Author: bharati

  • अर्जेंटीना ने रिटायर किए पुराने A-4 जेट, तेजस छोड़ अमेरिकी F-16 पर जताया भरोसा

    अर्जेंटीना ने रिटायर किए पुराने A-4 जेट, तेजस छोड़ अमेरिकी F-16 पर जताया भरोसा



    नई दिल्ली। अर्जेंटीना ने अपने पुराने A-4AR/OA-4AR फाइटिंगहॉक लड़ाकू विमानों को आधिकारिक तौर पर सेवा से रिटायर कर दिया है। इन विमानों ने करीब छह दशक तक अर्जेंटीना की वायुसेना में अहम भूमिका निभाई। अब उनकी जगह अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान लेने जा रहे हैं। खास बात यह है कि अर्जेंटीना पहले भारत के स्वदेशी तेजस फाइटर जेट को खरीदने पर विचार कर रहा था, लेकिन आखिरकार उसने अमेरिकी F-16 को चुना।

    अर्जेंटीनाई वायुसेना ने सैन लुइस प्रांत के विला रेनॉल्ड्स एयर बेस पर आयोजित कार्यक्रम में फाइटिंगहॉक बेड़े को विदाई दी। यह एयर बेस अर्जेंटीना की 5वीं एयर ब्रिगेड का मुख्य केंद्र था, जहां A-4 विमान तैनात थे। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि पुराने विमानों की ऑपरेशनल लागत लगातार बढ़ रही थी और उनका रखरखाव भी मुश्किल होता जा रहा था। इसी वजह से उन्हें सेवा से हटाने का फैसला लिया गया।

    A-4 फाइटिंगहॉक दरअसल पुराने अमेरिकी A-4 स्काईहॉक का अपग्रेडेड वर्जन था, जिसे खास तौर पर अर्जेंटीना के लिए तैयार किया गया था। लॉकहीड मार्टिन ने अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के पुराने विमानों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया था। इनमें F-16 के शुरुआती मॉडल में इस्तेमाल होने वाला AN/APG-66 रडार लगाया गया था। इसके अलावा विमान AIM-9M साइडवाइंडर मिसाइलों से लैस थे और इनमें आधुनिक कॉकपिट, मल्टीफंक्शन डिस्प्ले और एडवांस नेविगेशन सिस्टम भी दिया गया था।

    अर्जेंटीना को इन विमानों की डिलीवरी 1990 के दशक में शुरू हुई थी। कुल 32 A-4AR और चार OA-4AR विमान वायुसेना में शामिल किए गए थे। हालांकि समय के साथ इनकी तकनीक पुरानी पड़ने लगी और रखरखाव महंगा होता गया। ऐसे में अर्जेंटीना ने अपनी वायुसेना को आधुनिक बनाने के लिए नए लड़ाकू विमान की तलाश शुरू की।

    भारत का तेजस लड़ाकू विमान इस दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा था। दोनों देशों के बीच इसे लेकर कई दौर की बातचीत भी हुई थी। लेकिन तेजस में इस्तेमाल होने वाले कुछ ब्रिटिश मूल के पार्ट्स अर्जेंटीना के लिए बड़ी बाधा बन गए। दरअसल, फॉकलैंड युद्ध के बाद से ब्रिटेन ने अर्जेंटीना को अपने रक्षा उपकरणों और पार्ट्स की बिक्री पर रोक लगा रखी है। तेजस में ब्रिटिश तकनीक से जुड़े कई पार्ट्स होने के कारण अर्जेंटीना यह विमान नहीं खरीद सका।

    आखिरकार अर्जेंटीना ने अमेरिकी F-16 फाइटर जेट खरीदने का फैसला किया। इसे उसकी वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं भारत के लिए यह मौका हाथ से निकलने जैसा रहा, क्योंकि तेजस को पहला बड़ा विदेशी ग्राहक मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी।

  • ट्रंप-शी की नजदीकी से भारत की बढ़ी टेंशन! सुरक्षा से व्यापार तक बदल सकते हैं एशिया के समीकरण

    ट्रंप-शी की नजदीकी से भारत की बढ़ी टेंशन! सुरक्षा से व्यापार तक बदल सकते हैं एशिया के समीकरण



    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया मुलाकात ने भारत की रणनीतिक चिंताओं को बढ़ा दिया है। 13 से 15 मई तक बीजिंग में हुई इस बैठक को वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर अमेरिका और चीन के रिश्तों में नरमी आती है तो इसका सीधा असर भारत की सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय प्रभाव पर पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो दशकों में भारत ने अमेरिका-चीन तनाव के बीच खुद को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक मजबूत साझेदार के रूप में स्थापित किया था। लेकिन अगर वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच समझौते बढ़ते हैं तो अमेरिका के लिए भारत की रणनीतिक अहमियत कम हो सकती है। इससे रक्षा सहयोग, खुफिया साझेदारी और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर असर पड़ने की आशंका है।

    व्यापार के मोर्चे पर भी भारत के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है। हाल के वर्षों में कई वैश्विक कंपनियां चीन से बाहर निकलकर भारत में निवेश कर रही थीं, लेकिन अगर अमेरिका चीन पर लगाए गए टैरिफ और तकनीकी प्रतिबंधों में ढील देता है तो निवेश दोबारा चीन की ओर लौट सकता है। इससे भारत के “चीन प्लस वन” रणनीति के तहत मिले फायदे कमजोर पड़ सकते हैं।

    चीन-पाकिस्तान गठजोड़ भी भारत की चिंता का बड़ा कारण है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर अमेरिका चीन के साथ रिश्ते सुधारने की दिशा में आगे बढ़ता है तो पाकिस्तान में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर उसका दबाव कम हो सकता है। इससे चीन खुलकर पाकिस्तान का समर्थन कर सकता है, जिसका असर कश्मीर और सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों पर दिखाई दे सकता है।

    पश्चिम एशिया और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर भी भारत सतर्क नजर आ रहा है। भारत की बड़ी तेल जरूरतें होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं। अगर अमेरिका और चीन ईरान और खाड़ी क्षेत्र को लेकर किसी नई रणनीति पर साथ आते हैं तो भारत की भूमिका सीमित हो सकती है। इससे क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप-शी मुलाकात केवल दो देशों की कूटनीतिक बैठक नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की शक्ति संतुलन पर पड़ेगा। भारत के लिए यह संकेत है कि आने वाले समय में उसे अपनी विदेश नीति, आर्थिक रणनीति और सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करना होगा, ताकि बदलते वैश्विक समीकरणों में उसका प्रभाव कायम रह सके।

  • शिक्षक भर्ती पदवृद्धि की मांग को लेकर डीपीआई पहुंचे अभ्यर्थी, घंटों हंगामा

    शिक्षक भर्ती पदवृद्धि की मांग को लेकर डीपीआई पहुंचे अभ्यर्थी, घंटों हंगामा


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में शनिवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 पास अभ्यर्थियों का प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) पहुंचे और पदवृद्धि, दूसरी काउंसलिंग तथा जल्द नियुक्ति की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में अभ्यर्थी तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद सड़क पर डटे रहे। प्रदर्शन के दौरान डीपीआई परिसर के बाहर लंबे समय तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।

    गर्मी में महिला अभ्यर्थी की बिगड़ी तबीयत
    धरने के दौरान तेज गर्मी के कारण एक महिला अभ्यर्थी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। साथी अभ्यर्थियों ने मौके पर ही उसे पानी, एनर्जी ड्रिंक और दवाइयां देकर संभाला। सूचना मिलने पर एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची, लेकिन महिला अभ्यर्थी ने अस्पताल जाने से इनकार करते हुए आंदोलन जारी रखा। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई। अभ्यर्थियों का कहना था कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है।

    पुलिस की चेतावनी, फिर भी नहीं हटे प्रदर्शनकारी
    प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को परिसर खाली करने की चेतावनी दी। इसे लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण भी हो गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अधिकारी उनसे मिलने तक को तैयार नहीं हैं।

    “8-9 बार आंदोलन कर चुके, फिर भी सुनवाई नहीं”
    प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नवंबर 2025 से अब तक वे कई बार आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम खून से आवेदन लिखा, भूख हड़ताल की, मुंडन कराया और विरोध में मार्कशीट तक जलाई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, इसके बावजूद भर्ती में बहुत कम पद घोषित किए गए हैं।

    1.15 लाख से ज्यादा पद खाली होने का दावा
    प्रदर्शन कर रहे युवाओं के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 2.89 लाख स्वीकृत पदों में से 1.15 लाख से अधिक पद खाली हैं। उनका दावा है कि प्रदेश के हजारों स्कूल एक या दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

    अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
    वर्ग-2 भर्ती में पद संख्या बढ़ाकर 10 हजार की जाए
    वर्ग-3 भर्ती में कम से कम 25 हजार पद किए जाएं
    दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू की जाए
    विशेष शिक्षकों के 3200 पदों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया चलाई जाए
    “मांगें नहीं मानी तो आंदोलन और तेज होगा”

    अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य का सवाल है।

  • भोपाल के कोलार रोड पर SUV में लगी आग, इलाके में मची अफरा-तफरी

    भोपाल के कोलार रोड पर SUV में लगी आग, इलाके में मची अफरा-तफरी


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल के कोलार रोड इलाके में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़ी एक SUV में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है। कोलार रोड स्थित चूनाभट्टी रेस्ट हाउस के आगे गार्डन रेसिडेंस के गेट के पास SUV खड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले वाहन से धुआं निकलता दिखाई दिया और कुछ ही सेकंड में आग ने विकराल रूप ले लिया।

    EV चार्जिंग स्टेशन और ट्रांसफार्मर के कारण बढ़ा खतरा
    जिस स्थान पर SUV में आग लगी, उसके पास ही इलेक्ट्रिक व्हीकल का चार्जिंग स्टेशन और रहवासी इलाका मौजूद है। वहीं नजदीक में ट्रांसफार्मर भी लगा हुआ था। ऐसे में लोगों को किसी बड़े ब्लास्ट या हादसे का डर सताने लगा।
     आग की लपटें बढ़ते देख आसपास मौजूद लोग तुरंत दूर हट गए। स्थानीय लोगों ने एहतियातन आसपास खड़े वाहनों को हटाया और सड़क के एक हिस्से को खाली कराया। घटना के चलते कुछ देर के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा।

    दमकल पहुंची, लेकिन तब तक जल चुकी थी कार
    सूचना मिलते ही कोलार फायर स्टेशन से दमकल की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक SUV लगभग पूरी तरह जल चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शी राहुल सिंगाड़िया ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि वाहन के टायर तक जल गए। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    शॉर्ट सर्किट की आशंका
    फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और फायर विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।

  • शिवपुरी में लिव-इन रिश्ते को लेकर विवाद, महिला ने लगाया शोषण का आरोप

    शिवपुरी में लिव-इन रिश्ते को लेकर विवाद, महिला ने लगाया शोषण का आरोप


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में एक महिला के साथ कथित तौर पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण किए जाने का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र की गणेश कॉलोनी में रहने वाले एक सिनेमैटोग्राफर पर आरोप है कि उसने पहले महिला को प्रेमजाल में फंसाया, फिर उसके वैवाहिक जीवन को खत्म करवाया और बाद में शादी से इनकार कर उसे घर से निकाल दिया।

    पीड़िता ग्वालियर की रहने वाली 25 वर्षीय शादीशुदा महिला है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मोक्ष सिकरवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शादी समारोह में हुई थी पहली मुलाका
    महिला के अनुसार करीब तीन साल पहले वह एक शादी समारोह में शामिल होने शिवपुरी आई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात फिल्म मेकिंग और सिनेमैटोग्राफी से जुड़े मोक्ष सिकरवार से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। महिला ने आरोपी को यह भी बताया था कि वह पहले से शादीशुदा है और उम्र में उससे बड़ी भी है। इसके बावजूद आरोपी लगातार संपर्क में बना रहा। करीब दो साल तक दोनों के बीच बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा।

    पति को पता चला तो बढ़ा विवाद
    महिला का कहना है कि जब उसके पति को इस रिश्ते की जानकारी मिली तो घर में विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान आरोपी ने उसे पति से तलाक लेने के लिए दबाव बनाया। बाद में दोनों का न्यायालय के माध्यम से तलाक हो गया। तलाक के बाद महिला शिवपुरी की गणेश कॉलोनी स्थित आरोपी के घर में रहने लगी। दोनों करीब एक साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे।

    शादी का वादा कर किया शोषण
    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया और इसी भरोसे पर वह उसके साथ रहती रही। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि करीब एक साल बाद आरोपी का व्यवहार बदलने लगा और जब उसने शादी की बात की तो उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उसे घर से निकाल दिया।

    “अब कहीं जाने की जगह नहीं बची”
    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अब वह न तो अपने मायके लौट सकती है और न ही अपने पूर्व पति के पास जा सकती है। खुद को असहाय महसूस करते हुए उसने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • PM मोदी की अपील के बाद अमृता फडणवीस ने रद्द किया कान्स फिल्म फेस्टिवल दौरा, बोलीं- ‘राष्ट्र सर्वोपरि’

    PM मोदी की अपील के बाद अमृता फडणवीस ने रद्द किया कान्स फिल्म फेस्टिवल दौरा, बोलीं- ‘राष्ट्र सर्वोपरि’



    नई दिल्ली। अमृता फडणवीस ने फ्रांस में आयोजित हो रहे Cannes Film Festival में शामिल होने का अपना दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद लिया, जिसमें पश्चिम एशिया संकट के बीच गैरजरूरी खर्च और विदेश यात्राएं कम करने की बात कही गई थी।

    अमृता फडणवीस ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें कान्स फिल्म फेस्टिवल में महाराष्ट्र की संस्कृति और पारंपरिक पैठणी हथकरघा कला का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान मिला था, लेकिन “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यात्रा रद्द करने का निर्णय लिया।

    उन्होंने बताया कि इस खास अवसर के लिए येओला की पारंपरिक पैठणी साड़ी महीनों की मेहनत से तैयार की गई थी। बावजूद इसके, उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए विदेश यात्रा टाल दी।

    अमृता फडणवीस ने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इससे कई कारीगरों और डिजाइनर्स की मेहनत जुड़ी थी, लेकिन देशहित सबसे ऊपर है। उन्होंने सभी कलाकारों और सहयोगियों का आभार भी जताया।

    इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी ईंधन बचत और सादगी के संदेश के तहत चार्टर्ड विमान छोड़कर इकोनॉमी फ्लाइट और बाइक से यात्रा करते नजर आए थे।

  • शनि देव की कृपा से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, बढ़ सकती है सैलेरी

    शनि देव की कृपा से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, बढ़ सकती है सैलेरी


    नई दिल्ली। शनिवार, 16 मई 2026 को शनि जयंती और ज्येष्ठ अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का करियर, पैसा, प्रेम, स्वास्थ्य, शुभ रंग, शुभ अंक और उपाय।

    मेष राशि
    आज आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और प्रेम संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं।
    शुभ रंग: नीला
    शुभ अंक: 8
    उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं।

    वृषभ राशि
    पारिवारिक मामलों में धैर्य रखने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। प्रेम संबंधों में संवाद बनाए रखें। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी रहेगा।
    शुभ रंग: सफेद
    शुभ अंक: 6
    उपाय: पीपल के नीचे दीपक जलाएं।
    मिथुन राशि
    आज का दिन करियर और व्यापार के लिए बेहद शुभ रहेगा। आपकी बातचीत और बुद्धिमत्ता से लाभ मिलेगा। प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
    शुभ रंग: हरा
    शुभ अंक: 5
    उपाय: काले तिल का दान करें।
    कर्क राशि
    मानसिक तनाव थोड़ा परेशान कर सकता है, लेकिन परिवार का सहयोग मिलेगा। नौकरी में धैर्य बनाए रखें। रिश्तों में पारदर्शिता जरूरी होगी।
    शुभ रंग: सिल्वर
    शुभ अंक: 2
    उपाय: चंद्रमा को जल अर्पित करें।
    सिंह राशि
    छोटी बातों पर विवाद से बचें। करियर में सामान्य स्थिति रहेगी लेकिन समझदारी से काम लेने पर लाभ होगा। प्रेम जीवन में संयम जरूरी रहेगा।
    शुभ रंग: लाल
    शुभ अंक: 9
    उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
    कन्या राशि
    आज सफलता के अच्छे संकेत मिल रहे हैं। नौकरी और व्यापार में प्रशंसा मिलेगी। प्रेम जीवन में विश्वास और नजदीकियां बढ़ेंगी। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।
    शुभ रंग: हरा
    शुभ अंक: 5
    उपाय: हरी मूंग का दान करें।
    तुला राशि
    पारिवारिक जीवन में सामंजस्य रहेगा। नए कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और मानसिक शांति बनी रहेगी।
    शुभ रंग: सफेद
    शुभ अंक: 6
    उपाय: माता लक्ष्मी को सफेद फूल चढ़ाएं।
    वृश्चिक राशि
    आज बातचीत में संयम रखना जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति होगी। प्रेम संबंधों में खुलकर संवाद करें। तनाव से बचें।
    शुभ रंग: नीला
    शुभ अंक: 7
    उपाय: शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
    धनु राशि
    भावनात्मक उतार-चढ़ाव रह सकते हैं। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। प्रेम संबंधों में विश्वास बनाए रखना जरूरी होगा।
    शुभ रंग: ग्रे
    शुभ अंक: 4
    उपाय: पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं।
    मकर राशि
    आज आत्मविश्वास और मानसिक शांति बनी रहेगी। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार और प्रेम जीवन दोनों में खुशियां रहेंगी।
    शुभ रंग: नीला
    शुभ अंक: 8
    उपाय: काले कपड़े का दान करें।
     कुंभ राशि
    नई पहचान और सम्मान मिलने के संकेत हैं। व्यापार और नौकरी में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में ईमानदारी रिश्तों को मजबूत करेगी।
    शुभ रंग: नीला
    शुभ अंक: 4
    उपाय: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
    मीन राशि
    भावनात्मक मामलों में धैर्य रखें। नौकरी और व्यापार में सोच-समझकर फैसले लें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
    शुभ रंग: हल्का नीला
    शुभ अंक: 7
    उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
    किन राशियों पर रहेगी शनि देव की विशेष कृपा?
    आज मेष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए शनि जयंती बेहद शुभ मानी जा रही है। इन राशियों के लोगों को करियर, धन और सम्मान के मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
  • Adhik Maas 2026: पूजा-पाठ और दान का बढ़ेगा महत्व, मिलेगा विशेष फल

    Adhik Maas 2026: पूजा-पाठ और दान का बढ़ेगा महत्व, मिलेगा विशेष फल


    नई दिल्ली।  हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ माह में अधिकमास का संयोग बन रहा है। अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने के स्वामी भगवान विष्णु माने जाते हैं। स्कंद पुराण और पद्म पुराण में अधिकमास को अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है।

    क्यों खास माना जाता है पुरुषोत्तम मास?
    मान्यता है कि अधिकमास में जप, तप, दान, कथा, गीता पाठ, भजन-कीर्तन और तीर्थ यात्रा करने से सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। इसी वजह से इस महीने आने वाले व्रत और त्योहारों का महत्व भी काफी बढ़ जाता है। भक्त पूरे महीने भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

    अधिकमास 2026 व्रत-त्योहार कैलेंडर
    17 मई – अधिकमास प्रारंभ
    19 मई – बड़ा मंगल
    20 मई – वरदा चतुर्थी
    21 मई – अधिक स्कंद षष्ठी, गुरु पुष्य नक्षत्र
    23 मई – अधिक मासिक दुर्गाष्टमी
    25 मई – गंगा दशहरा
    26 मई – बड़ा मंगल
    27 मई – अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी, पद्मिनी एकादशी
    28 मई – गुरु प्रदोष व्रत
    31 मई – अधिकमास पूर्णिमा व्रत
    3 जून – विभुवन संकष्टी चतुर्थी
    6 जून – मृत्यु पंचक
    8 जून – अधिक कालाष्टमी
    11 जून – परम एकादशी
    12 जून – शुक्र प्रदोष व्रत
    13 जून – अधिक मासिक शिवरात्रि
    15 जून – ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या, मिथुन संक्रांति, अधिकमास समाप्त

    अधिकमास में तीर्थ यात्रा का विशेष महत्व
    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अधिकमास आत्मचिंतन, साधना और भक्ति का समय माना जाता है। इस दौरान सांसारिक कार्यों से दूरी बनाकर ईश्वर भक्ति में मन लगाने की सलाह दी जाती है। पद्म पुराण के अनुसार इस महीने बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, द्वारका, वृंदावन, हरिद्वार और प्रयागराज जैसे तीर्थों की यात्रा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    इन दिनों करें भगवान विष्णु की पूजा
    अधिकमास में प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना गया है। यदि प्रतिदिन संभव न हो, तो पद्मिनी एकादशी, परम एकादशी, गुरु प्रदोष, पूर्णिमा और अमावस्या के दिन श्रीहरि की विशेष आराधना करनी चाहिए।

  • ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए जरूरी खबर, वाहन जब्ती के नियम समझें

    ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए जरूरी खबर, वाहन जब्ती के नियम समझें


    नई दिल्ली। सड़क पर वाहन चलाने के साथ-साथ सही जगह पार्क करना भी उतना ही जरूरी है। अक्सर लोग जल्दबाजी या लापरवाही में ऐसी जगह वाहन खड़ा कर देते हैं, जहां पार्किंग की अनुमति नहीं होती। ऐसी स्थिति में ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करते हुए वाहन को टो कर सकती है। वाहन टो होने पर चालान के साथ-साथ वाहन छुड़ाने में अतिरिक्त खर्च और समय दोनों लगते हैं। इसलिए हर वाहन चालक के लिए ट्रैफिक नियमों की जानकारी बेहद जरूरी है।

    नो-पार्किंग जोन में सबसे ज्यादा कार्रवाई
    यदि कोई वाहन No Parking क्षेत्र में खड़ा पाया जाता है, तो ट्रैफिक पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकती है। कई शहरों में नो-पार्किंग जोन पर विशेष निगरानी रखी जाती है और वहां खड़े वाहनों को सीधे टो कर लिया जाता है। इसलिए वाहन पार्क करने से पहले आसपास लगे संकेत बोर्ड और पार्किंग निर्देशों को ध्यान से देखना जरूरी है।

    ट्रैफिक बाधित करने पर भी टो होगी गाड़ी
    अगर आपकी गाड़ी ऐसी जगह खड़ी है जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है, तो पुलिस उसे तुरंत हटवा सकती है।
    चौराहों, संकरी गलियों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गलत पार्किंग अक्सर जाम का कारण बनती है। ऐसे मामलों में ट्रैफिक पुलिस वाहन को टो करने के साथ जुर्माना भी लगा सकती है।

    फुटपाथ और जेब्रा क्रॉसिंग पर पार्किंग गैरकानूनी
    फुटपाथ और जेब्रा क्रॉसिंग पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं। इन जगहों पर वाहन खड़ा करना नियमों के खिलाफ माना जाता है। यदि कोई वाहन इन स्थानों पर खड़ा पाया जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और कई मामलों में वाहन को टो भी किया जाता है। ट्रैफिक सिग्नल के पास पार्किंग करना भी नियम उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

    लंबे समय तक खड़ी गाड़ी भी बन सकती है समस्या
    अगर कोई वाहन लंबे समय तक सार्वजनिक स्थान पर बिना निगरानी के खड़ा रहता है और यातायात में बाधा बनता है, तो पुलिस उसे लावारिस मानकर हटवा सकती है। कई शहरों में ऐसे वाहनों की पहचान के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं।

     नियमों का उद्देश्य सुरक्षा और व्यवस्था
    ट्रैफिक नियमों का मकसद केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना है। गलत पार्किंग से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है और लोगों को परेशानी होती है।

     इन बातों का रखें विशेष ध्यान
    हमेशा निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही वाहन खड़ा करें
    नो-पार्किंग जोन से बचें
    फुटपाथ और जेब्रा क्रॉसिंग पर पार्किंग न करें
    ट्रैफिक सिग्नल और चौराहों के पास वाहन खड़ा न करें
    लंबे समय तक सार्वजनिक स्थान पर वाहन छोड़ने से बचें

    नियमों का पालन करके न सिर्फ चालान और टोइंग से बचा जा सकता है, बल्कि सड़क पर सभी की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।

  • रिजल्ट सुधारना हुआ महंगा? CBSE की नई फीस व्यवस्था पर सवाल

    रिजल्ट सुधारना हुआ महंगा? CBSE की नई फीस व्यवस्था पर सवाल


    नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम जारी होने के बाद पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे अब अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी मंगवा सकेंगे और इसके बाद वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर पाएंगे। हालांकि इस प्रक्रिया में तय किए गए शुल्क को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं।

    कॉपी देखने के लिए 700 रुपए प्रति विषय
    CBSE के अनुसार छात्र 19 मई से 22 मई 2026 तक अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए प्रति विषय ₹700 शुल्क निर्धारित किया गया है। यानी अगर किसी छात्र को तीन विषयों की कॉपी देखनी है, तो उसे ₹2100 तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर कई लोग इसे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बता रहे हैं।

    दो चरणों में होगी पूरी प्रक्रिया
    बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करेंगे। इसके बाद ही दूसरे चरण में वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया जा सकेगा। CBSE ने स्पष्ट किया है कि केवल वही छात्र री-इवैल्यूएशन के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने पहले स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया होगा।

    वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की फीस भी तय
    यदि छात्र स्कैन कॉपी देखने के बाद अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे 26 मई से 29 मई 2026 के बीच वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
    इसके लिए बोर्ड ने अलग-अलग शुल्क तय किए हैं-
    वेरिफिकेशन शुल्क: ₹500 प्रति उत्तर पुस्तिका
    री-इवैल्यूएशन शुल्क: ₹100 प्रति प्रश्न

    बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं अंक
    CBSE ने साफ किया है कि री-इवैल्यूएशन के बाद अंकों में बदलाव संभव है। यानी छात्रों के नंबर बढ़ भी सकते हैं और कम भी हो सकते हैं। अगर किसी छात्र के अंकों में बदलाव होता है, तो उसे पुरानी मार्कशीट और प्रमाणपत्र जमा करने होंगे। इसके बाद बोर्ड संशोधित अंकपत्र जारी करेगा।

    पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी
    बोर्ड ने बताया कि आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। छात्रों को तय समय सीमा के भीतर आवेदन करना और शुल्क जमा करना होगा। प्रत्येक चरण में केवल एक बार आवेदन की अनुमति होगी।

    सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
    उत्तर पुस्तिका देखने के लिए ₹700 प्रति विषय शुल्क तय होने के बाद सोशल मीडिया पर कई छात्र और अभिभावक सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अपनी ही कॉपी देखने के लिए इतनी बड़ी रकम लेना छात्रों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। कई यूजर्स इसे “शिक्षा का महंगा सिस्टम” बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग पारदर्शिता के लिए इस प्रक्रिया को जरूरी भी मान रहे हैं।