Author: bharati

  • Vastu Tips: शनिवार को नमक दान करना शुभ है या अशुभ? जानें नियम

    Vastu Tips: शनिवार को नमक दान करना शुभ है या अशुभ? जानें नियम


    नई दिल्ली । वास्तु और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन नमक का दान करने से बचना चाहिए। कहा जाता है कि इस दिन नमक दान करने से शनिदेव नाराज हो सकते हैं, जिससे व्यक्ति को आर्थिक, मानसिक और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
    शनिवार को नमक दान करने से क्या हो सकते हैं नुकसान?
    आर्थिक तंगी और बरकत में कम
    मान्यता है कि शनिवार को नमक दान करने से घर की सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है। इससे धन हानि और आर्थिक परेशानियां बढ़ने की आशंका रहती है।

    नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव
    वास्तु शास्त्र के अनुसार नमक ऊर्जा से जुड़ी वस्तु माना जाता है। शनिवार को इसका दान या खरीदारी करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और कर्ज संबंधी परेशानियां सामने आ सकती हैं।

    परिवार में तनाव
    ऐसी भी मान्यता है कि शनिवार को नमक देने से परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद और दूरी बढ़ सकती है। घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है।

    शनिवार को किन चीजों का दान करना शुभ माना गया है?
    शनिवार के दिन शनिदेव की कृपा पाने और शनि दोष कम करने के लिए इन चीजों का दान शुभ माना जाता है-
    सरसों का तेल
    काले तिल
    उड़द की दाल
    काले कपड़े या कंबल
    लोहे की वस्तुएं
    मान्यता है कि इन वस्तुओं का दान करने से शनि दोष शांत होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

    क्या करें
    अगर शनिवार को किसी जरूरतमंद की मदद करनी हो, तो नमक की जगह अन्न, वस्त्र या तेल का दान करना बेहतर माना जाता है। साथ ही शनिदेव की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।

  • शनिवार व्रत से जुड़े जरूरी नियम और धार्मिक मान्यताएं

    शनिवार व्रत से जुड़े जरूरी नियम और धार्मिक मान्यताएं


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष चल रहा हो, उनके लिए शनिवार का व्रत बेहद लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक रखा गया शनिवार व्रत जीवन की बाधाओं, आर्थिक परेशानियों और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है।

    हालांकि, कई लोग यह सवाल करते हैं कि क्या शनिदेव के लिए व्रत रखना सही है? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यदि पूरी श्रद्धा, संयम और नियमों के साथ व्रत रखा जाए तो यह शुभ फलदायी माना जाता है।

    शनिवार व्रत के प्रमुख नियम–


    सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
    शनिवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ काले, नीले या गहरे रंग के वस्त्र पहनें। इसके बाद शनिदेव का ध्यान करें।

    पीपल के पेड़ की पूजा
    शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शनि दोष कम होता है।

    इन चीजों का करें दान
    शनिवार को काले तिल, उड़द दाल, सरसों का तेल, काला कपड़ा, लोहे की वस्तुएं और कंबल का दान करना शुभ माना जाता है।

    हनुमानजी की पूजा भी करें
    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार हनुमानजी की पूजा करने से भी शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। शनिवार को हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ लाभकारी माना जाता है।

  • शनि दोष से बचना है तो जान लें जूते-चप्पल खरीदने के सही और गलत दिन

    शनि दोष से बचना है तो जान लें जूते-चप्पल खरीदने के सही और गलत दिन


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र और ज्योतिष मान्यताओं में रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी को भी शुभ-अशुभ से जोड़ा गया है। खासतौर पर जूते-चप्पल खरीदने को लेकर कई नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि गलत दिन पर जूते-चप्पल खरीदने से जीवन में नकारात्मकता, आर्थिक परेशानी और शनिदेव की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। अमावस्या, मंगलवार, शनिवार और ग्रहण वाले दिन जूते-चप्पल खरीदने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इन दिनों खरीदे गए फुटवियर दुर्भाग्य और मानसिक तनाव को बढ़ा सकते हैं।

    शनिवार को जूते-चप्पल खरीदना क्यों माना जाता है अशुभ?
    ज्योतिष शास्त्र में पैरों का संबंध शनिदेव से माना गया है। इसलिए शनिवार के दिन जूते-चप्पल खरीदना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे शनि दोष बढ़ सकता है और व्यक्ति को आर्थिक तंगी, तनाव और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    नए जूते-चप्पल खरीदने का सबसे शुभ दिन कौन सा है?
    वास्तु शास्त्र के अनुसार शुक्रवार का दिन नए जूते-चप्पल खरीदने और पहनने के लिए सबसे शुभ माना गया है। कहा जाता है कि शुक्रवार को खरीदे गए फुटवियर सुख-सुविधा और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आते हैं।

    पुराने जूते-चप्पल कब हटाने चाहिए
    मान्यता के अनुसार फटे-पुराने या इस्तेमाल में नहीं आने वाले जूते-चप्पल शनिवार के दिन किसी शनि मंदिर के बाहर छोड़ना शुभ माना जाता है। इससे शनि की अशुभ दृष्टि कम होती है और नकारात्मकता दूर होती है।

    जूते-चप्पल रखने से जुड़े वास्तु नियम

    बेड के नीचे जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए
    पूजा घर के पास फुटवियर रखना अशुभ माना जाता है
    घर के मुख्य दरवाजे पर बिखरे जूते नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं
    गंदे और टूटे फुटवियर घर में रखने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है
    वास्तु मान्यताओं के अनुसार साफ-सुथरे और व्यवस्थित जूते-चप्पल घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं।
  • छोटे बच्चों में मोटापा बढ़ना क्यों है चिंता की बात? जानें संभावित बीमारी

    छोटे बच्चों में मोटापा बढ़ना क्यों है चिंता की बात? जानें संभावित बीमारी


    नई दिल्ली । आजकल छोटे बच्चों में तेजी से बढ़ता वजन माता-पिता के लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है। अक्सर इसे ज्यादा खाना, जंक फूड या कम खेलकूद का असर मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार यह समस्या शरीर में हार्मोनल गड़बड़ी, खासकर थायरॉइड बीमारी का संकेत हो सकती है। यदि बच्चे का वजन तेजी से बढ़ रहा हो और साथ में थकान, सुस्ती, कमजोरी या पढ़ाई में ध्यान न लगने जैसी परेशानियां भी दिखाई दें, तो तुरंत सतर्क होने की जरूरत है।

    क्या होता है थायरॉइड और क्यों है जरूरी?
    थायरॉइड गले के सामने मौजूद तितली के आकार की एक छोटी ग्रंथि होती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ग्रोथ और दिमाग के विकास को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। जब यह ग्रंथि सही तरीके से काम नहीं करती, तो बच्चों की शारीरिक और मानसिक वृद्धि प्रभावित होने लगती है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों में सबसे आम समस्या हाइपोथायरॉइडिज्म होती है। इसमें थायरॉइड ग्रंथि जरूरत से कम हार्मोन बनाती है। यह बीमारी कई बार आनुवंशिक भी हो सकती है और परिवार में पहले से मौजूद रहती है।

    बच्चों में दिख सकते हैं ये लक्षण
    अगर बच्चे में नीचे दिए गए लक्षण लगातार दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो जाता है—
    तेजी से वजन बढ़ना
    हमेशा थकान और सुस्ती रहना
    कब्ज की समस्या
    ठंड ज्यादा लगना
    बालों का रूखा होना
    पढ़ाई में ध्यान कम लगना
    लंबाई की ग्रोथ धीमी होना
    गले में सूजन दिखाई देना
    डॉक्टरों का कहना है कि केवल मोटापा हमेशा थायरॉइड का संकेत नहीं होता, लेकिन मोटापे के साथ सुस्ती और ग्रोथ रुकने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    जन्म से भी हो सकती है बीमारी
    बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार कुछ बच्चों में जन्म के समय से ही थायरॉइड की समस्या हो सकती है, जिसे जन्मजात हाइपोथायरॉइडिज्म कहा जाता है। वहीं कई बच्चों में यह समस्या धीरे-धीरे बड़े होने के साथ विकसित होती है।

    हाइपरथायरॉइडिज्म भी बन सकता है परेशानी
    कुछ मामलों में बच्चों में हाइपरथायरॉइडिज्म भी देखने को मिलता है। इसमें थायरॉइड जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगता है। इसके कारण बच्चे का वजन तेजी से कम होने लगता है और घबराहट, चिड़चिड़ापन, दस्त और आंखों का उभरना जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

    समय पर इलाज बेहद जरूरी
    विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जांच और इलाज शुरू कर दिया जाए तो थायरॉइड को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इसकी पहचान साधारण ब्लड टेस्ट से हो जाती है। अधिकतर मामलों में बच्चों को रोजाना दवा देकर हार्मोन संतुलित रखे जाते हैं।

    अगर इलाज में देरी हो जाए तो बच्चे की शारीरिक वृद्धि, मानसिक विकास और पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए बच्चों के वजन और व्यवहार में अचानक बदलाव को सामान्य मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए।

  • मिथुन राशि वालों के लिए सफलता और लाभ का दिन, कारोबार में बढ़ेंगे आय के स्रोत

    मिथुन राशि वालों के लिए सफलता और लाभ का दिन, कारोबार में बढ़ेंगे आय के स्रोत


    नई दिल्ली। मिथुन राशि के जातकों के लिए 23 मई 2026 का दिन ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मक अवसरों से भरा रहेगा। कारोबार में नए आय स्रोत बनने के संकेत हैं, वहीं कार्यक्षेत्र में आपकी प्रभावशाली शैली लोगों को प्रभावित करेगी। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और मित्रों व सहकर्मियों से बेहतर तालमेल बना रहेगा।

    आपको व्यापार में तेजी देखने को मिल सकती है। पुराने रुके हुए काम गति पकड़ेंगे और नए संपर्क भविष्य में लाभ दिला सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी दिन अनुकूल रहेगा। अधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे और टीमवर्क मजबूत होगा।

    पारिवारिक जीवन में सुखद वातावरण बना रहेगा। भाईचारा और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। मन की बात खुलकर कह पाएंगे और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो लाभदायक साबित हो सकती है।

    आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। निवेश और नए कार्यों में लाभ मिलने की संभावना है। छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।

    स्वास्थ्य के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। मानसिक उत्साह और ऊर्जा बनी रहेगी। योग और ध्यान से और अधिक सकारात्मकता महसूस करेंगे।

    शुभ रंग: आसमानी
    शुभ अंक: 2, 5, 8

    उपाय:
    शनिदेव और हनुमानजी का स्मरण करें, तिल का दान करें और सभी के प्रति समभाव बनाए रखें।

  • 23 मई 2026 का राशिफल: किस राशि का दिन रहेगा शानदार, जानें भविष्यफल

    23 मई 2026 का राशिफल: किस राशि का दिन रहेगा शानदार, जानें भविष्यफल


    नई दिल्ली। 23 मई 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आ रहा है। खासतौर पर कुंभ राशि वालों के रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं, जबकि तुला राशि के जातकों को व्यापार में बड़ा लाभ मिलने के योग हैं। मिथुन और सिंह राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, वहीं मकर और कन्या राशि को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    मेष
    मेष राशि वालों के लिए दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता बढ़ेगी और विरोधी भी दबाव में रहेंगे। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति संतुलित बनी रहेगी। योग और ध्यान से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

    वृष
    वृष राशि वालों को पारिवारिक मामलों में धैर्य रखने की जरूरत है। जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और वाहन या संपत्ति खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें।

    मिथुन
    मिथुन राशि वालों के लिए दिन बेहद सकारात्मक रहेगा। व्यापार में तेजी आएगी और सामाजिक दायरा बढ़ेगा। भाईचारा और रिश्तों में मजबूती आएगी। यात्रा लाभकारी साबित हो सकती है। मन प्रसन्न रहेगा।

    कर्क
    कर्क राशि वालों को आर्थिक मामलों में सफलता मिल सकती है। परिवार में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी। व्यापार में आकर्षक अवसर मिलेंगे। प्रियजनों से मुलाकात संभव है और मानसिक उत्साह बना रहेगा।

    सिंह
    सिंह राशि वालों का प्रभाव और सम्मान बढ़ेगा। नई योजनाओं को गति मिलेगी। मित्रों और सहयोगियों का साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। परिवार में प्रेम और भावनात्मक संतुलन बना रहेगा।

    कन्या
    कन्या राशि वालों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। निवेश और लेनदेन में सावधानी बरतें। कार्यस्थल पर नियमों की अनदेखी नुकसान पहुंचा सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    तुला
    तुला राशि वालों के लिए व्यापार में बड़ा लाभ मिलने के संकेत हैं। पुराने रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और प्रभावशाली लोगों का सहयोग मिलेगा। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी।

    वृश्चिक
    वृश्चिक राशि वालों के लिए करियर में उन्नति के अवसर बन रहे हैं। प्रशासन और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

    धनु
    धनु राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलने वाला है। धार्मिक गतिविधियों और यात्राओं में रुचि बढ़ेगी। नए अनुबंध और लाभ के अवसर सामने आएंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

    मकर
    मकर राशि वालों को स्वास्थ्य और खर्चों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। भावनात्मक दबाव बढ़ सकता है। लेनदेन में स्पष्टता रखें और किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें।

    कुंभ
    कुंभ राशि वालों के लिए दिन बेहद शुभ संकेत लेकर आया है। लंबे समय से रुका हुआ बड़ा काम पूरा हो सकता है। व्यापार में लाभ बढ़ेगा और टीमवर्क से सफलता मिलेगी। परिवार में सामंजस्य रहेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    मीन
    मीन राशि वालों को कामकाज में अनुशासन बनाए रखने की जरूरत है। निवेश सोच-समझकर करें। रिश्तों में धैर्य रखें और अफवाहों से दूर रहें। स्वास्थ्य को लेकर सजग रहना जरूरी होगा।

  • हाई-स्पीड रेल से बदलेगी NCR की तस्वीर, दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा महज 21 मिनट में आसान

    हाई-स्पीड रेल से बदलेगी NCR की तस्वीर, दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा महज 21 मिनट में आसान

    नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम सामने आया है। प्रस्तावित हाई-स्पीड रैपिड रेल कनेक्टिविटी योजना के तहत दिल्ली और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 21 मिनट तक सीमित हो सकता है। इस परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है और अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय को भेज दिया गया है।

    इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को दिल्ली-जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए प्रमुख माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर न केवल यात्रियों के लिए समय की बड़ी बचत करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति देगा।

    योजना के अनुसार प्रस्तावित कॉरिडोर को एक समर्पित स्टेशन के माध्यम से सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त ट्रैफिक या देरी के तेज और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। यह कनेक्टिविटी दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का भी हिस्सा हो सकती है, जिससे भविष्य में इसे और व्यापक परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

    अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने के बाद यह पूरा क्षेत्र लॉजिस्टिक्स, कार्गो और औद्योगिक निवेश का एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता रखता है। तेज रफ्तार रेल कनेक्टिविटी इस विकास को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

    इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि दिल्ली और नोएडा एयरपोर्ट के बीच मौजूदा यात्रा समय, जो सड़क मार्ग से काफी अधिक है, वह घटकर लगभग एक घंटे से भी कम होकर केवल 21 मिनट रह जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगी।

     विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल जाती है तो यह एनसीआर क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन का चेहरा पूरी तरह बदल सकती है। इससे सड़क यातायात पर दबाव कम होगा और पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

    फिलहाल इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद इसके निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना है, जिससे आने वाले वर्षों में दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट के बीच तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय रेल कनेक्टिविटी स्थापित की जा सके।

  • आरबीआई का बड़ा ऐलान, केंद्र सरकार को मिलेगा रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड, आर्थिक मजबूती को मिलेगा सहारा

    आरबीआई का बड़ा ऐलान, केंद्र सरकार को मिलेगा रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड, आर्थिक मजबूती को मिलेगा सहारा

    नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय घटनाक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड स्तर का डिविडेंड देने का निर्णय लिया है। यह राशि करीब 2.87 लाख करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जो अब तक के इतिहास में सबसे बड़े सरप्लस ट्रांसफर में से एक माना जा रहा है। इस निर्णय से सरकार की राजकोषीय स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और भू-राजनीतिक तनाव कई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं।

    नई दिल्ली। यह फैसला मुंबई में आयोजित भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की। बैठक में देश और दुनिया की आर्थिक स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें संभावित जोखिमों और भविष्य की वित्तीय चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। बैंक ने वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि इस वर्ष सरप्लस ट्रांसफर की स्थिति मजबूत है और इसे केंद्र सरकार को हस्तांतरित किया जा सकता है।

    आरबीआई के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक की बैलेंस शीट का आकार उल्लेखनीय रूप से बढ़कर लगभग 91.97 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि में बैंक की कुल आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे केंद्रीय बैंक की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है।

    डिविडेंड के इस बड़े निर्णय के पीछे बैंक की आय में वृद्धि और जोखिम प्रावधानों के बाद बची शुद्ध आय प्रमुख कारण रही है। रिपोर्ट के अनुसार, जोखिम प्रावधान और अन्य वैधानिक फंड में हस्तांतरण से पहले शुद्ध आय में भी पिछले वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है, जिससे सरकार को बड़ी राशि हस्तांतरित करना संभव हुआ।

    नई दिल्ली। विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई का यह कदम सरकार के लिए वित्तीय रूप से राहत देने वाला साबित हो सकता है। इस राशि का उपयोग बुनियादी ढांचे, विकास परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं में किया जा सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था में निवेश और मांग दोनों को समर्थन मिलेगा।

    इसके साथ ही आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि आर्थिक पूंजी ढांचे के तहत एक सुरक्षित जोखिम बफर बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित आर्थिक अनिश्चितता का सामना किया जा सके। इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि पर्याप्त प्रावधानों के बाद शेष राशि को केंद्र सरकार को हस्तांतरित किया जाए।

    इस ऐतिहासिक डिविडेंड के बाद सरकार की वित्तीय स्थिति को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है, जो आगामी बजट और आर्थिक नीतियों के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • स्टेशन के नाम के साथ क्यों दर्ज होती है ऊंचाई की जानकारी, रेलवे सिस्टम में इसकी अहम भूमिका जानकर रह जाएंगे हैरान

    स्टेशन के नाम के साथ क्यों दर्ज होती है ऊंचाई की जानकारी, रेलवे सिस्टम में इसकी अहम भूमिका जानकर रह जाएंगे हैरान


    नई दिल्ली। अगर आपने कभी रेलवे स्टेशन पर लगे नाम के बोर्ड को ध्यान से देखा होगा तो उसमें स्टेशन के नाम के साथ एक और महत्वपूर्ण जानकारी लिखी होती है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। यह जानकारी होती है उस स्थान की समुद्र तल से ऊंचाई, जिसे तकनीकी भाषा में मीन सी लेवल (MSL) कहा जाता है। देखने में यह साधारण सा आंकड़ा लगता है, लेकिन रेलवे के पूरे संचालन तंत्र में इसकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

    समुद्र तल से ऊंचाई का अर्थ है किसी भी स्थान की वह वास्तविक ऊंचाई, जो समुद्र की औसत सतह से मापी जाती है। यह एक वैश्विक मानक है, जिसका उपयोग दुनिया भर में किसी भी भूभाग की ऊंचाई तय करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी स्टेशन की ऊंचाई 200 मीटर लिखी है, तो इसका मतलब है कि वह स्थान समुद्र की औसत सतह से 200 मीटर ऊपर स्थित है। तटीय क्षेत्रों और पहाड़ी क्षेत्रों के बीच यह अंतर बहुत अधिक हो सकता है, और यही फर्क रेलवे के डिजाइन और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    रेलवे इंजीनियरिंग में यह जानकारी बेहद जरूरी होती है क्योंकि ट्रेनों का संचालन केवल पटरियों पर चलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह ढलान, ऊंचाई और दबाव के संतुलन पर निर्भर करता है। जब ट्रेन किसी ऊंचे स्थान की ओर जाती है तो उसे अधिक ऊर्जा और शक्ति की आवश्यकता होती है, जबकि नीचे की ओर आने पर ब्रेकिंग सिस्टम पर अधिक नियंत्रण की जरूरत होती है। ऐसे में हर स्टेशन की ऊंचाई का सटीक ज्ञान ट्रेन संचालन को सुरक्षित और सुचारू बनाने में मदद करता है।

    नई दिल्ली। ऊंचाई का यह आंकड़ा सिर्फ ट्रेनों की गति और ऊर्जा खपत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह रेलवे के बुनियादी ढांचे की योजना में भी अहम भूमिका निभाता है। रेलवे ट्रैक, पुल, सुरंग और जल निकासी प्रणाली जैसी संरचनाओं का निर्माण करते समय इंजीनियर इस डेटा का उपयोग करते हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि भारी बारिश या पानी भराव जैसी परिस्थितियों में रेलवे सिस्टम सुरक्षित बना रहे और किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

    इसके अलावा मालगाड़ियों के संचालन में भी यह जानकारी बेहद उपयोगी होती है। भारी सामान ढोने वाली ट्रेनों के लिए इंजन की क्षमता और ईंधन या बिजली की खपत का अनुमान लगाने में ऊंचाई एक महत्वपूर्ण कारक होती है। यदि ऊंचाई का सही आकलन न किया जाए तो संचालन लागत और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ सकता है।

    रेलवे में इस परंपरा की शुरुआत बहुत पुरानी है, जब ट्रैक निर्माण के दौरान जमीन की सटीक माप के आधार पर पूरे नेटवर्क की योजना बनाई जाती थी। उस समय से ही ऊंचाई का रिकॉर्ड रखना जरूरी माना गया और यह जानकारी स्टेशन बोर्ड का हिस्सा बन गई। आधुनिक समय में भले ही डिजिटल तकनीक ने रेलवे संचालन को और अधिक सटीक बना दिया हो, लेकिन स्टेशन बोर्ड पर यह जानकारी आज भी उसी परंपरा और उपयोगिता के साथ बनी हुई है।

    इस प्रकार, रेलवे स्टेशन पर लिखी समुद्र तल से ऊंचाई केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह पूरे रेलवे तंत्र की सुरक्षा, इंजीनियरिंग और दक्षता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आधार है, जो ट्रेनों की सुचारू और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में मदद करता है।

  • राम गोपाल वर्मा का अजीब बयान, माइकल जैक्सन से नफरत के बावजूद दिल आज भी भारी

    राम गोपाल वर्मा का अजीब बयान, माइकल जैक्सन से नफरत के बावजूद दिल आज भी भारी

    नई दिल्ली । फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा एक बार फिर अपने बेबाक और अप्रत्याशित बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने विश्वविख्यात पॉप स्टार माइकल जैक्सन को लेकर ऐसा भावुक और विरोधाभासी बयान दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। वर्मा ने अपने एक पोस्ट में न केवल माइकल जैक्सन के प्रति अपने गहरे जुड़ाव का जिक्र किया, बल्कि यह भी कहा कि वे उनसे ‘नफरत’ करते हैं, हालांकि यह भावना उनके अत्यंत सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव से जुड़ी हुई है।

    निर्देशक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि माइकल जैक्सन के काम ने उनके जीवन और सोच पर गहरा प्रभाव डाला था। उन्होंने कहा कि 1984 में विजयवाड़ा में एक छोटे से अंधेरे वीडियो पार्लर में पहली बार उन्होंने माइकल का प्रसिद्ध म्यूजिक वीडियो देखा था। उस अनुभव को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वह केवल एक गाना या प्रस्तुति नहीं थी, बल्कि एक असाधारण ऊर्जा और कला का विस्फोट था, जिसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उनके अनुसार माइकल की स्टेज प्रेजेंस, डांस और संगीत की शक्ति इतनी प्रभावशाली थी कि वह किसी अलौकिक अनुभव जैसी लगती थी।

    राम गोपाल वर्मा ने यह भी कहा कि माइकल जैक्सन के कई गाने और वीडियो उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। “बीट इट”, “बिली जीन”, “स्मूथ क्रिमिनल” और “ब्लैक ऑर व्हाइट” जैसे गीत उनके लिए केवल संगीत नहीं बल्कि एक तरह की कला की पाठशाला जैसे थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अपने फिल्मी करियर में उन्होंने कई बार माइकल की शैली और प्रस्तुति से प्रेरणा ली।

    हालांकि, उनके बयान का सबसे भावुक हिस्सा वह था जब उन्होंने माइकल जैक्सन की मृत्यु को याद किया। उन्होंने बताया कि 25 जून 2009 की सुबह जब उन्होंने समाचार देखा कि माइकल अब नहीं रहे, तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। यह खबर उनके लिए बेहद सदमे वाली थी और उन्होंने इसे एक बुरे सपने जैसा महसूस किया। लंबे समय तक यह खबर उनके मन को विचलित करती रही।

    वर्मा ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि वे माइकल जैक्सन से ‘नफरत’ करते हैं, लेकिन यह नफरत किसी नकारात्मक भावना से नहीं बल्कि उस दर्द से जुड़ी है जो उनकी मृत्यु ने उन्हें दिया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि माइकल भी एक सामान्य इंसान थे, जिनका दिल रुक सकता था और जिन्हें सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत थी। यही वास्तविकता उन्हें सबसे ज्यादा आहत करती है।

    उन्होंने आगे यह भी कहा कि माइकल के प्रति उनका सम्मान और प्रेम इतना गहरा है कि उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार माइकल जैक्सन आज भी अपने संगीत और कला के माध्यम से जीवित हैं और शायद किसी अलग आकाशीय दुनिया में अपनी अनोखी “मूनवॉक” जारी रखे हुए हैं।