Author: bharati

  • Anu Agrawal Birthday: आशिकी के बाद नहीं चल पाया करियर, जानें आज क्या करती हैं अनु अग्रवाल

    Anu Agrawal Birthday: आशिकी के बाद नहीं चल पाया करियर, जानें आज क्या करती हैं अनु अग्रवाल

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    नई दिल्ली। दिल्ली में जन्मी अनु अग्रवाल को आशिकी फिल्म ने रातों रात स्टार बना दिया था। इस फिल्म के कारण उन्हें आज भी फैंस जानते हैं। अनु अग्रवाल आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। वे ग्लैमर की दुनिया से दूर अब सोशल वर्क के लिए काम कर रही हैं। वे झुग्गी झोपड़ी में जाकर गरीब बच्चों को फ्री में योगा सिखाती हैं।
    एक्सिडेंट की शिकार हो गईं अनु अग्रवाल

    साल 1996 के बाद दुनिया में गायब हो गई थीं। अनु ने योगा और आध्यात्म की तरफ रुख कर लिया। साल 1999 में वे एक रोड एक्सिडेंट की शिकार हो गईं। बल्कि, वो पैरालाइज्ड भी हो गई थीं।3 साल तक चला अनु का ट्रीटमेंट

    लगभग 29 दिनों तक कोमा में रहने के बाद जब अनु होश में आ गईं। इस एक्सिडेंट में उनकी याददाश्त भी चली गई थी। 3 साल के लंबे ट्रीटमेंट के बाद उनकी याददाश्त वापस आ गईं। इस दौरान उन्होंने और उनके घर वालों ने बहुत सा स्ट्रगल किया।
    सोशल एक्टिविस्ट हैं अनु अग्रवाल

    अनु अग्रवाल वे अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करती हैं। वे साल 2001 में ठीक होकर पहाड़ों पर चली गईं। साल 2015 में एक्ट्रेस ने अपना मेमॉयर अनुसुएल मेमॉयर ऑफ ए गर्ल हू केम बैक फ्रॉम द डेड लिखा।
    इन दिनों ये काम करती हैं अनु

    अनु अग्रवाल इस बात को लाइफ का सबसे सुखद समय कहा। वे अब मुंबई में रहती हैं। इन दिनों एक सोशल एक्टिविस्ट के तौर पर काम कर रही हैं। अनु अग्रवाल को इसके अलावा किंग अंकल, गजब तमाशा, द क्लाउड डोर, जन्मकुंडली जैसी फिल्मों में देखा जा चुका है।

  • मुझे दीपक से मिला दो: प्रेमिका का बीच सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने प्रेमी को बुलाने की जिद पर किया हंगामा

    मुझे दीपक से मिला दो: प्रेमिका का बीच सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने प्रेमी को बुलाने की जिद पर किया हंगामा


    निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपर कस्बे में शुक्रवार शाम को एक युवती ने सड़क पर अजीबोगरीब हंगामा मचाया, जब उसने अपनी प्रेमिका दीपक से मिलने की जिद पकड़ी। युवती ने सड़क पर बैठकर रोते हुए बार-बार यही कहा कि दीपक को बुला दो, वह थाने में है, मुझे उससे मिला दो। यह दृश्य देख सड़क पर भारी जाम लग गया, जिससे स्थानीय पुलिस को मौके पर पहुंचने की जरूरत पड़ी।

    पुलिस ने किसी तरह युवती को शांत किया और उसे थाने ले गई। इस दौरान लोगों की भीड़ ने लगातार युवती से सवाल किए कि दीपक कौन है और कहां रहता है, जिस पर युवती ने कहा, मैं दीपक के साथ 9 महीने से रह रही हूं और उससे बहुत प्यार करती हूं। मुझे तो दीपक से ही मिलवाइए।

    यह युवती पूजा पाल है, जो दीपक पाल नाम के युवक से प्रेम करती है। पूजा और दीपक दोनों निवाड़ी जिले के ही रहने वाले हैं, लेकिन दीपक फिलहाल भोपाल में एक होटल में काम करता है। शुक्रवार को दीपक अपनी प्रेमिका पूजा के साथ पृथ्वीपर कस्बे में आया, लेकिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दीपक ने पूजा को छोड़ दिया और मौके से चला गया। पूजा कुछ समय तक दीपक को तलाश करती रही, लेकिन जब वह नहीं मिला तो उसने सड़क पर ही हंगामा शुरू कर दिया।

    इस घटनाक्रम से सड़क पर जाम लग गया और पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचकर युवती को समझाने की कोशिश करनी पड़ी। अंततः पुलिस ने पूजा को थाने ले जाने के बाद उसे समझाया, और कुछ देर बाद दीपक भी थाने पहुंच गया। दोनों को एक साथ देखकर पुलिस ने उन्हें सख्त लहजे में हिदायत दी कि आगे से ऐसी हरकतें ना करें। इसके बाद दोनों प्रेमी युगल को थाने से जाने की अनुमति दे दी गई।

  • पाकिस्‍तान को इजरायल की दो टूक; गाजा पट्टी में मुनीर के मंसूबों पर फेरा पानी

    पाकिस्‍तान को इजरायल की दो टूक; गाजा पट्टी में मुनीर के मंसूबों पर फेरा पानी

    नई दिल्‍ली। इजरायल ने दो टूक कहा है कि गाजा में अमेरिका के प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबलाइज़ेशन फोर्स (ISF) में पाकिस्तानी सेना को एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही इजरायल ने कहा है कि हमास के साथ उसके संबंधों की वजह से उसकी गाजा में भागीदारी संदिग्ध है।
    भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि इजरायल अमेरिका द्वारा प्रस्तावित किसी भी गाजा स्थिरीकरण बल में पाकिस्तानी सेना को शामिल करने का स्पष्ट रूप से विरोध करता है। उन्होंने कहा कि हमास और आतंकी संगठनों के रिश्तों के कारण पाकिस्तान पर भरोसा नहीं कर सकते।

    एक विशेष साक्षात्कार में अज़ार ने कहा कि हमास और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों, खासकर लश्कर-ए-तैयबा, के बीच बढ़ते संपर्क को लेकर इज़रायल को गहरी चिंता है। इजरायल की तरफ से यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में आई है, जब पाकिस्तान गाजा में इंटरनेशनल फोर्स में शामिल होने पर अमेरिका की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार ही कर रहा है।

    बता दें कि ट्रंप के गाजा में शांति बहाली और सत्ता हस्तांतरण के फार्मूले के तहत वहां एक अंतरराष्ट्रीय स्तिरिकरण बल की तैनाती की जानी है, जिसमें कई देश शामिल होंगे। पाकिस्तान ने भी इस बल में शामिल होने की इच्छा जताई थी लेकिन इजरायल ने उसे खारिज कर दिया है।

    हमास के खात्मे के बिना कोई व्यवस्था संभव नहीं
    इजरायली राजदूत अज़ार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि हमास को एक आतंकवादी संगठन के रूप में पूरी तरह खत्म किए बिना गाज़ा के भविष्य को लेकर कोई भी व्यवस्था संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में एक स्थिरीकरण बल (Stabilisation Force) का विचार तब तक निरर्थक है, जब तक हमास को पूरी तरह निष्क्रिय नहीं कर दिया जाता। यह पहली बार है जब इजरायल आधिकारिक तौर पर और खुले तौर पर पाकिस्तानी सेना की भूमिका के खिलाफ सामने आया है।

    यह आसिम मुनीर के लिए बड़ा झटका है, जो गाजा में अपनी सेना की तैनाती के बड़े ख्वाव देख रहे थे।
    पाक समेत कई देशों से अमेरिका ने किया था संपर्क
    हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने गाज़ा में सुरक्षा और पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित बल में योगदान देने को लेकर पाकिस्तान समेत कई देशों से संपर्क किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अज़ार ने कहा, “कई देशों ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे हमास से लड़ने के लिए अपने सैनिक नहीं भेजना चाहते। ऐसे में यह योजना व्यावहारिक नहीं लगती।” जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या इज़रायल गाज़ा में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी को स्वीकार करेगा, तो उनका जवाब साफ था “नहीं।”
    “केवल उन्हीं के साथ काम करेंगे जो भरोसेमंद”
    पाकिस्तान की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए इज़रायली राजदूत ने कहा,“देश आमतौर पर उन्हीं के साथ सहयोग करते हैं जिनके साथ उनके भरोसेमंद राजनयिक संबंध हों। इस समय पाकिस्तान के साथ ऐसी स्थिति नहीं है।” इस बयान से इज़रायल की पाकिस्तान को लेकर गहरी अविश्वास की भावना साफ झलकती है।
    हमास–पाकिस्तान संपर्कों पर इजरायल की नजर
    राजदूत अज़ार के बयान ऐसे समय आए हैं जब हाल ही में यह बात सामने आई है कि हमास के वरिष्ठ कमांडर नाजी ज़हीर पिछले तीन वर्षों से लगातार पाकिस्तान की यात्राएं कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, नाजी ज़हीर ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों से कई बैठकें और मुलाकातें की थीं। ये बैठकें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)में भी हुईं हैं। यह बात भी सामने आ चुकी है कि 7 अक्टूबर को इज़रायल पर हुए हमले के कुछ ही दिनों बाद ज़हीर पेशावर में मौजूद था।अज़ार ने पुष्टि की कि इज़रायली खुफिया एजेंसियां इन गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
  • भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीन घायल: दमोह में दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत

    भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीन घायल: दमोह में दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत

    दमोह । मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो बाइकों के बीच जोरदार टक्कर से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा 17 मिल के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार में चल रही दो बाइकों के बीच भिड़ंत हो गई। मृतकों की पहचान बिज्जू अहिरवार और जीतेंद्र साहू के रूप में की गई है।

    घटनास्थल पर पुलिस और 108 एम्बुलेंस की टीम ने तुरंत पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल दमोह भेजा। घायलों में से दामोदर अहिरवार की हालत गंभीर बताई गई है, और उन्हें इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया। अन्य दो घायलों का इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है, और उनकी हालत स्थिर है।ड्यूटी डॉक्टर कौशिकी राजपूत ने बताया कि हादसे में तीनों घायलों को तुरंत भर्ती किया गया था।

    इनमें से एक की हालत गंभीर थी, जिसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है। बाकी दो का इलाज जारी है और उनकी हालत अब स्थिर है। पुलिस इस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया है। हादसे के बाद से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, और पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने का संकल्प लिया है।

  • इंसानी ब्लड बैग में मिला बकरी का खून, ऐसे हुआ खुलासा

    इंसानी ब्लड बैग में मिला बकरी का खून, ऐसे हुआ खुलासा


    हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां काचीगुडा इलाके में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर रेड के दौरान कुछ ऐसा मिला है, जिसे देख अधिकारी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक यहां ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) की रेड में अधिकारियों को लगभग 1,000 लीटर जानवरों का खून मिला है। यह खून बकरियों और भेड़ों से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया गया था और इंसानों का खून रखने के लिए बने ब्लड बैग में पैक किया गया था।
    Wion न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने हैदराबाद पुलिस और राज्य के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर यह रेड की थी। इस दौरान उन्होंने इंसानों के इस्तेमाल के लिए बने ब्लड बैग में जानवरों का खून भरा हुआ देख सीनियर अधिकारी भी हैरान रह गए।
    बकरी के खून के अलावा परिसर में खून की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कुछ अत्याधुनिक मशीनें भी मिली हैं। रेड टीम को एक ऑटोक्लेव मशीन, एक लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए ब्लड बैग और लगभग 60 खाली ब्लड बैग भी मिले। ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल, एक्सपेरिमेंट या लैब टेस्ट के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जा सकता था। फर्म का मालिक फिलहाल फरार है।
  • मुस्लिम देशों ने फिर अलापा कश्मीर पर राग, 370 लागू करने की मांग

    मुस्लिम देशों ने फिर अलापा कश्मीर पर राग, 370 लागू करने की मांग


    नई दिल्‍ली। मुस्लिम देशों के सबसे बड़े संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी OIC ने जम्मू-कश्मीर का नाम लेकर एक बार फिर अपनी हदें पार की हैं। OIC ने अपने हालिया बयान में कश्मीर में जनमत की मांग करते हुए कहा है कि वह कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकारों का समर्थन करता है। इस दौरान OIC ने कश्मीर में धारा 370 को वापस लागू करने की मांग भी कर दी। बता दें कि भारत कई बार यह स्पष्ट कर चुका है कि संगठन को भारत के आंतरिक मामलों में बोलना का कोई कानूनी अधिकार नहीं है और ना ही OIC द्वारा इस तरह की बयानबाजी को स्वीकार किया जाएगा।
    ओआईसी (इस्लामी सहयोग संगठन) 57 देशों का एक अंतरसरकारी संगठन है जो मुस्लिम जगत की सामूहिक आवाज होने का दावा करता है। OIC ने 8 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बयान को साझा किया है। इसके साथ लिखा गया है कि OIC, 5 जनवरी 1949 के यूनाइटेड नेशंस के प्रस्ताव की सालगिरह पर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष रेफरेंडम के जरिए, जम्मू और कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को समर्थन देता है।

    OIC के बयान में कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग करते हुए कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट 5 जनवरी 1949 को भारत और पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र आयोग द्वारा अपनाए गए प्रस्ताव को याद दिलाता है, जिसमें जम्मू और कश्मीर के लोगों को संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह के माध्यम से आत्मनिर्णय के अधिकार की पुष्टि की गई थी। इसमें आगे कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाता है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर के राज्य के रूप में मान्यता का सम्मान करने और 5 अगस्त 2019 और उसके बाद उठाए गए सभी एकतरफा कदमों को वापस लेने की अपील करता है।

    …”

    बयान में संयुक्त राष्ट्र से भी एक अपील की गई है। इसमें कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी पर भरोसा जताया है कि वह जम्मू-कश्मीर से जुड़े प्रस्तावों को लागू करे और UNSC के संबंधित प्रस्तावों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर विवाद का हल निकाले।”

  • बीच सड़क पर फटी पानी की ज्‍वालामुखी, कॉलेज और हॉस्टल परिसर जलमग्न

    बीच सड़क पर फटी पानी की ज्‍वालामुखी, कॉलेज और हॉस्टल परिसर जलमग्न

    मैहर। मध्‍य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन में बुधवार को विकास के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई। यहां करोड़ों की लागत से बिछाई गई बाणसागर परियोजना की पाइपलाइन अचानक बीच सड़क पर फूट गई। पानी का दबाव (प्रेशर) इतना जबरदस्त था कि सड़क पर फव्वारा फूट पड़ा और देखते ही देखते मुख्य मार्ग ने नदी का रूप ले लिया है।मामला अमरपाटन महाविद्यालय के पास का है।
    पाइपलाइन फटने से न केवल लाखों लीटर पानी बर्बाद हुआ, बल्कि पानी के तेज बहाव से पक्की सड़क करीब 4 इंच नीचे धंस गई है जिससे बड़ा हादसा होने से टला है।
    कॉलेज और हॉस्टल परिसर जलमग्न
    पाइपलाइन फूटते ही पानी की तेज धार ने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। पानी का बहाव पास ही स्थित शासकीय छात्रावास और महाविद्यालय परिसर की ओर मुड़ गया, जिससे वहां घुटनों तक पानी भर गया। अचानक हुए जलभराव से छात्रों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। सड़क पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को घंटों तक परेशान होना पड़ा।
    L&T कंपनी के काम पर उठे सवाल
    मौके पर पहुंचीं एसडीएम डॉ. आरती सिंह ने बताया कि यह पाइपलाइन जल निगम की ओर से L&T कंपनी द्वारा बिछाई गई थी। इतनी अहम परियोजना में पाइपलाइन का इस तरह फूटना कंपनी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। पानी के अंडरग्राउंड प्रेशर ने सड़क की नींव हिला दी, जिससे डामर की सड़क धंस गई। PWD को सड़क मरम्मत की सूचना दे दी गई है।
    जेसीबी बुलाकर संभाले हालात
    घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम डॉ. आरती सिंह, तहसीलदार रामदेव साकेत और थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाई और पानी की निकासी का काम शुरू करवाया। एसडीएम ने बताया कि संबंधित कंपनी को फटकार लगाते हुए तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलापूर्ति और यातायात बहाल हो सके।
  • खैर-सागौन तस्करी पर वन विभाग का मास्टर स्ट्रोक: देशभर में तस्करी के नेटवर्क का खुलासा, लाखों की लकड़ी जब्त

    खैर-सागौन तस्करी पर वन विभाग का मास्टर स्ट्रोक: देशभर में तस्करी के नेटवर्क का खुलासा, लाखों की लकड़ी जब्त


    शहडोल । देशभर में खैर लकड़ी की बढ़ती मांग ने इसे तस्करी का नया हॉटस्पॉट बना दिया है, और इस स्थिति का लाभ उठाते हुए तस्कर दिन-ब-दिन अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। लेकिन शहडोल वन विभाग ने अब एक जबरदस्त कार्रवाई की है, जिससे तस्करी के इस गहरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है और वन संपदा की लूट में संलिप्त तत्वों को कड़ा संदेश दिया गया है। शहडोल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए छापे में खैर और सागौन की लाखों रुपये मूल्य की लकड़ी जब्त की गई है।

    वन विभाग की यह कार्रवाई बुढ़ार वन परिक्षेत्र के ग्राम बुगरा में शुरू हुई, जहां एक घर से 104 नग सागौन लकड़ी 3.109 घनमीटर बरामद हुई। पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि यह लकड़ी रात के समय पिकअप वाहन से लाई गई थी। वन अपराध के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। इसके बाद, ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के कोलमी वार्ड में अशोक कुमार अवस्थी के घर से सागौन लकड़ी के छिलके, बोरे और लकड़ी के टुकड़े, साथ ही 13 चेन-सॉ मशीनें और एक बैटरी चालित चेन-सॉ मशीन बरामद की गई।

    इसके साथ ही, ग्राम पटदई में एक ढाबे से 130 नग सागौन लकड़ी 2.079 घनमीटर भी जब्त की गई। इन कार्रवाईयों के दौरान, लगभग 5 से 6 घन मीटर लकड़ी की तस्करी के प्रमाण मिले, जिससे तस्करों की गतिविधियों का जाल साफ तौर पर उजागर हुआ।खैर और सागौन लकड़ी की बढ़ती तस्करी की वजह से इनकी मांग बढ़ गई है, और यही कारण है कि अब इनकी जड़ें और छिलके भी तस्करी के शिकार हो रहे हैं। इस पर वन विभाग की डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे ने बताया कि तस्करी की इस समस्या को लेकर विभाग ने एक सख्त रणनीति अपनाई है।
    जिसमें लगातार निगरानी रखी जा रही है और तस्करों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जंगल की संपदा की लूट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि किसी भी कीमत पर अवैध तस्करी और जंगल की लूट को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। विभाग अब आने वाले दिनों में इस नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए और भी प्रभावी कदम उठाएगा।

  • ‘O’ Romeo’ टीज़र में शाहिद कपूर दिखे खतरनाक रोमांटिक अंदाज़ में, त्रिप्ती डिमरी संग रिश्ते में जोखिम उठाने को तैयार

    ‘O’ Romeo’ टीज़र में शाहिद कपूर दिखे खतरनाक रोमांटिक अंदाज़ में, त्रिप्ती डिमरी संग रिश्ते में जोखिम उठाने को तैयार

    नई दिल्ली। अभिनेता शाहिद कपूर ने अपनी आगामी फिल्म ‘O’ Romeo’ का पहला टीज़र शनिवार को जारी किया, जिसमें उनके किरदार की खतरनाक और भावनात्मक दुनिया का पहला अंदाज़ दिखाया गया। 1 मिनट 35 सेकेंड लंबे इस टीज़र में शाहिद के अलावा त्रिप्ती डिमरी, दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया, विक्रांत मैसी और अविनाश तिवारी जैसे कलाकार भी नजर आते हैं।

    टीज़र की शुरुआत शाहिद के चरित्र से होती है, जो एक नाव पर ‘चोटू’ को पुकारते हुए गुस्से में दिखाई देते हैं। काउबॉय हैट, काले वेस्ट, गहनों और पूरे शरीर पर टैटू के साथ उनका हिंसक पक्ष सामने आता है। शाहिद की इस एंट्री में दर्शकों को उनके क्रूर और इंटेंस अंदाज़ का अहसास होता है, जो फिल्म के डार्क रोमांस की झलक देता है।

    अन्य किरदारों की झलक

    टीज़र में नाना पाटेकर, दिशा पाटनी, विक्रांत मैसी और तमन्ना भाटिया के किरदार भी पेश किए गए हैं, जिनमें से कुछ शाहिद के किरदार जैसी विचित्रताएं दिखाते हैं। हालांकि, टीज़र में फिल्म की मातृसुलभ किरदार फरिदा जलाल का संवाद सबसे चर्चा में रहा। उन्होंने कहा, “Rise in love, and you’re a Romeo. Drown in it, and you’re a c**tiya,” जिससे सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाएं आईं।

    त्रिप्ती डिमरी की एंट्री के समय शाहिद अपने नरम पक्ष का इजहार करते हुए उसे लंबी निगाहों से देखते हैं। अरुणा इरानी, हुसैन दलाल, रेश लांबा और राहुल देशपांडे भी फिल्म में अहम भूमिकाओं में हैं, हालांकि टीज़र में उनका हिस्सा नहीं दिखाया गया।

    सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाएं

    फैंस फरिदा जलाल के अप्रत्याशित शब्दों को देखकर काफी हैरान और खुश नजर आए। एक यूजर ने लिखा, “Farida Jalal saying ch***ya was sooooooo out of the blue. Loved it,” तो दूसरे ने मजाक में कहा, “Farida Jalal comes out of the syllabus।”
    शाहिद के फैंस ने उनके अभिनय और फिल्म की डायरेक्शन को काबिलेतारीफ बताया। एक यूजर ने लिखा, “The world reminds you of Kaminey vibes, the direction looks literally cool. Comeback ab aur bhi khatarnaak!!!” जबकि दूसरे ने 2026 की बॉलीवुड रिलीज़ को लेकर उत्साह जताया: “Bollywood is peaking hard in 2026, Dhurandhar 2, O Romeo, King, Love and War, Ramayana.”

    सारांश:
    विषाल भारद्वाज की ‘O’ Romeo’ का टीज़र शाहिद कपूर के हिंसक और इंटेंस किरदार की झलक पेश करता है। त्रिप्ती डिमरी संग रोमांस, अन्य किरदारों की विचित्रताएं और फरिदा जलाल के अप्रत्याशित संवाद ने फैंस को उत्साहित कर दिया है। टीज़र सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और फिल्म से जुड़ी उम्मीदें और बढ़ा दी हैं।

  • मप्र में अब सरकारी बंगलों में नहीं चलेगा कब्जा: कई को बंगला खाली करने का नोटिस

    मप्र में अब सरकारी बंगलों में नहीं चलेगा कब्जा: कई को बंगला खाली करने का नोटिस


    भोपाल। मध्यप्रदेश में कई पूर्व मंत्री और अधिकारी सरकारी आवास खाली करने को तैयार नहीं हैं। इसे देखते हुए संपदा संचालनालय ने अब सख्ती शुरू कर दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वे अपनी ही पार्टी के बड़े नेता क्यों न हों। बिना पात्रता के सरकारी बंगलों का आनंद ले रहे पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों और आईएएस अधिकारियों को अब ‘बेदखली’ का डर सताने लगा है।
    अब सरकार ने पात्रता खत्म होने के बावजूद सरकारी बंगलों में जमे पूर्व मंत्रियों और आईएएस अफसरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक बंगला खाली करने का आखिरी अल्टीमेटम दिया गया है, अन्यथा बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 4 आईएएस और कई पूर्व मंत्रियों को भी नोटिस जारी कर भारी जुर्माने की चेतावनी दी गई है।

    सरकारी बंगलों से कब्जा हटाने के लिए एक्शन
    राजधानी भोपाल के पॉश इलाकों में स्थित सरकारी बंगलों पर अवैध रूप से काबिज रसूखदारों के खिलाफ मोहन सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। 2023 के विधानसभा चुनाव में हारने वाले पूर्व मंत्रियों और कार्यकाल पूरा कर चुके पूर्व सांसदों ने अभी तक अपने सरकारी आवास नहीं छोड़े हैं। अब सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर बंगले खाली नहीं हुए, तो पुलिस बल का प्रयोग कर सामान बाहर कर दिया जाएगा।

    प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक का अल्टीमेटम
    बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 74 बंगले स्थित बी-टाइप आवास खाली करने के लिए 13 जनवरी तक का समय दिया गया है।

    नोटिस में साफ कहा गया है कि इस तारीख के बाद प्रशासन ‘बल प्रयोग’ करेगा। हालांकि, उनके बेटे तुशमुल झा का कहना है कि वे खुद ही बंगला खाली करने की प्रक्रिया में हैं और यह एक सहज प्रक्रिया है।

    पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को नोटिस
    इधर, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह 2023 में चुनाव हार गए थे, लेकिन 2 साल बाद भी उन्होंने लिंक रोड-1 स्थित अपना सरकारी बंगला (C-15) खाली नहीं किया है। इस मामले में उनका कहना है कि उन्होंने सरकार से थोड़ा समय और मांगा है।

    पद नहीं फिर भी सरकारी आवास पर डेरा
    मध्यप्रदेश में नेताओं की कुर्सी तो चली गई, लेकिन नेता सरकारी बंगलों का मोह नहीं त्याग पा रहे हैं। पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया जैसे दिग्गज नेता 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी इन्होंने सरकारी बंगलों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। यही हाल पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का है, जो वर्तमान में विधायक भी नहीं हैं, फिर भी मंत्री रहते आवंटित हुए आवास में रह रही हैं। भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की स्थिति भी अलग नहीं है; संसद की सदस्यता खत्म होने के बाद भी उन्होंने सरकारी बंगला खाली नहीं किया है।

    सरकार सख्त, कब्जेदारों को नोटिस
    संपदा संचालनालय के मुताबिक, कार्रवाई की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 6 जनवरी को ही नोटिस थमाया जा चुका है, वहीं रामपाल सिंह को भी पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है।

    मोहन सरकार ने अब कड़ा रुख अख्तियार करते हुए साफ कर दिया है कि पात्रता खत्म होने के बाद सरकारी आवास पर किसी भी तरह का ‘अवैध कब्जा’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम स्पष्ट हैं—पद गया, तो बंगला भी छोड़ना होगा।

    30 गुना तक किराया वसूलने को मंजूरी
    विधि विभाग ने सख्त नियम लागू करते हुए भारी-भरकम किराए की वसूली को मंजूरी दे दी है। नियमों के मुताबिक, पात्रता खत्म होने के शुरुआती तीन महीनों तक तो सामान्य किराया लगेगा, लेकिन इसके बाद भी बंगला खाली नहीं हुआ तो अगले तीन महीनों के लिए 10 गुना किराया वसूला जाएगा। जब छह महीने बाद भी कब्जा बरकरार रहा, ऐसी स्थिति में रसूखदारों को 30 गुना ज्यादा हर्जाना भरना होगा। सरकार के मकसद साफ है—या तो समय से बंगला खाली कर दें, वरना लाखों के जुर्माने के लिए तैयार रहें।

    IAS अफसरों पर भी गिरी गाज
    प्रशासन ने सुधीर कोचर, अदिति गर्ग, रत्नाकर झा और निधि सिंह समेत 4 आईएएस और 3 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी बेदखली का नोटिस थमाया है।

    विधायक रह रहे मंत्रियों वाले बंगलों में
    सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव और मीना सिंह जैसे विधायक पात्रता से ऊपर की श्रेणी (B और C टाइप) के बंगलों में रह रहे हैं।