Author: bharati

  • कश्मीर में पोस्टर वार से गरमाई राजनीति, फारूक अब्दुल्ला ने लगाए गंभीर आरोप

    कश्मीर में पोस्टर वार से गरमाई राजनीति, फारूक अब्दुल्ला ने लगाए गंभीर आरोप


    नई दिल्ली। 
    जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है, जब सोशल मीडिया पर “CM उमर अब्दुल्ला लापता” पोस्टरों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस घटनाक्रम ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है।

    विवाद की शुरुआत तब हुई जब भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्टर साझा किए, जिनमें मुख्यमंत्री Omar Abdullah को लेकर तंज कसा गया था। इन पोस्टरों में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री पिछले कई दिनों से “लापता” हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

    भाजपा के इस कदम पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (Jammu and Kashmir National Conference) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने इसे विपक्ष की “सस्ती राजनीति” करार देते हुए कहा कि उनके पास इससे बेहतर कोई मुद्दा नहीं है। श्रीनगर के हजरतबल दरगाह में नमाज के बाद मीडिया से बातचीत में फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसे अभियान केवल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए चलाए जाते हैं और इनका जमीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ऐसे आरोपों पर ज्यादा प्रतिक्रिया देने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि जनता सब समझती है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं और दोनों दलों के बीच सहयोग मजबूत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि “ये सब हमारे दुश्मन फैला रहे हैं, गठबंधन कायम है और कुछ नहीं होगा।”

    इस बीच, जम्मू-कश्मीर में चल रहे विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने ईंधन आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि वैश्विक तनाव जल्द समाप्त होगा और हालात सामान्य होंगे।

    जम्मू के सिधरा इलाके में गुर्जर और बकरवाल समुदायों से जुड़े विवाद पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इस मामले में उनकी पार्टी या राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है और इस पर जांच चल रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती समुदायों को लेकर गलत धारणाएं बनाई जा रही हैं, जबकि ये लोग हमेशा देश के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

    वहीं पीडीपी (People’s Democratic Party) द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी उन्होंने तीखा जवाब दिया। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जिन्होंने अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने में भूमिका निभाई, वे अब सरकार की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अब राजनीतिक शोर मचा रहे हैं और उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए।

    कुल मिलाकर, “CM उमर अब्दुल्ला लापता” पोस्टर विवाद ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

  • सगाई के दो साल बाद मौत ने छीना प्यार, अकेलेपन में गुजर गई दिग्गज एक्ट्रेस की पूरी जिंदगी

    सगाई के दो साल बाद मौत ने छीना प्यार, अकेलेपन में गुजर गई दिग्गज एक्ट्रेस की पूरी जिंदगी

    नई दिल्ली ।  पर्दे पर प्यार भरे और रोमांटिक रोल निभाने वाले स्टार को असल जिंदगी में भी ये सारी खुशियां नसीब हों ये जरूरी नहीं। कई बार किस्मत ऐसा खेल खेलती है सपने एक पल में चकनाचूर हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही बॉलीवुड की एक टॉप एक्ट्रेस के साथ भी हुआ है। एक तरफ वो शादी के सपने सजा रही थी और दूसरी तरफ किस्मत ने उसके साथ ऐसा खेल रचा कि बिना शादी के ही उसे ताउम्र विधवा की जिंदगी जीनी पड़ी। आइए जानते है कौन है वो एक्ट्रेस?

    अपने जमाने की सुपरस्टार थी ये एक्ट्रेस

    हम बात कर रहे हैं 1960 और 1970 के दशक तक बॉलीवुड पर राज करने वाली दिग्गज अभिनेत्री नंदा की। नंदा का असली नाम नंदिनी कर्नाटकी था। नंदा ने लगभग 30 वर्षों तक बॉलीवुड पर राज किया और 70 से ज्यादा फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय का प्रदर्शन किया। अपने करियर के शुरुआती दौर में कई हिट फिल्मों में काम करने के साथ ही उन्होंने शशि कपूर, राजेश खन्ना, देवानंद, जितेंद्र, धर्मेंद्र जैसे एक्टर्स संग स्क्रीन शेयर किया। नंदा उस दौर की सुपरस्टार रही हैं। यही नहीं, नंदा उस जमाने की हाई पेड एक्ट्रेसेस में गिनी जाती थीं।
    शादीशुदा डायरेक्टर से हुआ प्यार
    नंदा का फिल्मी करियर काफी सुपरहिट रहा, लेकिन पर्सनल लाइफ में उन्होंने काफी दर्द झेले। 70 के दशक में नंदा को शादीशुदा डायरेक्टर और प्रोड्यूसर से प्यार हो गया। ये कोई और नहीं, बल्कि मनमोहन देसाई थे। मनमोहन की शादी जीवनप्रभा संग हुई थी, लेकिन अप्रैल 1979 में उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। दोनों का एक बेटा भी है केतन देसाई जो फिल्मों में आए। केतन ने शम्मी कपूर और गीता बाली की बेटी कंचन कपूर संग शादी की।
    वहीदा रहमान बनीं थीं नंदा-मनमोहन के बीच की कड़ी
    पिंकविला को दिए इंटरव्यू में एक बार नंदा के भाई जयप्रकाश ने नंदा और मनमोहन की लव स्टोरी को लेकर बातचीत की थी। उन्होंने बताया था, ‘दोनों की लव स्टोरी में एक्ट्रेस वहीदा रहमान की काफी अहम भूमिका थी। एक बार दोनों को मिलवाने के लिए वहीदा ने एक डिनर प्लान किया। वहीं, उन्होंने डिनर के बीच में ही दीदी और मनमोहन जी को अकेला छोड़ दिया ताकि फिल्ममेकर अपनी दिल की बात नंदा से कह पाए और हुआ भी कुछ ऐसा ही। उसी डिनर नाइट पर डायरेक्टर ने नंदा से कहा कि वो उनसे शादी करना चाहते हैं।’
    नंदा के लिए आया था रिश्ता
    इंटरव्यू में जयप्रकाश ने आगे बताया कि नंदा के लिए बेहद सिंपल तरीके से शादी का प्रपोजल आया था। फिर उनकी दीदी ने सोच विचार किया। नंदा ने इसके बाद एक दिन वहीदा रहमान को फोन किया और नंदा ने इस रिश्ते के लिए हां कह दिया।

    बालकनी से गिरकर हुई मौत होने मंगेतर की मौत

    नंदा के हां करते ही मनमोहन देसाई संग उनकी सगाई हो गई। दोनों की सगाई साल 1992 में हुई थी और वो भी काफी प्राइवेट तरीके से। मगर उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनकी जिंदगी में पहाड़ टूटने वाला है। नंदा एक तरफ अपनी शादी को लेकर तरह-तरह के सपने संजोए थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। 1994 में मनमोहन देसाई की एक दुखद दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वे अपने घर की बालकनी से गिर गए थे। इस हादसे ने नंदा को पूरी तरह से तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने कभी शादी नहीं की और जीवन भर अकेली रही और विधवा की तरह जिंदगी बिताई। उन्होंने मनमोहन के निधन के बाद उन्होंने ताउम्र सफेद कपड़े ही पहने। क्योंकि वो मनमोहन को अपना पति मान चुकी थीं।
  • Puja Niyam: खड़े होकर पूजा करना सही है या गलत? जानें शास्त्रीय नियम

    Puja Niyam: खड़े होकर पूजा करना सही है या गलत? जानें शास्त्रीय नियम

    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ को केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक ऊर्जा से भरने वाला साधन माना गया है। दैनिक जीवन में किए जाने वाले पूजन के कई नियम और विधियां शास्त्रों में विस्तार से बताए गए हैं, जिनका पालन करने से देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    इसी संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है कि क्या खड़े होकर पूजा करना सही है या गलत। आजकल कई घरों में जगह की कमी के कारण पूजा घर को दीवार पर ऊंचाई पर स्थापित कर दिया जाता है, जिसके चलते लोग खड़े होकर ही पूजा करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में यह शंका और भी बढ़ जाती है कि क्या यह विधि शास्त्रसम्मत है या नहीं।

    धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रीय नियमों के अनुसार, पूजा करते समय आसन और स्थान का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों में बताया गया है कि पूजा करते समय बैठकर पूजा करना अधिक शुभ और फलदायी माना जाता है। इसका कारण यह है कि जब व्यक्ति आसन पर बैठकर पूजा करता है, तो उसका शरीर स्थिर रहता है और मन एकाग्र होकर ध्यान में केंद्रित हो पाता है। इससे पूजा का प्रभाव अधिक गहरा माना जाता है।

    इसके विपरीत, खड़े होकर पूजा करने की स्थिति में मन और शरीर में वह स्थिरता नहीं बन पाती, जो ध्यान और साधना के लिए आवश्यक मानी जाती है। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान भक्त का आसन भगवान के आसन से ऊंचा नहीं होना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो इसे पूजा के नियमों के विरुद्ध माना गया है।

    पूजा के दौरान दिशा का भी विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि पूजा करते समय मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए, क्योंकि यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। इसके अलावा पूजा सामग्री जैसे धूप, दीप, अगरबत्ती और घंटी को दाईं ओर रखना चाहिए, जबकि फूल, फल, जल और शंख को बाईं ओर रखना शुभ माना गया है।

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब इन सभी नियमों का पालन किया जाता है, तो पूजा अधिक प्रभावी और फलदायी मानी जाती है। ऐसा करने से मन में शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे जीवन में आने वाली नकारात्मकता दूर होती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पूजा केवल एक बाहरी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक आंतरिक साधना भी है, जिसमें अनुशासन और श्रद्धा दोनों का होना आवश्यक है। इसलिए चाहे मंदिर हो या घर, यदि संभव हो तो बैठकर ही पूजा करना अधिक उचित माना जाता है।

    कुल मिलाकर, शास्त्रीय दृष्टि से देखा जाए तो बैठकर पूजा करना श्रेष्ठ माना गया है, जबकि खड़े होकर पूजा करना परिस्थितियों पर निर्भर हो सकता है, लेकिन इसे आदर्श विधि नहीं माना गया है।

  • Cannes में ऐश्वर्या का जलवा, ब्लू आउटफिट में दिखीं बेहद स्टाइलिश

    Cannes में ऐश्वर्या का जलवा, ब्लू आउटफिट में दिखीं बेहद स्टाइलिश

    नई दिल्ली। कान्स फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) 2026 में एक बार फिर भारतीय सिनेमा की ग्लोबल पहचान बनीं अभिनेत्री Aishwarya Rai Bachchan ने अपने स्टाइल और ग्रेस से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रेड कारपेट पर उनका पहला लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए।

    इस बार ऐश्वर्या राय मिडनाइट ब्लू स्कल्प्टेड गाउन में नजर आईं, जिसे मशहूर डिजाइनर अमित अग्रवाल ने तैयार किया है। हैवी सीक्वेंस और डिटेलिंग से सजा यह गाउन न केवल बेहद आकर्षक था, बल्कि इसमें ऐश्वर्या की क्लासिक ग्लैमरस अपील भी साफ झलक रही थी। गाउन के साथ उन्होंने उसी शेड का दुपट्टा कैरी किया, जिससे उनका लुक और भी रॉयल नजर आया।

    रेड कारपेट पर ऐश्वर्या ने अपने सिग्नेचर स्टाइल में कैमरों के सामने पोज दिए। मुस्कुराते हुए पैपाराज़ी की ओर हाथ हिलाना, फ्लाइंग किस देना और हार्ट शेप बनाकर फैंस का अभिवादन करना उनके लुक को और भी खास बना रहा था। उनकी ग्लोइंग स्किन, साइड-पार्टेड कर्ली हेयर और डायमंड ज्वेलरी ने उनके ओवरऑल लुक में चार चांद लगा दिए।

    हालांकि इस बार उनके लुक को लेकर एक और बात चर्चा में रही—उनकी फिटनेस। फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स ने नोटिस किया कि ऐश्वर्या पहले के मुकाबले ज्यादा स्लिम नजर आ रही हैं। इसके बावजूद उनकी ग्रेस और स्क्रीन प्रेजेंस में कोई कमी नहीं दिखी, बल्कि उनके चाहने वालों ने इसे उनकी खूबसूरती का नया रूप बताया।

    कान्स में यह पहला मौका नहीं है जब ऐश्वर्या ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर रिप्रेजेंट किया हो। वे साल 2002 से लगातार इस प्रतिष्ठित इवेंट का हिस्सा रही हैं और हर बार अपने लुक्स के कारण सुर्खियों में रहती हैं। उनका हर रेड कारपेट अपीयरेंस फैशन और स्टाइल की दुनिया में एक नया ट्रेंड सेट करता है।

    इस बार भी उनका यह अवतार साबित करता है कि समय के साथ उनकी स्टार अपील और ग्लैमर में कोई कमी नहीं आई है। फैन्स का कहना है कि ऐश्वर्या जैसी उपस्थिति बहुत कम सेलेब्रिटीज में देखने को मिलती है, जो ग्लोबल इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व इतनी मजबूती और गरिमा के साथ करती हैं।

    ऐश्वर्या इस बार भी अपनी बेटी Aaradhya Bachchan के साथ कान्स पहुंची हैं, जो अक्सर उनके साथ इस अंतरराष्ट्रीय यात्रा का हिस्सा रहती हैं। मां-बेटी की यह जोड़ी भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

    कुल मिलाकर, कान्स 2026 में ऐश्वर्या राय बच्चन का यह लुक न सिर्फ फैशन वर्ल्ड के लिए चर्चा का विषय बना है, बल्कि एक बार फिर उन्होंने साबित किया है कि वह भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली ग्लोबल आइकन में से एक हैं।

  • मैच के बाद भी तनाव कायम, विराट कोहली और ट्रेविस हेड ने नहीं किया हैंडशेक

    मैच के बाद भी तनाव कायम, विराट कोहली और ट्रेविस हेड ने नहीं किया हैंडशेक


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 का एक हाईवोल्टेज मुकाबला उस समय सुर्खियों में आ गया, जब सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच में रन और रिकॉर्ड से ज्यादा चर्चा मैदान पर हुई दो दिग्गज खिलाड़ियों की तीखी नोकझोंक की होने लगी। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में चौके-छक्कों की बरसात के बीच माहौल तब गर्म हो गया जब Virat Kohli और Travis Head आमने-सामने आ गए।

    मैच के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति बनी जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पारी के बीच विराट कोहली नॉन-स्ट्राइकर एंड से लगातार ट्रेविस हेड की तरफ इशारे करते नजर आए। बताया गया कि कोहली मजाकिया लेकिन चुनौतीपूर्ण अंदाज में हेड को गेंदबाजी के लिए बुला रहे थे और ‘आओ, थोड़ा ऑफ स्पिन डालो’ जैसे इशारे कर रहे थे। इस दौरान वेंकटेश अय्यर ने तेजी से रन बटोरे और एक ओवर में ही 23 रन ठोक दिए, जिससे मैदान पर दबाव और बढ़ गया।

    इसी बीच कैमरों ने कोहली और हेड के बीच चल रही बातचीत को पकड़ लिया, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच हल्की-फुल्की लेकिन तीखी जुबानी जंग साफ नजर आई। कोहली की आक्रामक बॉडी लैंग्वेज और हेड की प्रतिक्रिया ने इस पल को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल कर दिया।

    मैच के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया जब दोनों खिलाड़ियों ने हाथ मिलाने से परहेज किया। आमतौर पर मैच के बाद खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिलाकर खेल भावना का परिचय देते हैं, लेकिन इस मुकाबले में ऐसा नहीं हुआ, जिससे फैंस के बीच ‘कोल्ड वॉर’ की चर्चा तेज हो गई।

    मैच के परिणाम की बात करें तो सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और हेनरिक क्लासेन ने तेजतर्रार पारियां खेलीं, जिससे आरसीबी के गेंदबाजों पर भारी दबाव बना।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) की टीम 20 ओवर में 200 रन ही बना सकी और 55 रनों से मैच हार गई। विराट कोहली इस मैच में सिर्फ 15 रन बनाकर आउट हुए और अपनी टीम को बड़ी पारी नहीं दे सके।

    दूसरी ओर ट्रेविस हेड ने गेंदबाजी में भी योगदान दिया और आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार का अहम विकेट हासिल किया, जिससे मैच का रोमांच और बढ़ गया। हालांकि उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज्यादा चर्चा उनकी और कोहली की भिड़ंत की रही।

    सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और फैंस इसे मैच का सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट मोमेंट बता रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल मैच का दबाव और प्रतिस्पर्धा थी, लेकिन जिस तरह यह घटना कैमरे में कैद हुई, उसने इसे एक बड़ा चर्चा का विषय बना दिया है।

    कुल मिलाकर यह मुकाबला सिर्फ रन और रिकॉर्ड के लिए नहीं, बल्कि दो स्टार खिलाड़ियों के बीच हुई नोकझोंक और उसके बाद बने माहौल के लिए भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

  • हैदराबाद की जीत बेकार, RCB ने ली बड़ी बढ़त और प्लेऑफ में मजबूत दावेदारी

    हैदराबाद की जीत बेकार, RCB ने ली बड़ी बढ़त और प्लेऑफ में मजबूत दावेदारी


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) के 19वें संस्करण में शुक्रवार को खेले गए मुकाबले ने प्लेऑफ की तस्वीर लगभग साफ कर दी, जहां हैदराबाद की जीत के बावजूद सबसे बड़ा फायदा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को मिला। उप्पल स्टेडियम में खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रनों से मात दी, लेकिन यह जीत उनकी टॉप-2 की उम्मीदों के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट पर 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। टीम की ओर से ईशान किशन ने शानदार 79 रनों की पारी खेली, जबकि अभिषेक शर्मा ने तेजतर्रार 56 रन और हेनरिक क्लासेन ने 51 रन बनाकर रन गति को लगातार ऊंचा बनाए रखा। अंत में नितीश रेड्डी की नाबाद 29 रनों की पारी ने स्कोर को और मजबूत कर दिया। आरसीबी के गेंदबाज इस तूफानी बल्लेबाजी के सामने संघर्ष करते नजर आए।

    256 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) की शुरुआत आक्रामक रही, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच सकी। वेंकटेश अय्यर ने 44 रनों की तेज पारी खेलकर शुरुआत में उम्मीद जगाई, जबकि कप्तान रजत पाटीदार ने 56 रनों की जिम्मेदारी भरी पारी खेली। क्रुणाल पांड्या ने 41 रन और टिम डेविड ने नाबाद 15 रन बनाए, लेकिन टीम 20 ओवर में 4 विकेट पर 200 रन ही बना सकी।

    गेंदबाजी में हैदराबाद की ओर से ईशान मलिंगा ने सबसे प्रभावी प्रदर्शन किया और 33 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। इसके अलावा साकिब हुसैन और ट्रेविस हेड को एक-एक सफलता मिली, जिससे आरसीबी की रन गति पर लगाम लगाई जा सकी।

    इस मैच के परिणाम के बावजूद अंक तालिका में बड़ा बदलाव नहीं हुआ। दोनों टीमों ने पहले ही प्लेऑफ में जगह पक्की कर ली थी, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के कारण रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 18 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर बनी रही। वहीं गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) भी 18 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद तीसरे स्थान पर रही।

    अब क्वालिफायर-1 में आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच जोरदार मुकाबला खेला जाएगा, जबकि हैदराबाद को एलिमिनेटर में अपनी किस्मत आजमानी होगी। इस तरह एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले ने भले ही हैदराबाद को जीत दिलाई हो, लेकिन असली फायदा अंक तालिका की दौड़ में आरसीबी को मिला।

    कुल मिलाकर यह मुकाबला आईपीएल के इस सीजन के सबसे रोमांचक मैचों में से एक साबित हुआ, जिसमें रन तो जमकर बने, लेकिन प्लेऑफ की तस्वीर और भी दिलचस्प हो गई।

  • सैफ से पहले किस नेता पर आया था करीना का दिल? पुराना इंटरव्यू बना सुर्खी

    सैफ से पहले किस नेता पर आया था करीना का दिल? पुराना इंटरव्यू बना सुर्खी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री Kareena Kapoor Khan एक बार फिर अपने पुराने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना इंटरव्यू तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने सैफ अली खान से शादी से पहले एक राजनीतिक शख्सियत को लेकर दिलचस्प बात कही थी।

    यह मामला उस समय का है जब करीना कपूर अपने करियर के शुरुआती दौर में थीं और चर्चित चैट शो ‘Rendezvous with Simi Garewal’ में पहुंची थीं। शो के दौरान होस्ट सिमी ग्रेवाल ने उनसे सवाल किया था कि अगर उन्हें किसी एक शख्स को डेट करने का मौका मिले तो वह कौन होगा।

    इस सवाल पर करीना कपूर थोड़ी हिचकिचाईं और उन्होंने कहा था कि वह जवाब देने को लेकर असहज महसूस कर रही हैं क्योंकि यह “थोड़ा कंट्रोवर्शियल” हो सकता है। इसके बाद उन्होंने जिस नाम का जिक्र किया, वह उस समय देश की राजनीति में बेहद चर्चित नाम था—Rahul Gandhi।

    करीना कपूर ने बातचीत के दौरान कहा था कि वह राहुल गांधी को जानना चाहेंगी क्योंकि वह उन्हें दिलचस्प व्यक्ति लगते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि फिल्म और राजनीतिक परिवार से होने के कारण दोनों के बीच बातचीत रोचक हो सकती है। यह बयान उस समय काफी चर्चा में आ गया था और मीडिया से लेकर आम लोगों तक में इस पर बहस होने लगी थी।

    हालांकि, यह बयान लंबे समय तक कायम नहीं रहा। जैसे-जैसे करीना कपूर का करियर आगे बढ़ा और 2009 में उनकी फिल्म ‘ओमकारा’ रिलीज हुई, उन्होंने इस बयान से दूरी बनानी शुरू कर दी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा था कि वह राहुल गांधी को डेट करना चाहती थीं।
    हालांकि, यह बयान लंबे समय तक कायम नहीं रहा। जैसे-जैसे करीना कपूर का करियर आगे बढ़ा और 2009 में उनकी फिल्म ‘ओमकारा’ रिलीज हुई, उन्होंने इस बयान से दूरी बनानी शुरू कर दी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा था कि वह राहुल गांधी को डेट करना चाहती थीं।

    करीना कपूर ने आगे कहा था कि यह उस समय की एक हल्की-फुल्की बातचीत थी, जिसे जरूरत से ज्यादा गंभीरता से लिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब यह पुरानी बात है और वह इसे आगे बढ़ाना नहीं चाहतीं।

    बाद में जब करीना कपूर का नाम अभिनेता Saif Ali Khan के साथ जुड़ा, तो उनकी निजी जिंदगी लगातार मीडिया की सुर्खियों में रही। दोनों ने बाद में शादी कर ली और बॉलीवुड के चर्चित कपल्स में शामिल हो गए।

    आज भी जब यह पुराना वीडियो सामने आता है, तो सोशल मीडिया पर लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देते हैं। कुछ इसे मजाकिया बयान मानते हैं तो कुछ इसे एक पुराने दौर की बेबाकी के रूप में देखते हैं।

    कुल मिलाकर, यह मामला दिखाता है कि सेलेब्रिटी के पुराने बयान समय के साथ किस तरह नए संदर्भ में वायरल होकर चर्चा का विषय बन जाते हैं।

  • एमपी के इस गांव में पानी का बड़ा संकट, राजस्थान का कुआं बुझा रहा प्यास

    एमपी के इस गांव में पानी का बड़ा संकट, राजस्थान का कुआं बुझा रहा प्यास

    राजगढ़। मध्यप्रदेश में हर घर जल पहुंचाने के दावों के बीच राजगढ़ जिले के खिलचीपुर जनपद का फतेहपुर गांव आज भी गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि गांव के लोगों को पीने का पानी लेने के लिए रोजाना राजस्थान की सीमा तक जाना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में ग्रामीण करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर राजस्थान के एक कुएं से पानी लाने को मजबूर हैं।

    45 डिग्री तक पहुंच चुके तापमान के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सिर पर पानी के बर्तन रखकर रोज पानी ढो रहे हैं। गांव की महिलाएं पानी लाते समय लोकगीत गाते हुए लौटती हैं, जो इस संघर्ष की दर्दभरी तस्वीर बयां करता है।

    वर्षों पुरानी है पानी की समस्या
    खिलचीपुर जनपद की बावड़ीखेड़ा पंचायत के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर गांव की आबादी करीब 200 बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पानी की समस्या नई नहीं, बल्कि वर्षों से बनी हुई है। गर्मी बढ़ते ही हालात और बिगड़ जाते हैं।

    ग्रामीण गजराजसिंह गुर्जर का कहना है कि बचपन से गांव में पानी की परेशानी देख रहे हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों और पंचायत से शिकायत की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला।

    सरपंच के जवाब से ग्रामीण नाराज
    ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या बताने पर सरपंच ने कहा, “क्या मैं तुम्हारे लिए अपनी जमीन बेच दूं? जब सरकार व्यवस्था करेगी तब टैंकर लगवाएंगे।” इस बयान के बाद गांव में नाराजगी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और पंचायत दोनों उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे।

    बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित
    ग्रामीण निकिता गुर्जर ने बताया कि गर्मी के दिनों में पानी लाने में काफी समय और मेहनत लगती है। स्कूल खुलने के बाद बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है, क्योंकि पानी भरने के बाद वे बेहद थक जाते हैं। ग्रामीणों ने गांव में डेम और ट्यूबवेल बनाने की मांग की है, ताकि लोगों को पानी के लिए दूसरे राज्य पर निर्भर न रहना पड़े।

    महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान
    रेखाबाई ने बताया कि पूरा परिवार पानी लाने जाता है और तेज गर्मी में यह काम बेहद मुश्किल हो जाता है। वहीं मांगीबाई का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चे भी पानी ढोने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं है।

    प्रशासन ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
    खिलचीपुर जनपद के सीईओ गोविंदसिंह सोलंकी ने माना कि गांव में पानी की समस्या है। उन्होंने बताया कि गांव में नल-जल योजना पर काम चल रहा है, लेकिन अभी योजना पंचायत को हैंडओवर नहीं हुई है। उनका कहना है कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

    वहीं एसडीएम अंकिता जैन ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और जल निगम से चर्चा कर तत्काल समाधान के निर्देश दिए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि भविष्य में ग्रामीणों को पानी के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

  • नौतपा से पहले झुलसता मध्यप्रदेश, तापमान और बढ़ने की चेतावनी

    नौतपा से पहले झुलसता मध्यप्रदेश, तापमान और बढ़ने की चेतावनी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में गर्मी ने एक बार फिर अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हालात बेहद चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए राज्य के 4 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया है, जहां अगले कुछ दिनों तक भीषण लू और अत्यधिक गर्मी का खतरा बना रहेगा।

     नौतपा में और बढ़ेगी तपिश
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय चल रहे नौतपा के दौरान प्रदेश में तापमान और ऊपर जा सकता है। नौतपा को गर्मी का सबसे कठिन दौर माना जाता है, जिसमें सूर्य की सीधी किरणें धरती को सबसे ज्यादा गर्म करती हैं। इस दौरान दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहने की संभावना है, जिससे राहत मिलने के आसार कम हैं।

    किन जिलों में रेड अलर्ट
    रेड अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इन इलाकों में दिन के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन जिलों में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है और लू का असर तेज रहेगा।

     स्वास्थ्य पर बढ़ रहा असर
    भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।

     विशेषज्ञों की सलाह
    मौसम और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है-
    दिन में 11 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
    पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें
    हल्के और ढीले कपड़े पहनें
    धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें
    बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

    प्रशासन अलर्ट मोड प
    प्रशासन ने भी गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। कई जगहों पर पेयजल व्यवस्था और हीटवेव से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

    मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम है। नौतपा के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।