Author: bharati

  • रामपुर SP की विदाई पर भावुक माहौल, महिला सिपाही फूट-फूटकर रोईं

    रामपुर SP की विदाई पर भावुक माहौल, महिला सिपाही फूट-फूटकर रोईं


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के Rampur में पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र की विदाई के दौरान बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। जैसे ही एसपी ने विदाई के लिए साथियों से मिलना शुरू किया, कई महिला सिपाहियों की आंखों से आंसू छलक पड़े। कुछ सिपाही तो फूट-फूटकर रोने लगीं। यह देखकर खुद एसपी भी भावुक हो गए।

    तबादले के बाद दी गई विदाई
    पुलिस विभाग में तबादले एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कुछ विदाइयां यादगार बन जाती हैं। हाल ही में Yogi Adityanath सरकार ने कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसमें विद्यासागर मिश्र का भी नाम शामिल है। अब उन्हें पीएसी में सेनानायक बनाकर Sitapur भेजा गया है।

    साथियों ने फूलों से दी विदाई
    विदाई समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने एसपी की गाड़ी को फूलों से सजाया। परंपरा के अनुसार रस्सी से गाड़ी खींचकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया। अपने संबोधन में विद्यासागर मिश्र ने कहा कि रामपुर में उन्हें जो प्यार और सहयोग मिला, उसे वह कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे हमेशा ईमानदारी और निष्ठा के साथ जनता की सेवा करते रहें।

    जिला जज के साथ भी भावुक पल
    विदाई से पहले Bhanu Dev Sharma के साथ मुलाकात के दौरान भी माहौल भावुक हो गया। जिला जज ने उन्हें गले लगाकर शुभकामनाएं दीं और उनके काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत रही और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा।

    कई तबादलों के बीच खास बनी ये विदाई
    गौरतलब है कि हाल ही में यूपी में 27 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। लेकिन इन सबके बीच रामपुर में विद्यासागर मिश्र की विदाई सबसे अलग और भावुक रही। विद्यासागर मिश्र की विदाई ने यह दिखा दिया कि एक अच्छे अधिकारी की पहचान सिर्फ काम से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और टीम के साथ रिश्तों से भी होती है। यही वजह रही कि उनकी विदाई पर हर आंख नम नजर आई।

  • Sourav Ganguly की बायोपिक में लीड रोल निभाएगे Rajkummar Rao, शूटिंग भी हुई शुरू

    Sourav Ganguly की बायोपिक में लीड रोल निभाएगे Rajkummar Rao, शूटिंग भी हुई शुरू


    नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरभ गांगुली (Sourav Ganguly) की बायोपिक को लेकर खबर कई दिनों से सुर्खियों में छाई हुई है। रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा था कि राजकुमार राव (Rajkummar Rao) उनका किरदार निभाते हुए इस फिल्म में दिखाई देंगे। अब राजकुमार राव ने फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट भी शेयर किया है।

    फिल्म के टाइटल का खुलासा
    फिल्म का टाइटल अब सामने आ गया है जिसे लेकर कई दिनों से सस्पेंस बना हुआ था। जिसका नाम ‘दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी’ (Dada: The Sourav Ganguly Story) है। राजकुमार राव ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करके इसकी जानकारी दी। पोस्ट में क्लैपबोर्ड की तस्वीर थी, जिसमें फिल्म का नाम साफ दिख रहा था।उन्होंने लिखा, “और ये शुरू हो गया… द वन एंड ओनली #DADA”। फिल्म की शूटिंग आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है।निर्देशक विक्रमादित्य मोटवाने ने भी कोलकाता के ईडन गार्डन्स से अपडेट शेयर किया।उन्होंने सौरव गांगुली स्टैंड की तस्वीर पोस्ट की।

    राजकुमार ने फिल्म के लिए खूब की मेहनत
    कुछ दिन पहले ही राजकुमार राव को एक इवेंट में देखा गया था जहां पर उनका वेट काफी ज्यादा बढ़ गया है। उनका बदला बदला रूप रंग नजर आ रहा था जिसको लेकर फैंस भी काफी हैरान हो गए थे। आपको बता दें कि, वह इस फिल्म के लिए ही काफी मेहनत कर रहे हैं जिसका असर देखने को मिला था। एक्टर ने बताया था कि वह फिल्म को लेकर काफी नर्वस थे।राजकुमार राव लेकिन वो उतने ही एक्साइटेड भी हैं। उन्होंने कहा, “मैं नर्वस हूं… ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन मजा भी आने वाला है।” वे बंगाली लहजे को स्क्रीन पर सही ढंग से उतारने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं।

    इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताई तैयारी
    एक इंस्टाग्राम पोस्ट करते हुए एक्टर ने लिखा,”मुझे लगभग 9-10 किलो वज़न बढ़ाना था, इसलिए मैं दो पिज़्ज़ा, ढेर सारी मिठाइयाँ, अपने पसंदीदा आलू के पराठे और बिरयानी खा रहा था, और किरदार में पूरी तरह ढलने के लिए किसी भी तरह के ‘ग्लैमरस’ लुक से बच रहा था। मुझे उम्मीद है कि जब आप फ़िल्म देखेंगे, जो जल्द ही रिलीज़ होने वाली है, तो आपको मेरी सारी मेहनत दिखेगी। और अब, बदलाव का समय आ गया है-इन बढ़े हुए किलो को कम करने और सचमुच गांगुली के किरदार में ढलने का समय। हमारे अपने दादा।”

  • भारती एयरटेल 650 मिलियन यूजर्स के साथ बनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

    भारती एयरटेल 650 मिलियन यूजर्स के साथ बनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

    नई दिल्ली। भारती एयरटेल ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने दुनिया भर में 650 मिलियन (65 करोड़) ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ कंपनी सब्सक्राइबर बेस के हिसाब से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है।

    मजबूत वैश्विक उपस्थिति

    सुनील भारती मित्तल के नेतृत्व में एयरटेल ने भारत और अफ्रीका में मजबूत पकड़ बनाई है। जीएसएमए इंटेलिजेंस के आंकड़ों के अनुसार, अकेले भारत में ही एयरटेल के 368 मिलियन से ज्यादा मोबाइल यूजर्स हैं। इसके अलावा, 13 मिलियन घर फिक्स्ड ब्रॉडबैंड से जुड़े हैं और 15 मिलियन ग्राहक डिजिटल टीवी सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। अफ्रीका में एयरटेल की सहायक कंपनी 14 देशों में 179 मिलियन ग्राहकों को हाई-स्पीड डेटा, वॉयस और मोबाइल मनी जैसी सेवाएं देती है। यहां 52 मिलियन से ज्यादा यूजर्स कंपनी के फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं।

    भारत में स्थिति और प्रतिस्पर्धा

    भारत में एयरटेल अभी भी दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, क्योंकि रिलायंस जियो ने पिछले साल 500 मिलियन से अधिक यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि जियो की सेवाएं केवल भारत तक सीमित हैं।

    प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएं

    एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा कि 650 मिलियन ग्राहकों तक पहुंचना बड़ी जिम्मेदारी है। कंपनी नवाचार और भरोसेमंद सेवाओं के जरिए ग्राहक अनुभव बेहतर बनाने पर ध्यान देगी और टेलीकॉम इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित करने का लक्ष्य रखती है।

    तकनीकी विकास और संभावनाएं

    एयरटेल भारत में शुरुआती 5जी सेवाओं में शामिल रही है। कोटक इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 से 2026 के बीच एयरटेल का सब्सक्राइबर बेस औसतन 2.9 प्रतिशत सालाना बढ़ा है। डेटा यूजर्स 9.7 प्रतिशत की दर से बढ़े हैं, जिससे दिखता है कि अधिक मूल्य वाले ग्राहक तेजी से जुड़ रहे हैं।

    कंपनी के करीब 20 प्रतिशत यूजर्स अभी भी 2जी और 3जी नेटवर्क पर हैं, जो एयरटेल के लिए उन्हें 4जी और 5जी नेटवर्क में अपग्रेड करने का बड़ा अवसर पेश करता है। ग्रामीण क्षेत्रों और मोबाइल ब्रॉडबैंड में भी कंपनी के पास विस्तार की बड़ी संभावनाएं हैं।


  • इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में परीक्षा के दौरान लैब में घुसकर तोड़फोड़, 4 छात्र गिरफ्तार

    इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में परीक्षा के दौरान लैब में घुसकर तोड़फोड़, 4 छात्र गिरफ्तार


    इंदौर । इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में एमएससी परीक्षा के दौरान छात्रों द्वारा हंगामा और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। परीक्षा के बीच कुछ छात्र अचानक लैब में घुस आए और जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे कॉलेज में अफरा-तफरी फैल गई। यह घटना बुधवार की है, जबकि इसका सीसीटीवी फुटेज गुरुवार को सामने आया।

    परीक्षा के दौरान लैब में घुसकर किया हंगामा

    भंवरकुआ थाना पुलिस के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 1 बजे लैब क्रमांक-1 में एमएससी प्रथम वर्ष की सीसीई परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान कुछ आरोपी छात्र अचानक लैब में घुस आए और वहां मौजूद छात्रों व स्टाफ के सामने हंगामा करने लगे। आरोपियों ने प्रयोगशाला के उपकरणों में तोड़फोड़ की, जिससे परीक्षा बाधित हो गई और छात्र-छात्राओं में डर का माहौल बन गया।

    CCTV में कैद हुई पूरी घटना

    कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

    घटना के बाद कॉलेज की प्राचार्या की शिकायत पर भंवरकुआ पुलिस ने विकेंद्र सिंह, लोकपाल, चमनदीप, अभय गुर्जर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

    चार छात्र गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को शांति भंग करने के आरोप में धारा 151 के तहत जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, घटना में शामिल अन्य छात्रों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

    गिरफ्तार छात्रों के नाम

    विकेंद्र प्रताप सिंह (22) – एमएससी छात्र
    अभिषेक (23) – एमएससी छात्र
    अनुज दुबे (19) – बीएससी छात्र
    देवेश मंसारे (19) – बीएससी छात्र

  • हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण


    भोपाल । आज हनुमान जन्मोत्सव पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में शोभायात्राएं, भंडारे और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित प्रमुख शहरों के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर जारी है।

    प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन
    भोपाल के खेड़ापति हनुमान मंदिर, इंदौर के पितरेश्वर और रणजीत हनुमान मंदिर, उज्जैन के गेबी हनुमान, जबलपुर के अर्जी वाले हनुमान और ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सभी स्थानों पर विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

    सोने-चांदी से हुआ भव्य शृंगार

    ग्वालियर में रोकड़िया महाराज को करीब 1 लाख रुपए कीमत की चांदी की पोशाक पहनाई गई। वहीं रतलाम के श्री बरबड़ हनुमान मंदिर और श्री मेहंदी कुई बालाजी मंदिर में सोने से आकर्षक शृंगार किया गया। धानमंडी स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में बालाजी को 60 ग्राम केसर और सोने के वर्क से सजाया गया।

    छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    छतरपुर में 171 क्विंटल अष्टधातु से बनी 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस विशाल प्रतिमा को बनाने में करीब 7 वर्षों का समय लगा, जो अब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।

    शुभ योग में मनाया जा रहा प्राकट्य दिवस

    धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार यह तिथि हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग में आई है, जो अत्यंत शुभ मानी जा रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए हनुमानजी की कृपा प्राप्त करने में जुटे हैं।

    गरगज हनुमान मंदिर की विशेष मान्यता
    ग्वालियर के बहोड़ापुर स्थित 400-500 वर्ष पुराने गरगज हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन हो रहे हैं। मान्यता है कि यहां लगातार पांच मंगलवार दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सुबह से यहां भजन-कीर्तन और दर्शन का सिलसिला जारी है।

    इंदौर में केसरिया महल थीम की सजावट

    इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार केसरिया महल थीम पर भव्य सजावट की गई है। मंदिर को फूलों और केसरिया पर्दों से सजाया गया है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

    आगर मालवा में कन्या भोज और विशेष सजावट
    आगर मालवा के गोपाल मंदिर स्थित वीर हनुमान का आकर्षक शृंगार किया गया। यहां गन्नों से पंडाल सजाया गया और बच्चियों द्वारा रंगोली बनाई गई। 511 से अधिक कन्याओं को भोजन कराया गया। शाम 7:30 बजे महाआरती का आयोजन होगा।

    अनूपपुर में रामायण पाठ और भंडारे
    अनूपपुर जिले में सुबह से रामायण पाठ, हवन-पूजन और भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। कोतमा, जैतहरी, अमरकंटक और बिजुरी सहित कई क्षेत्रों में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद आरती की गई और शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी।

    सीहोर और भोपाल में उमड़े श्रद्धालु

    सीहोर के हनुमान फाटक मंदिर, मठ मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। भोपाल के खटलापुरा हनुमान मंदिर में विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की।

    छिंदवाड़ा की 101 फीट प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
    छिंदवाड़ा के सिमरिया में स्थित 101 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह विशाल प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

  • भारत के पास 8.5 मिलियन टन से अधिक दुर्लभ खनिज भंडार: डॉ. जितेंद्र सिंह

    भारत के पास 8.5 मिलियन टन से अधिक दुर्लभ खनिज भंडार: डॉ. जितेंद्र सिंह


    नई दिल्ली। भारत के पास कुल लगभग 8.52 मिलियन टन रेयर अर्थ (दुर्लभ खनिज) ऑक्साइड संसाधन मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद देश रेयर अर्थ मैग्नेट और उससे जुड़े उत्पादों के लिए आयात पर निर्भर है। यह जानकारी गुरुवार को संसद में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी।

    खनिज भंडार और उनका वितरण
    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (एएमडीईआर) ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में फैले मोनाजाइट भंडारों में करीब 7.23 मिलियन टन रेयर अर्थ ऑक्साइड के बराबर संसाधन की पहचान की है। इसके अलावा, गुजरात और राजस्थान के हार्ड रॉक क्षेत्रों में 1.29 मिलियन टन अतिरिक्त दुर्लभ खनिज संसाधन भी पाए गए हैं।

    आयात पर निर्भरता के कारण
    भारत में इतने बड़े भंडार होने के बावजूद आयात पर निर्भरता बनी हुई है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं: घरेलू अयस्क की गुणवत्ता बहुत कम है (0.056-0.058 प्रतिशत) और इसमें रेडियोएक्टिविटी भी होती है, जिससे खनन महंगा और कठिन है। तटीय विनियमन, जंगल और मैंग्रोव से जुड़े नियम खनन योग्य क्षेत्र को सीमित करते हैं। देश में रेयर अर्थ को प्रोसेस करके धातु, मिश्र धातु और मैग्नेट बनाने के लिए पर्याप्त इंडस्ट्री नहीं है।

    सरकार की पहल और योजनाएं
    इस कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 7,280 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट का उत्पादन बढ़ाना है। योजना के तहत भारत में हर साल 6,000 मीट्रिक टन मैग्नेट बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। पांच साल में 6,450 करोड़ रुपए इंसेंटिव और 730 करोड़ रुपए पूंजी सब्सिडी दी जाएगी।

    विशेष प्लांट और कॉरिडोर
    आंध्र प्रदेश में एक रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट प्लांट स्थापित किया गया है, जहां हर साल 3 टन समेरियम-कोबाल्ट मैग्नेट बनाए जाएंगे, जो रक्षा और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में उपयोग होंगे। केंद्रीय बजट 2026-27 में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में विशेष रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने की भी घोषणा की गई है।

    महत्व और उपयोग
    रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस उपकरण और रक्षा प्रणालियों में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

  • गिफ्ट निफ्टी का रिकॉर्ड मार्च: अब तक का सबसे अधिक 129.80 अरब डॉलर टर्नओवर

    गिफ्ट निफ्टी का रिकॉर्ड मार्च: अब तक का सबसे अधिक 129.80 अरब डॉलर टर्नओवर


    नई दिल्ली। गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में अपना अब तक का सबसे बड़ा मासिक टर्नओवर 129.80 अरब डॉलर दर्ज किया है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में सबसे अधिक टर्नओवर 106.22 अरब डॉलर था। यह जानकारी एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (आईएक्स) ने गुरुवार को साझा की।

    मासिक और दैनिक वॉल्यूम में भी रिकॉर्ड
    मार्च में गिफ्ट निफ्टी का मासिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 28 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स पर पहुंच गया, जो अप्रैल 2025 में बने 21 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स के पिछले उच्चतम स्तर को पार कर गया। फरवरी 2026 में गिफ्ट निफ्टी ने 4,57,989 कॉन्ट्रैक्ट्स के साथ अब तक का सबसे अधिक एक दिवसीय ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया था, जिसका कारोबार 23.48 अरब डॉलर था। यह जनवरी 2024 के 22.88 अरब डॉलर के रिकॉर्ड से भी अधिक है।

    संचयी व्यापार और तेज वृद्धि
    3 जुलाई 2023 को पूर्ण परिचालन शुरू होने के बाद, मार्च 2026 तक गिफ्ट निफ्टी पर डेरिवेटिव्स का संचयी व्यापार वॉल्यूम 63.37 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स से अधिक रहा, जबकि कुल कारोबार 2.92 ट्रिलियन डॉलर रहा। फरवरी 2026 तक यह संचयी वॉल्यूम 60.05 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स और कारोबार 2.76 ट्रिलियन डॉलर था, जो वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में तेज वृद्धि का संकेत देता है।

    एनएसईआईएक्स का बाजार प्रभुत्व
    एनएसईआईएक्स, जिसका गिफ्ट सिटी स्थित अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों में 99.7 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सा है, 5 जून 2017 को स्थापित हुआ और इसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) द्वारा मान्यता प्राप्त है।

    विविध उत्पाद पोर्टफोलियो
    गिफ्ट निफ्टी भारतीय सिंगल स्टॉक डेरिवेटिव्स, इंडेक्स डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और डिपॉजिटरी रिसीट्स के साथ-साथ इक्विटी शेयर, आरईआईटी, इनविट्स और ईएसजी डेट सिक्योरिटीज जैसे प्राथमिक बाजार उत्पाद भी उपलब्ध कराता है। ये सभी आईएफएससीए लिस्टिंग विनियम, 2024 के तहत एक्सचेंज पर उपलब्ध हैं।

  • बैतूल में नाबालिग किशोरी का अपहरण और सौदा, तीन गिरफ्तार, एक फरार

    बैतूल में नाबालिग किशोरी का अपहरण और सौदा, तीन गिरफ्तार, एक फरार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और उसे अवैध रूप से बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित बरामद किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

    जानकारी के अनुसार, मामला थाना मोहदा क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार के पिपरिया निवासी फरियादी ने 6 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री 4 नवंबर की शाम घर से लापता हो गई थी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से तत्काल मदद मांगी। पुलिस ने रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद जांच शुरू की और नाबालिग की खोज में जुट गई।

    जांच में सामने आया कि नाबालिग को कुछ आरोपियों ने अपहरण कर उसे डेढ़ लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामला को गंभीरता से लिया और भारतीय दंड संहिता के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।

    पुलिस ने स्थानीय और आस-पास के इलाकों में छापेमारी कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। खोजबीन के दौरान नाबालिग किशोरी को सुरक्षित बरामद किया गया और उसे परिवार के पास लौटा दिया गया। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

    थाना मोहदा पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के सामने रखी है। पुलिस इस मामले में पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा चुकी है और फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए अभियान चला रही है।

    इस घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और सभी माता-पिता से अपील की गई है कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न होने पर नाबालिगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसलिए परिवार और समाज को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    बैतूल पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों को भरोसा दिलाया है कि सभी आरोपी कानून के अनुसार सख्त सजा पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों में कोई ढील नहीं दी जाएगी और जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    इस सनसनीखेज घटना ने बच्चों की सुरक्षा, अभिभावकों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता के महत्व को फिर से सामने रखा है। पुलिस और प्रशासन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरे समाज को सचेत रहने की जरूरत है।

  • फ्यूल संकट में भारत का सहयोग, भूटान ने पीओएल-एलपीजी आपूर्ति के लिए जताया आभार

    फ्यूल संकट में भारत का सहयोग, भूटान ने पीओएल-एलपीजी आपूर्ति के लिए जताया आभार


    नई दिल्ली।पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष का असर हिमालयी देश भूटान पर भी दिखा है। देश में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और सरकार ने इसे “कंट्रोल से बाहर” बताया है। इस कठिन समय में पड़ोसी देश भारत ने पीओएल (पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट) और एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करके भूटान को राहत दी है, जिसके लिए भूटानी सरकार ने भारत का धन्यवाद किया है।

    पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतें
    प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे के कार्यालय ने 1 अप्रैल को जारी बयान में बताया कि मिडिल ईस्ट संघर्ष के बाद से पेट्रोल की कीमतें 28 फरवरी से 60% से ज्यादा बढ़ गई हैं। इस अवधि में पेट्रोल की कीमत लगभग 65 न्गुलट्रम (एनयू) से बढ़कर 95 न्गुलट्रम हो गई। 1 अप्रैल 2026 की आधी रात से थिंपू में पेट्रोल की खुदरा कीमत 114.31 एनयू प्रति लीटर और डीजल की 174.13 एनयू प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि, फ्यूल सब्सिडी के तहत पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 98.00 और 98.31 एनयू प्रति लीटर पर तय की गई हैं।

    सरकार की राहत और जनता से अपील
    भूटान सरकार ने फ्यूल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर 21 मार्च 2026 से नेशनल फ्यूल प्राइस स्मूथनिंग फ्रेमवर्क (एनएफपीएसएफ) के तहत सब्सिडी शुरू की। साथ ही, जनता से भी अपील की गई है कि गैर-जरूरी यात्रा से बचें, काम पर पैदल जाएं और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें।

    भारत को जताया आभार
    भूटान सरकार ने भारत को धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद पीओएल और एलपीजी की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत की मदद का उदाहरण है। लगभग 8 लाख की आबादी वाला भूटान अपने फ्यूल का अधिकतर हिस्सा भारत से आयात करता है, जिससे यह सहयोग बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

  • NASA का अनोखा कदम: आर्टेमिस II मिशन में iPhone भी जाएगा चांद तक

    NASA का अनोखा कदम: आर्टेमिस II मिशन में iPhone भी जाएगा चांद तक


    नई दिल्ली। अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। नासा के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस II मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्री इस बार एक खास बदलाव के साथ रवाना हुए हैं—वे अपने पर्सनल आईफोन को भी गहरे अंतरिक्ष में साथ ले जा रहे हैं। यह पहली बार है जब किसी मानव मिशन में निजी स्मार्टफोन को पृथ्वी की कक्षा से बाहर ले जा रहा है, जो तकनीक और अंतरिक्ष के मेल का नया संकेत है।

    चारड्रो टीम, ऐतिहासिक उड़ान
    इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—शामिल हैं। यह टीम कैनेडी स्पेस सेंटर से ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में रवाना हुई। लगभग 10 दिन के इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर वापस पृथ्वी पर लौटेंगे।

    क्यों लिया गया आईफोन साथ ले जाने का फैसला?
    नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने इस साल की शुरुआत में यह फैसला लिया था। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को आधुनिक उपकरण देना और मिशन की डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब अंतरिक्ष यात्री भारी-भरकम हथियारों पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि अपने iPhone से ही हाई क्वालिटी की तस्वीरें और वीडियो कैप्चर कर काबू करेंगे।

    iPhone अंतरिक्ष में कैसे काम करेगा?
    अंतरिक्ष में ये iPhone ‘एयरप्लेन मोड’ में रहेंगे, ताकि स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम पर कोई असर न पड़े। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से हाई-एंड कैमरा के रूप में किया जाएगा। खास बात यह है कि जब अंतरिक्ष यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पास से गुजरेगा, तब ये डिवाइस वाई-फाई से कनेक्ट करके फोटो और ईमेल भेज पाएगा, हालांकि कॉलिंग संभव नहीं होगी।

    चांद के पास से दिखाई अनदेखा नजारा
    आर्टेमिस-II मिशन कई दशकों बाद ऐसा मानव मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के काफी करीब तक जाएंगे। इस दौरान वे चांद की सतह की नई और अनदेखी तस्वीरें लेंगे, साथ ही गहरे अंतरिक्ष से आंशिक सूर्य ग्रहण का अद्भुत दृश्य भी देख काबू करेंगे। यह मिशन भविष्य के चंद्र ग्रहण के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।

    तकनीक और अंतरिक्ष का नया संगम
    iPhone को मिशन में शामिल करना इस बात का संकेत है कि नासा अब आधुनिक तकनीकों को तेजी से अंतरिक्ष ग्रहण में शामिल कर रहा है। इससे न केवल मिशन ज़्यादा असरदार बनेंगे, बल्कि आम लोगों तक अंतरिक्ष की झलक भी और करीब से पहुंचेंगे।