Author: bharati

  • यूपीएससी 2025 में मप्र के दो युवा टॉप 10 में, भोपाल के ईशान ने 5वीं और धार के पक्षल को मिली 8वीं रैंक

    यूपीएससी 2025 में मप्र के दो युवा टॉप 10 में, भोपाल के ईशान ने 5वीं और धार के पक्षल को मिली 8वीं रैंक


    भोपाल।
    संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में मध्य प्रदेश के दो युवाओं ने परचम लहराते हुए टॉप 10 में जगह बनाई है। भोपाल के ईशान भटनागर ने ऑल इंडिया 5वीं और धार जिले के पक्षल सेक्रेटरी ने 8वीं रैंक हासिल कर अपने क्षेत्र का नाम पूरे देश में रोशन किया है।

    यूपीएससी द्वारा शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी किया। इसमें 958 अभ्यर्थियों ने अलग-अलग सेवाओं के लिए क्वालिफाई किया। टॉप 5 रैंक भोपाल के ईशान भटनागर को मिली, जबकि धार जिले के पक्षल सेक्रेटरी ने 8वीं रैंक हासिल की।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूपीएससी में सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि भोपाल के ईशान भटनागर और धार के पक्षल जैन का टॉप-10 में आना प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा का प्रमाण है। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    सिविल सेवा परीक्षा में टॉप-5 रैंक हासिल करने वाले भोपाल के ईशान भटनागर अभी नागपुर में इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) की ट्रेनिंग ले रहे हैं। ईशान के पिता मध्य प्रदेश सरकार में प्रिंसिपल एडवाइजर के तौर पर काम कर चुके हैं। अभी रिटायर हो चुके हैं। उनकी मां इंग्लिश की प्रोफेसर हैं।

    वहीं, धार जिले के छोटे कस्बे बाग के लिए गर्व की बात है कि यहां के होनहार युवा पक्षाल सेक्रेटरी ने यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल कर क्षेत्र का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे नगर में खुशी और गर्व का माहौल है। लोगों ने मिठाइयां बांटकर और आतिशबाजी कर खुशियां मनाईं।

    पक्षाल का कहना है कि माता-पिता का आशीर्वाद और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही। उनके पिता निलेश जैन कपड़ा व्यवसायी हैं, जबकि माता दीप्ति जैन गृहिणी हैं। परिवार के अनुसार प्रक्षाल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं और उन्होंने कड़ी मेहनत व लगन से यह मुकाम हासिल किया।

    पक्षाल ने बताया कि उन्होंने प्रारंभिक पढ़ाई बाग के महेश मेमोरियल स्कूल में हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वे इंदौर चले गए और बाद में उन्होंने आईआईटी कानपुर से फाइनेंस में पढ़ाई की। आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र में जाने के बजाय देश सेवा का रास्ता चुना और सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। वे वर्ष 2022-23 के आसपास दिल्ली चले गए और वहीं रहकर यूपीएससी की तैयारी की।

    उनकी छोटी बहन क्रिया जैन ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। कई बार ऐसा समय भी आया जब वे रोजाना केवल 3 से 4 घंटे ही सोते थे और दिनभर लाइब्रेरी में पढ़ाई करते थे। पहले प्रयास में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) मिलने की संभावना थी लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था, इसलिए उन्होंने तैयारी जारी रखी। दूसरे प्रयास में वे प्रीलिम्स में ही रह गए लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 8 प्राप्त की।


    अशोकनगर के चितवन जैन को ऑल इंडिया रैंक-17

    अशोकनगर के चितवन जैन ने 17वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था। चितवन के अनुसार, उन्होंने पढ़ाई को लेकर ज्यादा दबाव नहीं लिया और जरूरत के अनुसार रोज पढ़ाई की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग को दिया।


    खंडवा की रूपल जायसवाल को ऑल इंडिया रैंक-43

    खंडवा की रूपल जायसवाल ने 43वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि पिछले प्रयास में उन्हें 512वीं रैंक मिली थी, लेकिन उन्होंने उस रैंक पर सेवा जॉइन नहीं की और दोबारा तैयारी की। इस बार टॉप-50 में जगह बनाकर उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की। सफलता के बाद घर के बाहर लोगों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया।


    मऊगंज की समीक्षा द्विवेदी को ऑल इंडिया रैंक-56

    मऊगंज की समीक्षा द्विवेदी ने 56वीं रैंक हासिल कर टॉप-100 में जगह बनाई। उन्होंने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। समीक्षा का कहना है कि अगर लक्ष्य तय हो और लगातार मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य से पीछे न हटने की अपील की।


    नरसिंहपुर की दीक्षा पाटकर को ऑल इंडिया रैंक-88

    नरसिंहपुर जिले के करकबेल गांव की दीक्षा पाटकर ने 88वीं रैंक हासिल की। वह हेमराज पाटकर और अर्चना पाटकर की बेटी हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है।


    ग्वालियर की सृष्टि गोयल को ऑल इंडिया रैंक-160

    ग्वालियर के मुरार क्षेत्र की सृष्टि गोयल ने 160वीं रैंक हासिल की। यह उनका पांचवां प्रयास था। उनके पिता सुनील गोयल का सोने-चांदी का व्यवसाय है। सृष्टि ने बताया कि वह पहले आईआईटी में नहीं जा सकीं। सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। प्लान की गई स्ट्रेटेजी आपको सफलता दिलाएगी। सोशल मीडिया जैसी ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहना जरूरी है।


    गुना की देवांगी मीणा को ऑल इंडिया रैंक-236

    गुना जिले के कुंभराज की देवांगी मीणा ने 236वीं रैंक हासिल की। पिछले साल उन्हें 764वीं रैंक मिली थी। वह आईआरएस में चयनित हुई थीं। उनके पिता नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड में कार्यरत हैं।


    नरसिंहपुर की पूजा सोनी को ऑल इंडिया रैंक-249

    नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में पदस्थ सब-डिविजनल रेवेन्यू ऑफिसर पूजा सोनी ने 249वीं रैंक हासिल की है। रेवेन्यू ऑफिसर की कामयाबी के लिए परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर है। हर कोई पूजा सोनी को बधाई भेज रहा है।


    सतना की भूमिका जैन को ऑल इंडिया रैंक-331

    सतना की भूमिका जैन ने 331वीं रैंक हासिल कर आईआरएस सेवा के लिए चयन प्राप्त किया है। वह कृष्णानगर के कपड़ा व्यवसायी मनोज जैन की बेटी हैं। भूमिका ने बताया कि यह उनका तीसरा अटेम्प्ट था। उन्होंने तीन साल दिल्ली में रहकर तैयारी करने में बहुत मेहनत की। भूमिका ने बताया कि अपने पहले अटेम्प्ट में बेसिक समझ हासिल करने के लिए सिर्फ़ कोचिंग ली। उसके बाद, उन्होंने पूरी तरह से सेल्फ-स्टडी पर भरोसा किया। दस किताबों के बजाय एक किताब को कॉन्सन्ट्रेशन के साथ पढ़ना ज्यादा फायदेमंद है।

  • किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। किसानों की फसलों का उचित दाम मिले, इसके लिए उड़द खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा की गई है। प्रदेश के किसान उड़द लगाएं, ताकि उन्हें इस बोनस का भरपूर लाभ मिल सके और अगली फसल की तैयारी भी हो जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, नीरज मंडलोई सहित कृषि, राजस्व, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को भी गत वर्षों के तरह बोनस की सौगात दी है। इस वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इससे किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान प्राप्त होगा। राज्य सरकार ने किसानों के हित में अपने संकल्प-पत्र में वर्ष 2028 तक 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का संकल्प लिया है। आगामी वर्षों में हम इस लक्ष्य को पूरा कर उससे भी आगे निकलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली संबंधी शिकायतों का निराकरण स्थानीय स्तर पर करने की व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का फूड बास्केट है, जहां दलहन, तिलहन और सब्जी उत्पादन अच्छी मात्रा में हो रहा है। हमारे राज्य के किसान आगे बढ़ें और समृद्ध हों, इसके लिए सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। कुछ स्थानों पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन में कठिनाई सामने आई है। इसे ध्यान में रखकर गेहूँ उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, इससे रात के समय बिजली से सिंचाई के कारण होने वाले संकटों से बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ की ओर से किसानों के हित में प्राप्त सुझावों पर भी राज्य सरकार विचार करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा राशि बढ़ाने, जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान पर मुआवजे, मंडी अधिनियम के प्रावधानों, फसल गिरदावरी, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लिए समय-सीमा निर्धारित करने, विद्युत प्रदाय और सिंचाई व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

  • इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया में शामिल होगा बड़नगर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया में शामिल होगा बड़नगर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन जिले का बड़नगर भी विकास में अग्रणी रहेगा। बड़नगर अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया का भाग बनेगा। बड़नगर पर बाबा महाकाल सहित चंबल, शिप्रा और गंभीर नदियों का भी आशीर्वाद है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग की स्वीकृति प्रदान करने के लिए उनका आभार प्रकट करने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे बड़नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़नगरवासियों ने साफा और गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर नई ऊंचाइयां को छू रहा है। देश में मध्य प्रदेश का विशेष महत्व है। विकास के इस कारवां को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार समाज के हर वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। टेक्सटाइल सेक्टर के इस मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का लाभ भी बड़नगरवासियों को मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बड़नगर क्षेत्र में संचालित गौशालाओं को नरवाई प्रबंधन के लिए मशीनें लेने में सहायता के उद्देश्य से स्वेच्छानुदान से अंश राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे नरवाई के निराकरण के साथ ही गौशालाओं को पर्याप्त भूसा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बड़नगर क्षेत्र के व्यायाम शालाओं को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उज्जैन और बड़नगर अब 3 प्रमुख मार्गों के माध्यम से रतलाम से जुड़ गया है। तीसरा नया 2 लेन रास्ता गंभीर डैम के पास से नागदा होकर निकलने वाला है। लगभग 150 करोड़ रुपये का नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सौगात है। इससे रतलाम की दूरी 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। नई सड़क से सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में भी सुविधा होगी। उज्जैन में विमानतल भी बनाया जा रहा है, इसका लाभ भी बड़नगर को मिलेगा। आगामी वर्षों में रतलाम सहित राजस्थान और गुजरात से भी बड़नगर का संपर्क सुगम और सशक्त होगा। सड़कें विकास का आधार हैं, इन सड़कों से बड़नगर सहित सम्पूर्ण क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ : 2028 को दृष्टिगत रखते हुए यह प्रस्तावित मार्ग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्तमान में रतलाम से उज्जैन आने वाले श्रद्धालु मुख्यत: बदनावर-बड़नगर मार्ग से आवागमन करते हैं, जिसकी कुल लंबाई लगभग 115 कि.मी. है। प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग की कुल लंबाई लगभग 74 कि.मी. है, जो वर्तमान प्रचलित मार्ग की तुलना में लगभग 40 कि.मी. कम है। इस मार्ग के विकसित होने से यात्रा की दूरी एवं समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें मित्र की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी हमारे लिए भगवान श्री हनुमान की तरह हैं, जिन्हें केवल जनभागीदारी की शक्ति का भान कराना होता है। सरकार के कार्य अपने आप होते चले जाते हैं। अभिनंदन समारोह में बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या, अंतर सिंह देवड़ा, उमराव सिंह, विजय चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • मध्य प्रदेश में बन रहा इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सशक्त ईको सिस्टम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्य प्रदेश में बन रहा इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सशक्त ईको सिस्टम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मैन्युफेक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत औद्योगिक आधार, उन्नत परीक्षण अधोसंरचना, ऊर्जा उपलब्धता और निवेश अनुकूल नीतियों के माध्यम से एक सशक्त ईको सिस्टम विकसित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 और इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी-2025 के माध्यम से ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को व्यापक प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में उत्पादन, निवेश और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।


    वैश्विक बदलाव के साथ बढ़ती ईवी की संभावनाएं

    उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में बढ़ रहा है और भारत भी इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और यह क्षेत्र राष्ट्रीय जीडीपी में लगभग 7 प्रतिशत का योगदान देता है। इलेक्ट्रिक वाहन आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ बैटरी तकनीक, अनुसंधान एवं विकास, सॉफ्टवेयर, मेंटेनेंस और संबंधित सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।


    मजबूत ऑटोमोबाइल क्लस्टर और परीक्षण अधोसंरचना

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश इस परिवर्तन को अवसर के रूप में लेते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्वयं को एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। राज्य में पीथमपुर देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल क्लस्टर्स में से एक है, जहां 200 से अधिक ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट निर्माता संचालित हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिला है। इसके साथ ही एशिया का सबसे बड़ा ऑटोमोटिव परीक्षण ट्रैक नैट्रैक्स उद्योगों को अत्याधुनिक परीक्षण और अनुसंधान की सुविधा प्रदान कर रहा है, जिससे ऑटोमोबाइल और ईवी उद्योग के लिए मजबूत तकनीकी आधार उपलब्ध हुआ है।


    इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी से मैन्यूफेक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट के लिए संपूर्ण सप्लाई चेन विकसित करने पर केंद्रित है। इस नीति के माध्यम से बैटरी निर्माण, वाहन असेंबली से लेकर रीसाइक्लिंग तक के क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही इलेक्ट्रिक ट्रकों जैसे उभरते सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए मोटर व्हीकल टैक्स और पंजीयन शुल्क में छूट जैसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।


    औद्योगिक प्रोत्साहन और निवेश में बढ़ेंगे अवसर

    उन्होंने बताया कि इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी-2025 के अंतर्गत उद्योगों को पूंजी अनुदान, भूमि रियायत, निर्यात परिवहन सहायता तथा हरित और अनुसंधान निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल और उससे जुड़े उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। मध्यप्रदेश ऊर्जा के मामले में अधिशेष राज्य है और यहां बिजली दरें देश में अपेक्षाकृत कम हैं, जिससे ईवी विनिर्माण इकाइयों और चार्जिंग अधोसंरचना के संचालन के लिए आर्थिक रूप से व्यवहारिक परिस्थितियां उपलब्ध होती हैं।


    भारत में ईवी की बढ़ती मांग

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो पहिया वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 6.1 प्रतिशत, तीन पहिया में 23.4 प्रतिशत, यात्री कारों में 2 प्रतिशत और बसों में 5.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। इस प्रकार कुल इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। औद्योगिक अधोसंरचना, आधुनिक परीक्षण सुविधाएं, निवेश अनुकूल नीतियां और ऊर्जा उपलब्धता जैसे कारकों के कारण मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह क्षेत्र राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

  • मप्र सरकार का किसान हितैषी निर्णय, गेहूं उपार्जन के पंजीयन की तिथि 10 मार्च तक बढ़ी

    मप्र सरकार का किसान हितैषी निर्णय, गेहूं उपार्जन के पंजीयन की तिथि 10 मार्च तक बढ़ी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के किसानों के हित में मध्य प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन व्यवस्था को और अधिक किसान हितैषी बनाया है। गेहूं उपार्जन के पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है। साथ ही सरकार ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपये अतिरिक्त बोनस देने का भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस प्रकार अब प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को बताया कि किसानों की सुविधा और हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा यह निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक किसान अपना पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    मंत्री राजपूत ने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागलवाड़ी में आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक के पश्चात यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार ऐसे निर्णय ले रहे हैं, जिससे प्रदेश के अन्नदाता को सीधा लाभ मिल सके।


    12 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन

    मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 12 लाख 4 हजार 708 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। जिला श्योपुर में 9428, खंडवा में 23017, दमोह में 21390, नरसिंहपुर में 24968, शहडोल में 4710, खरगोन में 11945, कटनी में 25497, रतलाम में 30466, सागर में 46731, राजगढ़ में 65029, शिवपुरी में 7633, डिण्डोरी में 2281, धार में 34283, बुरहानपुर में 206, विदिशा में 62996, मऊगंज में 2727, दतिया में 7420, गुना में 11984, मण्डला में 13391, रीवा में 23380, आगर मालवा में 31318, पन्ना में 11994, जबलपुर में 25698, नीमच में 8122, सीहोर में 80036, बालाघाट में 1766, सिंगरौली में 2811, अलीराजपुर में 248, मैहर में 8625, पांढुर्णा में 305, सिवनी में 35081, बैतूल में 9725, झाबुआ में 5256, शाजापुर में 58982, मंदसौर में 40204, ग्वालियर में 5984, निवाड़ी में 1802, उज्जैन में 95821, इंदौर में 32837, देवास में 57021, रायसेन में 51085, बड़वानी में 1911, अनूपपुर में 192, सतना में 31670, मुरैना में 4428, हरदा में 29805, छतरपुर में 15643, सीधी में 4357, टीकमगढ़ में 7141, अशोकनगर में 7339, नर्मदापुरम में 53086, छिंदवाड़ा में 14945, उमरिया में 5854, भोपाल में 27663 और भिण्ड में 6471 किसानों ने पंजीयन कराया है।


    पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।


    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है।

  • पालक की पौष्टिकता और पनीर का स्वाद मिलकर बनाएंगे कमाल जानें आसान पालक पनीर रेसिपी

    पालक की पौष्टिकता और पनीर का स्वाद मिलकर बनाएंगे कमाल जानें आसान पालक पनीर रेसिपी


    नई दिल्ली । भारतीय रसोई में कई ऐसी पारंपरिक और स्वादिष्ट डिशेज हैं जो हर उम्र के लोगों को पसंद आती हैं। उन्हीं में से एक है पालक पनीर। यह डिश स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल मानी जाती है। पालक में भरपूर मात्रा में आयरन और पोषक तत्व पाए जाते हैं जबकि पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत होता है। जब इन दोनों को एक साथ पकाया जाता है तो एक बेहद स्वादिष्ट और मलाईदार सब्जी तैयार होती है जिसे रोटी नान या पराठे के साथ बड़े चाव से खाया जाता है।

    अक्सर लोगों को लगता है कि रेस्टोरेंट जैसा स्वाद घर पर बनाना मुश्किल होता है लेकिन सही सामग्री और सही विधि अपनाकर आप घर पर भी बिल्कुल रेस्टोरेंट स्टाइल पालक पनीर बना सकते हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे बनाना ज्यादा कठिन नहीं है और थोड़ी सी तैयारी के साथ आप कुछ ही समय में स्वादिष्ट पालक पनीर तैयार कर सकते हैं।

    पालक पनीर बनाने के लिए सबसे पहले ताजा और साफ पालक का उपयोग करना जरूरी है। पालक को अच्छी तरह धोकर उसमें मौजूद मिट्टी और गंदगी को हटा लें। इसके बाद एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें पालक की पत्तियों को लगभग दो से तीन मिनट तक डालकर हल्का उबाल लें। फिर तुरंत पालक को ठंडे पानी में डाल दें। ऐसा करने से पालक का प्राकृतिक हरा रंग बरकरार रहता है और सब्जी देखने में भी आकर्षक लगती है।

    इसके बाद उबले हुए पालक को हरी मिर्च और थोड़ा सा पानी डालकर मिक्सर में पीस लें और एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें। अब एक कढ़ाही में तेल या घी गर्म करें और उसमें जीरा डालकर हल्का भून लें। जब जीरा चटकने लगे तो उसमें बारीक कटा हुआ प्याज डालें और उसे सुनहरा होने तक पकाएं।

    अब इसमें अदरक लहसुन का पेस्ट डालकर कुछ सेकंड तक भूनें ताकि उसका कच्चापन खत्म हो जाए। इसके बाद बारीक कटे हुए टमाटर डालें और मसाले को तब तक पकाएं जब तक टमाटर पूरी तरह गल न जाएं और मसाले से हल्का तेल अलग होने लगे। यह चरण बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे ग्रेवी का स्वाद और भी अच्छा बनता है।

    जब मसाला अच्छी तरह पक जाए तो उसमें हल्दी पाउडर धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब तैयार पालक का पेस्ट इसमें डाल दें और धीमी आंच पर तीन से चार मिनट तक पकाएं ताकि सभी मसाले पालक के साथ अच्छी तरह मिल जाएं।

    इसके बाद इसमें पनीर के टुकड़े डालें और हल्के हाथ से मिलाएं ताकि पनीर टूटे नहीं। अंत में इसमें थोड़ा गरम मसाला और क्रीम डालकर लगभग दो मिनट तक पकाएं। इससे सब्जी में हल्की मलाईदार बनावट और शानदार स्वाद आ जाता है।

    जब पालक पनीर पूरी तरह तैयार हो जाए तो इसे एक सर्विंग बाउल में निकाल लें। ऊपर से थोड़ा क्रीम और बारीक कटा हरा धनिया डालकर सजाएं। अब आपका गर्मागर्म और स्वादिष्ट पालक पनीर तैयार है जिसे आप रोटी नान पराठे या जीरा राइस के साथ परोस सकते हैं। यह आसान रेसिपी घर पर ही रेस्टोरेंट जैसा स्वाद देने के साथ परिवार के लिए पौष्टिक और हेल्दी भोजन भी साबित हो सकती है।

  • करण औजला के दिल्ली कॉन्सर्ट में भारी भीड़ और देरी से नाराज फैंस इवेंट कंपनी ने कहा नियमों का किया पालन

    करण औजला के दिल्ली कॉन्सर्ट में भारी भीड़ और देरी से नाराज फैंस इवेंट कंपनी ने कहा नियमों का किया पालन

    नई दिल्ली । पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय गायक करण औजला के दिल्ली में आयोजित कॉन्सर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम के बाद कई प्रशंसकों ने अव्यवस्था और असुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट के जरिए फैंस ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। वहीं बढ़ती शिकायतों के बाद इवेंट आयोजित करने वाली कंपनी टीम इनोवेशन ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए अपनी सफाई पेश की है।

    दरअसल करण औजला का पी पॉप कल्चर इंडिया टूर के तहत दिल्ली में यह कॉन्सर्ट 28 फरवरी को आयोजित किया गया था। इस शो में हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा गायक का लाइव प्रदर्शन देखने पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम के दौरान कई लोगों को लंबी कतारों भीड़भाड़ और प्रवेश प्रक्रिया में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद फैंस ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी।

    इवेंट कंपनी टीम इनोवेशन ने जारी बयान में कहा कि उनके द्वारा आयोजित हर कार्यक्रम में प्रशंसकों के अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। कंपनी के अनुसार यह कार्यक्रम निर्धारित क्षमता के भीतर ही आयोजित किया गया था और तय सीमा से अधिक टिकट नहीं बेचे गए थे। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़े सभी सुरक्षा निर्देशों और व्यवस्थाओं का पालन किया गया था।

    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम स्थल पर अचानक कम समय में बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पहुंच जाने के कारण कुछ जगहों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया जिससे प्रवेश प्रक्रिया में देरी और असुविधा महसूस हुई। आयोजकों का कहना है कि टिकट जांच और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे ताकि दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    हालांकि कार्यक्रम में शामिल हुए कई प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर गंभीर अव्यवस्था के आरोप लगाए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान लंबी देरी हुई और कई बार भीड़ के कारण अफरा तफरी जैसी स्थिति भी बन गई। वहीं कुछ वीडियो में टिकट काउंटर के पास भारी भीड़ दिखाई दे रही है जहां कई लोग अपने पास या प्रवेश की मांग करते नजर आए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था।

    इसके अलावा कुछ प्रशंसकों ने यह भी दावा किया कि रिस्टबैंड स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान वाई फाई नेटवर्क कमजोर होने के कारण प्रवेश में काफी समय लग रहा था जिससे भीड़ और बढ़ती चली गई। इसी कारण कई लोगों को कार्यक्रम में प्रवेश करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन वीडियो और शिकायतों के बाद इस कॉन्सर्ट की व्यवस्थाओं को लेकर बहस शुरू हो गई है। कई फैंस ने आयोजकों से बेहतर प्रबंधन की उम्मीद जताई है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याएं न हों। वहीं आयोजकों ने भी कहा है कि वे प्रशंसकों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से ले रहे हैं और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।

  • ईरान की आखिरी गोली तक लड़ाई की कसम: खतीबजादेह ने ट्रम्प को बताया ‘औपनिवेशिक नजरिया’, कुर्द समुदाय की रक्षा का दिया आश्वासन

    ईरान की आखिरी गोली तक लड़ाई की कसम: खतीबजादेह ने ट्रम्प को बताया ‘औपनिवेशिक नजरिया’, कुर्द समुदाय की रक्षा का दिया आश्वासन



    नई दिल्ली। रायसीना डायलॉग 2026 में ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने शुक्रवार को कहा कि ईरान अमेरिकी-इजराइली हमलों के खिलाफ “आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक” लड़ने को तैयार है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की कोशिशों को औपनिवेशिक दृष्टिकोण करार दिया।

    खतीबजादेह ने कहा कि ईरान का कुर्द समुदाय देश की पहचान का अहम हिस्सा है और अलगाववाद से जोड़ा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान संघर्ष को अन्य देशों तक फैलाना नहीं चाहता और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

    हिंद महासागर में डूबे ईरानी जहाज को लेकर उन्होंने कहा कि यह भारत के आमंत्रण पर अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में आया था और उस पर कोई हथियार नहीं थे। ईरान और भारत के रिश्तों को उन्होंने पुराने और महत्वपूर्ण बताया।

    रायसीना डायलॉग का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 मार्च को किया था। इस सम्मेलन में 110 देशों के लगभग 2700 प्रतिनिधि शामिल हैं और इसमें वैश्विक सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आर्थिक सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

  • भिंड: गुलाल लगाने पर मचा 'गदर'; अकोड़ा में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 घायल

    भिंड: गुलाल लगाने पर मचा 'गदर'; अकोड़ा में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 घायल


    भिंड।  मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अकोड़ा गांव में शुक्रवार की सुबह रंगों के त्योहार का उल्लास उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया, जब एक महिला को जबरन गुलाल लगाने की कोशिश ने हिंसक मोड़ ले लिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद लाठी-डंडों के तांडव तक जा पहुँचा, जिसमें दोनों पक्षों के कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। फिलहाल, उमरी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    विवाद की शुरुआत: ‘मना करने पर बदसलूकी’
    घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे की है। पीड़ित महिला सीमा के अनुसार, दो युवक आए और उन्हें जबरन गुलाल लगाने की कोशिश करने लगे। जब सीमा ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें जमीन पर पटक दिया।

    बीच-बचाव और हमला: सीमा की चीख सुनकर जब उनके पति और जीजा धर्मा मौके पर पहुँचे, तो आरोपी पक्ष के प्रदीप और हरविलास ने लाठी-डंडों से उन पर हमला बोल दिया। इस हमले में सीमा, उनके पति और जीजा को गंभीर चोटें आई हैं।

    दूसरा पक्ष: ‘हम पर हुआ हमला’
    वहीं, दूसरी ओर से अंजली प्रजापति ने अलग कहानी बयां की है। उनका आरोप है कि उनके भाई प्रदीप और दादा हरविलास के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे। जब वे लोग बीच-बचाव करने पहुँचे, तो विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों से उन पर भी हमला कर दिया। इस संघर्ष में प्रदीप और बुजुर्ग हरविलास सहित उनके छोटे भाई को भी चोटें आई हैं।

    पुलिस की कार्रवाई और इलाज
    घटना की सूचना मिलते ही अकोड़ा चौकी पुलिस सक्रिय हुई और घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया।घायलों में से तीन की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। उमरी थाना पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर मामले की तहकीकात कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या गुलाल ही था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश छिपी हुई थी।

  • मुरैना में 'खाकी' का खूनी रूप: मामूली विवाद में SAF जवान ने सगे चाचा को मारी गोली, हालत नाजुक

    मुरैना में 'खाकी' का खूनी रूप: मामूली विवाद में SAF जवान ने सगे चाचा को मारी गोली, हालत नाजुक


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रिश्तों के कत्ल की एक सनसनीखेज कोशिश सामने आई है। सुमावली थाना क्षेत्र के पावली गांव में शुक्रवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुरैना की पांचवीं बटालियन में पदस्थ एसएएफ (SAF) जवान रवि गुर्जर ने अपने ही सगे चाचा राजू गुर्जर पर कट्टे से फायर कर दिया। यह घटना न केवल पारिवारिक कलह, बल्कि वर्दी की आड़ में पनप रहे हिंसक आक्रोश का भी नतीजा है।

    विवाद की जड़: बंटवारा और पुरानी रंजिश
    पुलिस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, पावली गांव के दो सगे भाइयों—गंभीर गुर्जर और राजू गुर्जर के बीच कुछ समय पहले ही संपत्ति का बंटवारा हुआ था। बंटवारे के बाद दोनों के परिवार अलग-अलग घरों में रह रहे थे, लेकिन गंभीर गुर्जर के बेटे (जवान रवि गुर्जर) और उसके चाचा राजू के बीच अक्सर अनबन रहती थी।

    शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे किसी मामूली बात को लेकर चाचा-भतीजे के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि गाली-गलौज होने लगी।

    अंधाधुंध फायरिंग: इसी बीच रवि गुर्जर ने आपा खो दिया और कट्टा निकालकर चाचा राजू की जांघ पर गोली मार दी। गोली लगते ही राजू लहूलुहान होकर गिर पड़े।

    अस्पताल में जंग और फरार ‘रक्षक’
    गोलीकांड के बाद आरोपी जवान मौके से फरार हो गया। परिजनों ने आनन-फानन में घायल राजू गुर्जर को जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया है। फिलहाल राजू की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

    पुलिस की कार्रवाई: बटालियन को लिखा जाएगा पत्र
    सुमावली थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस की एक टीम घायल के बयान दर्ज करने के लिए ग्वालियर रवाना हो गई है।
    FIR की तैयारी: घायल के बयानों के आधार पर हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
    विभागीय कार्रवाई: चूंकि आरोपी रवि गुर्जर SAF की पांचवीं बटालियन में पदस्थ है, इसलिए पुलिस विभाग की ओर से बटालियन को औपचारिक पत्र लिखकर उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की जाएगी। आरोपी जवान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

    वर्दी अनुशासन सिखाती है, लेकिन जब वही हाथ अपने ही अपनों के खून से सन जाएं, तो सवाल गहरे हो जाते हैं। मुरैना की यह घटना दिखाती है कि जमीनी विवाद और आपसी मनमुटाव किसी भी हद तक जा सकते हैं।