Author: bharati

  • झांसी सड़क हादसा: सगाई से 3 दिन पहले दुल्हन और भाई की दर्दनाक मौत, ट्रक से टकराई बाइक

    झांसी सड़क हादसा: सगाई से 3 दिन पहले दुल्हन और भाई की दर्दनाक मौत, ट्रक से टकराई बाइक



    नई दिल्ली। झांसी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें सगाई से सिर्फ 3 दिन पहले होने वाली दुल्हन और उसके सगे भाई की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों बाइक से अपनी बड़ी बहन के घर जा रहे थे, तभी पूंछ थाना क्षेत्र के झांसी–कानपुर हाईवे पर मबूसा ओवरब्रिज के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी बाइक टकरा गई।

    टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार दोनों भाई-बहन करीब 10 मीटर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों को मोंठ सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि बाइक की स्पीड लगभग 80 किमी प्रति घंटा थी और ट्रक सड़क पर बिना किसी चेतावनी के खड़ा था, जिससे यह हादसा हुआ।

    मृतका शिवानी (22) जालौन के कैलाशी देवी महाविद्यालय से बीए की छात्रा थी और उसकी शादी तय हो चुकी थी। 20 मई को उसकी सगाई होनी थी और घर में तैयारियां चल रही थीं। वहीं उसका भाई ईशू (19) 12वीं का छात्र था। दोनों अपने साथ कुछ कैश और गहने लेकर बहन के घर जा रहे थे, ताकि आगे शादी की तैयारियों में शामिल हो सकें।

    हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक की तलाश शुरू कर दी है और परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया।

  • चीन में ट्रंप के काफिले में दिखी रहस्यमयी ऊंची SUV, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    चीन में ट्रंप के काफिले में दिखी रहस्यमयी ऊंची SUV, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल



    नई दिल्ली। चीन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काफिले के दौरान दो अजीबोगरीब ऊंची छत वाली SUV गाड़ियां नजर आईं, जिनकी अनोखी बनावट ने सुरक्षा व्यवस्था और उनके काम को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना 13 मई को बीजिंग में ट्रंप की यात्रा के दौरान सामने आई, जब पूरा काफिला शहर से गुजर रहा था और ये रहस्यमयी गाड़ियां उसके साथ चल रही थीं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन SUV में से कुछ चीन की Hongqi कंपनी के मॉडल पर आधारित थीं, जबकि काफिले में शेवरले सबअर्बन, लिंकन नेविगेटर और फोर्ड ई-सीरीज जैसी मॉडिफाइड गाड़ियां भी शामिल थीं। खास बात यह रही कि इन गाड़ियों की छतों को सामान्य डिजाइन से हटकर काफी ऊंचा और कस्टमाइज किया गया था, जिससे अंदर अतिरिक्त उपकरण या सुरक्षा सिस्टम लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने इन गाड़ियों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है और यह भी साफ नहीं किया गया कि ये वाहन अमेरिकी दूतावास के थे या चीनी सुरक्षा एजेंसियों के। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी मॉडिफाइड SUV में एडवांस सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन उपकरण या ड्रोन डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे सिस्टम हो सकते हैं, जो हाई-प्रोफाइल दौरों में सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

    इन वाहनों की सबसे बड़ी खासियत उनकी ऊंची छत बताई जा रही है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इनमें खड़े होकर निगरानी करने या विशेष उपकरण लगाने की सुविधा हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इनमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से जुड़े सिस्टम भी हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पूरा मामला अभी रहस्य बना हुआ है, लेकिन ट्रंप के काफिले में इन अनोखी SUV की मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल पर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

  • कर्नाटक में CM पद पर सस्पेंस बरकरार: सिद्धारमैया बनाम डीके शिवकुमार की खींचतान तेज, कांग्रेस हाईकमान पर बढ़ा दबाव

    कर्नाटक में CM पद पर सस्पेंस बरकरार: सिद्धारमैया बनाम डीके शिवकुमार की खींचतान तेज, कांग्रेस हाईकमान पर बढ़ा दबाव



    नई दिल्ली। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर अंदरूनी टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आता दिख रहा है। एक तरफ मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपनी सरकार को मजबूत करने और कैबिनेट विस्तार पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी नेतृत्व परिवर्तन की अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय हैं। इस पूरे मामले ने कांग्रेस हाईकमान के सामने एक नई राजनीतिक दुविधा खड़ी कर दी है।

    पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, सिद्धारमैया खेमे का फोकस कैबिनेट फेरबदल और खाली मंत्रिपदों को भरने पर है, जिससे सरकार और संगठन दोनों पर उनकी पकड़ मजबूत हो सके। उनका मानना है कि प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखना अभी प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी तरह के नेतृत्व बदलाव को फिलहाल टाल देना चाहिए।

    दूसरी ओर, डीके शिवकुमार खेमे का दावा है कि संगठन को मजबूत करने और विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने में उनकी भूमिका अहम रही है, इसलिए उन्हें भी मुख्यमंत्री पद पर अवसर मिलना चाहिए। उनके समर्थक लगातार “अगले मुख्यमंत्री” जैसे पोस्टर और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए दबाव बना रहे हैं।

    कांग्रेस आलाकमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि किसी एक पक्ष के समर्थन से दूसरे खेमे में असंतोष पैदा हो सकता है, जिससे राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने का खतरा है। यही वजह है कि पार्टी फिलहाल “इंतजार करो और देखो” की रणनीति पर काम कर रही है।

    हालांकि, हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि इस मुद्दे पर लंबे समय तक टालमटोल करना मुश्किल हो सकता है। आने वाले दिनों में कांग्रेस हाईकमान को यह तय करना होगा कि सिद्धारमैया के नेतृत्व को जारी रखा जाए या फिर डीके शिवकुमार को कमान सौंपकर सत्ता संतुलन बदला जाए।

  • Iran-US War : लेबनान में तनाव बढ़ा, इजरायल ने 9 इलाकों को खाली करने का दिया आदेश; होर्मुज को लेकर भी बढ़ी चिंता

    Iran-US War : लेबनान में तनाव बढ़ा, इजरायल ने 9 इलाकों को खाली करने का दिया आदेश; होर्मुज को लेकर भी बढ़ी चिंता



    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सीजफायर के दावों के बीच हालात फिर से बिगड़ते दिख रहे हैं, जहां एक तरफ अमेरिका संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इजरायल ने लेबनान के कई इलाकों को खाली करने का आदेश जारी कर दिया है।

    दक्षिणी लेबनान में इजरायल ने 9 से अधिक कस्बों को खाली करने की चेतावनी दी है, जिससे पहले से विस्थापित लाखों लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कई लोग सीजफायर के बाद लौटे थे, लेकिन नए हालात के चलते एक बार फिर पलायन का खतरा पैदा हो गया है।

    इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी कम नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि बातचीत विफल होती है तो अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर दोबारा बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगले हफ्तों में हमलों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह इसे “दोस्त देशों के लिए खुला और दुश्मनों के लिए सीमित” कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है। वहीं अमेरिका इसे खोलने के लिए दबाव बना रहा है।

    संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे पर टकराव देखने को मिला है, जहां ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी समर्थित प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों को भविष्य के तनाव के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।

  • पीएम मोदी की अपील का असर: CRPF-ITBP ने शुरू की ईंधन बचत मुहिम, पेट्रोल-डीजल बजट में 10% कटौती

    पीएम मोदी की अपील का असर: CRPF-ITBP ने शुरू की ईंधन बचत मुहिम, पेट्रोल-डीजल बजट में 10% कटौती



    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब सुरक्षा बलों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने ईंधन की खपत कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें वाहनों के उपयोग से लेकर प्रशासनिक यात्राओं तक में सख्त बदलाव शामिल हैं।

    CRPF ने सबसे बड़ा फैसला लेते हुए अपने पूरे वाहनों के ईंधन बजट में 10 प्रतिशत की कटौती लागू कर दी है। इसके तहत अब किसी भी अधिकारी को एक से अधिक सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही मुख्यालय ने सभी इकाइयों से ईंधन बचत के नए सुझाव भी मांगे हैं ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके।

    सबसे दिलचस्प बदलाव ग्राउंड लेवल पर देखने को मिल रहा है, जहां CRPF ने तय किया है कि जिन इलाकों में संभव होगा, वहां मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग की जगह साइकिल से गश्त की जाएगी। इसका उद्देश्य न सिर्फ ईंधन की बचत करना है, बल्कि जवानों की फिटनेस को भी बेहतर बनाना है। हालांकि यह नियम संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लागू नहीं होगा।

    इसी तरह ITBP ने भी सख्त कदम उठाते हुए अपने अधिकारियों के सभी विदेशी दौरों पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों और स्थिर तैनाती वाले क्षेत्रों में वाहनों के उपयोग को भी सीमित करने का निर्देश जारी किया गया है, ताकि अनावश्यक ईंधन खपत को रोका जा सके।

    दोनों सुरक्षा बलों ने यह स्पष्ट किया है कि ईंधन बचत के इन उपायों का असर किसी भी हालत में देश की सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारियों पर नहीं पड़ेगा। आतंकवाद-रोधी अभियानों और सीमा सुरक्षा जैसी अहम ड्यूटी में लगे वाहनों को इस कटौती से पूरी तरह बाहर रखा गया है।

  • Netflix पर नंबर 1 बनी एडवेंचर-कॉमेडी एनिमेटेड फिल्म ‘Swapped’, IMDb पर भी शानदार रेटिंग जानें, पूरी डिटेल

    Netflix पर नंबर 1 बनी एडवेंचर-कॉमेडी एनिमेटेड फिल्म ‘Swapped’, IMDb पर भी शानदार रेटिंग जानें, पूरी डिटेल



    नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर इन दिनों एक एनिमेटेड एडवेंचर-कॉमेडी फिल्म जमकर ट्रेंड कर रही है। यह फिल्म भारत समेत कई देशों में Netflix के टॉप 10 लिस्ट में नंबर 1 पर पहुंच चुकी है और दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है।

    इस फिल्म का नाम ‘Swapped’ है, जो 1 मई को Netflix पर रिलीज की गई थी। रिलीज होते ही इसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और तेजी से व्यूअरशिप में बढ़त हासिल की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को अब तक 38.7 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।

    IMDb पर भी इस फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और इसे 7.3 की रेटिंग दी गई है, जो इसे एक मजबूत और एंटरटेनिंग एनिमेटेड फिल्म बनाती है।

    फिल्म की कहानी दो किरदारों ओली और आइवी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शुरुआत में एक-दूसरे के दुश्मन होते हैं। लेकिन एक रहस्यमयी घटना के बाद दोनों के शरीर आपस में बदल जाते हैं, जिसके बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह उलझ जाती है। इसी कॉमेडी और एडवेंचर भरे सफर में कहानी आगे बढ़ती है, जो दर्शकों को लगातार बांधे रखती है।

    फिल्म का निर्देशन नाथन ग्रेनो ने किया है। इसमें कई बड़े कलाकारों ने अपनी आवाज दी है, जिनमें माइकल बी. जॉर्डन, सेड्रिक द एंटरटेनर, जूनो टेम्पल, ट्रेसी मॉर्गन और जस्टिना मचाडो शामिल हैं।

    ‘Swapped’ एक फैमिली-फ्रेंडली एनिमेटेड फिल्म है, जिसे दर्शक Netflix पर आसानी से देख सकते हैं। अगर आप वीकेंड पर हल्की-फुल्की कॉमेडी और एडवेंचर फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।

  • मौनी रॉय-सूरज नांबियार के तलाक की अफवाहों के बीच सोशल मीडिया हलचल, दिशा पाटनी पर भी ट्रोलिंग, जानें पूरा मामला

    मौनी रॉय-सूरज नांबियार के तलाक की अफवाहों के बीच सोशल मीडिया हलचल, दिशा पाटनी पर भी ट्रोलिंग, जानें पूरा मामला




    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय और बिजनेसमैन सूरज नांबियार को लेकर सोशल मीडिया पर तलाक की अफवाहों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, इस खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इंस्टाग्राम गतिविधियों को लेकर यूजर्स लगातार अटकलें लगा रहे हैं।

    रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स के मुताबिक, पहले यह देखा गया कि मौनी रॉय और सूरज नांबियार ने एक-दूसरे को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया था, जिससे दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। बाद में यह भी सामने आया कि सूरज ने कुछ समय के लिए अपना अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया था, जिसके चलते उनकी प्रोफाइल से जुड़ी जानकारी बदलती नजर आई।

    अब ताजा जानकारी के अनुसार, मौनी रॉय अभी भी अपने पति सूरज नांबियार को इंस्टाग्राम पर फॉलो कर रही हैं, जबकि सूरज की तरफ से ऐसा नहीं दिख रहा है। इसके साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि मौनी ने अपनी शादी से जुड़ी तस्वीरें डिलीट नहीं की हैं, जिससे फैंस और अधिक कन्फ्यूज हो गए हैं।

    दूसरी ओर, सूरज नांबियार की प्रोफाइल पर मौनी की मौजूदगी बेहद सीमित बताई जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अब पहले जैसी इंटरैक्शन नहीं दिख रही है। इन सब बातों के चलते तलाक की अफवाहों को और हवा मिल गई है।

    इसी बीच अभिनेत्री दिशा पाटनी का नाम भी इस पूरे मामले में अनावश्यक रूप से घसीटा जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि दिशा ने भी सूरज को अनफॉलो किया है, जिसके बाद उन्हें इस कथित विवाद से जोड़कर ट्रोल किया जाने लगा। कुछ यूजर्स ने तो बिना किसी सबूत के उन्हें “कबाब में हड्डी” तक कह दिया, जिससे ऑनलाइन बहस और तेज हो गई।

    हालांकि, इस पूरे मामले में कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मौनी रॉय ने पहले भी अपने निजी जीवन को लेकर फैल रही अफवाहों पर रोक लगाने की अपील की थी और लोगों से कहा था कि बिना पुष्टि के किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें।

    फिलहाल, यह पूरा मामला सोशल मीडिया गतिविधियों और अटकलों पर आधारित है, जबकि हकीकत क्या है, इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

  • ईरान के राष्ट्रपति ने पोप लियो का किया धन्यवाद, अमेरिका-इजराइल हमलों के विरोध पर जताई सराहना, ट्रंप से बढ़ा विवाद

    ईरान के राष्ट्रपति ने पोप लियो का किया धन्यवाद, अमेरिका-इजराइल हमलों के विरोध पर जताई सराहना, ट्रंप से बढ़ा विवाद



    नई दिल्ली। तेहरान में एक बड़ा कूटनीतिक बयान सामने आया है, जहां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो XIV को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि पोप ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के खिलाफ जो नैतिक और निष्पक्ष रुख अपनाया है, वह सराहनीय है।

    ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, पोप लियो ने लगातार ईरान पर हुए हमलों की आलोचना की है और इन्हें मानवता के खिलाफ बताया है। पेजेश्कियान ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए ईरान पर हमले किए गए, तब पोप ने सही और न्यायपूर्ण आवाज उठाई, जिसके लिए ईरान उनका आभारी है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, पोप लियो XIV ने अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि इससे आम नागरिकों और बच्चों की मौत हो रही है, जो बेहद दुखद है। उन्होंने युद्ध के बजाय शांति और बातचीत की अपील की है। इसी रुख को लेकर उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी तनातनी देखने को मिली थी।

    ईरानी राष्ट्रपति ने अपने बयान में यह भी कहा कि इन हमलों में कई मासूम लोगों की जान गई, जिनमें दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर के एक स्कूल के बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और कानून के शासन को सीधी चुनौती देती है।

    इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भी अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था अब एक ही शक्ति के भरोसे नहीं चल सकती। उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया अब बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां किसी एक देश का दबदबा टिकाऊ नहीं है।

    कुल मिलाकर, पोप लियो के बयान और ईरान के समर्थन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया तनाव और बहस पैदा कर दी है, जिसमें अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है

  • श्मशान घाट में मिली महिला को मां बनाकर की सेवा, मरते वक्त मिले आशीर्वाद से बदल गई सुदेश लहरी की किस्मत जानें, पूरी कहानी

    श्मशान घाट में मिली महिला को मां बनाकर की सेवा, मरते वक्त मिले आशीर्वाद से बदल गई सुदेश लहरी की किस्मत जानें, पूरी कहानी



    नई दिल्ली। देश के मशहूर कॉमेडियन और सिंगर सुदेश लहरी आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने की कहानी बेहद संघर्ष और भावनाओं से भरी हुई है। कभी इतनी गरीबी थी कि स्कूल जाने तक के पैसे नहीं थे, और गुजारे के लिए ढाबे पर बर्तन धोने से लेकर जूते-चप्पल बनाने और सब्जी बेचने तक का काम करना पड़ा। लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने सबकुछ बदल दिया।

    दरअसल, हाल ही में टीवी शो ‘लाफ्टर शेफ्स 3’ में कृष्णा अभिषेक ने सुदेश लहरी से जुड़ा एक भावुक किस्सा सुनाया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। बताया गया कि एक बार सुदेश लहरी किसी अंतिम संस्कार में शामिल होने श्मशान घाट पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक बेहद दुखद स्थिति देखी।

    श्मशान घाट में उन्होंने एक कोने में एक महिला को बैठा हुआ देखा, जिसके शरीर पर घाव थे और वह बेहद तकलीफ में थी। यह दृश्य देखकर सुदेश लहरी से रहा नहीं गया। उस समय उनकी खुद की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी, लेकिन उन्होंने इंसानियत दिखाते हुए उस महिला को अपने साथ ले जाने का फैसला किया।

    घर लाकर उन्होंने उस महिला को अपनी मां की तरह रखा और पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से उसकी देखभाल की। बताया जाता है कि सुदेश लहरी ने उस समय ढाबे पर काम करके और छोटे-मोटे काम करके जीवन चलाया, लेकिन उस महिला की सेवा में कोई कमी नहीं आने दी।

    कहा जाता है कि जब उस महिला की मृत्यु हुई, तो उसने सुदेश लहरी को आशीर्वाद दिया कि “तेरा कभी बुरा नहीं होगा और तू जीवन में बहुत सफल होगा।” इसी घटना के बाद सुदेश लहरी की किस्मत बदलने लगी और उन्हें मुंबई से बड़े मौके मिलने लगे।

    इसके बाद सुदेश लहरी ने अपने जीवन में पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ जैसे शो से पहचान बनाई और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी मजबूत जगह बना ली।

    सुदेश लहरी का संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ था। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में इतनी गरीबी थी कि वह कभी स्कूल तक नहीं जा पाए। परिवार की हालत ऐसी थी कि घर तक बिक गया था। उन्होंने फैक्ट्री में काम किया, चाय-नाश्ता बेचा और जूते बनाने तक का काम किया।

    आज वही सुदेश लहरी भारतीय कॉमेडी इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी नेट वर्थ करोड़ों में है और वह एक शो के लिए लाखों रुपये फीस लेते हैं। मुंबई में उनका अपना घर भी है और वह लगातार टीवी, स्टेज शोज और फिल्मों में सक्रिय हैं।

    सुदेश लहरी की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियां भी इंसान की मेहनत, इंसानियत और लगन के आगे हार जाती हैं।

  • चिपचिपी त्वचा से परेशान? जानिए ऑयली स्किन के लिए असरदार देखभाल

    चिपचिपी त्वचा से परेशान? जानिए ऑयली स्किन के लिए असरदार देखभाल


    नई दिल्ली । ऑयली स्किन यानी तैलीय त्वचा गर्मी और बारिश के मौसम में और ज्यादा चिपचिपी हो जाती है। इसके कारण चेहरे पर अतिरिक्त तेल, पोर्स बंद होना और मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है। लेकिन कुछ आसान आदतें अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

    1. डाइट में तेल और जंक फूड कम करें
    बहुत ज्यादा तला-भुना, बटर, चीज, केक, पेस्ट्री और फास्ट फूड ऑयली स्किन को बढ़ा सकते हैं। इसलिए हल्का और हेल्दी खाना लें।

    2. शरीर को हाइड्रेट रखे
    दिनभर में 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं। पानी शरीर को डिटॉक्स करता है और स्किन में एक्स्ट्रा ऑयल बनने की समस्या कम करता है।

    3. विटामिन और जिंक का ध्यान रखें
    विटामिन B2 और जिंक की कमी से भी ऑयली स्किन और एक्ने बढ़ सकते हैं। हरी सब्जियां, काबुली चना और हेल्दी फूड्स डाइट में शामिल करें।

    4. सोने से पहले मेकअप जरूर हटाएं
    मेकअप लगाकर सोने से पोर्स बंद हो जाते हैं और बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जिससे स्किन ऑयली और खराब हो सकती है।

    5. मिट्टी (क्ले) फेस पैक इस्तेमाल करें
    हफ्ते में 1 बार क्ले फेस पैक लगाने से अतिरिक्त तेल कम होता है और स्किन साफ रहती है।

    6. वजन को कंट्रोल में रखें
    ओवरवेट होने से भी हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो ऑयली स्किन की समस्या बढ़ा सकते हैं।

    7. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं
    फल, हरी सब्जियां और फाइबर वाली डाइट लें। कब्ज और खराब डाइजेशन भी स्किन प्रॉब्लम को बढ़ा सकते हैं।