Author: bharati

  • रामायण के गानों को लेकर छिड़ी बहस पर एआर रहमान ने तोड़ी चुप्पी, रणबीर कपूर की फिल्म रिलीज से पहले बढ़ा विवाद

    रामायण के गानों को लेकर छिड़ी बहस पर एआर रहमान ने तोड़ी चुप्पी, रणबीर कपूर की फिल्म रिलीज से पहले बढ़ा विवाद


    नई दिल्ली । रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण रिलीज से पहले ही अपने गानों को लेकर चर्चा में आ गई है। फिल्म के संगीतकार एआर रहमान को मंगल रंग और रावण तांडव जैसे गानों के लिए सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दर्शकों को फिल्म का संगीत पसंद आ रहा है तो कुछ लोग इसकी धुन और प्रस्तुति पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच एआर रहमान ने अपनी प्रतिक्रिया देकर साफ कर दिया है कि वह दर्शकों की प्रतिक्रियाओं को लेकर ज्यादा परेशान नहीं हैं और उन्हें अपने काम पर पूरा भरोसा है।

    हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में एआर रहमान ने कहा कि किसी भी संगीत को तैयार करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। नए विचारों पर काम करने से लेकर धुनों को बार बार सुधारने और पूरी रचना को परखने तक संगीतकार को कई चरणों से गुजरना पड़ता है। उनके मुताबिक जब कोई काम दर्शकों के सामने पहुंचता है तब तक उसे कई बार जांचा और सुधारा जा चुका होता है। ऐसे में हर प्रतिक्रिया को देखने और उस पर लगातार विचार करने के लिए ऊर्जा नहीं बचती। उन्होंने कहा कि वह अपना काम लोगों के सामने रख देते हैं और उम्मीद करते हैं कि दर्शक उसे पसंद करेंगे।

    रहमान ने यह भी बताया कि उनका बेटा उन्हें सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं के बारे में जानकारी देता रहता है। उनके बेटे के अनुसार कभी लोग किसी बात की आलोचना करते हैं तो कभी वही लोग अपनी राय बदल लेते हैं या माफी मांग लेते हैं। इस पर रहमान का नजरिया सहज है। उनका कहना है कि उन्होंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है और उन्हें उम्मीद है कि लोग उनके प्रयास की सराहना करेंगे। उनके बयान से यह साफ है कि वह सोशल मीडिया पर होने वाली हर टिप्पणी को अपने काम का अंतिम मूल्यांकन नहीं मानते।

    दरअसल रामायण का गाना मंगल रंग रिलीज होने के बाद से ही चर्चा में है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी तुलना साल 2012 में आई फिल्म रॉकस्टार के लोकप्रिय गीत कुन फाया कुन से की है। इस गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है। वहीं कुछ दर्शकों ने मंगल रंग की प्रस्तुति को कव्वाली जैसा बताते हुए सवाल उठाए हैं। गाने की धुन और संगीत की शैली को लेकर अलग अलग राय सामने आ रही हैं। हालांकि किसी फिल्म के संगीत को लेकर दर्शकों की पसंद अलग होना सामान्य बात है और अंतिम प्रतिक्रिया फिल्म देखने के बाद भी बदल सकती है।

    गाने के वीडियो में दिखाए गए एक दृश्य को लेकर भी बहस हुई है। इसमें रणबीर कपूर के राम वाले किरदार के साथ सीता की भूमिका में दिखाई गई अभिनेत्री को हल्दी की रस्म के दौरान दिखाया गया है। कुछ यूजर्स ने इस दृश्य पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसे पारंपरिक हिंदू रीति रिवाजों के अनुरूप दिखाया जाना चाहिए था। इस मुद्दे पर फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह विवाद फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं तक ही सीमित है।

    नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी रामायण को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता है। फिल्म पर कई वर्षों से काम चल रहा है और इसके कलाकारों तथा तकनीकी टीम की मेहनत को लेकर भी चर्चा हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म को अमेरिका ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में एडवांस बुकिंग के दौरान अच्छा शुरुआती प्रतिसाद मिल रहा है। हालांकि फिल्म की वास्तविक सफलता का आकलन रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से ही हो सकेगा। फिलहाल एआर रहमान का बयान और गानों को लेकर जारी बहस ने फिल्म की रिलीज से पहले इसकी चर्चा और तेज कर दी है।

  • E-20 के बाद सौ फीसदी एथनॉल वाले ईंधन को मंजूरी…. जानें किन वाहनों में होगा इस्तेमाल?

    E-20 के बाद सौ फीसदी एथनॉल वाले ईंधन को मंजूरी…. जानें किन वाहनों में होगा इस्तेमाल?


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) ने सौ फीसदी एथनॉल (Ethanol) (E-100) वाले ईंधन को मंजूरी दे दी है। इस ईंधन को सिर्फ उन्हीं गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिन्हें खासतौर पर ई-100 फ्यूल (E-100 fuel) से चलने के लिए बनाया हो। यह नियम अन्य वाहनों पर लागू नहीं होगा। ई-20 या सामान्य पेट्रोल से चलने वाले वाहन ई-85 या ई-100 ईंधन का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel) से चलने वाले हल्के वाहनों के लिए वजन की सीमा तीन हजार से बढ़ाकर 3,500 किलोग्राम कर दी है। नए नियमों से ऐसी कारों की टेस्टिंग और उन्हें चलाने की मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

    केंद्र ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम-1989 में संशोधन की अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार, केंद्र ने फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के लिए निर्धारित उत्सर्जन मानकों में ई-85 के साथ ई-100 को शामिल किया है। सड़क परिवहन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ई-20 से अधिक और ई-100 तक के ईंधन का इस्तेमाल केवल उन्हीं वाहनों में किया जा सकेगा, जिन्हें इसके लिए डिजाइन और प्रमाणित किया गया है।


    कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की कवायद

    सरकार कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही। ई-20 की शुरुआत पहले हो चुकी है। बता दें कि ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी ने इस साल जून में देश का पहला फ्लेक्स-फ्यूल यात्री वाहन पेश किया था।


    क्या होते हैं फ्लेक्स-फ्यूल वाहन?

    फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को ई-85 (85 प्रतिशत एथनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल) जबकि ई-100 (लगभग 100 फीसदी एथनॉल) जैसे अधिक एथनॉल मिश्रण वाले ईंधनों पर चलने के लिए बनाया जाता है। इसके विपरीत, सामान्य पेट्रोल वाहनों को कम मात्रा में एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन के इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी जाती है।


    ई-100 ईंधन के इस्तेमाल से क्या लाभ होगा?

    ई-100 के इसके इस्तेमाल से गाड़ियों से निकलने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन में भारी कमी आएगी। एथनॉल का इस्तेमाल बढ़ने से कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी। एथनॉल के बढ़ते इस्तेमाल से देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


    क्या होता है ई-100 ईंधन और कैसे बनता है?

    ई-100 100 फीसदी शुद्ध एथनॉल ईंधन है। एथनॉल मुख्य रूप से पौधों, गन्ना और मक्का से तैयार किया जाने वाला एक बायोफ्यूल है। इसमें पेट्रोल नहीं मिलाया जाता है। ईंधन इस तरह से तैयार किया जाता है कि वाहन के इंजन को कोई नुकसान नहीं होता है।


    नए नियम का मौजूदा कार मालिकों पर क्या असर होगा?

    ई-100 ईंधन की उपलब्धता से मौजूदा कार मालिकों को अपने वाहनों में बदलाव करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, सामान्य पेट्रोल कार में ई-100 डालने से पहले निर्माता की सलाह और इंजन की अनुकूलता जांचना जरूरी है।


    फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक क्या है और कैसे काम करती है?

    फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाली गाड़ियां पेट्रोल और एथेनॉल के अलग-अलग अनुपात वाले मिश्रण से चल सकती हैं। इनमें इंजन और इसे ऐसे डिजाइन किया जाता है कि वे ईंधन के अनुपात के अनुसार काम कर सकें। ई-100 के लिए विशेष अनुकूलता जरूरी है।


    दुनिया में और कहां फ्लेक्स-फ्यूल इस्तेमाल हो रहा?

    अमेरिका और ब्राजील में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का व्यापक इस्तेमाल होता है। ब्राजील में एथनॉल आधारित ईंधन खासा लोकप्रिय है।

    एथनॉल के लिए क्या इंजन में बदलाव होता है?
    ईंधन पंप, पाइप, सील और इंजेक्टर जैसे पुर्जों को एथेनॉल के अनुकूल बनाया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम भी ईंधन के अनुपात के अनुसार इंजन का संचालन करता है।


    एथनॉल की ऑक्टेन रेटिंग कैसी होती है?

    एथनॉल की ऑक्टेन रेटिंग अधिक होती है, जिससे इंजन में अनियंत्रित दहन की आशंका कम होती है। विशेष रूप से तैयार इंजन इसका बेहतर लाभ उठा सकता है।

    एथनॉल मिश्रित ईंधन की चुनौतियां क्या हैं?
    एथनॉल में पेट्रोल की तुलना में प्रति लीटर ऊर्जा कम होती है, जिससे माइलेज घट सकता है। यह कुछ धातुओं, प्लास्टिक और रबर के पुर्जों को भी प्रभावित कर सकता है।

  • जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत की टीम में वापसी की तैयारी…न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलते आएंगे नजर!

    जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत की टीम में वापसी की तैयारी…न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलते आएंगे नजर!


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट फैन्स (Indian Cricket Fans) के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है. टीम इंडिया (Team India) के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) और आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) एक साथ मैदान पर वापसी करने की तैयारी कर रहे हैं।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ 19 नवंबर से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से ठीक पहले यह दोनों धाकड़ खिलाड़ी भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेले जाने वाले तीसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच में एक्शन में दिखाई दे सकते हैं। यह मुकाबला 7 से 10 नवंबर के बीच लिंकन में खेला जाएगा।

    न्यूजीलैंड दौरे की उड़ान भरने से पहले दोनों स्टार खिलाड़ी इस समय बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं. भारतीय टेस्ट टीम में इन दोनों ही खिलाड़ियों का अहम रोल रहता है।

    अक्टूबर की शुरुआत में एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद से जसप्रीत बुमराह मैदान से बाहर थे. वेस्टइंडीज सीरीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में आराम देने के बाद अब बीसीसीआई के ‘रिटर्न-टू-प्ले’ प्रोटोकॉल के तहत वे पूरी तरह फिट होकर 1 नवंबर को न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे।


    पंत और बुमराह की हो सकती है वापसी

    ईरानी कप के दौरान साइड स्ट्रेन की समस्या से जूझ रहे ऋषभ पंत ने भी बेंगलुरु में हल्की बैटिंग प्रैक्टिस शुरू कर दी है. हालांकि, उन्हें बीसीसीआई मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलना बाकी है. पंत की अनुपस्थिति में भारत ‘ए’ के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए कुमार कुशाग्र को बैकअप के रूप में शामिल किया गया था।

    अगर मेडिकल टीम पंत को पूरी तरह फिट घोषित कर देती है तो 7 नवंबर को न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ मैच में भारतीय फैन्स को बुमराह की यॉर्कर और पंत के तूफानी छक्के एक साथ देखने को मिलेंगे, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा बूस्टर डोज साबित होगा।

  • सिग्नल सिस्टम के रूम में आग से थमी मुंबई लोकल…. 80 ट्रेनें रद्द, बढ़ी यात्रियों की परेशानी

    सिग्नल सिस्टम के रूम में आग से थमी मुंबई लोकल…. 80 ट्रेनें रद्द, बढ़ी यात्रियों की परेशानी


    मुंबई।
    मुंबई (Mumbai) में मध्य रेलवे (Central Railway) की लोकल ट्रेन सेवाएं (Local Train Services) मंगलवार को बुरी तरह प्रभावित हुईं। सिग्नलिंग सिस्टम (Signaling System) के एक कमरे में आग लगने और ओवरहेड बिजली के तारों में खराबी के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे हो गए कि 80 लोकल ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई ट्रेनें 60 से 90 मिनट की देरी से चलीं। इस बीच, सोमवार को रेलवे ट्रैक पर तीन लोगों के शव मिलने से भी चिंता बढ़ गई।

    मुंबई में रेल सेवाओं में गड़बड़ी की शुरुआत सुबह करीब 9:30 बजे हुई। कांजुरमार्ग स्टेशन के सिग्नलिंग रिले रूम में शॉर्ट सर्किट की आशंका के बीच आग लग गई। इससे कम से कम 24 सिग्नल काम करना बंद कर गए। सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित होने के कारण ट्रेनों को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत चलाना पड़ा, जिससे उनकी रफ्तार धीमी हो गई।

    एक अन्य घटना में मुलुंड और ठाणे के बीच ओवरहेड बिजली के तारों पर कोई बाहरी वस्तु गिर गई। इसके कारण डाउन लाइन पर इंसुलेटर फट गया और ट्रेन सेवाएं और प्रभावित हो गईं। इस अव्यवस्था के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ ट्रेनें करीब 30 मिनट तक एक ही जगह खड़ी रहीं, जबकि कई ट्रेनें 60 से 90 मिनट की देरी से चलीं।


    ट्रेनें रुकीं तो पटरियों पर पैदल चलने लगे यात्री

    स्टेशनों के प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के भीतर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी। लंबे इंतजार से परेशान कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर पास के स्टेशनों तक पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक पर पैदल चलने लगे। फेडरेशन ऑफ सबअर्बन रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन की सदस्य लता अरगड़े ने रेलवे की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को तुरंत घोषणाओं के जरिए जानकारी दी जानी चाहिए थी। उनके मुताबिक, जब तक यात्री पटरियों पर चलना शुरू नहीं कर चुके थे, तब तक घोषणाएं करने में काफी देर हो गई।


    भांडुप स्टेशन पर लोकल ट्रेन की चपेट में आया युवक

    रेलवे ट्रैक पर मृत मिले तीन लोगों में से एक की पहचान 21 वर्षीय साहिल थिते के रूप में हुई है। वह मुलुंड कॉलोनी का रहने वाला था। सोमवार शाम 5:39 बजे भांडुप स्टेशन पर ट्रैक पार करने के दौरान वह एसी लोकल ट्रेन की चपेट में आ गया।

    कुर्ला सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रवीण पडवी ने बताया कि साहिल प्लेटफॉर्म नंबर 4 से प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर जाने की जल्दी में ट्रैक पार कर रहा था। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।

    पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है। अधिकारी ने इस घटना को रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से जाने से जुड़ी मौत बताया। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि साहिल ने ट्रैक पार करने का फैसला रेल सेवाओं में आई गड़बड़ी के कारण लिया था या नहीं।


    घाटकोपर और विक्रोली के बीच भी मिले दो शव

    सोमवार को ही दिन में बाद में सरकारी रेलवे पुलिस ने घाटकोपर और विक्रोली के बीच रेलवे ट्रैक पर दो और शव मिलने की पुष्टि की। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन के मोटरमैन ने इन शवों को देखा था। खबर लिखे जाने तक दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी।


    आग लगने के कारणों की जांच के लिए समिति गठित

    मध्य रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक, बिजली के वोल्टेज में अचानक बढ़ोतरी और गर्मी जमा होने के कारण सिग्नलिंग रिले रूम में आग लगने की आशंका है। आग से सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़ी केबल जल गईं, जिससे कांजुरमार्ग, भांडुप और विक्रोली में सिग्नल प्रभावित हुए।

    मध्य रेलवे ने आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक जांच समिति गठित की है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि शुरुआती जांच में स्पार्किंग के कारण आग लगने की आशंका सामने आई है। हालांकि, आग की असली वजह जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।


    शाम तक धीरे-धीरे बहाल हुईं ट्रेन सेवाएं

    रेल सेवाओं को बहाल करने का काम मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ। रेलवे के मुताबिक, शाम 4:10 बजे एक लाइन को परिचालन के लिए खोल दिया गया। इसके बाद शाम 4:46 बजे अप थ्रू लाइन बहाल हुई। डाउन स्लो लाइन को शाम करीब 5:30 बजे और सबसे आखिर में अप स्लो लाइन को शाम 6:18 बजे परिचालन के लिए मंजूरी मिली।

    हालांकि, इस दौरान ट्रेन सेवाओं में आई गड़बड़ी के कारण यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। 80 सेवाएं रद्द होने और कई ट्रेनों के काफी देर से चलने के बीच रेलवे ट्रैक पर तीन लोगों की मौत की घटनाएं भी सामने आईं।

  • विजय देवरकोंडा का ट्रोलर्स को दोटूक जवाब, बोले- हम दोनों बहुत खुश हैं, अब साइबर पुलिस में भी पहुंचा मामला

    विजय देवरकोंडा का ट्रोलर्स को दोटूक जवाब, बोले- हम दोनों बहुत खुश हैं, अब साइबर पुलिस में भी पहुंचा मामला


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के चर्चित सितारे विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी फिल्मों की वजह से नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर हो रही टिप्पणियों और कथित भ्रामक पोस्ट को लेकर है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों की टीम ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित झूठे दावों और फर्जी सामग्री के खिलाफ हैदराबाद साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। टीम ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जो बिना तथ्यों की पुष्टि किए दोनों कलाकारों के निजी जीवन को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा ऑनलाइन ट्रोलिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विजय और रश्मिका की टीम के एक प्रतिनिधि ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर गलत स्क्रीनशॉट और भ्रामक दावों के जरिए दोनों कलाकारों की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। टीम ने कथित पेड कैंपेन की आशंका का भी जिक्र किया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की जांच के नतीजे सामने आना अभी बाकी है।

    विजय और रश्मिका की टीम ने स्पष्ट किया है कि उन्हें लोगों के अपनी राय रखने के अधिकार से कोई परेशानी नहीं है। टीम का कहना है कि हर व्यक्ति को किसी विषय पर अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है और वे इसका सम्मान करते हैं। लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल किसी के खिलाफ झूठी जानकारी फैलाने या गलत तथ्यों को सच बताकर पेश करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। टीम के मुताबिक किसी भी कलाकार के निजी जीवन को लेकर अपुष्ट दावों को वायरल करना उचित नहीं है। इसी आधार पर कथित तौर पर भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

    दरअसल विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना हाल ही में कॉफी विद करण के सीजन 9 में नजर आए थे। इस दौरान दोनों ने अपने रिश्ते और शादी को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। बातचीत के दौरान रश्मिका ने बताया कि उन्होंने विजय को शादी के लिए मनाने की कोशिश की थी। वहीं विजय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि बात शादी तक पहुंचने में कई बार प्रस्ताव देने की भूमिका रही। शो में दोनों की बातचीत और उनके निजी रिश्ते से जुड़ी टिप्पणियां सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गईं। इसके बाद कुछ यूजर्स ने विजय को लेकर नकारात्मक टिप्पणियां कीं और उनके रिश्ते पर मीम्स भी बनाए।

    इस पूरे विवाद के बीच विजय देवरकोंडा ने सोशल मीडिया पर रश्मिका के साथ तस्वीरें और वीडियो साझा कर अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने रश्मिका को अपनी सबसे प्यारी दोस्त पत्नी और जीवनसाथी बताते हुए कहा कि वह उन्हें अपनी जिंदगी का बेहद खूबसूरत हिस्सा मानते हैं। विजय ने यह भी लिखा कि कुछ लोगों को उनके रिश्ते से परेशानी हो सकती है लेकिन वे दोनों अपनी जिंदगी में खुश हैं। उनके इस संदेश को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के बीच एक स्पष्ट जवाब के तौर पर देखा गया।

    रश्मिका मंदाना ने भी इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी। उनकी पोस्ट के बाद प्रशंसकों के बीच चर्चा और तेज हो गई। दोनों कलाकारों के समर्थकों ने ऑनलाइन उत्पीड़न और निजी जिंदगी में अनावश्यक दखल के खिलाफ आवाज उठाई है। वहीं इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि सोशल मीडिया पर आलोचना और किसी के खिलाफ जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने के बीच अंतर कैसे तय किया जाए।

    फिलहाल इस मामले में साइबर पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। शिकायत दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि लगाए गए सभी आरोप साबित हो गए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित भ्रामक पोस्ट के पीछे कौन लोग हैं और क्या किसी संगठित अभियान के तहत ऐसी सामग्री फैलाई गई थी।

  • भेड़िया बनकर लौटेंगे वरुण धवन और कृति सेनन, डायरेक्टर अमर कौशिक के साथ रीयूनियन ने बढ़ाया सस्पेंस

    भेड़िया बनकर लौटेंगे वरुण धवन और कृति सेनन, डायरेक्टर अमर कौशिक के साथ रीयूनियन ने बढ़ाया सस्पेंस


    नई दिल्ली । बॉलीवुड में इन दिनों वरुण धवन और कृति सेनन की फिल्म भेड़िया के सीक्वल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसकी वजह दोनों सितारों की फिल्म के निर्देशक अमर कौशिक के साथ हुई एक खास मुलाकात है। कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है जिसमें वह वरुण धवन और अमर कौशिक के साथ नजर आ रही हैं। इस वीडियो में तीनों कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुराते हैं और भेड़िये जैसी आवाज निकालते दिखाई देते हैं। उनके इस अंदाज ने प्रशंसकों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोग जानना चाहते हैं कि क्या भेड़िया 2 की तैयारी शुरू हो चुकी है या फिर इस मुलाकात के पीछे कोई दूसरा खास प्रोजेक्ट है।

    कृति सेनन ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर यह छोटी सी वीडियो क्लिप साझा की थी। वीडियो में तीनों की मौजूदगी और भेड़िये जैसी आवाज ने तुरंत फिल्म भेड़िया की याद दिला दी। पोस्ट पर लिखे संदेश ने भी दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी। इसमें एक ऐसे सरप्राइज रीयूनियन का जिक्र किया गया जो दर्शकों को दीवाना बना सकता है। साथ ही लोगों से जुड़े रहने की अपील की गई। वरुण धवन ने भी कृति की पोस्ट को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर रीशेयर किया। इसके बाद प्रशंसकों के बीच फिल्म के अगले भाग को लेकर अटकलें लगने लगीं।

    हालांकि अभी तक वरुण धवन कृति सेनन या निर्देशक अमर कौशिक की ओर से भेड़िया 2 को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में इस मुलाकात को फिल्म के सीक्वल की पुष्टि मानना जल्दबाजी होगी। फिर भी तीनों कलाकारों का एक साथ दिखाई देना प्रशंसकों के लिए किसी संकेत से कम नहीं है। अगर भेड़िया का दूसरा भाग बनता है तो दर्शकों को एक बार फिर वरुण और कृति की जोड़ी देखने को मिल सकती है। दोनों कलाकार इससे पहले भेड़िया और दिलवाले जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं।

    वरुण धवन और कृति सेनन की जोड़ी को बड़े पर्दे पर दर्शकों ने पसंद किया है। वहीं अमर कौशिक हॉरर और कॉमेडी के मिश्रण वाली कहानियों को मनोरंजक अंदाज में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। ऐसे में तीनों का दोबारा साथ आना फिल्म प्रेमियों के लिए खास हो सकता है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर उत्सुकता बढ़ने के साथ ही प्रशंसक यह भी जानना चाहते हैं कि यदि सीक्वल बनता है तो उसकी कहानी पहले भाग से किस तरह आगे बढ़ेगी।

    साल 2022 में रिलीज हुई भेड़िया एक हॉरर कॉमेडी फिल्म थी। इसकी कहानी भास्कर नाम के एक रोड कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्टर के इर्दगिर्द घूमती है। काम के सिलसिले में अरुणाचल प्रदेश के जंगलों में पहुंचने के दौरान उसे एक भेड़िया काट लेता है। इसके बाद उसके शरीर और व्यवहार में अजीब बदलाव आने लगते हैं। धीरे धीरे वह आधे इंसान और आधे भेड़िये जैसी अवस्था में बदलने लगता है। फिल्म में वरुण धवन ने भास्कर की भूमिका निभाई थी जबकि कृति सेनन अनिका नाम की पशु चिकित्सक के किरदार में नजर आई थीं। अनिका को भास्कर के साथ हो रही रहस्यमयी घटनाओं के बारे में काफी कुछ पता होता है।

    फिल्म की कहानी में हास्य रहस्य और रोमांच का अनोखा मेल देखने को मिला था। अरुणाचल प्रदेश के जंगलों और वहां के वातावरण ने भी कहानी को अलग पहचान दी। अब कृति वरुण और अमर कौशिक की नई मुलाकात ने एक बार फिर उसी दुनिया की यादें ताजा कर दी हैं। प्रशंसकों को उम्मीद है कि जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा और उन्हें किसी नए प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी मिलेगी। फिलहाल भेड़िया 2 को लेकर उत्साह जरूर बढ़ा है लेकिन आधिकारिक घोषणा का इंतजार बना हुआ है।

  • मिस इंडिया बनकर बॉलीवुड में मचाया धमाल, शादी के बाद फिल्मों से बनाई दूरी, अब हॉलीवुड में अंतरिक्ष यात्री बनकर छाईं पूजा बत्रा

    मिस इंडिया बनकर बॉलीवुड में मचाया धमाल, शादी के बाद फिल्मों से बनाई दूरी, अब हॉलीवुड में अंतरिक्ष यात्री बनकर छाईं पूजा बत्रा


    नई दिल्ली । मनोरंजन की दुनिया में कई अभिनेत्रियों ने अपनी खूबसूरती और अभिनय के दम पर पहचान बनाई है लेकिन कुछ सितारों की जिंदगी की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं होती। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं पूजा बत्रा जिन्होंने मिस इंडिया का खिताब जीतने के बाद बॉलीवुड में कदम रखा और कई चर्चित फिल्मों में काम करके अपनी पहचान बनाई। हालांकि करियर के एक दौर में उन्होंने हिंदी फिल्मों से दूरी बना ली लेकिन इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की। आज पूजा बत्रा का सफर एक बार फिर चर्चा में है क्योंकि उन्होंने अभिनय के साथ फिल्म निर्माण की दुनिया में भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है।

    पूजा बत्रा का जन्म 27 अक्टूबर 1975 को हुआ था। उनके पिता रवि बत्रा भारतीय सेना में कर्नल थे जबकि उनकी मां नीलम बत्रा ने भी वर्ष 1971 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। पिता की सेना में नौकरी होने के कारण पूजा को बचपन में अलग-अलग शहरों में रहना पड़ा। उन्हें करीब 12 साल की उम्र तक 10 स्कूल बदलने पड़े। बचपन से ही उन्हें खेलों और शारीरिक गतिविधियों में दिलचस्पी थी। यही वजह रही कि उन्होंने आगे चलकर मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और अपनी खूबसूरती के साथ आत्मविश्वास से भी लोगों का ध्यान खींचा।

    पूजा बत्रा को शुरुआती पहचान विज्ञापनों से मिली। इसके बाद वर्ष 1993 में उन्होंने मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब जीतकर अपने करियर को नई दिशा दी। इस उपलब्धि ने उनके लिए मनोरंजन जगत के दरवाजे खोल दिए। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू किया। वर्ष 1997 में रिलीज हुई फिल्म विरासत उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। इस फिल्म में वह अनिल कपूर और तब्बू के साथ नजर आईं। इसके बाद उन्होंने भाई हसीना मान जाएगी दिल ने फिर याद किया कहीं प्यार न हो जाए और नायक द रियल हीरो जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।

    हालांकि निजी जिंदगी में आए बदलावों ने उनके करियर को भी प्रभावित किया। पूजा बत्रा ने अमेरिका में रहने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन सोनू एस अहलूवालिया से शादी की और लॉस एंजिलिस में रहने लगीं। शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली। बाद में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद पूजा ने अपने जीवन को नए सिरे से आगे बढ़ाने और अभिनय के क्षेत्र में दोबारा सक्रिय होने की दिशा में कदम बढ़ाए। उन्होंने भारतीय सिनेमा के साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी अवसर तलाशे।

    पूजा बत्रा के अंतरराष्ट्रीय करियर का एक अहम पड़ाव वर्ष 2016 में आई साइंस फिक्शन फिल्म वन अंडर द सन रही। इस फिल्म में उन्होंने कैथरीन वॉस नाम की अंतरिक्ष यात्री की भूमिका निभाई। कहानी एक ऐसे अंतरिक्ष मिशन की अकेली बची यात्री के इर्दगिर्द घूमती है जो धरती पर लौटने के बाद अपनी बीमार बेटी से मिलना चाहती है। इस किरदार को बेहतर तरीके से समझने के लिए पूजा ने भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्रियों कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के जीवन के बारे में अध्ययन किया। फिल्म की शूटिंग महज 11 दिनों में पूरी हुई थी और इसे कान फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया।

    अभिनय के अलावा पूजा बत्रा ने फिल्म निर्माण की दुनिया में भी कदम बढ़ाया है। वह लॉस एंजिलिस स्थित अपनी प्रोडक्शन कंपनी ग्लोबेल इंक के जरिए विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ी हैं। वर्ष 2026 में उनकी कंपनी के निर्माण में बनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को कान फिल्म फेस्टिवल के दौरान प्रदर्शित किए जाने की जानकारी सामने आई। इस फिल्म में दीपक तिजोरी और स्पेनिश अभिनेत्री एलेसांद्रा व्हेलन मेरिडिज भी नजर आईं।

    पूजा बत्रा का सफर बताता है कि जिंदगी में बदलाव आने के बाद भी नए अवसर तलाशे जा सकते हैं। मिस इंडिया का खिताब जीतने से लेकर बॉलीवुड में पहचान बनाने और हॉलीवुड में अंतरिक्ष यात्री की भूमिका निभाने तक उन्होंने अपने करियर में कई अलग-अलग पड़ाव देखे हैं। अब अभिनय के साथ फिल्म निर्माण में उनकी सक्रियता उनके करियर के एक नए अध्याय की ओर इशारा करती है।

  • कमजोर वैश्विक संकेतों और महंगे कच्चे तेल से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 396 अंक तक फिसला

    कमजोर वैश्विक संकेतों और महंगे कच्चे तेल से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 396 अंक तक फिसला

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 27 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। बाजार में यह लगातार छठा कारोबारी सत्र रहा, जब गिरावट का दबाव देखने को मिला। इस सप्ताह भी बाजार लगातार दूसरे दिन कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।

    शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 122.37 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 73,484.38 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 44.40 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,708.80 के स्तर पर खुला। कारोबार आगे बढ़ने के साथ प्रमुख सूचकांकों पर दबाव और बढ़ गया। सेंसेक्स एक समय अपने पिछले बंद स्तर 73,606.75 से 395.99 अंक यानी 0.53 प्रतिशत नीचे आकर 73,210.76 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद स्तर 22,753.20 से 100 अंक यानी 0.43 प्रतिशत गिरकर 22,653.20 तक फिसल गया।

    हालांकि, व्यापक बाजार में प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.54 प्रतिशत चढ़ा। इससे संकेत मिला कि प्रमुख कंपनियों के शेयरों में दबाव के बावजूद छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के कुछ शेयरों में खरीदारी बनी रही।

    सेक्टरवार कारोबार में आईटी, सीमेंट और ऑयल एंड गैस कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स एक प्रतिशत से अधिक गिर गया। निफ्टी सीमेंट में 0.98 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.53 प्रतिशत की कमजोरी रही। दूसरी ओर, फार्मा, हेल्थकेयर और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में खरीदारी दर्ज की गई। निफ्टी पीएसयू बैंक 0.68 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी फार्मा में 0.44 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर में 0.39 प्रतिशत की बढ़त रही।

    मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती दिखाई। रुपया दो पैसे बढ़कर 95.17 प्रति डॉलर पर खुला। इससे पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.19 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। हालांकि, रुपये का कमजोर स्तर और कच्चे तेल की महंगाई बाजार के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

    बाजार के सामने प्रमुख चुनौतियों में ब्रेंट क्रूड का 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहना और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का लगभग 4.97 प्रतिशत पर रहना शामिल है। ऐसे माहौल में विदेशी संस्थागत निवेशकों के जोखिम लेने से बचने की आशंका जताई गई है। हालांकि, दूसरी तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों में दिखाई दे रहे बेहतर कारोबारी संकेत और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकते हैं।

    तकनीकी स्तरों के लिहाज से निफ्टी 50 के लिए 22,690 के आसपास रिकवरी की कोशिश और कमजोरी, दोनों संभावनाएं बनी हुई हैं। यदि सूचकांक 22,630 के ऊपर टिकता है, तो 23,000 से 23,500 तक पहुंचने की संभावना पर नजर रखी जा सकती है। हालांकि, 22,800 से 22,900 के दायरे में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। इसके विपरीत, 22,630 का स्तर टूटने पर निफ्टी 22,250 से 22,000 तक फिसल सकता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।

    संस्थागत निवेशकों के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,462 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार दसवें कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखते हुए 2,609 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वैश्विक बाजारों में अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 में 0.7 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.82 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख रहा।

    आगे बाजार की दिशा पर कच्चे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का असर पड़ सकता है। साप्ताहिक और मासिक डेरिवेटिव अनुबंधों की समाप्ति के कारण कारोबार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक और कंपनियों के दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

  • टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश में नया खुलासा, इमरान हाशमी के घर की रेकी करने पहुंचे थे शूटर्स लेकिन रहे नाकाम

    टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश में नया खुलासा, इमरान हाशमी के घर की रेकी करने पहुंचे थे शूटर्स लेकिन रहे नाकाम


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक हमलावरों को टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने से पहले अभिनेता इमरान हाशमी के घर की रेकी करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। हालांकि हमलावर काफी कोशिशों के बावजूद इमरान हाशमी का घर खोजने में नाकाम रहे। इसके बाद उन्होंने अपने हैंडलर्स को इसकी जानकारी दी। जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने सलमान खान और आमिर खान जैसे बड़े बॉलीवुड सितारों के घरों की रेकी करने की कोशिश की थी। इस घटनाक्रम ने फिल्मी सितारों की सुरक्षा और उनके खिलाफ रची जा रही कथित साजिश को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस की जांच के अनुसार सलमान खान लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर रहे हैं। इसी सिलसिले में हमलावरों ने आमिर खान के घर की भी रेकी की थी। हालांकि उन्हें जानकारी नहीं थी कि आमिर खान पश्चिमी मुंबई से दक्षिण मुंबई में शिफ्ट हो चुके हैं। इस वजह से वे उनके वर्तमान ठिकाने तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद हमलावरों को इमरान हाशमी के घर का पता लगाने के लिए कहा गया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पूछताछ भी की लेकिन अभिनेता का घर खोजने में सफल नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने अपने हैंडलर्स को अपनी नाकामी के बारे में बताया।

    जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक बाद में हमलावरों को पता चला कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार को फुटबॉल खेलने के लिए जुहू स्थित पुष्पा नारसी ग्राउंड आते हैं। इसके बाद उन्होंने अभिनेता को निशाना बनाने का फैसला किया। बीती 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी की घटना हुई थी। इस हमले में अभिनेता गोली लगने से बाल-बाल बच गए लेकिन उनके ड्राइवर और एक ब्लॉगर को गोलियां लगीं। पुलिस अब इस मामले में हमले की योजना बनाने से लेकर हथियार उपलब्ध कराने और आरोपियों के आपसी संपर्कों तक की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

    इस मामले में हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों राधा वर्मा उम्र 21 वर्ष बबीता राव उम्र 21 वर्ष कुणाल जामिनसिंह उम्र 21 वर्ष और सुमित सरोलिया उम्र 19 वर्ष को मुंबई की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने अदालत को बताया कि इन आरोपियों ने कथित तौर पर गोलीबारी करने वाले हमलावरों को हथियार उपलब्ध कराए थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और निर्देश कहां से दिए जा रहे थे।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी कुणाल जामिनसिंह विदेश में बैठे बिश्नोई गैंग के कथित गुर्गे अनिल पंडित के संपर्क में था। अनिल पंडित ने टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। जांच में यह भी सामने आया कि राधा वर्मा को एक पिस्तौल सौंपी गई थी। इसके बाद राधा वर्मा और बबीता राव ने 17 अक्टूबर को दादर में हमलावर रेहान अंसारी से मुलाकात कर उसे कथित तौर पर पिस्तौल दी थी।

    पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि हमलावरों को निर्देश दिए गए थे कि टाइगर श्रॉफ पर हमला करने के बाद हथियार तुरंत वापस कर दें। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि हथियार वापस लेने की व्यवस्था कर दी जाएगी। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि हमले के पीछे की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और खुलासे होने की संभावना है।

  • कार खरीदने का सुनहरा मौका, Hyundai Creta से Tata Harrier EV तक पर लाखों की बचत, जानें किस गाड़ी पर कितना डिस्काउंट

    कार खरीदने का सुनहरा मौका, Hyundai Creta से Tata Harrier EV तक पर लाखों की बचत, जानें किस गाड़ी पर कितना डिस्काउंट


    नई दिल्ली । देश में अक्टूबर 2026 के त्योहारी सीजन के दौरान नई कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए शानदार मौका है। मारुति सुजुकी टाटा मोटर्स ह्यूंदै महिंद्रा किआ और रेनो जैसी प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां अपनी चुनिंदा कारों और एसयूवी पर आकर्षक छूट दे रही हैं। इन ऑफर्स के तहत ग्राहकों को कैश डिस्काउंट एक्सचेंज बोनस स्क्रैपेज बोनस और कॉर्पोरेट डिस्काउंट जैसे फायदे मिल रहे हैं। कुछ इलेक्ट्रिक एसयूवी पर कुल बचत 2.75 लाख रुपये तक पहुंच रही है। हालांकि वास्तविक छूट कार के मॉडल वेरिएंट और डीलरशिप के साथ उपलब्ध स्टॉक पर निर्भर करेगी।

    मारुति सुजुकी की लोकप्रिय कारों पर भी ग्राहकों को बचत का मौका मिल रहा है। कंपनी की वैगन आर के पेट्रोल वेरिएंट पर 37 हजार रुपये तक की नकद छूट दी जा रही है जबकि सीएनजी मॉडल पर 27 हजार रुपये तक का फायदा मिल सकता है। इसके अलावा एक्सचेंज बोनस और पात्र ग्राहकों को कॉर्पोरेट डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। मारुति स्विफ्ट के पेट्रोल वेरिएंट पर 20 हजार रुपये की नकद छूट के साथ एक्सचेंज और स्क्रैपेज बोनस का लाभ मिल सकता है। वहीं मारुति विक्टोरिस के स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल पर कैश डिस्काउंट एक्सचेंज बोनस और स्क्रैपेज बेनिफिट मिलाकर अच्छी बचत की संभावना है।

    टाटा मोटर्स की कारों और इलेक्ट्रिक एसयूवी पर भी आकर्षक ऑफर्स उपलब्ध हैं। प्री फेसलिफ्ट टियागो ईवी पर 65 हजार रुपये से लेकर 1.45 लाख रुपये तक के फायदे मिल रहे हैं। पंच ईवी के पुराने स्टॉक पर भी 95 हजार रुपये से 1.45 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। कंपनी की हैरियर ईवी के चुनिंदा वेरिएंट पर मैन्युफैक्चरर सपोर्ट एक्सचेंज या स्क्रैपेज बोनस और लॉयल्टी डिस्काउंट मिलाकर 2.75 लाख रुपये तक का फायदा दिया जा रहा है। इसके अलावा अल्ट्रोज के सीएनजी मॉडल पर 55 हजार रुपये तक और पेट्रोल तथा डीजल मॉडल पर 35 हजार रुपये तक के लाभ मिल सकते हैं। हैरियर और सफारी के पेट्रोल या डीजल मॉडल पर भी चुनिंदा ऑफर्स उपलब्ध हैं।

    महिंद्रा की एसयूवी पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए भी कई विकल्प हैं। एक्सयूवी 3एक्सओ के चुनिंदा पेट्रोल वेरिएंट पर नकद छूट और एक्सेसरीज मिलाकर 60 हजार रुपये तक का लाभ मिल सकता है। डीजल वेरिएंट पर यह फायदा 25 हजार रुपये तक बताया गया है। स्कॉर्पियो क्लासिक के चुनिंदा मॉडल पर 35 हजार से 45 हजार रुपये तक की छूट मिल सकती है। वहीं स्कॉर्पियो एन के कुछ ऑटोमैटिक वेरिएंट पर 1.5 लाख रुपये तक के कुल फायदे दिए जा रहे हैं।

    ह्यूंदै मोटर इंडिया भी अपनी कारों पर आकर्षक ऑफर्स दे रही है। कंपनी की ऑरा पर 30 हजार रुपये तक एक्सटर पर 50 हजार रुपये तक और क्रेटा पर एक लाख रुपये तक की बचत का मौका मिल सकता है। किआ की ओर से सोनेट पर 1.02 लाख रुपये तक साइरोस पर 1.60 लाख रुपये तक और सेल्टोस पर 1.47 लाख रुपये तक के फेस्टिव बेनिफिट्स बताए गए हैं। ये ऑफर्स नकद छूट और अन्य पात्र लाभों को मिलाकर हो सकते हैं।

    रेनो की कारों पर भी त्योहारी छूट मिल रही है। क्विड पर 15 हजार रुपये की नकद छूट और 25 हजार रुपये तक का स्क्रैपेज बोनस मिल सकता है। ट्राइबर और काइगर पर अलग-अलग लाभ मिलाकर 50 हजार रुपये तक की बचत संभव है। वहीं रेनो डस्टर के कुछ वेरिएंट पर 1.5 लाख रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक के ऑफर्स बताए गए हैं।

    ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे केवल विज्ञापित छूट देखकर खरीदारी का फैसला न करें। कार की ऑन रोड कीमत बीमा पंजीकरण एक्सचेंज की शर्तों और उपलब्ध स्टॉक की भी तुलना करें। बुकिंग से पहले अधिकृत डीलर से लिखित कोटेशन लेकर यह सुनिश्चित करें कि बताई गई छूट उनके चुने हुए वेरिएंट पर लागू है। सही तुलना और मोलभाव के जरिए इस त्योहारी सीजन में नई कार खरीदते समय अच्छी बचत की जा सकती है।