Author: bharati

  • शेयर मार्केट में पैसा डुबोना है या बढ़ाना, निवेश से पहले समझ लें ये नियम; इन जगहों पर गलती से भी न लगाएं पैसा

    शेयर मार्केट में पैसा डुबोना है या बढ़ाना, निवेश से पहले समझ लें ये नियम; इन जगहों पर गलती से भी न लगाएं पैसा

    नई दिल्ली । शेयर मार्केट में निवेश करके पैसा बढ़ाने की चाहत आज बहुत से लोगों में है लेकिन शेयर बाजार में कमाई जितनी आकर्षक दिखाई देती है इसमें जोखिम भी उतना ही मौजूद रहता है। इसलिए निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि पैसा कहां लगाया जाए और किन जगहों पर निवेश करने से बचना चाहिए। शेयर बाजार में कोई भी निवेश पूरी तरह जोखिम रहित नहीं होता और पुराने प्रदर्शन के आधार पर भविष्य में निश्चित मुनाफे की गारंटी नहीं दी जा सकती। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी भी निवेशकों को बाजार में पैसा लगाने से पहले जानकारी हासिल करने और जोखिम को समझने पर जोर देता है।

    अगर आप शेयरों में निवेश करना चाहते हैं तो सबसे पहले मजबूत कारोबार और बेहतर वित्तीय स्थिति वाली कंपनियों पर नजर डालना बेहतर हो सकता है। किसी कंपनी का शेयर खरीदने से पहले उसके कारोबार का मॉडल कंपनी की कमाई कर्ज मुनाफा नकदी प्रवाह और भविष्य की संभावनाओं को समझना चाहिए। केवल इसलिए किसी शेयर को नहीं खरीदना चाहिए क्योंकि उसकी कीमत कम है। कम कीमत वाला शेयर जरूरी नहीं कि सस्ता हो और महंगा दिखने वाला शेयर जरूरी नहीं कि खराब निवेश हो। निवेश का फैसला कंपनी की वास्तविक स्थिति और उसके मूल्यांकन को देखकर करना चाहिए।

    नए निवेशकों के लिए सबसे बड़ी गलती अक्सर एक ही कंपनी या एक ही सेक्टर में पूरा पैसा लगा देना होती है। बाजार में किसी एक कंपनी या सेक्टर पर ज्यादा निर्भरता जोखिम बढ़ा सकती है। अलग अलग कंपनियों और सेक्टर में निवेश करके पोर्टफोलियो में विविधता लाई जा सकती है। सेबी के निवेशक शिक्षा पोर्टल के अनुसार इंडेक्स म्यूचुअल फंड व्यापक स्तर पर कई शेयरों में निवेश के जरिए व्यक्तिगत शेयरों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    अगर आपको कंपनियों का विश्लेषण करने का पर्याप्त अनुभव नहीं है तो म्यूचुअल फंड और इंडेक्स फंड जैसे विकल्पों को भी समझा जा सकता है। म्यूचुअल फंड में पेशेवर प्रबंधन और विविधीकरण जैसे फायदे हो सकते हैं लेकिन इनमें भी बाजार से जुड़ा जोखिम रहता है। इसलिए केवल यह सोचकर निवेश नहीं करना चाहिए कि म्यूचुअल फंड में नुकसान नहीं होगा।

    वहीं दूसरी तरफ उन शेयरों से सावधान रहना चाहिए जिनमें केवल सोशल मीडिया या किसी व्यक्ति की टिप के आधार पर तेजी की चर्चा हो रही हो। व्हाट्सऐप ग्रुप टेलीग्राम चैनल या सोशल मीडिया पोस्ट में किसी शेयर के जल्द दोगुना होने का दावा देखकर पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है। इसी तरह बिना कंपनी की जानकारी देखे लगातार अपर सर्किट या तेजी वाले शेयर के पीछे भागना भी नुकसान का कारण बन सकता है।

    निवेश करते समय अपनी पूरी बचत शेयर बाजार में लगाना भी सही रणनीति नहीं मानी जानी चाहिए। सबसे पहले अपनी वित्तीय जरूरतों और जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है। जिस पैसे की जरूरत निकट भविष्य में पड़ सकती है उसे अत्यधिक जोखिम वाले निवेश में लगाने से बचना चाहिए। बाजार में गिरावट आने पर घबराकर तुरंत बेचने के बजाय पहले यह समझना चाहिए कि गिरावट कंपनी की वास्तविक स्थिति से जुड़ी है या पूरे बाजार की अस्थायी कमजोरी है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि शेयर बाजार को जल्दी अमीर बनने का जरिया न समझें। लंबी अवधि का नजरिया अनुशासन और सही जानकारी निवेश की बेहतर नींव बन सकते हैं। अगर किसी निवेश को समझने में परेशानी हो तो सेबी के आधिकारिक निवेशक शिक्षा संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • भोपाल में आज मिलादुन्नबी का जुलूस: गंगा-जमुनी तहजीब का दिखेगा संदेश, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट

    भोपाल में आज मिलादुन्नबी का जुलूस: गंगा-जमुनी तहजीब का दिखेगा संदेश, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट


    भोपाल  भोपाल में बुधवार को मिलादुन्नबी के मौके पर मुस्लिम समाज की ओर से दो बड़े जुलूस निकाले जाएंगे। आयोजकों ने इस आयोजन को भोपाल की गंगा-जमुनी तहजीब आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देने वाला बताया है। जुलूस को लेकर पुलिस और प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुराने और नए भोपाल के कई प्रमुख मार्गों पर जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे जुलूस के दौरान प्रभावित मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

    मंगलवारा क्षेत्र का मुख्य चल समारोह दोपहर करीब 2 बजे छावनी स्थित भारत टॉकीज से शुरू होगा। यहां से जुलूस सेंट्रल लाइब्रेरी इतवारा इस्लामपुरा बड़े मास्टर तिराहा बुधवारा इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद और पीरगेट होते हुए इमामी गेट चौराहे तक पहुंचेगा जहां इसका समापन किया जाएगा। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसके साथ ही अलग अलग अखाड़ों के दल भी अपनी पारंपरिक कला और शौर्य का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन शहर की साझा सांस्कृतिक विरासत और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का अवसर है।

    ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अलग अलग स्थानों से निकलने वाले जुलूसों को एक मंच पर लाने की अपील भी की है। कमेटी के संरक्षक शमशुअल हसन बल्ली के मुताबिक सभी सामाजिक और मुस्लिम संगठनों से एकजुट होकर इमामी गेट पर जुलूस के समापन में शामिल होने की अपील की गई है। कमेटी का कहना है कि आयोजन को सामाजिक और धार्मिक सौहार्द का मंच बनाया जाएगा और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने की कोशिश रहेगी।

    आयोजकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत सांसद आलोक शर्मा वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सनवर पटेल पूर्व सांसद आलोक संजर महापौर और विभिन्न सामाजिक तथा मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया है। कमेटी का उद्देश्य है कि भोपाल से भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का सकारात्मक संदेश देशभर में जाए।

    इधर अशोका गार्डन क्षेत्र में भी मिलादुन्नबी का दूसरा जुलूस निकलेगा। यह जुलूस अशोका गार्डन से शुरू होकर पुष्प नगर पुलिया नूतन नगर रोड ऐशबाग रोड सोनिया कॉलोनी चौराहा दुर्गा धाम मंदिर रोड अशोका गार्डन थाना परिहार चौराहा मंडी चौराहा और प्रभात चौराहा होते हुए सुभाष नगर ओवरब्रिज से गुजरेगा। इसके बाद स्लाटर हाउस के सामने से जिंसी चौराहा पहुंचेगा जहां जुलूस का समापन होगा।

    जुलूसों को देखते हुए मंगलवारा क्षेत्र में दोपहर 1 बजे से रात 8 बजे तक और अशोका गार्डन क्षेत्र में दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक जरूरत के अनुसार यातायात व्यवस्था बदली जाएगी। भारत टॉकीज से सेंट्रल लाइब्रेरी इतवारा और छावनी रोड से मंगलवारा थाना की ओर जाने वाले मार्गों के अलावा बुधवारा इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद और पीरगेट क्षेत्र में भी ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। जुलूस के दौरान मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के साथ अनुमति प्राप्त वाहनों तथा सिटी बसों की जुलूस मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

    यातायात पुलिस ने वाहन चालकों के लिए कई वैकल्पिक मार्ग भी तय किए हैं। रॉयल मार्केट से तीन मोहरा भोपाल टॉकीज और हमीदिया रोड होकर वाहन निकल सकेंगे। इसी तरह मोती मस्जिद रेतघाट कमला पार्क और पॉलीटेक्निक चौराहे के रास्ते भी आवागमन किया जा सकेगा। नादरा बस स्टैंड से अल्पना तिराहा संगम तिराहा सब्जी मंडी ओवरब्रिज बजरिया तिराहा और 80 फीट रोड होकर नए शहर की ओर जाने वाले वाहन जा सकेंगे।

    नए शहर न्यू मार्केट और मैदा मिल की तरफ से आने वाले वाहन कमला पार्क रेतघाट सदर मंजिल रॉयल मार्केट तीन मोहरा शाहजहांनाबाद थाना तिराहा और हमीदिया रोड होते हुए पुराने शहर और मुख्य रेलवे स्टेशन की ओर जा सकेंगे। वहीं अशोका गार्डन जुलूस के दौरान परिहार चौराहा प्रभात चौराहा सुभाष नगर ओवरब्रिज और जिंसी चौराहा क्षेत्र में भी जरूरत के अनुसार डायवर्जन रहेगा।

    यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जुलूस के दौरान प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। यातायात संबंधी परेशानी होने पर कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0755-2677340 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन की कोशिश है कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था भी बनी रहे।

  • बुधवार का दिन गणेश जी को करें समर्पित! इन आसान उपायों से मिलेगा बुद्धि धन और सौभाग्य का आशीर्वाद

    बुधवार का दिन गणेश जी को करें समर्पित! इन आसान उपायों से मिलेगा बुद्धि धन और सौभाग्य का आशीर्वाद

    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी के स्मरण और पूजा से करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार का दिन भगवान गणेश को विशेष रूप से समर्पित माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और भक्तों को सुख समृद्धि तथा बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बुधवार को गणेश जी की पूजा करने के साथ कुछ आसान उपाय भी किए जा सकते हैं।

    बुधवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद घर के पूजा स्थल की साफ सफाई करें और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। पूजा की शुरुआत गणेश जी के ध्यान से करें। इसके बाद उन्हें जल अर्पित करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार फूल तथा दूर्वा चढ़ाएं। धार्मिक मान्यता में गणेश जी को दूर्वा बेहद प्रिय मानी जाती है। इसलिए पूजा में दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है।

    गणेश जी की पूजा में लाल फूल चढ़ाने की भी परंपरा है। इसके साथ उन्हें मोदक या लड्डू का भोग लगाया जा सकता है। माना जाता है कि गणपति बप्पा को मोदक प्रिय हैं। भोग लगाने के बाद भगवान गणेश की आरती करें और अपनी मनोकामना उनके सामने रखें। पूजा के दौरान ऊं गं गणपतये नमः मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। श्रद्धा के अनुसार इस मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

    बुधवार के दिन गणेश जी के साथ भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करना भी शुभ माना जाता है। गणेश जी को माता पार्वती और भगवान शिव का पुत्र माना जाता है। ऐसे में इस दिन परिवार के साथ गणेश जी की पूजा करने से घर के वातावरण में सकारात्मकता बढ़ने की धार्मिक मान्यता है।

    अगर किसी व्यक्ति के जीवन में लगातार काम रुक रहे हैं या किसी नए काम की शुरुआत में बार बार बाधाएं आ रही हैं तो बुधवार को गणेश जी की विशेष पूजा की जा सकती है। पूजा के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार भोजन या आवश्यक वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे सेवा और परोपकार की भावना मजबूत होती है।

    हालांकि इन सभी उपायों को धार्मिक और आस्था से जुड़ी मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए। इनके वैज्ञानिक रूप से निश्चित परिणाम का दावा नहीं किया जा सकता। भगवान गणेश की पूजा का मुख्य उद्देश्य श्रद्धा और सकारात्मक भाव के साथ अपने जीवन में अच्छे कर्मों के लिए प्रेरित होना है। बुधवार को गणपति बप्पा का स्मरण कर उनके मंत्रों का जाप और जरूरतमंदों की मदद करने से मन में शांति और आत्मविश्वास बढ़ सकता है। इसलिए बुधवार को गणेश जी की पूजा करें और उनसे बुद्धि विवेक तथा जीवन की सही दिशा देने की प्रार्थना करें।

  • गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए रखें बुधवार का व्रत! जानें क्या खाएं क्या न खाएं और किन बातों का रखें ध्यान

    गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए रखें बुधवार का व्रत! जानें क्या खाएं क्या न खाएं और किन बातों का रखें ध्यान

    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। गणेश जी को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता कहा जाता है इसलिए उनकी पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होने और शुभ कार्यों में सफलता मिलने की धार्मिक मान्यता है। बुधवार को व्रत रखने वाले भक्त भगवान गणेश की पूजा के साथ कुछ विशेष नियमों का पालन करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक रखा गया व्रत मन को शांति देने के साथ व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

    बुधवार व्रत रखने के लिए सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर घर के पूजा स्थल की सफाई करें और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा लाल फूल चढ़ाकर मोदक या लड्डू का भोग लगाया जा सकता है। पूजा के बाद गणेश जी की आरती करें और अपनी मनोकामना उनके सामने रखें।

    व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूरे दिन भगवान गणेश का ध्यान और मंत्र जाप करना चाहिए। ऊं गं गणपतये नमः मंत्र का जाप श्रद्धा के अनुसार किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश मंत्र का जाप करने से मन एकाग्र होता है और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने में मदद मिलती है। व्रत के दौरान क्रोध झूठ और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। मन को शांत रखते हुए अच्छे विचारों और अच्छे कर्मों पर ध्यान देना चाहिए।

    बुधवार के व्रत में खानपान का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। अलग अलग परिवारों और परंपराओं में व्रत के नियम अलग हो सकते हैं। कुछ लोग पूरे दिन फलाहार करते हैं जबकि कुछ लोग एक समय सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। फल दूध दही और व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का सेवन अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार किया जा सकता है। अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी हो तो व्रत रखने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन हरी मूंग का दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार अन्य जरूरी वस्तुएं दान की जा सकती हैं। हालांकि दान का उद्देश्य दिखावा नहीं बल्कि सेवा और परोपकार की भावना होना चाहिए।

    व्रत के दौरान कुछ लोग नमक या अनाज का सेवन नहीं करते हैं लेकिन यह सभी के लिए अनिवार्य नियम नहीं है। व्रत की समाप्ति पर भगवान गणेश की पूजा और आरती करने के बाद प्रसाद ग्रहण किया जाता है। गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाकर परिवार के लोगों में प्रसाद बांटना शुभ माना जाता है।

    बुधवार व्रत से जुड़े नियम मुख्य रूप से धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं। अलग अलग क्षेत्रों और परिवारों में इन नियमों में अंतर हो सकता है। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत रखना उचित माना जाता है। सबसे जरूरी बात यह है कि व्रत के दौरान श्रद्धा के साथ भगवान गणेश का स्मरण करें और जरूरतमंदों की मदद करने का प्रयास करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार सच्ची श्रद्धा से गणेश जी की पूजा करने से जीवन में सुख शांति बुद्धि और समृद्धि की कामना की जाती है।

  • 7 सितंबर को बनेगा भद्रा राजयोग, इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध की कृपा

    7 सितंबर को बनेगा भद्रा राजयोग, इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध की कृपा


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार और अर्थव्यवस्था का कारक ग्रह माना जाता है। 7 सितंबर को बुध के अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश करने से भद्रा राजयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग का असर करियर, कारोबार, संपत्ति और आर्थिक मामलों में देखने को मिल सकता है।

    द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध के कन्या राशि में गोचर से कुछ राशियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं। खासतौर पर वृषभ, मिथुन, कन्या, धनु और मकर राशि के जातकों को शुभ परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है।

    वृषभ: अचानक धन लाभ के योग
    बुध का गोचर वृषभ राशि के पांचवें भाव में होगा। निवेश, शेयर बाजार या पुराने किसी स्रोत से अचानक धन लाभ हो सकता है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

    मिथुन: संपत्ति खरीदने के योग
    मिथुन राशि के जातकों के चौथे भाव में भद्रा राजयोग बनेगा। नया वाहन, मकान या जमीन खरीदने के योग बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहने की संभावना है और माता से जुड़ी चिंताओं में भी राहत मिल सकती है।

    कन्या: करियर में मिल सकती है बड़ी सफलता
    बुध आपकी राशि में ही गोचर करेगा, इसलिए इसका प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दे सकता है। निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कारोबारियों के नए सौदे फाइनल होने के योग हैं।

    धनु: नौकरी और कारोबार में तरक्की
    धनु राशि के दसवें भाव में यह योग बनेगा। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। नई नौकरी, मनचाहे ट्रांसफर या करियर में बदलाव की कोशिश सफल हो सकती है। व्यापार में भी लाभ के अवसर बनेंगे।

    मकर: भाग्य का मिलेगा साथ
    मकर राशि के नौवें भाव यानी भाग्य स्थान में भद्रा राजयोग बनेगा। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। व्यावसायिक यात्राएं लाभदायक रह सकती हैं। धर्म-कर्म के प्रति रुचि बढ़ने के साथ विदेश यात्रा के अवसर भी बन सकते हैं।

    शुभ फल बढ़ाने के ज्योतिषीय उपाय
    – बुधवार को ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
    – भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
    – जरूरतमंद व्यक्ति को हरी सब्जियां, हरा कपड़ा या मूंग की दाल दान करें।

  • कब मनेगा रक्षाबंधन, क्‍या भद्रा की रहेगी बाधा ? जानिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

    कब मनेगा रक्षाबंधन, क्‍या भद्रा की रहेगी बाधा ? जानिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली। रक्षाबंधन 2026 को लेकर 27 और 28 अगस्त की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस है। वाराणसी पंचांग के अनुसार इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि राखी बांधने के समय भद्रा नहीं रहेगी। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

    27 अगस्त को रहेगी भद्रा
    पंडित श्रीपति त्रिपाठी के अनुसार श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 8:31 बजे शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह 9:18 बजे तक रहेगी। 27 अगस्त को सुबह 8:31 बजे से रात 8:54 बजे तक भद्रा रहेगी। इसके बाद भद्रा समाप्त हो जाएगी। वहीं 28 अगस्त को रक्षाबंधन के समय भद्रा नहीं होगी। इसलिए इस दिन राखी बांधने में भद्रा की बाधा नहीं मानी जाएगी।

    राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
    रक्षाबंधन पर राखी बांधने का प्रमुख शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। यदि यह समय छूट जाए तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक भी राखी बांधी जा सकती है।

    भद्रा को क्यों माना जाता है महत्वपूर्ण?
    हिंदू पंचांग में समय को अलग-अलग करणों में बांटा गया है। इनमें विष्टि करण को भद्रा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा को उग्र प्रकृति वाला समय माना जाता है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञ और अन्य मांगलिक कार्यों में इसका विचार किया जाता है। रक्षाबंधन में भी भद्रा की स्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि 2026 में 27 अगस्त को भद्रा है, जबकि 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा नहीं होगी।

    राखी बांधते समय बोलें यह मंत्र
    राखी बांधते समय इस रक्षासूत्र मंत्र का जाप किया जा सकता है—

    येन बद्धो बलि राजा दानवेंद्रो महाबलः।
    तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥

    इसका भावार्थ है कि जिस रक्षा सूत्र से शक्तिशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से तुम्हें बांधती हूं। हे रक्षासूत्र, तुम स्थिर रहो और रक्षा करो।

    भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।

    ऐसे करें रक्षाबंधन की पूजा
    रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहनें। पूजा की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, फूल, दीपक, धूप, मिठाई और राखी रखें।

    सबसे पहले भगवान का पूजन करें। इसके बाद भाई को तिलक और अक्षत लगाकर दीपक से आरती करें। रक्षासूत्र मंत्र का जाप करते हुए भाई की कलाई पर राखी बांधें। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के सुख, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करें।

    इस दौरान ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः…’ मंगल श्लोक का पाठ भी किया जा सकता है।

    वाराणसी और मिथिला पंचांग में अंतर
    वाराणसी और मिथिला पंचांग की गणना पद्धति में कुछ अंतर हो सकता है। स्थानीय सूर्योदय और गणना के कारण मुहूर्त में कुछ मिनटों का अंतर संभव है। हालांकि 2026 में दोनों परंपराओं में रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाए जाने की बात सामने आती है।

    भाई-बहन के रिश्ते का पर्व है राखी
    रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है। बहन भाई के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी आयु, सुख और सफलता की कामना करती है, जबकि भाई बहन के प्रति प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी का संकल्प लेता है। 2026 में रक्षाबंधन भद्रा रहित पूर्णिमा में मनाया जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधते समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी।

  • ईरान से तेल-पेट्रोकेमिकल डील पर US की बड़ी कार्रवाई: इंडिया-बेस्ड 4 कंपनियों पर प्रतिबंध, 3 भारतीय भी निशाने पर

    ईरान से तेल-पेट्रोकेमिकल डील पर US की बड़ी कार्रवाई: इंडिया-बेस्ड 4 कंपनियों पर प्रतिबंध, 3 भारतीय भी निशाने पर


    नई दिल्ली। ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी ट्रेजरी ने 4 इंडिया-बेस्ड कंपनियों और 3 भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन कंपनियों पर ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के कारोबार में शामिल होने का आरोप है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित लेनदेन की कुल कीमत करीब 119 मिलियन डॉलर है।

    यह कार्रवाई ईरान के वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका की ओर से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। अमेरिकी ट्रेजरी का कहना है कि इसका उद्देश्य उन आर्थिक रास्तों को निशाना बनाना है, जिनका इस्तेमाल ईरान राजस्व जुटाने और अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए करता है।

    सदाशिव ओवरसीज पर 69 मिलियन डॉलर के आयात का आरोप
    अमेरिकी ट्रेजरी के अनुसार, इंडिया-बेस्ड सदाशिव ओवरसीज लिमिटेड ने फरवरी 2024 से जून 2025 के बीच करीब 69 मिलियन डॉलर के ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों का आयात किया। इनमें कुछ शिपमेंट ऐसी कंपनी से जुड़े बताए गए हैं, जिस पर अमेरिका पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है।

    इसके अलावा PP सॉफ्टटेक प्राइवेट लिमिटेड और प्रकृतिस इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर करीब 25-25 मिलियन डॉलर के ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों के आयात का आरोप लगाया गया है। इन तीनों कंपनियों के कारोबार को मिलाकर कुल रकम करीब 119 मिलियन डॉलर बताई गई है।

    चौथी कंपनी पर पेट्रोकेमिकल शिपमेंट में मदद का आरोप
    अमेरिका ने पोर्टईज पार्टनर्स LLP पर भी कार्रवाई की है। आरोप है कि कंपनी ने ईरान से पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कई खेप भारत लाने में मदद की। अमेरिका ने कंपनियों के अलावा तीन भारतीय नागरिकों को भी प्रतिबंध सूची में शामिल किया है। इनमें PP सॉफ्टटेक के निदेशक प्रशांत गर्ग, पोर्टईज पार्टनर्स से जुड़े इदरीसमिया अशरफमिया शेख और हरीश रामचंद्र रंगी शामिल हैं।

    अमेरिका ने देशों को दी चेतावनी
    अमेरिका पहले ही विभिन्न देशों को चेतावनी दे चुका है कि वे ईरान को समर्थन देने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए तय समयसीमा का पालन करें। ऐसा नहीं करने पर संबंधित कंपनियों और संस्थाओं को भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, इस अभियान का मकसद ईरान के उन आर्थिक रास्तों को बंद करना है, जिनके जरिए वह राजस्व हासिल करता है और अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करता है।

  • ईरान-US जंग का तेल पर असर: 170 में से 145 देशों में बढ़े पेट्रोल के दाम, भारत में भी महंगा

    ईरान-US जंग का तेल पर असर: 170 में से 145 देशों में बढ़े पेट्रोल के दाम, भारत में भी महंगा


    नई दिल्ली। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। जंग के बाद दुनिया के ज्यादातर देशों में पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट GlobalPetrolPrices के मुताबिक फरवरी के अंत से अगस्त के बीच 170 में से 145 देशों में पेट्रोल महंगा हुआ है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा, हालांकि यहां कीमतों में बढ़ोतरी कई देशों के मुकाबले सीमित रही।

    म्यांमार में 56%, भूटान में 55% तक बढ़े दाम
    GlobalPetrolPrices के आंकड़ों के अनुसार म्यांमार में पेट्रोल की कीमत 56%, भूटान में 55% और क्यूबा में 51% बढ़ी। UAE में करीब 50% और नाइजीरिया में 48% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अमेरिका में भी पेट्रोल महंगा हुआ है। यहां औसत कीमत 2.94 डॉलर से बढ़कर 4.09 डॉलर प्रति गैलन हो गई, यानी करीब 39% की वृद्धि। इसका सीधा असर वाहन चलाने की लागत पर पड़ा है।

    भारत में करीब 8% बढ़ी कीमत
    मध्य पूर्व में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारत में भी देखने को मिला। दिल्ली में फरवरी के मुकाबले पेट्रोल और डीजल की कीमत करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर बढ़ी। हालांकि, जहां कई देशों में पेट्रोल 40-50% तक महंगा हुआ, वहीं भारत में बढ़ोतरी करीब 8% रही। भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में लंबे समय तक तेल महंगा रहने का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

    सिर्फ पेट्रोल नहीं, हर सेक्टर पर असर
    कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहता। खेती, फैक्ट्रियों, ट्रांसपोर्ट और सप्लाई चेन की लागत बढ़ने से सामान की कीमतों पर भी दबाव आता है। तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल फूड पैकेजिंग, प्लास्टिक बोतल, मेडिकल सिरिंज, पॉलिएस्टर, नायलॉन, कॉस्मेटिक्स, डिटर्जेंट और पेंट समेत कई उत्पादों में होता है। इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी उत्पादन से लेकर बाजार तक पूरी लागत को प्रभावित कर सकती है।

    भारत के लिए क्यों बढ़ सकती है चिंता?
    भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है। यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक बना रहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं, तो इसका असर पेट्रोल-डीजल, माल ढुलाई, खाद, पैकेजिंग और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। यानी जंग भले ही पश्चिम एशिया में हो रही हो, लेकिन उसकी आर्थिक आंच दुनिया के दूसरे हिस्सों और भारत के घरेलू बाजार तक भी पहुंच सकती है।

  • MP में कोटे की 68% बारिश, अब तक 25.5 इंच पानी गिरा, आज 3 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    MP में कोटे की 68% बारिश, अब तक 25.5 इंच पानी गिरा, आज 3 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 25.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 68% है। हालांकि प्रदेश में अब भी सामान्य से 11% कम बारिश हुई है। 40 जिलों में बारिश औसत से कम है, जबकि 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिर चुका है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसून अब उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में सक्रिय होगा। अगले दो दिन भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    बुधवार को भिंड, दतिया और सागर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, दमोह, मैहर और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    अब तक 3.1 इंच कम बारिश

    IMD के मुताबिक प्रदेश में अब तक 648.7 मिमी यानी 25.5 इंच बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 727.9 मिमी यानी 28.6 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में 3.1 इंच कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 7% और पश्चिमी हिस्से में 14% कम बारिश दर्ज की गई है।

    40 जिलों में 3% से 50% तक कम बारिश हुई है। इनमें पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिले शामिल हैं।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 2% से 49% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में सिस्टम की एक्टिविटी बनी हुई है। इसके चलते अगले तीन दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • आज का राशिफल 26 अगस्त: किसी को धन लाभ तो किसी को सावधानी की जरूरत, जानें मेष से मीन तक दिन का हाल

    आज का राशिफल 26 अगस्त: किसी को धन लाभ तो किसी को सावधानी की जरूरत, जानें मेष से मीन तक दिन का हाल

    नई दिल्ली । 26 अगस्त का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज किसी राशि के जातकों को कामकाज में सफलता मिल सकती है तो किसी को अपने खर्च और फैसलों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। नौकरी करने वालों के लिए दिन नई जिम्मेदारियां लेकर आ सकता है जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को किसी महत्वपूर्ण सौदे में जल्दबाजी करने से बचना चाहिए। पारिवारिक जीवन में भी आज छोटी छोटी बातों को लेकर तनाव लेने के बजाय बातचीत के जरिए स्थिति संभालना बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक सभी जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत नजर आएगी और किसी वरिष्ठ व्यक्ति से सहयोग मिल सकता है। कारोबार में नई योजना पर काम शुरू करने का मौका मिल सकता है। धन के मामले में स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अनावश्यक खरीदारी से बचना बेहतर होगा। परिवार में किसी सदस्य की बात आपको परेशान कर सकती है इसलिए संयम बनाए रखें।

    वृषभ राशि के जातकों को आज काम के सिलसिले में कुछ अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। रुका हुआ काम पूरा होने से राहत मिलेगी। नौकरी में बदलाव का विचार कर रहे हैं तो जल्दबाजी में निर्णय न लें। व्यापार में किसी नए व्यक्ति पर पूरी तरह भरोसा करने से पहले जानकारी जरूर हासिल करें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। आपकी बातचीत और समझदारी से कोई महत्वपूर्ण काम बन सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पर ध्यान देने का अच्छा समय है। आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं लेकिन बचत को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।

    कर्क राशि के लोगों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। कार्यस्थल पर किसी सहयोगी के साथ मतभेद हो सकता है लेकिन शांत रहकर बात करने से स्थिति संभल जाएगी। खर्च बढ़ने की संभावना है इसलिए बजट बनाकर चलें। परिवार में किसी पुराने मुद्दे का समाधान हो सकता है।

    सिंह राशि के लिए आज का दिन उपलब्धियों वाला हो सकता है। लंबे समय से अटका काम आगे बढ़ सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है। कारोबारियों को लाभ का अवसर मिल सकता है। सामाजिक स्तर पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। हालांकि अपनी उपलब्धियों को लेकर जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास से बचना चाहिए।

    कन्या राशि वालों को आज काम में व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ना लाभ देगा। जल्दबाजी में लिया गया फैसला परेशानी पैदा कर सकता है। धन से जुड़े मामलों में सावधानी रखें। किसी पुराने निवेश से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आराम और दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी होगा।

    तुला राशि के जातकों के लिए दिन मिलाजुला रह सकता है। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन मेहनत का परिणाम भी मिलेगा। कारोबार में नए संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। रिश्तों में गलतफहमी से बचने के लिए खुलकर बातचीत करें। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचना बेहतर होगा।

    वृश्चिक राशि के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। करियर से जुड़ा कोई अच्छा अवसर सामने आ सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानी कम हो सकती है। धन की स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। हालांकि किसी को पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच लें।

    धनु राशि वालों के लिए आज यात्रा या काम से जुड़ी कोई योजना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। कारोबार में लाभ के लिए मेहनत करनी होगी। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। विद्यार्थियों को अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान देना चाहिए।

    मकर राशि के जातकों को आज धैर्य के साथ काम करने की जरूरत होगी। कार्यस्थल पर आपकी परीक्षा हो सकती है लेकिन मेहनत से स्थिति आपके पक्ष में आ सकती है। आर्थिक मामलों में दिन सामान्य रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है जिससे पुरानी यादें ताजा होंगी।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। कारोबार में नई योजना शुरू करने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। खर्च पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी।

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। नौकरी और कारोबार में मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। धन लाभ के अवसर बन सकते हैं लेकिन निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा। परिवार के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। कुल मिलाकर आज धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना आपके लिए लाभकारी रहेगा।