Author: bharati

  • Rajasthan: चूरू में ट्रेलर और कार के बीच सीधी भिड़ंत…5 लोगों की मौत, तीन घायल

    Rajasthan: चूरू में ट्रेलर और कार के बीच सीधी भिड़ंत…5 लोगों की मौत, तीन घायल


    जयपुर।
    राजस्थान (Rajasthan) राजस्थान के चूरू जिले (Churu District) में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे (Road Accident) ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सांडवा थाना क्षेत्र में ट्रेलर और एक एसयूवी की आमने-सामने टक्कर (collision Trailer and an SUV) में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि एसयूवी में सवार चार लोगों की मौके पर ही जान चली गई।

    सांडवा थाना प्रभारी चौथमल ने बताया कि एसयूवी में सवार लोग किसी पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए सांडवा आए थे। काउंसलिंग के बाद सभी लोग वापस लालगढ़ लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। टक्कर के बाद वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।


    तीन घायलों को बीकानेर रेफर

    मृतकों की पहचान उमेद सिंह (55), प्रह्लाद सिंह (35), दलिप सिंह (25) सभी निवासी लालगढ़, राजू कंवर (40) निवासी श्यामसर (नागौर) और नारायण राम (60) के रूप में हुई है। नारायण राम ने इलाज के दौरान बीकानेर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे में घायल तीन लोगों को पहले सांडवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बीकानेर रेफर कर दिया गया।

    मामले की जांच जारी
    पुलिस ने बताया कि ट्रेलर चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। फिलहाल मृतकों के शवों को सांडवा सीएचसी के शवगृह में पोस्टमॉर्टम के लिए रखा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • विजय हजारे ट्रॉफी में बड़ा हादसा रोहित शर्मा का साथी खिलाड़ी अस्पताल में भर्ती; जानें क्या हुआ

    विजय हजारे ट्रॉफी में बड़ा हादसा रोहित शर्मा का साथी खिलाड़ी अस्पताल में भर्ती; जानें क्या हुआ


    नई दिल्ली । मुंबई के प्लेयर अंगक्रिश रघुवंशी विजय हजारे ट्रॉफी में उत्तराखंड के खिलाफ मुकाबले में बुरी तरह चोटिल हो गए. वह अपनी गर्दन भी नहीं मोड़ पा रहे थे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्दी ही स्ट्रेचर मैदान पर पहुंचा और उन्हें उसपे बाहर ले जाया गया. अंगक्रिश को जयपुर के अस्पताल में भर्ती किया गया है.
    कैच लेते हुए चोटिल हुए अंगक्रिश रघुवंशी
    मुंबई बनाम उत्तराखंड मैच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जा रहा है जिसका लाइव प्रसारण या लाइव स्ट्रीमिंग नहीं हो रही है. रिपोर्ट के मुताबिक कैच के प्रयास में अंगक्रिश रघुवंशी ने डाइव लगाई इस दौरान उनकी गर्दन में चोट लगी. वह गर्दन नहीं मोड़ पा रहे थे फिर उन्हें स्ट्रेचर की मदद से बाहर ले जाया गया. इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं.
    अंगक्रिश रघुवंशी मुंबई टीम में शामिल हैं उत्तराखंड के खिलाफ उनका बल्ला नहीं चला. ओपन करते हुए उन्होंने 20 गेंदों में 11 रन बनाए थे. रोहित शर्मा भी इसी टीम में शामिल हैं वह आज खाता भी नहीं खोल पाए और अपनी पहली ही गेंद पर कैच आउट हो गए. इसके बाद मुशीर खान 55 और सरफराज खान 55ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को संभाला. अंत में हार्दिक तोमर ने 93 और शम्स मुलानी ने 48 रन की पारी खेलकर टीम को 300 के पार पहुंचाया.

    उत्तराखंड के लिए ओपनर बल्लेबाज युवराज चौधरी ने 96 रनों की अच्छी पारी खेली जगदीशा सुचित ने अर्धशतक 51लगाया लेकिन ये जीत के लिए काफी नहीं रहा. अंगक्रिश रघुवंशी की चोट साधारण नहीं लग रही है संभव है कि उन्हें कई समय के लिए क्रिकेट से दूर रहना होगा. हालांकि आधिकारिक अपडेट के बाद ही उनकी चोट के बारे में स्थिति साफ होगी.

  • रक्त संचार बेहतर कर भरपूर एनर्जी देता है वृश्चिकासन अभ्यास से मिलते हैं कई लाभ

    रक्त संचार बेहतर कर भरपूर एनर्जी देता है वृश्चिकासन अभ्यास से मिलते हैं कई लाभ


    नई दिल्ली । व्यस्त दिनचर्या और कार्य का बढ़ता तनाव शरीर के साथ-साथ मन को भी शीघ्र बीमारियों की चपेट में ले लेता है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने का सबसे प्रभावी तरीका है योगासनों को दिनचर्या में शामिल करना। ऐसा ही एक बेहतरीन आसन है वृश्चिकासनजिसे स्कॉर्पियन पोज भी कहा जाता है। इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर बिच्छू की आकृति जैसा बन जाता है। इसके अभ्यास से शारीरिक मजबूतीलचीलापन और मानसिक शांति मिलती है।
    मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसारवृश्चिकासन के रोजाना अभ्यास से शरीर को एक-दो नहींकई लाभ मिलते हैं। वृश्चिकासन या स्कॉर्पियन पोज एक इनवर्टेड बैकबेंड आसन हैजिसमें कोहनियों पर संतुलन बनाते हुए पैरों को सिर की ओर झुकाया जाता है। यह आसन कंधोंबाजुओंपीठ और कोर मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। योग एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ता हैजिससे कमर दर्द और पीठ की समस्याओं में राहत मिलती है। साथ हीयह पेट की मांसपेशियों को खींचता हैपाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। वृश्चिकासन एकाग्रता और संतुलन भी बढ़ाता है।

    यह मस्तिष्क में रक्त संचार सुधारता हैजिससे स्मरण शक्ति और फोकस बेहतर होता है। नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह आसन हृदय के लिए भी लाभकारी हैक्योंकि इनवर्टेड पोजिशन में रक्त प्रवाह संतुलित होता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इस आसन को करने के लिए सबसे पहले मयूरासन की स्थिति में आएं। कोहनियों को कंधों के नीचे रखें और हथेलियों से जमीन को पकड़ें। शरीर को ऊपर उठाते हुए पैरों को सीधा रखें। अब धीरे-धीरे रीढ़ को झुकाते हुए पैरों को सिर की ओर लाएंताकि पैरों की उंगलियां सिर को छूने की कोशिश करें।

    संतुलन बनाए रखें और गहरी सांस लें। शुरुआत में 10-20 सेकंड तक रुकेंफिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। अभ्यास के बाद शवासन या बालासन में विश्राम करें। वृश्चिकासन उन्नत आसन हैइसलिए शुरुआती लोग योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें। एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। जैसे हाई ब्लड प्रेशरहृदय रोगचक्कर आने की समस्यागर्भावस्था या पीठ-कमर में चोट वाले लोग इसे न करें। वार्म-अप जरूर करेंजैसे डॉल्फिन पोज या प्लैंक। अगर गर्दन या कंधों में दर्द हो तो न करें। गलत तरीके से करने पर चोट लग सकती है।

  • बांग्लादेश में हिंदुओं पर बर्बरता के खिलाफ अयोध्या के संत समाज का गुस्सा, केंद्र से की हस्तक्षेप की अपील

    बांग्लादेश में हिंदुओं पर बर्बरता के खिलाफ अयोध्या के संत समाज का गुस्सा, केंद्र से की हस्तक्षेप की अपील


    अयोध्या । बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग का मामला गरमा गया है। इस घटना को लेकर अयोध्या के संत समाज ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है और हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है। संत समाज का कहना है कि बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। सीताराम योग सदन मंदिर के महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने बांग्लादेश में जारी हिंसा को अमानवीय बताया और कहा कि बांग्लादेश के जिहादी लोग हिंदुओं को ढूंढ-ढूंढकर अपना निशाना बना रहे हैं और ये पूरे हिंदू धर्म पर हमला है।

    उन्होंने कहा कि पहले दीपू चंद्र दास को मारा और आग लगा दीफिर एक और हिंदू शख्स को मारा और एक छोटी बच्ची को भी नहीं छोड़ा। वहां की सरकार जिहादियों की तरह काम करती है और बांग्लादेश को एक इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहती है। उन्होंने आगे पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि इसका असर भारत पर देखने को भी मिलेगा। अब समय आ गया है कि सरकार को बांग्लादेश के बॉर्डर खोल देने चाहिए और वहां फंसे हिंदुओं को बचाना चाहिए। जैसे पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया थावैसे ही बांग्लादेश के कट्टरपंथियों को सबक सिखाने के लिए ऑपरेशन चलाना चाहिए।

    अयोध्याधाम के साकेत भवन मंदिर के सीताराम दास जी महाराज ने भी अपील की है कि केंद्र सरकार सेना और सशस्त्र बल का सहारा लेकर हिंदुओं को बचाए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में इंसानियत नहीं बची है और मैं पीएम से निवेदन करता हूं कि राफेलतेजस और ब्रह्मोस क्या कर रहे हैं? अभी तक भारत में बांग्लादेश को मिला लेना चाहिए था और कड़ा सबक सिखाना चाहिए। बता दें कि बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीटा और फिर पेड़ से बांधकर आग लगा दी। इस घटना के सात दिन बाद एक अन्य हिंदू युवक को भी भीड़ ने मार डाला। 29 साल के अमृत मंडल उर्फ सम्राट को गांव की भीड़ ने मौत के घाट उतार दिया।

  • बांग्लादेश में राजनीतिक दलों के मुस्लिम समर्थक कट्टरपंथी दिखने की होड़ में हैंपूर्व राजदूत महेश सचदेवा

    बांग्लादेश में राजनीतिक दलों के मुस्लिम समर्थक कट्टरपंथी दिखने की होड़ में हैंपूर्व राजदूत महेश सचदेवा


    नई दिल्ली । बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने 17 सालों के बाद घर वापसी की है। रहमान ने घर लौटने पर मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए देश के लोगों का दिल से शुक्रिया अदा किया। दूसरी ओर बांग्लादेश में हफ्तेभर में लगातार दूसरे अल्पसंख्यक हिंदू की हत्या का मामला सामने आया है। इन मुद्दों को लेकर पूर्व राजदूत महेश सचदेवा ने आईएएनएस से खास बातचीत की।

    पूर्व राजदूत महेश सचदेवा ने कहाकुछ हफ्तों में हिंदू युवक की हत्या की यह दूसरी घटना सामने आई हैजिसमें ज्यादातर सांप्रदायिक नफरत की वजह से हत्या की गई है। इससे कई तरह की चिंताएं पैदा हुई हैं। सबसे पहलेइससे पता चलता है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा पक्की करने के लिए संघर्ष कर रही है।

    उन्होंने आगे कहादूसरा यह बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल में गहरी पैठ जमाए हुए ‘इस्लामवाद’ को दिखाता हैजिसमें पार्टियां अपने विरोधियों से ज्यादा मुस्लिम समर्थक और कट्टरपंथी दिखने की होड़ में हैं। तीसराइससे यह सवाल उठता है कि क्या 12 फरवरी के चुनाव के बाद सांप्रदायिक दुश्मनी की यह लहर कम हो जाएगी या अगर ये ताकतें सत्ता में आती हैंतो क्या हालात और बिगड़ सकते हैं।

    तारिक रहमान की वापसी को लेकर महेश सचदेवा ने कहा17 साल के निर्वासन के बादतारिक रहमान बांग्लादेश लौट आए हैं। इस बात का चुनावी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता हैक्योंकि 12 फरवरी के चुनाव में बीएनपी को सबसे आगे देखा जा रहा है। उन्होंने सुलह वाली बातें कहीइस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश मुसलमानों और ईसाइयों समेत सभी का है। निर्वासन के दौरान देश के विकास की तारीफ की और अवामी लीग सरकार के सुधारों को भी माना। जानकार बांग्लादेश की मौजूदा उथल-पुथल के बीच भारत और उनके आर्थिक और सामाजिक एजेंडे पर नरम रुख पर नजर रख रहे हैं।

    बता देंढाका नॉर्थ सिटी यूनिट ने पुरबाचल इलाके में जुलाई 36 एक्सप्रेसवे पर बीएनपी ने सफाई अभियान चलाया। इस सड़क का इस्तेमाल तारिक रहमान की रैली के लिए किया गया था। जुलाई 36 एक्सप्रेसवे को 300-फीट रोड के नाम से जाना जाता है। सफाई अभियान के दौरान ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन डीएसीसी के वर्करपार्टी कार्यकर्ता और 300 किराए के सफाई कर्मचारी शामिल रहे और कचरे-मलबे को हटाया।

    ढाका नॉर्थ बीएनपी के संयोजक अमीनुल हक ने इस अभियान का नेतृत्व किया। कचरे को जल्दी हटाने के लिए सोलह ट्रक किराए पर लिए गए। इसके अलावाराजधानी के अलग-अलग इलाकों से 300 सफाई कर्मचारी लाए गए। इस बीचडीएनसीसी के सफाई कर्मचारी भी सड़क से कचरा साफ करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

  • दीपू चंद्र दास की बांग्लादेश में जलाए जाने की घटना पर जाह्नवी कपूर का गुस्सा बोलीं यही पाखंड हमें तबाह कर देगा

    दीपू चंद्र दास की बांग्लादेश में जलाए जाने की घटना पर जाह्नवी कपूर का गुस्सा बोलीं यही पाखंड हमें तबाह कर देगा


    नई दिल्ली। हाल ही में बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास को जिंदा जला दिया गया था। इस बर्बरता ने हर किसी को हिला दिया। अब जाह्नवी कपूर ने बांग्लादेश लिंचिंग पर रिएक्शन दिया है। जाह्नवी कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा चौड़ा नोट लिखकर बांग्लादेश में हुई दर्दनाक घटनाक पर गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना ने एक्ट्रेस को अंदर तक हिला दिया है। उन्होंने सवाल उठाया है।

    बांग्लादेश लिंचिंग पर बोलीं जाह्नवी कपूर

    जाह्नवी कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा बांग्लादेश में जो हो रहा है वह बर्बर है। यह नरसंहार है और यह कोई अकेली घटना नहीं है। अगर आपको इस अमानवीय पब्लिक लिंचिंग के बारे में नहीं पता तो इसके बारे में पढ़ें वीडियो देखें सवाल पूछें। और अगर इन सबके बावजूद आपको गुस्सा नहीं आता तो यही पाखंड हमें तबाह कर देगा। हम दुनिया के दूसरे कोने में होने वाली चीजों पर रोते रहेंगे जबकि हमारे अपने भाई-बहनों को जिंदा जला दिया जाएगा।

    जाह्नवी कपूर ने आगे कहा किसी भी और हर तरह के उग्रवाद को हमारी इंसानियत भूलने से पहले ही सामने लाना और उसकी निंदा करना जरूरी है। हम प्यादे हैं जो मानते हैं कि हम एक अनदेखी लाइन के दोनों तरफ रहते हैं। इसे पहचानें और खुद को ज्ञान से लैस करें ताकि आप उन मासूम जिंदगियों के लिए आवाज उठा सकें जो इस सांप्रदायिक क्रॉस फायर में लगातार खत्म हो रही हैं और आतंकित हो रही हैं।

    जाह्नवी कपूर की अपकमिंग फिल्म
    बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर इन दिनों अपनी फिल्म होमबाउंड को लेकर चर्चा में हैं जो ऑस्कर 2026 में जाने के लिए सिलेक्ट हुई है। आखिरी बार एक्ट्रेस को वरुण धवन के साथ फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी में देखा गया था। वह राम चरण के साथ पेड्डी मूवी में नजर आएंगी।

  • बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी

    बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी


    नई दिल्ली । काम के बाद थकान होना स्वाभाविक होता है लेकिन अगर इसका अहसास पूरे दिन बना रहता है तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन बार-बार होने वाली थकान कमजोरी की निशानी है जो पूरे शरीर को बेजान बना देती है। शरीर की कमजोरी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी का संकेत देती है।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बाकी विटामिन की तरह ही हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में एक नहीं बल्कि आठ अलग-अलग तरह के विटामिन होते हैं जिनमें विटामिन बी-1 बी-2 बी-3 बी-5 बी-6 बी-7 बी-9 और बी-12 होते हैं जो पूरे शरीर का ऊर्जा हाउस है। हर विटामिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों को ऊर्जा देने का काम करता है।

    अगर इसमें से किसी भी विटामिन की कमी शरीर में होती है तो थकान बाल झड़ना चक्कर आना मस्तिष्क की नसों का कमजोर होना याददाश्त की समस्या स्किन से जुड़ी परेशानी हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन एनीमिया आंखों की रोशनी कमजोर होना डिप्रेशन रक्त वाहिकाओं में अत्याधिक जोर पड़ना और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होते हैं।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स हमारे भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। ये पानी में घुलनशील विटामिन हैं जो शरीर को तेजी से ऊर्जा देने का काम करते हैं। अगर भोजन ऊर्जा में नहीं बदल पाता तो शरीर में बाकी पोषक तत्वों की कमी होती है। ऐसे में मन और तन दोनों की थकान महसूस होती है।

    अब सवाल आता है कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है। आहार में बहुत कम ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। शाकाहारी भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां साबुत अनाज दूध दही और कुछ फलों में ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है जबकि मांसाहारी भोजन में मांस मछली चिकन और अंडे में पाया जाता है।

    शरीर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का अवशोषण सही तरीके से हो सकता है। इसके लिए चाय और कॉफी का सेवन कम करें। डिब्बा बंद उत्पादों का सेवन भी करने से बचें और अगर फिर भी विटामिन की पूर्ति नहीं होती है तो डॉक्टर की सलाह के बाद सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

  • नया रेलवे फीस स्ट्रक्चर आज से लागू स्थिरता और अफोर्डेबिलिटी में बैलेंस बनाए रखने में मिलेगी मदद

    नया रेलवे फीस स्ट्रक्चर आज से लागू स्थिरता और अफोर्डेबिलिटी में बैलेंस बनाए रखने में मिलेगी मदद


    नई दिल्ली । नया रेलवे पैसेंजर फीस स्ट्रक्चर शुक्रवार को लागू हो गया है। इसमें स्लीपर और फर्स्ट क्लास साधारण क्लास में उपनगरीय क्षेत्रों से बाहर की यात्राओं के लिए किराए में एक पैसा प्रति किलोमीटर का इजाफा किया गया है। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक इस कदम का उद्देश्य स्थिरता के साथ अफोर्डेबिलिटी को संतुलित करना है।

    रेलवे ने साधारण नॉन-एसी गैर-उपनगरीय सेवाओं के लिए सेकंड क्लास ऑर्डिनरी स्लीपर क्लास ऑर्डिनरी और फर्स्ट क्लास ऑर्डिनरी में किराए को श्रेणीबद्ध तरीके से बढ़ाया है। सेकंड क्लास ऑर्डिनरी का किराया 215 किलोमीटर तक की यात्राओं के लिए अपरिवर्तित रहेगा जिससे कम दूरी और दैनिक यात्रियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    216 किलोमीटर से 750 किलोमीटर की दूरी के लिए किराए में 5 रुपए की वृद्धि की गई है। 751 किलोमीटर से 1250 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 10 रुपए की वृद्धि की गई है। 1251 किलोमीटर से 1750 किलोमीटर की दूरी के लिए 15 रुपए की वृद्धि की गई है और 1751 किमी से 2250 किमी की दूरी के लिए 20 रुपए की वृद्धि की गई है।

    मंत्रालय ने कहा कि उपनगरीय सेवाओं और सीजन टिकटों पर जिसमें उपनगरीय और गैर-उपनगरीय रूट शामिल हैं कोई असर नहीं पड़ेगा। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में नॉन-एसी और एसी क्लास जिसमें स्लीपर फर्स्ट क्लास एसी चेयर कार एसी 3-टियर एसी 2-टियर और एसी फर्स्ट क्लास शामिल हैं सभी में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की मामूली बढ़ोतरी की गई है।

    बयान में कहा गया है कि लंबी यात्राओं के लिए जैसे कि 500 ​​किलोमीटर की नॉन-एसी मेल या एक्सप्रेस यात्रा पर लगभग 10 रुपए अधिक लगेंगे।
    तेजस राजधानी राजधानी शताब्दी दुरंतो वंदे भारत हमसफर अमृत भारत तेजस महामना गतिमान अंत्योदय गरीब रथ जन शताब्दी युवा एक्सप्रेस नमो भारत रैपिड रेल और सामान्य नॉन-सबअर्बन सेवाओं जहां लागू हो एस मेमू को छोड़कर सहित प्रमुख ट्रेन सेवाओं के मौजूदा बेसिक किराए को अप्रूव्ड क्लास-वाइज बेसिक किराए में बढ़ोतरी के हिसाब से रिवाइज किया गया है।

    रिजर्वेशन फीस सुपरफास्ट सरचार्ज और अन्य चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है जबकि जीएसटी की वैघता पर कोई असर नहीं पड़ेगा और किराए को मौजूदा नियमों के अनुसार राउंड ऑफ किया जाता रहेगा। संशोधित किराए सिर्फ 26 दिसंबर 2025 को या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर लागू होंगे और पहले से बुक किए गए टिकटों पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। मंत्रालय ने कहा कि नए रेट दिखाने के लिए स्टेशन किराए की लिस्ट को अपडेट किया जाएगा।

  • 2025 इस साल दुनिया के कई प्रमुख विश्वविद्यालय विवादों में बड़े नाम भी रहे शामिल

    2025 इस साल दुनिया के कई प्रमुख विश्वविद्यालय विवादों में बड़े नाम भी रहे शामिल


    नई दिल्ली । यह साल अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। इस साल दुनियाभर में कई घटनाएं देखने को मिलीं कुछ अच्छी तो कुछ बुरी। इस साल विवादों का एक दौर भी देखने को मिला। दुनियाभर में इस साल अलग-अलग तरह के विवाद सामने आए। विवादों में दुनिया के कई विश्वविद्यालयों का नाम भी रहा है। आइए जानते हैं कि इस साल दुनिया के कौन-कौन से विश्वविद्यालय विवादों में रहे।

    अमेरिका का हावर्ड यूनिवर्सिटी विवादों में रहा। इसकी वजह फिलिस्तीन में इजरायल के साथ हो रहा गाजा युद्ध था। यूनिवर्सिटी में गाजा युद्ध को लेकर छात्र प्रदर्शन कैंपस में यहूदी-विरोध और अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस देखने को मिली। यह मुद्दा इजरायल को युद्ध के लिए फंडिंग सेफ स्पेस बनाम फ्री स्पीच रहा। अमेरिका का कोलंबिया यूनिवर्सिटी भी इस साल विवादों में घिरा रहा। यहां भी मुद्दा फिलिस्तीन से जुड़ा था। प्रो-फिलिस्तीन छात्र आंदोलन कैंपस में टेंट प्रोटेस्ट क्लास बाधित होना यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा पुलिस बुलाना और छात्रों की गिरफ्तारी चर्चा में रहे।

    ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी इस साल विवादों की लिस्ट में अपनी जगह बना ली। यहां औपनिवेशिक इतिहास से जुड़े कोर्स मूर्तियों और नामों में बदलाव की मांग को लेकर विवाद देखने को मिला। इसके अलावा ‘डिकॉलोनाइज द सिलेबस’ अभियान भी चला। ब्रिटेन का मशहूर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी भी विवादों से घिरा जिसका मुख्य कारण इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष को लेकर छात्रों और फैकल्टी की राजनीतिक बयानबाजी रहा।

    फ्रांस के साइंसेज पो में मिडिल ईस्ट के मुद्दों को लेकर छात्रों का भारी प्रदर्शन देखने को मिला। हालात पर काबू पाने के लिए क्लास को सस्पेंड करने और कैंपस लॉकडाउन करने का फैसला लिया गया। जर्मनी के फ्री यूनिवर्सिटी बर्लिन में इजरायल और फिलिस्तीन के मुद्दे पर विवाद देखने को मिला। इसका परिणाम यह निकला कि इजरायल-फिलिस्तीन विषय पर आयोजित कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। इसके अलावा जर्मनी के सख्त एंटी-हेट और एंटी-सेमिटिज्म कानून को लेकर भी विवाद हुआ।

    ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में भी इन संघर्षों को लेकर छात्रों का गुस्सा देखने को मिला। छात्रों ने विदेशी संघर्षों को लेकर यूनिवर्सिटी में नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन भी किया। कुछ गतिविधियों पर प्रशासनिक कार्रवाई भी देखने को मिली।कनाडा का यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो भी विवादों की लिस्ट में शामिल रहा। राजनीतिक गतिविधियों को लेकर प्रोफेसरों और छात्रों के बीच तीखी बयानबाजी और कैंपस में माहौल को लेकर शिकायतें विवादों का हिस्सा रहीं।

    विवादों की इस लिस्ट में भारत के दो विश्वविद्यालय भी शामिल रहे। इसमें एक नाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और दूसरा दिल्ली विश्वविद्यालय का था। जेएनयू में छात्र राजनीति विचारधारात्मक टकराव कैंपस हिंसा और प्रशासनिक फैसले विवाद के कारण रहे। इसके अलावा डीयू में इतिहास और राजनीति से जुड़े सिलेबस में बदलाव कुछ विषयों को हटाने और जोड़ने पर विवाद देखने को मिला।

  • PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई

    PMUY योजना में सब्सिडी प्राप्त करने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.35 करोड़ हुई


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पीएमयूवाई के तहत लाभ पाने वाले लोगों की संख्या 2025 में बढ़कर 10.25 करोड़ हो गई है। यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। पीएमयूवाई के तहत सरकार गरीब परिवारों को 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी देती है और एक साल में एक परिवार अधिकतम नौ सिलेंडर्स पर यह सब्सिडी ले सकता है।

    इससे देश में एलपीजी की खपत बढ़ाने में मदद मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश में प्रति परिवार औसत खपत बढ़कर 4.47 सिलेंडर हो गई है जो कि पहले वित्त वर्ष 2019-20 में 3 थी। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 4.85 प्रति परिवार तक पहुंचने की उम्मीद है।सरकार ने बयान में कहा कि बकाया आवेदन को निपटाने और ज्यादा परिवारों तक एलपीजी गैस को पहुंचाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने को मंजूरी दी है। आधार ऑथेंटिकेशन में तेजी लाकर सब्सिडी टारगेटिंग और पारदर्शिता में सुधार किया गया।

    1 दिसंबर 2025 तक बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ने पीएमयूवाई के 71 प्रतिशत और नॉन-पीएमयूवाई के 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं को कवर किया।सरकार ने बताया कि देश भर में चलाए गए ‘बेसिक सेफ्टी चेक’ अभियान ने ग्राहक सुरक्षा को मजबूत किया है। ग्राहकों के घरों पर 12.12 करोड़ से अधिक फ्री सेफ्टी इंस्पेक्शन किए गए और 4.65 करोड़ से अधिक एलपीजी होज रियायती दरों पर बदले गए जिससे घरेलू एलपीजी इस्तेमाल में जागरूकता और सेफ्टी स्टैंडर्ड में काफी सुधार हुआ।

    मंत्रालय ने पेट्रोलियम मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया। 90000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स को डिजिटल पेमेंट की सुविधा दी गई जिन्हें 2.71 लाख से ज्यादा पीओएस टर्मिनलों का सपोर्ट मिला।मंत्रालय ने आगे कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कवरेज बढ़कर 307 ज्योग्राफिकल इलाकों तक पहुंच गई है। सितंबर 2025 तक पीएमजी घरेलू कनेक्शन की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ और सीएनजी स्टेशन की संख्या बढ़कर 8400 से अधिक हो गई है।