Author: bharati

  • सोने की कीमतों में उछाल का फायदा: भारत में गोल्ड लोन 200% तक बढ़ा, कारोबार तीन गुना हुआ

    सोने की कीमतों में उछाल का फायदा: भारत में गोल्ड लोन 200% तक बढ़ा, कारोबार तीन गुना हुआ


    नई दिल्ली। सोने की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का भारतीयों ने बड़े पैमाने पर लाभ उठाया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सोना गिरवी रखकर लिए जाने वाले कर्ज की प्रति व्यक्ति औसत राशि में 39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बढ़कर 1.96 लाख रुपये तक पहुंच गई है। तीन साल पहले यानी वित्त वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा केवल 98,000 रुपये था। इस तरह लोगों द्वारा लिए जा रहे गोल्ड लोन की औसत राशि लगभग दोगुनी हो गई है।

    क्रेडिट सूचना प्रदाता कंपनी एक्सपेरियन इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2024 से मार्च 2026 के बीच सोने की कीमतों के सूचकांक में 144 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई है। इसी बढ़ोतरी के कारण ग्राहकों के पास मौजूद सोने का मूल्य काफी बढ़ गया, जिसके चलते बैंक और वित्तीय संस्थान उसी सोने के बदले 200 प्रतिशत तक अधिक लोन राशि स्वीकृत कर रहे हैं।

    गोल्ड लोन की हिस्सेदारी में तेज उछाल
    रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेल लोन बाजार में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी पिछले दो वर्षों में 20 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसमें पर्सनल लोन और कार लोन जैसे अन्य खुदरा ऋण भी शामिल हैं। यह वृद्धि बताती है कि लोग अब अपनी पारंपरिक संपत्ति सोने को नकदी में बदलने के लिए अधिक सक्रिय हो गए हैं।

    कारोबार तीन गुना तक पहुंचा
    देश में गोल्ड लोन का कुल कारोबार भी तेज गति से बढ़ा है। यह मार्च 2023 में 6.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2026 तक 19.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही तीन लाख रुपये से अधिक के बड़े गोल्ड लोन की हिस्सेदारी में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

    देशभर में बढ़ी मांग
    गोल्ड लोन अब केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तर और पश्चिम भारत में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश में गोल्ड लोन में 138 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 112 प्रतिशत, राजस्थान में 105 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 102 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    बार-बार गोल्ड लोन लेने की प्रवृत्ति
    रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहक अब इसे एक नियमित वित्तीय विकल्प की तरह उपयोग कर रहे हैं। वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही में लगभग 75 प्रतिशत ग्राहक ऐसे थे, जिन्होंने पहले भी गोल्ड लोन लिया था और फिर से इसके लिए आवेदन किया। इसके साथ ही अब लोग लंबी अवधि की बजाय कम समय के लिए लोन लेकर उसे जल्दी चुकाने की प्रवृत्ति अपना रहे हैं।

    चुकौती में सुधार, डिफॉल्ट में कमी
    तेजी से बढ़ते गोल्ड लोन बाजार के बावजूद ऋण चुकौती की स्थिति में सुधार देखा गया है। 90 दिनों से अधिक डिफॉल्ट के मामले मार्च 2023 में 0.4 प्रतिशत थे, जो मार्च 2026 तक घटकर 0.2 प्रतिशत रह गए हैं। यह संकेत देता है कि लोन बाजार का विस्तार सुरक्षित और अनुशासित तरीके से हो रहा है।

    खुदरा ऋण में बढ़ती हिस्सेदारी
    वित्त वर्ष 2023-24: 20%
    वित्त वर्ष 2024-25: 30%
    वित्त वर्ष 2025-26: 41%

  • मध्य प्रदेश बना पहला राज्य जहां वक्फ बोर्ड में शामिल हुए 2 हिंदू सदस्य, जानिए किन्हें मिली जिम्मेदारी?

    मध्य प्रदेश बना पहला राज्य जहां वक्फ बोर्ड में शामिल हुए 2 हिंदू सदस्य, जानिए किन्हें मिली जिम्मेदारी?


    भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नए गठन में दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम यानी हिंदू प्रतिनिधियों को जगह दी गई है। इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

    बोर्ड में दो हिंदू सदस्य शामिल
    अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने रविवार को 10 सदस्यीय मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया। इसमें मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को हिंदू सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। बोर्ड का अध्यक्ष सनवर पटेल को नियुक्त किया गया है। नए प्रावधानों के तहत गठित यह वक्फ बोर्ड देश का पहला राज्य स्तरीय बोर्ड बन गया है जिसमें हिंदू सदस्यों को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।

    अधिनियम के तहत हुआ पुनर्गठन
    यह पुनर्गठन वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित 2025) की धारा 13(1) में दिए गए प्रावधानों के तहत किया गया है। सरकार ने धारा 14 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह नई संरचना लागू की है।

    क्या होता है वक्फ बोर्ड?
    वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जो राज्य में मौजूद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और संरक्षण का कार्य करती है। इसका मुख्य उद्देश्य इन संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करना, उनकी निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि उनका उपयोग धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कार्यों में हो। साथ ही यह संस्था वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाने का भी काम करती है।

    शिवपुरी में रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा
    इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिवपुरी में एक रक्षा निर्माण इकाई का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि अब मध्य प्रदेश में बनी मिसाइलें दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम होंगी। यह परियोजना अडाणी समूह की सहायक कंपनी अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा विकसित की जा रही है। करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस यूनिट से लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित रहे।

  • 6 जुलाई 2026 राशिफल: सोमवार को सौभाग्य योग देगा सफलता और धन लाभ के संकेत तीन राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

    6 जुलाई 2026 राशिफल: सोमवार को सौभाग्य योग देगा सफलता और धन लाभ के संकेत तीन राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क


    नई दिल्ली। सावन का पावन सोमवार 6 जुलाई 2026 कई राशियों के लिए नई उम्मीद और सफलता लेकर आया है। आज बनने वाला सौभाग्य योग नौकरी व्यापार और आर्थिक मामलों में कई लोगों के लिए शुभ संकेत दे रहा है। वहीं चंद्रमा और शनि की स्थिति से बनने वाला विष दोष कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव अनावश्यक खर्च और निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में आज धैर्य और विवेक के साथ आगे बढ़ना सबसे बेहतर रहेगा। भगवान शिव की पूजा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से दिन की चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    मेष राशि के लोगों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास से भरा रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने के संकेत हैं और नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग मिलेगा और पुराने निवेश से भी फायदा हो सकता है।

    मिथुन राशि के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। कर्क राशि के जातकों को भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। परिवार में तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा।

    सिंह राशि वालों के लिए सोमवार उन्नति का संकेत दे रहा है। कार्यस्थल पर सम्मान मिलेगा और अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। कन्या राशि के लोगों को मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है लेकिन स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

    तुला राशि के जातकों के लिए रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी और व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं। वृश्चिक राशि वालों को आज चंद्रमा और शनि के प्रभाव के कारण मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। किसी भी विवाद से दूरी बनाए रखें और जल्दबाजी में आर्थिक निर्णय लेने से बचें।

    धनु राशि वालों के लिए यात्रा और नए अवसरों के योग बन रहे हैं। व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। मकर राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। नए कार्य शुरू करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। निवेश के मामलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। मीन राशि के लोगों के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। करियर में प्रगति के साथ परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा।

    ज्योतिष के अनुसार आज विशेष रूप से कर्क वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों को चंद्रमा और शनि के विष दोष के कारण मानसिक तनाव और उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं मेष सिंह धनु वृषभ और मीन राशि के लोगों के लिए सौभाग्य योग उन्नति धन लाभ और शुभ समाचार लेकर आ सकता है। सोमवार होने के कारण भगवान शिव का जलाभिषेक करना बेलपत्र अर्पित करना और गरीबों की सहायता करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सुख समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी रफ्तार में है। जुलाई की शुरुआत से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अब तक राज्य में औसतन 163.1 मिमी (6.4 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। रविवार को 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि सोमवार के लिए मौसम विभाग ने 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार सोमवार को सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़ और भोपाल में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    रविवार को भी कई जिलों में जमकर बरसे बादल
    रविवार को प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सीहोर में दिन के समय घने बादलों के कारण अंधेरा छा गया, जबकि मंदसौर में इस मानसून सीजन में अब तक 6.04 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। शाजापुर में सर्वाधिक 28 मिमी वर्षा हुई, जिससे कालीसिंध नदी उफान पर पहुंच गई।

    मौसम विभाग के मुताबिक, छिंदवाड़ा में ढाई इंच से अधिक बारिश हुई। सिवनी, उज्जैन और श्योपुर में करीब पौन इंच, जबकि टीकमगढ़ और ग्वालियर में लगभग आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा दतिया, गुना, इंदौर, राजगढ़, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सीधी, बालाघाट, शाजापुर, भिंड, विदिशा, सीहोर, मंदसौर और पांढुर्णा में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिला।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेशभर में तापमान में भी कमी दर्ज की गई। इंदौर का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस, भोपाल 32.2 डिग्री, उज्जैन 32.7 डिग्री, जबलपुर 34 डिग्री और ग्वालियर 37.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि बैतूल में सबसे कम 27 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश
    इस वर्ष जून महीने से ही प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 5 जुलाई तक मध्य प्रदेश में कुल 163.1 मिमी यानी 6.4 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह सामान्य औसत 172.8 मिमी (6.8 इंच) की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • केतन हत्याकांड ने ली एक और जान! पोते की मौत का सदमा नहीं सह सके दादा देवचंद अग्रवाल, कार्डियक अरेस्ट से निधन के बाद परिवार में शोक की लहर

    केतन हत्याकांड ने ली एक और जान! पोते की मौत का सदमा नहीं सह सके दादा देवचंद अग्रवाल, कार्डियक अरेस्ट से निधन के बाद परिवार में शोक की लहर

    पुणे । चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक और भावुक कर देने वाला घटनाक्रम सामने आया है। केतन की हत्या के महज 16 दिन बाद उनके 71 वर्षीय दादा देवचंद अग्रवाल का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। परिवार के लिए यह दूसरी बड़ी त्रासदी है, जिसने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। परिजनों का कहना है कि पोते की असामयिक मौत का गहरा मानसिक आघात उन्हें लगातार भीतर से तोड़ रहा था और इसी कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।

    देवचंद अग्रवाल पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन थे। चिकित्सकीय निगरानी के बावजूद उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और अंततः कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया। परिवार के सदस्यों के अनुसार, केतन की मौत के बाद वह लगातार मानसिक तनाव में थे और न्याय की मांग को लेकर बेहद व्यथित रहते थे।

    केतन अग्रवाल की मौत 18 जून को लोहगढ़ किले के समीप हुई थी। शुरुआती स्तर पर इसे दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला हत्या की साजिश का निकला। इसके बाद पुलिस ने जांच के आधार पर केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित करीबी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया। दोनों पर हत्या और आपराधिक साजिश सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पहले से पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल की पहले रेकी की गई थी और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत तैयारी के बाद हत्या की साजिश को अमल में लाया गया। मामले की जांच के दौरान डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

    पुलिस को जांच के दौरान दोनों आरोपियों के बीच बड़ी संख्या में हुई फोन बातचीत का रिकॉर्ड मिला है। इसके अलावा मोबाइल फोन से हटाए गए डिजिटल डेटा और संदेशों को भी पुनः प्राप्त किया गया है। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों को भी अपने रिकॉर्ड में शामिल किया है, जिन्हें मामले की कड़ियों को जोड़ने में अहम माना जा रहा है।

    घटनास्थल पर अपराध के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां और वस्तुएं सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान जांच को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    दूसरी ओर, आरोपियों की ओर से सभी आरोपों से इनकार किया गया है। बचाव पक्ष का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष सुनवाई अदालत में होगी और वहीं सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।

    इस बीच देवचंद अग्रवाल के निधन से परिवार गहरे शोक में डूब गया है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अंतिम समय तक अपने पोते के लिए न्याय मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी थी। अब परिवार की अपेक्षा है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच पूरी हो तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • 'अल्फा' ने बॉक्स ऑफिस पर दिखाई रफ्तार, दो दिन में 37.90 करोड़ रुपये की वैश्विक कमाई, आलिया भट्ट की पिछली फिल्म का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा

    'अल्फा' ने बॉक्स ऑफिस पर दिखाई रफ्तार, दो दिन में 37.90 करोड़ रुपये की वैश्विक कमाई, आलिया भट्ट की पिछली फिल्म का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा

    मुंबई । आलिया भट्ट और शरवरी अभिनीत स्पाई-एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ ने रिलीज के शुरुआती दो दिनों में बॉक्स ऑफिस पर संतोषजनक प्रदर्शन करते हुए वैश्विक स्तर पर 37.90 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की है। दूसरे दिन फिल्म की कमाई में पहले दिन की तुलना में बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे इसके शुरुआती कारोबार को मजबूती मिली है। अब फिल्म से जुड़े सभी पक्षों की नजरें वीकेंड के प्रदर्शन पर टिकी हैं, जहां इसके कारोबार में और इजाफे की उम्मीद की जा रही है।

    घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने पहले दिन अच्छी शुरुआत की थी। दूसरे दिन भी दर्शकों की मौजूदगी बनी रही, जिसके चलते कुल दो दिनों का नेट कलेक्शन 28 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। वहीं, ग्रॉस कलेक्शन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक कारोबार ने फिल्म के कुल वैश्विक संग्रह को 37.90 करोड़ रुपये तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    दूसरे दिन फिल्म की कमाई में लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो यह संकेत देती है कि शुरुआती दर्शकों की प्रतिक्रिया का सकारात्मक असर टिकट खिड़की पर दिखाई दिया। यदि रविवार को भी यही रुझान बना रहता है तो शुरुआती सप्ताहांत में फिल्म का कारोबार और मजबूत हो सकता है।

    ‘अल्फा’ ने आलिया भट्ट की पिछली फिल्म ‘जिगरा’ की शुरुआती दो दिनों की वैश्विक कमाई को पीछे छोड़ दिया है। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि नई फिल्म को दर्शकों से अपेक्षाकृत बेहतर शुरुआती प्रतिक्रिया मिली है। हालांकि, बड़े बजट की स्पाई फिल्मों की श्रेणी में यह अब भी कुछ अन्य फिल्मों के शुरुआती कारोबार से पीछे है।

    फिल्म यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-केंद्रित कहानी है, जिसमें एक प्रशिक्षित महिला एजेंट के संघर्ष, मिशन और अतीत से जुड़े रहस्यों को प्रमुखता से दिखाया गया है। एक्शन, भावनात्मक घटनाक्रम और थ्रिलर तत्वों के मिश्रण ने इसे दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाने की कोशिश की है।

    फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी के साथ अनिल कपूर और बॉबी देओल भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। कलाकारों के अभिनय और एक्शन सीक्वेंस को लेकर दर्शकों की मिश्रित लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। यही कारण है कि शुरुआती दिनों में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर स्थिर प्रदर्शन बनाए रखने में सफल रही है।

    व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी फिल्म के लिए शुरुआती सप्ताहांत बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि अगले कुछ दिनों तक दर्शकों की संख्या में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो ‘अल्फा’ अपने पहले सप्ताह में मजबूत कारोबार दर्ज कर सकती है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में यह भी स्पष्ट होगा कि फिल्म लंबी दौड़ में बॉक्स ऑफिस पर कितनी मजबूती से टिक पाती है।

  • उत्तर प्रदेश फतह के मिशन पर भाजपा, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नेताओं, एनडीए सहयोगियों, साहित्यकारों और कलाकारों से किया व्यापक मंथन

    उत्तर प्रदेश फतह के मिशन पर भाजपा, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नेताओं, एनडीए सहयोगियों, साहित्यकारों और कलाकारों से किया व्यापक मंथन


    लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ में एक दिन के दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकों और संवाद कार्यक्रमों में भाग लेकर संगठन, सहयोगी दलों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से व्यापक चर्चा की। इस दौरे को आगामी चुनावों की रणनीतिक तैयारी और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

    दौरे के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और एनडीए सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकों में संगठन की कार्यप्रणाली, चुनावी तैयारियों और जनसंपर्क अभियान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यों के आधार पर पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में भी मजबूत जनसमर्थन हासिल करेगी।

    उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन लगातार बूथ स्तर तक सक्रिय रहकर जनता के बीच कार्य करता है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उनके अनुसार विकास, सुशासन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार के कार्यों को लेकर जनता में सकारात्मक माहौल है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी आगामी चुनाव में पहले से बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।

    अपने कार्यक्रम के दौरान नितिन नवीन ने वरिष्ठ नेताओं के साथ भी अनौपचारिक मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के बीच समन्वय और संगठनात्मक एकजुटता पर भी चर्चा हुई। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को आगामी चुनावों से पहले नेतृत्व के बीच तालमेल को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साहित्य, संस्कृति और कला जगत से जुड़े प्रमुख लोगों से भी मुलाकात कर संवाद स्थापित किया। इस दौरान प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक परंपरा, लोककला और स्थानीय खानपान जैसे विषयों पर चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सहभागिता जैसे मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। बैठक का माहौल पूरी तरह अनौपचारिक रहा और इसमें राजनीतिक विषयों पर चर्चा नहीं की गई।

    दौरे के दौरान उन्होंने भाजपा की वरिष्ठ नेता अपर्णा यादव से भी मुलाकात की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ आयोजित बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति, राजनीतिक परिस्थितियों और सामाजिक समीकरणों पर विस्तृत मंथन किया गया। इन चर्चाओं के आधार पर भविष्य की रणनीति और संगठन विस्तार की दिशा में सुझावों पर भी विचार हुआ।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने, सहयोगी दलों के साथ तालमेल मजबूत करने तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। लखनऊ में आयोजित बैठकों और संवाद कार्यक्रमों को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

    आने वाले महीनों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रदेशभर में लगातार दौरे और संगठनात्मक कार्यक्रमों की संभावना है। इन गतिविधियों का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, जनसंपर्क बढ़ाना और चुनावी तैयारियों को समय रहते मजबूत आधार प्रदान करना माना जा रहा है।

  • पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव, निर्यात में गिरावट से व्यापार घाटा 39.5 अरब डॉलर पहुंचा, आयात निर्भरता बनी बड़ी चुनौती

    पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव, निर्यात में गिरावट से व्यापार घाटा 39.5 अरब डॉलर पहुंचा, आयात निर्भरता बनी बड़ी चुनौती

    नई दिल्ली । पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बाहरी क्षेत्र का दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश का व्यापार घाटा बढ़कर 39.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 22 प्रतिशत अधिक है। आयात में तेज वृद्धि और निर्यात में गिरावट ने आर्थिक संतुलन को प्रभावित किया है, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन और बाहरी वित्तीय स्थिरता को लेकर नई चुनौतियां सामने आई हैं।

    आंकड़ों के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष के दौरान पाकिस्तान का कुल आयात बढ़कर 69.6 अरब डॉलर हो गया, जबकि निर्यात घटकर 30.1 अरब डॉलर पर सिमट गया। आयात में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि निर्यात में करीब 6 प्रतिशत की कमी आई। दोनों के बीच बढ़ते अंतर ने व्यापार घाटे को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

    केवल जून महीने के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले रहे। महीने-दर-महीने आधार पर व्यापार घाटा लगभग 57 प्रतिशत बढ़कर 4.53 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस दौरान निर्यात में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि आयात में 26 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि घरेलू मांग बढ़ने के साथ आयात का दबाव लगातार मजबूत हो रहा है।

    आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का व्यापार घाटा केवल अल्पकालिक समस्या नहीं बल्कि संरचनात्मक चुनौती बन चुका है। देश की अर्थव्यवस्था ऊर्जा, मशीनरी और औद्योगिक कच्चे माल जैसे आवश्यक उत्पादों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। दूसरी ओर निर्यात का आधार अभी भी सीमित है और उच्च मूल्य वाले उत्पादों की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम बनी हुई है।

    कपड़ा उद्योग अब भी पाकिस्तान का सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बना हुआ है। हालांकि इस क्षेत्र से होने वाली आय में बहुत सीमित वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निर्यात क्षेत्र अपेक्षित गति से विस्तार नहीं कर पा रहा। वैश्विक प्रतिस्पर्धा, उत्पादन लागत और मांग में उतार-चढ़ाव जैसे कारकों का असर भी निर्यात प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू आर्थिक गतिविधियों में सुधार के साथ आयात की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन निर्यात उसी अनुपात में नहीं बढ़ पा रहा। यही असंतुलन व्यापार घाटे को लगातार बढ़ा रहा है। यदि निर्यात क्षमता में सुधार नहीं हुआ तो बाहरी भुगतान संतुलन और विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

    व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी निर्यात में लगातार कमजोरी को अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकेत बताया है। उनका मानना है कि निर्यात आधारित उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाने, उत्पादन लागत कम करने और नए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रभावी नीतिगत कदम उठाने की आवश्यकता है।

    आर्थिक जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान के लिए आने वाले समय में सबसे बड़ी चुनौती आयात पर निर्भरता कम करना और निर्यात आधारित विकास मॉडल को मजबूत बनाना होगी। यदि व्यापार असंतुलन इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर आर्थिक वृद्धि, विदेशी निवेश, मुद्रा विनिमय दर और समग्र वित्तीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है।

  • बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की सीधी एंट्री, भाजपा के मजबूत गढ़ में मुकाबले ने बढ़ाया बिहार की राजनीति का तापमान

    बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की सीधी एंट्री, भाजपा के मजबूत गढ़ में मुकाबले ने बढ़ाया बिहार की राजनीति का तापमान

    नई दिल्ली । बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से होने वाले उपचुनाव में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में उपचुनाव को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है और सभी प्रमुख दलों की रणनीतियों पर नजरें टिक गई हैं।

    बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। यह सीट पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। राजधानी पटना के प्रमुख शहरी क्षेत्र में स्थित इस सीट पर वर्षों से भाजपा का मजबूत प्रभाव रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला पहले की तुलना में अधिक दिलचस्प माना जा रहा है।

    जन सुराज की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों की राय और संगठन की सहमति के आधार पर प्रशांत किशोर को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि वह इस चुनाव को केवल एक सीट का मुकाबला नहीं बल्कि बेहतर राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करने के अवसर के रूप में देख रही है।

    उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है तो वह विधानसभा में लोगों की आवाज को मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने दावा किया कि जन सुराज का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना उनकी प्राथमिकता होगी।

    प्रशांत किशोर लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे, लेकिन अब यह पहला अवसर है जब उन्होंने स्वयं चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। इससे पहले भी उनके चुनाव लड़ने को लेकर कई बार चर्चाएं हुई थीं, लेकिन उन्होंने प्रत्यक्ष राजनीति में कदम नहीं रखा था। इस बार उन्होंने औपचारिक रूप से चुनावी मुकाबले में उतरकर अपनी राजनीतिक भूमिका को नया आयाम दिया है।

    राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं कि उपचुनाव में विपक्षी दल किस रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे। कुछ राजनीतिक संकेत ऐसे भी मिल रहे हैं कि कुछ विपक्षी दल अपने उम्मीदवार उतारने के बजाय साझा रणनीति पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी दल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    बांकीपुर विधानसभा सीट पर मतदान 30 जुलाई को प्रस्तावित है। भाजपा ने अभी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है, जिसके कारण राजनीतिक उत्सुकता और बढ़ गई है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा, चुनाव प्रचार और स्थानीय मुद्दों के साथ यह उपचुनाव बिहार की राजनीति का प्रमुख केंद्र बनने की संभावना रखता है। सभी दलों की नजरें अब इस प्रतिष्ठित सीट पर होने वाले मुकाबले और उसके संभावित राजनीतिक संदेश पर टिकी हुई हैं।

  • अमित शाह के कोलकाता दौरे से पहले बढ़ा सियासी तनाव, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के चबूतरे में तोड़फोड़ से गरमाया माहौल

    अमित शाह के कोलकाता दौरे से पहले बढ़ा सियासी तनाव, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के चबूतरे में तोड़फोड़ से गरमाया माहौल


    नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे से ठीक पहले पश्चिम बंगाल की राजधानी में एक संवेदनशील घटना सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मध्य कोलकाता के सुखिया स्ट्रीट क्षेत्र में हाल ही में स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के चबूतरे में तोड़फोड़ पाए जाने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर इस प्रतिमा की स्थापना हाल ही में की गई थी। प्रतिमा के चबूतरे पर नाम पट्टिका भी लगाई जा चुकी थी और स्थापना से जुड़ा कार्य शनिवार रात तक पूरा हो गया था। रविवार सुबह स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जब स्थल का निरीक्षण किया तो चबूतरे का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि घटना आधी रात के बाद हुई हो सकती है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं और विभिन्न तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    घटना के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे गंभीर बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से संबंधित थाने में शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक स्मारकों के साथ इस प्रकार की तोड़फोड़ लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और जिम्मेदार लोगों की जल्द पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को कोलकाता पहुंचने वाले हैं। उनका दौरा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए निर्धारित है। कार्यक्रम के दौरान वह उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और बाद में न्यू टाउन स्थित इको पार्क में प्रस्तावित 125 फीट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके बाद उनका जयंती समारोह में भाग लेने का कार्यक्रम तय है।

    भाजपा नेताओं ने इस दौरे को संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। पार्टी का कहना है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रतिमा का अनावरण और अन्य आयोजन भी प्रस्तावित हैं।

    फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और घटना की निष्पक्ष जांच पर केंद्रित है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान के लिए उपलब्ध सभी तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, अमित शाह के प्रस्तावित दौरे और उससे जुड़े कार्यक्रमों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक सख्त कर दी गई है।