Author: bharati

  • प्रदूषण जागरूकता अभियान के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज पर बॉम्बे हाई कोर्ट नाराज, BMC और पुलिस को दिए सख्त निर्देश

    प्रदूषण जागरूकता अभियान के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज पर बॉम्बे हाई कोर्ट नाराज, BMC और पुलिस को दिए सख्त निर्देश


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने जागरूकता अभियान में सहयोग के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज पर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ अभियान में योगदान देने के लिए ऐसे लोगों से संपर्क करने की जरूरत नहीं है, जो इसके बदले भुगतान की मांग करते हैं। पीठ ने उम्मीद जताई कि फिल्मी हस्तियां अपने शहर के प्रति जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी दिखाते हुए इस तरह के जनहित अभियान में सहयोग करेंगी।

    सोमवार को सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सरकारी वकील ज्योति चव्हाण ने अदालत को बताया कि अधिकारियों ने प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने अभियान में शामिल होने के लिए फीस मांगी। इस पर जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि यदि सेलिब्रिटीज अपने ही शहर के प्रति जागरूक नहीं हैं और केवल फीस लेकर अभियान में शामिल होना चाहते हैं, तो यह खेदजनक है।

    पीठ ने यह भी सवाल किया कि जब फिल्मी हस्तियां पुलिस विभाग के कार्यक्रमों में शामिल हो सकती हैं, तो प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता अभियान में सहयोग क्यों नहीं कर सकतीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े संदेशों के प्रचार का खर्च सरकारी खजाने पर नहीं डाला जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों को लोगों तक पहुंचाने और उनके प्रभावी पालन पर भी चर्चा हुई।

    यह मामला त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले वायु तथा ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए अदालत की ओर से स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने 22 सितंबर को आदेश दिया था कि त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सड़कों और रास्तों पर पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे। अदालत ने लेजर लाइट और तेज रोशनी वाली बीम लाइट के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने अधिकारियों से पूछा कि गणपति उत्सव और नवरात्रि के समय इन आदेशों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए क्या कदम उठाए गए।

    सुनवाई में शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था का मुद्दा भी उठा। अदालत की सहायता कर रहे एमिकस क्यूरी अस्पी चिनॉय ने प्रशासन की ओर से दाखिल हलफनामों में शिकायतों के लिए समर्पित और रिकॉर्ड की जाने वाली हेल्पलाइन का स्पष्ट विवरण नहीं होने की बात कही। इसके जवाब में बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से पेश वकील जोएल कार्लोस ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें 24 घंटे चालू रहने वाली आपदा हेल्पलाइन 1916 पर दर्ज कराई जा सकती हैं।

    अदालत ने मुंबई की बड़ी झुग्गी बस्तियों में प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन पर भी चिंता जताई। पीठ के मुताबिक, इन इलाकों में देर रात तक पटाखे फोड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई गई। जस्टिस जीएस कुलकर्णी ने स्पष्ट किया कि अदालत किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, लेकिन कानून का पालन सभी के लिए जरूरी है। पीठ ने नागरिक अधिकारियों को स्थानीय वार्ड पार्षदों को भी जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करने का निर्देश दिया।

    हाई कोर्ट ने BMC, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निगरानी जारी रखने और नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी। उस दौरान प्रदूषण रोकने और अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों पर विचार किया जाएगा।

  • दलेर मेहंदी विवाद में मंत्री सुबोध उनियाल का दोटूक बयान, बोले- माफी मांगने का सवाल नहीं, मीका सिंह के दावे खारिज

    दलेर मेहंदी विवाद में मंत्री सुबोध उनियाल का दोटूक बयान, बोले- माफी मांगने का सवाल नहीं, मीका सिंह के दावे खारिज

    नई दिल्ली । पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के बीच कुंजापुरी मेले में हुई घटना को लेकर विवाद जारी है। अब मंत्री ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने दलेर मेहंदी से माफी नहीं मांगी है। उन्होंने इस दावे को भी खारिज किया कि विवाद के बाद उन्होंने गायक से माफी मांगकर मामला खत्म करने की कोशिश की थी। इस मुद्दे पर दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह पहले ही नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।

    एक बातचीत के दौरान जब सुबोध उनियाल से पूछा गया कि क्या उन्होंने दलेर मेहंदी से माफी मांगी है, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया। मंत्री ने कहा कि उनके लिए माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्होंने कौन-सा अपराध किया है, जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि वह पूरे मामले में अपनी गलती स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

    मंत्री ने दलेर मेहंदी की तबीयत को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए था। अगर वह कार्यक्रम में पहुंचे भी थे, तो आयोजकों और वहां मौजूद लोगों को अपनी स्थिति के बारे में पहले जानकारी देनी चाहिए थी। सुबोध उनियाल ने कहा कि किसी व्यक्ति की तबीयत खराब है या नहीं, यह उसके चेहरे से पता नहीं चलता। इसलिए कलाकार को अपनी परेशानी के बारे में पहले से बताना चाहिए था, ताकि आयोजक उसी के अनुसार व्यवस्था कर सकें।

    सुबोध उनियाल ने इस मामले में जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि माफी उसी व्यक्ति को मांगनी चाहिए, जिसने गलती की हो। उन्होंने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि गायक को कार्यक्रम के लिए भुगतान किया गया था, लेकिन उनकी प्रस्तुति दर्शकों की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। मंत्री ने इसी आधार पर अपनी ओर से माफी मांगने की जरूरत से इनकार किया।

    विवाद की शुरुआत उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में सुबोध उनियाल ने मंच पर गायक की परफॉर्मेंस को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि दलेर मेहंदी ठीक से प्रस्तुति नहीं दे रहे थे, शराब पीकर आए थे और लिप-सिंक कर रहे थे। इन आरोपों के बाद मामला तूल पकड़ गया और गायक के समर्थकों के बीच भी नाराजगी देखने को मिली।

    दलेर मेहंदी के भाई मीका सिंह ने अपने भाई का बचाव करते हुए मंत्री से माफी मांगने की मांग की थी। मीका सिंह की टीम की ओर से यह दावा भी किया गया था कि सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है। हालांकि, मंत्री के ताजा बयान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। दोनों पक्षों के बयानों के कारण विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

    मामले को शांत कराने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से माफी मांगी थी। इसके बावजूद सुबोध उनियाल ने खुद माफी मांगने की बात से इनकार किया है। ऐसे में कुंजापुरी मेले में हुई घटना को लेकर विवाद अभी पूरी तरह समाप्त होता नजर नहीं आ रहा है।

  • Share Market Today, बाजार की दिशा तय करेंगे वैश्विक संकेत और कंपनियों के नतीजे, निवेशकों के लिए अहम रहेगा आज का कारोबार

    Share Market Today, बाजार की दिशा तय करेंगे वैश्विक संकेत और कंपनियों के नतीजे, निवेशकों के लिए अहम रहेगा आज का कारोबार


    नई दिल्ली । शेयर बाजार में मंगलवार 27 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान उतार चढ़ाव का माहौल बना रहा। पिछले कारोबारी सत्र में अच्छी रिकवरी के बाद निवेशकों को बाजार में तेजी लौटने की उम्मीद थी लेकिन वैश्विक संकेतों कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों ने बाजार की चाल को प्रभावित किया। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव दिखाई दिया। निवेशकों की नजर इस बात पर बनी रही कि घरेलू खरीदारी बाजार को कितनी मजबूती दे पाती है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां आगे कारोबार की दिशा को किस तरह प्रभावित करती हैं।

    सोमवार 26 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद खरीदारी लौटी थी। सेंसेक्स 482.92 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73 हजार 606.75 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 153.20 अंक यानी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 22 हजार 753.20 के स्तर पर पहुंच गया था। इस तेजी से निवेशकों को कुछ राहत जरूर मिली लेकिन मंगलवार के कारोबार में बाजार की स्थिरता को लेकर सतर्कता बनी रही। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि बाजार में आई रिकवरी आगे भी जारी रहती है या फिर वैश्विक दबाव एक बार फिर गिरावट का कारण बनता है।

    बाजार की चिंता बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में कच्चे तेल की कीमतें शामिल हैं। ब्रेंट क्रूड के करीब 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता बढ़ी है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई परिवहन खर्च और कई कंपनियों की उत्पादन लागत पर पड़ सकता है। यदि कंपनियों की लागत बढ़ती है तो उनके मुनाफे पर भी दबाव आने की आशंका रहती है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता को और बढ़ाया है।

    मंगलवार को आईटी शेयरों में कमजोरी भी बाजार पर दबाव बनाने वाला प्रमुख कारक रही। इंफोसिस के वित्त वर्ष 2027 के राजस्व वृद्धि अनुमान में कटौती की खबर से कंपनी के शेयरों में दबाव देखने को मिला। इसके अलावा टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई। हालांकि दूसरी ओर टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में मजबूती दिखाई दी। कंपनी के तिमाही प्रदर्शन से जुड़े बेहतर आंकड़ों ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में कंपनियों के वित्तीय नतीजों के आधार पर अलग अलग क्षेत्रों में खरीदारी और बिकवाली देखने को मिल रही है।

    वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसले को लेकर भी निवेशक सतर्क हैं। ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेश की दिशा और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही डेरिवेटिव सौदों की एक्सपायरी के आसपास कारोबार में उतार चढ़ाव बढ़ने की संभावना भी रहती है। ऐसे में बाजार की अगली चाल को लेकर निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल बना हुआ है।

    इस माहौल में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार की हर तेजी या गिरावट के आधार पर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश से पहले कंपनियों की वित्तीय स्थिति उनके नतीजों और जोखिमों का आकलन करना महत्वपूर्ण है। अल्पकालीन कारोबार करने वालों को बाजार में तेजी से बदलती परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए जबकि लंबी अवधि के निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहने की क्षमता के अनुसार रणनीति बनानी चाहिए। कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार की दिशा आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों वैश्विक घटनाक्रम अमेरिकी फेड के फैसले और कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

  • अमृतसर में गुरुद्वारे से बाहर निकलते ही ताबड़तोड़ फायरिंग, AAP सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत, चार आरोपियों की पहचान

    अमृतसर में गुरुद्वारे से बाहर निकलते ही ताबड़तोड़ फायरिंग, AAP सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत, चार आरोपियों की पहचान

    नई दिल्ली । पंजाब के अमृतसर में सोमवार रात गोलीबारी की एक घटना में आम आदमी पार्टी की सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत हो गई। घटना थाना चाटीविंड के अंतर्गत आने वाले चीते कलां गांव की है, जहां अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस वारदात में तीरथ सिंह का दोस्त रंजीत सिंह भी घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

    जानकारी के मुताबिक, तीरथ सिंह अपने दोस्त के साथ गुरुद्वारे में मत्था टेकने गए थे। दर्शन करने के बाद जब दोनों बाहर निकले, तभी कुछ अज्ञात युवकों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से तीरथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दौरान उनके साथ मौजूद रंजीत सिंह भी गोलीबारी की चपेट में आकर घायल हो गए।

    मृतक तीरथ सिंह का परिवार स्थानीय राजनीति से जुड़ा हुआ है। उनकी मां गांव की सरपंच हैं, जबकि उनका भाई ब्लॉक समिति का सदस्य है। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। गुरुद्वारे से बाहर निकलने के दौरान हुई इस वारदात ने इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    मामले की शिकायत सरपंच की ओर से दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान की है। इनमें गुरजंट, गोरा, हरकीरत उर्फ हॉकी और गुरदित्त सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर छापेमारी की जा रही है। जांच के तहत घटना से जुड़े तथ्यों और हमलावरों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी और गोलीबारी में इस्तेमाल किए गए हथियारों से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।

    अमृतसर देहात के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कवलप्रीत सिंह चहल ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि मामला गैंगवार का नहीं, बल्कि आपसी रंजिश का प्रतीत होता है। पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

    पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हाल के दिनों में गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। 18 सितंबर से 26 अक्टूबर के बीच मोगा, अमृतसर, लुधियाना, तरनतारन और मानसा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गोली चलने की 11 घटनाएं दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं में आम नागरिकों के अलावा पुलिसकर्मी और नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता भी निशाना बने हैं। कुछ मामलों में हमलावर बाइक या एसयूवी से पहुंचे, जबकि अन्य घटनाओं में विवाद के बाद गोलीबारी की बात सामने आई।

    चीते कलां गांव में हुई ताजा वारदात के बाद पुलिस के सामने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और घटना की वजह स्पष्ट करने की चुनौती है। फिलहाल, तीरथ सिंह की मौत और उनके दोस्त के घायल होने के मामले में जांच जारी है।

  • ऋतिक रोशन से तलाक के बाद अर्सलान गोनी संग खुश हैं सुजैन खान, सबा आजाद और बच्चों की परवरिश पर भी खुलकर बोलीं

    ऋतिक रोशन से तलाक के बाद अर्सलान गोनी संग खुश हैं सुजैन खान, सबा आजाद और बच्चों की परवरिश पर भी खुलकर बोलीं

    नई दिल्ली । अभिनेता ऋतिक रोशन और सुजैन खान कभी बॉलीवुड के चर्चित जोड़ों में गिने जाते थे। करीब 14 साल की शादी के बाद दोनों ने अलग होने का फैसला किया था। तलाक के बाद दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं। ऋतिक रोशन अभिनेत्री सबा आजाद के साथ रिश्ते में हैं, जबकि सुजैन खान अर्सलान गोनी के साथ अपने संबंधों को लेकर खुश हैं। हाल ही में सुजैन ने अपने रिश्ते, पूर्व पति ऋतिक के साथ दोस्ती और बच्चों की परवरिश को लेकर खुलकर बात की।

    सुजैन खान ने अर्सलान गोनी की तारीफ करते हुए कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानती हैं कि अर्सलान उनकी जिंदगी में आए। उनके मुताबिक, अर्सलान एक बेहतरीन इंसान हैं और उनके दिल को पूरा करते हैं। सुजैन ने बताया कि दोनों की मुलाकात ऐसे समय हुई, जब उन्हें एक-दूसरे के साथ और प्यार की जरूरत थी। उनके लिए यह रिश्ता भावनात्मक सहारे और साथ का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

    अर्सलान के साथ अपने भविष्य को लेकर सुजैन ने कहा कि दोनों ने परिस्थितियां कैसी भी हों, जिंदगी को बेहतर तरीके से जीने का फैसला किया है। उनके मुताबिक, जीवन में परेशानियां आने के बावजूद एक-दूसरे का साथ सबसे ज्यादा मायने रखता है। सुजैन ने अपने रिश्ते को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि वह अर्सलान के साथ खुद को सुरक्षित और सहज महसूस करती हैं।

    उन्होंने अपनी मौजूदा जिंदगी पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि उनका करियर अच्छा चल रहा है और उनके बच्चे भी उनकी जिंदगी की बड़ी खुशी हैं। सुजैन के मुताबिक, वह जिस तरह से आज अपनी जिंदगी जी रही हैं, उससे पूरी तरह खुश हैं। उनके बयान से स्पष्ट है कि वह अपने वर्तमान रिश्ते और निजी जीवन को लेकर सकारात्मक नजरिया रखती हैं।

    बातचीत के दौरान सुजैन ने ऋतिक रोशन और सबा आजाद के रिश्ते पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने सबा को शानदार इंसान बताते हुए कहा कि ऋतिक उन्हें पाकर बहुत खुशकिस्मत हैं। सुजैन के अनुसार, सभी लोग अपने-अपने रिश्तों में खुश हैं। उनके इस बयान से ऋतिक और सबा के साथ उनके सहज संबंधों की झलक मिलती है।

    तलाक के बावजूद ऋतिक और सुजैन के बीच दोस्ताना रिश्ता कायम है। दोनों अपने बेटों की परवरिश मिलकर कर रहे हैं और बच्चों से जुड़े मामलों में साथ खड़े नजर आते हैं। सुजैन ने कहा कि वह और ऋतिक हमेशा एक मजबूत रिश्ता साझा करेंगे, क्योंकि वे अपने बच्चों के माता-पिता हैं। उन्होंने परिवार के बीच बने इस जुड़ाव को किसी वरदान से कम नहीं बताया।

    सुजैन की बातों से यह भी सामने आया कि तलाक के बाद दोनों ने अपने संबंधों को नए रूप में आगे बढ़ाया है। उन्होंने अपने बच्चों की जिम्मेदारी और आपसी सम्मान को प्राथमिकता दी है। वहीं, अर्सलान के साथ अपने रिश्ते को लेकर सुजैन ने खुशी और भरोसा जाहिर किया है।

    सुजैन खान और अर्सलान गोनी की शादी को लेकर प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि, सुजैन ने अपने हालिया बयान में दूसरी शादी की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की। इसी तरह ऋतिक रोशन और सबा आजाद की शादी को लेकर भी प्रशंसक उत्सुक हैं, लेकिन फिलहाल दोनों के विवाह को लेकर कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।

  • आज का राशिफल, किसी को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी तो किसी के सामने आएंगी चुनौतियां, जानें मेष से मीन तक का हाल

    आज का राशिफल, किसी को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी तो किसी के सामने आएंगी चुनौतियां, जानें मेष से मीन तक का हाल

    नई दिल्ली । आज मंगलवार का दिन है और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की चाल सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकती है। आज का दिन कुछ लोगों के लिए कामकाज में नई संभावनाएं लेकर आ सकता है तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों और रिश्तों में सोच समझकर कदम उठाने की जरूरत होगी। चंद्रमा के मेष राशि में गोचर के कारण आत्मविश्वास और सक्रियता पर जोर रह सकता है। दिन बढ़ने के साथ परिस्थितियों में बदलाव महसूस हो सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने की संभावना है।

    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। लंबे समय से अटके कामों को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि गुस्से में कोई फैसला लेने से बचें। परिवार के सदस्यों की बात ध्यान से सुनना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

    वृषभ राशि वालों को आज अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। अचानक कोई घरेलू खर्च सामने आ सकता है। कार्यक्षेत्र में धैर्य के साथ काम करें और दूसरों की बातों में आकर निवेश करने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का हो सकता है। आराम और पर्याप्त नींद को प्राथमिकता दें।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए आज नए संपर्क बनाने और पुरानी योजनाओं की समीक्षा करने का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी सलाह को महत्व मिल सकता है। आर्थिक लेनदेन करते समय दस्तावेजों को अच्छी तरह पढ़ें। जल्दबाजी में किसी को वादा देने से बचें। प्रेम संबंधों में खुलकर बातचीत करने से गलतफहमियां दूर हो सकती हैं।

    कर्क राशि वालों को मेहनत का लाभ मिलने की उम्मीद रखनी चाहिए। नौकरी और कारोबार में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान दें। वरिष्ठ लोगों का मार्गदर्शन काम आ सकता है। पारिवारिक माहौल अच्छा बनाए रखने के लिए छोटी बातों को तूल न दें। स्वास्थ्य के मामले में अपनी दिनचर्या व्यवस्थित रखें।

    सिंह राशि के जातकों के लिए आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर है। पढ़ाई और करियर से जुड़े मामलों में नई दिशा मिल सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम में अनुभवी व्यक्ति की सलाह उपयोगी रहेगी। दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें।

    कन्या राशि वालों को आज आर्थिक मामलों और बातचीत में सावधानी रखनी चाहिए। काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन व्यवस्थित तरीके से काम करने पर स्थिति संभल सकती है। परिवार में किसी पुराने विषय पर चर्चा हो सकती है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें।

    तुला राशि के लिए साझेदारी और रिश्ते आज महत्वपूर्ण रह सकते हैं। कारोबार में नए प्रस्ताव मिल सकते हैं लेकिन किसी समझौते पर सहमति देने से पहले शर्तें जांच लें। जीवनसाथी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। अनावश्यक बहस से बचना बेहतर रहेगा।

    वृश्चिक राशि के जातकों को अपनी मेहनत और साहस पर भरोसा रखना चाहिए। प्रतिस्पर्धा वाले कामों में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है। पुराने विवाद को बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें। पैसों से जुड़े मामलों में जोखिम लेने से पहले सोचें।

    धनु राशि वालों के लिए रचनात्मक काम और नई योजनाओं पर ध्यान देने का दिन है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में नियमितता बनाए रखनी चाहिए। परिवार और मित्रों के साथ अच्छा समय मिल सकता है। जरूरी कामों को टालने के बजाय समय पर पूरा करने की कोशिश करें।

    मकर राशि के जातकों को आज धैर्य और अनुशासन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। परिवार का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। किसी संपत्ति या बड़े खर्च से जुड़े फैसले में जल्दबाजी न करें।

    कुंभ राशि वालों के लिए संपर्क और संवाद महत्वपूर्ण रहेंगे। नए लोगों से बातचीत भविष्य में उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि किसी की बात पर तुरंत भरोसा करने से बचें। अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए समय का सही इस्तेमाल करें।

    मीन राशि के जातकों को आज कामकाज और आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना चाहिए। मन भटकने पर जरूरी काम अधूरे रह सकते हैं इसलिए प्राथमिकताएं तय करें। परिवार के साथ बातचीत से तनाव कम हो सकता है। अपनी सेहत और आराम का ध्यान रखें।

    कुल मिलाकर आज का दिन योजनाबद्ध तरीके से काम करने और सोच समझकर फैसले लेने का संदेश देता है। राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य संकेत हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी न मानें और धन स्वास्थ्य या करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले व्यावहारिक जानकारी के आधार पर लें।

  • राजा मानधाता की कठोर तपस्या से जुड़ा ओंकारेश्वर धाम, जानें 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल इस पवित्र मंदिर की खास मान्यताएं

    राजा मानधाता की कठोर तपस्या से जुड़ा ओंकारेश्वर धाम, जानें 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल इस पवित्र मंदिर की खास मान्यताएं


    मध्य प्रदेश: में नर्मदा नदी के किनारे स्थित ओंकारेश्वर धाम भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल इस तीर्थस्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु महादेव के दर्शन करने पहुंचते हैं। यहां नर्मदा नदी के घाट, प्राचीन मंदिर और पूजा-अर्चना का वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का संगम होने के कारण ओंकारेश्वर देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में विशेष स्थान रखता है।

    ओंकारेश्वर की पहचान यहां स्थित मानधाता द्वीप से भी जुड़ी हुई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस द्वीप को ऊपर से देखने पर इसका आकार ओम जैसा दिखाई देता है। हिंदू धर्म में ओम को पवित्र ध्वनि और आध्यात्मिक प्रतीक माना जाता है। इसी मान्यता के कारण इस स्थान का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा के साथ द्वीप की धार्मिक पहचान से भी परिचित होते हैं।

    ओंकारेश्वर धाम की सबसे प्रमुख पौराणिक मान्यताओं में राजा मानधाता की तपस्या का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि राजा मानधाता ने इसी पर्वत पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए लंबे समय तक कठोर तप किया था। उनकी साधना से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें दर्शन दिए। इसी कथा को ओंकारेश्वर धाम की धार्मिक पहचान से जोड़ा जाता है। श्रद्धालुओं के लिए यह प्रसंग भक्ति, साधना और भगवान शिव के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

    इस तीर्थस्थल का संबंध आदि शंकराचार्य से भी बताया जाता है। मान्यता है कि अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने यहां समय बिताया था। अद्वैत वेदांत की परंपरा में भी ओंकारेश्वर का विशेष महत्व माना जाता है। इस कारण यहां केवल भगवान शिव के भक्त ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ज्ञान, दर्शन और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले लोग भी पहुंचते हैं। मंदिर परिसर और नर्मदा नदी के आसपास का शांत वातावरण श्रद्धालुओं को ध्यान और साधना के लिए आकर्षित करता है।

    ओंकारेश्वर की यात्रा में ममलेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यह मंदिर नर्मदा नदी के दूसरे तट पर स्थित है और इसे अमलेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, ओंकारेश्वर आने वाले अनेक श्रद्धालु ममलेश्वर महादेव की पूजा भी करते हैं। मान्यता है कि दोनों मंदिरों के दर्शन करने से तीर्थयात्रा पूर्ण होती है। इसी वजह से भक्त नर्मदा के दोनों किनारों पर स्थित इन प्राचीन शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं।

    ओंकारेश्वर और ममलेश्वर धाम की विशेषता केवल उनकी धार्मिक मान्यताओं तक सीमित नहीं है। नर्मदा नदी के घाट, मंदिरों में होने वाली पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की मौजूदगी यहां के वातावरण को विशिष्ट बनाते हैं। नदी के किनारे स्थित मंदिरों का प्राकृतिक परिवेश इस तीर्थस्थल की पहचान को और आकर्षक बनाता है।

    भगवान शिव के दर्शन, धार्मिक आस्था और मानसिक शांति की तलाश में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचते हैं। राजा मानधाता की तपस्या से जुड़ी पौराणिक कथा, मानधाता द्वीप का ओम जैसा आकार, आदि शंकराचार्य से संबंधित मान्यता और ममलेश्वर मंदिर के दर्शन इस धाम को विशेष धार्मिक पहचान देते हैं। यही कारण है कि ओंकारेश्वर मध्य प्रदेश के प्रमुख शिव तीर्थों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

  • इंदौर की राजकमल रेसीडेंसी में मिला बिजली कर्मचारी का शव, महिला मित्र से पूछताछ, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

    इंदौर की राजकमल रेसीडेंसी में मिला बिजली कर्मचारी का शव, महिला मित्र से पूछताछ, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार


    इंदौर । इंदौर के गांधी नगर क्षेत्र स्थित राजकमल रेसीडेंसी में एक बिजली कर्मचारी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान निर्मल राजपूत के रूप में हुई है जो बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर काम करता था। उसका शव एक महिला मित्र के फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पुलिस को उसके शरीर पर हल्के चोट के निशान भी मिले हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक मौत करीब 12 घंटे पहले हुई हो सकती है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

    आधी रात को मिली सूचना के बाद पहुंची पुलिस

    पुलिस के मुताबिक सोमवार रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम राजकमल रेसीडेंसी स्थित फ्लैट पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर शव की स्थिति का निरीक्षण किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। शरीर पर चोट के हल्के निशान मिलने के बाद पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

    निर्मल मूल रूप से बागड़दा एरोड्रम क्षेत्र का निवासी था। वह बिजली विभाग में लाइनमैन के रूप में कार्यरत था। पुलिस के अनुसार वह राजकमल रेसीडेंसी में रहने वाली महिला का परिचित था। महिला अपने पति से अलग रहती है। फिलहाल पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की है ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मृतक के फ्लैट तक पहुंचने के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

    सीसीटीवी फुटेज भी जांच के दायरे में

    पुलिस जांच में सोसायटी के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कैमरों में निर्मल बिल्डिंग में पीछे के रास्ते से आता दिखाई दिया है। पुलिस अब फुटेज और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निर्मल फ्लैट पर कब पहुंचा था और उसके बाद वहां क्या परिस्थितियां बनीं।

    हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। शरीर पर मिले चोट के निशानों की प्रकृति और उनकी मौत से संभावित संबंध का पता मेडिकल जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस महिला से पूछताछ के साथ दूसरे जरूरी पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

    एसीपी निधि सक्सेना के मुताबिक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और महिला मित्र से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोट के निशान कैसे आए और क्या उनका मौत से कोई संबंध है।

    निर्मल के परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लिए भी यह मामला चिंता और सदमे का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस ने मौत को लेकर किसी अंतिम नतीजे की घोषणा नहीं की है। जांच के नतीजे और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज पूछताछ और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • बालाघाट में 17 साल तक फर्जी डॉक्टर बनकर करता रहा इलाज, बीएमओ भी बना, FIR होते ही फरार

    बालाघाट में 17 साल तक फर्जी डॉक्टर बनकर करता रहा इलाज, बीएमओ भी बना, FIR होते ही फरार


    बालाघाट । मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति दूसरे डॉक्टर के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर करीब 17 साल तक सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज करता रहा। इतना ही नहीं वह ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर यानी बीएमओ जैसे जिम्मेदार पद पर भी काम करता रहा। जांच में उसकी पहचान रीवा निवासी शिवकुमार पांडे के रूप में सामने आई है जो कथित तौर पर डॉ. सुनील कुमार सिंह के नाम से नौकरी कर रहा था। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

    दूसरे डॉक्टर के नाम पर हासिल की सरकारी नौकरी

    विभागीय आदेश और बालाघाट के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के प्रतिवेदन के मुताबिक असली डॉ. सुनील कुमार चिकित्सा अधिकारी के पद पर देवास जिले में पदस्थ हैं। वहीं शिवकुमार पांडे पर आरोप है कि उसने डॉ. सुनील कुमार सिंह के नाम शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और स्वास्थ्य विभाग में संविदा चिकित्सक की नौकरी हासिल कर ली। वह कई वर्षों तक बिरसा और दमोह क्षेत्र में काम करता रहा। इस दौरान उसे प्रभारी बीएमओ की जिम्मेदारी भी मिली। इतने लंबे समय तक सरकारी व्यवस्था में काम करने के बावजूद उसकी वास्तविक पहचान सामने नहीं आ सकी।

    इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि एक ही डॉक्टर के नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग व्यक्तियों के सरकारी सेवा में होने का मामला लंबे समय तक विभागीय निगरानी से बाहर रहा। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नियुक्ति के समय दस्तावेजों का सत्यापन किस तरह हुआ और आरोपी इतने वर्षों तक जांच से कैसे बचा रहा।

    2024 में शिकायत के बाद भी नहीं खुला मामला

    रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में भी बिरसा में पदस्थ डॉ. सुनील सिंह की डिग्री को लेकर शिकायत की गई थी। उस समय जांच के बाद आरोपी को क्लीनचिट दे दी गई थी। तत्कालीन बालाघाट सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडे ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए बताया था कि शिकायत मिलने पर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर रीवा मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया गया था। उनके अनुसार कॉलेज की ओर से बताया गया था कि सुनील सिंह नाम का व्यक्ति वहां पढ़ा था और उसने पढ़ाई पूरी की थी। इसी जानकारी के आधार पर उस समय कार्रवाई की गई थी।

    हालांकि अब सामने आए मामले ने पिछली जांच की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि क्या मूल डॉक्टर के दस्तावेजों और आरोपी की पहचान का आपस में मिलान किया गया था। क्या मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर की स्वतंत्र रूप से जांच हुई थी और क्या देवास में पदस्थ असली डॉक्टर के रिकॉर्ड से तुलना की गई थी। इन सवालों के जवाब विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।

    भास्कर की खबर के बाद राज्य स्तर पर जांच

    दैनिक भास्कर डिजिटल पर दस्तावेजों के साथ खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तर पर जांच समिति गठित की। जांच में बालाघाट में डॉ. सुनील कुमार सिंह के नाम से नौकरी करने वाले व्यक्ति की पहचान शिवकुमार पांडे के रूप में किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद बिरसा थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।

    पुलिस आरोपी की तलाश में रीवा जिले के बड़ागांव और खुटेही क्षेत्र तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक स्थानीय लोगों ने तस्वीर देखकर व्यक्ति की पहचान शिवकुमार पांडे के रूप में की। खुटेही स्थित मकान पर पहुंचने पर उसके बेटे और बेटी ने भी तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति को अपना पिता बताया। हालांकि पुलिस की दबिश के दौरान आरोपी घर पर नहीं मिला।

    पुलिस को आरोपी की तलाश और संपत्ति की जांच

    प्रभारी बीएमओ डॉ. नरेश मारन की शिकायत पर शिवकुमार पांडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) 340(2) और 336(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के साथ उसकी चल और अचल संपत्ति का विवरण भी जुटा रही है। इसके लिए रीवा की गुढ़ और हुजूर तहसीलों को पत्र भेजे गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं और उस पर इनाम भी घोषित किया गया है।

    यह मामला केवल कथित फर्जी नियुक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में दस्तावेजों के सत्यापन और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करता है। मरीजों के इलाज से जुड़े पदों पर नियुक्ति के दौरान शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल रजिस्ट्रेशन की सही जांच बेहद जरूरी है। अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित फर्जीवाड़ा कैसे हुआ और इतने वर्षों तक संबंधित विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल सकी।

  • मोहन कैबिनेट के एजेंडे में 21 प्रस्ताव, गेहूं निपटान से लेकर सिंचाई परियोजनाओं और संविदा नियुक्तियों पर चर्चा

    मोहन कैबिनेट के एजेंडे में 21 प्रस्ताव, गेहूं निपटान से लेकर सिंचाई परियोजनाओं और संविदा नियुक्तियों पर चर्चा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में चमकविहीन गेहूं के पुराने मामले सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक के एजेंडे में कुल 21 विषय शामिल हैं। इनमें खाद्य विभाग से जुड़े गेहूं के निराकरण के प्रस्ताव के साथ सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता नए जिलों में शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों के गठन पेंशन और चिकित्सा देयकों से जुड़े मामले भी रखे गए हैं। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं को जारी रखने और सेवानिवृत्त अधिकारियों को संविदा नियुक्ति देने के प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।

    छह साल पुराने गेहूं के मामले पर नजर

    कैबिनेट बैठक के प्रमुख विषयों में वर्ष 2020-21 के दौरान खरीदे गए चमकविहीन गेहूं के निराकरण का मामला शामिल है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से 7 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं के टेंडर के जरिए निराकरण की प्रक्रिया पूरी करने और 5.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निराकरण को कार्योत्तर मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव पर सरकार विचार करेगी। कार्योत्तर मंजूरी का अर्थ किसी कार्य या प्रक्रिया के पूरा होने के बाद उसके लिए औपचारिक स्वीकृति लेने से है। हालांकि बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी या नहीं इसका फैसला कैबिनेट के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

    सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने पर चर्चा

    जल संसाधन विभाग की तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में शामिल हैं। इनमें छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स चेटरखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना और पचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। इन परियोजनाओं की निरंतरता को लेकर सरकार विचार करेगी। इसके साथ पांच वर्ष की अवधि वाली एक वृहद परियोजना को आगे जारी रखने का प्रस्ताव भी एजेंडे में रखा गया है। इन प्रस्तावों का संबंध सिंचाई व्यवस्था और परियोजनाओं के काम को निरंतर आगे बढ़ाने से है।

    वन विभाग की कैम्पा निधि के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग ने नवगठित जिलों निवाड़ी मऊगंज पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थापित करने के लिए नए पदों की स्वीकृति का प्रस्ताव रखा है। इससे इन जिलों में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।

    पेंशन और चिकित्सा बिलों पर भी विचार

    कैबिनेट के एजेंडे में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों की पेंशन से जुड़े मामले भी शामिल हैं। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रस्ताव में सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड-2 मार्तंड सिंह परिहार की देय पेंशन वापस लेने का विषय रखा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत पूर्व सहायक यंत्रियों की पेंशन से जुड़े मामलों पर भी विचार होगा। इनमें बड़वानी जिले की जनपद पंचायत निवाली का मामला शामिल है।

    गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस अधिकारी नीलकंठ बढ़ार की वेतनवृद्धि से जुड़े पुराने प्रकरण पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा छतरपुर में पदस्थ वैज्ञानिक अधिकारी रितेश चंद्र शुक्ल और दिवंगत आरक्षक 515 अभिषेक सिंह भदौरिया के निजी अस्पतालों में हुए उपचार के चिकित्सा देयकों की स्वीकृति के प्रस्ताव भी रखे गए हैं। जबलपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के चिकित्सा देयकों के भुगतान का मामला भी बैठक में शामिल है।

    योजनाओं की निरंतरता और संविदा नियुक्तियां

    सामान्य प्रशासन विभाग के एजेंडे में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू के वेतन भत्ते प्रशासनिक भवन निर्माण और विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव से जुड़ी योजना जारी रखने का प्रस्ताव है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग की योजनाओं को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने पर भी विचार किया जाएगा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं के स्वीकृत मदों को इसी अवधि तक जारी रखने का प्रस्ताव भी शामिल है।

    आनंद विभाग में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव को राज्य आनंद संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर संविदा नियुक्ति देने का प्रस्ताव रखा गया है। नर्मदा घाटी विकास विभाग में शिकायत निवारण प्राधिकरण के सदस्य न्यायिक पद पर नियुक्ति और संस्कृति विभाग में सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी सुरेश कुमार पाठक को संविदा नियुक्ति देने के विषय पर भी चर्चा होगी। अब इन सभी प्रस्तावों पर कैबिनेट के फैसले का इंतजार रहेगा।