Author: bharati

  • विजय सेतुपति की दमदार वापसी काट्टान ने ओटीटी पर मचाया तहलका

    विजय सेतुपति की दमदार वापसी काट्टान ने ओटीटी पर मचाया तहलका


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय सेतुपति एक बार फिर अपनी दमदार एक्टिंग के साथ दर्शकों के सामने आए हैं उनकी नई वेब सीरीज काट्टान इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त ट्रेंड कर रही है और रिलीज के कुछ ही दिनों में यह टॉप 10 में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही है 27 मार्च 2026 को रिलीज हुई यह एक्शन ड्रामा सीरीज दर्शकों को एक रहस्यमयी और गहराई से भरी कहानी में ले जाती है

    सीरीज की शुरुआत तमिलनाडु के एक शांत गांव से होती है जहां लंबे समय से कोई अपराध नहीं हुआ है हालात ऐसे हैं कि गांव का पुलिस स्टेशन तक बंद होने की कगार पर पहुंच जाता है लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आता है जब एक दिन पहाड़ी पर एक कटा हुआ सिर मिलता है यह सिर मुथु का होता है जिसका किरदार विजय सेतुपति निभा रहे हैं इसके बाद कहानी एक गहरे सस्पेंस और जांच के जाल में उलझती चली जाती है और हर एपिसोड के साथ नए रहस्य सामने आते हैं

    काट्टान की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी का ट्रीटमेंट और विजय सेतुपति की शानदार एक्टिंग है उन्होंने अपने किरदार में ऐसी गहराई और इमोशनल इंटेंसिटी डाली है जो दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखती है सीरीज में सस्पेंस को धीरे धीरे बढ़ाया गया है जिससे हर एपिसोड के साथ उत्सुकता और भी ज्यादा बढ़ जाती है इसके अलावा सपोर्टिंग कास्ट ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है जिससे कहानी और भी प्रभावी बन जाती है

    हालांकि यह सीरीज हर तरह के दर्शकों के लिए नहीं है क्योंकि इसकी गति काफी धीमी है यह एक स्लो बर्न ड्रामा है जिसमें कहानी को धीरे धीरे खोला जाता है अगर आप तेज रफ्तार वाली थ्रिलर सीरीज के शौकीन हैं तो शुरुआती एपिसोड आपको थोड़े लंबे लग सकते हैं इसके अलावा कहानी में कुछ ऐसे पारिवारिक और छोटे छोटे सबप्लॉट्स भी शामिल किए गए हैं जो मुख्य कहानी से ध्यान भटका सकते हैं

    सीरीज की एक और खास बात यह है कि इसकी कहानी अलग अलग समय अवधि में चलती है जिसमें 90 के दशक से लेकर 2017 तक की घटनाओं को जोड़ा गया है ऐसे में दर्शकों को पूरी कहानी समझने के लिए ध्यान से देखना जरूरी है वरना कुछ कड़ियां छूट सकती हैं

    कुल मिलाकर काट्टान  एक ऐसी वेब सीरीज है जो सस्पेंस और इमोशनल ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है यह उन दर्शकों के लिए खास तौर पर बनाई गई है जो गहराई वाली कहानी और मजबूत अभिनय को पसंद करते हैं अगर आप विजय सेतुपति के फैन हैं और एक गंभीर रहस्यमयी कहानी देखना चाहते हैं तो यह सीरीज आपके वीकेंड को खास बना सकती है

  • गौतम अदाणी की प्रार्थना: भगवान राम और हनुमान से देश की तरक्की की कामना

    गौतम अदाणी की प्रार्थना: भगवान राम और हनुमान से देश की तरक्की की कामना


    नई दिल्ली। गौतम अडानी गुरुवार को पवित्र हनुमान जयंती के अवसर पर कश्मीरी अयोध्या क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और इस आध्यात्मिक क्षण को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया। उनकी आस्था और भावनाओं की यात्रा एक विशेष अवसर मानी जा रही है।

    रामलला के दर्शन को बताया सौभाग्य का क्षण
    अदाणी ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन संयम, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने लिखा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन कर उन्हें और उनके परिवार को विशेष आध्यात्मिक संतोष प्राप्त हुआ। उनके अनुसार, श्रीराम के आदर्श हमें सदैव धर्म और सत्य के मार्ग पर उत्थान की प्रेरणा देते हैं।

    देश के लिए एकता और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा
    हनुमान जयंती के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का स्मरण करते हुए अदाणी ने देश के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली भारत को एकता, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद दें। उनके इस संदेश पर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली।

    मन्दिर को आस्था एवं एकता का प्रतीक बताया गया
    मीडिया से बातचीत में गौतम अदाणी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और एकता का प्रतीक है। उन्होंने इसे एक भावुक और गौरवपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि ये पवित्र स्थल देश को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का काम कर रहे हैं।

    गुरुकुल विद्यार्थियों से मुलाकात
    अपने अयोध्या दौरे के दौरान अडानी परिवार सहित गुरुकुल कॉलेज भी शामिल हुए। यहां उन्होंने छात्रों और संकाय से संवाद और शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। इस अवसर पर संस्थान की ओर से उन्हें एक पुस्तक को सम्मानित किया गया।

    आस्था और संदेश का संगम
    अदाणी की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से देशवासियों को एकता, सिद्धांत और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।

  • हेरा फेरी 3 पर संकट के बादल राइटर के बयान ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी

    हेरा फेरी 3 पर संकट के बादल राइटर के बयान ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी

    नई दिल्ली । हेरा फेरी 3 को लेकर फैंस की उम्मीदें एक बार फिर झटका खाती नजर आ रही हैं लंबे समय से इस फिल्म को लेकर बनते बिगड़ते हालात अब और उलझते दिख रहे हैं अक्षय कुमार सुनील शेट्टी और परेश रावल की आइकॉनिक तिकड़ी को फिर से बड़े पर्दे पर देखने का सपना अभी दूर होता नजर आ रहा है फिल्म के राइटर रोहन शंकर के ताजा बयान ने इस अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है

    जब से हेरा फेरी 3 की घोषणा हुई है तब से यह फिल्म विवादों में घिरी रही है शुरुआत में जब तीनों सितारे साथ नजर आए तो फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला लेकिन इसके बाद अचानक परेश रावल के फिल्म से अलग होने की खबर ने सबको चौंका दिया मामला यहीं नहीं रुका बल्कि अक्षय कुमार जो इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं उन्होंने इस मुद्दे को लेकर कानूनी कदम तक उठा लिया बाद में परेश रावल के वापस आने की खबर आई जिससे उम्मीद जगी कि अब फिल्म जल्द शुरू होगी लेकिन अब तक शूटिंग शुरू नहीं हो सकी

    इसी बीच राइटर रोहन शंकर ने जो बात कही है उसने फैंस की धड़कनें और बढ़ा दी हैं उन्होंने साफ किया कि फिलहाल वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर डायरेक्टर प्रियदर्शन इस फिल्म से जुड़े रहते हैं तो वह भी इसमें शामिल हो सकते हैं उन्होंने बताया कि बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी और सब कुछ लगभग तय हो गया था लेकिन कानूनी पचड़ों की वजह से मामला अटक गया

    रोहन शंकर ने प्रियदर्शन के व्यस्त शेड्यूल का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि प्रियदर्शन लगातार काम करने वाले फिल्ममेकर हैं हाल ही में उन्होंने भूत बंगला और हैवान जैसी फिल्मों की शूटिंग पूरी की है और अब भी उनके पास कई प्रोजेक्ट लाइन में हैं इसके अलावा वह मोहनलाल के साथ उनकी सौवीं फिल्म पर भी काम करने वाले हैं ऐसे में उनके पास समय की कमी भी एक बड़ी चुनौती बन रही है

    उन्होंने यह भी कहा कि प्रियदर्शन और अक्षय कुमार दोनों ही काम के प्रति बेहद समर्पित हैं और लगातार एक के बाद एक प्रोजेक्ट में व्यस्त रहते हैं ऐसे में यह तय कर पाना मुश्किल है कि हेरा फेरी 3 कब शुरू हो पाएगी और इसके सामने खड़ी कानूनी दिक्कतें कब तक सुलझेंगी

    फिल्म के भविष्य को लेकर पूछे जाने पर रोहन शंकर ने उम्मीद जरूर जताई लेकिन साफ जवाब देने से बचते नजर आए उन्होंने कहा कि अगर सारी समस्याएं जल्द सुलझ जाती हैं तो प्रियदर्शन इस फिल्म को जरूर बनाएंगे लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए कुछ भी निश्चित तौर पर कहना मुश्किल है

    फिलहाल इतना जरूर है कि हेरा फेरी 3 को लेकर फैंस का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है और हर नई अपडेट के साथ उम्मीद और निराशा के बीच झूलता यह प्रोजेक्ट अब बॉलीवुड की सबसे चर्चित लेकिन अनिश्चित फिल्मों में से एक बन चुका है

  • हनुमान बन सकते थे शाहरुख खान लेकिन एक कमी ने छीन लिया बड़ा मौका

    हनुमान बन सकते थे शाहरुख खान लेकिन एक कमी ने छीन लिया बड़ा मौका


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के किंग कहे जाने वाले शाहरुख खान से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा इन दिनों फिर चर्चा में है जब उन्हें एक हॉलीवुड फिल्म में भगवान हनुमान का किरदार निभाने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने इस बड़े मौके को ठुकरा दिया था यह खुलासा उन्होंने खुद एक पुराने इंटरव्यू में किया था जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है

    यह मामला साल 2011 का है जब शाहरुख अपनी सुपरहीरो फिल्म रा.वन का प्रमोशन कर रहे थे उसी दौरान फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने उनसे सुपरहीरो किरदारों को लेकर सवाल पूछा था इस पर शाहरुख ने एक पुराना अनुभव साझा करते हुए बताया कि हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर टोनी स्कॉट ने उन्हें एक खास कॉन्सेप्ट फिल्म के लिए अप्रोच किया था

    शाहरुख के मुताबिक उस फिल्म का विचार काफी अलग और दिलचस्प था निर्देशक भगवान हनुमान को एक सुपरहीरो की तरह पेश करना चाहते थे ठीक वैसे जैसे पश्चिमी दुनिया में सुपरमैन या बैटमैन को दिखाया जाता है फिल्म की कहानी में हनुमान का किरदार आधुनिक अंदाज में होता और एक खास बात यह थी कि उनकी पूंछ केवल लड़ाई के समय ही दिखाई देती

    इतना बड़ा और अनोखा ऑफर मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने इसे स्वीकार नहीं किया इसकी वजह भी उन्होंने साफ तौर पर बताई उन्होंने कहा कि उस समय उनकी अंग्रेजी उतनी मजबूत नहीं थी और उन्हें लगा कि वह उस किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं कर पाएंगे उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि अगर उन्हें उस समय कोई ऐसा किरदार मिलता जिसमें बोलना कम होता तो शायद वह इसे कर लेते

    इस बातचीत में शाहरुख ने अपनी एक दिली इच्छा भी जाहिर की उन्होंने कहा कि वह भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक सुपरहीरो स्टाइल में पेश करना चाहते हैं खासकर Mahabharata को एक्स मैन जैसी शैली में बनाना उनका सपना रहा है हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ऐसा करने पर विवाद हो सकता है और लोग नाराज भी हो सकते हैं

    शाहरुख ने अपनी फिल्म रा वन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें भी रामायण की झलक देखने को मिलती है उनके अनुसार जी वन और रा वन के किरदारों के जरिए उन्होंने बच्चों को हमारी पौराणिक कहानियों से जोड़ने की कोशिश की ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और संस्कृति को समझ सके

    यह किस्सा न सिर्फ शाहरुख खान के करियर का एक अनोखा पहलू दिखाता है बल्कि यह भी बताता है कि कभी कभी बड़े मौके भी सही समय और आत्मविश्वास के बिना हाथ से निकल जाते हैं हालांकि आज शाहरुख जिस मुकाम पर हैं उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने अपने फैसलों से ही अपनी अलग पहचान बनाई है

  • भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते का असर: निर्यात दोगुने से अधिक, रिश्ते मजबूत

    भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते का असर: निर्यात दोगुने से अधिक, रिश्ते मजबूत


    नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग को नई सूची बनाने वाला भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ईसीटीए) अब अपने प्रभाव के चार साल पूरे कर चुका है। 2 अप्रैल 2022 को इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए, दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलावों का गवाह बनना पड़ा। बिजनेस इयर्स में एक्टर्स इंडियन एक्टर्स को नई रेटिंग दी गई है और स्मैश ट्रेड को मजबूत आधार प्रदान किया गया है।

    एकल में रिकॉर्ड पैकेज, डबल हुआ पात्र
    भारत के ऑस्ट्रेलिया में ईसीईटी लागू होने के बाद तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जहां वित्त वर्ष 2020-21 में यह करीब 4 अरब डॉलर था, वहीं 2024-25 तक यह उछाल 8.5 अरब डॉलर से भी अधिक हो गया। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार में बेहतर पहुंच और लोकप्रियता हासिल की है। वहीं, प्रोटोटाइप आधार पर भी करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस आंकड़े की सफलता को दर्शाता है।

    कुल व्यापार में दस्तावेज़, आंकड़े दे रहे कागजात
    दोनों देशों के बीच कुल व्यापार भी लगातार मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में सकल व्यापार 24.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2025-26 (फरवरी तक) में यह 19.3 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में यह पात्र और वृद्धि हो सकती है। इस प्लास्टिक में व्यावसायिक उद्यमों के लिए नए अवसरों के द्वार नीचे दिए गए हैं।

    तिपाई में राहत, बाज़ार तक आसान पहुँच
    इस अधिनियम के तहत भारत ने अपनी 70.3 प्रतिशत टैरिफ योग्यता पर प्राथमिकता के आधार पर बाजार तक पहुंच बनाई है, जो कुल व्यापार मूल्य के 90.6 प्रतिशत को कवर करती है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले 100 प्रतिशत व्यवसाय को प्राथमिकता बाजार तक पहुंच प्रदान की है। खास बात यह है कि 98.3 प्रतिशत वर्ग पर लागू होने वाली बात पर ही शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जबकि बाकी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है। 1 जनवरी 2026 को भारतीय कम्युनिस्टों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार के लिए पूरी तरह से जीरो-ड्यूटी का भुगतान किया है।

    सेक्टरवार मिला बड़ा फायदा
    ईसीटीए का प्रभाव विभिन्न सेक्टरों में स्पष्ट रूप से देखा गया है। विशेष रूप से टेक्सटाइल, मेडिसिनस्यूटिकल, केमिकल और कृषि बाजार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं, भारत को बेस मेटल, कच्चा सिक्का, सेंट्रल, केमिकल और दाल जैसे जरूरी कच्चा माल की आसान मसाला मिला है। यह समेकित व्यापार ढाँचा देश के विनिर्माण क्षेत्र को एक स्थान देता है और क्रिस्टोफर चेन को स्थिर बनाता है।

    बायोलॉजिकल ऑर्थोडॉक्स में नया पहला, बढ़ा हुआ भरोसा
    दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करने के लिए 24 सितंबर 2025 को बायोलॉजिकल डॉक्युमेंट्स के लिए धर्मशास्त्र व्यवस्था (मैथियोसाइट्स) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सबसे पहले सर्ट दुकान में दुकान लगाई गई है और लागत में समय की बचत हुई है। इसी तरह के प्रयोगशाला के व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है और देशों के बीच विश्वास भी बढ़ा है।

    व्यापार समझौता बना मजबूत आधार
    विशेषज्ञ का मानना ​​है कि ईसीटी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक मूल्यांकन को नई दिशा दी है। इससे न केवल बड़ी कंपनी बल्कि एमएसएमई, क्रैस्टर और स्टार्स को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। आने वाले वर्षों में यह समझौता और अधिक अवसर पैदा हो सकता है।

  • छात्रों को राहत: अब किताबें और यूनिफॉर्म एक ही दुकान से खरीदना जरूरी नहीं

    छात्रों को राहत: अब किताबें और यूनिफॉर्म एक ही दुकान से खरीदना जरूरी नहीं


    नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा निर्देश जारी किया है। अब कोई भी प्राइवेट स्कूल छात्रों या अभिभावकों को किताबें, यूनिफॉर्म (Books-Uniform Purchase Rule) या अन्य शैक्षणिक सामग्री किसी एक तय दुकान से खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। सरकार का यह कदम अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    किताब-यूनिफॉर्म खरीदने की जबरदस्ती पर रोक


    शिक्षा निदेशालय (DoE) को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल छात्रों को खास दुकानों से ही किताबें, कॉपी, बैग और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इससे अभिभावकों को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे थे। Delhi Directorate of Education ने साफ निर्देश दिया है कि स्कूल किसी भी छात्र पर इस तरह का दबाव नहीं बना सकते।

    सरकार ने कहा है कि छात्रों और अभिभावकों को पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए कि वे अपनी सुविधा और बजट के अनुसार किसी भी दुकान से सामान खरीद सकें। साथ ही स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे किताबों और यूनिफॉर्म की पूरी सूची पहले से वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध कराएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

    नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
    दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट के तहत की जा सकती है।

    इसके अलावा सरकार ने अभिभावकों के लिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी है, ताकि किसी भी तरह की जबरदस्ती या गलत प्रथा को तुरंत रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि बच्चों का विकास करना है।

    यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो रही है और स्कूलों में एडमिशन व खरीदारी का दौर तेज है। सरकार के इस कदम से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

  • 26 पर 4 विकेट फिर आया रिजवी तूफान LSG को अपने ही खिलाड़ी ने दी मात

    26 पर 4 विकेट फिर आया रिजवी तूफान LSG को अपने ही खिलाड़ी ने दी मात

    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में एक ऐसा नाम तेजी से सुर्खियों में आया जिसने मुश्किल हालात में अपनी टीम को जीत दिलाकर सभी का ध्यान खींच लिया यह नाम है Sameer Rizvi का जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ मैच का रुख बदल दिया जब Delhi Capitals की टीम केवल 26 रन पर 4 विकेट गंवाकर संकट में थी तब रिजवी ने मोर्चा संभाला और 70 रनों की दमदार पारी खेल टीम को जीत तक पहुंचाया

    समीर रिजवी का जन्म 6 दिसंबर 2003 को हुआ और वे उत्तर प्रदेश से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं उन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था और अंडर 19 स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है उनकी बल्लेबाजी शैली काफी हद तक Suresh Raina से मिलती है जिसके कारण उन्हें सोशल मीडिया पर दाएं हाथ का सुरेश रैना भी कहा जाता है

    रिजवी ने मात्र 11 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और मेरठ की गांधीबाग अकादमी में अभ्यास किया उनके मामा तनकीब अख्तर ने उन्हें ट्रेनिंग दी और क्रिकेट को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया बचपन में ही उनकी प्रतिभा इतनी खास थी कि एक मैच के दौरान उनकी फील्डिंग देखकर खुद सुरेश रैना भी प्रभावित हो गए और उन्हें प्रोत्साहित किया

    शुरुआत में रिजवी ओपनिंग बल्लेबाज थे लेकिन बाद में उनकी स्पिन के खिलाफ मजबूत बल्लेबाजी को देखते हुए उन्हें मिडिल ऑर्डर में भेजा गया जहां उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई हालांकि उनका सफर आसान नहीं रहा साल 2020 में उनके पिता को ब्रेन हैमरेज हुआ जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट से ध्यान नहीं हटाया और लगातार मेहनत करते रहे

    उनकी असली पहचान 2023 की यूपी टी20 लीग में बनी जहां उन्होंने 455 रन बनाकर सबको प्रभावित किया इस दौरान उन्होंने 47 गेंदों में शतक भी जड़ा उनकी इसी विस्फोटक बल्लेबाजी ने आईपीएल फ्रेंचाइजियों का ध्यान अपनी ओर खींचा

    आईपीएल 2024 की नीलामी में MS Dhoni की टीम Chennai Super Kings ने उन पर 8.40 करोड़ रुपये खर्च कर बड़ा भरोसा जताया उन्होंने अपने डेब्यू मैच की पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर शानदार शुरुआत की हालांकि एक सीजन के बाद टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया

    इसके बाद 2025 में Delhi Capitals ने उन्हें 95 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया और अब उन्होंने इस भरोसे को सही साबित करते हुए मैच जिताऊ पारी खेली खास बात यह रही कि उन्होंने उसी क्षेत्र की टीम Lucknow Super Giants के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया जहां से वे घरेलू क्रिकेट खेलते हैं

    समीर रिजवी की यह पारी सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि उनके संघर्ष मेहनत और आत्मविश्वास की कहानी भी है जिस तरह उन्होंने दबाव में खेलते हुए मैच खत्म किया उसने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल चुका है आने वाले समय में यह युवा खिलाड़ी और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है

  • बच्चों के लिए संजीवनी है जायफल, लेकिन सेवन से पहले जानें जरूरी सावधानियां

    बच्चों के लिए संजीवनी है जायफल, लेकिन सेवन से पहले जानें जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली। बदलते मौसम का असर सबसे ज्यादा छोटे बच्चों पर पड़ता है। कभी-कभी तो कभी-कभी पेट खराब हो जाता है, उन्हें जल्दी ही ठिकाने लगा दिया जाता है। ऐसे में माता-पिता बार-बार सुरक्षित और प्राकृतिक उपायों की तलाश करते हैं। भारतीय परंपरा में आयुर्वेद को स्वास्थ्य का उत्कृष्ट आधार माना जाता है, जिसमें कई घरेलू औषधियों का उल्लेख किया गया है। दोस्तों में से एक है जयफल, जिसके बारे में बच्चों को बेहद बताया गया है।

    आयुर्वेद में जायफल का महत्व
    आयुर्वेद के अनुसार जायफल में वात-शामक, पाचन शक्ति वाले और मस्तिष्क को पोषण देने वाले गुण पाए जाते हैं। यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही गैस, अपच और पतले पेट दर्द जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है। नियमित एवं सही तरीकों से इसका उपयोग बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायक माना जाता है।

    सीधे सेवन से परहेज़ क्यों?
    यद्यपि जायफल में प्रचुरता है, लेकिन इसकी तासीर गर्म और तीक्ष्ण है। इसलिए बच्चों को यह सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा सकता है। आयुर्वेद में कहा गया है कि किसी भी औषधि को ‘संस्कार’ प्रक्रिया से तैयार करने के बाद ही उसका सेवन करना चाहिए, ताकि उसका गुणधर्म हो और शरीर पर कोमल प्रभाव पड़े।

    पारंपरिक विधि: इस तरह सुनिश्चित करें
    पुराने समय में बच्चों के लिए जयफल को विशेष प्रक्रिया से तैयार किया जाता था। सबसे पहले इसे दूध में डाला जाता है, जिससे इसका तीखापन कम होता है। इसके बाद कुछ समय के लिए दही में रखा जाता है, जो इसके अनुरूप होता है। अंत में इसे घी में पकाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद जायफल को दूध में घिसकर बहुत ही कम मात्रा में बच्चों को दिया जाता है। यह विधि जयफल की गर्म तासीर को कम करके बच्चों के लिए सुरक्षित बना देती है।

    क्या हैं फायदे?
    इस तरह तैयार किया गया जायफल बच्चों के पाचन तंत्र को मजबूत करता है, ग्लूकोज-जुकाम से बचाव में मदद मिलती है और नींद भी बेहतर होती है। साथ ही यह दिमागी विकास में सहायक माना जाता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में दिया जाए तो यह एक प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करता है।

    ध्यान में सावधानियां जरूर रखें
    बच्चों को जायफल देते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। अधिक मात्रा में सेवन करने से सामान्य प्रभाव हो सकता है, जैसे चक्कर आना, पेट संबंधी समस्याएं। किसी भी घरेलू उपाय को पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से लेना बेहतर होता है, खासकर अगर बच्चा बहुत छोटा हो या पहले किसी समस्या से पीड़ित हो।

    जायफल एक शक्तिशाली औषधि है, लेकिन सही और मात्रा में यह बच्चों के लिए चमत्कारी साबित होती है। पारंपरिक तरीके से इसे तैयार करके इसका सेवन करें, तो यह बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

  • हथेली में छिपा, हर्षल पर्वत सफलता विज्ञान और भाग्य का अद्भुत संकेत

    हथेली में छिपा, हर्षल पर्वत सफलता विज्ञान और भाग्य का अद्भुत संकेत


    नई दिल्ली । हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के विभिन्न पर्वतों का विशेष महत्व माना जाता है और इन्हीं में से एक है हर्षल पर्वत जो अपनी अनोखी स्थिति और प्रभाव के कारण काफी रहस्यमयी माना जाता है यह पर्वत हथेली में हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच स्थित होता है और इसका स्थान कनिष्ठा उंगली के नीचे तथा बुध पर्वत के ठीक नीचे माना जाता है इस पर्वत का संबंध मस्तिष्क और हृदय दोनों से जोड़ा जाता है इसलिए यह व्यक्ति की सोच भावनाओं और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों पर गहरा प्रभाव डालता है

    हर्षल पर्वत को अन्य पर्वतों की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना गया है कहा जाता है कि जिन लोगों की हथेली पर यह पर्वत संतुलित और स्पष्ट रूप से उभरा हुआ होता है वे जीवन में बड़े और असाधारण कार्य करने की क्षमता रखते हैं ऐसे व्यक्ति अक्सर विज्ञान गणित या रिसर्च जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं और अपनी मेहनत के दम पर विशेष पहचान बनाते हैं इनकी सोच सामान्य लोगों से अलग होती है और ये नई खोज या नए विचारों के प्रति आकर्षित रहते हैं

    यदि इस पर्वत पर त्रिकोण या चतुर्भुज जैसे शुभ चिह्न दिखाई देते हैं तो इसे अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है ऐसे जातक जीवन में तेजी से उन्नति करते हैं और उन्हें अचानक सफलता मिलने की संभावना रहती है ये लोग अपने कार्यक्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान बना सकते हैं और सम्मान प्राप्त करते हैं इनके जीवन में अवसर तेजी से आते हैं और ये उनका सही उपयोग करने में सक्षम होते हैं

    वहीं यदि हर्षल पर्वत का उभार कम होता है तो इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति असफल होगा बल्कि ऐसे लोग तकनीकी और मशीनरी से जुड़े कार्यों में अधिक रुचि रखते हैं ये व्यावहारिक सोच वाले होते हैं और अपने करियर में स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं ये लोग मेहनती होते हैं और धीरे धीरे सफलता प्राप्त करते हैं

    हर्षल पर्वत से जुड़ी कुछ विशेष स्थितियां भी व्यक्ति के जीवन पर असर डालती हैं जैसे यदि इस पर्वत से कोई रेखा निकलकर अनामिका उंगली की ओर जाती है तो यह संकेत देता है कि व्यक्ति अपने प्रयासों से ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है और समाज में प्रसिद्धि प्राप्त कर सकता है यह एक सकारात्मक संकेत माना जाता है

    इसके विपरीत यदि हर्षल पर्वत का झुकाव बुध पर्वत की ओर होता है तो यह स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है ऐसे लोगों को सम्मान और सफलता पाने के लिए अधिक संघर्ष करना पड़ता है उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते हैं

    यदि यह पर्वत नेपच्यून की दिशा में झुका हुआ हो तो जीवन में उतार चढ़ाव बने रह सकते हैं विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रयास करना पड़ता है साथ ही ऐसे लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है

    इस प्रकार हर्षल पर्वत केवल एक सामान्य रेखा या उभार नहीं बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व उसकी सोच और उसके भविष्य की दिशा का महत्वपूर्ण संकेतक है इसे समझकर जीवन के कई पहलुओं को बेहतर तरीके से जाना जा सकता है

  • सुबह उठते ही ज्यादा पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका

    सुबह उठते ही ज्यादा पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका


    नई दिल्ली। सुबह उठते ही खूब सारा पानी पीना आजकल एक ट्रेंड बन गया है। कोई तांबे के बर्तन का पानी पीने की सलाह देता है, तो कोई खाली पेट 1 लीटर पानी पीने को फायदेमंद बताता है। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आदत हर किसी के लिए सही नहीं होती और कुछ मामलों में सेहत पर उल्टा असर भी डाल सकती है।

    ज्यादा पानी पीने से पाचन पर असर

    सुबह के समय शरीर की पाचन क्रिया धीरे-धीरे सक्रिय होती है। ऐसे में अगर आप एकदम से बहुत ज्यादा पानी पी लेते हैं, तो पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे खाना ठीक से पच नहीं पाता और पेट में गैस, भारीपन या कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    भूख कम लगने की समस्या

    खाली पेट अधिक मात्रा में पानी पीने से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे भूख कम लगती है। इसका असर आपकी डाइट और पोषण पर पड़ सकता है, क्योंकि शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते।

    पेट दर्द और असहजता

    कई लोगों को सुबह ज्यादा पानी पीने के बाद पेट दर्द या असहजता महसूस होती है। यह शरीर पर अचानक पड़े अतिरिक्त दबाव के कारण हो सकता है।

    क्या है सही तरीका?

    विशेषज्ञों के अनुसार, पानी पीने का सही तरीका यह है:

    सुबह उठकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएं
    एक बार में 1 लीटर पानी पीने से बचें
    गुनगुना पानी बेहतर माना जाता है
    जब प्यास लगे, तभी पानी पिएं
    कैसे पिएं पानी?
    हमेशा बैठकर और धीरे-धीरे (घूंट-घूंट) पानी पिएं
    खड़े होकर पानी पीने से बचें
    पूरे दिन में पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं
    मौसम के अनुसार बदलें आदत
    गर्मियों में शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है, इसलिए मात्रा बढ़ाई जा सकती है
    सर्दियों में हल्का गुनगुना पानी पर्याप्त होता है
    आयुर्वेद क्या कहता है?

    Ayurveda के अनुसार, हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है, इसलिए पानी पीने का तरीका भी उसी के अनुसार होना चाहिए। जरूरत से ज्यादा पानी पीना शरीर में असंतुलन पैदा कर सकता है।

    क्यों जरूरी है संतुलन?

    पानी शरीर के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन सही मात्रा और सही समय पर। जरूरत से ज्यादा पानी पीना उतना ही नुकसानदायक हो सकता है जितना कम पानी पीना।