Author: bharati

  • कृषक कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश

    कृषक कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश


    भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे अन्नदाता किसानों के कल्याण की चिंता करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। वर्ष 2026 को सरकार द्वारा कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है और इसका प्रभावी क्रियान्वयन मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का जीवन संवारना और उनकी बेहतरी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। किसान रथ का शुभारंभ स्थानीय सांसद और विधायक के साथ किया जाए। किसानों से नियमित संवाद बनाए रखा जाए और उन्हें ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अधिक से अधिक मूंगफली और उड़द की फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, जलवायु एवं ऊर्जा के अनुकूल कृषि अपनाने और संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए ई-गवर्नेंस पोर्टल का लाभ उठाने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वित प्रयास किए जाएं। इस वर्ष किसानों के कल्याण में उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता, ऊर्जा, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित 15 से अधिक विभाग सक्रिय भूमिका निभाएंगे।पराली और नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती बरतने, खेत का भूसा गौशालाओं तक पहुंचाने और फसल अवशेष से बायोगैस संयंत्र स्थापित करने पर जोर दिया गया। सभी कलेक्टर्स अपने जिलों में इस पर निगरानी रखें।

    मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करने और पशुपालकों को नस्ल सुधार पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया। मत्स्य पालन के लिए जिला स्तर पर अधिकाधिक मत्स्य प्रक्षेत्र विकसित किए जाएं और नगरीय क्षेत्रों में फिश पार्लर स्थापित किए जाएं।कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया कि कृषक कल्याण वर्ष की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। कृषि उपज मंडियों का निरीक्षण और विपणन पर ध्यान देकर मूल्य संवर्धन सुनिश्चित किया जाए। दुग्धोत्पादन बढ़ाने के लिए नवाचारी तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए।

    मुख्यमंत्री ने कार्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन, छोटे-बड़े कार्यक्रमों, हितग्राहियों के सत्यापन और सहयोग, नई योजनाओं की शुरुआत और नवाचार को अपनाने पर जोर दिया। वित्तीय स्त्रोतों जैसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप, CSR और केंद्र सरकार की योजनाओं से अधिक से अधिक लाभ दिलाने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने फरवरी में डिण्डोरी में कोदो-कुटकी बोनस वितरण, गुलाब महोत्सव राज्यस्तरीय एग्रीस्टैक एवं डिजिटल कृषि प्रदर्शनी और मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की।

  • यूपी पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना के लिए कर रही हाफ एनकाउंटर, हाईकोर्ट ने DGP को किया तलब

    यूपी पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना के लिए कर रही हाफ एनकाउंटर, हाईकोर्ट ने DGP को किया तलब


    नई दिल्ली । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में कथित हाफ एनकाउंटर की बढ़ती घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने आरोपियों के पैरों में गोली मारकर बाद में उसे मुठभेड़ बताने की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि दंड देने का अधिकार केवल न्यायालयों के पास है, पुलिस के पास नहीं. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा न्यायिक अधिकार क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अस्वीकार्य है, क्योंकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां शासन कानून के तहत चलता है.

    हाईकोर्ट ने राज्य के डीजीपी और गृह सचिव से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्या पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों में गोली मारने के संबंध में कोई मौखिक या लिखित निर्देश जारी किए गए हैं. अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे मुठभेड़अब एक नियमित घटना बनते जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना या आरोपियों को सबक सिखाना हो सकता है.

    इन घटनाओं में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई- हाईकोर्ट

    कोर्ट ने यह भी कहा कि उसके सामने अक्सर ऐसे मामले आते हैं, जिनमें मामूली अपराधों में भी पुलिस अंधाधुंध गोलीबारी कर घटनाओं को मुठभेड़ का रूप दे देती है. यह टिप्पणी अदालत ने मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार और दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की जो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में घायल हुए थे. अदालत ने नोट किया कि इन घटनाओं में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई, जिससे बल प्रयोग की आवश्यकता और अनुपातिकता पर सवाल उठते हैं.

    एक मामले में अदालत ने पहले राज्य सरकार से पूछा था कि क्या कथित मुठभेड़ को लेकर एफआईआर दर्ज हुई और क्या घायल का बयान मजिस्ट्रेट या चिकित्सा अधिकारी के सामने दर्ज किया गया. राज्य की ओर से बताया गया कि एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन घायल का बयान न तो मजिस्ट्रेट और न ही किसी डॉक्टर के समक्ष दर्ज किया गया. साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि पहले एक सब-इंस्पेक्टर को जांच सौंपी गई थी, जिसे बाद में एक इंस्पेक्टर को स्थानांतरित कर दिया गया.

    स्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ में हुई सुनवाई

    दलीलों पर गौर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मुठभेड़ संबंधी दिशानिर्देशों का पालन होता नहीं दिख रहा है. यह सुनवाई जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ में हुई.

  • Shamita Shetty B'day: ब्लॉकबस्टर डेब्यू के बाद भी फ्लॉप रहा शमिता का करियर, अभिनय छोड़ बनीं करोड़ों की मालकिन

    Shamita Shetty B'day: ब्लॉकबस्टर डेब्यू के बाद भी फ्लॉप रहा शमिता का करियर, अभिनय छोड़ बनीं करोड़ों की मालकिन


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री शमिता शेट्टी आज यानी 2 फरवरी को अपना 45वां जन्मदिन मना रही हैं। अभिनेत्री फिलहाल फिल्मों से दूर हैं, लेकिन वह अभिनय से दूर भी आज करोड़ों रुपये की कमाई करती हैं। इसके साथ ही वह अक्सर लाइमलाइट में भी बनी रहती हैं। शमिता इंडस्ट्री में अपनी बहन शिल्पा शेट्टी जैसा करियर तो नहीं बना पाईं, लेकिन उन्होंने ‘बिग बॉस 15’ के जरिए अपनी अलग पहचान जरूर बनाई थी। चलिए आज उनके जन्मदिन पर जानते हैं अभिनेत्री से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में…
    फैशन डिजाइनर से बनीं अभिनेत्री
    शमिता शेट्टी का जन्म 2 फरवरी 1979 को कर्नाटक के मंगलुरु में एक तुलु भाषी परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में टैम्पर-प्रूफ वाटर कैप के निर्माता थे। शमिता शेट्टी ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एंथोनी गर्ल्स हाई स्कूल, मुंबई से की। फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के साथ काम किया। सेलिब्रिटी डिजाइनर ने उन्हें अभिनय में अपनी किस्मत आजमाने का सुझाव दिया। जिसके बाद शमिता ने फिल्म इंडस्ट्री में काम करना शुरू कर दिया।

    ब्लॉकबस्टर फिल्म से किया डेब्यू

    अभिनेत्री ने साल 2000 में आदित्य चोपड़ा की फिल्म ‘मोहब्बतें’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इस फिल्म में शमिता के साथ कई अन्य कलाकार भी थे, लेकिन शमिता के बेहतरीन अभिनय की वजह से उन्हें डेब्यू ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला। यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इसी साल उनका गाना ‘शरारा शरारा’ आया। रातों-रात शमिता स्टार बन गईं। शमिता का करियर एक ब्लॉकबस्टर फिल्म से शुरू हुआ, लेकिन उनका फिल्मी करियर आगे चलकर फ्लॉप साबित हो गया।
    शमिता शेट्टी का जन्म 2 फरवरी 1979 को कर्नाटक के मंगलुरु में एक तुलु भाषी परिवार में हुआ। शमिता शेट्टी आज यानी 2 फरवरी को अपना 45वां जन्मदिन मना रही हैं।उनके माता-पिता फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में काम करते थे। शमिता ने अपनी स्कूली पढ़ाई मुंबई के सेंट एंथोनी गर्ल्स हाई स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा हासिल किया और मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के साथ काम किया। मनीष मल्होत्रा ने उन्हें अभिनय आजमाने का सुझाव दिया, जिससे शमिता ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा।
    छोटे पर्दे पर भी छाईं शमिता शेट्टी
    ‘मोहब्बतें’ के बाद उन्होंने कई फिल्में जैसे ‘फरेब’, ‘जहर’, ‘कैश’ में काम किया, लेकिन शिल्पा वह अपनी बहन की तरह इंडस्ट्री में अपनी पहचान नहीं बना पाईं। फिल्में नहीं चलने के बाद शमिता ने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया और वह 2008 के बाद इंडस्ट्री से गायब हो गईं। इसके बाद वह सलमान खान के शो ‘बिग बॉस 15’ में नजर आईं। हालांकि इससे पहले शमिता ‘बिग बॉस 3’ में भी नजर आई थीं, लेकिन शिल्पा की शादी की वजह से उन्होंने शो बीच में ही छोड़ दिया था।

    शमिता शेट्टी की नेट वर्थ
    ‘बिग बॉस 15’ के जरिए शमिता ने खूब लोकप्रियता भी हासिल की। फिल्मों में असफल रहने के बावजूद शमिता शेट्टी करोड़ो की मालकिन हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शमिता शेट्टी की नेट वर्थ पांच मिलियन डॉलर है यानी शमिता लगभग 35 करोड़ रुपये की संपत्ति की मालकिन हैं। अभिनेत्री एक इंटीरियर डिजाइनर भी हैं और कई ब्रैंड्स एंडोर्समेंट भी करती हैं, इसके जरिए वह लाखों-करोड़ों रुपये की कमाई करती हैं।

  • Watch: T20 वर्ल्ड कप का काउंटडाउन शुरू, आईसीसी ने रिलीज किया एंथम सॉन्ग; यहां देखें वीडियो

    Watch: T20 वर्ल्ड कप का काउंटडाउन शुरू, आईसीसी ने रिलीज किया एंथम सॉन्ग; यहां देखें वीडियो


    नई दिल्ली । आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 7 फरवरी से शुरू होगा. भारत के साथ श्रीलंका सह-मेजबान है. कुल 20 टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 5-5 के 4 ग्रुप्स में रखा गया है. ग्रुप स्टेज में हर दिन 3 मैच खेले जाएंगे. भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में हैं, जिनके बीच 15 फरवरी को भिड़ंत होनी है. आईसीसी ने एंथम सॉन्ग रिलीज कर दिया है, जिसे अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया और गाया है.

    आईसीसी ने शुक्रवार को पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आधिकारिक गीत “फील द थ्रिल” जारी किया. इस गीत की रचना भारतीय संगीतकार और गायक अनिरुद्ध रविचंदर ने की है, उन्हीं ने इसे गाया है. ये गीत जोश को बढ़ाता है. इसे रोमांच और भावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाले बोलों के साथ खूबसूरती से बनाया गया है.

    आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एंथम गीत पर कहा, “आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप अद्वितीय रूप से प्रतिस्पर्धी, रोमांचकारी और अभिव्यंजक है, जहां क्षण खिलाड़ियों और प्रशंसकों दोनों के लिए जीवन भर की यादों में बदल जाते हैं. टूर्नामेंट का आधिकारिक गीत इसी भावना को जीवंत करने का प्रयास करता है, अपने संगीत के माध्यम से प्रशंसकों को जोड़ने, विविधता का जश्न मनाने और इस आयोजन को हमारे खेल की सर्वोत्तम विशेषताओं का एक साझा वैश्विक उत्सव बनाने का प्रयास करता है.

    7 शहरों के 8 स्टेडियम में खेले जाएंगे मैच

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 का मेजबान भारत और श्रीलंका है. ग्रुप बी के सभी मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे. ग्रुप ए में पाकिस्तान टीम अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगी. अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंची तो वो मुकाबले भी श्रीलंका में होंगे नहीं तो भारत उन मैचों की मेजबानी करेगा. वेन्यू: नरेंद्र मोदी स्टेडियम अहमदाबाद, एमए चिदंबरम स्टेडियम चेन्नई, अरुण जेटली स्टेडियम नई दिल्ली, वानखेड़े स्टेडियम मुंबई, ईडन गार्डन्स कोलकाता, आर. प्रेमदासा स्टेडियम कोलंबो, सिंहली स्पोर्ट्स क्लब क्रिकेट ग्राउंड कोलंबो, पालेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम कैंडी.

  • गरुड़ पुराण की शिक्षा: जीवन में सही संगति का महत्व और किन लोगों से बचना आवश्यक

    गरुड़ पुराण की शिक्षा: जीवन में सही संगति का महत्व और किन लोगों से बचना आवश्यक


    नई दिल्ली। गरुड़ पुराण का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। यह ग्रंथ किसी व्यक्ति को नकारने की शिक्षा नहीं देता बल्कि सही संगति और वातावरण चुनने के महत्व को समझाता है। सनातन परंपरा में इसे केवल मृत्यु और कर्मकांड से जोड़कर नहीं देखा जाता बल्कि यह जीवन जीने की व्यवहारिक शिक्षा भी देता है। इसमें मनुष्य के आचरण संगति और सोच पर विशेष जोर दिया गया है। पुराण के अनुसार व्यक्ति जैसा वातावरण चुनता है और जैसी संगति अपनाता है वैसा ही उसका जीवन आकार लेता है।

    सबसे पहले आलस्य को जीवनशैली बनाने वाले लोगों से दूरी बनाना जरूरी है। गरुड़ पुराण आलस्य को प्रगति का सबसे बड़ा शत्रु मानता है। जो लोग परिश्रम से बचते हैं और हर काम टालते रहते हैं, वे न केवल स्वयं आगे नहीं बढ़ पाते बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी हतोत्साहित करते हैं। ऐसे लोग अक्सर अपनी असफलताओं का कारण दूसरों या परिस्थितियों को बताते हैं। उनकी संगति निराशा और अकर्मण्यता को बढ़ावा देती है।

    दूसरी श्रेणी उन लोगों की है जो केवल भाग्य पर निर्भर रहते हैं। गरुड़ पुराण कर्म को जीवन का आधार मानता है। जो लोग प्रयास किए बिना केवल किस्मत के सहारे जीवन जीना चाहते हैं, वे धीरे-धीरे अपनी क्षमता खो देते हैं और दूसरों को भी निष्क्रिय सोच की ओर ले जाते हैं। पुराण का संदेश स्पष्ट है कि भाग्य केवल उसी का साथ देता है जो लगातार प्रयास करता है।तीसरी चेतावनी उन लोगों के लिए है जो समय का मूल्य नहीं समझते। समय को सबसे कीमती धन माना गया है। जो लोग अपना समय व्यर्थ की चर्चाओं, निरर्थक कार्यों या आलस्य में गंवाते हैं, वे जीवन में ठहराव का कारण बनते हैं। ऐसे लोग न केवल अपना भविष्य जोखिम में डालते हैं बल्कि दूसरों का समय भी बर्बाद करते हैं। इसलिए विवेकशील व्यक्ति को ऐसी संगति से बचने की सलाह दी गई है।

    नकारात्मक सोच से घिरे लोग भी जीवन में बाधाएं पैदा करते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार नकारात्मक दृष्टिकोण धीरे-धीरे भय, असंतोष और असफलता की भावना बढ़ाता है। अगर कोई व्यक्ति निरंतर नकारात्मक विचारों में फंसा रहता है, तो उसकी संगति भी उसी दिशा में सोचने लगती है। सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए ऐसी संगति से दूरी जरूरी मानी गई है।

    अंत में, दिखावे और अहंकार में डूबे लोगों से भी दूरी बनाए रखना चाहिए। कुछ लोग केवल बाहरी दिखावे और श्रेष्ठता साबित करने में संतुष्टि ढूंढते हैं। गरुड़ पुराण में इसे मानसिक असंतुलन का संकेत बताया गया है। यह व्यवहार कई बार दूसरों को मानसिक पीड़ा पहुंचाता है और संबंधों में कटुता लाता है। शास्त्रों के अनुसार सादगी और विनम्रता ही स्थायी सुख का मार्ग है।सार यह है कि गरुड़ पुराण जीवन में सही संगति चुनने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का महत्व बताता है। यह मानसिक शांति, आत्मविकास और स्थायी सफलता का आधार है।

  • Sankashti Chaturthi 2026: फरवरी में कब है संकष्टी चतुर्थी व्रत? नोट करें सही डेट और जानें गणपति की पूजा का शुभ मुहूर्त

    Sankashti Chaturthi 2026: फरवरी में कब है संकष्टी चतुर्थी व्रत? नोट करें सही डेट और जानें गणपति की पूजा का शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली । Sankashti Chaturthi 2026: सनातन धर्म में संकष्टी चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व माना गया है जो कि प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है. इस दिन भगवान गणेश का विधि-विधान से पूजन किया जाता है और कहते हैं कि गणपति जी प्रसन्न होकर अपने भक्तों के जीवन से सभी संकटों को दूर करते हैं. फाल्गुन माह और फरवरी का महीना शुरू होने वाला है, ऐसे में आइए जानते हैं फाल्गुन में कब रखा जाएगा संकष्टी चतुर्थी व्रत और पूजा का शुभ मुहूर्त.

    द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 डेट

    बता दें कि फाल्गुन में आने वाले संकष्टी चतुर्थी व्रत को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 फरवरी को मध्यरात्रि 12 बजकर 9 मिनट पर शुरू होगी और 6 फरवरी को मध्यरात्रि 12 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदयाति​थि के अनुसार द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत 5 फरवरी 2026, गुरुवार को रखा जाएगा.क्या आपको छोटी-छोटी बात पर आता है गुस्सा! तो कुंडली का ये ग्रह कर रहा है परेशान, जानिए इससे बचने के उपाय

    द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 शुभ मुहूर्त
    द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन सुबह 5 बजकर 22 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 15 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा. इसके अलावा शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 7 बजकर 7 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. यदि इन मुहूर्त में पूजा न कर पाएं तो अभिजीत मुहूर्त को भी शुभ जाता है और 5 फरवरी को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा.

    द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत पूजा विधि
    संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और मंदिर को स्वच्छ करें. इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें और एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें. फिर गणेश जी को सिंदूर, चंदन, अक्षत, फल, फूल और दूर्वा अर्पित करें. इसके बाद घी का दीपक जलाएं और मोदक का भोग लगाएं. फिर संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा पढ़े व गणेश जी की आरती करें. इसके बाद दिनभर फलाहार करें और रात्रि के समय चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करें. इस व्रत को रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

  • आर्थिक तनाव और मानसिक चिंता से राहत, शनिवार के उपायों से शनि का अशुभ प्रभाव होगा शांत

    आर्थिक तनाव और मानसिक चिंता से राहत, शनिवार के उपायों से शनि का अशुभ प्रभाव होगा शांत


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना गया है। शनि ग्रह को कर्म न्याय और अनुशासन का प्रतीक कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार जब कुंडली में शनि की स्थिति अशुभ होती है या साढ़ेसाती अथवा ढैया का प्रभाव चलता है तब व्यक्ति को आर्थिक मानसिक और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में शनिवार को किए गए पारंपरिक उपाय शनि दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनिवार की शाम शनि देव की पूजा के लिए सबसे उपयुक्त समय मानी जाती है। इस दौरान पीपल के वृक्ष के पास दीप प्रज्वलन कर परिक्रमा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में कहा गया है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और जीवन में स्थिरता आती है। पीपल को ब्रह्मा विष्णु और महेश का स्वरूप माना गया है और शनि देव का भी इससे विशेष संबंध बताया गया है।

    शनि दोष से बचाव के लिए हनुमान जी की उपासना को भी अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार हनुमान जी की भक्ति से शनि देव के कष्टकारी प्रभाव शांत हो जाते हैं। शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से भय बाधा और मानसिक तनाव में कमी आने की मान्यता है। यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है जो लंबे समय से कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।

    दान को शनि दोष निवारण का अहम हिस्सा माना गया है। शनिवार के दिन जरूरतमंदों को भोजन वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करने से कर्म सुधारने का अवसर मिलता है। शास्त्रों में बताया गया है कि शनि देव दान और सेवा से शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही शनि मंत्र का नियमित जाप भी लाभकारी माना जाता है। मंत्र जाप से आत्मसंयम धैर्य और सहनशीलता बढ़ती है जो शनि ग्रह के मूल गुण माने जाते हैं।हालांकि शनिवार के दिन कुछ बातों में सावधानी बरतने की सलाह भी दी जाती है। इस दिन जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। क्रोध अहंकार और दूसरों को कष्ट पहुंचाने वाले व्यवहार से दूर रहना शुभ माना गया है। सरल जीवनशैली संयमित दिनचर्या और जिम्मेदारीपूर्ण आचरण शनि देव को प्रसन्न करने का आधार माने जाते हैं।

    ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार के उपाय केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं। ये उपाय व्यक्ति के जीवन में अनुशासन धैर्य और जिम्मेदारी का भाव विकसित करते हैं। नियमित रूप से इन परंपराओं को अपनाने से मानसिक शांति आत्मविश्वास और जीवन में संतुलन बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

  • IND vs PAK Live Telecast: भारत बनाम पाकिस्तान महामुकाबले के लिए हो जाएं तैयार, जानें कब और कितने बजे शुरू होगा मैच

    IND vs PAK Live Telecast: भारत बनाम पाकिस्तान महामुकाबले के लिए हो जाएं तैयार, जानें कब और कितने बजे शुरू होगा मैच

    नई दिल्ली । IND बनाम PAK अंडर-19 वर्ल्ड कप मैच का लाइव टेलीकास्ट: इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप का बहुप्रतीक्षित मैच रविवार, 1 फरवरी को खेला जाना है। आमतौर पर आईसीसी इवेंट में भारत और पाकिस्तान की टीमें एक ही ग्रुप में होती है और शुरुआती चरण में ही फैंस को भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला देखने को मिल जाता है। मगर अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया था, अब सुपर-6 में इन दो चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच यह ‘महामुकाबला’ खेला जाना है। इंडिया वर्सेस पाकिस्तान का यह मैच रोमांच से भरा होगा, क्योंकि इन दोनों में से ही एक टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगी।
    अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए अभी तक ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अफगानिस्तान की टीमें क्वालीफाई कर चुकी है। चौथी टीम का फैसला इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच से होगा। अगर भारत जीतता है तो उसे सीधा-सीधा सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा, वहीं अगर पाकिस्तान जीतता है तो मामला नेट रन रेट पर फंसेगा। आईए इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप मुकाबले से जुड़ी अहम जानकारियों पर एक नजर डलते हैं- India vs Pakistan अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच कब खेला जाएगा इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच रविवार, 1 फरवरी को खेला जाएगा।

    IND vs PAK U19 World Cup 2026 सुपर-6 का 12वां मैच कहां खेला जाएगा?

    India vs Pakistan अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में खेला जाएगा। इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच कितने बजे शुरू होगा IND vs PAK U19 World Cup 2026 सुपर-6 का 12वां मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे।

    India vs Pakistan अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच टीवी पर कैसे देखें लाइव?

    इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 का 12वां मैच टीवी पर आप लाइव स्टार स्पोर्ट्स पर देख सकते हैं। IND vs PAK U19 World Cup 2026 सुपर-6 के 12वें मैच की लाइव स्ट्रीमिंग कैसे देखें? इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर-6 के 12वें मैच की लाइव स्ट्रीमिंग का लुत्फ आप जियोहॉटस्टार पर उठा सकते हैं।

    इंडिया वर्सेस पाकिस्तान स्क्वॉड
    भारतीय अंडर-19 वर्ल्ड कप स्क्वॉड आयुष म्हात्रे कप्तान आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, दीपेश देवेन्द्रन, मोहम्मद एनान, आरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उधव मोहन, हेनिल पटेल, खिलान पटेल, हरवंश पंगालिया, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप स्क्वॉड- उमर ज़ैब, समीर मिन्हास, नकाब शफीक, मोहम्मद शायान, मोहम्मद सय्याम, मोमिन कमर, हुजैफा अहसन, हमजा जहूर, दानियाल अली खान, अली रजा, अली हसन बलूच, अहमद हुसैन, अब्दुल सुभान, उस्मान खान, फरहान यूसुफ कप्तान
  • Catherine O’Hara Death: हॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री को बॉलीवुड सितारों ने दी श्रद्धांजलि, करीना-आलिया समेत कई सेलेब्स भावुक

    Catherine O’Hara Death: हॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री को बॉलीवुड सितारों ने दी श्रद्धांजलि, करीना-आलिया समेत कई सेलेब्स भावुक


    नई दिल्ली । दुनियाभर में शोक की लहर, बॉलीवुड ने भी जताया दुख हॉलीवुड की दिग्गज और एमी अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री कैथरीन ओहारा के निधन से दुनियाभर के सिनेमा प्रेमियों में शोक की लहर है। होम अलोन और शिट्स क्रीक जैसी आइकॉनिक फिल्मों और सीरीज से पहचान बनाने वाली कैथरीन ओ’हारा का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया श्रद्धांजलियों से भर गया। भारत में भी कई बॉलीवुड सितारों ने उन्हें याद करते हुए भावुक पोस्ट साझा कि।

    करीना, आलिया, परिणीति और इलियाना ने दी श्रद्धांजलि

    कैथरीन ओ’हारा के निधन पर बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिवंगत अभिनेत्री की तस्वीर साझा करते हुए टूटे दिल वाला इमोजी लगाया। वहीं करीना कपूर खान ने ‘शिट्स क्रीक’ में कैथरीन के लोकप्रिय किरदार मोइरा रोज के मशहूर डायलॉग्स को शेयर करते हुए लिखा, 
    परिणीति चोपड़ा ने उन्हें श्रीमती रोज़ कहकर याद किया और लिखा स्वर्ग को अपनी नई लीडिंग लेडी मिल गई है। बिपाशा बसु ने एक भावुक वीडियो शेयर कर अपना दुख जाहिर किया। इलियाना डिक्रूज ने कैथरीन को अद्वितीय कलाकार बताते हुए इस नुकसान को बेहद निजी और दिल तोड़ने वाला बताया। वहीं इसाबेल कैफ ने भी उन्हें लीजेंड कहते हुए श्रद्धांजलि दी।

    हॉलीवुड से लेकर वैश्विक पॉप कल्चर तक अमिट छाप

    कैथरीन ओ’हारा का प्रभाव सिर्फ हॉलीवुड तक सीमित नहीं रहा। उनके किरदारों ने सीमाओं, भाषाओं और पीढ़ियों को पार करते हुए दुनियाभर के दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। सोशल मीडिया पर उनके मशहूर डायलॉग्स, सीन और किरदारों को याद करते हुए फैंस और कलाकारों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।

    पांच दशकों का शानदार अभिनय सफर
    कनाडा में जन्मीं कैथरीन ओ’हारा ने अपने करियर की शुरुआत स्केच कॉमेडी से की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म और टेलीविजन में कई यादगार किरदार निभाए। ‘होम अलोन’ में मां के किरदार से लेकर ‘बीटलजूस’ और शिट्स क्रीक तक उन्होंने हर रोल में अपनी अलग छाप छोड़ी। शिट्स क्रीक में मोइरा रोज के किरदार के लिए उन्हें 2020 में एमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिससे वह नई पीढ़ी की पसंदीदा स्टार बन गईं।

    लॉस एंजिलिस में ली अंतिम सांस
    कैथरीन ओ’हारा का निधन 30 जनवरी को लॉस एंजिलिस स्थित उनके आवास पर एक संक्षिप्त बीमारी के बाद हुआ। उनके प्रतिनिधि ने उनके निधन की पुष्टि की। उनके जाने से फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री को अपूरणीय क्षति हुई है।

  • योगमाया मंदिर में पूजा गुरुद्वारे में मत्था टेक विकास योजनाओं के साथ महरौली दौरे पर सीएम रेखा गुप्ता

    योगमाया मंदिर में पूजा गुरुद्वारे में मत्था टेक विकास योजनाओं के साथ महरौली दौरे पर सीएम रेखा गुप्ता


    नई दिल्ली में शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महरौली विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए 135 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ते हुए सिद्धपीठ माता योगमाया मंदिर में पूजा अर्चना की और गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महरौली दौरे के दौरान कहा कि विकसित दिल्ली का सपना तभी साकार होगा जब हर विधानसभा हर कॉलोनी और हर घर तक विकास पहुंचे। उन्होंने कहा कि महरौली अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ अब आधुनिक सुविधाओं की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। विकास योजनाओं के माध्यम से स्वच्छता आधारभूत ढांचे और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि महरौली की ऐतिहासिक भव्यता को सुरक्षित रखते हुए उसे इक्कीसवीं सदी की आधुनिक आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण और भविष्य का निर्माण दोनों साथ साथ किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को सशक्त और सुव्यवस्थित महरौली मिल सके।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकारों ने दिल्ली को केवल विज्ञापनों में चमकाने का काम किया। महरौली की विरासत स्थानीय जरूरतें और नागरिकों की अपेक्षाएं लंबे समय तक उपेक्षित रहीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की राजनीति सत्ता केंद्रित नहीं बल्कि सेवा सुशासन और विकास पर आधारित है।

    रेखा गुप्ता ने कहा कि जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है उनका उद्देश्य स्वच्छता सुनिश्चित करना आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित व्यवस्थित और सम्मानजनक बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचेगा।कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने प्राचीन सिद्धपीठ माता योगमाया मंदिर में दर्शन कर पूजा की। उन्होंने कहा कि माता योगमाया शक्ति संरक्षण और धर्म की दिव्य चेतना हैं जिनकी कृपा से यह क्षेत्र सदियों से आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने माता से प्रार्थना की कि हर परिवार के जीवन में सुख स्वास्थ्य और मंगल बना रहे।

    इसके बाद मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी पहुंचकर गुरु साहिब को नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से समाज में सेवा समर्पण और समानता की भावना निरंतर बढ़ती रहे। उन्होंने इस अवसर पर सप्तम पातशाह गुरु हर राय साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व की सभी को शुभकामनाएं भी दीं।मुख्यमंत्री के इस दौरे को महरौली के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जिससे क्षेत्र में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार हुआ है।