Author: bharati

  • ईरान का सख़्त संदेश: सरेंडर नहीं करेंगे, ट्रंप की धमकी पर राष्ट्रपति पेजेश्कियान का पलटवार

    ईरान का सख़्त संदेश: सरेंडर नहीं करेंगे, ट्रंप की धमकी पर राष्ट्रपति पेजेश्कियान का पलटवार



    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट कहा है कि उनका देश किसी भी हालत में सरेंडर नहीं करेगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का जवाब देते हुए कहा कि बातचीत का मतलब झुकना नहीं होता, बल्कि अपने अधिकारों और गरिमा के साथ चर्चा करना होता है।

    राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान अपनी संप्रभुता और कानूनी अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देश पूरी मजबूती और सम्मान के साथ बातचीत की प्रक्रिया में शामिल है, लेकिन दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा।

    इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि खाड़ी देशों—कतर, सऊदी अरब और यूएई—के नेताओं के अनुरोध पर ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया गया है। ट्रंप के अनुसार, इस समय क्षेत्र में शांति समझौते को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है, लेकिन अगर डील नहीं होती है तो अमेरिका सैन्य विकल्पों के लिए तैयार है।

    ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी भी समझौते में सबसे अहम शर्त यह होगी कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। उन्होंने अमेरिकी सेना को भी निर्देश दिया है कि जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

    इस बीच ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि समय तेजी से खत्म हो रहा है और अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे। वहीं, दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद कूटनीतिक बातचीत की संभावना अभी भी बनी हुई है।

    फिलहाल हालात यह हैं कि एक तरफ अमेरिका दबाव और चेतावनी की रणनीति अपना रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान अपने रुख पर अडिग रहते हुए बातचीत को “सरेंडर नहीं” मानने की बात दोहरा रहा है।

  • भारत की ‘S5’ परमाणु सबमरीन: समुद्र में छिपा ‘ब्रह्मास्त्र’, चीन-पाकिस्तान के लिए बढ़ी टेंशन

    भारत की ‘S5’ परमाणु सबमरीन: समुद्र में छिपा ‘ब्रह्मास्त्र’, चीन-पाकिस्तान के लिए बढ़ी टेंशन



    नई दिल्ली। भारत अपनी रणनीतिक समुद्री ताकत को लगातार मजबूत कर रहा है, और ब्रिटिश थिंक टैंक IISS की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाली S5 श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियां देश की न्यूक्लियर डिटरेंस क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये पनडुब्बियां भारत की “सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी” को और ज्यादा मजबूत बनाकर दुश्मनों के लिए जवाबी हमला लगभग अटूट बना देंगी।

    भारतीय नौसेना पहले ही INS अरिहंत (S2), INS अरिघात (S3) और हाल ही में शामिल INS अरिदमन (S4) के साथ अपनी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी क्षमता को मजबूत कर चुकी है। इन पनडुब्बियों का काम समुद्र की गहराइयों में छिपकर परमाणु मिसाइलों के जरिए लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता रखना है।

    रिपोर्टों के अनुसार INS अरिदमन का हाल ही में विशाखापत्तनम में कमीशन होना भारत की रणनीतिक शक्ति में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह पनडुब्बी INS अरिहंत और INS अरिघात के साथ मिलकर काम करेगी, जिससे भारत की समुद्री परमाणु शक्ति और मजबूत होगी।

    पनडुब्बियों की सबसे बड़ी ताकत यह होती है कि ये महीनों तक समुद्र में बिना सतह पर आए रह सकती हैं और इन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है। इसी वजह से इन्हें किसी भी देश की “सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी” की रीढ़ माना जाता है, यानी अगर भारत पर परमाणु हमला हो तो जवाबी हमला निश्चित रूप से किया जा सकता है।

    डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत का लक्ष्य “Continuous At-Sea Deterrence (CASD)” हासिल करना है, जिसमें हमेशा कम से कम एक परमाणु पनडुब्बी समुद्र में तैनात रहे। इससे भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी।

    इसके साथ ही भारत अपनी आगामी S5 श्रेणी की पनडुब्बियों पर भी काम कर रहा है, जिन्हें मौजूदा SSBN से अधिक लंबा, एडवांस और ज्यादा मिसाइल क्षमता वाला बताया जा रहा है। साथ ही विशाखापत्तनम के पास बन रहा ‘आईएनएस वर्षा’ बेस भी इन पनडुब्बियों के संचालन में अहम भूमिका निभाएगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इन विकासों के बाद भारत की परमाणु त्रिस्तरीय (न्यूक्लियर ट्रायड) क्षमता पूरी तरह मजबूत हो जाएगी, जिससे समुद्र के रास्ते देश की सुरक्षा रणनीति पहले से कहीं अधिक सशक्त बन जाएगी।

  • डर के बिना जीने का अधिकार सर्वोपरि: सुप्रीम कोर्ट का आवारा कुत्तों पर सख़्त फैसला, राज्यों को सख़्त चेतावनी

    डर के बिना जीने का अधिकार सर्वोपरि: सुप्रीम कोर्ट का आवारा कुत्तों पर सख़्त फैसला, राज्यों को सख़्त चेतावनी



    नई‍ दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़ी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि नागरिकों को बिना डर के जीने का अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और राज्य सरकारें इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं।

    मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की पीठ ने अपने पहले के निर्देशों में बदलाव की मांग ठुकरा दी। कोर्ट ने 2025 के अपने पुराने आदेश को दोहराते हुए कहा कि अस्पतालों, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से पकड़े गए आवारा कुत्तों को नसबंदी या टीकाकरण के बाद वापस नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाल के समय में बच्चों, बुजुर्गों और यहां तक कि विदेशी यात्रियों पर कुत्तों के हमले की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। अदालत ने यह भी माना कि कई जगहों पर प्रशासन की लापरवाही के कारण यह समस्या लगातार बढ़ रही है।

    अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि “गरिमा के साथ जीने के अधिकार में यह भी शामिल है कि व्यक्ति कुत्तों के हमले के डर के बिना जीवन जी सके।” साथ ही अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

    इससे पहले 2025 के आदेश में भी सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि हाईवे, सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक परिसरों से आवारा कुत्तों और मवेशियों को हटाया जाए और ऐसे स्थानों की उचित बाड़बंदी की जाए।

    अदालत के इस ताज़ा रुख के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है, और अब राज्यों पर इन निर्देशों को सख्ती से लागू करने का दबाव बढ़ गया है।

  • नियुक्ति पर सियासी तकरार: दावेदार आरतानी के खिलाफ खुलकर आया विरोध

    नियुक्ति पर सियासी तकरार: दावेदार आरतानी के खिलाफ खुलकर आया विरोध


    मध्य प्रदेश। खंडवा में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष पद को लेकर संगठन के भीतर गुटीय राजनीति खुलकर सामने आ गई है। पद के प्रमुख दावेदार सागर आरतानी के खिलाफ अब ब्राह्मण समाज की महिला विंग ने मोर्चा खोल दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

    ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और सागर आरतानी की नियुक्ति का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समाज का आरोप है कि आरतानी के पिता अनिल आरतानी पर पूर्व में महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का मामला दर्ज रहा है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

    महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि ऐसे परिवार से जुड़े व्यक्ति को किसी भी संगठनात्मक या राजनीतिक पद पर जिम्मेदारी देना समाज के लिए गलत संदेश देगा। उन्होंने मांग की कि सागर आरतानी को कोई पद न दिया जाए।

    इस विरोध के दौरान महिला विंग ने चेतावनी भी दी कि यदि आरतानी को पद सौंपा गया, तो ब्राह्मण समाज भाजपा का कड़ा विरोध करेगा। इस घटनाक्रम ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को भी उजागर कर दिया है।

    इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों की सक्रियता भी सामने आ रही है। इसी बीच भाजपा की मंडल अध्यक्ष स्नेहा पाराशर भी ज्ञापन देने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहीं, जिससे यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दिया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किसी व्यक्ति के परिजनों पर लगे आरोपों के आधार पर उसकी राजनीतिक दावेदारी को खारिज करना उचित नहीं माना जा सकता। इसे पार्टी की अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

    फिलहाल इस पूरे मामले ने खंडवा की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में संगठनात्मक निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • खंडवा में सड़क दुर्घटना: बाइक सवार युवक की जान गई, दो की हालत नाजुक

    खंडवा में सड़क दुर्घटना: बाइक सवार युवक की जान गई, दो की हालत नाजुक


    मध्य प्रदेश। खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। झूम्मरखाली गांव के पास खंडवा-हरदा मार्ग पर तेज रफ्तार से चल रहे ट्रैक्टर और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।

    यह हादसा सोमवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच हुआ, जब तीन युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। जैसे ही वे मंगल वेयरहाउस के पास पहुंचे, सामने से आ रहे ट्रैक्टर से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में वहां जुट गए।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को हरसूद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बोरीसराय गांव निवासी 19 वर्षीय मनोज उर्फ बबलू को मृत घोषित कर दिया। वहीं हरदा निवासी तरुण और बोरीसराय निवासी मुकेश गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।

    हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मृतक के घर और गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजन सदमे में हैं और रो-रोकर बुरा हाल है।

    हरसूद थाना प्रभारी राजकुमार राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आई है। खास बात यह है कि ट्रैक्टर चालक भी मृतक के ही गांव बोरीसराय का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और किसकी लापरवाही अधिक रही।

  • ₹50 करोड़ का Teamtech Formwork Solutions IPO खुला, प्राइस बैंड और निवेश नियमों को लेकर बाजार में हलचल

    ₹50 करोड़ का Teamtech Formwork Solutions IPO खुला, प्राइस बैंड और निवेश नियमों को लेकर बाजार में हलचल


    नई दिल्ली ।शेयर बाजार में निवेश के अवसरों के बीच एक और नया पब्लिक इश्यू निवेशकों के लिए खुल गया है, जिसमें निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनी Teamtech Formwork Solutions Limited का नाम प्रमुखता से सामने आया है। कंपनी ने अपना ₹50.15 करोड़ का SME आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खोल दिया है, जिसे बाजार में एक महत्वपूर्ण लघु और मध्यम उद्यम पेशकश के रूप में देखा जा रहा है। यह इश्यू 19 मई से 21 मई तक खुला रहेगा, जबकि इसके शेयरों की लिस्टिंग 26 मई को होने की संभावना है।

    इस आईपीओ का प्राइस बैंड ₹61 से ₹63 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशकों के लिए लॉट साइज 2000 शेयरों का रखा गया है, जिससे रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि लगभग ₹2.52 लाख तक पहुंचती है। यह संरचना दर्शाती है कि यह इश्यू मुख्य रूप से गंभीर और मध्यम स्तर के निवेशकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो SME सेगमेंट में ग्रोथ संभावनाएं तलाश रहे हैं।

    अनलिस्टेड मार्केट में इस आईपीओ को लेकर फिलहाल ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP शून्य रुपये बताया जा रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार में अभी इस इश्यू को लेकर कोई अतिरिक्त प्रीमियम मांग नहीं बन रही है। हालांकि SME आईपीओ में शुरुआती दिनों में उतार-चढ़ाव आम बात होती है और निवेशकों की रुचि सब्सक्रिप्शन के साथ बदल सकती है।

    कंपनी के व्यवसाय की बात करें तो Teamtech Formwork Solutions निर्माण उद्योग के लिए मॉड्यूलर T-फॉर्मवर्क और कस्टमाइज्ड फॉर्मवर्क सिस्टम का निर्माण करती है। यह एक B2B मॉडल पर काम करने वाली कंपनी है, जो न केवल उत्पादन करती है बल्कि अपने सिस्टम की रिफर्बिशमेंट और रेंटल सेवाएं भी प्रदान करती है। इसके उत्पादों का उपयोग बड़े कंक्रीट स्ट्रक्चर जैसे दीवारें, ब्रिज, टैंक, फाउंडेशन और सर्कुलर संरचनाओं के निर्माण में किया जाता है। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तेलंगाना में स्थित है, जहां इन-हाउस उत्पादन और मरम्मत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    वित्तीय प्रदर्शन के आंकड़े भी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को दर्शाते हैं। वित्त वर्ष 25 में जहां कंपनी की कुल आय लगभग ₹40 करोड़ थी, वहीं वित्त वर्ष 26 में यह बढ़कर ₹54.23 करोड़ तक पहुंच गई। इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ भी ₹7.84 करोड़ से बढ़कर ₹11.59 करोड़ हो गया, जो स्थिर लाभ वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा कंपनी की संपत्तियां, EBITDA और नेट वर्थ में भी सुधार देखा गया है, जो इसके संचालन विस्तार की ओर संकेत करता है।

    आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार और वित्तीय मजबूती के लिए करने की योजना में है। इसमें नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना, मशीनरी की खरीद, पुराने कर्ज का पुनर्भुगतान और वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं को पूरा करना शामिल है। इस तरह यह फंडिंग कंपनी के उत्पादन क्षमता विस्तार और बैलेंस शीट सुधार दोनों में सहायक होगी।

    इस इश्यू के प्रबंधन की जिम्मेदारी एक प्रमुख निवेश सलाहकार फर्म को दी गई है, जबकि रजिस्ट्रार के रूप में एक तकनीकी वित्तीय सेवा प्रदाता काम कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि SME सेगमेंट में इस तरह के इश्यू लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी तुलनात्मक रूप से अधिक रहता है। ऐसे में निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए।

  • महिला सशक्तिकरण की मिसाल: खरगोन में पिंक टॉयलेट के साथ मिली कई सुविधाएं

    महिला सशक्तिकरण की मिसाल: खरगोन में पिंक टॉयलेट के साथ मिली कई सुविधाएं


    मध्य प्रदेश। खरगोन जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार को महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक टॉयलेट की शुरुआत की गई। नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी और सीएमओ कमला कौल ने इसका उद्घाटन किया।

    नगर पालिका द्वारा सुलभ शौचालय परिसर को विशेष रूप से पिंक टॉयलेट में परिवर्तित किया गया है, जिसका उपयोग केवल महिलाएं ही कर सकेंगी। इस सुविधा का संचालन और देखरेख भी महिलाओं के हाथों में सौंपी गई है।

    इस पिंक टॉयलेट में स्नानघर की व्यवस्था के साथ एक वेटिंग रूम भी बनाया गया है, जहां सोफे लगाए गए हैं। साथ ही छोटे बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए हैं, ताकि महिलाओं को अपने बच्चों के साथ किसी तरह की परेशानी न हो।

    अधिकारियों के अनुसार, यह पहल महिलाओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पताल परिसर में आने वाली महिलाओं को अब बेहतर और सुरक्षित शौचालय सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम में पार्षद, समिति सदस्य और अस्पताल स्टाफ भी मौजूद रहे।

  • आतिशबाजी के बीच श्रद्धा का संगम: भोजशाला में महाआरती और हवन सम्पन्न

    आतिशबाजी के बीच श्रद्धा का संगम: भोजशाला में महाआरती और हवन सम्पन्न


    मध्य प्रदेश। धार की ऐतिहासिक भोजशाला मंगलवार को भक्ति, आस्था और उत्साह के रंग में रंगी नजर आई। हाल ही में हाईकोर्ट और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के फैसले के बाद यहां “महासत्याग्रह” और “महाविजय महोत्सव” का आयोजन किया गया। इस मौके पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

    मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना और अखंड ज्योति की स्थापना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद भजन संध्या, हवन और महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। जैसे-जैसे आयोजन आगे बढ़ा, पूरा परिसर जयकारों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा।

    श्रद्धालुओं ने घरों से पटाखे लाकर आतिशबाजी की और अपनी खुशी का इजहार किया। पूरे परिसर में दीपावली जैसा दृश्य देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।

    भोज उत्सव समिति के अनुसार, यह पहला मौका है जब हालिया निर्णय के बाद मंगलवार को “महासत्याग्रह” के रूप में बड़ा आयोजन किया गया। पहले जहां प्रति मंगलवार सत्याग्रह होता था, वहीं अब इसे “विजय महोत्सव” के रूप में मनाया जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने यह मांग भी उठाई कि मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को लंदन से वापस लाया जाए और भोजशाला में पुनः स्थापित किया जाए।

  • गोल्ड लोन सेक्टर में धमाका: मुथूट फिनकॉर्प लाएगी 4000 करोड़ का IPO, तेज ग्रोथ से बढ़ी उम्मीदें

    गोल्ड लोन सेक्टर में धमाका: मुथूट फिनकॉर्प लाएगी 4000 करोड़ का IPO, तेज ग्रोथ से बढ़ी उम्मीदें


    नई दिल्ली । भारत के तेजी से बढ़ते फाइनेंशियल सेक्टर में एक बड़ा कदम सामने आया है, जहां गोल्ड लोन कारोबार से जुड़ी प्रमुख कंपनी मुथूट फिनकॉर्प ने 4000 करोड़ रुपये के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है। देश में बढ़ती सोने की कीमतों और संगठित लेंडिंग मार्केट के विस्तार के बीच यह कदम न केवल कंपनी की आक्रामक विकास रणनीति को दर्शाता है, बल्कि पूरे गोल्ड लोन सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं का संकेत भी देता है। कंपनी का उद्देश्य इस आईपीओ के जरिए जुटाई गई पूंजी को मुख्य रूप से अपने बिजनेस विस्तार और नए क्षेत्रों में प्रवेश के लिए उपयोग करना है, न कि मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने के लिए।

    मुथूट फिनकॉर्प का मानना है कि भारत में गोल्ड लोन बाजार अभी भी बड़े स्तर पर असंगठित खिलाड़ियों के नियंत्रण में है, जबकि संगठित और रेगुलेटेड कंपनियों की हिस्सेदारी अभी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में तेजी से विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। कंपनी का फोकस इस अवसर को भुनाकर अपने नेटवर्क और डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने पर है। इसी रणनीति के तहत कंपनी केवल पारंपरिक गोल्ड लोन तक सीमित नहीं रहकर अब MSME लोन, प्रॉपर्टी लोन और डिजिटल फाइनेंशियल सेवाओं की ओर भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे उसका कारोबार अधिक विविध और मजबूत बन सके।

    कंपनी की ग्रोथ रणनीति में डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका भी अहम मानी जा रही है, जिसके जरिए वह नए ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने और लोन प्रोसेसिंग को अधिक सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस विस्तार योजना के साथ-साथ कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट को भी मंजूरी दी है, जिससे शेयरों की उपलब्धता बढ़ेगी और छोटे निवेशकों की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के कदम अक्सर निवेशकों के भरोसे को मजबूत करते हैं और शेयरों में लिक्विडिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।

    वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने हाल के वर्षों में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। इसके एसेट अंडर मैनेजमेंट में लगातार वृद्धि देखने को मिली है, जबकि मुनाफे में भी उल्लेखनीय उछाल आया है। विशेष रूप से हाल की तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह संकेत देता है कि उसका बिजनेस मॉडल तेजी से मजबूत हो रहा है। इसी मजबूत वित्तीय आधार ने निवेशकों की रुचि को और बढ़ा दिया है।

    गोल्ड लोन सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी की सबसे बड़ी वजह सोने की ऊंची कीमतें और लेंडिंग मार्केट का तेजी से संगठित होना माना जा रहा है। जैसे-जैसे ग्राहक असंगठित स्रोतों के बजाय रेगुलेटेड कंपनियों की ओर बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए विस्तार की संभावनाएं और मजबूत हो रही हैं। मुथूट फिनकॉर्प का यह प्रस्तावित आईपीओ इसी बदलाव के बीच एक महत्वपूर्ण वित्तीय कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में कंपनी को बाजार में और मजबूत स्थिति दिला सकता है।

  • लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला: बारात देखने के दौरान हिंसा से मचा हड़कंप

    लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला: बारात देखने के दौरान हिंसा से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां सिर्फ बारात देखने के दौरान हुई मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक युवक पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, खमालिया निवासी 24 वर्षीय विजय थाना परिसर के पीछे स्थित आंगनवाड़ी के पास खड़ी बारात को देख रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसके वहां खड़े होने पर आपत्ति जताई। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया।

    हमलावरों ने युवक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उसके ऊपर पत्थर भी फेंके। अपनी जान बचाने के लिए विजय भागते हुए सीधे अमझेरा थाना परिसर में घुस गया। इसके बावजूद आरोपी उसका पीछा करते हुए काफी दूर तक पहुंचे। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमले और अफरा-तफरी के दृश्य साफ दिखाई दे रहे हैं।

    घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और महिला सहित कुल 5 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है और वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।