Author: bharati

  • MP में टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के जरिए प्रवक्ता खोज कर रही कांग्रेस… BJP ने उठाए सवाल

    MP में टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के जरिए प्रवक्ता खोज कर रही कांग्रेस… BJP ने उठाए सवाल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत में अब ‘टैलेंट’ (‘Talent’) भी बहस का विषय बन गया है. प्रदेश कांग्रेस (MP Congress) ने संगठन में नए और ऊर्जावान चेहरों को मौका देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए प्रवक्ताओं के चयन के लिए ‘टैलेंट हंट प्रोग्राम’ (Talent Hunt Program) शुरू किया है. हालांकि इस पहल पर बीजेपी (BJP) ने तंज कसते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं.

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की. उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे प्रवक्ताओं की जरूरत है जो वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध हों, समसामयिक मुद्दों पर गहरी पकड़ रखते हों और कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें. पार्टी का दावा है कि अब चयन प्रक्रिया योग्यता, अध्ययन और संवाद क्षमता के आधार पर होगी।


    क्या है टैलेंट हंट की पूरी प्रक्रिया?

    – कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित होगा
    – 28 फरवरी तक आवेदन जमा किए जा सकेंगे
    – संभाग स्तर पर इंटरव्यू होंगे
    – AICC नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी, वरिष्ठ नेता और जिला अध्यक्ष मिलकर मूल्यांकन करेंगे
    – अंतिम निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी लेगी
    – 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा
    – साथ ही मीडिया पैनलिस्ट, संभाग और जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट और एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाएंगे.

    इस बीच बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा समेत मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि पार्टी में टैलेंट की कमी है, इसलिए बाहर से तलाश की जा रही है. मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तो कहा कि कांग्रेस को टैलेंट से ज्सादा एक्सपियरेंस की जरूरत है नहीं तो सब एक-एक कार कांग्रेस छोड़ कर चले जाएंगे।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश की राजनीति में अब प्रवक्ताओं का चयन भी सियासी संग्राम का हिस्सा बन गया है. एक तरफ कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ संगठन को धार देने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे कांग्रेस की मजबूरी बता रही है। अब देखना होगा कि यह टैलेंट हंट वाकई कांग्रेस को मजबूत और मुखर आवाजें देता है या फिर यह पहल भी सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रह जाती है।

  • टाटा संस के चेयरमैन चंद्रशेखरन के भविष्य का फैसला 24 फरवरी को… ग्रुप बोर्ड की होगी अहम बैठक

    टाटा संस के चेयरमैन चंद्रशेखरन के भविष्य का फैसला 24 फरवरी को… ग्रुप बोर्ड की होगी अहम बैठक


    नई दिल्ली।
    टाटा समूह (Tata Group) के लिए अगला सप्ताह काफी अहम होगा। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अगले सप्ताह टाटा संस के बोर्ड की मीटिंग (Board meeting of Tata Sons) होने वाली है। 24 फरवरी को प्रस्तावित इस बैठक में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (Chairman N. Chandrasekaran) के तीसरे कार्यकाल पर फैसला होगा। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में बोर्ड के सामने तीसरे कार्यकाल को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। बिजनेस स्टैंडर्ड के एक सूत्र के अनुसार टाटा संस बोर्ड में कार्यकाल बढ़ाने की चर्चा से चंद्रशेखरन खुद को अलग रखेंगे। बता दें कि एन चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल अगले वर्ष पूरा होने वाला है, ऐसे में समय से पहले ही उनके नेतृत्व को लेकर स्पष्टता लाने की तैयारी की जा रही है।


    पिछले साल नोएल टाटा ने रखा था प्रस्ताव

    टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स ने पिछले साल एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल की सिफारिश करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। उस बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन को टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन के रूप में पांच साल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा था। अब इस प्रस्ताव पर बोर्ड की मंजूरी जरूरी है।


    रतन टाटा ने की थी सिफारिश

    चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल की बात करें तो साल 2022 में जब कार्यकाल बढ़ाया गया था, तब टाटा ट्रस्ट्स के तत्कालीन अध्यक्ष और समूह के मानद अध्यक्ष रतन टाटा ने टाटा संस बोर्ड की बैठक में हिस्सा लिया था। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों के लिए चंद्रशेखरन के नाम की सिफारिश की थी। बता दें कि नमक से सेमीकंडक्टर तक के कारोबार में सक्रिय टाटा समूह इस समय कई रणनीतिक विस्तार योजनाओं पर काम कर रहा है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की निरंतरता को समूह की दीर्घकालिक रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है। चंद्रशेखरन के नेतृत्व में समूह ने एयरलाइन, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल कारोबार में बड़े फैसले लिए हैं, जिससे कंपनी की वैश्विक उपस्थिति मजबूत हुई है।


    कौन है एन चंद्रशेखरन?

    नटराजन चंद्रशेखरन टाटा समूह की सभी कंपनियों के प्रमोटर टाटा संस के चेयरमैन हैं। वह अक्टूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड में शामिल हुए और जनवरी 2017 में चेयरमैन नियुक्त हुए। वे टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, एयर इंडिया, इंडियन होटल्स कंपनी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सहित समूह की कई ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड के भी अध्यक्ष हैं।चेयरमैन बनने से पहले, वे टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे, जहां उन्होंने 30 वर्षों तक सेवा की। वह 2017 तक आठ वर्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में शामिल हैं।

  • जम्मू-कश्मीर को जल्द मिल सकता है राज्य का दर्जा, केंद्र के संकेत ने बढ़ाई उम्मीदें

    जम्मू-कश्मीर को जल्द मिल सकता है राज्य का दर्जा, केंद्र के संकेत ने बढ़ाई उम्मीदें


    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द मिलने की संभावना फिर से सुर्खियों में आ गई है। केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने हाल ही में कहा कि यह मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है, लेकिन जब संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है, तो जम्मू-कश्मीर को उसका अधिकार निश्चित रूप से मिलेगा। मेघवाल ने यह भी संकेत दिए कि प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इस पर फैसला सुनने को मिल सकता है।

    अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में विभाजित किया गया। तब से ही क्षेत्रीय राजनीतिक दल लगातार पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि राज्य का दर्जा लौटने से स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों में जनता की भागीदारी बढ़ेगी और विकास की गति तेज होगी।

    मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस मामले पर अपनी चिंता और उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रही है और लंबे इंतजार के बावजूद वे उम्मीद नहीं खो रहे हैं। अब, केंद्रीय मंत्री के हालिया बयान के बाद उन्हें विश्वास है कि राज्य का दर्जा जल्द ही बहाल किया जा सकता है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह मामला जनता की संवेदनशील भावनाओं से जुड़ा हुआ है और देर होने से लोगों में बची हुई उम्मीद भी खत्म हो सकती है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा बहाल होना न केवल प्रशासनिक और संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और विकास को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय प्रशासन को अधिक अधिकार मिलेंगे, जिससे विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था के मामलों में बेहतर निर्णय लेने में सुविधा होगी।

    हालांकि, अभी तक कोई निश्चित तारीख या आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से लगातार सकारात्मक संकेत दिए जा रहे हैं। मेघवाल के बयान और पहले दिए गए लोकसभा आश्वासनों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं हुई है और यह मुद्दा उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद जल्द ही संसद या केंद्र सरकार के माध्यम से अंतिम रूप ले सकता है।

    निष्कर्ष: जम्मू-कश्मीर के लोगों और राजनीतिक दलों के लिए यह बड़ी उम्मीद की खबर है। लंबे समय से प्रतीक्षित यह फैसला क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक सुधार और विकास की दिशा में एक नया अध्याय खोल सकता है। केंद्रीय मंत्रियों के संकेतों और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की उम्मीदों के बीच लगता है कि अब राज्य के दर्जे की बहाली बहुत दूर नहीं है।

  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी…. जानिए क्यों गिर रहे दाम?

    सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी…. जानिए क्यों गिर रहे दाम?

     gold and silver

    नई दिल्ली। सोने और चांदी (Gold- Silver Price) के लिए मंगलवार को दिन अच्छा नहीं रहा है। इस दिन कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर (MCX Gold Futures) का रेट गिरकर 151244 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। गोल्ड की आज की कीमतों में 3500 रुपये या फिर 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर मार्च कॉन्ट्रैक्ट्स (MCX Silver March Contracts) के शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का रेट 10,500 रुपये फिर 4.4 प्रतिशत टूटकर 229352 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया।


    सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है गिरावट

    गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट के पीछे की वजह डॉलर का मजूबत होना है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान बातचीत, यूएस फेड रिजर्व का ताजा अपडेट और छुट्टी की वजह से ज्यादा एशियाई बाजार के बंद होने की वजह से यह गिरावट देखने को मिली है। बता दें, आज डॉलर इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है।

    एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
    जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी कहते हैं, “गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट का सिलसिला आज भी जारी है। इसके पीछे की वजह डॉलर का मजबूत होना और हालिया तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग है। कल छुट्टी की वजह से यूएस मार्केट बंद था। इसकी वजह से भी सोने और चांदी की कीमतों पर असर पड़ा है।” हरीश कहते हैं, “बाजार में मौजूद निवेशक इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी इकनॉमिक आंकड़ों से पहले सतर्कता दिखा रहे हैं। ताजा जीडीपी आंकड़े और FOMC मीटिंग का असर फेड रिजर्व की उम्मीदों पर पड़ेगा।”


    क्या सोना और चांदी खरीदने का यह है सही समय?

    गोल्ड और सिल्वर इस समय काफी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कोई भी तेजी शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए बेच कर बाहर निकलने का सही मौका होगा। ब्रोकरेज हाइस च्वाइस ब्रोकिंग का कहना है कि गोल्ड के लिए 149000 रुपये और चांदी 225000 का रेट काफी अहम होगा। अगर दाम इसके नीचे जाते हैं तो दबाव के कारण कीमतों में और गिरावट देखने को मिलेगी।

  • बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान, 25-सदस्यीय मंत्रिमंडल में शामिल एक हिंदू नेता

    बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान, 25-सदस्यीय मंत्रिमंडल में शामिल एक हिंदू नेता


    ढाका। बांग्लादेश में मंगलवार को एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ, जब तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। तारिक रहमान अब बांग्लादेश नेशनल पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय खालिदा जिया के पुत्र के रूप में देश की कमान संभालेंगे। वह बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने। आम चुनावों में बड़ी जीत के साथ ही उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस की जगह यह पद ग्रहण किया। शपथ ग्रहण समारोह ढाका स्थित संसद भवन के साउथ प्लाजा में शाम 4 बजे आयोजित किया गया। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें शपथ दिलाई।

    नई सरकार के मंत्रियों में शामिल प्रमुख चेहरे हैं:-

    डॉ. खलीलुर रहमान – विदेश मंत्री
    सलाहुद्दीन अहमद – गृह मंत्री
    डॉ. अमीर खसरू महमूद – वित्त एवं योजना मंत्री
    शमा ओबैद – विदेश राज्य मंत्री

    शपथ ग्रहण समारोह में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी रही। भारत से लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भाग लिया। इसके अलावा मलेशिया, पाकिस्तान, मालदीव, तुर्की, श्रीलंका के प्रतिनिधि तथा चीन, सऊदी अरब, यूएई और ब्रुनेई को आमंत्रित किया गया।

    कैबिनेट मंत्रियों की सूची

    कुल 25 सदस्यों के मंत्रिमंडल में शामिल हैं:- मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, अमीर खोशरू महमूद चौधरी, सलाहुद्दीन अहमद, इकबाल हसन महमूद, मेजर रिटायर्ड हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम, अबू जफर मोहम्मद जाहिद हुसैन, डॉ. खलीलुर रहमान, अब्दुल अव्वल मिंटू, काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद, मिजानुर रहमान मीनू, निताई रॉय चौधरी (हिंदू नेता), खंडेकर अब्दुल मुक्तदिर, अरिफुल हक चौधरी, जहीर उद्दीन स्वपन, मोहम्मद अमीन उर रशीद, अफरोजा खानम रीटा, शाहिद उद्दीन चौधरी एनी, असदुल हबीब दुलु, मोहम्मद असदुज्जमां, जकारिया ताहिर, दीपेन दीवान (अल्पसंख्यक), एएनएम एहसानुल हक मिलन, सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन, फकीर महबूब अनम और शेख रबीउल आलम।

    राज्य मंत्रियों में शामिल प्रमुख नाम
    एम रशीदुज्जमां मिल्लत, अनिंद्य इस्लाम अमित, एमडी शरीफुल आलम, शमा ओबैद इस्लाम, सुल्तान सलाहुद्दीन टुकू, बैरिस्टर कैसर कमाल, फरहाद हुसैन आजाद, एमडी अमीनुल हक टेक्नोक्रेट मीर मोहम्मद हेलाल उद्दीन, हबीबुर रशीद, एमडी राजीब अहसन, एमडी अब्दुल बारी, मीर शाहे आलम, जोनायद अब्दुर रहीम साकी, इशराक़ हुसैन, फरजाना शर्मिन, शेख फ़रीदुल इस्लाम, नुरुल हक नूर, यासर खान चौधरी, एम इकबाल हुसैन, एमए मुहिथ, अहमद सोहेल मंजूर, बॉबी हज्जाज और अली नेवाज महमूद खैयाम।

    संसदीय दल का नेता चुना गया

    बीएनपी ने शपथ ग्रहण से पहले संसदीय दल की बैठक में तारिक रहमान को दल का नेता चुना। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से भी मुलाकात की, जिनमें जमात-ए-इस्लामी चीफ शफीकुर रहमान और नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम शामिल थे।

    चुनाव में बड़ी जीत

    हाल ही में हुए चुनाव में बीएनपी को 297 में से 209 सीटें मिलीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी केवल 68 सीटों तक सीमित रही। शेख हसीना की आवामी लीग इस चुनाव में भाग नहीं ले सकी। अल्पसंख्यक समुदाय से चार उम्मीदवार जीतकर आए, जिनमें दो हिंदू बीएनपी के टिकट पर विजयी रहे। राजनीतिक अस्थिरता और छात्र आंदोलनों के बाद अब नई सरकार के गठन के साथ बांग्लादेश लोकतांत्रिक ढांचे के तहत सुचारू रूप से चलने लगा है।

  • मुसीबत में बचाने वाला गाइड! जानें 20–50 की उम्र के लिए टॉप 5 इंश्योरेंस विकल्प

    मुसीबत में बचाने वाला गाइड! जानें 20–50 की उम्र के लिए टॉप 5 इंश्योरेंस विकल्प

    नई दिल्ली। जवानी में इंश्योरेंस लेना सिर्फ टैक्स बचाने की बात नहीं, बल्कि परिवार और सेविंग्स की सुरक्षा का सबसे बड़ा जरिया है। 25 की उम्र में लिया गया प्लान 45-50 की उम्र में लेने के मुकाबले करीब 50% तक सस्ता पड़ सकता है। सही पॉलिसी का चयन जीवन की अनिश्चितताओं में ढाल का काम करता है।

    20s: ‘अर्ली बर्ड’ का फायदा
    20 के दशक में जिम्मेदारियां कम और हेल्थ अच्छी होती है। इस उम्र में टर्म इंश्योरेंस लेना सबसे फायदेमंद होता है। कम प्रीमियम में कवर लॉक हो जाता है और वेटिंग पीरियड भी जल्दी कट जाता है। हेल्थ इंश्योरेंस के लिए कंपनी पर भरोसा कम रखें और ₹5-10 लाख का बेसिक पर्सनल कवर लें।

    30s: परिवार और लोन का सुरक्षा कवच
    इस उम्र में शादी, बच्चे और होम लोन जैसी जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। बेस हेल्थ प्लान के साथ कैंसर या हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों के लिए टॉप-अप कवर लेना चाहिए। अगर बेस प्लान ₹5 लाख का है, तो ₹20 लाख का टॉप-अप सस्ता पड़ता है और बड़ी सर्जरी में काम आता है।

    40s-50s: रिटायरमेंट और एसेट प्रोटेक्शन
    इस उम्र में फोकस होना चाहिए कि जमा पूंजी किसी बीमारी या एक्सीडेंट में खर्च न हो। पर्सनल एक्सीडेंट कवर और टर्म प्लान लेना महत्वपूर्ण है। रिकवरी में समय ज्यादा लगता है, इसलिए परिवार और सेविंग्स दोनों को सुरक्षित रखने के लिए सही कवर जरूरी है।

    लाइफ के Big-5 इंश्योरेंस प्लान
    इंश्योरेंस प्रकार क्यों जरूरी लाभ
    टर्म इंश्योरेंस गैर-मौजूदगी में परिवार की आर्थिक सुरक्षा कर्ज मुक्त और भविष्य सुरक्षित रखता है
    हेल्थ इंश्योरेंस मेडिकल खर्च से बचाव सेविंग्स को हॉस्पिटल बिल से सुरक्षित रखता है
    एक्सीडेंट कवर दुर्घटना से विकलांगता या आय रुकने पर काम न कर पाने पर भी आय का सहारा देता है
    क्रिटिकल इलनेस कवर कैंसर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों में इलाज के दौरान एकमुश्त राशि देता है
    मोटर इंश्योरेंस गाड़ी से जुड़े नुकसान और कानूनी जोखिम से बचाव थर्ड पार्टी क्लेम और मरम्मत खर्च से राहत

    इंश्योरेंस लेने से पहले ध्यान दें
    हमेशा 95%+ CSR वाली कंपनी चुनें।

    पुरानी बीमारियां या सिगरेट की आदत साफ बताएं, झूठ बोलने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

    बेस पॉलिसी में ‘प्रीमियम वेवर’ जैसे राइडर जरूर जोड़ें, ताकि मुसीबत में आगे के प्रीमियम माफ हो जाए।

    इंश्योरेंस के प्रकार और फायदे
    टर्म इंश्योरेंस – परिवार को आर्थिक सुरक्षा और कर्ज मुक्त रखता है।

    हेल्थ इंश्योरेंस – मेडिकल महंगाई से बचाव और कैशलेस सुविधा।

    क्रिटिकल इलनेस कवर – गंभीर बीमारी में इलाज के खर्च के लिए एकमुश्त राशि।

    पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस – दुर्घटना में आय का सहारा।

    मोटर इंश्योरेंस – सड़क दुर्घटना या चोरी से कानूनी और वित्तीय सुरक्षा।

  • भारत-फ्रांस मिलकर बनाएंगे एवरेस्ट ऊंचाई तक उड़ने वाला हेलीकॉप्टर

    भारत-फ्रांस मिलकर बनाएंगे एवरेस्ट ऊंचाई तक उड़ने वाला हेलीकॉप्टर


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि भारत और फ्रांस मिलकर विश्व का पहला हेलीकॉप्टर बनाएंगे, जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकेगा।

    पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा:

    फ्रांस भारत का सबसे पुराना स्ट्रैटजिक पार्टनर है। दोनों देश अब स्पेशल, ग्लोबल और स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप के रूप में संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य वैश्विक स्थिरता और प्रगति सुनिश्चित करना है। भारत और फ्रांस मिलकर इंडस्ट्री और इनोवेशन में सहयोग करेंगे, और स्टूडेंट और रिसर्च एक्सचेंज को बढ़ावा देंगे।

    हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भी भारत-फ्रांस संबंधों में अभूतपूर्व गति लाएगा। यह परियोजना दोनों देशों के उच्च तकनीक और एविएशन अनुसंधान में सहयोग को भी दर्शाती है और हेलीकॉप्टर उद्योग में नई प्रौद्योगिकी के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

    एवरेस्ट तक उड़ान भरने वाला हेलीकॉप्टर: दुनिया में पहला भारत-फ्रांस तकनीकी और औद्योगिक सहयोग ग्लोबल स्ट्रैटिजिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूती शिक्षा और रिसर्च एक्सचेंज को सुगम बनाना यह घोषणा भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते तकनीकी, औद्योगिक और वैश्विक सहयोग का प्रतीक है।

    तीन दिन का आधिकारिक दौरा
    फ्रांस के राष्ट्रपति 17 से 19 फरवरी तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा दौरा है और मुंबई में उनका पहला आधिकारिक कार्यक्रम है। राष्ट्रपति मैक्रों भारत सरकार के निमंत्रण पर एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए हैं। इस दौरे के दौरान वह 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में भी शामिल होंगे।

    भारत रवाना होने से पहले क्या बोले मैक्रों
    भारत आने से पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स पर लिखा था कि वह मुंबई से नई दिल्ली तक तीन दिन के दौरे पर आ रहे हैं, ताकि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि उनके साथ व्यापार, उद्योग, संस्कृति और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग भी भारत आ रहे हैं, जो दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे लिखा, साथ मिलकर हम अपने सहयोग को और आगे बढ़ाएंगे। कल मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त नरेंद्र मोदी।

  • स्किन केयर में इन बातों का रखें ध्यान, बढ़ती उम्र में होगा एजिंग से बचाव

    स्किन केयर में इन बातों का रखें ध्यान, बढ़ती उम्र में होगा एजिंग से बचाव

    नई दिल्ली। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, चेहरे पर झुर्रियां और रिंकल्स दिखाई देने लगते हैं। लेकिन अगर तीस की उम्र में ही झुर्रियां दिखने लगें, तो इसकी सबसे बड़ी वजह स्किन केयर में लापरवाही है। सही देखभाल और कुछ आदतों को अपनाकर चेहरे की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है।

    सुबह उठकर करें स्किन क्लीनिंग
    सुबह उठते ही कॉटन पैड की मदद से चेहरे को साफ करें। इसके साथ ही बाहर से आने के बाद भी स्किन को क्लीन करना जरूरी है। यह धूल, पॉल्यूशन और अन्य मैल को दूर करता है। चेहरे को साफ करने के बाद हमेशा मॉइस्चराइज़र लगाएं, ताकि त्वचा नमी बनी रहे और ड्रायनेस से बचा जा सके।

    स्क्रबर और फेशवॉश का चयन

    सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल
    बाहर जाने से पहले एसपीएफ 50 वाले सनस्क्रीन का उपयोग अनिवार्य करें। सूरज की यूवी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं और एजिंग को तेज करती हैं।

    प्रोडक्ट्स में क्वालिटी और एंटीऑक्सीडेंट
    सस्ते और चिप स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें। हमेशा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर प्रोडक्ट्स का चयन करें। विटामिन C और E त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं और झुर्रियों को कम करने में प्रभावी हैं।

    रात को मेकअप हटाना और घरेलू नुस्खे
    सोने से पहले हमेशा मेकअप हटा दें। अगर मेकअप नहीं किया है, तब भी चेहरे को पानी से धोकर ही सोएं। त्वचा की देखभाल के लिए घरेलू नुस्खों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बेसन, हल्दी, दही, शहद और एलोवेरा त्वचा को पोषण देते हैं और उसे नरम व दमकदार बनाते हैं।

  • मप्र की जीडीपी में 11.14% वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,69,050 हुई

    मप्र की जीडीपी में 11.14% वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,69,050 हुई


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 सदन में प्रस्तुत किया। सर्वेक्षण के मुताबिक, राज्य की जीडीपी GSDP में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,69,050 हो गई है।

    देवड़ा ने कहा कि मध्य प्रदेश ने संतुलित और समावेशी विकास का मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमान के अनुसार राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद प्रचलित भाव पर ₹16,69,750 करोड़ आंका गया है, जो 2024-25 के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14% अधिक है। स्थिर 2011-12 भाव पर जीएसडीपी ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो 8.04% की वास्तविक वृद्धि दर्शाता है।

    प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी

    वर्ष 2011-12 में ₹38,497 रही प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में बढ़कर ₹1,69,050 हो गई है। स्थिर भाव पर यह आय ₹76,971 तक पहुंची है।

    क्षेत्रवार योगदान

    प्राथमिक क्षेत्र: 43.09% प्रचलित भाव  द्वितीयक क्षेत्र: 19.79% तृतीयक क्षेत्र: 37.12% स्थिर भाव पर तृतीयक क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक 40.28% रहा।

    कृषि और ग्रामीण विकास
    प्राथमिक क्षेत्र का जीएसवीए ₹6,79,817 करोड़ रहा, जो 7.31% वृद्धि दर्शाता है। फसल उत्पादन में 7.66% और खाद्यान्न उत्पादन में 14.68% वृद्धि दर्ज की गई। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुंचा। 72,975 किमी ग्रामीण सड़कें और 40.82 लाख ग्रामीण आवास निर्माण से ग्रामीण ढांचे को मजबूती मिली।

    उद्योग और निवेश

    द्वितीयक क्षेत्र का जीएसवीए ₹3,12,350 करोड़ रहा, जो 9.93% वृद्धि दर्शाता है। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ निवेश और 1.7 लाख रोजगार की संभावनाएं बनीं। एमएसएमई सहायता ₹2,162 करोड़ रही।

    सेवा क्षेत्र में तेज वृद्धि

    तृतीयक क्षेत्र का जीएसवीए ₹5,85,588 करोड़ रहा, जो 15.80% वृद्धि दर्शाता है। पर्यटन क्षेत्र में 13.18 करोड़ पर्यटक आए।

    वित्तीय अनुशासन और सामाजिक क्षेत्र
    राजस्व में 13.57% वृद्धि और ऋण-जीएसडीपी अनुपात 31.3% रहा। अमृत 2.0 के तहत ₹4,065 करोड़ आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 8.75 लाख आवास पूर्ण स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ जीएसडीपी का 3% ,4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी मातृ मृत्यु दर घटकर 142 प्रति लाख जीवित जन्म

    शिक्षा और कौशल

    कुल बजट का 10.37% शिक्षा के लिए आवंटित। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य, कक्षा 6-8 में 6.3%। 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की सहायता। तकनीकी शिक्षण संस्थान 1,625 से बढ़कर 2,070 हुए।  देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में राज्य आर्थिक प्रगति की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

  • दिल्ली: BJP विधायक हरीश खुराना ने AAP पर कसा तंज, कहा- सौरभ भारद्वाज खुद ही कर रहे 'सेल्फ गोल'

    दिल्ली: BJP विधायक हरीश खुराना ने AAP पर कसा तंज, कहा- सौरभ भारद्वाज खुद ही कर रहे 'सेल्फ गोल'

    नई दिल्ली। दिल्ली में बीजेपी विधायक हरीश खुराना ने आम आदमी पार्टी (आप) और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार के कामकाज को अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम हजम नहीं कर पा रही है. इसी वजह से आप के नेता लगातार बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं.

    हरीश खुराना ने कहा कि दिल्ली को राहुल गांधी की तरह एक नया नेता मिल गया है, जो अब सौरभ भारद्वाज के रूप में सामने आ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सौरभ भारद्वाज खुद ही ‘सेल्फ गोल’ कर रहे हैं और हर मामले में बीजेपी को दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं.

    इस मामले में सेल्फ गोल कर रहे सौरभ भारद्वाज- हरीश खुराना
    बीजेपी विधायक हरीश खुराना ने कहा कि जिस मामले को लेकर सौरभ भारद्वाज सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारद्वाज सेल्फ गोल कर रहे है. यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि साल 2020 से जुड़ा हुआ है. उस समय दिल्ली में आप की सरकार थी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल थे. इसके अलावा जिस एपीजे स्कूल का जिक्र किया जा रहा है. उसमें 2025 में बच्चों के रोल नंबर रोके गए थे. उस वक्त भी दिल्ली में आप की ही सरकार थी और मुख्यमंत्री आतिशी थीं.

    ‘आप नेताओं ने मैनेजमेंट कोटे के तहत कराए बड़े पैमाने पर एडमिशन’
    हरीश खुराना ने साफ कहा कि अब बीजेपी सरकार ने नया कानून बनाया है, जिसके तहत किसी भी बच्चे का रोल नंबर नहीं रोका जा सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार जो नया बिल लेकर आई है. उसका विरोध कौन-सी एनजीओ कर रही है और उस एनजीओ का संबंध सौरभ भारद्वाज से क्यों जुड़ा हुआ है. उन्होंने उस एनजीओ का नाम जस्टिस फॉर ऑल बताया.

    बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि आप के नेताओं ने मैनेजमेंट कोटे के तहत बड़े पैमाने पर एडमिशन कराए हैं. उन्होंने पूछा कि जब आपकी सरकार थी, तब आपने ऐसा कानून क्यों नहीं बनाया, जिससे इन गड़बड़ियों पर रोक लगती है.

    एडमिशन की सूची सार्वजनिक करेंगी सीएम- खुराना
    हरीश खुराना ने यह भी कहा कि जल्द ही रेखा सरकार मैनेजमेंट कोटे से कराए गए सभी एडमिशन की सूची सार्वजनिक करेगी. इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि जस्टिस फॉर ऑल एनजीओ का आप से क्या रिश्ता है. इसकी जांच होनी चाहिए और इस एनजीओ को मिलने वाली फंडिंग कहां से आ रही है, इसकी भी दिल्ली सरकार द्वारा पूरी जांच कराई जाए.