Author: bharati

  • ग्वालियर में बाबा अचलनाथ की भव्य रंगपंचमी नगर यात्रा: फूलों और गुलाल से होली, 5 किलो चांदी का दान, श्रद्धालुओं ने किया उत्साहपूर्वक स्वागत

    ग्वालियर में बाबा अचलनाथ की भव्य रंगपंचमी नगर यात्रा: फूलों और गुलाल से होली, 5 किलो चांदी का दान, श्रद्धालुओं ने किया उत्साहपूर्वक स्वागत


    ग्वालियर। रंगपंचमी के अवसर पर बाबा अचलनाथ की नगर यात्रा निकली, पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुआ भव्य चल समारोह। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए बाबा अचलनाथ की सवारी के साथ श्रद्धालु फूलों और गुलाल से होली खेलते नजर आए। यात्रा की शुरुआत अचलेश्वर महादेव मंदिर से हुई और इसमें डीजे और बैंड की धुनों पर लोग नाचते-गाते शामिल हुए।
    नगर भ्रमण सवारी दल बाजार, लोहिया बाजार, दौलतगंज, महाराज बाड़ा और सराफा बाजार से होकर गुजरी।

    शाम करीब 4 बजे बाबा अचलनाथ की सवारी राम मंदिर पहुंची, जहां बाबा ने भगवान राम के साथ रंग और गुलाल से होली खेली। इसके अतिरिक्त, सनातन धर्म मंदिर में चक्रधर भगवान के साथ भी रंगोत्सव का आयोजन किया गया।

    नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह बाबा अचलनाथ का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और प्रसादी वितरित की गई।

    इस अवसर पर एक दानदाता ने मंदिर के स्तंभों के लिए 5 किलो चांदी का दान भी किया। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि आज सभी दानपेटियां भी खोली जाएंगी। इस भव्य रंगपंचमी आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।

  • दिग्विजय सिंह आज कर सकते हैं रिटायरमेंट का ऐलान: शाम 4 बजे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्यसभा से पहले ही इनकार

    दिग्विजय सिंह आज कर सकते हैं रिटायरमेंट का ऐलान: शाम 4 बजे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्यसभा से पहले ही इनकार



    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर सकते हैं। दिग्विजय ने शाम 4 बजे भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। तीन दिन पहले उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “मेरा रिटायरमेंट प्लान? शायद, क्यों नहीं…”।

    वीडियो में 62 वर्षीय सिबानंद भंजा और उनकी पत्नी बसबी भंजा को दिखाया गया है, जिन्होंने बैंक की नौकरी से रिटायर होने के बाद एक कार में यात्रा कर पूरे भारत का भ्रमण शुरू किया। दंपति ने अब तक 55 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है और होटल के बजाय खुद भोजन बनाकर खाते हैं। दिग्विजय ने इस वीडियो के माध्यम से अपने रिटायरमेंट के अंदाज को दर्शाया।

    राज्यसभा चुनाव को लेकर भी दिग्विजय पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे राज्यसभा की सीट लेने से इनकार कर चुके हैं। जून में उनका दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा जाने का विकल्प छोड़कर एमपी में कांग्रेस की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

    इतिहास पर नजर डालें तो दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन 2003 में कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने 10 साल तक चुनाव न लड़ने का संकल्प लिया। 2014 में वे राज्यसभा सदस्य बने और 2020 में दूसरी बार राज्यसभा सांसद चुने गए।

    आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके रिटायरमेंट और भविष्य की योजनाओं का खुलासा होने की उम्मीद है, जिससे मध्य प्रदेश की राजनीति और कांग्रेस के रणनीतिक बदलाव पर नई बहस शुरू हो सकती है।

  • राष्ट्रपति मुर्मू का सिलीगुड़ी कार्यक्रम विवाद: बंगाल सरकार पर गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब की, आदिवासी समुदाय की उपेक्षा का आरोप

    राष्ट्रपति मुर्मू का सिलीगुड़ी कार्यक्रम विवाद: बंगाल सरकार पर गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब की, आदिवासी समुदाय की उपेक्षा का आरोप


    नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम स्थल परिवर्तन को लेकर पश्चिम बंगाल में विवाद तेज हो गया है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बंगाल के मुख्य सचिव से इस घटना की रिपोर्ट तलब की है और निर्देश दिए हैं कि इसे आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजा जाए। 7 मार्च को होने वाले 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया था।
    मूल रूप से यह कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना तय था, लेकिन सुरक्षा और लॉजिस्टिक कारणों का हवाला देते हुए इसे बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर में शिफ्ट कर दिया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस बदलाव पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें लगता है कि बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहती। नॉर्थ बंगाल दौरे के दौरान न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री उनका स्वागत करने आए।

    राष्ट्रपति ने कहा, ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं।

    मैं भी बंगाल की बेटी हूं। अगर कार्यक्रम बिधाननगर में होता तो बेहतर होता। वहां अधिक जगह थी और ज्यादा लोग कार्यक्रम में शामिल हो सकते थे।” उन्होंने बताया कि गोशाईपुर में जगह छोटी होने के कारण कई लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ही उनका स्वागत करने मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विवाद पर कहा कि राष्ट्रपति का पद पॉलिटिक्स से ऊपर है और इसकी गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल पर टिप्पणी करने से पहले राष्ट्रपति को BJP शासित राज्यों की स्थिति भी देखनी चाहिए।
    राष्ट्रपति ने अपने भाषण में संथाल युवाओं से भाषा, परंपरा और शिक्षा को बचाने की अपील की और स्वतंत्रता संग्राम में संथाल समुदाय के योगदान को याद दिलाया। उन्होंने पंडित रघुनाथ मुर्मू द्वारा 1925 में बनाई गई ओल चिकी लिपि का स्मरण किया और आदिवासी युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और सांस्कृतिक संरक्षण पर ध्यान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि संथाल समुदाय ने सदियों से लोक संगीत, नृत्य और परंपराओं को सुरक्षित रखा है और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा और संस्कृति के संतुलन पर ध्यान देना चाहिए।

    राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल विवाद ने प्रशासन और राजनीतिक स्तर पर हलचल मचा दी है। गृह मंत्रालय ने बंगाल सरकार से रिपोर्ट तलब कर जांच शुरू कर दी है, वहीं आदिवासी समुदाय और देशभर में लोग इस मुद्दे पर संवेदनशील प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

  • रीवा एक्सप्रेस में 'खूनी' साजिश: शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष महाराज पर हमला, नाक काटने की कोशिश

    रीवा एक्सप्रेस में 'खूनी' साजिश: शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष महाराज पर हमला, नाक काटने की कोशिश


    प्रयागराज। गाजियाबाद से प्रयागराज जा रही रीवा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी (H1) कोच में रविवार सुबह उस वक्त दहशत फैल गई, जब आशुतोष महाराज पर एक अज्ञात हमलावर ने चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना सोची-समझी साजिश का हिस्सा जान पड़ता है कि आरोपी ने सीधे चेहरे और नाक को निशाना बनाया। लहूलुहान हालत में आशुतोष महाराज ने ट्रेन के टॉयलेट में छिपकर अपनी जान बचाई और वहीं से जीआरपी (GRP) को फोन कर खुद के ‘मर्डर’ की साजिश का खुलासा किया।

    वारदात: सुबह 5 बजे, टॉयलेट के पास ‘बॉडी बिल्डर’ का हमला
    आशुतोष महाराज के अनुसार, वे वेस्ट यूपी संयोजक सुधांशु सोम के साथ सफर कर रहे थे। सुबह करीब 5 बजे जब ट्रेन फतेहपुर और सिराथू के बीच थी, तब वे बाथरूम की ओर जा रहे थे। तभी एक ‘नकाबपोश नहीं बल्कि खुले चेहरे’ वाले हट्टे-कट्टे हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमलावर ने उनकी नाक काटने की कोशिश की और चेहरे व हाथ पर कई वार किए। आशुतोष ने बताया कि उन्होंने जान बचाने के लिए हमलावर से हाथापाई की और किसी तरह खुद को बाथरूम में लॉक कर लिया। वे तब तक बाहर नहीं आए जब तक जीआरपी की टीम मौके पर नहीं पहुँच गई।

    आरोप: “कोर्ट में सबूत न दे पाऊं, इसलिए रची गई हत्या की साजिश”
    अस्पताल के बेड से आशुतोष महाराज ने सीधे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर उंगली उठाई है। उन्होंने दावा किया कि:

    वजह: पॉक्सो एक्ट के तहत उन्होंने जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसके पुख्ता सबूत वे कोर्ट में पेश न कर पाएं, इसलिए यह हमला कराया गया।

    इनाम की घोषणा: उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नाक काटने के लिए एक लाख रुपये के इनाम का ऐलान किया गया था, जिसमें दिनेश फलाहारी और मुकुंदानंद जैसे नाम शामिल हैं।

    फेसबुक पोस्ट का रहस्य: इस हमले की कथित जिम्मेदारी ‘डॉ. स्वाति अघोरी’ नाम के फेसबुक अकाउंट से ली गई है, जिसमें लिखा गया— “बोला था न हमारे लोगों के हत्थे मत चढ़ना।” पुलिस अब इस अघोरी साधक के प्रोफाइल की सत्यता की जांच कर रही है।

    पलटवार: “यह सब सुरक्षा पाने का बनावटी ड्रामा है”
    वहीं, दूसरी ओर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को ‘मीडिया अटेंशन’ पाने का तरीका बताया है। उन्होंने कहा कि:

    बनावटी हमला: शंकराचार्य के अनुसार, अटेंडेंट का कहना है कि बाथरूम जाने तक वे ठीक थे, फिर अचानक यह हाल कैसे हो गया? यह सब सरकारी सुरक्षा हासिल करने का प्रपंच है।

    रेलवे सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि क्या अब भारत की ट्रेनें सुरक्षित नहीं रह गई हैं? जीआरपी कहाँ थी?

    ध्यान भटकाने की कोशिश: उन्होंने इसे अपनी धार्मिक यात्रा से लोगों का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी कोशिश करार दिया।

    वर्तमान स्थिति: मेडिकल जांच और पुलिसिया शिकंजा
    फिलहाल आशुतोष महाराज का प्रयागराज के काल्विन अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उनके चेहरे के गहरे घावों को देखते हुए CT स्कैन और एक्स-रे कराया है। आशुतोष ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की है और वे सहारे के बिना चल भी नहीं पा रहे हैं। जीआरपी ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और प्रयागराज सर्किट हाउस से लेकर अस्पताल तक भारी पुलिस बल तैनात है।

    निष्कर्ष
    “चलती ट्रेन के सुरक्षित कोच में इस तरह का हमला न केवल रेलवे सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि धर्म और कानून की इस जंग में ‘नाक’ का सवाल अब जान पर बन आया है। पुलिस के लिए अब दूध का दूध और पानी का पानी करना एक बड़ी चुनौती है।”

  • जंग की 9वीं सुबह: मासूमों की मौत, शहरों में तबाही और दुनिया में विरोध-समर्थन की लहर

    जंग की 9वीं सुबह: मासूमों की मौत, शहरों में तबाही और दुनिया में विरोध-समर्थन की लहर


    नई दिल्ली । ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी संघर्ष का रविवार को नौवां दिन है। इस जंग ने ईरान के कई शहरों को तबाह कर दिया है और अब तक 1,400 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। घरों और मोहल्लों में मलबा सड़कों पर खून और अस्पतालों में घायल लोग इस जंग की भयावहता बयान कर रहे हैं।

    तेहरान में हेल्थ केयर वर्कर्स ने गांधी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया जहां हाल ही में एयर स्ट्राइक हुई थी। अस्पताल परिसर में ईरान का झंडा लहराते हुए लोग घायल मरीजों और खोए हुए लोगों की याद में खड़े थे। इसी बीच जैनब साहेबी नाम की एक मासूम बच्ची की कब्र को फूलों से सजाया गया और उस पर ईरान का झंडा रखा गया। महिलाएं उसकी कब्र तक उसका शव लेकर गईं हर कदम पर मातम और दर्द नजर आ रहा था।

    शहरों में फैली तबाही ने लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। आपातकालीन केंद्रों और राहत शिविरों में लोग पानी भोजन और दवाइयों के लिए इंतजार कर रहे हैं। कई परिवारों ने अपनी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह से खो दी है कई बच्चों की पढ़ाई और भविष्य अस्थायी तौर पर थम गया है।

    दुनिया भर में इस जंग के खिलाफ और समर्थन में प्रदर्शन हुए। ब्रिटेन में शनिवार को ईरान समर्थक और अमेरिका समर्थक दोनों ही समूहों ने मार्च निकाला। विरोध-समर्थन के ये विरोध मार्च वैश्विक स्तर पर इस जंग के राजनीतिक और सामाजिक असर को दर्शा रहे हैं। साथ ही लेबनान में भी इजराइल और ईरान समर्थक ग्रुप हिज़बुल्लाह के बीच हिंसक टकराव जारी है। शहरों में धमाके हवाई हमले और सड़क संघर्ष ने आम नागरिकों की जिंदगी को पूरी तरह से अस्थिर कर दिया है।

    इन हालातों के बीच बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों की कहानियां सबसे ज्यादा दिल दहला रही हैं। जैनब साहेबी की तस्वीरें घायल मरीज बिखरी हुई सड़कें और मलबे में फंसे लोग इस जंग की भयंकर तस्वीर पेश कर रहे हैं। वैश्विक समुदाय की नजरें ईरान अमेरिका और इजराइल के राजनीतिक फैसलों पर टिकी हुई हैं। राहत कार्य मानवाधिकार संगठन और स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार संघर्षरत नागरिकों की मदद में जुटे हैं लेकिन जंग की भयावहता के बीच राहत की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण है।

  • महिला दिवस पर चर्चा: किरण चोपड़ा ने कहा, फिल्मों और मीडिया से महिलाओं पर पड़ रहा गलत प्रभाव

    महिला दिवस पर चर्चा: किरण चोपड़ा ने कहा, फिल्मों और मीडिया से महिलाओं पर पड़ रहा गलत प्रभाव

    नई दिल्ली। महिला दिवस के मौके पर दिल्ली के Vigyan Bhawan में दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला विचारक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में महिलाओं के उत्थान, समाज में उनकी भूमिका और उनके सशक्तिकरण पर गहन चर्चा की गई।

    कार्यक्रम के दूसरे दिन मंच पर सात वक्ताओं ने भाग लिया और अपने अनुभवों को साझा करते हुए महिलाओं की स्थिति पर अपने विचार रखे। इस दिन की थीम थी ‘प्रकृति और संस्कृति’, जिसमें सिनेमा और मीडिया द्वारा महिलाओं की छवि पर पड़ने वाले सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पर चर्चा हुई। पैनल में दंगल, एनिमल, कबीर सिंह और मिर्जापुर जैसी फिल्मों का जिक्र किया गया, जिनमें महिलाओं को वस्तु की तरह दिखाया गया और खुले तौर पर नशे को बढ़ावा देने वाले दृश्य शामिल थे।

    इस विषय पर अपनी बात रखते हुए पत्रकार और विचारक Kiran Chopra ने कहा कि सिनेमा और ओटीटी प्लेटफॉर्म दर्शकों पर बहुत बड़ा प्रभाव डालते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दंगल फिल्म में पहलवानी सीखती लड़की को दिखाया गया, जिससे लोगों को प्रेरणा मिली और बेटियों को आगे बढ़ाने की सोच उत्पन्न हुई। वहीं दूसरी ओर ऐसी फिल्में भी आईं, जिनमें शराब का गिलास सिर पर रखकर डांस किया गया और इसके बाद यह ट्रेंड सोशल मीडिया और घरों तक फैल गया।

    किरण चोपड़ा ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को मीडिया और सिनेमा में वस्तु की तरह दिखाया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि महिलाएं भावनात्मक रूप से संवेदनशील होती हैं और कभी-कभी अपने कदम उठाने में हिचकिचाती हैं, लेकिन उन्हें अपनी शक्तियों का एहसास होना चाहिए। महिला जब अपने भीतर की क्षमता को पहचान लेगी तब समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।

    सम्मेलन में संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष Sandhya Purecha ने भी महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सौंदर्यशास्त्र और वेद-पुराणों में स्त्री को शक्ति का रूप माना गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में घरेलू हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं, जबकि हमारे पुराणों में यह अपराध माना गया है। उन्होंने अतीत की शिक्षाओं से सीख लेकर महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    सम्मेलन में यह भी स्पष्ट किया गया कि महिला सशक्तिकरण केवल शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस आयोजन ने सिनेमा और मीडिया में महिलाओं की छवि सुधारने की दिशा में एक चेतावनी और सुझाव के रूप में काम किया।

  • जबलपुर ग्वारीघाट पर 200 बच्चों की अनोखी क्लास: दिन में दुकान, शाम को पढ़ाई

    जबलपुर ग्वारीघाट पर 200 बच्चों की अनोखी क्लास: दिन में दुकान, शाम को पढ़ाई


    जबलपुर । गुरुवार की शाम करीब 6 बजे जब नर्मदा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ नर्मदा आरती देखने जुटी थी उसी समय घाट किनारे छोटे छोटे बच्चे अपनी दुकानों पर बैठे थे। फूल प्रसाद खिलौने और अन्य सामान बेचते ये बच्चे कंधों पर स्कूल बैग टंगे हुए थे। परंतु जैसे ही शाम की आरती खत्म हुई घाट की सीढ़ियों पर बच्चों की आवाज़ें गूंजने लगीं। भारत माता की जय।

    देखते ही देखते करीब 300 बच्चे घाट की सीढ़ियों पर बैठ गए और वही बच्चे कुछ देर पहले दुकानों पर सामान बेच रहे थे। सामने लगे डिजिटल बोर्ड और छोटे साउंड सिस्टम के माध्यम से पराग भैया बच्चों को पढ़ा रहे थे। माहौल ऐसा था कि घाट पर मौजूद श्रद्धालु भी रुककर इस अनोखी क्लास को देखने लगे। छोटे छोटे बच्चे मैथ्स और विज्ञान के कठिन सवाल हल कर रहे थे।

    पराग भैया बताते हैं कि यह विचार उनकी मां के निधन के बाद आया। 2016 में मां की अस्थियां नर्मदा में विसर्जित करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब उनका परिवार यही बच्चे हैं। शुरुआत सिर्फ 5 बच्चों से हुई थी लेकिन धीरे धीरे संख्या बढ़कर 200 से अधिक हो गई। शुरुआत में बच्चों को पढ़ाने के लिए 10 20 रुपए देने पड़ते थे लेकिन अब बच्चे स्वयं नियमित पढ़ाई के लिए घाट पर आते हैं।

    इस प्रयास में कई लोग मदद कर रहे हैं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने डिजिटल बोर्ड उपलब्ध कराया वहीं 26 जनवरी को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने 60 बच्चों को टैबलेट दिए जिससे डिजिटल पढ़ाई आसान हो गई।

    इन बच्चों के माता पिता अक्सर नाव चलाते हैं या घाट किनारे दुकाने लगाते हैं। कई बच्चे खुद भी दिनभर 60 70 रुपए तक कमाते हैं। 8वीं कक्षा की परी यादव बताती हैं कि वह दिनभर नारियल प्रसाद बेचती हैं शाम को बैग लेकर पढ़ने आती हैं। पहले पराग भैया उन्हें 20 रुपए देकर पढ़ाते थे अब वह बिना किसी पैसे के नियमित पढ़ाई में शामिल होती हैं।

    तीसरी कक्षा की खुशी खिलौनों की दुकान संभालती है और चौथी कक्षा की आराधना रिमोट कार चलवाती है। फिर भी दोनों शाम को पढ़ाई के लिए घाट पर जुटती हैं। इसी तरह 10वीं की छात्रा सान्या उईके जिसकी फीस न जमा होने के कारण एडमिट कार्ड नहीं मिला था पराग भैया के प्रयास से परीक्षा दे पाने में सफल हुई।

    पराग भैया की पराग ट्यूटोरियल कोचिंग 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए चलती है और आईआईटी नीट की तैयारी भी कराई जाती है। उनका लक्ष्य आगे ऐसा स्कूल खोलने का है जहां बड़े छात्र छोटे छात्रों को पढ़ाएं जिससे परिवारिक सैलरी और शिक्षा का लाभ सीधे छात्रों और उनके परिवार तक पहुंचे। यह अनोखी पहल न केवल बच्चों की शिक्षा के लिए प्रेरक है बल्कि यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी उत्साह अनुशासन और समर्पण से शिक्षा को आगे बढ़ाया जा सकता है।

  • उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान भोलेनाथ से मांगी टीम इंडिया की टी20 विश्व कप 2026 फाइनल जीत की विशेष कृपा

    उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान भोलेनाथ से मांगी टीम इंडिया की टी20 विश्व कप 2026 फाइनल जीत की विशेष कृपा


    उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को शाम 7 बजे से खेला जाना है। इस अवसर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा आयोजित की गई और भारतीय टीम की खिताबी जीत का आशीर्वाद मांगा गया।

    विशेष पूजा में भारतीय टीम के खिलाड़ियों की तस्वीरों के साथ जल और दूध से भगवान का अभिषेक किया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी अक्षय पुजारी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि रंगपंचमी के इस पावन अवसर पर भगवान महाकाल की विशेष पूजा की गई और टीम इंडिया की फाइनल जीत की प्रार्थना की गई। भक्तों ने हृदय से यह प्रार्थना की कि टीम इंडिया इतिहास रचते हुए टी20 विश्व कप का खिताब जीत सके।

    महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज ने बताया कि उन्होंने बाबा महाकाल के चरणों में निवेदन किया है कि वह भारतीय टीम को न्यूजीलैंड को हराकर विश्व चैंपियन बनने का आशीर्वाद दें। भक्तों में इस अवसर पर उत्साह और श्रद्धा का मिश्रण साफ देखा गया। भरुच से आए जयेश ने भी भगवान महादेव से प्रार्थना करते हुए कहा कि टीम इंडिया को जीत मिले और वह अपने देश को गर्वित करे।

    उज्जैन ही नहीं, राजस्थान के चुरु में भी क्रिकेट प्रेमियों ने भारतीय टीम के विश्व चैंपियन बनने की दुआ की। युवाओं ने कहा कि फाइनल मुकाबले में दोनों टीमें दबाव में होंगी, लेकिन भारतीय टीम को जीत हासिल कर इतिहास बदलना है। टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ अब तक भारतीय टीम ने कभी फाइनल में जीत नहीं दर्ज की है और यही चुनौती इसे और रोमांचक बनाती है।

    क्रिकेट फैंस ने अपनी उम्मीद जताई कि अगर भारतीय टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 के आसपास स्कोर बना ले और न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज फिन एलन और टिम साइफर्ट के विकेट शुरुआती ओवरों में निकल जाएं, तो टीम की जीत की संभावना और बढ़ जाएगी। उनके अनुसार टीम इंडिया का संतुलित प्रदर्शन और गेंदबाजी विभाग की तेज़ी टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

    टीम इंडिया लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने के करीब है। अगर भारतीय टीम खिताब जीतने में सफल होती है, तो यह लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के साथ ही कुल तीन टी20 विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन जाएगी। इस अवसर पर पूरी भारतवर्ष में उत्साह और श्रद्धा का माहौल है और महाकाल मंदिर में आयोजित पूजा ने इसे और भी खास बना दिया है।

    भगवान महाकाल के आशीर्वाद के साथ अब भारतीय टीम मैदान में उतरने के लिए तैयार है। फैंस की उम्मीद है कि यह प्रार्थना और भक्ति भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी और भारत एक बार फिर टी20 विश्व कप के खिताब को अपने नाम करेगा।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहम मुकाबला, ICC अध्यक्ष जय शाह ने दी शुभकामनाएं

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहम मुकाबला, ICC अध्यक्ष जय शाह ने दी शुभकामनाएं

    नई दिल्ली। क्रिकेट प्रेमियों के लिए टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल अब बस कुछ घंटे दूर है। यह रोमांचक मुकाबला अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में शाम 7 बजे से भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। आईसीसी के अध्यक्ष Jay Shah ने इस मौके पर दोनों टीमों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह टूर्नामेंट रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा है और इसमें एसोसिएट देशों के शानदार प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं। अब समय है भारत और न्यूजीलैंड को फाइनल के लिए गुड लक कहने का जो भारी दर्शक संख्या के सामने खेला जाएगा और जिसे करोड़ों लोग देखेंगे।

    टी20 विश्व कप 2026 ने क्रिकेट के इतिहास में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अकेले भारत में दर्शकों की संख्या 500 मिलियन को पार कर गई है, जो किसी भी टी20 विश्व कप में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। आईसीसी की स्ट्रीमिंग सर्विस ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। भारत और वेस्टइंडीज के सुपर 8 मैच के दौरान स्ट्रीमिंग की उच्चतम संख्या 2024 के फाइनल रिकॉर्ड को पार कर गई।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी ICC ने अपने वीडियो व्यूज में नया मील का पत्थर पार किया। ICC ने कुल 10 बिलियन वीडियो व्यूज के आंकड़े को पार कर लिया है और 2024 में हासिल किए गए 16 बिलियन व्यूज को पार करने की राह पर है। इसके अलावा भारत और इंग्लैंड के बीच हुए दूसरे सेमीफाइनल ने JioHotstar पर 65.2 मिलियन दर्शकों की पीक डिजिटल कंसंट्रेशन दर्ज की, जो दुनिया में किसी भी लाइव इवेंट के लिए सबसे अधिक है।

    2026 के टी20 विश्व कप में मुकाबले काफी रोमांचक और उलटफेर से भरे रहे। ग्रुप स्टेज में 20 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया और हर ग्रुप से टॉप दो टीमें सुपर 8 में पहुंचीं। शुरुआत में ही बड़ी टीमों का परीक्षण हुआ जबकि जिम्बाब्वे, नेपाल और इटली जैसी टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान ग्रुप स्टेज से बाहर हो गए और पाकिस्तान को सुपर-8 में जगह नहीं मिली।

    सुपर-8 स्टेज ने मुकाबले और कड़े कर दिए। आठ क्वालिफाई करने वाली टीमों भारत, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और पाकिस्तान को दो ग्रुप में बांटा गया। हर ग्रुप से केवल शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं। भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया जबकि न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को परास्त कर फाइनल की टिकट पक्की की।

    ऐतिहासिक और रोमांचक मुकाबलों से भरे इस टूर्नामेंट में फाइनल का इंतजार करोड़ों क्रिकेट फैंस के लिए सबसे बड़ा उत्सव साबित होने वाला है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला न सिर्फ टीमों की तकनीक और रणनीति की परीक्षा है बल्कि दर्शकों के लिए भी रोमांचक और यादगार पल लेकर आएगा। जय शाह ने दोनों टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास में यादगार रहेगा।

  • MP में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी: मालवा निमाड़ सबसे गर्म, राजस्थान की रेगिस्तानी हवाओं से बढ़ा तापमान

    MP में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी: मालवा निमाड़ सबसे गर्म, राजस्थान की रेगिस्तानी हवाओं से बढ़ा तापमान


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में दिन के समय लू जैसी तपन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में रविवार को रंगपंचमी के दिन भी तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा। राजधानी भोपाल के साथ साथ इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन के समय तेज गर्मी महसूस की जा रही है।

    मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। इसके साथ ही वातावरण में नमी की मात्रा भी कम हो गई है। यही कारण है कि प्रदेश में मार्च के पहले ही पखवाड़े में गर्मी का असर तेजी से बढ़ गया है।

    शनिवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 37 से 38 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक रतलाम में तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा धार में 38.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.6 डिग्री, Sagar में 37.2 डिग्री और Guna में 37 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 36.5 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, ग्वालियर में 35.7 डिग्री और जबलपुर में 34.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी का असर मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद दिखाई देता है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है और शुरुआती दिनों में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

    तेज गर्मी को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल मौसम केंद्र ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप का असर सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में लोगों को जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को ढंकने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में प्रदेश का अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में कई शहरों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि वास्तविक हीट वेव यानी लू का दौर अप्रैल और मई में देखने को मिल सकता है, जब प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है।