Author: bharati

  • ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नया इतिहास! एलेक्स कैरी ने कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने वाले विकेटकीपर का बड़ा रिकॉर्ड बनाया

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नया इतिहास! एलेक्स कैरी ने कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने वाले विकेटकीपर का बड़ा रिकॉर्ड बनाया


    नई दिल्ली।ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने शनिवार को ब्रिसबेन में खेले जा रहे एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच के दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। कैरी अब एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। यह रिकॉर्ड पहले एडम गिलक्रिस्ट के नाम था, जिन्होंने पांच बार यह कारनामा कर इतिहास रचा था।

    हालांकि चौथे टेस्ट के दौरान कैरी का प्रदर्शन थोड़ी निराशा वाला रहा। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में वह जल्दी ही सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने गिलक्रिस्ट के खास क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली।एलेक्स कैरी ने 2025 में ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल 767 रन बनाए, जिससे वह साल 2005 के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर बन गए। एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने 2001 में 870, 2004 में 837, 2005 में 836, 2002 में 792 और 2003 में 714 रन बनाए थे।

    कैरी ने साल 2025 में श्रीलंका, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका WTC फाइनलऔर इंग्लैंड के खिलाफ कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। उनके इस प्रदर्शन के चलते वह आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो चुके हैं।ब्रिसबेन में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच का पहला दिन बेहद रोमांचक रहा। पहले दिन ही 20 विकेट गिर गए, और दोनों टीमों की पहली पारी पूरी हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के चार रन बना लिए थे, जिससे उन्हें 46 रन की बढ़त मिली।

    दूसरे दिन भी विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। लंच ब्रेक तक ऑस्ट्रेलिया ने 25 ओवर में 6 विकेट खोकर 98 रन बनाए। पहले सेशन में टीम ने 94 रन जोड़े और 6 विकेट गंवाए। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने कुल मिलाकर 140 रन की बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड के जोश टंग ने 45 रन देकर पांच विकेट लिए। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड ने मेजबान टीम को 152 रन पर ऑलआउट कर दिया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 29.5 ओवर में 110 रन पर ऑलआउट हो गई।इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने पहले तीन टेस्ट मैच जीतकर 11 दिन के भीतर सीरीज अपने नाम कर ली थी। इस जीत के साथ ही टीम के लिए कैरी का प्रदर्शन और भी खास बन गया है, क्योंकि उन्होंने टीम को मजबूत बल्लेबाजी का सहारा दिया और गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड को चुनौती दी।

    एक कैलेंडर ईयर में ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा टेस्ट रन:

    870 – एडम गिलक्रिस्ट, 2001

    837 – एडम गिलक्रिस्ट, 2004

    836 – एडम गिलक्रिस्ट, 2005

    792 – एडम गिलक्रिस्ट, 2002

    767 – एलेक्स कैरी, 2025

    714 – एडम गिलक्रिस्ट, 2003

    इस उपलब्धि से यह साफ हो गया है कि एलेक्स कैरी ने न सिर्फ खुद को टीम का अहम हिस्सा बनाया है, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके इस प्रदर्शन से युवा खिलाड़ियों में भी प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में ऑस्ट्रेलिया के लिए कई रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद बढ़ जाएगी।

  • सलमान खान और शक्ति कपूर के बीच विवाद खत्म, शक्ति बोले– अब सब ठीक है

    सलमान खान और शक्ति कपूर के बीच विवाद खत्म, शक्ति बोले– अब सब ठीक है


    नई दिल्ली।सलमान खान और शक्ति कपूर बॉलीवुड के ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है। जुड़वा चल मेरे भाई हम साथ-साथ हैं और हैलो ब्रदर जैसी फिल्मों में दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आई। लेकिन बिग बॉस के सीजन में शक्ति कपूर के शो में आने के बाद दोनों के बीच विवाद की खबरें भी सुर्खियों में रही। कहा जाता था कि सलमान शो के दौरान शक्ति कपूर को इग्नोर करते थे जबकि बाकी कंटेस्टेंट्स के साथ अच्छे से बातचीत करते थे।

    मामला तब और बढ़ गया जब सलमान ने शक्ति की पब्लिक इमेज का मजाक उड़ाया। इसके जवाब में शक्ति कपूर ने सोशल मीडिया पर कई गंभीर आरोप लगाए जिनमें उन्होंने महिला को मारने और अन्य हिंसक व्यवहार के आरोपों का जिक्र किया। इन सभी घटनाओं ने फैंस के बीच चर्चा का नया विषय खड़ा कर दिया।हालाँकि सालों बाद शक्ति कपूर ने इस मामले पर खुलकर बात की और कहा कि अब उनके और सलमान खान के बीच सब ठीक है। द पावरफुल ह्यूमन्स पॉडकास्ट में शक्ति ने कहासब हैल्लो-हैल्लो है अच्छे से। हमारे बीच सब सही है और मेरे मन में किसी के प्रति कोई गलत भावना नहीं है। पिछले पांच साल से मैं शराब नहीं पी रहा। अब इंडस्ट्री में कोई शराबी नहीं है सभी हेल्थ फ्रीक और बॉडीबिल्डर हैं। पहले कई स्टार्स सेट पर शराब के नशे में रहते थे।

    शक्ति ने यह भी बताया कि बिग बॉस के दौरान उन्हें किस बात से बुरा लगा। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहासलमान को मुझसे माफी मांगनी चाहिए। पहले तो उन्होंने और संजय दत्त ने मुझे ग्रीट नहीं किया वहीं बाकी कंटेस्टेंट्स के साथ अच्छे से बात कर रहे थे। इसके बाद सलमान ने कहा कि बिग बॉस को मानना पड़ेगा। शक्ति कपूर जैसे लोगों को अपने घर बुलाया हम तो कभी नहीं बुलाएं। अगर वह मुझे घर पर बुलाएंगे भी तो मैं नहीं जाऊंगा। बिना वजह इतनी बातें की गईं इसके लिए उन्हें मुझसे सॉरी बोलना चाहिए।शक्ति ने यह भी याद दिलाया कि शो से बाहर होने के बाद उन्होंने ट्विटर पर सलमान पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था किसलमान भी बिग बॉस जैसे फ्रॉड को बचा नहीं सकते। एक इंसान जो महिला को मारता है शराब पीता और लोगों पर गाड़ी चलाता है शेम।

    हालांकि शक्ति ने बिग बॉस में आने के अपने उद्देश्य को स्पष्ट किया। रेडिफ से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने शो में इसलिए हिस्सा लिया ताकि अपने बच्चों को दिखा सकें कि वे शराब से दूर रह सकते हैं। शक्ति ने कहामैं यहां जीतने नहीं आया था बल्कि अपने बच्चों को प्रूव देना चाहता था कि मैं महीने तक शराब से दूर रह सकता हूं। मुझे गर्व है कि मैंने यह प्रूव किया। इसके अलावा घर में लड़ाई भी नहीं की जब मैं कैप्टन था। मेरी बेटी अब कहती है कि वह अगले जन्म में भी मेरी बेटी बनना चाहती है।खैर सलमान खान और शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर का सलमान के साथ अच्छा रिश्ता रहा है। वह कई बार सलमान के शो में अपनी फिल्मों को प्रमोट करने आती हैं और दोनों के बीच प्रोफेशनल बॉन्ड हमेशा मजबूत रहा है। ऐसे में अब यह साफ है कि पुरानी अनबन और विवाद को पीछे छोड़कर दोनों कलाकारों के बीच रिश्ते में फिर से मित्रवत माहौल बन चुका है।इस खुलासे के बाद फैंस और इंडस्ट्री दोनों ने राहत की सांस ली है और अब सलमान-शक्ति का बॉन्ड फिर से स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन दोनों जगह पर मजबूत नजर आता है।

  • धुरंधर 2 में होगा डबल धमाका! एक्टर नवीन कौशिक ने किया बड़ा खुलासा, कहानी में आएंगे जबरदस्त ट्विस्ट

    धुरंधर 2 में होगा डबल धमाका! एक्टर नवीन कौशिक ने किया बड़ा खुलासा, कहानी में आएंगे जबरदस्त ट्विस्ट



    नई दिल्ली।आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। फिल्म को न सिर्फ शानदार ओपनिंग मिली बल्कि इसके किरदार और दमदार एक्शन सीक्वेंस भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। हमजा और रहमान डकैत जैसे किरदारों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है वहीं फिल्म की कहानी और प्रेजेंटेशन को भी खूब सराहा जा रहा है।

    धुरंधर की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब फैंस की नजरें इसके दूसरे पार्ट पर टिक गई हैं। इसी बीच धुरंधर 2 को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है जिसने दर्शकों की उत्सुकता और भी बढ़ा दी है। फिल्म में डोंगा का किरदार निभाने वाले अभिनेता नवीन कौशिक ने लाइव हिंदुस्तान से खास बातचीत में सीक्वल से जुड़ी कई अहम बातें साझा की हैं।नवीन कौशिक ने बताया कि धुरंधर 2 पहले पार्ट से कहीं ज्यादा बड़ी और दमदार होने वाली है। जब उनसे पूछा गया कि दर्शक दूसरे पार्ट में क्या उम्मीद कर सकते हैं तो उन्होंने कहा कि फिल्म में एक्शन और सस्पेंस दोनों का डोज कई गुना बढ़ाया गया है। नवीन के मुताबिक अगर पार्ट वन में आपने जितना एक्शन देखा है तो पार्ट टू में उसका 50 गुना ज्यादा देखने को मिलेगा।

    उन्होंने यह भी बताया कि निर्देशक आदित्य धर इस बार कहानी को लेकर बेहद सतर्क हैं। नवीन ने कहा कि उन्हें फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट नहीं सुनाई गई बल्कि सिर्फ वही हिस्सा बताया गया जहां तक उनका किरदार है। इसके पीछे वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि धुरंधर 2 में इतने ज्यादा ट्विस्ट और टर्न्स हैं कि अगर गलती से भी कोई राज खुल गया तो दर्शकों का मजा खराब हो सकता है।
    नवीन कौशिक ने आगे कहा कि ऑडियंस के मन में पहले ही कई सवाल घूम रहे हैं-अगली फिल्म में असली विलेन कौन होगा बड़े साहब का सच क्या है रणबीर रणवीर सिंह के किरदार का बैकग्राउंड क्या है और वह कहां से आया है। इन सभी सवालों के जवाब धुरंधर 2 में मिलेंगे लेकिन मेकर्स किसी भी तरह का सस्पॉइलर सामने नहीं आने देना चाहते।

    एक्टर ने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान सेट पर मौजूद अन्य कलाकारों से जब भी धुरंधर 2 की चर्चा होती थी तो सभी का मानना था कि दूसरा पार्ट पहले से कहीं ज्यादा मजेदार और चौंकाने वाला होगा। नवीन के मुताबिक कहानी में ऐसे ट्विस्ट आएंगे जिनका अंदाजा लगाना मुश्किल होगा। कई ऐसे किरदार हैं जिनकी चाल दर्शकों को हैरान कर देगी।बॉक्स ऑफिस की बात करें तो धुरंधर ने कमाई के मामले में भी कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर इस फिल्म ने दुनियाभर में 634 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस कर लिया है। फिल्म की इस जबरदस्त सफलता ने साफ कर दिया है कि दर्शक इस फ्रेंचाइजी से गहराई से जुड़ चुके हैं।

    अब जब धुरंधर 2 की रिलीज डेट भी सामने आ चुकी है तो एक्साइटमेंट और ज्यादा बढ़ गई है। यह फिल्म 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। खास बात यह है कि उसी समय KGF स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक भी रिलीज होने वाली है जिससे बॉक्स ऑफिस पर बड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।कुल मिलाकर धुरंधर 2 को लेकर जो जानकारियां सामने आई हैं उनसे यह साफ है कि मेकर्स दर्शकों को पहले से कहीं ज्यादा बड़ा सिनेमाई अनुभव देने की तैयारी में हैं। अब फैंस को बस 19 मार्च 2026 का इंतजार है जब सस्पेंस एक्शन और ट्विस्ट से भरपूर यह कहानी एक बार फिर पर्दे पर लौटेगी।

  • अक्षय खन्ना के बाहर होते ही दृश्यम 3 में जयदीप अहलावत की एंट्री, अजय देवगन की फिल्म में बढ़ा सस्पेंस

    अक्षय खन्ना के बाहर होते ही दृश्यम 3 में जयदीप अहलावत की एंट्री, अजय देवगन की फिल्म में बढ़ा सस्पेंस


    नई दिल्ली।अजय देवगन स्टारर दृश्यम फ्रेंचाइजी बॉलीवुड की उन चुनिंदा फिल्मों में शामिल है, जिसने अपनी मजबूत कहानी और सस्पेंस से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। साल 2015 में रिलीज हुई दृश्यम और इसके बाद आए सीक्वल ने बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ ऑडियंस के बीच भी जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। अब फैंस लंबे समय से दृश्यम 3 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और इसी बीच फिल्म से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आई है।

    हाल ही में अजय देवगन ने दृश्यम 3 की रिलीज डेट का ऐलान कर फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ा दी थी। इसके बाद खबर आई कि अभिनेता अक्षय खन्ना इस फिल्म का हिस्सा नहीं रहेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षय खन्ना ने हालिया सफल फिल्मों छावा और धुरंधर के बाद अपनी फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी थी। इतना ही नहीं, उनकी कुछ अतिरिक्त डिमांड्स भी थीं, जिनके चलते फिल्म का बजट प्रभावित होने लगा। ऐसे में मेकर्स ने आपसी सहमति से उन्हें फिल्म से बाहर करने का फैसला लिया।अक्षय खन्ना के बाहर होने की खबर के बाद यह सवाल उठने लगा था कि आखिर दृश्यम 3 में उनकी जगह कौन लेगा। अब इस पर सस्पेंस खत्म हो गया है। एंटरटेनमेंट वेबसाइट पिंकविला की रिपोर्ट के अनुसार, दृश्यम 3 में अब जयदीप अहलावत की एंट्री हो चुकी है। जयदीप फिल्म में एक अहम और प्रभावशाली किरदार निभाते नजर आएंगे, जो कहानी को नई दिशा देगा।

    जयदीप अहलावत बीते कुछ सालों में अपने दमदार अभिनय से इंडस्ट्री में अलग पहचान बना चुके हैं। पाताल लोक में उनके किरदार को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों ने खूब सराहा था। इसके अलावा वह दफैमिली मैन,जाने जान, राजी और ज्वेल थीफ जैसी फिल्मों और वेब सीरीज में भी अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुके हैं। आने वाले समय में वह शाहरुख खान की फिल्म किंग में भी नजर आने वाले हैं। ऐसे में दृश्यम 3 में उनकी मौजूदगी फिल्म के सस्पेंस और थ्रिल को कई गुना बढ़ा सकती है।अगर फिल्म की कास्ट की बात करें तो दृश्यम 3में अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के आइकॉनिक किरदार में दिखाई देंगे। तब्बू भी IG मीरा देशमुख के रोल में लौट रही हैं। इनके अलावा श्रिया सरन, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव अपने पुराने किरदारों में नजर आएंगी। इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार निभाने वाले कमलेश सावंत की भी वापसी तय मानी जा रही है। हाल ही में यह भी खबर आई थी कि श्रेयस तलपड़े को भी फिल्म में अहम रोल के लिए कास्ट किया गया है।

    दृश्यम की कहानी साल 2015 में मीरा देशमुख के बेटे सैम की हत्या से शुरू हुई थी। पिछले दो भागों में पुलिस लगातार यह साबित करने की कोशिश करती रही कि विजय सलगांवकर ही इस मर्डर के पीछे है, लेकिन हर बार विजय अपनी चतुराई से कानून को मात देता रहा। अब दृश्यम 3 को इस कहानी का आखिरी हिस्सा बताया जा रहा है, जिसे अभिषेक पाठक डायरेक्ट कर रहे हैं।फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। जयदीप अहलावत की एंट्री के बाद यह उम्मीद और भी बढ़ गई है कि दृश्यम 3 में कहानी पहले से ज्यादा ट्विस्ट और टर्न्स से भरी होगी, जो दर्शकों को अंत तक सीट से बांधे रखेगी।

  • बांग्लादेश में कंडोम की भारी किल्लत, 50 वर्षों में पहली बार बढ़ी प्रजनन दर

    बांग्लादेश में कंडोम की भारी किल्लत, 50 वर्षों में पहली बार बढ़ी प्रजनन दर

    नई दिल्‍ली। शेख हसीना की सरकार के पतन के साथ ही बांग्लादेश अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। वहां हर दिन उपद्रव देखने को मिल जा रहे हैं। इस सबके बीच एक गंभीर संकट सामने आ खड़ी हुई है। बांग्लादेश इन दिनों कंडोम की भारी किल्लत का सामना कर रहा है। इसके कारण जन्मदर में भी बीते 50 वर्षों में भारी उछाल हुआ है। बांग्लादेश का यह ताजा संकट फंड की कमी और मानव संसाधन की भारी कमी के कारण उत्पन्न हुआ है। इसकी वजह से बीते कुछ वर्षों में गर्भनिरोधकों की आपूर्ति लगातार घटती गई है, जिसका सीधा असर देश की जनसंख्या वृद्धि पर पड़ रहा है।

    स्थिति यह है कि परिवार नियोजन महानिदेशालय के पास उपलब्ध कंडोम का स्टॉक मात्र 39 दिनों के लिए बचा है। ऐसे में अगले वर्ष की शुरुआत में कम से कम एक महीने तक कंडोम वितरित नहीं किए जा सकेंगे। इससे परिवार नियोजन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
    50 वर्षों में पहली बार बढ़ी प्रजनन दर

    यह संकट ऐसे समय सामने आया है जब देश में कुल प्रजनन दर के मामले में पिछले 50 वर्षों में पहली बार वृद्धि दर्ज की गई है। मल्टीपल इंडिकेटर क्लस्टर सर्वे 2025 के अनुसार, प्रजनन दर 2024 के 2.3 से बढ़कर 2.4 हो गई है। विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि गर्भनिरोधकों की कमी बनी रही तो प्रजनन दर और बढ़ सकती है।
    गर्भनिरोधकों के उपयोग में भारी गिरावट

    सर्वे के अनुसार, 15 से 49 वर्ष की विवाहित महिलाओं में गर्भनिरोधकों का उपयोग 2019 के 62.7% से घटकर 58.2% रह गया है। आधुनिक गर्भनिरोधकों तक पहुंच भी 77.4% से घटकर 73.5% रह गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि गर्भनिरोधकों की उपलब्धता और प्रजनन दर के बीच सीधा संबंध है।
    कोविड के बाद बिगड़ी स्थिति

    बांग्लादेश के अधिकारियों के मुताबिक, कोविड-19 महामारी (2020) के दौरान गर्भनिरोधकों की मांग तो बढ़ी, लेकिन सरकार ने उस समय परिवार नियोजन को प्राथमिकता नहीं दी। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त वहां की मीडिया आुटलेट ‘द डेलीस्टार’ को बताया कि 2023 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने करीब एक साल तक गर्भनिरोधकों की खरीद रोक दी, जिससे आपूर्ति में भारी अंतर आ गया।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2019 में कंडोम की आपूर्ति 97.48 लाख थी, जो सितंबर 2025 तक घटकर 41.52 लाख रह गई। एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने पिछले महीने सभी पांच गर्भनिरोधकों की खरीद के लिए एक परियोजना को मंजूरी दी है, लेकिन खरीद प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम तीन महीने लगेंगे। उन्होंने कहा कि सीमित मात्रा में कंडोम की खरीद की जा रही है, फिर भी अगले साल एक महीने तक सप्लाई बाधित रह सकती है।

    ढाका विश्वविद्यालय के जनसंख्या विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अमीनुल इस्लाम का कहना है कि गर्भनिरोधकों और स्टाफ की कमी ने जन्म नियंत्रण गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर प्रजनन दर पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में कई दंपति दो से अधिक बच्चे चाहने लगे हैं, जो चिंता का विषय है।

  • बढ़ सकती है आसिम मुनीर की टेंशन, पाकिस्तानी तालिबान बना रहा एयर फोर्स

    बढ़ सकती है आसिम मुनीर की टेंशन, पाकिस्तानी तालिबान बना रहा एयर फोर्स


    इस्‍लामाबाद। पाकिस्तान की परेशानी अब बढ़ने वाली है। बलोचिस्तान के लिए लड़ रहे उग्रवादियों ने पहले ही पाकिस्तानी रेलवे को उस क्षेत्र में बंद करवा दिया है। अब तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान भी अपने नए कारनामों की वजह से पाकिस्तान की नाक में दम करने वाला है। 2026 के लिए अपने नए संगठनात्मक ढांचे का ऐलान करते हुए टीटीपी ने बताया कि वह अब एयरफोर्स की एक यूनिट बनाने के प्रयास में है।
    एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी तालिबान का यह कदम उनके इस्लामाबाद की तरफ बढ़ने का नया तरीका है। टीटीपी के सूत्रों के मुताबिक इस नए ढांचे में उनके लड़ाकों की तैनाती और किस क्षेत्र के लिए कौन से कमांडर तैनात होंगे उसकी पूरी जानकारी होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर टीटीपी एयरफोर्स जैसी मजबूत प्रणाली को बनाने में कामयाब हो जाता है, तो यह पाकिस्तान के लिए बहुत ही बड़ा खतरा होगा। गौरतलब है कि अभी तक एक ही उग्रवादी संगठन ऐसा हुआ है, जिसके पास अपनी नौसेना और वायुसेना थी। वह था श्रीलंका का लिट्टे।

    अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तानी तालिबान ने इस्लामाबाद की नाक में दम करके रखा है। नवंबर 2022 में पाकिस्तान सरकार के साथ संघर्ष विराम खत्म करने के बाद टीटीपी लगातार पुलिसकर्मियों और कानून व्यवस्था से जुड़े लोगों पर हमले करता रहा है। इसके चलते पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत लगातार अशांत हैं।

    पाकिस्तान तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान को फितना अल खवारिज कहकर संबोधित करता है। उन्होंने इस पर प्रतिबंध लगा रखा है। पाकिस्तान इसके कमांडरों को मारने के लिए लगातार अफगानिस्तान पर हमले करता रहता है। हाल ही में पाकिस्तान और तालिबान अफगानिस्तान के बीच जो लड़ाई शुरू हुई थी उसके पीछे तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के कमांडरों पर किया गया हमला ही था। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार लगातार टीटीपी को समर्थन देती है, जबकि तालिबान का कहना है कि वह किसी भी तरह की आतंकी घटना के लिए अपने देश की जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देते।
    क्या टीटीपी के लिए एयरफोर्स बनाना मुमकिन है?

    तहरीक ए तालिबान के लिए एयरफोर्स बनाना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए बहुत ही उच्च तकनीक की जरूरत होती है। आज से 20 या 15 साल पहले यह बात कर रहे होते, तो हमें इस बात को कोरी धमकी मान सकते थे। लेकिन ड्रोन वॉर फेयर के इस युग में टीटीपी किस स्तर पर वायुसेना बनाने की बात कर रहा है इस पर अभी तक ज्यादा खुलासा नहीं हुआ है। अगर टीटीपी के हाथ उच्च तकनीक वाले ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर और अन्य चीजें जल जाती हैं, तो फिर यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी परेशानी वाली बात होगी। हालांकि, तब भी पाकिस्तानी सेना का सामना कर पाना तालिबान के लिए आसान नहीं होगा।

  • सर्दियों में लेमन ग्रास टी इम्यूनिटी बूस्ट और एनर्जी का प्राकृतिक स्रोत

    सर्दियों में लेमन ग्रास टी इम्यूनिटी बूस्ट और एनर्जी का प्राकृतिक स्रोत


    नई दिल्ली । सर्दियों के मौसम में ठंड से बचाव और सेहत बनाए रखने के लिए लेमन ग्रास टी एक प्राकृतिक वरदान है। सर्दियों में लेमन ग्रास टी की चुस्की खासतौर पर फायदेमंद है। यह ताजगी भरी हर्बल ड्रिंक एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है।लेमन ग्रास टी न केवल पाचन सुधारती है बल्कि प्राकृतिक रूप से तनाव से राहत देती है और इम्यूनिटी बढ़ाती है। आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल हो रही यह चाय सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए भी बेहतरीन है।
    भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लेमन ग्रास टी के फायदों से अवगत कराता है। इसका सेवन पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद है। यह पेट फूलना गैस और अपच जैसी समस्याओं को दूर करती है। लेमन ग्रास टी में मौजूद सिट्रल कंपाउंड पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है जिससे भोजन आसानी से पचता है। सर्दियों में भारी खाने से होने वाली तकलीफों में यह राहत देती है।

    प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में भी लेमन ग्रास टी का बड़ा योगदान है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं जो संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं। सर्दियों में वायरल इंफेक्शन और फ्लू से बचाव के लिए रोजाना एक कप पीना लाभकारी है। यह टी सूजन कम करने में भी प्रभावी है। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण जोड़ों के दर्द मांसपेशियों की अकड़न और सर्दी से होने वाली सूजन में आराम मिलता है। साथ ही यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालती है और डिटॉक्स का काम करती है।

    लेमन ग्रास टी थकान को उतारने में भी प्रभावी है। रिलैक्सेशन को बढ़ावा देने वाली यह टी तनाव और चिंता कम करती है। इसकी सुगंध मूड को बेहतर बनाती है और नींद अच्छी आती है। सर्दियों की लंबी रातों में एक कप गर्म लेमन ग्रास टी पीना शांति का एहसास देता है। लेमन ग्रास टी बनाने के लिए ताजा या सूखे लेमन ग्रास के डंठल लें काटकर पानी में उबाल लें। इसे 5 से 10 मिनट तक उबालने के बाद छान लें। स्वाद के लिए इसमें शहद या नींबू भी मिला सकते हैं।लेमन ग्रास टी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे रोजाना 1 या 2 कप से ज्यादा न पीएं। गर्भवती महिलाएं या कोई दवा ले रहे हों तो डॉक्टर से सलाह के बाद ही सेवन करें।

  • स्वाद और सेहत का अद्भुत मिलाजुला: रसोई के इस मसाले से पाएं दोनों का बेहतरीन संगम

    स्वाद और सेहत का अद्भुत मिलाजुला: रसोई के इस मसाले से पाएं दोनों का बेहतरीन संगम


    नई दिल्ली । आयुर्वेद बताता है कि भारतीय रसोई घर में ऐसे कई मसाले हैं जिनके सेवन से कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं को मात दी जा सकती है। ऐसे ही एक मसाले का नाम जायफल है जो न केवल व्यंजनों में स्वाद और खुशबू जोड़ता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है।रसोई घर में रखा जायफल स्वाद बढ़ाने में कारगर है। औषधीय गुणों से भरपूर जायफल के बारे में आयुर्वेद विस्तार से जानकारी देता है। इसे दाल करी सब्जियां और मिठाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है।
    इसकी अनोखी सुगंध और हल्की मिठास किसी भी डिश को चार चांद लगा देती है।भारतीय व्यंजनों में जायफल का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। इसे अक्सर धनिया हल्दी मिर्च और अन्य मसालों के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है जो डिश को ताजगी और मसालेदार स्वाद देता है। गरम मसाला में भी जायफल शामिल होता है। मिठाइयों जैसे हलवा खीर या लड्डू में इसका पाउडर डालने से स्वाद दोगुना हो जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार जायफल सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला नहीं बल्कि सेहत का साथी भी है। जायफल का सबसे बड़ा फायदा नींद की समस्या में है। यह प्राकृतिक रूप से मानसिक शांति प्रदान करता है और अनिद्रा से राहत दिलाता है। रात को दूध में थोड़ा सा पीसा जायफल मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है। इसके अलावा जायफल पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह गैस अपच पेट फूलना और कब्ज जैसी आम समस्याओं से छुटकारा दिलाता है।

    जायफल में मौजूद तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं जिससे भोजन आसानी से पचता है। आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि सीमित मात्रा में जायफल का सेवन शरीर के लिए लाभकारी है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है जो इम्यूनिटी बढ़ाता है और सूजन कम करता है। हालांकि ज्यादा मात्रा में जायफल हानिकारक हो सकता है इसलिए रोजाना थोड़ी मात्रा ही इस्तेमाल करें। गर्भवती महिलाएं या कोई दवा ले रहे लोग डॉक्टर से सलाह लें।

  • महबूबा मुफ्ती किस बात पर हुईं नाराज, अदालत को मेरे चरित्र पर लांछन लगाने का कोई अधिकार नहीं

    महबूबा मुफ्ती किस बात पर हुईं नाराज, अदालत को मेरे चरित्र पर लांछन लगाने का कोई अधिकार नहीं


    कश्‍मीर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कैदियों की जेल बदलने पर बड़ा बयान दिया। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजन है कि जम्मू-कश्मीर के कैदियों को अन्य जगहों की जेलों से वापस घर लाने के आग्रह वाली उनकी याचिका को उच्च न्यायालय में खारिज कर दिया गया। स्थानीय कैदियों के स्थानांतरण का आग्रह करते हुए महबूबा मुफ्ती की ओर से दायर जनहित याचिका को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। एचसी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इसे राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए दायर किया गया है। महबूबा ने श्रीनगर में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘अदालत का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक है।’
    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उच्च न्यायालय का कहना है कि कोई भी आम आदमी जनहित याचिका दायर कर सकता है, लेकिन चूंकि वह एक राजनीतिक नेता हैं, इसलिए उनकी जनहित याचिका राजनीतिक कारणों से है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘उच्च न्यायालय यह भूल रहा है कि राजनीतिक नेता जमीनी हकीकतों से गहराई से जुड़े रहते हैं। मैं एक राजनीतिक नेता होने के नाते जम्मू-कश्मीर के लोगों की स्थिति से भली-भांति परिचित हूं। गरीब लोग जेल में बंद अपने परिजनों से मिलने नहीं जा सकते। वे अपना मुकदमा कैसे लड़ेंगे!’ पीडीपी प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान क्यों नहीं लिया।
    महबूबा मुफ्ती किस बात पर हुईं नाराज

    पीडीपी चीफ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अदालत को मेरे चरित्र पर लांछन लगाने का अधिकार नहीं है। राजनीतिक नेता के रूप में मुझे कोई भी मुद्दा उठाने का पूरा अधिकार है। अदालत को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए था। उसे सरकार से पूछना चाहिए था कि कितने विचाराधीन कैदी जेलों में हैं और उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।’ जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत में चर्चा उनके पेशे से परे इस मुद्दे पर होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, ‘अदालत ने मेरा मामला खारिज करने के लिए अजीब तर्क दिए हैं। यह फैसला तर्क पर आधारित होना चाहिए था, लेकिन मुझे खेद है कि अदालत ने ऐसा फैसला सुनाते हुए कहा कि मैं राजनीति कर रही हूं। अनुच्छेद 21 के तहत हमें इन मुद्दों को उठाने और अदालतों में जाने का मौलिक अधिकार है।’
    कुलदीप सिंह सेंगर मामले पर क्या कहा

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि उनकी मांग केवल उन कैदियों को स्थानांतरित करने तक सीमित थी, जिन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है और इस फैसले ने न्यायपालिका में विश्वास को ठेस पहुंचाई है। बलात्कार के दोषी भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित किए जाने के बारे में पूछे जाने पर महबूबा ने आरोप लगाया कि न्यायपालिका का राजनीतिकरण कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ न्यायाधीश अब भी सत्ता के सामने खड़े होने को तैयार हैं। उनका इशारा सूरजपुर जिला न्यायालय की ओर से अखलाक मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप वापस लेने से इनकार किए जाने की ओर था। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश सौरभ द्विवेदी ने सरकार से लड़ाई लड़ी और उनसे कहा कि वे मामला वापस नहीं ले सकते, तथा आदेश दिया कि इसकी सुनवाई प्रतिदिन की जाए। महबूबा ने कहा, ‘इसका मतलब है कि स्थिति मिली-जुली है। अगर अधिकतर न्यायाधीश राजनीति से प्रभावित हो गए हैं, तो द्विवेदी जैसे न्यायाधीश बहुत कम हैं।’

  • इलाज न मिलने से भारतीय मूल के शख्स की मौत पर कनाडा को भारत के विदेश मंत्रालय ने सुनाई खरी-खरी

    इलाज न मिलने से भारतीय मूल के शख्स की मौत पर कनाडा को भारत के विदेश मंत्रालय ने सुनाई खरी-खरी

    नई दिल्‍ली। कनाडा में भारतीय मूल के शख्स की कथित चिकित्सकीय लापरवाही से हुई मौत पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रधीर जायसवाल ने शुक्रवार को दो टूक कहा कि इस मामले की जिम्मेदारी कनाडा सरकार को लेनी ही चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि मृतक भारतीय मूल का था, लेकिन वह कनाडा का नागरिक था।
    उन्होंने कहा, “व्यक्ति भले ही भारतीय मूल का था, लेकिन वह कनाडा का नागरिक था। इसलिए इस मामले में कनाडा सरकार की जिम्मेदारी बनती है।”

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 44 वर्षीय प्रशांत श्रीकुमार की कनाडा के एडमंटन शहर के ग्रे नन्स अस्पताल में इलाज का इंतजार करते हुए मौत हो गई। वह पेशे से अकाउंटेंट थे और तीन बच्चों के पिता थे। 22 दिसंबर को काम के दौरान उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि गंभीर दर्द की शिकायत के बावजूद डॉक्टरों ने इसे गंभीर नहीं माना और उन्हें आठ घंटे से ज्यादा समय तक इंतजार कराया, जिससे उनकी मौत हो गई।
    ‘पापा, मैं दर्द सहन नहीं कर पा रहा’

    प्रशांत के पिता कुमार श्रीकुमार ने बताया, ‘‘उसने मुझसे कहा, ‘पापा, मैं दर्द सहन नहीं कर पा रहा हूं।’ उसने अस्पताल कर्मियों को भी बताया कि उसे असहनीय दर्द हो रहा है।” परिजनों के अनुसार, इसके बाद अस्पताल में प्रशांत का इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया गया था, लेकिन उन्हें बताया गया कि रिपोर्ट में कोई भी दिक्कत की बात सामने नहीं आई है और उन्हें इंतजार करने को कहा गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनके बेटे को दर्द के लिए ‘टाएलेनॉल’ दवा दी गई। कुमार ने बताया कि वह इंतज़ार करता रहा, नर्से थोड़े अंतराल पर प्रशांत का रक्तचाप जांचती रहीं। कुमार ने बताया कि आठ घंटे से अधिक समय बीतने के बाद प्रशांत को उपचार के लिए बुलाया गया।
    परिवार में पत्नी और तीन बच्चे

    कुमार ने बताया, ‘‘बैठने के बाद 10 सेकंड ही बीते होंगे, उसने मुझे देखा, खड़ा हुआ, अपना हाथ सीने पर रखा और गिर पड़ा।’’ रिपोर्ट के अनुसार नर्सों ने चिकित्सकों को बुलाया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, प्रत्यक्ष तौर पर हृदयाघात से उनकी मौत हो गई। प्रशांत के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं जिनकी उम्र तीन, 10 और 14 वर्ष है।
    भारतीय छात्र की गोली मारकर हत्या मामले पर भी प्रतिक्रिया

    इसी ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने कनाडा में भारतीय छात्र की गोली मारकर हत्या पर भी गहरा दुख जताया।

    MEA ने कहा कि भारतीय दूतावास पीड़ित परिवार के संपर्क में है और हर संभव मदद की जा रही है। मृतक छात्र की पहचान शिवांक अवस्थी के रूप में हुई है, जो टोरंटो विश्वविद्यालय में पीएचडी का छात्र था। मंगलवार को यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के स्कारबरो कैंपस के पास उसका शव मिला। पुलिस के अनुसार, उसे गोली मारी गई थी और इस मामले को हत्या मानकर जांच की जा रही है।

    रणधीर जायसवाल ने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हम पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर मामले की जानकारी जुटा रहे हैं।” इन दोनों घटनाओं के बाद कनाडा में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।