Author: bharati

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: मोरक्को का दमदार प्रदर्शन, कनाडा को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: मोरक्को का दमदार प्रदर्शन, कनाडा को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मोरक्को ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में सह-मेजबान कनाडा को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। ह्यूस्टन में खेले गए इस मुकाबले में पहले हाफ तक दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला लेकिन दूसरे हाफ में मोरक्को ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार तीन गोल दागकर मुकाबले को पूरी तरह अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ कनाडा का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया।

    मुकाबले की शुरुआत कनाडा ने बेहद आक्रामक अंदाज में की। शुरुआती मिनटों में जोनाथन डेविड और तानी ओलुवासेई ने गोल करने के अच्छे मौके बनाए लेकिन मोरक्को के अनुभवी गोलकीपर यासीन बौनू ने शानदार बचाव करते हुए टीम को शुरुआती झटके से बचा लिया। पहले 45 मिनट तक दोनों टीमों ने जोरदार संघर्ष किया लेकिन कोई भी गोल नहीं हो सका।

    पहले हाफ के दौरान मुकाबला काफी तनावपूर्ण भी रहा। खिलाड़ियों के बीच कई बार तीखी भिड़ंत देखने को मिली और रेफरी ने कुल सात येलो कार्ड दिखाए। 40वें मिनट में मोरक्को के कप्तान अचरफ हकीमी और कनाडा के रिची लारिया के बीच धक्का-मुक्की से मैदान का माहौल भी गर्मा गया लेकिन दोनों टीमों ने संयम बनाए रखा।

    दूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही मोरक्को ने अपनी रणनीति बदली और इसका फायदा भी तुरंत मिला। 50वें मिनट में अचरफ हकीमी की फ्री किक पर अजेदीन ओनाही ने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया और मोरक्को को 1-0 की बढ़त दिला दी।

    गोल खाने के बाद कनाडा ने बराबरी के लिए लगातार हमले किए लेकिन मोरक्को की मजबूत रक्षापंक्ति और यासीन बौनू की शानदार गोलकीपिंग के सामने उसके अधिकांश प्रयास नाकाम रहे। पूरे मैच में कनाडा के केवल तीन शॉट ही गोलपोस्ट तक पहुंच सके।

    मुकाबले के अंतिम चरण में मोरक्को ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। 82वें मिनट में अजेदीन ओनाही ने अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद इंजरी टाइम में सौफियाने रहीमी ने शानदार फिनिश के साथ तीसरा गोल करते हुए मोरक्को की 3-0 की यादगार जीत पर मुहर लगा दी।

    इस जीत के साथ मोरक्को अब क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया है जहां उसका मुकाबला पैराग्वे और फ्रांस के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा। वहीं सह-मेजबान कनाडा भले ही टूर्नामेंट से बाहर हो गया लेकिन उसने अपने घरेलू विश्व कप में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। कनाडा ने पहली बार विश्व कप में अंक अर्जित किए पहली जीत दर्ज की और पहली बार नॉकआउट चरण तक पहुंचकर अपने फुटबॉल इतिहास में नया अध्याय जोड़ा।

  • आमिर खान की तीसरी शादी बनी चर्चा का केंद्र, गौरी स्प्रैट संग निजी समारोह में परिवार, करीबी दोस्त और कई नामचीन हस्तियां रहीं शामिल

    आमिर खान की तीसरी शादी बनी चर्चा का केंद्र, गौरी स्प्रैट संग निजी समारोह में परिवार, करीबी दोस्त और कई नामचीन हस्तियां रहीं शामिल

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपने निजी जीवन की नई शुरुआत करते हुए गौरी स्प्रैट के साथ विवाह कर लिया। मुंबई स्थित उनके आवास पर आयोजित इस निजी समारोह में परिवार के सदस्य, करीबी मित्र और चुनिंदा मेहमान शामिल हुए। लंबे समय से चर्चा में चल रहे इस रिश्ते को आखिरकार दोनों ने आधिकारिक रूप दे दिया। समारोह को पूरी तरह निजी रखा गया, जहां सीमित संख्या में मेहमानों की मौजूदगी में विवाह की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं।

    शादी के अवसर पर आमिर खान के परिवार के सदस्य सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल रहे। उनके बेटे जुनैद खान और बेटी आयरा खान ने समारोह में हिस्सा लिया। परिवार के अन्य सदस्य भी इस खास मौके पर मौजूद रहे। शादी के आयोजन को सादगी और गरिमा के साथ संपन्न किया गया, जबकि पूरे समारोह की तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं।

    समारोह में देश के कई प्रमुख उद्योगपति, राजनीतिक और फिल्मी जगत की हस्तियां भी शामिल हुईं। फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर अपनी पत्नी के साथ समारोह में पहुंचे। उनके अलावा कई करीबी मित्र और मनोरंजन जगत से जुड़े लोग भी इस खुशी के मौके के साक्षी बने। आयोजन में केवल आमंत्रित मेहमानों को ही शामिल किया गया, जिससे पूरे कार्यक्रम की निजता बरकरार रही।

    बताया जा रहा है कि विवाह विशेष विवाह अधिनियम के तहत संपन्न हुआ। शादी के लिए लगभग 100 से 150 मेहमानों को आमंत्रित किया गया था। भोजन व्यवस्था से लेकर समारोह की अन्य तैयारियों तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया। आयोजन का माहौल पारिवारिक और सादगीपूर्ण रखा गया, जहां भव्यता के बजाय निजीपन को प्राथमिकता दी गई।

    आमिर खान के लिए यह तीसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने रीना दत्ता से विवाह किया था, जिनसे उनके दो बच्चे जुनैद और आयरा हैं। बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद उन्होंने किरण राव से शादी की, जिनसे उनका एक बेटा आजाद है। वर्ष 2021 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया था। अलगाव के बाद भी दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बने रहे।

    गौरी स्प्रैट के साथ रिश्ते को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा चल रही थी। दोनों को कई अवसरों पर साथ देखा गया, जिसके बाद उनके विवाह की अटकलें तेज हो गई थीं। अब इस रिश्ते को विवाह का रूप मिलने के साथ ही इन चर्चाओं पर भी विराम लग गया है।

    आमिर खान की इस नई शुरुआत को लेकर उनके प्रशंसकों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म जगत और उनके करीबियों की ओर से नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दी जा रही हैं। निजी और सादगीपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ यह विवाह वर्ष 2026 की चर्चित सेलिब्रिटी शादियों में शामिल हो गया है।

  • दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग पर ईरान का बड़ा कदम, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से वसूलेगा सर्विस फीस, मित्र देशों को मिल सकती है राहत

    दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग पर ईरान का बड़ा कदम, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से वसूलेगा सर्विस फीस, मित्र देशों को मिल सकती है राहत

    नई दिल्ली । ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर सर्विस फीस लगाने की दिशा में औपचारिक तैयारी शुरू कर दी है। तेहरान का कहना है कि यह व्यवस्था समुद्री सुरक्षा और जहाजों को दी जाने वाली सेवाओं के बदले लागू की जाएगी। इसके लिए ईरान ओमान के साथ मिलकर नई प्रणाली तैयार कर रहा है। इस घोषणा के बाद वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा बाजार की नजरें इस प्रस्तावित व्यवस्था पर टिक गई हैं।

    बीजिंग में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान चीन में ईरान के राजदूत अब्दोलरेजा रहमानी फजली ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाजों से लिया जाने वाला शुल्क टोल टैक्स नहीं बल्कि सर्विस फीस होगा, जिसे सुरक्षा, निगरानी और समुद्री सेवाओं के बदले वसूला जाएगा।

    ईरानी पक्ष का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट का एक हिस्सा उसके क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आता है। ऐसे में जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना, उनकी आवाजाही की निगरानी करना और भारी समुद्री यातायात से जुड़े पर्यावरणीय प्रभावों का प्रबंधन करना उसकी जिम्मेदारी है। इसी आधार पर सर्विस फीस को उचित और वैध बताया गया है।

    हालिया क्षेत्रीय संघर्ष के बाद व्यावसायिक जहाजों को लगभग 60 दिनों तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इस समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई थी। अब यह अंतरिम व्यवस्था समाप्त होने के बाद ईरान स्थायी नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि शुल्क की दर, लागू होने की तारीख और किन देशों पर यह व्यवस्था किस रूप में लागू होगी, इस बारे में अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि हालिया संकट के दौरान जिन देशों ने उसका समर्थन किया, उन्हें नई व्यवस्था में विशेष रियायत मिल सकती है। राजदूत ने कहा कि कठिन समय में साथ खड़े रहने वाले देशों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। हालांकि भारत सहित किसी भी देश का नाम लेकर यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किन देशों को राहत मिलेगी और किस प्रकार की छूट दी जाएगी।

    भारत के संदर्भ में भी फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि भारतीय जहाजों को इस सर्विस फीस से छूट मिलेगी या उन्हें इसका भुगतान करना होगा। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारत पर इस नई व्यवस्था का क्या प्रभाव पड़ेगा। अंतिम नियम जारी होने के बाद ही विभिन्न देशों और शिपिंग कंपनियों पर पड़ने वाले वास्तविक असर का आकलन किया जा सकेगा।

    होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस का परिवहन इसी रास्ते से होता है। इसलिए इस मार्ग से जुड़ा कोई भी प्रशासनिक या शुल्क संबंधी बदलाव अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत, ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। आने वाले दिनों में ईरान और ओमान द्वारा जारी किए जाने वाले अंतिम दिशा-निर्देशों पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।

  • ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई, बेटों की मौजूदगी के बीच सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई की गैरहाजिरी पर तेज हुई चर्चाएं

    ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई, बेटों की मौजूदगी के बीच सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई की गैरहाजिरी पर तेज हुई चर्चाएं

    नई दिल्ली । ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को शनिवार को तेहरान में पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार में देश के शीर्ष राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक नेतृत्व की मौजूदगी रही, जबकि सबसे अधिक चर्चा मौजूदा सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई की सार्वजनिक गैरमौजूदगी को लेकर हुई। सुरक्षा कारणों के चलते उनके समारोह में खुलकर शामिल न होने की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक चर्चा को जन्म दिया।

    अंतिम नमाज के दौरान अली खामेनेई के परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। उनके बेटों मसूद, मेयसाम और मुस्तफा ने अंतिम रस्मों में हिस्सा लिया और अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, देश के कई वरिष्ठ अधिकारी और धार्मिक नेता भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। समारोह के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई दी।

    ईरानी प्रशासन के अनुसार, अंतिम नमाज का नेतृत्व वरिष्ठ धार्मिक नेता आयतुल्ला जाफर सोभानी ने किया। उनके साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसनी एजेई तथा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी सहित कई प्रमुख सैन्य अधिकारी भी समारोह का हिस्सा बने।

  • भारत-जापान की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी से चीन बेचैन, प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के भारत दौरे पर 'टैप वॉटर' विवाद उछालकर रिश्तों पर उठाए सवाल

    भारत-जापान की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी से चीन बेचैन, प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के भारत दौरे पर 'टैप वॉटर' विवाद उछालकर रिश्तों पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली । जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के हालिया भारत दौरे के बाद एशियाई कूटनीति में एक नया विवाद सामने आया है। चीन के सरकारी मीडिया ने इस यात्रा के दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल द्वारा कथित तौर पर केवल बोतलबंद पानी के इस्तेमाल के मुद्दे को प्रमुखता देते हुए भारत-जापान संबंधों पर सवाल खड़े करने का प्रयास किया है। हालांकि भारत और जापान की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन इसे दोनों देशों की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी के संदर्भ में देखा जा रहा है।

    चीनी सरकारी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भारत में स्थानीय नल के पानी का उपयोग नहीं किया और पूरे दौरे के दौरान केवल पैक किए गए मिनरल वॉटर का ही इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल के लिए पहले से बड़ी मात्रा में बोतलबंद पानी की व्यवस्था की गई थी तथा साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए भी उसी का उपयोग किया गया। अखबार ने इस मामले को भारत के प्रति जापान के कथित दोहरे रवैये से जोड़ने की कोशिश की।

    रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गर्मजोशीपूर्ण मुलाकात की और दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों पर जोर दिया। इसके बावजूद पानी के मुद्दे को उछालकर यह संदेश देने की कोशिश की गई कि व्यवहारिक स्तर पर जापान भारत को लेकर पूरी तरह सहज नहीं है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही दोनों देशों ने इस विषय पर कोई आधिकारिक टिप्पणी की है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब भारत और जापान के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को लेकर साझा दृष्टिकोण विकसित किया है। यही वजह है कि उनकी रणनीतिक साझेदारी को एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    दोनों देशों के बीच नौसैनिक संचार प्रणाली, रक्षा तकनीक के संयुक्त विकास और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इन क्षेत्रों में चीन का लंबे समय से प्रभाव माना जाता रहा है। ऐसे में भारत और जापान की बढ़ती भागीदारी को बीजिंग अपने रणनीतिक हितों के लिए चुनौती के रूप में देख रहा है।

    हाल के संयुक्त बयानों में भारत और जापान ने दक्षिण चीन सागर तथा पूर्वी चीन सागर की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की है। दोनों देशों ने किसी भी क्षेत्र में बल प्रयोग या एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने के प्रयासों का विरोध किया है। यद्यपि किसी देश का नाम नहीं लिया गया, लेकिन इसे क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यापक संदेश के रूप में देखा गया। इसके बाद चीन ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी तीसरे देश को लक्ष्य बनाकर गठबंधन तैयार नहीं किए जाने चाहिए।

    विश्लेषकों का मानना है कि भारत की विनिर्माण क्षमता और जापान की उन्नत तकनीकी विशेषज्ञता भविष्य में कई रणनीतिक क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा कर सकती है। यही कारण है कि दोनों देशों के बढ़ते सहयोग पर चीन लगातार नजर बनाए हुए है। ऐसे माहौल में ‘टैप वॉटर’ जैसे मुद्दे को प्रमुखता देकर भारत-जापान संबंधों को लेकर संदेह पैदा करने की कोशिश को व्यापक कूटनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में देखा जा रहा है। फिलहाल दोनों देशों का ध्यान अपने दीर्घकालिक सहयोग को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

  • ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, लोगों के शोक पर जताई हैरानी, कहा- पूरी नेतृत्व व्यवस्था को निशाना बनाया जा सकता था

    ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, लोगों के शोक पर जताई हैरानी, कहा- पूरी नेतृत्व व्यवस्था को निशाना बनाया जा सकता था


    नई दिल्ली ।
    ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर वैश्विक चर्चा का विषय बन गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अवसर पर ईरान को लेकर कई तीखे बयान दिए, जिनमें संभावित सैन्य कार्रवाई, दोनों देशों के बीच बातचीत और अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ को लेकर उनकी प्रतिक्रिया शामिल रही। उनके बयान ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

    ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका चाहता तो ईरान के शीर्ष नेतृत्व को एक साथ निशाना बनाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया क्योंकि भविष्य में बातचीत की संभावना बनी रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों पक्षों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने तक वार्ता से कुछ समय का विराम लेने पर सहमति बनाई है। उनके अनुसार इस अवधि में किसी भी पक्ष की ओर से नए हमले नहीं किए जाएंगे।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों और उनके शोक व्यक्त करने पर भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले यह धारणा थी कि ईरान के भीतर बड़ी संख्या में लोग खामेनेई के विरोधी हैं, लेकिन अंतिम संस्कार में दिखाई दिए जनसमूह और भावनात्मक माहौल ने उन्हें हैरान कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इस दृश्य को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं की जा सकती हैं।

    ईरान में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कई चरणों में आयोजित की जा रही है। राजधानी तेहरान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद धार्मिक महत्व वाले शहरों में भी विभिन्न रस्में आयोजित की जा रही हैं। अंतिम चरण में खामेनेई को उनके गृह नगर में सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की योजना है। सुरक्षा कारणों से पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

    इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़े परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए परिवार के कुछ प्रमुख सदस्यों के सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने की जानकारी सामने आई है। माना जा रहा है कि मौजूदा हालात और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

    खामेनेई के निधन के बाद मध्य पूर्व की राजनीतिक स्थिति पहले से अधिक संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के कारण दोनों देशों के हर बयान और कदम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। ऐसे समय में ट्रंप के हालिया बयान को क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा परिदृश्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच संभावित वार्ता, क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक घटनाक्रम वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बने रहेंगे। फिलहाल ईरान में अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं, जबकि अमेरिका की ओर से दिए गए ताजा बयान ने एक बार फिर दोनों देशों के संबंधों को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है।

  • पाकिस्तान में गैंगरेप मामले ने बढ़ाई शहबाज सरकार की मुश्किलें, विदेश मंत्री इशाक डार के रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद इस्तीफे की मांग हुई तेज

    पाकिस्तान में गैंगरेप मामले ने बढ़ाई शहबाज सरकार की मुश्किलें, विदेश मंत्री इशाक डार के रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद इस्तीफे की मांग हुई तेज

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और गैंगरेप के मामले ने वहां की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार के करीबी रिश्तेदार की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और इशाक डार से इस्तीफे की मांग भी सामने आने लगी है।

    मामले के अनुसार, नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाओं के साथ लाहौर में कथित तौर पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में मुहम्मद रज़ा डार का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह इस मामले का मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि दोनों विदेशी महिलाओं की मुलाकात रज़ा डार से पिछले वर्ष सिंगापुर में हुई थी। बाद में कथित तौर पर एक कारोबारी परियोजना के सिलसिले में संपर्क बढ़ा और महिलाओं के पाकिस्तान आने की व्यवस्था की गई।

    मामले के राजनीतिक पहलू ने तब और तूल पकड़ लिया जब विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली पारिवारिक संबंधों के कारण कार्रवाई में देरी हुई। विपक्ष का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी मुद्दे को लेकर इशाक डार के पद पर बने रहने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

    विपक्षी नेता फैसल वावडा ने सार्वजनिक रूप से इशाक डार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब उनके करीबी रिश्तेदार पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं, तब उन्हें सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर बने रहने पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी की गिरफ्तारी में देरी हुई और मामले में उच्च स्तर पर प्रभाव डालने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    घटना ने पाकिस्तान की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी बहस तेज कर दी है। विदेशी नागरिकों से जुड़े गंभीर आपराधिक मामलों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया को लेकर दबाव बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं, जबकि राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और न्यायिक प्रक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी, वहीं यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति और सरकार के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।

  • मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी, 9 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी, कई रास्ते बंद

    मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी, 9 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी, कई रास्ते बंद


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। रविवार सुबह छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई जबकि दोपहर बाद उमरिया में तेज वर्षा दर्ज की गई। श्योपुर में महज आधे घंटे की बारिश से कई दुकानों में पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। राजधानी भोपाल सहित इंदौर और अन्य शहरों में भी दिनभर बादल छाए रहे।

    मौसम विभाग ने प्रदेश के आधे हिस्से में अति भारी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रतलाम धार बड़वानी शाजापुर बैतूल पांढुर्णा मंडला बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा नीमच मंदसौर आगर मालवा उज्जैन इंदौर खरगोन देवास खंडवा बुरहानपुर हरदा सीहोर नर्मदापुरम रायसेन छिंदवाड़ा सिवनी अनूपपुर कटनी पन्ना झाबुआ और अलीराजपुर समेत 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर चार से आठ इंच तक बारिश हो सकती है।

    ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर राजगढ़ विदिशा भोपाल सागर नरसिंहपुर जबलपुर उमरिया शहडोल रीवा मऊगंज सीधी सिंगरौली सतना छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

    बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई। मंडला में सबसे अधिक करीब सवा दो इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई जबकि बालाघाट में डेढ़ इंच बारिश हुई। पचमढ़ी में सवा इंच और जबलपुर में लगभग पौन इंच बारिश दर्ज की गई। राजगढ़ इंदौर खंडवा बैतूल दतिया और खरगोन में भी आधा इंच के आसपास वर्षा हुई। इसके अलावा भोपाल धार गुना नर्मदापुरम रायसेन रतलाम छिंदवाड़ा दमोह नरसिंहपुर सागर सिवनी श्योपुर शाजापुर देवास सीहोर विदिशा पन्ना और हरदा सहित कई जिलों में रुक रुककर बारिश होती रही।

    लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। हरदा जिले में तेज बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया। मांदला के पास कालीमाचक नदी का जलस्तर बढ़ने से नर्मदापुरम खंडवा हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। वहीं खंडवा जिले के गरबड़ी गांव में नाले में बाढ़ आने से खिरकिया रोड बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

    सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र के बापचा दोनिया गांव में दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। लगातार बारिश और उफनाते नदी नालों को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • इंदौर में नवविवाहित युवक का संदिग्ध सुसाइड, पति-पत्नी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस

    इंदौर में नवविवाहित युवक का संदिग्ध सुसाइड, पति-पत्नी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। युवक ने करीब दो महीने पहले ही प्रेम विवाह किया था। शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद की बात सामने आई है, जबकि मृतक के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम पर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान हुजुरगंज निवासी राजू पुत्र भागीरथ वर्मा के रूप में हुई है। शनिवार शाम परिजनों को सूचना मिली कि राजू ने अपने घर में फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

    परिजनों ने बताया कि राजू ने करीब दो महीने पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों परिवार से अलग रहकर अपना वैवाहिक जीवन बिता रहे थे। राजू एक प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करता था और परिवार के अनुसार सामान्य जीवन जी रहा था। हालांकि शादी के बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात सामने आई है। परिवार के लोग कई बार दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश भी कर चुके थे।

    मृतक के भाई कुणाल वर्मा ने इस घटना को लेकर संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। परिजनों का कहना है कि केवल आत्महत्या मानकर मामले को बंद नहीं किया जाना चाहिए और सभी परिस्थितियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

    पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए परिजनों पत्नी और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़ी हर जानकारी जुटाई जा सके।

    मल्हारगंज थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • 5,000 रुपए से 40,000 करोड़ तक का सफर: कैसे राकेश झुनझुनवाला बने भारतीय शेयर बाजार के 'बिग बुल' और निवेश की दुनिया के सबसे भरोसेमंद नाम

    5,000 रुपए से 40,000 करोड़ तक का सफर: कैसे राकेश झुनझुनवाला बने भारतीय शेयर बाजार के 'बिग बुल' और निवेश की दुनिया के सबसे भरोसेमंद नाम

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में राकेश झुनझुनवाला का नाम उन चुनिंदा निवेशकों में शामिल है, जिन्होंने अपनी दूरदर्शी सोच, मजबूत रणनीति और धैर्य के बल पर निवेश की दुनिया में असाधारण सफलता हासिल की। बेहद सीमित पूंजी से शुरुआत करने वाले झुनझुनवाला ने समय के साथ ऐसा निवेश साम्राज्य खड़ा किया, जिसने उन्हें देश का ‘बिग बुल’ और निवेश जगत का सबसे चर्चित चेहरा बना दिया। उनकी निवेश शैली आज भी नए और अनुभवी निवेशकों के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत मानी जाती है।

    5 जुलाई 1960 को मुंबई में जन्मे राकेश झुनझुनवाला का शुरुआती जीवन सामान्य रहा। उनके पिता आयकर विभाग में अधिकारी थे और घर में अक्सर अर्थव्यवस्था तथा शेयर बाजार से जुड़ी चर्चाएं होती थीं। इन्हीं चर्चाओं ने उनके भीतर पूंजी बाजार को समझने की रुचि विकसित की। उन्होंने कॉमर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट की उपाधि हासिल की, लेकिन उनका लक्ष्य केवल पेशेवर जीवन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने निवेश को अपने करियर का आधार बनाया।

    वर्ष 1985 में उन्होंने लगभग 5,000 रुपए की पूंजी के साथ शेयर बाजार में कदम रखा। शुरुआती दौर में परिवार और परिचितों से जुटाई गई पूंजी के सहारे उन्होंने कंपनियों का गहराई से अध्ययन करते हुए निवेश शुरू किया। उनकी पहली बड़ी सफलता टाटा टी के शेयरों में निवेश से मिली, जहां कुछ ही समय में उन्हें उल्लेखनीय लाभ हुआ। इस सफलता ने उन्हें बाजार में नई पहचान दिलाई और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया।

    इसके बाद उन्होंने कई ऐसी कंपनियों में निवेश किया, जिन्हें उस समय बाजार में अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा था। टाटा पावर, सेसा गोवा और प्राज इंडस्ट्रीज जैसे निवेशों ने उन्हें शानदार रिटर्न दिलाया। हालांकि उनके करियर का सबसे सफल निवेश टाइटन कंपनी में माना जाता है। जब अधिकांश निवेशक इस कंपनी को लेकर आशंकित थे, तब उन्होंने इसमें भरोसा जताया। आने वाले वर्षों में टाइटन के जबरदस्त प्रदर्शन ने उनकी संपत्ति में हजारों करोड़ रुपए का इजाफा किया और यह उनके पोर्टफोलियो का सबसे मूल्यवान निवेश बन गया।

    राकेश झुनझुनवाला केवल सफल निवेशक ही नहीं थे, बल्कि एक सक्रिय उद्यमी भी थे। अपनी निवेश कंपनी के माध्यम से उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया और कई कंपनियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षा, मीडिया और विमानन जैसे क्षेत्रों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। वर्ष 2022 में उन्होंने विमानन क्षेत्र में प्रवेश करते हुए आकासा एयर की शुरुआत की, जिसे उनके सबसे महत्वाकांक्षी व्यावसायिक कदमों में गिना गया।

    14 अगस्त 2022 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनका निवेश दर्शन आज भी उतना ही प्रासंगिक माना जाता है। उनका विश्वास था कि शेयर बाजार में सफलता किसी एक दिन का परिणाम नहीं होती, बल्कि सही कंपनियों का चयन, लगातार अध्ययन और लंबी अवधि तक धैर्य बनाए रखने से मिलती है। वे हमेशा कहते थे कि बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है और निवेशकों को छोटी अवधि की अस्थिरता से घबराने के बजाय मजबूत कंपनियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।

    झुनझुनवाला का मानना था कि किसी भी निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं का गंभीर विश्लेषण जरूरी है। वे भीड़ का अनुसरण करने के बजाय स्वतंत्र रिसर्च पर भरोसा करने और विविध क्षेत्रों में निवेश कर जोखिम को संतुलित रखने की सलाह देते थे। उनकी यही सोच और अनुशासित निवेश रणनीति उन्हें भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में हमेशा एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करती रहेगी।