Author: bharati

  • इरफान खान की 59वीं जयंती पर बेटे बाबिल का इमोशनल ट्रिब्‍यूट बचपन की यादों के साथ पापा को किया याद

    इरफान खान की 59वीं जयंती पर बेटे बाबिल का इमोशनल ट्रिब्‍यूट बचपन की यादों के साथ पापा को किया याद


    नई दिल्ली ।आज बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफान खान की 59वीं जयंती है। इस खास मौके पर उनके बेटे बाबिल खान ने पिता के साथ अपनी बचपन की यादों को साझा करते हुए एक बेहद इमोशनल पोस्ट इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। बाबिल ने अपने पिता के साथ अपनी दो प्यारी तस्वीरें साझा की जो दर्शाती हैं कि इरफान के साथ उनका बचपन कितना खास और नज़दीकी था। इन तस्वीरों के साथ बाबिल ने जो कैप्शन लिखा वह दिल को छूने वाला था जिसमें उन्होंने अपने पापा के साथ बिताए गए सरल और प्यारे पलों का जिक्र किया।

    बाबिल ने पहली फोटो में अपनी और इरफान की एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें वह अपने पिता के ऊपर पैर फैलाए एक बिस्तर पर लेटे हुए हैं। इस तस्वीर में इरफान खान आराम से लेटे हुए हैं और बाबिल उनके ऊपर बेफिक्री से सो रहे हैं। इस दृश्य में साधारण तकिए और कुछ घरेलू सामानों के साथ एक सुकूनभरी घरेलू माहौल का अहसास होता है। दूसरी तस्वीर में बाबिल और इरफान खान दोनों आमने-सामने खड़े हुए हैं जिसमें पित-पुत्र के रिश्ते की नजदीकी और समझ दिखाई देती है।

    बाबिल ने कैप्शन में लिखा आपकी तस्वीरें मेरी तस्वीरें। मैं उन पर कूदने और उनकी पीठ पर सो जाने से पहले ‘सोफा मोड एक्टिवेटेड’ कहता था । यह कैप्शन उनकी और उनके पिता की मस्ती और सजीव यादों को खूबसूरती से बयां करता है। बाबिल का यह भावुक पोस्ट दर्शाता है कि कैसे वह अपने पिता के साथ बिताए गए समय को हमेशा अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानते हैं।

    इरफान खान ने 29 अप्रैल 2020 को दुनिया को अलविदा कहा था जब वह महज 53 वर्ष के थे और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इरफान खान का निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान था। उन्होंने अपनी फिल्मी यात्रा की शुरुआत 1998 में फिल्म सलाम बॉम्बे से की थी और उसके बाद उन्होंने कई यादगार और बेहतरीन फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनकी अभिनय शैली और मजबूत काया आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। चाहे वह हासिल पान सिंह तोमर लाइफ ऑफ पाई दी लंचबॉक्स जैसी फिल्में हों इरफान ने हर रोल में खुद को साबित किया।

    इरफान खान का जीवन और करियर एक प्रेरणा है और उनके योगदान को फिल्म इंडस्ट्री कभी नहीं भूल पाएगी। बाबिल के इस पोस्ट के जरिए उनके पिता के साथ उनके रिश्ते की खूबसूरत झलक भी देखने को मिली। बाबिल आज भले ही खुद फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बन गए हों लेकिन उनके लिए इरफान खान हमेशा एक आदर्श और प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
    इरफान खान की जयंती पर बाबिल का यह इमोशनल ट्रिब्‍यूट उन यादों को ताज़ा करता है जो हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी।

  • सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती..

    सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की गिरावट, मिडकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती..

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में उतारचढ़ाव भरे कारोबार के बाद हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता और अहम आर्थिक आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण लार्जकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला। दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 102.20 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84961.14 के स्तर पर बंद हुआ जबकि एनएसई निफ्टी 37.95 अंक या 0.14 प्रतिशत फिसलकर 26140.75 पर आ गया।

    हालांकि प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी रही लेकिन बाजार के व्यापक हिस्से में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 276.15 अंक या 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 61424.70 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 70.65 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 17958.50 पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशक चुनिंदा शेयरों में अवसर तलाशते नजर आए।सेक्टोरल आधार पर आईटी शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.87 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.69 प्रतिशत निफ्टी फार्मा 0.69 प्रतिशत निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.65 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.07 प्रतिशत में भी मजबूती देखने को मिली।

    वहीं दूसरी ओर ऑटो और वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली के चलते गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो 0.80 प्रतिशत निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.66 प्रतिशत निफ्टी इन्फ्रा 0.50 प्रतिशत निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.33 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 0.31 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुए।सेंसेक्स के गेनर्स की सूची में टाइटन एचसीएल टेक टेक महिंद्रा इन्फोसिस सन फार्मा टीसीएस आईसीआईसीआई बैंक एलएंडटी बीईएल और ट्रेंट शामिल रहे। वहीं मारुति सुजुकी पावर ग्रिड एचडीएफसी बैंक एशियन पेंट्स टाटा स्टील एचयूएल एसबीआई भारती एयरटेल एमएंडएम बजाज फाइनेंस इंडिगो और बजाज फिनसर्व प्रमुख लूजर्स रहे।

    जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिका के अहम रोजगार आंकड़ों से पहले निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं। वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और चीन द्वारा दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर प्रतिबंध जैसे कारकों से बाजार सीमित दायरे में बना रह सकता है। हालांकि आईटी फार्मा और मिडकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी से बाजार को कुछ राहत मिली है।

  • Besan for Skin: चेहरे की हर समस्या का सस्ता और असरदार इलाज है बेसन, पुराने जमाने का नुस्खा जो कभी नहीं होता फेल

    Besan for Skin: चेहरे की हर समस्या का सस्ता और असरदार इलाज है बेसन, पुराने जमाने का नुस्खा जो कभी नहीं होता फेल

    नई दिल्ली। हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन हमेशा ही खूबसूरत, ग्लोइंग और फ्लॉलेस बनी रहे. अपनी इस ख्वाइश को पूरा करने के लिए अक्सर हम महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं. कई बार तो ये प्रोडक्ट्स हमारे लिए सही तरीके से काम कर जाते हैं लेकिन कई बार इनके इस्तेमाल से सिर्फ हमारे समय और पैसों की बर्बादी ही होती है. आज की यह आर्टिकल उन सभी के लिए काफी काम की होने वाली है अपनी स्किन को खूबसूरत और फ्लॉलेस बनाना चाहते हैं बिना किसी ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किये. आज हम आपको बताने वाले हैं कि आप किस तरह से किचन में मौजूद बेसन का इस्तेमाल करके अपनी स्किन को साफ, सॉफ्ट और ग्लोइंग बना सकते हैं. आपकी स्किन टाइप चाहे कुछ भी हो आप बिना किसी टेंशन के इन तरीकों से बेसन का इस्तेमाल अपने चेहरे पर कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं चेहरे पर बेसन का इस्तेमाल करने के 5 आसान और चमत्कारी तरीके.

    गहराई से सफाई के लिए बेसन और हल्दी
    अगर आप अपनी स्किन को गहराई से साफ करना चाहते हैं तो बेसन और हल्दी से बेहतर आपके लिए कुछ और नहीं हो सकता. इसके लिए आपको एक कटोरे में दो चम्मच बेसन को ले लेना होगा और फिर उसमें थोड़ी सी हल्दी को मिला देना होगा. इन दोनों ही चीजों को अच्छे से मिक्स करने के लिए आपको कच्चे दूध का इस्तेमाल करना है. जब एक गाढ़ा लेकिन स्मूद पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे अपने चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें. धोते समय हल्के हाथों से चेहरे को रगड़ें. नियमित तौर पर इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन साफ होती है और साथ ही निखरी हुई लगने लगती है. इसके अलावा इसके इस्तेमाल से चेहरे पर मौजूद टैनिंग और दाग-धब्बे भी खत्म हो जाते हैं.
    ड्राई स्किन के लिए बेसन और मलाई
    अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आपको बेसन और मलाई का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करना शुरू कर देना चाहिए. इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको एक कटोरा लेकर उसमें दो चम्मच बेसन और एक चम्मच मलाई और थोड़ा सा गुलाबजल उसमें दाल देना है. इन सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करके एक पेस्ट तैयार कर लें. इस पेस्ट को तैयार करने के बाद अपने चेहरे पर लगा लें और फिर 20 मिनट के लिए छोड़ दें. अंत में साधारण पानी से अपने चेहरे को धो लें. इसके इस्तेमाल से आपकी त्वचा को न्यूट्रिशन मिलता है और साथ ड्राइनेस भी दूर होती है.

    ऑयली स्किन के लिए बेसन और नींबू
    ऑयली स्किन वालों को अपने चेहरे पर बेसन और नींबू का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. इसके इस्तेमाल से चेहरा ऑयली नहीं होता और साथ ही पिंपल्स की समस्या भी दूर रहती है. इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको दो चम्मच बेसन में आधा नींबू का रस और थोड़ा सा पानी मिलाना है. एक स्मूद और गाढ़ा पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे अपने चेहरे पर लगाकर सूखने तक के लिए छोड़ देना है और जब यह अच्छी तरह सूख जाए तो चेहरे को धो लेना है.

    यह भी पढ़ें: Beauty Tips: दादी-नानी के ये नुस्खे आज भी महंगे सीरम्स को दे रहे हैं टक्कर, हर उम्र की महिलाओं के लिए खास स्किन केयर टिप्स

    इंस्टेंट ग्लो के लिए बेसन और दही
    अगर आप अपने चेहरे को मिनटों में ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो इसके लिए बेसन और दही का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है. इस पेस्ट को तैयार करने के लिए आपको दो चम्मच बेसन में एक चम्मच फ्रेश दही को मिक्स करना है. जब स्मूद पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे अपने चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें. रेगुलर बेसिस पर इसके इस्तेमाल से आपको स्किन सॉफ्ट और नैचुरली ग्लोइंग बनती है.

    टैनिंग हटाने के लिए बेसन और गुलाब जल
    अगर पूरे दिन धूप में रहने की वजह से आपका चेहरा काला पड़ गया है तो आपको बेसन और गुलाबजल का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए. टैनिंग से छुटकारा दिलाने वाले इस फेस पैक को तैयार करने के लिए आपको दो चम्मच बेसन में जरूरत के अनुसार गुलाबजल मिलाकर एक स्मूद और गाढ़ा पेस्ट तैयार करना है. इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर अच्छी तरह लगा लें और जब यह सूझ जाए तो धो लें. कुछ ही दिन इसके इस्तेमाल से आपकी टैनिंग की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है.

  • शासकीय कार्यालयों में बगैर वैध दस्तावेज के वाहन नहीं चल सकेंगे सरकार का बड़ा फैसला

    शासकीय कार्यालयों में बगैर वैध दस्तावेज के वाहन नहीं चल सकेंगे सरकार का बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों एवं निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नवीन निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को शासकीय कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा।

    शासकीय विभागों द्वारा सीधे अथवा निजी एजेंसियों के माध्यम से उपयोग में लाए जाने वाले मालवाहक एवं यात्री वाहनों के सभी वैधानिक दस्तावेज अनुबंध से पूर्व और वाहन उपयोग की संपूर्ण अवधि के दौरान वैध होना अनिवार्य होगा। साथ ही, विभागों को भुगतान से पहले भी इन दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    परिवहन विभाग ने यह भी निर्देश दिये है कि खनिज अथवा अन्य सामग्री के परिवहन के लिये जारी की जाने वाली अनुमति संबंधित वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुबंधित वाहनों द्वारा नियमानुसार मोटरयान कर का भुगतान किया गया होना चाहिए।

    ई-मेल से भीप्राप्‍त कर स‍कते हैं मार्गदर्शन

    सभी विभागों, निगमों एवं निकायों को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे अपने यहां अनुबंधित अथवा एजेंसियों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे वाहनों के संबंध में परिवहन आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश, ग्वालियर से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ई-मेल आईडी [email protected] पर पत्र प्रेषित किया जा सकता है।

  • राजस्थान ने क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी की जो समावेशी और जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है

    राजस्थान ने क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन की मेजबानी की जो समावेशी और जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है


    नई दिल्ली । राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन मंगलवार6 जनवरी 2026 को आयोजित किया गयाजिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेतृत्वनीति निर्माताओंउद्योगपतियोंस्टार्टअप्स और शिक्षाविदों को एक मंच उपलब्‍ध कराया गया ताकि शासनबुनियादी ढ़ांचेनवाचार और कार्यबल विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ताएआईकी परिवर्तनकारी भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। यह सम्मेलन 15-20 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इंडिया एआई प्रभाव सम्‍मेलन का पूर्वाभ्यास है।

    इस सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्माभारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णवजो वर्चुअल रूप से उपस्थित थेभारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद और राजस्थान सरकार के सूचना एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर सहित एमईआईटीवाई और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उनकी भागीदारी ने भारत की एआई-आधारित विकास यात्रा में राजस्थान को एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने में केंद्र और राज्य के मजबूत सहयोग को रेखांकित किया।सभा को संबोधित करते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहाऔद्योगिक क्रांतिबिजलीकंप्यूटरसेमीकंडक्टरइंटरनेट और मोबाइल प्रौद्योगिकी के माध्यम से जिस प्रकार का परिवर्तन आया हैवैसा ही परिवर्तन अब एआई के माध्यम से होने वाला है। प्रधानमंत्री का स्पष्ट लक्ष्य प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण करना है ताकि एआई से संचालित ज्ञान कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित न रहकर प्रत्येक व्यक्तिप्रत्येक घर और प्रत्येक उद्यमी तक पहुंचे। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आज एक कार्यक्रम शुरू किया गया है जिसके तहत दस लाख युवाओं को एआई कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगाजिससे भारत के युवा इस नए तकनीकी युग के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें।

    भारत सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि प्रौद्योगिकी का लोकतांत्रिकरण होना चाहिए। इसी सोच से प्रेरित होकर सरकार ने कृषिस्वास्थ्य सेवाशिक्षा और पर्यावरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एआई का लाभ उठाने के लिए इंडिया एआई मिशन के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों की आय बढ़ानाजीवन स्तर में सुधार करना और एआई के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग के माध्यम से राष्ट्र की समग्र उत्पादकता को बढ़ावा देना है।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा आज राजस्थान ई-गवर्नेंस और समावेशन से आगे बढ़कर एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है। एआई हमारे देश की प्रगति का अगला महत्वपूर्ण चरण है। इस दिशा में और आगे बढ़ते हुए हमने एक एआई और मशीन लर्निंग नीति लागू की है। यह नीति सुनिश्चित करेगी कि एआई प्रणालियां अधिक पारदर्शीनिष्पक्ष और सत्यनिष्ठा के सिद्धांतों के प्रति जवाबदेह बनें। एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग से सार्वजनिक सेवाओं का वितरण तेजअधिक पारदर्शी और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। इससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कई एआई पहलों की घोषणा और शुभारंभ थाजिसने एआई-आधारित नवाचार और शासन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में राजस्थान की भूमिका को मजबूत किया। ये कार्यक्रम और पहलें इस प्रकार हैं:

    सभी के लिए युवा एआई – राष्ट्रीय एआई साक्षरता कार्यक्रमभारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका नेतृत्व एमईआईटीवाई के अंतर्गत इंडियाएआई मिशन कर रहा है। इसका उद्देश्य देशभर के छात्रों और युवाओं में एआई की बुनियादी जानकारी का विकास करना है। राष्ट्रीय युवा दिवस12 जनवरीके उपलक्ष्य में शुरू किया गया यह अभियान लाखों शिक्षार्थियों को एक संक्षिप्तस्व-गति से संचालित बुनियादी एआईएआई 101पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहता हैजिससे विकसित भारत की परिकल्पना और समावेशीलोकतांत्रिक एआई अपनाने के अनुरूप सामूहिक एआई शिक्षण का एक राष्ट्रव्यापी माहौल तैयार हो सके।

    राजस्थान एआई/एमएल नीति 2026 का शुभारंभ किया गया हैजिसका उद्देश्य शासन को सुदृढ़ करनाआर्थिक विकास को गति देनाअनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजित करना है। इस नीति के शुभारंभ के साथ ही राजस्थान के एआई पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया।राज्यभर में कौशल विकासउद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आईस्टार्ट लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टमएलएमएसका उपयोग किया जाएगा।

    राजस्थान एवीजीसी-एक्‍सआर पोर्टल का उद्देश्य राज्य में एनिमेशनवीएफएक्‍सगेमिंगकॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करना है। भारत और राजस्थान के एआई विजन को प्रदर्शित करने वाला एक एआई -थीम वाला वीडियो भी जारी किया गया।संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में गूगलआईआईटी दिल्लीनेशनल लॉ यूनिवर्सिटीजोधपुर और स्किल डेवलपमेंट नेटवर्कवाधवानी फाउंडेशनके साथ एआई अनुसंधानकौशल विकासनैतिक ढांचे और नवाचार संस्‍कृति को आगे बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापनएमओयूपर हस्ताक्षर किए गए।

    भारत में आयोजित एक उच्च स्तरीय रणनीतिक सत्र में एमईआईटीवाई के अतिरिक्त सचिवइंडियाएआई मिशन के सीईओ और एनआईसी के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह ने एनवीडिया के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक श्री विशाल धूपर के साथ वार्तालाप किया। इस सत्र का संचालन प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक श्री समीर जैन ने किया। चर्चा में एआई अवसंरचना के लोकतांत्रिकरणसार्वजनिक-निजी सहयोग को बढ़ानेबड़े पैमाने पर नवाचार को सक्षम बनाने और जिम्मेदार एवं विश्वसनीय एआई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की क्षमता निर्माण के साथ-साथ वैश्विक एआई सुरक्षा कॉमन के निर्माण को आगे बढ़ाने की भारत की रणनीति का विश्लेषण किया गया।

    श्रीमती कविता भाटियावैज्ञानिक ‘जी’समूह समन्वयकएमईआईटीवाई भारत एआई मिशन की सीओओ ने भारत एआई मिशन का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया और इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 के विजन और प्राथमिकताओं की रूपरेखा बताई।सम्मेलन में आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर श्री अविनाश शर्मा द्वारा वैश्विक एआईराष्ट्रीय एआई और क्षेत्रीय एआई पर परिप्रेक्ष्य विषय पर एक सत्र भी आयोजित किया गयाजिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान वैश्विक स्तर पर प्रासंगिकसंदर्भ-जागरूक एआई समाधानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    समानांतर विषयगत सत्रों में शासन बुनियादी ढ़ांचेनवाचारनैतिकता और रोजगार के क्षेत्रों में एआई के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों की जांच की गई।राजस्थान क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलन ने इंडिया एआई प्रभाव समिट 2026 की तैयारी में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय उपलब्‍धि हासिल कियाजिससे सार्वजनिक भलाईसमावेशी विकास और क्षेत्रों में सतत विकास के लिए एआई का लाभ उठाने की भारत की प्रतिबद्धता को बल मिला।

  • दही-चूड़ा के बहाने सियासी संदेश: तेजप्रताप यादव मकर संक्रांति पर बुलाएंगे तेजस्वी-नीतीश को

    दही-चूड़ा के बहाने सियासी संदेश: तेजप्रताप यादव मकर संक्रांति पर बुलाएंगे तेजस्वी-नीतीश को


    नई दिल्‍ली । बिहार में दही-चूड़ा भोज के बहाने सियासत गरमाने लगी है। जनशक्ति जनता दल के मुखिया और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज का ऐलान किया है। तेजप्रताप यादव इस भोज में आने के लिए कई मेहमानों को लगातार आमंत्रित कर रहे हैं। खास बात यह है कि तेजप्रताप ने खुद कहा है कि वो इस भोज में अपने भाई तेजस्वी यादव को भी आमंत्रित करेंगे। इस भोज में सीएम नीतीश कुमार को भी बुलाने की बात तेजप्रताप यादव ने कही है।
    तेजप्रताप यादव ने बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर उन्हें दही-चूड़ा भोज में आने का न्योता दिया। मंत्री दीपक प्रकाश से मुलाकात की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए तेजप्रताप यादव ने एक्स पर लिखा, ‘आज पंचायती राज विभाग के मंत्री श्री दीपक प्रकाश जी से उनके सरकारी आवास पर पहुंचकर आगामी 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर 26 M स्ट्रैंड रोड स्थित मेरे सरकारी आवास पर “दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम” हेतु आमंत्रण पत्र देकर आमंत्रित किया। साथ ही नए जिम्मेदारियों हेतु दीपक प्रकाश जी को बधाई दिया।

    मीडिया से बातचीत में तेजप्रताप यादव ने कहा कि दही-चूड़ा भोज में वो सभी को आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी आमंत्रित करेंगे। तेजप्रताप यादव ने कहा कि इस भोज में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी न्योता दिया जाएगा।

    राबड़ी आवास गए थे तेजप्रताप यादव
    इससे पहले तेजप्रताप यादव नए साल के पहले दिन अपनी मां से मिलने पटना स्थित उनके आवास पर भी गए थे। दरअसल इस दिन राबड़ी देवी का जन्मदिन था और तेजप्रताप अचानक 10 सर्कुलर रोड स्थित अपनी मां के आवास पर गए थे। तेजप्रताप यादव ने बाद में मां से मुलाकात की तस्वीर भी शेयर की थी। तेजप्रताप यादव ने घर से निकलने के बाद कहा था कि उनकी मां उन्हें बहुत मानती हैं। मां के जन्मदिन पर वो उनके घर गए थे और उनके साथ बैठकर केक काटा था।

    बिहार में दही-चूड़ा का भोज मकर संक्रांति के अवसर पर एक पारंपरिक आयोजन रहा है। तेजप्रताप यादव को पिछले ही साल उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने पार्टी और घर से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद तेजप्रताप यादव ने अपनी अलग JJD पार्टी बनाई थी। यह पार्टी बिहार विधानसभाा चुनाव के दंगल में भी उतरी थी। लेकिन खुद तेजप्रताप यादव भी चुनाव हार गए थे। अब दही-चूड़ा के बहाने तेजप्रताप यादव अपने परिवार के सदस्य, सरकार और विपक्ष के नेताओं को न्योता दे रहे हैं। 14 जनवरी को इस भोज का आयोजन किया गया है।

  • मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 11 और 12 जनवरी को: सशक्त स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम में मिलेगी मदद

    मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 11 और 12 जनवरी को: सशक्त स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम में मिलेगी मदद


    नई दिल्ली । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘विकसित एम.पी. @2047’विज़न को सकारात्मक गति देने और अधिक सुदृढ़ करने के साथ ही स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को अगले स्तर तक ले जाने के उद्देश्य से 11 एवं 12 जनवरी 2026 को रवींद्र भवन, भोपाल में मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट 2026 का आयोजन होने जा रहा है। सोमवार 12 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसमें सहभागिता करेंगे। समिट में राज्य एवं देश भर से स्टार्ट-अप्स, निवेशक, इनक्यूबेटर्स, उद्योग प्रतिनिधि, शैक्षणिक संस्थान एवं अन्य हितधारक सहभागिता करेंगे। यह समिट स्टार्ट-अप्स को निवेश, नेटवर्किंग, नीति संवाद एवं नवाचार प्रदर्शन का एक सशक्त मंच प्रदान करेगी।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति–2025 का फ़रवरी 2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में विमोचन के साथ राज्य में नवाचार एवं उद्यमिता को एक नई दिशा प्राप्त हुई। नीति के सफल क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप प्रदेश के स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान एवं तीव्र गति प्राप्त हुई है। नवीन नीति से स्टार्ट-अप्स के प्रत्येक चरण के लिए वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, निवेश, पेटेंट सहयोग एवं बाजार से जुड़ाव जैसे अनेक सशक्त प्रावधान सुनिश्चित किए गए, जिससे प्रदेश में नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को गति मिली है।

    आयुक्त एमएसएमई श्री दिलीप कुमार ने स्टार्ट-अप्स, नव प्रवर्तकों, उद्यमियों, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स एवं स्टार्ट-अप इको-सिस्टम से जुड़े हितधारकों का आह्वान किया है कि वे इस स्टार्ट-अप समिट में सक्रिय रूप से सहभागिता करें। आयुक्त एमएसएमई ने कहा कि स्टार्ट-अप्स नवाचार-आधारित विकास एवं रोजगार सृजन की आधारशिला है। यह समिट स्टार्ट-अप्स के लिए अपने विचारों, उत्पादों एवं समाधानों को प्रदर्शित करने, निवेशकों एवं नीति-निर्माताओं से संवाद स्थापित करने तथा मध्यप्रदेश के सशक्त स्टार्ट-अप इको-सिस्टम का हिस्सा बनने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

  • धरती का स्वर्ग गुलमर्ग,बर्फ से ढकी घाटी में पर्यटकों का सैलाब, हर मौसम में सुकून और रोमांच का अनुभव

    धरती का स्वर्ग गुलमर्ग,बर्फ से ढकी घाटी में पर्यटकों का सैलाब, हर मौसम में सुकून और रोमांच का अनुभव


    नई दिल्ली। कश्मीर का गुलमर्ग इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है। चाहे बर्फबारी हो या हल्की धूप, यह स्थल हमेशा अपनी अनोखी प्राकृतिक सुंदरता और रोमांचक गतिविधियों से लोगों का ध्यान खींचता है। गुलमर्ग को अक्सर “धरती का स्वर्ग” और मुगल सम्राट जहांगीर के शब्दों में अगर दुनिया में कहीं जन्नत है, तो यही है कहा जाता है।

    इस समय गुलमर्ग में कोंगडोरी और अफरवत पीक जैसे ऊंचे इलाकों में अच्छी बर्फबारी हुई है, जिससे पर्यटक स्कीइंग, स्लेजिंग, आइस स्केटिंग और स्नोमोबिलिंग जैसी गतिविधियों का भरपूर आनंद ले रहे हैं।

    गंडोला रोपवे की सवारी कर बर्फ से ढके पहाड़ों और मनमोहक नजारों का लुत्फ उठाना हर सैलानी के अनुभव को खास बना रहा है।

    गुलमर्ग की बर्फीली सुंदरता में लोग तस्वीरें और वीडियो बनाकर यादें संजो रहे हैं, वहीं गर्म चाय और स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेना इस यात्रा को और भी यादगार बना देता है। कम ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ कम होने के बावजूद पूरे क्षेत्र का माहौल जीवंत और सुरम्य बना हुआ है।

    पर्यटक बताते हैं कि गुलमर्ग का माहौल पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक है।

    पर्यटन विभाग हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करा रहा है। एक महिला पर्यटक ने कहा, “कश्मीर हर मौसम में सुकून देता है। इसकी खूबसूरती और शांति शब्दों में बयान नहीं की जा सकती।

    गुलमर्ग में रोमांच, प्राकृतिक सुंदरता और मेहमाननवाजी का अनोखा संगम है। चाहे पहली बार आने वाला सैलानी हो या बार-बार यात्रा करने वाला, हर कोई यहां की बर्फ, पहाड़ों और घाटी की सुंदरता में खो जाता है। 2026 की शुरुआत में यह स्थल सैलानियों के लिए शीतकालीन पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने ICGS ‘समुद्र प्रताप’ की कमीशनिंग को बताया भारत के समुद्री सुरक्षा में मील का पत्थर

    प्रधानमंत्री मोदी ने ICGS ‘समुद्र प्रताप’ की कमीशनिंग को बताया भारत के समुद्री सुरक्षा में मील का पत्थर


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय तटरक्षक पोत आईसीजीएस समुद्र प्रताप की कमीशनिंग को देश के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा और क्षमताओं के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पोत का बेड़े में शामिल होना केवल रक्षा के दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि भारत के आत्मनिर्भरता और सतत विकास के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि समुद्र प्रताप की कमीशनिंग से तटरक्षक बल की आधुनिक तकनीक और तैयारियों को बल मिलेगा और भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा और निगरानी सशक्त होगी।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पोत तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ भारत के व्यापक समुद्री हितों की रक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पोत में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का समावेश किया गया है जिससे यह समुद्री सततता और पारिस्थितिक सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्धता दिखाता है। इससे यह साफ होता है कि रक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना भारत की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की एक पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा कि ICGS समुद्र प्रताप की कमीशनिंग हमारे आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूती देने समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्थायित्व के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के कई कारणों से उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि इस पोत की क्षमता न केवल सुरक्षा और निगरानी में वृद्धि करेगी बल्कि समुद्री क्षेत्रों में तटीय आपात परिस्थितियों में तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगी।

    विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र प्रताप जैसे उन्नत पोत भारतीय तटरक्षक बल की ताकत और परिचालन क्षमता को बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इन पोतों की कमीशनिंग से न केवल समुद्री सुरक्षा और निगरानी में सुधार होता है बल्कि वे समुद्री मार्गों और आर्थिक क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण साबित होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह कदम देश की रक्षा उत्पादन क्षमता और आधुनिक तकनीक में सुधार को भी दर्शाता है।इस प्रकार ICGS समुद्र प्रताप की कमीशनिंग केवल एक नई नाव के शामिल होने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत की समुद्री सुरक्षा पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस पोत के माध्यम से तटरक्षक बल के कर्मियों की कार्यकुशलता और देश की समुद्री सुरक्षा की मजबूती सुनिश्चित होगी।

  • विराट कोहली ने एयरपोर्ट पर फ्लॉन्ट किया अनुष्का का नाम, फैंस बोले- ‘कितनी लकी है अनुष्का शर्मा’

    विराट कोहली ने एयरपोर्ट पर फ्लॉन्ट किया अनुष्का का नाम, फैंस बोले- ‘कितनी लकी है अनुष्का शर्मा’


    मुंबई। बुधवार की सुबह मुंबई एयरपोर्ट पर इंडियन क्रिकेटर विराट कोहली अपने स्टाइलिश अंदाज़ के लिए कैमरों में कैद हो गए। इस दौरान उनकी खासियत थी उनका ब्लैक कार्डिगन, जिस पर दिल के निशान के अंदर लाल रंग में ‘A’ लिखा हुआ था। फैंस ने तुरंत इसे उनकी पत्नी और बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा के लिए प्यार का प्रतीक मान लिया।

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा हमेशा से फैंस के लिए ‘कपल गोल्स’ का प्रतीक रहे हैं।

    शादी के बाद यह जोड़ी सार्वजनिक तौर पर अपने प्यार का इज़हार करने से कभी पीछे नहीं रहती। दो बच्चों के माता-पिता बनने के बाद भी दोनों अक्सर साथ में समय बिताते और हर मौके पर एक-दूसरे के लिए प्यार जताते दिखते हैं।

    विराट कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज से पहले मुंबई में थे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय उन्होंने कैमरों के लिए प्यारी सी स्माइल दी और अपने आउटफिट से सभी का ध्यान खींचा।

    ब्लैक कार्डिगन, मैचिंग टी-शर्ट और जींस में विराट का यह लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। फैंस ने कमेंट्स में लिखा, “उनके कार्डिगन पर ‘A’ – अनुष्का के लिए प्यार,” तो किसी ने कहा, “इतना प्यार… आप सच में किंग हैं।”

    विराट और अनुष्का ने हाल ही में नया साल दोस्तों और परिवार के साथ भारत में मनाया। खबरें थीं कि जश्न में उनके बच्चे वामिका और अकाय भी शामिल थे, लेकिन कपल ने हमेशा की तरह उन्हें मीडिया और लाइमलाइट से दूर रखा।

    विराट कोहली का यह छोटा सा स्टाइल स्टेटमेंट एक बार फिर साबित करता है कि वह सिर्फ क्रिकेट के ही नहीं, बल्कि प्यार के मामले में भी फैंस के दिलों के ‘किंग’ हैं।