Author: bharati

  • केंद्र सरकार के मंत्रालयों में नौकरी का मौका SSC CGL 2025 में 15130 पदों पर भर्ती प्रिफरेंस विंडो मार्च में खुलेगी

    नई दिल्ली:सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग ने संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा SSC CGL 2025 के लिए फाइनल वैकेंसी चार्ट जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 15130 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह संख्या पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी अच्छी मानी जा रही है और इससे बड़ी संख्या में युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में काम करने का अवसर मिलेगा।

    कर्मचारी चयन आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों विभागों और संगठनों में की जाएगी। SSC CGL परीक्षा के माध्यम से ग्रुप B और ग्रुप C के पदों पर भर्ती की जाती है। इस भर्ती के जरिए आयकर विभाग केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग प्रवर्तन निदेशालय विदेश मंत्रालय और सीबीआई जैसे प्रतिष्ठित विभागों में काम करने का मौका मिलता है।

    आयोग द्वारा जारी वैकेंसी चार्ट के अनुसार कुल 15130 पदों को अलग अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें सबसे ज्यादा 6464 पद अनारक्षित यानी जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 3834 पद निर्धारित किए गए हैं। अनुसूचित जाति के लिए 2223 पद और अनुसूचित जनजाति के लिए 1134 पद तय किए गए हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 1475 सीटें आरक्षित की गई हैं।

    इस वैकेंसी चार्ट के जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों को अपनी पसंद के पद और विभाग चुनने का अवसर मिलेगा। कर्मचारी चयन आयोग ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों के लिए ऑप्शन कम प्रिफरेंस विंडो मार्च 2026 में खोली जाएगी। इसी विंडो के माध्यम से उम्मीदवार अपनी पसंद के पदों और विभागों को प्राथमिकता के आधार पर चुन सकेंगे।

    उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर SSC CGL भर्ती से संबंधित सैंपल फॉर्म भी जारी किया है। इस सैंपल फॉर्म की मदद से अभ्यर्थी यह समझ सकते हैं कि ऑनलाइन फॉर्म किस प्रकार भरना है और किस तरह अपनी प्राथमिकताओं को दर्ज करना है। इससे फॉर्म भरते समय होने वाली सामान्य गलतियों से बचा जा सकता है।

    कर्मचारी चयन आयोग ने उम्मीदवारों को विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दी है। आयोग के अनुसार एक बार ऑप्शन कम प्रिफरेंस फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपनी शैक्षणिक योग्यता और पदों के लिए निर्धारित शारीरिक मानकों की पहले से जांच कर लें और उसी के आधार पर अपनी प्राथमिकताएं तय करें।

    आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दस्तावेज सत्यापन के दौरान कोई उम्मीदवार किसी पद के लिए निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करता पाया जाता है तो उसकी उम्मीदवारी तुरंत रद्द कर दी जाएगी। इसलिए उम्मीदवारों को पूरी सावधानी के साथ फॉर्म भरना चाहिए और आयोग के सभी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

    SSC CGL 2025 की यह भर्ती लाखों स्नातक युवाओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित मंत्रालयों और विभागों में नौकरी पाने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मौका साबित हो सकता है। भर्ती से जुड़ी सभी ताजा जानकारी कर्मचारी चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर उपलब्ध रहेगी जहां उम्मीदवार समय समय पर अपडेट देख सकते हैं।

  • केसरी चैप्टर 2 की कामयाबी अनन्या पांडे बनीं न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 की रील आइकॉन

    केसरी चैप्टर 2 की कामयाबी अनन्या पांडे बनीं न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 की रील आइकॉन


    नई दिल्ली:बॉलीवुड अभिनेत्री Ananya Panday इन दिनों अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रही हैं। हाल ही में उन्हें News18 Showsha Reel Awards 2026 में रील आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें फिल्म Kesari Chapter 2 में उनके शानदार अभिनय के लिए मिला है। इस खास उपलब्धि के बाद एक्ट्रेस बेहद खुश नजर आईं और उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी खुशी फैंस के साथ साझा की।

    दरअसल 7 मार्च की रात आयोजित हुए न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 का यह समारोह कई सितारों के लिए खास रहा लेकिन अनन्या पांडे के लिए यह शाम और भी यादगार बन गई। अवॉर्ड मिलने के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ट्रॉफी के साथ एक फोटो शेयर की जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

    अनन्या पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में ट्रॉफी की तस्वीर साझा करते हुए आयोजकों का आभार जताया। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि केसरी चैप्टर 2 के लिए यह अवॉर्ड मिलने पर वह बेहद आभारी हैं और उन्होंने @cnnnews18 और @showsha को धन्यवाद दिया। एक्ट्रेस की इस पोस्ट पर फैंस लगातार कमेंट कर उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके काम की तारीफ कर रहे हैं।

    फिल्म केसरी चैप्टर 2 में अनन्या पांडे ने एक ऐसा किरदार निभाया है जो ऐतिहासिक और देशभक्ति से जुड़ी कहानी की भावनात्मक गहराई को सामने लाता है। उनके अभिनय ने फिल्म की कहानी को और प्रभावी बना दिया। दर्शकों का कहना है कि इस फिल्म में उनका किरदार उनके पिछले रोल्स से काफी अलग है और उन्होंने अपने अभिनय से इस भूमिका में जान डाल दी है।

    फिल्म में अनन्या के साथ बॉलीवुड सुपरस्टार Akshay Kumar और अभिनेता R. Madhavan भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। इस फिल्म की कहानी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है जिसमें Jallianwala Bagh Massacre से जुड़ी सच्चाई और उस दौर के संघर्ष को दिखाया गया है। फिल्म में अनन्या का किरदार इस कहानी को भावनात्मक और प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

    बताया जाता है कि फिल्म केसरी चैप्टर 2 18 अप्रैल 2025 को रिलीज हुई थी और रिलीज के बाद इसे दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इस फिल्म को अनन्या पांडे के करियर के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है क्योंकि इस भूमिका के जरिए उन्होंने अपने अभिनय का एक नया पक्ष दर्शकों के सामने रखा है।

    न्यूज18 शोशा रील अवॉर्ड्स 2026 में मिला यह सम्मान अनन्या पांडे के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे उनके करियर को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • औरत को तारीफ नहीं सम्मान चाहिए इंटरनेशनल वूमेन्स डे पर समाज के आईने में झांकती एक बात

    औरत को तारीफ नहीं सम्मान चाहिए इंटरनेशनल वूमेन्स डे पर समाज के आईने में झांकती एक बात


    नई दिल्ली:हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में International Women’s Day मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं के सम्मान अधिकार और उपलब्धियों की बात की जाती है। लेकिन सच यही है कि हर साल यह दिन हमें यह याद दिला देता है कि समाज अब भी औरत के असली वजूद को पूरी तरह समझ नहीं पाया है।

    हम अक्सर कहते हैं कि हमारी बेटियां बेटों से कम नहीं हैं लेकिन इस वाक्य के भीतर ही एक छिपा हुआ सच है कि कहीं न कहीं हम अभी भी बराबरी को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाए हैं। जब हम कहते हैं कि औरत आजाद है तो इसका मतलब यह भी होता है कि उसकी आजादी अभी अधूरी है। जब हम कहते हैं कि बेटियों को भी पढ़ाना चाहिए उन्हें भी आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए तो यह भी इस बात का संकेत है कि इस दिशा में अभी बहुत काम बाकी है।

    आज की महिला जीवन के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है। राजनीति से लेकर विज्ञान खेल से लेकर सेना और कला से लेकर व्यापार तक महिलाएं हर जगह अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि उसे बार बार खुद को साबित करने की जरूरत क्यों पड़ती है। समाज अक्सर किसी महिला की सफलता को तब स्वीकार करता है जब वह उन सीमाओं को पार कर लेती है जिन्हें लंबे समय तक पुरुषों ने तय किया था। कई बार तो महिला की कामयाबी को इस तरह देखा जाता है जैसे उसने किसी पुरुष की भूमिका निभाकर यह उपलब्धि हासिल की हो।

    असल में हमें यह समझना होगा कि औरत केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समाज का ताना बाना है। परिवार रिश्तों और भावनाओं को जोड़कर रखने वाली सबसे मजबूत कड़ी अक्सर वही होती है। बचपन से अपने सपनों को सहेजने वाली और फिर अपनों की खुशियों के लिए उन्हें पीछे छोड़ देने वाली भी अक्सर वही होती है। बेटी के रूप में वह रहमत है मां के रूप में जन्नत है बहन के रूप में इज्जत है और दोस्त के रूप में भरोसा है।

    लेकिन समाज का दूसरा चेहरा भी उतना ही कड़वा है। महिलाओं के साथ हिंसा और अपमान की घटनाएं समय समय पर सामने आती रहती हैं। देश में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने पूरे समाज को झकझोर दिया। Manipur women parading case 2023 हो या Kanjhawala case 2023 Delhi जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर अभी भी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। इसी तरह Bilkis Bano का मामला भी बार बार यह सवाल उठाता है कि न्याय और संवेदनशीलता के मामले में समाज कहां खड़ा है।

    समस्या की जड़ कहीं और भी है। हम अक्सर महिलाओं का सम्मान उनके रिश्तों के आधार पर करते हैं। हमें लगता है कि हमें अपनी मां बहन बेटी या पत्नी की ही इज्जत करनी चाहिए। लेकिन असली सम्मान तब होगा जब सड़क पर चलने वाली या दफ्तर में काम करने वाली हर महिला को वही सम्मान मिले जो हम अपने घर की महिलाओं को देते हैं।

    हमारी संस्कृति और साहित्य में भी कई बार औरत की खूबसूरती को केवल उसके चेहरे उसकी आंखों या उसकी जुल्फों तक सीमित कर दिया गया है। शायरियों और कविताओं में उसकी आंखों की गहराई और उसके होंठों की नाजुकी का खूब जिक्र मिलता है। इसमें कोई शक नहीं कि महिला की सुंदरता बेमिसाल होती है लेकिन उसकी असली पहचान केवल उसके रूप में नहीं बल्कि उसके व्यक्तित्व उसकी सोच उसकी मेहनत और उसकी संवेदनशीलता में होती है।

    आज की महिला शायद केवल तारीफ नहीं चाहती बल्कि सम्मान चाहती है। उसे यह एहसास चाहिए कि समाज उसे बराबरी की नजर से देखता है। क्योंकि सच यही है कि किसी महिला को खूबसूरत कहना अच्छी बात हो सकती है लेकिन उसकी इज्जत करना उससे भी कहीं ज्यादा खूबसूरत है।

  • जंग की आंच से महंगाई तेज: कच्चे तेल में उछाल, भारत में गैस महंगी, पड़ोस में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर

    जंग की आंच से महंगाई तेज: कच्चे तेल में उछाल, भारत में गैस महंगी, पड़ोस में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर


    नई दिल्ली:मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। तेल बाजार में आई तेज उथल-पुथल ने कई देशों में महंगाई की आग भड़का दी है और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। हाल ही में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

    माना जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की वजह से ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। इसी कारण सरकार को आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए देश की ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश देने पड़े। हालांकि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम जिस तेजी से बढ़ रहे हैं उससे आने वाले समय में कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    युद्ध की वजह से वैश्विक तेल बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। एक सप्ताह के भीतर ही कच्चे तेल की कीमतों में करीब 35 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। अमेरिकी क्रूड ऑयल के फ्यूचर्स में यह अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त मानी जा रही है। WTI Crude Oil की कीमत लगभग 9.89 डॉलर बढ़कर करीब 90.90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है जबकि Brent Crude भी करीब 7.28 डॉलर की तेजी के साथ 92.69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में इस तेजी ने दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ जाता है।

    हालांकि भारत सरकार ने फिलहाल लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत कोई बढ़ोतरी नहीं होने दी जाएगी। इसके बावजूद कई शहरों में लोगों के बीच आशंका का माहौल बन गया है और पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। पुणे मसूरी और नोएडा जैसे शहरों में लोग एहतियात के तौर पर अपनी गाड़ियों की टंकी फुल कराने पहुंच रहे हैं ताकि संभावित बढ़ोतरी से पहले ईंधन का स्टॉक किया जा सके।

    जहां भारत में फिलहाल कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है वहीं पड़ोसी देश Pakistan में ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। वहां पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। लगभग 20 प्रतिशत की इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 335.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 321.17 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

    अगर भारत की बात करें तो राजधानी Delhi में 8 मार्च 2026 को पेट्रोल की कीमत लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। वहीं सीएनजी की कीमत करीब 77.09 रुपये प्रति किलो और पीएनजी लगभग 47.89 रुपये प्रति एससीएम के आसपास है।

    दरअसल इस पूरे संकट की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट का रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz भी है जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। युद्ध के चलते इस मार्ग पर जोखिम बढ़ने के बाद भारत ने वैकल्पिक रास्तों से तेल आयात बढ़ाने की रणनीति अपनाई है और अन्य मार्गों से तेल खरीद में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबे समय तक जारी रहा तो वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है और इसका असर पेट्रोल डीजल तथा गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महासंग्राम आज भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल में खिताब की जंग नरेंद्र मोदी स्टेडियम में धोनी की मौजूदगी से बढ़ा रोमांच

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महासंग्राम आज भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल में खिताब की जंग नरेंद्र मोदी स्टेडियम में धोनी की मौजूदगी से बढ़ा रोमांच


    नई दिल्ली:आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला आज क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बन गया है। पूरे देश में इस मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें खिताब के लिए आमने सामने होंगी। शाम 6.30 बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे और इसके बाद तय होगा कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का नया चैंपियन कौन बनेगा।

    भारत के लिए यह मुकाबला बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि टीम इंडिया लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है और टीम ने सिर्फ एक ही मुकाबले में हार का सामना किया है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन ने टीम इंडिया को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

    दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम भी इस बार अपने पहले टी20 वर्ल्ड कप खिताब के बेहद करीब पहुंच चुकी है। न्यूजीलैंड ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है और कई मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दी है। हालांकि इस अभियान के दौरान टीम को दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा जबकि एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था। इसके बावजूद टीम ने लगातार दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो न्यूजीलैंड ने कई बार भारतीय टीम को मुश्किल में डाला है। टी20 वर्ल्ड कप के पिछले मुकाबलों में भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत हासिल करने में कठिनाई हुई है। 2007 2016 और 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर बड़ा झटका दिया था। यही वजह है कि इस फाइनल मुकाबले को बेहद रोमांचक माना जा रहा है।

    फाइनल से पहले एक और दिलचस्प बात चर्चा में है और वह है भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी। सेमीफाइनल मुकाबले के बाद से ही सोशल मीडिया पर धोनी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया था। मुंबई में मौजूद रहने के बाद अब धोनी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं और माना जा रहा है कि फाइनल मुकाबले के दौरान स्टेडियम में उनके नाम की गूंज सुनाई दे सकती है।

    भारतीय टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव के हाथों में है जबकि न्यूजीलैंड की कमान मिचेल सेंटनर संभाल रहे हैं। भारत के पास संजू सैमसन ईशान किशन तिलक वर्मा हार्दिक पांड्या शिवम दुबे अक्षर पटेल जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव जैसे मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं। वहीं न्यूजीलैंड की टीम में फिन एलन रचिन रविंद्र ग्लेन फिलिप्स डेरिल मिशेल मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे खिलाड़ी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

    अहमदाबाद के विशाल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आज लाखों क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस मुकाबले पर टिकी रहेंगी। भारत जहां लगातार दूसरी ट्रॉफी जीतकर नया इतिहास लिखना चाहता है वहीं न्यूजीलैंड पहली बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर नया अध्याय शुरू करने की कोशिश करेगा। ऐसे में यह फाइनल मुकाबला रोमांच और दबाव से भरपूर होने की पूरी संभावना है।

  • ईरान के तेल भंडार पर इज़राइल का बड़ा हमला, ट्रम्प बोले- “ईरान लड़ने लायक नहीं बचेगा”

    ईरान के तेल भंडार पर इज़राइल का बड़ा हमला, ट्रम्प बोले- “ईरान लड़ने लायक नहीं बचेगा”



    नई दिल्ली। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी जंग का नौवां दिन बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इज़राइल ने ईरान में तेल भंडार से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इज़राइली मीडिया के अनुसार, ईरान के 30 फ्यूल टैंकों और कई तेल डिपो को निशाना बनाया गया है।

    अमेरिकी रुख:
    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह हार मान ले। उनका कहना है कि या तो ईरान खुद आत्मसमर्पण करे या उसकी सैन्य ताकत इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह लड़ने लायक ही न बचे। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग नहीं, बल्कि ‘लूजर’ बन गया है।

    ईरान की चेतावनी:
    ईरानी सेना ने भी धमकी दी है कि अगर अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी में आए, तो उन्हें समुद्र में डुबो दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने खाड़ी में ऑयल टैंकर भेजने की बात कही थी, जो आमतौर पर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हैं।

    जंग के आँकड़े:

    सिविल इलाकों पर हमला: 6,668

    घर और दुकानें नष्ट: 5,535 घर और 1,041 दुकानें

    मेडिकल सेंटर और स्कूल: 14 मेडिकल सेंटर और 65 स्कूल

    मृत्यु: 1,483

    इज़राइल में घायल: 1,765 लोग

    रेड क्रिसेंट सेंटर: 13 हमले का शिकार

    अंतरराष्ट्रीय दबाव और ईरान की प्रतिक्रिया:
    ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और कहा कि अब सिर्फ तब हमला होगा जब उन देशों की जमीन से ईरान पर हमला किया जाए। ट्रम्प ने इसे अमेरिका और इज़राइल के लगातार हमलों का नतीजा बताया।

    संक्षेप में:
    इज़राइल के हमलों ने ईरान के तेल भंडारों को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया है। अमेरिका की धमकियों और ट्रम्प के बयान ने ईरान की स्थिति को कमजोर कर दिया है। अब युद्ध का रुख सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेल और ऊर्जा ढांचे पर भी असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल की आशंका बढ़ गई है।

  • 10 नए बैटलशिप बना रहा अमेरिका, पुराने युद्धपोतों से 100 गुना ज्यादा ताकतवर होंगे: ट्रंप

    10 नए बैटलशिप बना रहा अमेरिका, पुराने युद्धपोतों से 100 गुना ज्यादा ताकतवर होंगे: ट्रंप

     वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में अमेरिकी सैन्य रणनीति और विदेश नीति को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसे 10 अत्याधुनिक बैटलशिप तैयार कर रहा है, जो पुराने युद्धपोतों की तुलना में करीब 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली होंगे। ट्रंप के मुताबिक इन युद्धपोतों का मकसद दुश्मनों को सीधे टक्कर देने से पहले ही डर पैदा करना है, ताकि वे किसी तरह का जोखिम उठाने से बचें।

    ट्रंप ने बताया कि उन्होंने महंगे रॉकेट सिस्टम की जगह बड़े बैटलशिप्स के इस्तेमाल का सुझाव दिया था। उनके अनुसार 30 लाख डॉलर तक के महंगे रॉकेट दागने के बजाय बड़े गोले दागने वाले युद्धपोत अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं। उनका कहना है कि इन नए बैटलशिप्स की मौजूदगी ही दुश्मनों को चुनौती देने से रोकने के लिए काफी होगी।

    ‘शक्ति से शांति’ की नीति पर जोर
    डोनाल्‍ड ट्रंप ने खुद को शांतिवादी बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में कई बड़े संघर्षों को खत्म किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध समाप्त करवाए और यूरोप की सुरक्षा के लिए भी लगातार प्रयास किए। ट्रंप का कहना था कि महासागरों से घिरे होने के कारण अमेरिका पर सीधे खतरे अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन फिर भी वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए मजबूत सैन्य शक्ति जरूरी है।

    उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का भी जिक्र किया और कहा कि व्यापार और टैरिफ जैसे आर्थिक उपायों के जरिए संकट को कम करने में मदद मिली, जिससे संभावित बड़ा युद्ध टल गया।

    वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’
    ट्रंप ने लैटिन अमेरिका की स्थिति पर बोलते हुए बताया कि जनवरी 2026 में अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत वेनेजुएला में एक विशेष कार्रवाई की। उनके मुताबिक इस ऑपरेशन में देश के तत्कालीन नेता Nicolás Maduro को पकड़ लिया गया।
    ट्रंप ने इस अभियान को “18 मिनट की शुद्ध सैन्य कार्रवाई” बताते हुए कहा कि इसके बाद वेनेजुएला में नई सरकार बनी है, जिसके साथ अमेरिका सहयोग कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव के बाद देश में तेल उत्पादन बढ़ा है और अमेरिका के साथ सोने तथा अन्य खनिजों को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता भी हुआ है।

    ईरान पर कार्रवाई का दावा
    राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को भी बड़ी सफलता बताया। उन्होंने दावा किया कि तीन दिनों के भीतर अमेरिकी सेना ने ईरान के 42 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया। ट्रंप के अनुसार इस कार्रवाई में कुछ बड़े युद्धपोत भी शामिल थे, जिससे ईरान की नौसैनिक क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा।

    उन्होंने ‘मिडनाइट हैमर’ नामक बी-2 बमवर्षक हमले का भी जिक्र किया और कहा कि इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा। ट्रंप के मुताबिक उस समय ईरान परमाणु हथियार बनाने से कुछ ही महीनों दूर था, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई से इस खतरे को टाल दिया गया।

    आक्रामक लेकिन निर्णायक विदेश नीति

    ट्रंप ने अपने बयानों में बार-बार कहा कि उनकी नीति “शक्ति के जरिए शांति” बनाए रखने की है। उनके अनुसार मजबूत सैन्य तैयारी, आर्थिक दबाव और रणनीतिक कार्रवाई के जरिए दुनिया में स्थिरता कायम की जा सकती है।

    उन्होंने नए बैटलशिप्स के निर्माण, वेनेजुएला में कार्रवाई और ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन को अपनी विदेश नीति की प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर पेश किया। ट्रंप का कहना है कि उनकी रणनीति का उद्देश्य युद्ध शुरू करना नहीं, बल्कि संभावित संघर्षों को रोकना है।

  • शाहरुख के बाद अब सलमान संग दिखेंगी हीरोइन बनेंगी साउथ एक्ट्रेस नयनतारा?

    शाहरुख के बाद अब सलमान संग दिखेंगी हीरोइन बनेंगी साउथ एक्ट्रेस नयनतारा?

    मुंबई। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) जल्द ही साउथ की चर्चित अभिनेत्री नयनतारा (Nayanthara) के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आ सकते हैं। खबर है कि निर्देशक वामशी पैदिपल्ली (Vamshi Paidipally) की अगली बड़े बजट की फिल्म में यह नई जोड़ी दिखाई दे सकती है। हालांकि फिलहाल इस प्रोजेक्ट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक वामशी पैदिपल्ली एक बड़े स्केल की एंटरटेनर फिल्म बना रहे हैं, जिसमें सलमान खान मुख्य भूमिका में होंगे। फिल्म को निर्माता Dil Raju प्रोड्यूस कर सकते हैं। चर्चा है कि इस पैन इंडिया हिंदी फिल्म के लिए नयनतारा को लीड एक्ट्रेस के तौर पर अप्रोच किया गया है। अगर सब कुछ तय होता है, तो पहली बार सलमान और नयनतारा की जोड़ी बड़े पर्दे पर नजर आएगी।

    शाहरुख के साथ ‘जवान’ में नजर आई थीं नयनतारा

    नयनतारा को हिंदी दर्शकों ने सबसे ज्यादा Jawan में देखा था, जिसमें उन्होंने Shah Rukh Khan के साथ अहम भूमिका निभाई थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। हालांकि कुछ दर्शकों का मानना था कि फिल्म में Deepika Padukone के कैमियो के कारण नयनतारा का रोल थोड़ा फीका पड़ गया था।

    वामशी पैदिपल्ली दे चुके हैं कई हिट फिल्में

    निर्देशक वामशी पैदिपल्ली साउथ सिनेमा के सफल फिल्मकारों में गिने जाते हैं।

    उन्होंने Munna से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने Brindavanam, Yevadu, Oopiri और Maharshi जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। फिल्म महार्षि को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।

    सलमान पर बड़ी हिट देने का दबाव

    पिछले कुछ वर्षों में Salman Khan की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan, Tiger 3 और Sikandar को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। ऐसे में फैंस को उनकी अगली बड़ी हिट का इंतजार है।

    आने वाले प्रोजेक्ट्स

    सलमान खान इन दिनों बैटल ऑफ गलवान पर आधारित फिल्म में व्यस्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा उनके पास Kick 2 और Babbar Sher जैसे प्रोजेक्ट्स की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि वामशी पैदिपल्ली वाली फिल्म की शूटिंग अप्रैल से शुरू हो सकती है और इसे अगले साल सिनेमाघरों में रिलीज किया जा सकता है।

    अगर यह प्रोजेक्ट फाइनल होता है तो सलमान खान और नयनतारा की नई जोड़ी फैंस के लिए खास सरप्राइज साबित हो सकती है।

  • फिनलैंड के राष्ट्रपति को पसंद आई रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’

    फिनलैंड के राष्ट्रपति को पसंद आई रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’

    मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म ‘धुरंधर’, (Dhurandhar) ने देश ही नहीं, विदेशों में भी चर्चा बटोरी है। हाल ही में अलेक्जेंडर स्टब (Alexander Stubb) ने भारत दौरे से पहले यह फिल्म देखी और इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्म की कहानी काफी पसंद आई और अब वे इसके सीक्वल का इंतजार कर रहे हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के दूसरे भाग ‘धुरंधर’, का ट्रेलर पहले ही रिलीज हो चुका है, जिसे दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

    बेटे के सुझाव पर देखी फिल्म

    फिनलैंड के राष्ट्रपति Alexander Stubb ने बातचीत में बताया कि भारत आने से पहले उनके बेटे ने उन्हें धुरंधर देखने की सलाह दी थी।

    उन्होंने फिल्म देखने के बाद कहा कि कहानी काफी प्रभावशाली है और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को जिस तरह दिखाया गया है, वह उन्हें पसंद आया। उन्होंने यह भी कहा कि अब वे धुरंधर 2 में मुख्य किरदार हमजा की आगे की कहानी देखने के लिए उत्साहित हैं।

    ट्रेलर को मिला शानदार रिस्पॉन्स
    धुरंधर 2 के ट्रेलर को सोशल मीडिया और यूट्यूब पर शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। ट्रेलर में हमजा के साथ जसकीरत सिंह रंगी का किरदार भी अहम भूमिका में नजर आ रहा है। फिल्म में Sanjay Dutt का चौधरी असलम और R. Madhavan का किरदार भी कहानी को नया मोड़ देता दिखाई दे रहा है।

    ट्रेलर में एक्शन और ड्रामा के साथ-साथ दमदार बैकग्राउंड म्यूजिक भी देखने को मिला है। वहीं यालीना के किरदार को भी इस बार एक्शन अवतार में दिखाया गया है।

    19 मार्च को रिलीज होगी फिल्म
    बताया जा रहा है कि फिल्म के दोनों हिस्सों की शूटिंग एक साथ की गई थी, लेकिन पहले भाग की सफलता के बाद दूसरे पार्ट के कुछ सीन दोबारा फिल्माए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म में Yami Gautam भी अहम भूमिका में नजर आ सकती हैं।

    अब दर्शकों को 19 मार्च का इंतजार है, जब रणवीर सिंह की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म बड़े पर्दे पर दस्तक देगी। फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं।

  • हजारों साल पहले ही समझ लिया गया था सिनेमा का रहस्य!

    हजारों साल पहले ही समझ लिया गया था सिनेमा का रहस्य!


    नई दिल्ली। आज के दौर में फिल्में देखना आम बात है, लेकिन सिनेमा का जन्म मानव इतिहास की सबसे अनोखी खोजों में से एक माना जाता है। जिस तकनीक के जरिए आज पर्दे पर चलती-फिरती तस्वीरें दिखाई देती हैं, उसकी बुनियादी समझ हजारों साल पहले ही दी जा चुकी थी। माना जाता है कि यूनानी दार्शनिक Aristotle ने लगभग 300 ईसा पूर्व ही उस सिद्धांत को समझ लिया था, जिस पर आधुनिक सिनेमा टिका हुआ है।
    हजारों साल पहले समझा गया था सिद्धांत

    लेखक और गीतकार Varun Grover ने एक बातचीत में बताया कि सिनेमा की तकनीक का मूल सिद्धांत प्राचीन समय में ही सामने आ चुका था। उनके अनुसार, आज फिल्मों में जो तकनीकी प्रक्रिया इस्तेमाल होती है, उसकी झलक अरस्तू के विचारों में मिलती है।

    वरुण ग्रोवर ने बताया कि अरस्तू ने एक घटना के जरिए यह समझा था कि इंसानी आंख और दिमाग किस तरह तस्वीरों को ग्रहण करते हैं। यही सिद्धांत आगे चलकर सिनेमा की बुनियाद बना।

    आंख और दिमाग का खेल

    कहानी के अनुसार, एक बार अरस्तू आसमान की ओर देख रहे थे। सूरज को देखने के बाद जब उन्होंने नजर दूसरी दिशा में घुमाई, तो उन्हें वहां भी सूरज जैसा प्रतिबिंब दिखाई दिया। इस घटना से उन्होंने अंदाजा लगाया कि जब कोई तस्वीर हमारी आंखों पर बनती है, तो उसका प्रभाव कुछ समय तक बना रहता है।

    दरअसल, किसी भी इमेज का असर लगभग एक चौथाई सेकंड तक हमारी आंखों में बना रहता है। अगर इसी दौरान दूसरी तस्वीर दिखाई जाए तो दिमाग दोनों को अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ जोड़कर देखता है। इसी वजह से स्थिर तस्वीरों की तेज़ सीरीज हमें चलती हुई दिखाई देती है। इसी सिद्धांत को आगे चलकर ‘पर्सिस्टेंस ऑफ विज़न’ कहा गया, जो सिनेमा और एनीमेशन की मूल तकनीक है।

    वरुण ग्रोवर का फिल्मी सफर

    Varun Grover हिंदी सिनेमा के चर्चित लेखक और गीतकार हैं। उन्होंने Masaan और Sandeep Aur Pinky Faraar जैसी फिल्मों के लिए सराहना हासिल की है। इसके अलावा वह Sacred Games जैसी चर्चित वेब सीरीज से भी जुड़े रहे हैं।

    उन्होंने Gangs of Wasseypur, Udta Punjab, Newton, Sui Dhaaga और RRR (हिंदी संस्करण) जैसे प्रोजेक्ट्स में लेखन का काम किया है।

    इस तरह, आज जिस सिनेमा को हम बड़े पर्दे पर देखते हैं, उसकी वैज्ञानिक नींव हजारों साल पहले रखे गए विचारों से जुड़ी मानी जाती है।