजित हत्या हो सकती है। वे न्याय की मांग कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह आत्महत्या, हादसा, या फिर प्रेम प्रसंग में मारपीट के बाद हत्या है।पुलिस की जांच अब भी जारी है, और मामले का हर पहलू बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

  • 10 जनवरी महाकाल आरती: कण-कण में महादेव, मस्तक पर चंद्र अर्पित कर बाबा का भव्य श्रृंगार

    10 जनवरी महाकाल आरती: कण-कण में महादेव, मस्तक पर चंद्र अर्पित कर बाबा का भव्य श्रृंगार


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 जनवरी को माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर भव्य भस्म आरती का आयोजन हुआ। तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और विशेष श्रृंगार के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया जिसे देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।मंदिर के पट खुलने के बाद, पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। विशेष ध्यान बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्र अर्पित करने पर दिया गया, जो इस दिव्य श्रृंगार का अहम हिस्सा था।

    भस्म आरती की विशेषताएँ

    भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती की गई और ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। फिर शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। भगवान महाकाल को आभूषणों से सजाया गया और सुगंधित पुष्पों से उनका अलंकरण किया गया।

    श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
    इस भव्य आरती का दृश्य अत्यधिक श्रद्धा और भक्तिभाव से परिपूर्ण था। भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। कई श्रद्धालु नंदी महाराज के पास गए और उनके कान के पास जाकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगा। मंदिर में बाबा महाकाल की जयकारे गूंज रहे थे, जिससे पूरा परिसर महाकाल की भक्ति से भरा हुआ था। इस दिन के आयोजन में श्रद्धालुओं ने अपने पूरे मन से बाबा महाकाल को नमन किया और उन्हें खुशहाल जीवन की कामना की। महाकाल मंदिर का वातावरण भव्यता और आस्था से ओत-प्रोत था, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

  • सागर दौरे पर CM डॉ. मोहन यादव: खुरई में करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण, लोकपथ 2.0 एप का भी होगा उद्घाटन

    सागर दौरे पर CM डॉ. मोहन यादव: खुरई में करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण, लोकपथ 2.0 एप का भी होगा उद्घाटन


    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सागर जिले के खुरई में एक महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे, जहां वे 312 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का लकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय विकास को नई गति देना और जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है।

    मुख्यमंत्री के दौरे की शुरुआत एक रोड शो से होगी, जिसमें वे खुरई शहर में आम जनता से जुड़ेंगे और उन्हें इन विकास कार्यों की सौगातों का एहसास कराएंगे। रोड शो के बाद सीएम डॉ. यादव 165 करोड़ रुपये की लागत से 38 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा, 147 करोड़ रुपये की लागत से 48 विकास कार्यों का भूमिपूजन शिलान्यास भी किया जाएगा। ये कार्य मुख्यतः सड़क, जल आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों से जुड़े होंगे, जो खुरई और आसपास के इलाकों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे।

    मुख्यमंत्री का भोपाल कार्यक्रम

    खुरई दौरे से पहले, मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी के एक प्रमुख कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1500 से अधिक अभियंता शामिल होंगे, जो इंजीनियरिंग कार्यों में अपनी क्षमताओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री द्वारा कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज का विमोचन किया जाएगा, जो प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा। साथ ही, मुख्यमंत्री लोकपथ 2.0 एप का भी लोकार्पण करेंगे। यह एप इंजीनियरिंग कार्यों को डिजिटल और अधिक कुशल बनाने में मदद करेगा, जिससे प्रदेश में निर्माण कार्यों की निगरानी और प्रबंधन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

  • पुणे राजनीति में हलचल: सुप्रिया सुले–अजित पवार एक मंच पर, निकाय चुनाव का मेनिफेस्टो जारी

    पुणे राजनीति में हलचल: सुप्रिया सुले–अजित पवार एक मंच पर, निकाय चुनाव का मेनिफेस्टो जारी

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। वर्षों बाद एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले और उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक ही मंच पर साथ नजर आए। मौका था पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों के लिए एनसीपी (एसपी) और एनसीपी द्वारा संयुक्त मेनिफेस्टो जारी करने का। राजनीतिक गलियारों में इसे स्थानीय स्तर पर एक नई रणनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

    पानी संकट और टैंकर माफिया पर सख्त रुख

    घोषणापत्र जारी करते हुए सुप्रिया सुले ने पुणे और मुंबई में सक्रिय टैंकर माफिया का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पानी की कमी के बीच अवैध टैंकर कारोबार आम लोगों का शोषण कर रहा है। मेनिफेस्टो में इस माफिया पर नियंत्रण और पारदर्शी जल आपूर्ति व्यवस्था लागू करने का वादा किया गया है, ताकि नागरिकों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।

    यातायात सुधार पर बड़ा जोर

    संयुक्त घोषणापत्र में पुणे की गंभीर ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए ठोस रोडमैप रखा गया है। इसके तहत शहर में 33 मिसिंग रोड लिंक को जोड़ने का वादा किया गया है, जिससे सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और जाम की समस्या कम होगी। इसके साथ ही सड़कों के चौड़ीकरण और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने की बात भी कही गई है।

    फ्री बस और मेट्रो यात्रा का वादा

    घोषणापत्र में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। शहरवासियों को मुफ्त बस और मेट्रो यात्रा उपलब्ध कराने की योजना शामिल की गई है। इसका उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता घटाना, ईंधन खर्च कम करना और प्रदूषण पर नियंत्रण पाना बताया गया।

    स्वास्थ्य सुविधाएं हर नागरिक के पास

    स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी घोषणापत्र में अहम वादा किया गया है। इसके अनुसार हर नागरिक को उसके घर से दो किलोमीटर के दायरे में अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आपात स्थिति में इलाज तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।

    राजनीतिक संकेत भी अहम

    सुप्रिया सुले और अजित पवार का एक मंच पर आना सिर्फ नगर निकाय चुनाव तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह तस्वीर आगामी चुनावी समीकरणों के लिए भी संकेत दे सकती है। हालांकि दोनों नेताओं ने मंच से सिर्फ स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं पर ही जोर दिया।

    निष्कर्ष:
    संयुक्त मेनिफेस्टो के जरिए एनसीपी (एसपी) और एनसीपी ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के मतदाताओं को विकास, बेहतर सुविधाओं और पारदर्शी प्रशासन का भरोसा दिलाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि यह एकजुटता चुनावी नतीजों में कितना असर दिखा पाती है।

  • मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी: खजुराहो सबसे ठंडा, 15 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी: खजुराहो सबसे ठंडा, 15 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा


    भोपाल । उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। राज्य के ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है, जहां न्यूनतम तापमान कई स्थानों पर 5 डिग्री से भी नीचे पहुंच गया है। वहीं, प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है और सड़क एवं रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।

    सबसे ठंडे स्थान और तापमान

    प्रदेश में इस समय सबसे ठंडा स्थान छतरपुर जिले का खजुराहो है, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। इसके बाद अन्य प्रमुख ठंडे स्थान इस प्रकार हैं: दतिया: 3.9 डिग्री,शिवपुरी: 4 डिग्री,ग्वालियर: 5 डिग्री,राजगढ़: 5 डिग्री,पचमढ़ी: 5.8 डिग्री,मंडला: 5.9 डिग्री,रीवा: 6 डिग्री,उमरिया: 6.4 डिग्री,सीधी और टीकमगढ़: 6.8 डिग्री बड़े शहरों में भी ठंड का प्रभाव प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी ठंड का प्रकोप जारी है भोपाल: 8 डिग्री, इंदौर: 9.4 डिग्री, उज्जैन: 8.3 डिग्री, जबलपुर: 8.4 डिग्री।

    कोहरा और कोल्ड डे अलर्ट

    प्रदेश के दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में कोल्ड डे और कोहरे के लिए अलर्ट जारी किया गया है। सुबह के समय घना कोहरा कई घंटों तक बना रहता है, जिससे लोग घर से निकलने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा, दृश्यता कम होने की वजह से यातायात भी प्रभावित हो रहा है।

    मौसम विभाग का अनुमान

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं का असर बढ़ने के साथ ठंड का यह दौर और भी तीव्र हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस ठंड के असर के अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद तापमान में मामूली वृद्धि हो सकती है। यह ठंड इस समय जनवरी के पहले सप्ताह में ही इतनी अधिक तीव्र हो गई है कि कई स्थानों पर ठंड के पुराने रिकॉर्ड भी टूट रहे हैं। प्रदेश के नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सर्दी से बचने के लिए जरूरी कदम उठाएं और खासकर कोहरे के समय सड़क पर सफर करते वक्त सतर्क रहें।